दोस्तों के साथ गंगा में स्नान के दौरान डूबा युवक, रेस्क्यू जारी मगर सफलता नहीं

बीते 14 मार्च को गंगा में स्नान के दौरान डूबे तमिलनाडु के युवक का जल पुलिस की टीम से रेस्क्यू अभियान चलाया। गंगा में काफी देर तक खोजबीन के बाद भी जल पुलिस के जवानों को सफलता हाथ नहीं लग पाई।

दरअसल, रविवार को 28 वर्षीय शिवा एस पुत्र के. सुंदर मूर्ति निवासी प्लॉट नंबर 3, भगवती नगर सेकंड मैन रोड, मेडवक्कम जिला कांचीपुरम, चेन्नई तमिलनाडु अपने एक दोस्तों के साथ ऋषिकेश घूमने आया था। तभी सर्वानंद घाट के पास दोपहर को खाने के बाद नहाने के लिए चले गए। अचानक शिवा एस नहाने के दौरान गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गया। नतीजा यह रहा कि वह पानी के तेज बहाव में ओझल हो गया। डूबने की घटना के बाद उसके दोस्त ने परिजनों को सूचना दी। जिस पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। आज जलपुलिस ने युवक की तलाश को साईं मंदिर घाट से बैराज तक सर्च ऑपरेशन चलाया।

जल पुलिस के जवानों को सफलता अर्जित नहीं हो सकी। अब बुधवार को जल पुलिस के जवान पुनः गंगा में रेस्क्यू चलाएंगे।

नगर निगम बोर्ड बैठक में सिर्फ हंगामा हुआ, बजट और प्रस्ताव नहीं हुए पास

नगर निगम ऋषिकेश की आज बोर्ड बैठक अब तक की सबसे शर्मशार रही। ढाई साल में एक पहला वाक्या रहा जब एक भी प्रस्ताव और न ही बजट पास हुआ। पूरे दिन सदन में सिर्फ हंगामा देखने को मिला। हंगामें में पार्षद द्वारा मेयर पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाया गया, तो कई पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी करने की अपनी पीड़ा भी बयान की। साथ ही निगम के अधिकारियों को पार्षदों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। सदन में नए प्रस्तावों पर चर्चा के बजाए पुरानी बोर्ड बैठक की पुष्टि की गई। इसमें हंगामा जोरदार देखने को मिला। सदन में पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर राजनीति करने के आरोप भी जड़े।

सुबह 11 बजे नगर निगम की बोर्ड बैठक होनी थी। मगर, करीब 20 मिनट बाद यह बैठक शुरू हुई। सदन की कार्रवाई को शुरू किया ही जा रहा था कि पार्षद राकेश मियां ने बीते वर्ष 30 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक के प्रस्तावों व कार्यों को लेकर निगम अफसरों से रिपोर्ट मांगी। इसपर मेयर अनिता ने पूर्ववर्ती बैठक की पुष्टि के लिए हामी भरी गई। पार्षद मियां ने नगर के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब पूर्व में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास है, तो किस कारण इसमें विलंब हो रहा है। इस पर निर्माण विभाग के एई आनंद मिश्रवाण ने बताया कि यह कार्य अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल माह से शुरू किया जाना है, यह अमुत योजना के तहत किया जाएगा। इसी तरह पार्षद शिव कुमार गौतम ने डेढ़ वर्ष से अधर में लटके नाले के निर्माण, पार्षद सुंदरी कंडवाल ने पास प्रस्तावों का निर्माण कार्य शुरू न किए जाने पर सवाल किए।

इस पर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने कहा कि ऐसे वार्ड जहां बहुत काम हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

त्रिवेणी घाट के आरती स्थल पर लगे पत्थर गलतः रीना शर्मा
पार्षद रीना शर्मा ने सदन के समक्ष यह मामला उठाया कि त्रिवेंणी घाट स्थित आरती स्थल पर ग्रेनाइट के पत्थर लगा दिए गए है, जिस पर चलकर श्रद्धालु चोटिल हो रहे है। इस पर मेयर ने भी माना कि ग्रेनाइट पत्थर का वहां लगाया जाना गलत फैसला रहा है। इसमें उन्होंने एमडीडीए के अफसरों से भी बात की है।

निगम के दिए कूड़ेदान में सज रहे गमलेः राधा रमोला
पार्षद राधा रमोला ने कहा कि नगर निगम ने जो गीले और सूखे कूड़ेदान वितरित किए हैं, उन पर लोग अपने घरों में आटा, चावल रखने के उपयोग में ला रहे है। इतना ही नहीं अधिकांश लोग उसमें गमला लगाकर घरों में टांगे रखे है। इस पर एमएनए ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाएगा। जो भी आवश्यक कार्यवाही हो सकती है, की जाएगी।

कब-कब हंगामे का माहौल बना और जोरदार हंगामा हुआ

1. पार्षद का निकला दर्द, रूदन भरी आवाज में मेयर पर लगा डाले आरोप
सदन में प्रत्येक वार्ड के पुराने प्रस्तावों पर अपनी रिपोर्ट देने के दौरान पार्षद जयेश राणा का भी नंबर आया। उन्होंने अपनी बात जरूर रखी। मगर, अमर्यादित तरीके से। हुआ यूं कि मेयर अनिता ममगाईं पर पार्षद जयेश राणा ने वार्ड में काम न होने देने, विधानसभा अध्यक्ष के कार्यों को सोशल मीडिया पर अपलोड करने तथा प्रचारित करने पर सड़क बनवाने की मांग को ठुकरा देने व इग्नोर करने का आरोप जड़ दिया। पार्षद भाव विभोर होते हुए बहुत आगे तक निकल गए। इसी बीच मेयर अनिता ममगाईं ने भी रूठे स्वर में पार्षद से बात की और सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।

2. इसी बीच शिवाजी नगर में चले धरने को लेकर भी बात उठी। पार्षद शिवकुमार गौतम ने सदन के समक्ष मेयर पर आरोप लगाया कि उक्त धरना उन्हीं के इशारे पर किया गया। उन्हीं के साथ हर वक्त रहने वाले लोगों ने धरने को समर्थन दिया। इसके बाद रणनीति के तहत मेयर ने ही धरने को समाप्त कराया। इस पर मेयर बिफर गई और आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो कोई भी रहे, इससे आपको क्या लेना देना।

3. पार्षद मनीष शर्मा ने पार्षद शिव कुमार गौतम को कहा कि यह भाजपा कार्यालय नहीं है जो यहां भाजपा की बात की जा रही है। इस पर अधिकांश चयनित और नामित पार्षदों ने आपत्ति जताई और एक बार फिर सदन में भयंकर हंगामा देखने को मिला।

4. पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने निगम के अफसरों पर यह आरोप लगाया कि जो कार्य पूर्व में टीएचडीसी की ओर से किया गया है, उसे नगर निगम का दिखाकर वहां साइन बोर्ड क्यों लगाया गया। इतना ही नहीं निगम की ओर से एक साल की उपलब्धि वाली पुस्तक पर इसे प्रकाशित तक कर दिया गया। इस पर ज्यादातर पार्षदों ने नाराजगी जताई और पुनः सदन में हंगामा देखने को मिला। इस पर निगम ने अपनी गलती स्वीकार की और इसे सुधारने की बात कही।

5. वार्ड 40 पार्षद शारदा देवी ने निगम पर बिना काम किए उपलब्धि वाली पुस्तक पर निर्माण कार्यों को प्रकाशित करने पर घोर आपत्ति जताई। इस पर भी हंगामा होता रहा।

6. करीब शाम चार बजे बोर्ड की आज की बैठक शुरू हुई। पार्षद विकास तेवतिया, पार्षद शिव कुमार गौतम ने निगम पर बजट की काॅपी पूर्व में न देकर मौके पर दिए जाने का आरोप लगाया। यहां भी हंगामा हुआ।

7. आज की बोर्ड बैठक का पहला प्रस्ताव ऋषिकेश को ओरेंज सिटी करने को लेकर मेयर अनिता ममगाईं की ओर से दिया गया। इस पर पहले तो पार्षद शिव कुमार गौतम ने आपत्ति जताई कि क्या एक मेयर अपना प्रस्ताव दे सकती है। काफी देर इस पर बहस होती रहीं। इसके बाद ओरेंज सिटी को लेकर करीब 27 पार्षदों ने सदन को बीच में ही छोड़ दिया और नगर निगम के खिलाफ बाहर नारेबाजी की गई। पार्षदों के बैठक में न आने पर मेयर अनिता ममगाईं ने उक्त बैठक 21 मार्च दिन रविवार को करने की घोषणा की। इस पर उपस्थित पार्षदों ने सहमति दी।

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मकान की छत गिरने से दो मजदूर दबे, एक की हुई मौत


थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह रावत के अनुसार, हरिपुरकलां में सप्तऋषि बाॅर्डर के पास एक मकान में निर्माण कार्य चल रहा था, अचानक उसकी छत नीचे गिर गई। पुलिस को यह सूचना प्राप्त हुई तो मौके पर वह स्वयं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और क्रेन की मदद से छत को उठाया। बताया कि उसके नीचे दबे दो मजदूरों को इमरजेंसी सेवा 108 के जरिए राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का भर्ती कर लिया है, उसका उपचार किया जा रहा है।

थानाध्यक्ष अमरजीत ने मृतक की पहचान राजू भाई (45) पुत्र खीमजी भाई निवासी पोरबंदर जिला पोरबंदर गुजरात के रूप में कराई है। पुलिस ने शव का पंचायतनामा कर लिया है। परिजनों को सूचना दे दी है। वहीं, घायल की पहचान सुभाष (35) पुत्र मदनलाल निवासी दिल्ली के रूप में कराई है। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

अज्ञात व्यक्ति ने दुकान को आग लगाकर पहुंचाया नुकसान

ऋषिकेश में असमाजिक तत्वों ने एक दुकान को आग लगाने की कोशिश की। इसके बाद कार को भी आग लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात की पहचान में जुटी है।

दरअसल, रविवार देर रात पुष्कर मंदिर मार्ग पर तरुण होजरी के गोदाम में शटर के बाहर से आग लगा दी गई। असमाजिक तत्व यहीं तक नहीं रूके। उन्होंने इसी मार्ग पर एक खड़ी कार को भी आग के हवाले कर दिया। मौके पर खड़ी कार का आधे से ज्यादा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। मामले की सूचना पूर्व सभासद रहे सोनू पांडे ने पुलिस को दी।

सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना के बाद आसपास क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त की। वहंी, तरूण होजरी के स्वामी चरणजीत ने कोतवाली पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांगी की है।

नगर निगम ऋषिकेशः बीजेपी पार्षदों ने एसएनए का किया घेराव, घर के बाहर अन्य पार्षद का बोर्ड लगाने पर जताई आपत्ति

बीते रोज कांग्रेस पार्षदों द्वारा नगर निगम ऋषिकेश में सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया गया था। मामले में कांग्रेस के पार्षदों ने नगर आयुक्त को सख्त लहजे में पार्षद जगत सिंह नेगी के बोर्ड लगाने को लेकर ज्ञापन दिया गया था। वहीं, आज सत्ता पक्ष के भाजपा पार्षदों ने सहायक नगरायुक्त का घेराव किया।

पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने भाजपा पार्षदों के साथ सहायक नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया। बताया कि उनके घर के बाहर अन्य पार्षद के निवास होने का बोर्ड लगाया जा रहा था। इस मामले में उन्होंने निगम के ठेकेदार से वार्ता की और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उस वक्त ठेकेदार ने हटाने का भरोसा भी दिया। मगर, दो मार्च को उनके घर के बाहर बोर्ड लगाया जा रहा था जिस पर पुनः आपत्ति दर्ज की गई और बोर्ड हटवाया गया।

पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि जब बोर्ड लगवाने का कार्य बैठक में स्वीकृत नहीं हुआ है, तो किस आधार पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं। यदि कोई कार्य स्वीकृत भी होता है तो जिस स्थान पर कोई विवाद होता है तो जब तक विवाद निपटा न लिया जाए। तब तक विवादित कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके घर के बाहर दूसरे पार्षद का बोर्ड लगाने पर फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी भी की गई तथा मेरी छवि खराब करने की कोशिश भी की जा रही है। जिसका सभी भाजपा पार्षदों ने पुरजोर विरोध किया। इस अवसर पर पार्षद विजय बड़ौनी, पार्षद लव कांबोज, पार्षद प्रभाकर शर्मा, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद लता तिवारी, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद मनीष मनवाल, पार्षद ज्योति अशोक पासवान, पार्षद विपिन पंत, पार्षद अनीता रैना, पार्षद शारदा देवी, पार्षद अनिता प्रधान, किशन मण्डल, पार्षद चेतन चैहान, सुजीत यादव आदि उपस्थित थे।

मेयर अनिता ममगाईं को सौंपा ज्ञापन, पंचायती स्कूल बनखंडी की सपंत्ति दूसरे के नाम दर्ज करने पर जताई आपत्ति

पंचायती स्कूल समिति बनखंडी ऋषिकेश की संपत्ति को निगम अफसरों व कर्मचारियों की मिलीभगत से गुपचुप तरीके से किसी ओर के नाम दर्ज करने पर स्कूल समिति सदस्यों ने आक्रोश जताया है। सदस्यों ने मेयर अनिता ममगाई से नामांतरण रद्द करने व मिलीभगत में शामिल निगम अफसर व कमर्चारी पर कार्यवाही करने की मांग की।

स्कूल समिति बनखंडी के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद हरीश तिवाडी ने बताया कि पुराना बस अड्डा मार्ग गली नंबर 5, बनखंडी जिसका क्रमांक 181 (पुराना) व नया संपत्ति संख्या 248ध्230 बनखंडी है। उक्त संपत्ति को पूर्व में नगर पालिका व वर्तमान में निगम के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा खुर्द बुर्द करने की कोशिस की जा रही है। इसी क्रम में नगर निगम ऋषिकेश ने इस संपत्ति का नामांतरण किसी दूसरे के नाम कर दिया। जब इस संबंध में स्कूल समिति की ओर से आपत्ति जताई गई तो निगम द्वारा संबंधित दस्तावेज और आपत्ति शपथ पत्र पर मांगी गई। इस पर पंचायती स्कूल समिति के अध्यक्ष हरीश तिवाड़ी व उपाध्यक्ष बाली पाल, निगम की स्थानीय पार्षद लता तिवाडी, राजेश कुमार, शिव कुमार गौतम और अजीत सिंह सहित बनखंडी रामलीला कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, ऋषिकेश पाल समाज के अध्यक्ष राजेश पाल, सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता राकेश पारछा, पूर्व पार्षद सुधारानी पाल ने शपथ पत्र दाखिल किया। मगर, निगम के कुछ भ्रष्ट अफसरों ने स्कूल समिति को दरकिनार करते हुए एक पक्षीय कार्यवाही को अंजाम दे दिया।

उन्होंने बताया कि पंचायती स्कूल समिति बनखंडी ऋषिकेश को यह भूमि दान में मिली थी इसका लक्ष्य गरीब और आर्थिक रूप से पिछड़े अनुसूचित जाति व पिछड़े समाज के बच्चों के लिए स्कूल बनाने का था, लेकिन लंबे समय से इस भूमि को खुर्दपुर करने का प्रयास पूर्व में नगर पालिका व वर्तमान में नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से किया जाता रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि संपत्ति बाहर ही बाहर से खरीद-फरोख्त होती रही लेकिन मौके पर स्कूल संपत्ति की भूमि पर कोई कब्जा नहीं कर पाया। समिति अध्यक्ष यह भी बताया उक्त संपत्ति राजस्व अभिलेखों में आज भी दान देने वाले महान व्यक्ति भंवरलाल पुत्र स्वर्गीय लादूराम के नाम अंकित व दर्ज है। साथ ही उक्त भूमि पंचायती स्कूल समिति बनखंडी ऋषिकेश के पास है।

समिति अध्यक्ष हरीश तिवाड़ी ने बताया कि जब बनखंडी ग्राम सभा से अलग हुई और नोटिफाइड क्षेत्र में शामिल हुई उस दौरान पहले भवन कर सर्वे में बनखंडी के सभी लोगों की संपत्तियो के साथ ही उक्त भूमि इसी नाम से पालिका अभिलेखों में दर्ज हुई है।

ज्ञापन के जरिए समिति अध्यक्ष ने मेयर अनिता ममगाई को बताया कि सन 1971 के पहले सर्वे में जब उक्त भूमि पंचायती स्कूल समिति बनखंडी ऋषिकेश के नाम दर्ज हो चुकी है, तो किस कारण इसका नामांतरण किया गया। क्यों गुपचुप तरीके से किसी ओर के नाम नामांतरण कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि उक्त भूमि पर भविष्य में स्कूल बनाया जाना है इसके चलते दूसरे के नाम दर्ज संपत्ति का नामांतरण रद्द किया जाए। साथ ही पुनः पंचायती स्कूल समिति बनखंडी ऋषिकेश के नाम नामांतरण निगम अभिलेखों में दर्ज किया जाए। इसके अलावा निगम के भ्रष्ट अफसर व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिससे जनता में यह संदेश जाए कि नगर निगम ऋषिकेश में कानून का राज है।

इस पर मेयर अनिता ममगाईं ने स्कूल समिति सदस्यों को आश्वासन दिया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर स्कूल समिति को न्याय दिलाया जाएगा। साथ ही मामले में शामिल दोषी अफसरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन देने वालांे में स्कूल समिति अध्यक्ष हरीश तिवाडी, उपाध्यक्ष बाली पाल, स्थानीय पार्षद लता तिवाडी, पार्षद राजेश कुमार, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद अजीत सिंह (गोल्डी), ऋषिकेश पाल समाज अध्यक्ष राजेश कुमार पाल, बनखंडी रामलीला कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता राकेश पारछा, पूर्व पार्षद सुधा रानी पाल आदि शामिल रहे।

राह चलती महिला से मोबाइल लूटा, तीन शातिरों को पुलिस ने दबोचा

गुर्जर धर्मशाला मोतीचूर रायवाला निवासी महिला अमन शर्मा पत्नी रघुनाथ शर्मा ने रायवाला थाने में बताया कि स्कूटी सवार तीन अज्ञात लोगों ने उनका मोबाइल लूट लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए छानबीन शुरू की।

थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि घटनास्थल के आसपास 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने के बाद एक शख्स को मुखबिर ने पहचान लिया, जिसे उसके हरिद्वार स्थिति घर से पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के नाम लिए, जिन्हें गीतापुर कुटीर हरिपुरकलां से पास से स्कूटी के साथ अरेस्ट किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि तीनों ही नशे के आदी हैं और नशे के लिए ही चोरी की घटना को अंजाम देते है।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान अभिषेक कश्यप पुत्र महेंद्र कश्यप निवासी कुंज गली खड़खड़ी हरिद्वार, सनी उर्फ लाला पुत्र सोनू गोस्वामी निवासी जोगिया मंडी मनसा देवी हरिद्वार और विष्णु कश्यप पुत्र विनोद कश्यप निवासी कुंज गली खड़खड़ी हरिद्वार के रूप में कराई है। पुलिस ने महिला का मोबाइल भी आरोपियों से बरामद किया है।

जोशीमठ में आई आपदा को लेकर हरीश रावत व प्रीतम सिंह ने की सीएम त्रिवेंद्र से मुलाकात

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आयी आपदा के सबंध में संचालित किये जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। एनटीपीसी की सुरंग में मलवा अधिक भरने की वजह से उसे हटाने में समय अधिक लग रहा है। राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी आ सके इसके लिए अलग-अलग फोर्स एवं अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई है। केन्द्र सरकार का भी इस आपदा में बचाव एवं राहत कार्यों में राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। जवानों द्वारा जोखिम में कार्य कर समय पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी राहत कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रैणी क्षेत्र में आपदा के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किये गये प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिस तेजी से मुख्यमंत्री ने सभी सबंधित राहत दलों एवं विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये उससे स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हुई है। आपदा पीड़ितों को भी आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा। आपदा की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस आपदा में पीड़ितों को मदद करने के लिए शासन, जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ के साथ आर्मी, आईटीबीपी एवं एनडीआरएफ की टीमों के प्रयासों की भी सराहना की। राहत एवं बचाव कार्यों की लिए जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में इन बचाव दलों के पहुंचने से लोगों को राहत भी मिली है। उन्होंने का कि आपदाओं में त्वरित कार्यवाही से समाज में अच्छा प्रभाव पड़ता है। संकट के इस समय सभी लोग सरकार के साथ हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को इस संबंध में 06 सूत्री ज्ञापन दिया। उन्होंने सुझाव दिये कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विस्थापन की व्यवस्था की जाय। इस आपदा के कारणों की तह तक जाना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दुबारा न हो। राज्य की विभिन्न परियोजनाओं का सेफ्टी ऑडिट करने का भी उन्होंने सुझाव दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक गणेश गोदियाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

वनाग्नि को बुझाने में मृतक फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाएगी 15 लाख रूपए की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन मुख्यालय देहरादून में वनाग्नि प्रबंधन एवं सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि वन मुख्यालय पर तत्काल इन्टीग्रेटेड फायर कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर की स्थापना की जाय। वनाग्नि प्रबंधन के लिए यह देश का पहला सेंटर होगा। इस सेंटर के माध्यम से सैटेलाईट से सीधे फायर संबंधित सूचनाओं को एकत्रित कर फील्ड लेबल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी। इसमें फॉरेस्ट टोल फ्री नम्बर 1926 की व्यवस्था के साथ ही अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं की जायेंगी। 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाय। वनों एवं वन्यजीवों की रक्षा करना सबका दायित्व है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पा मद से प्राप्त बाईकों को हरी झण्डी दिखाई एवं स्टेट फायर प्लान प्रति का अनावरण भी किया।

कहा कि वनाग्नि को बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाने वाली धनराशि 2.5 लाख से बढ़कार 15 लाख रूपये की जायेगी। गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी के वनकर्मी हरिमोहन सिंह एवं फॉरेस्टर दिनेश लाल को वनाग्नि बुझाते समय कार्यों के निर्वहन के दौरान अपनी जान गंवानी पड़ी। बैठक शुरू होने से पूर्व इन दोनों कार्मिको के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए एक अपर प्रमुख वन संरक्षक स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाय। राज्य में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए इनके द्वारा मॉनिटरिंग की जायेगी। वनाग्नि प्रबंधन हेतु समय कंट्रोल बर्निंग (पहाड़ के टॉप से नीचे की ओर) तथा फॉरेस्ट फायर लाइंस के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाय। इसमें आ रही बाधाओं का जल्द निराकरण किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ वन सुरक्षा एवं प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके लिए आवासीय फॉरेस्ट लाईन्स का निर्माण किया जाय। उन्होंने प्रमुख सचिव वन एवं प्रमुख वन संरक्षक को निर्देश दिये कि एक सप्ताह में कैंपा परियोजना से सबंधित कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रस्तुतीकरण दिया जाय। टोंगिया ग्रामों का प्रस्ताव भी एक सप्ताह में दिया जाय। वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार के बजाय सोलर फेंसिंग पर अधिक ध्यान दिया जाय। यह कम लागत पर अधिक परिणामकारी है। वनाग्नि को रोकने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं जागरूकता के कार्यक्रम किये जाए। स्थानीय लोगों को भी वनाग्नि को रोकने के लिए भागीदार बनाया जाय। वन पंचायतो को सक्रिय रखा जाय।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों एवं डीएफओ को निर्देश दिये कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाय। आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था के साथ ही एसडीआरएफ मद से भी उपकरण ले सकते हैं। वनाग्नि को रोकने के लिए पिरूल एकत्रीकरण की व्यवस्था की जाए एवं समय-समय पर जिलाधिकारी के स्तर पर बैठकें आयोजित की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि वनाग्नि में जान गंवाने वालों को शीघ्र मानकों के अनुसार मुआवजा मिल जाय। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि फायर सीजन के दौरान वन विभाग के नियंत्रणाधीन वाहनों को अधिग्रहण न किया जाय।

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य से सम्बन्धित विभिन्न विषयों एवं जनपद चमोली के रैणी क्षेत्र में उत्पन्न आपदा की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित किये जा रहे हैं जिसमें सभी संबंधित एजेंसियों एवं विभागों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में आपदा में मृतकों के आश्रितों को प्रधानमंत्री ने दी 2-2 लाख की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई भीषण आपदा के तुरन्त बाद आपदा स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। घटना स्थल से लौटने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में ग्लेशियर फटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्यों के लिए घटना स्थल पर पहुंची। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वे गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन एवं डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली से पूरी जानकारी ली। मुख्य सचिव ओम प्रकाश एवं सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए.मुरूगेशन ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र सचिवालय में मौजूद रहकर लगातार स्थिति पर नजर रखी तथा आवश्यक दिशा निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से रैणी के समीप स्थित ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना को भारी नुकसान के साथ ही तपोवन स्थित एनटीपीसी की विद्युत परियोजना का भी कुछ नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इस आपदा में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 125 लोग लापता है। रैणी क्षेत्र के 5 लोगो की भी इसमें अपनी जान गवानी पडी है। अब तक सात लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मृतको के आश्रितों को तात्कालिक रूप में 4-4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला उदेद्श्य जान माल की सुरक्षा का है। ऋषिगंगा व एनटीपीसी द्वारा उन्हे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में एक बड़ा तथा 4 छोटे पुलों को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित लगभग 11 गांवों को आवश्यक सहायता आदि उपलब्ध कराने के लिये आर्मी हेलीपैड एवं एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही आर्मी एवं राज्य सरकार के हेलीकाप्टरों की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिये डाक्टरो की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रैणी के निकट नीति घाटी को जोडने वाले जिन सड़कों एवं पुलों को हुए नुकसान से जिन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया है उनमें गहर, भंग्यूल, रैणी पल्ली, पैंग, लाता, सुराईथोटा, तोलमा, फगरासु आदि गांव शामिल है, तथा पुलों में रैणी मे जुगजू का झूला पुल, जुवाग्वाड-सतधार झूलापुल, भग्यूल-तपोवन झूलापुल तथा पैंग मुरण्डा पुल बह गया है। रैणी मे शिवजी व जुगजू मे मां भगवती मंदिर भी आपदा मे बह गए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है, खतरे वाली बात नहीं है। विद्युत परियोजना की सुरंग में मलबा अंदर तक जमा है और सुरंग तक पहुंचना अत्यंत कठिन था। मशीन का सुरंग में जाना मुश्किल था, इसलिए आईटीबीपी के जवान रोप के सहारे वहां पहुंचे। सुरंग में 35-40 फीट गाद जमा है। 250 मीटर लंबी इस सुरंग में अपने हौसले के जरिये जवान 150 मीटर तक पहुंच चुके हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एनडीआरएपफ की टीम दिल्ली से आई है और कल और जवान आएंगे। आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स और हमारे डाॅक्टर आपदा स्थल पर तैनात किए गए हैं। ऐरियल सर्वे कर उन्होंने स्वयं स्थिति का जायजा लिया। किसी भी प्रकार की जरूरत पड़ने पर वहां आर्मी, वायुसेना और राज्य के हेलीकाॅप्टर तैनात कर दिए हैं। हमारी मेडिकल टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार है और 90 जवानों को भी वहां पहुंचा दिया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब खबर लगी तो उन्होंने उनसे फोन पर बात कर चिंता व्यक्त की और कहा कि मदद की जरूरत पड़ने पर वे मदद के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मृतक आश्रितो को 02-02 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, सीडीएस जनरल विपिन रावत आदि ने भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आचार्य बालकृष्ण ने सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार हैं और हर स्थिति में सरकार के साथ हैं। शान्तिकुंज एवं विवेकानन्द अस्पताल पीपलकोटी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने इस भीषण आपदा से उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में अफवाह फैलने से बचाने में योगदान देने के लिए मीडिया को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर जरूरत की पूर्ति करने की पूरी व्यवस्था हमारे पास है। हमारे पास रेस्क्यू टीम, मेडिकल, हेलीकाॅप्टर, एक्सपर्ट पर्याप्त मात्रा में है। सरकार का पूरा ध्यान जिनका जीवन बचा सकते हैं, उनकी ओर है। उन्होंने बताया कि रूद्रप्रयाग के करीब पानी स्वच्छ है। उन्होंने कहा कि आपदा की सूचना मिलते ही श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के बांध से पानी खाली कर दिया गया था। साथ ही गंगा व अलकनंदा के किनारे तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र का भी निरीक्षण किया तथा शासन के उच्चाधिकारियों के साथ आपदा से उत्पन्न स्थिति पर विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित क्षेत्र मंे राहत एवं बचाव कार्यो की निरन्तर निगरानी की जाय। उन्होंने कहा कि इसके लिये वांछित धनराशि की अविलम्ब व्यवस्था सुनिश्यित की जाय। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, एस.ए मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, डीआइजी रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आई इस भीषण आपदा में बचाव व राहत कार्यो के सम्बन्ध में आईटीबीपी के कमांडेंट शेंदिल कुमार ने बताया कि आईटीबी के 250 जवान रेस्क्यू स्थल पर पहुंच कर रेस्क्यू आॅपरेशन कर रहे हैं। जिसमें मेडिकल आॅफिसर सहित आठ आॅफिसर भी शामिल है। एनटीपीसी पाॅवर हाऊस के आस पास के ईलाके में कार्य कर रहे हैं। 10 से 15 लोग टनल में कहीं फंसे हैं, अभी अनुमान है कि ये लोग जिंदा है। इनको निकालने के प्रयास किये जा रहे हैं। गौचर में आईटीबीपी की आठवीं बटालियन की दो टीमें जिसमें 90 जवान हैं, घटना स्थल के लिए निकल चुके हैं। इसके अलावा गौचर एवं देहरादून में एक-एक कम्पनी आदेश की प्रतीक्षा कर रही है। उत्तरकाशी में मातली एवं महिडाण्डा में भी एक-एक कम्पनी इस टास्क के लिए तैयार है। इसके अलावा स्पेशलिस्ट माउंटयरिंग एवं स्कीइंग इंस्ट्टीयूट औली की दो टीमे तपोवन एरिया में पहुंच चुकी है।

सेना के कर्नल एस. शंकर ने बताया कि जोशीमठ से सेना के 40 जवानों का एक दल तपोवन पहुंच गया है। एक दल जोशीमठ में है। दो सैन्य दल औली से जोशीमठ के लिए रिलीफ आॅपरेशन के लिए आ चुके हैं। रूद्रप्रयाग में दो सैन्य दल तैयार रखे गये है। एक इंजिनियरिंग टास्क फोर्स जोशीमठ से तपोवन पहुंच गया है। 02 मेडिकल आॅफिसर एवं दो एम्बुलेंस तपोवन पहुंच चुके हैं। आर्मी का हैलीपैड सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए चालू है। कम्यूनिकेशन के लिए सिविल लाईन चालू है। बरेली से दो हैलीकाॅप्टर भी जोशीमठ पहुंच गये हैं।