ऋषिकेश के गुमानीवाला में चल रहा था सैक्स रैकेट, छह गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ऋषिकेश में एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून और कोतवाली ऋषिकेश ने संयुक्त रूप से मुखबिर की सूचना पर तीन महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून के प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि गुमानीवाला गली नंबर छह चीनी गोदाम रोड में देह व्यापार की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस के साथ गुमानीवाला में अभियान चलाया गया। इस दौरान एक कार आती दिखाई दी। कार को रोकने का प्रयास किया मगर कार चालक ने कार दौड़ा दी। इसके बाद टीम ने कार के आगे अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया और कार सवार गिरोह के सरगना का गिरफ्तार कर लिया। सरगना से स्वीकार किया कि वह सैक्स रैकेट चलाता है।

एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल के प्रभारी ने आरोपियों की पहचान तीन महिलाओं सहित 27 वर्षीय नारायण पाल पुत्र कलम सिंह निवासी हटनाली बनगांव तहसील चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी हाल किरायेदार लक्ष्य पुत्र मनीष निवासी गली नं0 06 चीनी गोदाम रोड़ गुमानीवाला ऋषिकेश, 26 वर्षीय गोविन्द पुत्र मंजीत निवासी गली नं0 19, चन्द्रभागा चन्द्रेश्वरनगर ऋषिकेश और 32 वर्षीय धर्मपाल पुत्र सोहन सिंह निवासी पोखरी भगवानपुर पोस्ट धारकोट देहरादून के रूप में कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 78 हजार रूपए नगद, छह मोबाइल फोन और यौन वर्धक सामग्री बरामद हुई है।

बर्खास्त सिपाही करवाता था वाहन की चोरी, पुलिस की दबिश में हुआ खुलासा

एएसपी राजीव मोहन, सीओ सिटी विजय थापा ने पत्रकारों को बताया कि तीन दिसंबर को मुक्तेश्वर के आर्चेड रिसॉर्ट व हाल तल्लीताल निवासी विक्रम बिष्ट की तल्लीताल क्षेत्र में पार्क स्कार्पियो यूके-04 वी, 1177 चोरी हो गई थी। यह वाहन बरामद नहीं हुआ था कि 17 दिसंबर को पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल निवासी सिपाहीधारा की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार चोरी हो गई। चोरी के इन मामलों के खुलासे के लिए एसएसपी के निर्देश पर एएसपी राजीव मोहन द्वारा सीओ के नेतृत्व में एसओजी का गठन किया। एसओजी की टीमों को वाहनों की सुरागकशी के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर, झांसी रवाना किया गया।
एसओजी प्रभारी अबुल कलाम, एसआइ दिलीप कुमार की टीम ने परवेज अहमद (45) पुत्र सलीम अहमद निवासी शिया मस्जिद के पास नई बस्ती, कोतवाली झांसी तथा रियासत अली पुत्र आले मोहम्मद निवासी 101 सूर्यनगर, एचएमटी जीटर ट्रैकर कंपनी के पीछे पोस्ट उरई थाना कोतवाली जिला जालौन उत्तर प्रदेश को शनिवार को बरेली से गिरफ्तार किया है। इनके पास से नैनीताल निवासी पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार बरामद हुई है। पकड़े गए गिरोह की निशानदेही पर ही नैनीताल, झांसी तथा कानपुर से चोरी कई स्कार्पियो भी बरामद की गई हैं। यह स्कार्पियो किसकी हैं, नंबरों के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपितों में कुछ और लोग भी शामिल हैं, पुलिस इनसे पूछताछ कर उनकी तलाश कर रही है। कार चोर गिरोह का मास्टर माइंड परवेज है। इसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि विभिन्न राज्यों से वाहन चोरी कर नेपाल में बेचते थे। अभियुक्त परवेज उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। नैनीताल से चोरी दोनों वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपयोग में लाया जा रहा था।
अपराध के दलदल में फंस चुके उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही वाहन चोर गिरोह का मास्टर माइंड बन गया। बर्खास्त सिपाही पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। चोर गिरोह घटना को अंजाम देने से पहले वाहन का बोनट खोलते थे, उसके बाद स्टेङ्क्षरग का लॉक तोड़ते थे। यहीं नहीं गाड़ी के बैक लाइट तोड़कर पूरी गाड़ी की लाइटिंग सिस्टम को ध्वस्त कर अपना सॉफ्टवेयर स्टॉल कर देते थे। फिर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेरोकटोक ले जाते थे। दरअसल गिरोह का सरगना परवेज निवासी नई बस्ती, कोतवाली झांसी 1995 बैच का सिपाही था। राज्य बनने के बाद 2000 से 2009 तक नैनीताल पुलिस लाइन में टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात रहा, फिर उत्तर प्रदेश के लिए रिलीव हो गया। आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की वजह से परवेज को उप्र में नौकरी से बर्खास्त कर दिया। परवेज पर झांसी कोतवाली में हत्या के दो व हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में उसने वाहनों को उड़ाने का गिरोह बना लिया। सूत्रों के अनुसार नैनीताल में सेवारत रहने के दौरान उसे शहर का पूरा अनुभव था। पहले उसने तल्लीताल क्षेत्र से स्कार्पियो उड़ाई, फिर सिपाहीधारा में अक्सर पार्क रहने वाली आइ-20 उसके निशाने पर थी। उसे भी उड़ा लिया। आरोपित परवेज ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी का सिस्टम 15 मिनट में बदल देते थे। नेपाल में गाड़ी को 80-85 हजार में बेच देते थे। पुलिस गिरफ्त में आया परवेज नैनीताल में पुलिस ड्यूटी के दौरान खुद के कारनामे भी गिनाता रहा।

मानव बम से मिली दुर्गा मंदिर को उड़ाने की धमकी, डीआईजी ने कहा जो भी होगा कार्रवाई होगी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत श्री दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ा देने की धमकी मिली है। इस मामले में पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जन कल्याण समिति के नेतृत्व में मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं ने एसडीएम से मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

इस पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शरारत करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र बडोनी रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे।

कपाट खोलकर देखा तो वहां एक पत्र पड़ा हुआ मिला। पुजारी ने पत्र उठाकर देखा तो उसमें दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। तीन लाइन के पत्र के बीच आईएसआईएस लिखा हुआ है।

पुजारी ने तत्काल सूचना मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों और पार्षद विपिन पंत को दी। सूचना पाकर सभी मंदिर पहुंचे और पत्र पढ़ा। इसके बाद सभी उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रेमलाल को मामले में संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

पार्षद विपिन पंत ने कहा कि इस तरह से धमकी देने का मामला पूर्व में कभी नहीं हुआ है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने कहा कि पत्र डालने के पीछे किसकी शरारत है। पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस घटना में जो भी संदिग्ध व्यक्ति मिलेंगे, उनका हस्तलेख मिलान किया जायेगा।

ऋषिकेश में पुलिस गश्त की खुली पोल, चोरों ने एक ही रात में तीन घर खंगाले

ऋषिकेश में एक ही रात में एक के बाद एक कर तीन घरों में चोरों में घुसपैठ कर न सिर्फ घर खंगाल डाला, बल्कि दो घरों से करीब साढ़े सात लाख रूपए की ज्वैलरी तथा डेढ़ लाख रूपए की नगदी उड़ा ले गए, जबकि तीसरे घर में कुछ न मिलने पर बैरंग लौट गए। घटना के वक्त तीनों घर पर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इस तरह एक ही रात में तीन जगह चोरी होने पर लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ हैं।

घटना 28 दिसंबर शनिवार की रात की है। गुमानीवाला की गली नंबर 10 में रहने वाले दिल्ली परिवहन निगम में महाप्रबंधक नेतराम गौतम परिवार सहित शहर से बाहर गए हुए थे। रविवार सुबह करीब नौ बजे बड़ी मंडी के समीप रहने वाले उनके बड़े भाई रमेश चंद वहां पहुंचे तो देखा घर का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो तमाम सामान बिखरा हुआ था। उन्होंने तुरंत नेतराम को फोन पर सूचना दी। दोपहर में नेतराम घर पहुंचे। नेतराम के अनुसार चोर घर में रखे छह लाख की कीमत के जेवर और 1.40 लाख की नगदी ले गए हैं। उन्होंने श्यामपुर चौकी में तहरीर दी है।
दूसरी घटना नेतराम के घर के ठीक सामने सेना से रिटायर्ड राजेश खंडूरी पुत्र स्व. ज्योति प्रसाद के यहां अंजाम दी। शनिवार को राजेश परिवार के साथ हरिद्वार गए हुए थे। घर बंद था। रविवार को पड़ोस के लोगों ने सूचना दी तो वह यहां पहुंचे। अंदर सारा समान बिखरा हुआ था। राजेश ने बताया कि चोर करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवर और 20 हजार की नगदी ले गए हैं। राजेश ने भी श्यामपुर चौकी में तहरीर दी है।

तीसरी घटना भी गुमानीवाला की गली नंबर 10 में ही बुटिक संचालिका किराए पर रहने वाली कविता नेगी के घर में हुई। शनिवार को मायका नजदीक होने के कारण कविता माता-पिता के यहां गई हुई थी। उनकी मकान मालिक ने सुबह उन्हें फोन पर कमरे का ताला टूटा होने की सूचना दी। कविता अपने कमरे में पहुंचीं तो अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। हालांकि कविता का कहना है कि उनके घर से कोई सामान नहीं गया है, लेकिन कमरे में ताले तोड़कर चोर घुसने से अब बहुत डर लग रहा है।

वहीं, सूचना पाकर श्यामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मामला संज्ञान में है। तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
– वीरेंद्र सिंह रावत, सीओ, ऋषिकेश

उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक पर सीएए के समर्थन में जुलूस निकालने पर मुकदमा

दून पुलिस ने बिना अनुमति लिए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रैली निकालने पर उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक रीना गोयल समेत 120 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। गोयल के अलावा 13 अन्य लोग नामजद हैं। इंस्पेक्टर की तरफ से कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने कई दिन पहले कानून व्यवस्था के मद्देनजर बिना अनुमति के जुलूस और प्रदर्शन न करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि अनुमति के लिए कम से कम एक सप्ताह पहले आवेदन होना चाहिए, ताकि पुलिस समुचित व्यवस्था कर सके।

इसके विपरीत उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक रीना गोयल के नेतृत्व में पुरुषों और महिलाओं ने सीएए के समर्थन में नगर निगम से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला। आयोजक पुलिस के मांगने पर किसी तरह की अनुमति नहीं दिखा सके।
शहर कोतवाली निरीक्षक शिशुपाल नेगी ने बिना अनुमति के जुलूस निकालने और यातायात बाधित करने के आरोप में रीना गोयल समेत 120 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

रीना गोयल के अलावा मुकदमे में अमन सिंह चौहान निवासी ओल्ड कनॉट पैलेस, पूनम वर्मा निवासी नहरवाली गली मोती बाजार, गौर सिंह नेगी, दीवान सिंह बिष्ट, कृष्णा दास, विक्रम सिंह बिष्ट, अमन चौहान वकील, आदित्य वर्मा, संजय, विरेन्द्र, मनीषा स्वामी, सुमन और फूल कुमार को आरोपी बनाया गया है।

जेल में सजा काट रहे कैदी ने की आत्महत्या की कोशिश, बंदीरक्षकों ने बचाया

हरिद्वार की जिला जेल में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने दूसरे कैदियों के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की। मगर, यह कोशिश नाकाम रही। बंदीरक्षकों ने समय रहते उसे देख लिया और बचाने में कामयाब रहे। कैदी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बृहस्पतिवार को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी सुशील गुर्जर (50) पुत्र महेंद्र निवासी हरिद्वार ने जेल परिसर में पेड़ पर रस्सी के फंदे के सहारे लटककर आत्महत्या करनी चाही, लेकिन एक कैदी की उस पर निगाह पड़ गई।

कैदी ने तुरंत बंदीरक्षकों को इस बारे में जानकारी दी। आनन फानन में बंदीरक्षकों ने कैदी को उतारा और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कैदी ने अस्पताल में मीडिया कर्मियों को बताया कि उसको जेल में बंद कैदी परेशान करते हैं, जिसके चलते वह आत्महत्या करना चाह रहा था।

जिला अस्पताल में भर्ती कैदी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जेल अधीक्षक अशोक कुमार से जब इस बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि कैदी अक्सर इस तरह के काम करता रहता है।

बालश्रम की सूचना पाकर आयोग ने संयुक्त सचिव के घर मारा छापा, कराया मुकदमा दर्ज

बाल आयोग तथा टास्क फोर्स की टीम ने संयुक्त रूप से संयुक्त सचिव राजस्व के घर छापा मारा है। टीम ने घर में काम कर रही एक बच्ची को रेस्क्यू कराया है। बच्ची यहां पिछले दो वर्षों से काम कर रही है। आयोग की ओर से अधिकारी के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पिछले कई दिनों से बाल आयोग को बाल श्रम को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। जिस पर शनिवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के नेतृत्व में श्रम विभाग की टास्क फोर्स जीएमएस रोड स्थित मिलन विहार पहुंची। जहां संयुक्त सचिव राजस्व प्रेम प्रकाश के घर पर छापेमारी की गई। जिसमें 12 साल की बच्ची से बाल श्रम करवाए जाने की पुष्टि हुई।

टीम ने बच्ची को मुक्त करा बालिका निकेतन भेज दिया है। जबकि, आरोपित अधिकारी प्रेम प्रकाश के खिलाफ थाना वसंत विहार में बाल श्रम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। रेस्क्यू टीम ने बताया कि छापेमारी के दौरान आरोपित अधिकारी ने बच्ची को गोद लेने की बात कही, लेकिन वह इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। जिस पर बाल आयोग ने इसे गैरकानूनी ठहराते हुए कार्रवाई की।
ऊषा नेगी (अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग) का कहना है कि बाल श्रम करवाना अपराध है और इस अपराध में लिप्त पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कोई उच्च अधिकारी ही क्यों न हो। आयोग की ओर से इस प्रकार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

बिना मिलीभगत के संभव नही ई-वे बिल का 8500 करोड़ का फर्जीवाड़ा

जीएसटी में पंजीयन और ई-वे बिल की आसान प्रक्रिया का फायदा उठाकर उत्तराखंड में 8500 करोड़ रुपये मूल्य के फर्जी ई-वे बिल बनाने का मामला सोमवार को सामने आया। मात्र दो माह के अंतराल में यह बिल बनाए गए और इसके लिए प्रदेश में 70 फर्जी फर्मों को कागजों में उत्तराखंड में संचालित दिखाया गया। दो माह की मशक्कत के बाद पकड़ में आए इस मामले का खुलासा राज्य कर विभाग ने सोमवार को किया।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य कर आयुक्त सौजन्या ने बताया कि विभाग को इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक करीब दो माह पूर्व लगी। जीएसटी में पंजीयन और ई-वे बिल के सरल तरीका का फायदा उठाकर 70 फर्जी फर्मों को उत्तराखंड के भिन्न हिस्सों में किराए पर लिए भवनों में दिखाया गया।
इन फर्मों में से 26 ने चप्पल की बिक्री अन्य राज्यों आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में दिखाई। इसी के आधार पर 34 फर्मों ने 8500 करोड़ रुपये मूल्य के 12204 ई-वे बिल ऑनलाइन जनरेट किए। इसके जरिए करीब 1200 करोड़ रुपये से लेकर 8500 करोड़ रुपये तक का मूल्य वर्धन उत्पादों में दिखाया।
बड़ी संख्या में भारी मूल्य के ई-वे बिल सामने आने पर राज्य कर विभाग के अधिकारियों को शक हुआ और इसकी जांच की गई। राज्य कर विभाग की 55 टीमों ने ऊधम सिंह नगर और देहरादून में 70 फर्मों के ठिकानों पर दबिश दी। इन फर्मों ने उत्तराखंड में किराए के स्थानों से कारोबार किया जाना दिखाया था। छापेमारी में एक भी किरायानामा सही नहीं पाया गया और न ही कहीं उत्पादन होता मिला। साफ था कि सिर्फ कागजों में ही यह व्यापार किया जा रहा था।
सौजन्या के मुताबिक 80 लोगों ने 21 मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी का उपयोग कर दो-दो की साझेदारी में 70 फर्म पंजीकृत कीं। पंजीयन लेते समय सभी साझीदारों ने स्वयं को हरियाणा या दिल्ली का रहने वाला बताया और उत्तराखंड में किराए पर व्यापार स्थल को दिखाते हुए पंजीयन हासिल किया। पंजीयन लेते समय बिजली के बिलों और किराएनामे का उपयोग किया गया और यह सब फर्जी पाया गया। इसमें करीब 1455 करोड़ रुपये के कर अपवंचन का मामला बन रहा है।
12 उपायुक्त, 55 अपर आयुक्त, 55 स्टेट टैक्स अधिकारी और 55 स्टेट टैक्स अधिकारी इस मुहिम में शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यालय के दस अधिकारियों की कोर टीम भी इसमें शामिल रही। ये सभी अधिकारी पिछले 15 दिन से जांच में जुटे हुए थे। राज्य कर आयुक्त सौजन्या के मुताबिक जांच अभी जारी है। इन अधिकारियों ने सोमवार को करीब 55 स्थानों पर अलग-अलग छापेमारी की। राज्य कर आयुक्त, सौजन्या ने बताया कि इस तरह के फर्जी मामलों के लिए उत्तराखंड को किसी भी तरह से सेफ हेवन नहीं बनने दिया जाएगा। इस तरह के फर्जीवाड़ों की रोकथाम के लिए राज्य कर विभाग लगातार काम करता रहेगा।

ईमानदारी से हर क्षेत्र में कार्य करने की जरुरतः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में स्वस्थ औद्योगिक वातावरण के सृजन हेतु समेकित प्रयासों के साथ ही ईमानदारी, पारदर्शिता एवं परस्पर विश्वास की भावना से कार्य करने पर बल दिया है। उन्होंने उद्यमियों से पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना पर भी ध्यान देने को कहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण के साथ ही सौर उर्जा के क्षेत्र में काफी संभावनाये हैं। सौर उर्जा के क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ का निवेश इन क्षेत्रों में हुआ है। जबकि टाटा ग्रुप द्वारा भी प्रदेश में सौर ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जतायी है।
श्रम विभाग एवं इंडस्ट्रीज ऑफ उत्तराखण्ड (आई.ए.यू.) के संयुक्त तत्वाधान में श्रम कानूनों एवं अग्नि सुरक्षा प्राविधानों में सुधार से सम्बन्धित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाये जाने के साथ ही श्रमिकों की समस्याओं का भी तत्परता से समाधान हो इसके भी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों को सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं तथा उनके व्यापक हित में लिये गये सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराने के लिए ऐसे आयोजनों को सराहनीय प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से पर्वतीय क्षेत्रों में सौर उर्जा, पर्यटन व खाद्य प्रसंस्करण से सम्बन्धित उद्योगों की स्थापना पर ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जिन खेतों का उपयोग नहीं हो रहा है वहां पर 5 मेगावाट तक के सौलर प्लांट स्थानीय लोगों के लिये आवंटित किये जा रहे हैं। ये योजनायें स्थानीय लोगों की आपसी सहमति से ज्वाइंट वेंचर में भी स्थापित की जा सकती है। इन क्षेत्रों में फिल्मांकन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। ग्रामीण आर्थिकी की मजबूती के लिये प्रदेश की न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की जा रही है। अब तक 82 ग्रोथ सेंटरों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। स्थापित होने वाले ग्रोथ सेंटर न्याय पंचायतों में भविष्य की नई टाउन शिप विकसित करने तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मददगार होंगे। इससे इन क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा उनकी प्रोसेसिंग व माक्रेटिंग की भी व्यवस्था होगी। यहां पर अच्छे स्कूल व अस्पतालों की भी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित कर जन समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य कर रहे हैं।
प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एवं उद्योग मनीषा पंवार, ने कहा कि सिंगल विंडो के माध्यम से प्रदेश में श्रम कानूनों के लिये ऑनलाइन व्यवस्था का प्रावधान किया गया है एवं उद्योग विभाग लगातार प्रयासरत है कि उद्योगों को आ रही कठिनाइयों को निरन्तर दूर किया जाय। श्रम आयुक्त डा. आनन्द श्रीवास्तव ने बताया कि श्रम विभाग की वेबसाइट पर श्रम कानूनों के अन्तर्गत उद्यमियों के लिये ऑनलाइन व्यवस्था कर दी गयी है, इसके अन्तर्गत फैक्टरी एक्ट, बॉयलर्स एक्ट, कान्ट्रेक्ट लेवर रेगुलेशन एक्ट, उत्तराखण्ड दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम, मोटर ट्रान्सपोर्ट वर्कर एक्ट एवं इन्टरस्टेट माइग्रेट वर्कर एक्ट, पंजीकरण, नवीनीकरण एवं वार्षिक विवरणी तथा निरीक्षण, रिपोर्ट आदि सभी प्रावधानों के लिये अब वेबसाइट के माध्यम से यह सारी सुविधायें उपलब्ध होगी।
इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड (आई.ए.यू.) के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला में श्रम विभाग के द्वारा विभिन्न श्रम कानूनों, कारखाना तथा ब्वॉयलर अधिनियम में अभी हाल ही में हुये बदलावों को जिनका समुचित प्रचार प्रसार ना होने से उद्यमियों एवं व्यापारियों एवं अन्यों को इनकी जानकारी नहीं हो पाती है, इसी को दृष्टिगत रखते हुये इस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया है ताकि उद्यमियों एवं व्यापारियों का इन बदलावों की समुचित जानकारी उपलब्ध हो सकें।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग एल. फेनई, महानिरीक्षक अग्निशमन पुष्पक ज्योति, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड राजीव अग्रवाल, अनिल गोयल, राकेश ओबराय, अनिल गुप्ता के साथ ही उद्यमी एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब निगम वसूलेगा करोड़ों की हेराफेरी की रकम

सेल्फ एसेसमेंट (स्वकर निर्धारण प्रपत्र) में गड़बड़ी करने के मामले में नगर निगम देहरादून पैसिफिक मॉल से पांच करोड़ रुपये वसूल करेगा। इसमें टैक्स की रकम भी शामिल है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने यह जानकारी दी। पिछले दिनों राजपुर रोड स्थित पैसिफिक मॉल के टैक्स असेसमेंट में गड़बड़ी सामने आई थी। जांच करने पर पता चला कि मॉल चलाने वाली कंपनी पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. ने टैक्स असेसमेंट में गलत जानकारी दी थी।
गौरतलब है कि नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर कर अनुभाग की टीम ने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फॉर्म का भौतिक सत्यापन कराया था। जिसमें बढ़े स्तर पर टैक्स की हेराफेरी पाई गई थी। मॉल का एरिया काफी अधिक है, लेकिन सेल्फ असेसमेंट काफी कम बताया गया था। करीब दो वर्ष पहले भी मॉल की दोबारा पैमाइश कराई गई थी, जिसके बाद असेसमेंट 2.85 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.68 करोड़ हो गया था। तब तत्कालीन मेयर विनोद चमोली ने मामले की जांच के आदेश दिए थे, जो ठंडे बस्ते में चली गई थी।
वहीं, नगर आयुक्त ने एक बार फिर शहर के 50 प्रतिष्ठानों द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फॉर्म की जांच कराई, जिसमें से 15 प्रतिष्ठानों द्वारा सेल्फ असेसमेंट में गड़बड़ी करने की बात सामने आई थी। जिसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर उप नगर आयुक्त सोनिया पंत बीते तीन दिसंबर से मामलों की सुनवाई कर रही हैं। वहीं, सुनवाई नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्वयं की। उन्होंने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. को टैक्स में आ रहे अंतर को चार गुना जुर्माने के साथ करीब पांच करोड़ रुपये जमा करने के आदेश दिए हैं।

जानिए क्या है कामर्शियल असेसमेंट
किसी भी कामर्शियल जमीन के सर्किल रेट, जिला प्रशासन द्वारा तय में कांप्लेक्स या मॉल की निर्माण लागत जोड़ दी जाती है। इसके बाद वार्षिक किराया मूल्यांकन, पांच प्रतिशत की दर से निकाला जाता है। इस पर 12 प्रतिशत टैक्स बनता है।

टैक्स इंस्पेक्टरों की भूमिका पर अब उठने लगे सवाल
पैसिफिक मॉल के सेल्फ असेसमेंट में हुई हेराफेरी में टैक्स इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। जिनके द्वारा प्रतिष्ठानों की ओर से किए गए गलत सेल्फ एसेसमेंट का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने गड़बड़ी करने वाले टैक्स इंस्पेक्टरों की सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद संलिप्त पाए जाने पर टैक्स इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इन प्रतिष्ठानों ने लगाई करोड़ों की चपत
जेकेजे रियल टेक प्राइवेट लिमिटेड, पैसेफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, होटल सोलिटेयर, होटल सैफरान लीफ , होटल जेएसआर, होटल सौरभ, होटल ग्रीन मैजेस्टिक, राजकुमार भाटिया (होटल श्याम रेजीडेंसी) आरएन सकलानी(शेखर एंड मंयख डिजाईनर) सुनील गोयल (तनिष्क ज्वैलर्स), आशीर्वाद एसोसिएशन, अजय कुमार गुप्ता (ग्रैंड प्लाजा कांप्लेक्स), जगदीश चंद चैधरी (आकाश इंस्टीट्यूट), नरेश ग्रोवर, पंकज पुरी, नीरज पुरी (वृंदावन टावर)।