मां के काम पर जाने के बाद रखना पड़ता था भाई का ध्यान, सो कर दी भाई की हत्या

हरिद्वार जिले के ज्वालापुर क्षेत्र में दो बहनों ने दो साल के मासूम भाई को इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि मां के काम पर जाने के बाद उन्हें भाई का ध्यान रखना पड़ता था। बहनों का मानना था कि भाई के कारण मां उन्हें तवोज्जों नहीं देती है। बहनों ने हत्या के बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया। सीसीटीवी में वारदात के कैद होने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया तो दोनों ने अपना जुर्म कुबुल कर लिया।

कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि मासूम के गायब होने की जांच में जुटी ज्वालापुर पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे चेक किए तब एक कैमरे में मासूम की 14 वर्षीय बहन अपनी 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ घटना के दिन अलसुबह एक सफेद रंग का बैग ले जाते हुए दिखाई दी। परिजनों को विश्वास में लेकर जब किशोरियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने अपना गुनाह कुबूल लिया।

बकौल एसएसपी मासूम की मां घरों में साफ-सफाई का कार्य करती है। जब वह काम पर जाती थी, तब भाई के लालन पालन की जिम्मेदारी 14 साल की बहन को संभालती पड़ती थी। साथ ही भाई की वजह से अभिभावक अब उसे ज्यादा तवज्जो भी नहीं देते थे। बस यही बात बड़ी बहन को अंदर ही अंदर इस कदर खल रही थी। इसी के चलते उसने 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ मिलकर भाई की हत्या करने की ठान ली।

देर रात मासूम से बड़ा भाई शौच के लिए गया था, इसलिए परिजन मुख्य दरवाजा खुला होने के कारण बेटे को उठाकर ले जाने का आरोप ताई पर जड़ रहे थे। सीसीटीवी कैमरे में दोनों बहनें आते जाते हुए दिखाई दीं तो मामला साफ हो गया। एसएसपी के मुताबिक दोनों नाबालिग हैं, इसलिए इन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।

कभी क्राइम से अलर्ट रहने की देता था सीख अब खुद ही दे डाली फर्जी लूट की सूचना

देहरादून पुलिस ने लूट की झूठी सूचना देकर दहशत मचाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक पूर्व में सावधान इंडिया टीवी सीरियल में इंस्पेक्टर का रोल प्ले कर चुका है।

क्लेमेंटटाउन थाने की लेन नंबर-13 निवासी आकाश शर्मा ने दोपहर में पुलिस को सूचना दी कि टर्नर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक से उन्होंने 45 हजार रुपये निकाले थे। रकम लेकर वह बैंक से बाहर आए तो लाल रंग की अपाचे बाइक पर हेलमेट पहनकर पहुंचे दो युवकों ने उससे कैश छीन लिया। विरोध पर बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने किसी चीज से उनके हाथ पर वार किया। जिससे वह नीचे गिर गए। इस दौरान उसे चोटें भी आई हैं।

सरेआम लूट की खबर से पुलिस में अफरातफरी मच गई। एसओ नरोत्तम बिष्ट के साथ सीओ अनुज कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तो आकाश की बातों में विरोधाभास पाया गया। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। लेकिन किसी ने इस तरह घटना की जानकारी होने से इनकार किया।

शक पर पुलिस ने आसपास की दुकानों और मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस पर सारी असलियत सामने आ गई। उसके बाद शिकायतकर्ता आकाश शर्मा की कार की सघनता से तलाशी ली तो डिग्गी में स्टपनी के नीचे से 45 हजार रुपये बरामद किए। इसके बाद आरोपी अपनी गलती पर माफी मांगने लगा।

एसपी चौबे ने बताया कि आकाश शर्मा मुंबई में पहले टीवी सीरियल में काम करता था। आकाश ने सावधान इंडिया की एक घटना से यह आइडिया लिया था। थायरायड होने के कारण आकाश अब सीरियलों में काम नहीं कर पा रहा है। लूट की झूठी सूचना देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।

ट्रेन आने की सूचना पाकर पटरियों पर लेटा मजदूर, मौत

संदिग्ध परिस्थितियों में काशीपुर में फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन के आगे एक मजदूर आकर लेट गया। ट्रेन की चपेट में आकर उसके शरीर के दो हिस्से हो गए। मौके पर आरपीएफ पहुंची और उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजकर 45 बजे की है, जब रानीखेत एक्सप्रेस रुद्रपुर से काठगोदाम के लिए जा रही थी। इसी बीच, ट्रेन को आता देख एक व्यक्ति पटरी पर लेट गया। ट्रेन से कटकर उसके शरीर के दो टुकड़े हो गए। घटना के बाद मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंचे एसआई गुलाब सिंह ने मृतक व्यक्ति की जेब से मिले मोबाइल फोन से डायल नंबरों पर फोन कर उसके परिजनों को सूचित किया। उसकी शिनाख्त देवलाल (45) पुत्र कुंदन लाल निवासी ग्राम मलसा गिरधरपुर के रूप में हुई है।

वह मजदूरी करता था। उसके दो बेटे हैं। इधर, परिजन भी नहीं बता पा रहे हैं कि देवलाल में आत्मघाती कदम क्यों उठाया है। पुलिस को शव के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। गेटमैन ने एसआई को बताया कि देवलाल कुछ देर पहले रेलवे ट्रेक के पास घूम रहा था। इसके बाद उसे ट्रेन आने की बात कहकर हटने को कहा गया था लेकिन वहां से हटने के बाद वह पटरी के पास बैठ गया था।

1.77 लाख की नगदी चोरी की सूचना पर मचा हड़कंप, पुलिस पुछताछ में जुटी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के एक कमीशन एजेंट के दफ्तर से 1.77 लाख रूपए की नगदी चोरी हो गई। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास दुकानों में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। फुटेज में पुलिस को एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया है। जानकारी के अनुसार, गंगानगर निवासी पुनीत त्यागी पुत्र शिवनाथ त्यागी का पुष्कर मंदिर रोड पर पुनीत कुमार एंड कंपनी के नाम से दफ्तर है। वह कमीशन एजेंट का काम करता है।

शनिवार की दोपहर करीब एक बजे दफ्तर में काम करने वाला युवक कृष्णा चौहान निवासी काले की ढाल का फोन आया। उसने फोन पर जानकारी दी कि वह एक लाख 77 हजार रुपये एकत्र करके लाया है। पुनीत त्यागी ने फोन पर अपने कर्मचारी को बताया कि वह दफ्तर में नहीं है। बात करने के दौरान ही कर्मचारी का फोन बंद हो गया। करीब एक घंटे के बाद कर्मचारी का फोन दोबारा आया। उसने बताया कि मोबाइल खराब हो गया था इसलिए पूरी बात नहीं हो पाई थी। अब वह मोबाइल को सही कराने आ गया है।

कृष्णा नामक कर्मचारी ने पुनीत से कहा कि उसे फोन ठीक करवाना है, लिहाजा उसे 150 रुपये की जरूरत है। इस पर पुनीत ने कहा कि जो रुपये वह एकत्र करके लाया है, उसी में से रुपये निकालकर फोन ठीक करवा लें। इसके बाद दोबारा फोन कट गया। करीब दस मिनट बाद कृष्णा का फिर फोन आया कि एक लाख 77 हजार रुपये चोरी हो गए हैं। आननफानन में पुनीत ने नकदी चोरी की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर चौकी इंचार्ज बस अड्डा चिंतामणि मैठानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सामने की दुकान की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में अपराह्न करीब एक बजे संदिग्ध युवक पुनीत त्यागी के दफ्तर में घुसने की कोशिश करता हुआ दिखा है। इसके बाद वह फोन कान पर लगाकर आगे चला जाता है। इसके दो मिनट बाद संदिग्ध व्यक्ति दोबारा आता है और दफ्तर का दरवाजा खोल अंदर प्रवेश कर जाता है। निकलते समय उसके हाथ में नीले रंग का बैग दिख रहा है। आशंका जताई जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है।

दोषी होने की सजा सुनकर आरोपी ने कोर्ट में गटका जहर

न्यायालय में लूट व हत्या के प्रयास के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर सजा सुनकर एक आरोपी ने जहरीला पदार्थ गटक लिया। इससे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहरिल ने आरोपी को अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे राजकीय अस्पताल पहुंचाया। यहां से चिकित्सकों ने उसे एम्स रेफर कर दिया। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत स्थिर है।
12 अक्टूबर 2016 को सहारनपुर के एक सराफा कारोबारी के मुनीम को दिनदहाड़े गोली मारकर लूट के मामले में मंगलवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में सुनवाई की तारीख थी। सुनवाई के बाद मामले में पुलिस की ओर से बनाए गए आठ आरोपियों में से दो को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्त आरोपियों के नाम सौरभ रस्तोगी और नवीन हैं। इसी क्रम में न्यायालय ने अन्य छह आरोपियों सतेन्द्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू, रूप किशोर रस्तोगी, जुगल किशोर रस्तोगी, सतेन्द्र जैन, सुमित रस्तोगी, अनश को दोषी करार दिया। इन सभी छह आरोपियों पर सजा का फैसला सुरक्षित रखते हुए न्यायालय ने बुधवार की तिथि तय घ्की है।
दोपहर करीब एक बजे न्यायालय में जैसे ही सतेन्द्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू निवासी दिल्ली को दोष सिद्घ होने का पता चला। दोषी साबित होने का फैसला सुनते ही उसने जेब से फेश वॉश की सीसी में रखा जहरीला पदार्थ निकाला और गटक लिया। यह मंजर देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहरिल अमित ने तुरंत अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। मगर, यहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। उसे फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में इमरजेंसी के यलो-1 वार्ड में रखा गया है। बुधवार को डिस्चार्ज करने की संभावना है।

एक को छोड़ जमानत पर थे सभी आरोपी
न्यायालय में मंगलवार को तारीख के लिए पहुंचे आठ आरोपियों में से छह जमानत पर बाहर थे। इसके अलावा एक पुलिस अभिरक्षा में था। देहरादून जेल से मंगलवार को पुलिस मामले के आरोपी अनिश को लेकर पहुंची थी।

कब और क्या है मामला
वर्ष 2016 दिनांक 12 अक्टूबर को सहारनपुर के सराफा कारोबारी राजकुमार जैन उर्फ गप्पी का मुनीम जोगेंद्र कुमार (40) उर्फ इंदर निवासी देवबंद बुधवार को आभूषणों की डिलीवरी देने ऋषिकेश आया था। जोगेंद्र सुबह सवा दस बजे के करीब आशुतोष नगर चैराहे पर उत्तराखंड रोडवेज की बस से नीचे उतरा। वह कुछ कदम पैदल चला ही था कि पीछे से भागकर आए दो बदमाशों में से एक ने उस पर पिस्टल से फायर झोंक दिया। गोली जोगेंद्र की गर्दन के पीछे बाएं हिस्से में लगी। घायल होने के बाद भी मुनीम बैग छीनने का प्रयास कर बदमाश से भिड़ गया। छीना-झपटी में बदमाश के हाथ से पिस्टल छूटकर जमीन पर गिर गई। बाद में दूसरे बदमाश ने आभूषण से भरा बैग छीन लिया। बिना देर किए दोनों बदमाश पहले से ही बाइक स्टार्ट किए खड़े तीसरे साथी की मदद से फरार हो गए। घबराहट में बदमाश पिस्टल मौके पर ही छोड़ गए। लहूलुहान मुनीम को स्थानीय लोगों ने ऑटो से सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।

कोर्ट में दोष सिद्ध होने का फैसला होते ही आरोपी को पुलिस अपनी अभिरक्षा में ले लेती है। यदि सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया तो इसमें पूरी तरह पुलिस का लापरवाही का मामला है। सजा सुनने के बाद आरोपी ने यदि अपत्तिजनक हरकत की है तो इसका मतलब है कि पुलिस अपनी ड्यूटी के प्रति मुस्तैद नहीं थी।

—–विकेश नेगी, अधिवक्ता, क्रिमिनल केस

गलियों में अंधेरा होने पर युवतियों से करता था बदतमीजी, पुलिस ने दबोचा

थाना मुनिकीरेती के ढालवाला में पुलिस ने सुनसान जगहों पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।

ढालवाला चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि ढालवाला क्षेत्र में फैक्ट्रियों की दीवारों से लगी कुछ संकरी गलियों में काफी समय से युवतियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें आ रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गली तकरीबन 100 मीटर लंबी है। इसमें पोल पर लगी लाइटों को कुछ शरारती तत्वों नेे क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस कारण यह जगह रात्रिकाल में युवतियों और महिलाओं के लिए असुरक्षित हो गया है।

बीते सोमवार को भी एक युवती ने चौकी आकर लिखित शिकायत कर बताया कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस ने हुलिए के आधार पर तलाशी के लिए अभियान चलाया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि तलाशी के दौरान पता चला कि उक्त युवक गंगोत्री विहार ढालवाला के आसपास का है। उक्त स्थान पर जाकर पुलिस को उक्त हुलिए का युवक हाथ में बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। पुलिस ने युवक को दबोच लिया। चौकी इंचार्ज ने युवक की पहचान टिकेश कुमार पुत्र कृपाल सिंह निवासी ग्राम भटियाणा खुशालपुर थाना धामपुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई। पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि वह एक साल से ढालवाला में किराए पर रहता है तथा फैक्ट्री पर काम करता है। सोमवार को युवक भागने की फिराक में था।

मीटर चोरी होने पर विभागीय अधिकारियों के शब्द हम पर राजनीतिक दबाव, नहीं लगा सकते नया मीटर

ऋषिकेश में एक युवक की दुकान का बिजली मीटर दीपावली से चार दिन पूर्व अज्ञात लोगों ने चोरी कर लिया। युवक की लिखित शिकायत पर न ही पुलिस ने दिलचस्पी दिखाई और न ही बिजली विभाग के अधिकारियों ने नया मीटर लगाने की कवायद तेज की। हालत यह रहे दीपावली में सभी लोगों के घर रोशनी से चमके। मगर, उक्त युवक ने अंधेरे में ही दीपावली मनाई। अब दीपावली के तीन सप्ताह बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी काम करने को राजी नहीं। वह अब यह दलील देकर पिंड छुड़ा रहे है कि उन पर राजनीतिक दबाव है। इसलिए वह मीटर नहीं लगा सकते है।

बीते 22 अक्तूूबर को ललित कुमार जाटव पुत्र स्व. भोपाल सिंह जाटव निवासी पुरानी जाटव बस्ती ऋषिकेश अपनी पुरानी चुुंगी स्थित डेंटिंग पेंटिंग की दुकान बंद करके घर चले गए। 23 अक्तूबर की सुबह दुकान पर काम करने वाले युवक ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि दुकान से बिजली मीटर चोरी हो गया है।

इसकी शिकायत उन्होंने से की तो यहां एसडीओ राजीव कुमार ने कहा कि कोतवाली में जाकर लिखित शिकायत करो और उसकी एक प्रति उपलब्ध कराओ, इसके बाद मीटर लग जाएगा। कोतवाली पुलिस ने पहले जांच करने की बात कहकर तहरीर की रिसीविंग देने से इंकार कर दिया। इसके बाद ललित कुमार एसएसपी देहरादून अरुण मोहन जोशी के यहां से तहरीर की एक प्रति रिसीव करके ले आए। अब बिजली विभाग के एसडीओ राजीव कुमार मीटर लगाने से इंकार कर रहे हैं। हालत ये है कि मीटर न लगाने के लिए विभागीय अधिकारी आए दिन नये-नये दस्तावेज उपलब्ध कराने को कह रहे हैं। पीड़ित एसडीओ राजीव कुमार पर आरोप लगाते हुए बताया कि राजनीतिक दबाव के चलते वह मीटर नहीं लगा रहे है। ऐसी बात एसडीओ ने उन्हें कही है।

आधार कार्ड नहीं बना तो दे डाली सीएम के फोन पर धमकी, हिरासत में

मुख्यमंत्री के मोबाइल पर हरकी पैड़ी को पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया। जब उससे कारण पूछा गया तो उसे बताया कि उसका आधार कार्ड नहीं बन रहा था। इससे क्षुब्ध होकर उसने सीएम को फोन पर धमकी देने दी।
क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) ने बीते रविवार देर शाम मामले में हरकी पैड़ी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट पर कार्यरत पौड़ी के युवक को हिरासत में लिया था। कई घंटे चली पूछताछ के बाद उसे सीआरपीसी की धारा 41 का नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

बीते शनिवार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मोबाइल फोन पर आई एक कॉल ने सभी को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त फोन सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी आनंद सिंह रावत के पास था। उन्हीं की ओर से इस संबंध में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई सीआईयू ने मोबाइल फोन नंबर के आधार पर रविवार देर शाम एक युवक केशवानंद नौटियाल पुत्र विद्यादत्त नौटियाल निवासी गांव आंताखोली चैलीसेंण कण्डारस्यू (जिला पौड़ी) हाल निवासी एमटी कालोनी प्रेमनगर, देहरादून को हिरासत में ले लिया।

उसके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया। देर रात तक सीआईयू कार्यालय में आला अफसरान ने बारी बारी से युवक से लंबी पूछताछ की। पता चला कि केशवानंद का आधार कार्ड नहीं बना है। वह जहां भी नौकरी के लिए जाता है, उससे इसकी मांग की जाती है। कई बार कोशिश के बावजूद उसका कार्ड नहीं बन सका। इससे व्यथित होकर उसने सीधे सीएम के नंबर पर ही कॉल कर धमकी दे दी।

कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी हाल ही में इलाहाबाद से लौटा है। उसके तीन बच्चे और पत्नी गांव में ही रहते हैं, जिनसे उसका दो साल से कोई संपर्क नहीं है।

आरोपी ने बताया कि 2016 में आधार कार्ड न बन पाने के कारण वह पौड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री जनता दरबार में गया था। उचित कार्रवाई न होने के चलते गुस्से में उसने 17 फरवरी 2016 के दिन श्रीनगर थाना में फोन कर सीएम को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी। उसके बाद पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था।

हरिपुरकलां में कोर्ट से स्टे के बावजूद हो रहा अवैध निर्माण कार्य

तहसील ऋषिकेश की ग्रामसभा हरिपुरकलां की भूमि पर एसडीएम कोर्ट से स्टे के बावजूद निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उग्र होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य को स्टे बाद भी होने पर नाराजगी जताई तो एसडीएम ने भी थाना रायवाला को जांच पूर्ण होने तक निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।

दरअसल, ग्रामसभा हरिपुरकलां में शांतिकुंज गंगा माता अस्पताल के सामने 29 बीघा भूमि है, जोकि ग्राम समाज की है। इस भूमि पर वर्ष 2013 में एक सभा की ओर से अवैध निर्माण किया जा रहा था। इस पर तत्कालीन ग्राम प्रधान सविता शर्मा एसडीएम कोर्ट गई थीं। तत्कालीन उप जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा ने उक्त भूमि के स्वरूप को किसी भी प्रकार से परिवर्तित न करने का आदेश देकर स्टे लगा दिया था।

इस संबंध में निवर्तमान ग्राम प्रधान सतेंद्र धमांदा सहित दर्जन भर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को बताया कि बीते दस दिनों से उक्त सभा के लोग सक्रिय हो गए हैं और यहां निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। एमडीएम ने संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष रायवाला को निर्माण कार्य पर जांच पूरी होने तक रोक लगाने के आदेश दिया है। मांग करने वालों में विक्रांत भारद्वाज, प्रेमलाल शर्मा, मुकेश मनोड़ी, दीपचंद कुकरेती, राजेश लखेड़ा, मोहित लखेड़ा, सुरेंद्र दत्त सेमवाल, गोकुल डबराल, अनुज रावत आदि उपस्थित रहे। वहीं दोपहर बाद ग्राम प्रधान गीतांजली जखमोला ने भी एसडीएम कार्यालय पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। इस दौरान युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मनोज जखमोला, अंकित बोखंडी, गौरव गिरी, सतीश बड़थ्वाल, अजय कुमार, सुरेंद्र रयाल, सूरज तिवारी आदि उपस्थित रहे।