बाबा के वकील सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की तैयारी!

रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। उसे दो अलग-अगल मामलों में बीस साल की सजा सुनाई गई है। सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम जज के सामने रहम की भीख मांगने लगा। इस केस की सुनवाई के लिए रोहतक जेल के अंदर कोर्ट रूम बनाया गया था। बलात्कारी बाबा राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा बीस साल की सजा दिए जाने पर लोग अपनी खुशी तो जता रहे हैं लेकिन वो ये भी चाह रहे हैं कि उसे फांसी की सजा दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता। खुद बलात्कारी राम रहीम के वकील ने बताया, ‘हम पूरे फैसले को विस्तार से पढ़ेंगे और हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कोर्ट राम रहीम को अलग-अलग मामलों में दस-दस साल की सजा सुनाई है। 30 लाख का जुर्माना लगाया है। राम रहीम को कुल बीस साल की सजा दी गई है जो उन्हें लगातार नहीं काटनी होगी।’ बलात्कारी बाबा के वकील एसके नरवाना ने आगे बताया कि राम रहीम को धारा 376 और 506 के तहत ये सजा सुनाई गई है।

वीडीओ वायरल, हम बुरी सोच नही रखते
ऐसे में बलात्कारी बाबा राम रहीम का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। जिसे फेसबुक पर एक यूजर्स ने शेयर किया है। वीडियो शेयर किए जाने के बाद से ही इस चंद घंटों में 64 हजार लोग देख चुके हैं। जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों ने वीडियो को शेयर किया है। वीडियो में राम रहीम से रिपोर्टर द्वारा एक सवाल पूछा गया है। रिपोर्टर पूछते हैं कि बाबा आप सभी काम करते हो। आप डांस करते हो। गाना गाते हो। वो कौन सी चीज है जो आप नहीं करते हैं? जिसका जवाब देते हुए राम रहीम ने कहा, ‘बस हम बुरी सोच कभी नहीं रखते हैं और बुरा काम कभी नहीं करते। बाकि हर काम कर लेते हैं।’ वहीं वीडियो पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। हर्षवीर सिंह लिखते हैं, ‘ जहां पूरी राजनीति एक बाबा के चरणों मे नतमस्तक हैं वहां आप जैसे वीर आईपीएस का ये कटाक्ष काबिल ए तारीफ हैं।’ राम लिखते हैं, ‘मेरा बस चले तो ऐसे बाबाओं को बीच सड़क पर लटकाकर गोली मार दूं।’ विजय लिखते हैं, ‘आम लोगों का अंधविश्वास ही इन बाबा लोगो को प्रोत्साहन देता है। और एक दिन कोई भी बाबा इसका फायदा उठाकर मानवता को शर्मासर करने वाले कार्य को अंजाम देता है।’

घसीट कर ले गए कोर्ट रुम से बाहर
रोहतक जेल में 20 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद भी बलात्कारी बाबा कोर्ट रूम से बाहर नहीं जा रहा था। वो लगातार जज जगदीप सिंह से रहम की भीख मांग रहा था। वो बार-बार जज के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था, मुझे माफ कर दो, गलती हो गई लेकिन जज का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद गुरमीत राम रहीम सिंह कोर्ट रूम में ही बैठकर रोने लगा। इससे पहले उसने बीमारी का भी बहाना बनाया मगर कोर्ट रूम में पहुंची मेडिकल टीम ने जांच कर उसे मेडिकली फिट करार दे दिया। इसके बाद पुलिस के जवान उसे घसीटते हुए जेल के बैरक तक ले गए, जहां वो पिछले दो दिनों से कैदी नंबर 1997 बनकर रह रहा है। राम रहीम के वकील ने जज से गुजारिश की कि राम रहीम समाजसेवी हैं, इसलिए उन्हें माफी दी जाय। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को यह भी दलील दी कि बाबा ने स्वास्थ्य शिविर लगवाए, रक्त दान कैम्प लगवाए हैं। इस पर जज ने कहा, लगवाए होंगे और किए होंगे सामाजिक काम लेकिन उन्होंने बलात्कार भी किया है, इसलिए उन्हें सजा भी मिलेगी। इससे पहले जज ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने के लिए 10-10 मिनट का वक्त दिया। सीबीआई के वकील ने मामले में अधिकतम सजा देने की मांग करते हुए राम रहीम को उम्रकैद देने की मांग की थी।

ईनामी बदमाश स्पोर्ट कॉलेज के चेक पोस्ट से गिरफ्तार

राजधानी देहरादून में इनामी अपराधियो के धरपकड़ के लिए लगातार चल रहे सत्यापन अभियान के तहत 2013 से फरार इनामी अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सत्यापन के बाद अपराधी को पकड़ने के लिए एसएसपी ने टीम गठित की थी जिसके बाद मोबाइल लोकेशन से पता चला की अपराधी दिल्ली में है, तभी उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को दिल्ली गयी। लेकिन पुलिस के पहुचने से पहले ही अपराधी प्रदीप सकलानी दिल्ली से देहरादून के लिए रवाना हो चुका था। जिसके बाद लोकेशन के आधार पर अपराधी को देहरादून से गिरफ्तार किया।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शातिर अपराधी प्रदीप सकलानी पर देहरादून के अलग अलग थानों में ठगी ओर धोखाधड़ी के 17 मुकदमे दर्ज है। पुलिस प्रदीप को 2013 से ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी लेकिन अपराधी अपना ठिकाना बार बार बदलता था। जिस वजह से सही लोकेशन न मिल पाने की वजह से गिरफ्तार नही हो पाया था। लेकिन कल एसओजी और थाना पटेल नगर की पुलिस ने दिल्ली से लगातार अपराधी का पीछा किया और आखिर पुलिस ने अपराधी प्रदीप को महाराणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया।

नशे में धुत होकर करते थे रैगिंग, कॉलेज प्रशासन ने निष्कासित किया

छात्रावास में नशे की हालत में रैगिंग करना तीन छात्रों को महंगा साबित हुआ है। आखिरकार जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग लेने के मामले मे तीन छात्रों को तीन महीने के लिए छात्रावास से निष्कासित करना ही पड़ा। कॉलेज में द्वितीय वर्ष के तीन छात्र नशे में धुत होकर आधी रात को प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में रैगिंग लेने गए थे। जब द्वितीय वर्ष इलेक्ट्रिकल के तीन छात्र नशे की हालत मे प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में घुसे तो वहां प्रभारी वार्डन और स्टाफ ने तीनों को पकड़ लिया। इस बीच किसी छात्र ने छात्रों की शिकायत एंटी रैगिंग सेल में दर्ज करा दी। कालेज के निदेशक प्रो. एसपी पाण्डे ने बताया कि तीनों छात्रों को तीन महीने के लिए हॉस्टल से बाहर कर दिया है, हालांकि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।

जब्त गाड़ी से पुलिस को आपत्तिजनक सामान बरामद

पंचकूला में हुई हिंसा के दौरान पुलिस ने बाबा गुरमीत की कई संदिग्ध गाड़ियां जब्त की थी। जो फिलहाल पंचकूला के मनसा देवी पुलिस स्टेशन में खड़ी हैं। पुलिस ने जब इन गाड़ियों की तलाशी ली तो पाया कि यह लग्जरी गाड़ियों में ऐशगाह का वह सारा सामान है, जो किसी पांच सितारा होटल में होता है। पुलिस को गाड़ी में से कई आपत्तिजनक सामान भी मिले है। जिसमें महिलाओं के सेनेटरी नैपकिन भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, हंगामे के दौरान पकड़ी गई इन गाड़ियों से जो चीजें मिली उससे पता चलता है कि बाबा को कैसे भगाना था। पुलिस थाने में मौजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी में एक 5/4 का बॉक्स मिला है। यह बॉक्स आमतौर पर किसी भी फायर टेंडर के अंदर नहीं होता है। इस बॉक्स में जांच करने के बाद सामने आया कि इसमें पेट्रोल डाला गया था। ये पेट्रोल वहीं से पानी में सप्लाई करना था और आग लगाई जानी थी। गाड़ियों में से कुछ हथियार भी मिले हैं। इन गाड़ियों में से कुछ लिफाफे मिले हैं जो साल 2017 के हथियारों के लिए यूज किए जाते हैं। लेकिन इसमें से हथियार गायब हैं। लग्जरी गाड़ियों में मिले सूटकेसों में कई कपड़े भी मिले हैं। इससे साफ होता है कि गुरमीत को भगाकर ले जाने के लिए प्लानिंग की गई थी। रामरहीम के काफिले से जब्त की गई इन गाड़ियों में महंगे पर्दे और सीट कवर लगाए गए थे। वहीं, सीटें आरामदायक सौफे की तरह थी।
साजिश के तहत कोर्ट में दोषी साबित होने के बाद गुरमीत सिंह को बाहर लाया गया, तो गुरमीत के गनमैनों ने एक आईपीएस अधिकारी के साथ हाथापाई की। वहीं पर बलात्कारी बाबा को भगाने की कोशिश की गई थी। इस दौरान कई गाड़ियों का काफिला डेरा मुखी के काफिले के पीछे भागा था। प्लानिंग के दौरान जब ये झगड़ा हो रहा था, इसी दौरान आदित्य सहित बाकी लोगों ने यहां सेक्टर 2/4 के चौक पर पहले से ही प्लांड प्रोग्राम के तहत दंगा करवा दिया था। प्लानिंग थी कि दंगा होने के बाद सारी पुलिस फोर्स का ध्यान पब्लिक पर हो जाएगा। पब्लिक भी अच्छी संख्या में है, जो पूरे जोश में थी। ऐसे में दंगा को फैलाने की साजिश करने वाले यहां दंगा होने पर वहां से निकल गए।

बाबा के भक्तों के पास कहां से आयीं एके-47

बलात्कार के दोषी राम रहीम के भक्तों से पुलिस ने एके-47 जैसे खतरनाक हथियार जब्त किये हैं। इस हथियार का इस्तेमाल सेना आतंकियों के खिलाफ करती है। केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने बताया कि एके-47 के अलावा पुलिस ने राम रहीम के भक्तों से माउजर, दो रायफल और गोलियां भी बरामद की है। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में पंचकुला से अबतक 524 लोगों को गिरफ्तार किया है। राम रहीम के समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह के दो केस भी जब्त किये गये हैं। जिनके खिलाफ हरियाणा पुलिस ने केस दर्ज किये हैं उनमें राम रहीम के निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव डी एस देसी ने कहा, ‘ एक एके -47, एक माउजर, दो रायफल, पांच पिस्तौल जब्त किये गये है, हमने देशद्रोह के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया है।’ इस बीच रियाणा सरकार ने राज्य में डेरा सच्चा सौदा के सभी समागम केंद्रों की तलाशी के आदेश दिए हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
यह निर्देश डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराने के बाद हुई चौतरफा हिंसा और आगजनी की घटनाओं के एक दिन बाद आए हैं। इस हिंसा में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 250 अन्य लोग घायल हो गए हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने बताया ‘‘हमने हरियाणा में कहीं भी स्थित डेरा सच्चा सौदा के सभी ‘नाम चर्चा घरों’ (समागम केंद्रों) की तलाशी लेने के आदेश दिए हैं।’’ उन्होंने आगे बताया ‘‘हमने सुरक्षार्किमयों से कहा है कि वह सभी डेरा केंद्रों की अच्छी तरह से तलाशी लें और किसी भी तरह के हथियार मिलने पर उसे जब्त कर लें।’’ इस छापामारी में सिरसा में मौजूद डेरा मुख्यालय और पंचकूला के समागम केंद्र शामिल होंगे। पंचकूला में ही सीबीआई अदालत ने स्वयंभू बाबा के खिलाफ फैसला सुनाया था। राम निवास ने राज्य में स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा किया है और कहा कि सेना के साथ ही अर्धसैनिक बलों को सिरसा और पंचकूला में तैनात किया गया है।
हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस.धेसी ने संवाददाताओं से कहा, “हमने डेरा के अनुयायियों और प्रबंधन से परिसर शांतिपूर्वक बाहर निकलने की अपील की है। अब तक सेना की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।”डेरा मुख्यालय के पास शुक्रवार को अर्धसैनिक बलों की डेरा समर्थकों से झड़प हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यालय में अब भी हजारों की संख्या में डेरा अनुयायी जमा हैं। हरियाणा प्रशासन ने सुरक्षा बलों को राज्य में डेरा परिसरों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। डेरा अनुयायियों से इन परिसरों से निकलने को कहा गया है।

हरियाणा दंगे के बाद राम रहिम के अनुयायियों पर पुलिस रख रही नजर!

यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में हुई हिंसा के बाद ऊधमसिंह नगर जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संदिग्धों पर नजर रखने के साथ ही पुलिस ने उत्तरप्रदेश से सटे जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है। साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
आपको बत दे कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंजाब, हरियाणा में उनके समर्थक हिंसा व आगजनी पर उतर आए। इससे प्रशासन सतर्क हो गया। ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले के गदरपुर, बाजपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के समर्थक होने के कारण खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने बार्डर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों से पूछताछ भी की। ऊधमसिंह नगर के एएसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि जिले में एहतियातन अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खासकर बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाइकोर्ट ने पंचकुला मामले में सरकार को लताड़ा, कहा हर मोर्चे पर रहे नाकाम

डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई की एक कोर्ट ने शुक्रवार को रेप के 15 साल पुराने मामले में दोषी माना। बाबा को दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद ही उनके समर्थक उग्र हो गए और हरियाणा-पंजाब समेत 5 राज्यों में उन्होंने तांडव मचाया। हिंसा का सबसे ज्यादा असर पंचकूला में देखने को मिला, जहां 29 लोगों की मौत हो गई। वहीं सिरसा में भी 2 लोगों की जान चली गई.हिंसा पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने खट्टर सरकार को लगातार तीसरे दिन जमकर लताड़ा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए शहर को जलने दिया. ऐसा लगता है कि सरकार ने सरेंडर कर दिया।
इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि स्वयंभू बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के अनुयायियों द्वारा की जा रही हिंसा और आगजनी के कारण हुई क्षति की भरपाई डेरा सच्चा सौदा से कराई जाए। अदालत ने आदेश दिया कि कोई भी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक नेता कोई भड़काऊ बयान नहीं दे और अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। पीठ ने आदेश में कहा, स्थिति से निपट रहे अधिकारी बिना भय के और निष्पक्षता के साथ अपना काम करे। अगर कोई अधिकारी कर्तव्य के निर्वहन में चूकता है तो उसके खिलाफ अदालत कड़ी कार्रवाई करेगी।

पहाड़ी राज्य पसंद थे साइबर ठगों को, देहरादून को तभी चुना

अगर आपसे कोई ये पूछे कि क्या कोई दसवीं फेल साइबर ठगी कर सकता हैै? तो आपका जवाब नहीं होगा, परंतु आपको जानकर आश्चर्य होगा कि देहरादून के 97 बैंक खातों के एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर 37 लाख से अधिक की ठगी करने वाले शातिर साइबर ठग दसवीं पास भी नहीं है। एसटीएफ की टीम इन साइबर शातिरों को कोल्हापुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर देहरादून पहुंच गई। आरोपियों की पहचान गैंग का मास्टरमाइंड रामवीर, जगमोहन और सुनील के रूप में हुयी। एसटीएफ ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। अब दून पुलिस कस्टडी में लेकर आरोपियों से पूछताछ करेगी। गांधी रोड स्थित एसटीएफ मुख्यालय पर एसएसपी रिदिम अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि उत्तराखंड में एटीएम क्लोनिंग के अब तक की सबसे बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे तीनों आरोपियों को कोल्हापुर में गिरफ्तार कर लिया गया था। गैंग के काम करने के तरीकों का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि एटीएम क्लोनिंग गैंग का सरगना रामवीर पुत्र स्व. राजपाल निवासी ग्राम बरहाना थाना बेरी जिला झज्जर (हरियाणा) है, जो खुद 10वीं फेल है।
उसने वर्ष 2012 में पड़ोस के गांव के सुनील पुत्र धर्मपाल निवासी खराबड़ रोहतक हरियाणा से एटीएम के कीपैड में तिल्ली फंसा कर एटीएम ठगी का गुर सीखा। इसके बाद उसने कई कारनामे किए। बाद में रामवीर ने अपने गांव के जगमोहन पुत्र देवेंद्र को साथ लेकर गिरोह बना लिया। इसके बाद तीनों ने साइबर तकनीकी में माहिर शख्स से एटीएम क्लोनिंग के गुर सीखे। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि रामवीर, सुनील और जगमोहन ने स्कीमर के जरिये एटीएम कार्ड का डाटा चोरी करने के तरीके का पहली बार इस्तेमाल किया था। तीनों ने 30 जून को नेहरू कॉलोनी के धर्मपुर में पीएनबी के एटीएम में स्कीमर डिवाइस और कैमरा फिट किया और एक जुलाई को उसे निकालकर हरियाणा चले गए। मगर तकनीकी कारणों से डिवाइस में डाटा कॉपी नहीं हुआ। तीनों सात जुलाई को फिर देहरादून आए और इस बार आरोपियों ने राजीवनगर में एसबीआइ के एटीएम में स्कीमर डिवाइस और कैमरा फिट किया। आसपास के एटीएम के कीपैड पर ग्लू लगाकर उन्हें निष्क्रय कर दिया, ताकि लोग एसबीआइ के एटीएम में ही आएं। यहां से चोरी किए डाटा के सहारे कुल 103 एटीएम कार्डों का क्लोन तैयार किया। उन्होंने बताया कि रामवीर 10वीं फेल होने के बाद भी साइबर फ्रॉड का माहिर है, जबकि उसके अन्य साथी ग्रेजुएट हैं। साइबर ठगों के गैंग का खुलासा और गिरफ्तारी करने पर डीजीपी अनिल के रतूड़ी ने 20 हजार, आइजी एसटीएफ दीपम सेठ ने दस हजार व एसएसपी एसटीएफ ने ढाई हजार रुपये का इनाम दिया है।
पहाड़ी राज्यों को बनाते थे निशाना
रामबीर ने पूछताछ में बताया कि पहाड़ी भोले-भाले होते हैं। जल्दी शक भी नहीं करते हैं। एटीएम बूथ के अंदर दो से तीन लोगों के घुसने पर भी एतराज नहीं करते हैं। यही वजह रही कि रामबीर ने जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में ठगी के बाद उत्तराखंड के देहरादून को क्लोनिंग के लिए चुना।

पोर्न मूवी में अपनी वीडियों देखकर क्यों सहम जाता था 15साल का लड़का

देश में ताजनगरी के नाम से महशूर आगरा के थाना छत्ता की की महिला ट्यूटर ने अपनी बहन और भाई के साथ मिलकर थाना हरीपर्वत क्षेत्र के रहने वाले 10वीं के छात्र का नौ महीने तक यौन शोषण किया। उसे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर नशे की गोलियां दी जाती थीं। ब्लू फिल्म दिखाई जातीं फिर उससे संबंध बनाए जाते। मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया जाता था। इतना ही नहीं फिर उसेे सोशल मीडिया में शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था। उससे उसके ही घर में चोरी कराई गई। नौ महीने में लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात उससे मंगवाए गए लेकिन 18 अगस्त को उसकी चोरी कैमरे में कैद होने से उसके परिवार को पता लग गया।
उस लड़के का कसूर बस इतना था कि उसका पिता एक बड़े सराफा कारोबारी हैं। पता लगने पर उन्होंने ट्यूटर, उसकी बहन और भाई के खिलाफ यौन शोषण की धारा और पॉक्सो एक्ट में हरीपर्वत थाने में नामजद केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि घर से लगातार हो रही चोरी से वह परेशान थे। तभी बेटा 64000 रुपये चोरी करते कैमरे में कैद हो गया। वह बेहद तनाव में था। डिप्रेशन में आ चुका था। गुमसुम रहता था। उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, तो उसने ट्यूटर की शर्मनाक करतूत बयां की।
छात्र ने बताया कि वह जिस ट्यूटर के पास पढ़ने जाता है, उसकी बहनें भी ट्यूशन पढ़ाती हैं। जब से उन्हें पता चला कि वह अमीर परिवार से ताल्लुक रखता है, तभी से उनके दिमाग में पैसा ऐंठने की साजिश आ गई। उसे ट्यूटर की बड़ी बहन ही ट्यूशन पढ़ाने लगी। बाद में दूसरी बहन भी आ गई।
दोनों ने एक दिन उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। इसमें नशे की गोलियां डाल दीं। इसके बाद उसे पोर्न मूवी दिखाई। छात्र ने बताया, इसके बाद क्या हुआ, वह बहुत गंदी बात है, उसे बताने में भी शर्म आती है। वह रोने लगा लेकिन तभी उन दोनों बहनों के भाई ने मोबाइल में उसे एक वीडियो क्लिप दिखाई।
इसमें खुद को उसकी बहनों के साथ देखकर वह डर गया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना, तो यह क्लिप व्हाट्स ऐप और फेसबुक पर डाल दी जाएगी। इसके बाद उसके साथ कई बार वही घटनाक्रम दोहराया गया, कोल्ड ड्रिंक में नशा… पोर्न मूवी… और…।
वे तीनों उससे पैसा लाने के लिए कहते रहे। वह कभी कैश लाता तो कभी जेवरात। लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात लाकर दिए। इस पैसे से वह ऐश करते रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि जांच शुरू की जा चुकी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

पर्दाफाशः हुस्न के जरिए, लूट को अंजाम

अंधेरी रात में पहले अंग का प्रदर्शन और फिर सुनसान जगह में ले जाकर लूट। सुनने में किसी फिल्मी कहानी सा प्रतीत होता है। मगर, एक ऐसी ही घटना सामने आयी है। जिसमें पहले महिला को आगे रखकर हुस्न का प्रदर्शन किया जाता था, बाद में उसे कार में बैठाकर सुनसान जगह में ले जाकर मारपीट व लूट की जाती थी। गुड़गांव में पुलिस ने रात के अंधेरे में हुस्न की नुमाइश कर लूट करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग की मुखिया एक महिला है। रात के समय यह गैंग सड़कों से अपनी गाड़ी में सवारी बैठाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस गैंग के 4 लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला गुड़गांव के इफको चौक और एमजी रोड का है। इस गैंग की मुख्य सरगना की पहचान महिमा उर्फ माही के रूप में हुई है। पिछले कुछ समय से माही अपने साथी गौरव, अक्षय और जानवी के साथ मिलकर लगातार लूट की वारदातों को अंजाम दे रही थी। लूट के समय आरोपी गौरव लड़का होने के बावजूद भी लड़की बनकर रहता था.
आरोपी अपनी गाड़ी लेकर इफको चौक और एमजी रोड पर शिकार की तलाश करते थे। जैसे ही कोई शिकार नजर आता उसे अपनी हुस्न के जाल में फंसाकर गाड़ी में बैठा लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को एक सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करते और लूट कर फरार हो जाते। काफी समय से पुलिस इन लोगों को तलाश रही थी। सूचना मिलते ही उनको धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी महिमा पहले भी लूट की वारदात में जेल जा चुकी है। यह महिमा ही लूट की प्लानिंग करती थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने तीन और वारदातों को कबूल किया है। जिसका केस गुड़गांव में ही दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुछताछ चल रही है।