मुख्यमंत्री ने पलायन आयोग में पांच सदस्य नामित करने की दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग में 5 सदस्यों को नामित करने की स्वीकृति प्रदान की है। नामित सदस्यों में रामप्रकाश पैन्यूली टिहरी गढ़वाल, सुरेश सुयाल रानीखेत अल्मोड़ा, दिनेश रावत घण्डियाल पौडी गढ़वाल, अनिल सिंह शाही अल्मोड़ा एवं रंजना रावत भीरी रूद्रप्रयाग शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग में सदस्यों के नामित किये जाने से आयोग को अपने कार्यो को बेहतर ढ़ंग से संचालन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से पलायन को रोकना हमारे लिये बड़ी चुनौती रही है। इसके लिये व्यापक स्तर पर स्वरोजगार परक विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। बड़ी संख्या में राज्य के युवा इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आये हैं।

हादसे में मृतक बागड़ियों के परिजनों को आर्थिक मदद करने पर मेयर ने जताया सीएम का आभार

सड़क हादसे में मृतक आश्रितों को मेयर अनिता ममगाई ने आज सहायता राशि के चेक सौंपे। मेयर ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

मेयर अनिता ममगाईं ने मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिए बागड़ी परिवारों को मिली साढे तीन लाख रुपये की धनराशि के चेक दिया।

गौरतलब है कि पिछले माह मध्य रात्रि को एक अनियंत्रित ट्रक देहरादून रोड स्थित बालाजी बगीचे के समीप सड़क किनारे रह रहे बागड़ियो को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाई जाने के लिए मेयर अनिता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए मृतक आश्रितों के लिए एक -एक लाख व घायल के लिए 50 हजार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी।
मौके पर इस दौरान पार्षद अनिता रैना, पंकज शर्मा, अनिल ध्यानी, राजपाल ठाकुर, अनिकेत गुप्ता, जॉनी लांबा, नेहा नेगी, महेन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।

अब स्वच्छता की ओर बढ़ेगा तीर्थनगरी का हर कदम

अब तीर्थनगरी की दीवारें स्वच्छता का संदेश देती नजर आएंगी। इसके अलावा राज्य की हर संस्कृति को भी पर्यटकों से रूबरू कराएंगी।

नगर पालिका से अपग्रेड होकर नगर निगम बनने के बाद पिछले दो वर्षों में देवभूमि तेजी के साथ बदलाव के दौर से गुजर रही है। शहर को सजाने संवारने की कवायद में निगम प्रशासन लगातार जुटा हुआ है। मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि नगर निगम का लक्ष्य हर कदम स्वच्छता की ओर है। शहर को संवारने के लिए खूबसूरत पेंटिग की मदद ली जा रही है। इस योजना के तहत शहर के महत्वपूर्ण स्थलों पर पेंटिग बनाई जा रही है। यहां जल्द ही दीवारें आपको बोलती नजर आएंगी। शहर के महत्वपूर्ण स्थानों की दीवारें एक नई कहानी और अपील करती नजर आयेंगी। पेंटिंग में कई विविधताएं होगी जिसमें हर पेंटिंग में उत्तराखंड की संस्कृति के रंग दिखाई देंगे।

त्योहारों के बाद नगर में चला स्वच्छता अभियान

दीपोत्सव पर्व निपटने के पश्चात नगर निगम ने शहर में आज महा सफाई अभियान चलाया। नगर निगम मेयर अनिता ममगाई की अगुवाई में निगम की तमाम स्वच्छता टीमें आज शहर के बाजारों सहित तमाम निगम के क्षेत्रों में उतरी जहां जोरदार तरीके से स्वच्छता अभियान चलाया गया।

अभियान की बागडोर मेयर अनिता ममगाईं व आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने स्वयं संभाली। उनकी इस सफाई अभियान में नगर के व्यापारियों व विभिन्न संगठनों भी शामिल हुए। मेयर अनिता ममगाईं ने बताया कि त्योहारों के बाद सफाई व्यवस्था में पटरी से उतर रही थी जिसे दूर करने के लिए आज तमाम स्वच्छता टीमों को शहर के बाजारों एवं निगम क्षेत्रों में उतारा गया था।

अभियान के दौरान जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर का निस्तारण कराया गया। उन्होंने शहरवासियों से भी तीर्थ नगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाएं बनाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियान में सहयोग की अपील की। अभियान के दौरान सहायक नगर आयुक्त एलम दास, पार्षद रीना शर्मा, अजीत गोल्डी, संदीप गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष व्यापार मंडल सुभाष कोहली, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल नरेश अग्रवाल, जिला महामंत्री पवन शर्मा, युवा व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रतीक कालिया, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष संजय व्यास, हितेंद्र पवार, पंकज शर्मा, नितिन गुप्ता आदि शामिल थे।

कोतवाली पुलिस ने 243 लोगों का मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंस न बनाने पर किया चालान

कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाते हुए मास्क न लगाने वाले व सोशल डिस्टेंस का पालन न करने पर 243 व्यक्तियों का चालान कर 48,600 का राजस्व वसूल किया हैं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर यातायात के नियमों के उल्लंघन, सोशल डिस्टेंस व मास्क आदि न पहनने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध करवाई की गई।

नियमों का पालन कराते हुए कोतवाल रितेश शाह के निर्देश पर पुलिस टीम चंद्रभागा पुल, कोयल ग्रांड मंडी तिराहा, एम्स तिराहा निकट बैराज पुल, चैकी श्यामपुर, नटराज चैक पर तैनात रही।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंस का पालन न करने पर चालान 243 नागरिकों को चालान किया गया है। बताया कि ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार अभियान अभी जारी रहेगा।

पुशअप प्रतियोगिता में विश्व रिकाॅर्ड धारक दीपक शर्मा ने मारी बाजी

तीर्थनगरी के युवाओं में फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए बुल्स फिटनेस क्लब की ओर से पुशअप प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्रों के करीब 40 युवाओं ने प्रतिभाग किया। पुशअप प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकाॅर्ड धारक दीपक शर्मा ने प्राप्त किया, जबकि वासु रावत ने दूसरा स्थान हासिल किया।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान ने युवाओं को फिट रहने के मंत्र दिए। कहा कि नशीले पदार्थों की ओर युवाओं का आकर्षण न बढ़े। इसके लिए समय-समय पर फिटनेस प्रतियोगिताओं को होना आवश्यक है। कहा कि युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता होनी चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक रूप से युवा स्वस्थ्य रहते है। इसी उद्देश्य के तहत पुशअप प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर जिम संचालक रणबीर जेठुरी और उनके पुत्र शुभम जेठुरी, ग्राम प्रधान विजयपाल जेठुरी, कार्यक्रम आयोजक विकास बिष्ट, दीपक पुंडीर, प्रिंस राणा और अमन रावत ने फिटनेस टीशर्ट और माला पहनाकर विजेताओं को सम्मानित किया।

रोजगार देने के नाम पर उत्तराखंड सरकार ने अपने हाथ किए खड़ेः जयेंद्र रमोला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं समूह से मुलाकात की। उन्होंने महिला समूहों को स्वरोजगार कर स्वयं के परिवार की आर्थिकी में मदद करने की बात की।

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कोरोना महामारी ने पूरे देश में अपने पैर पसारे हैं वहीं दूसरी ओर इसके चलते बेरोजगारी का भी आलम आसमान को छू रहा है, परंतु सरकार ने आम जन को खुद के भरोसे छोड़ दिया है और रोजगार देने के लिये अपने हाथ खड़े कर दिये हैं, इसलिये आज हमको खुद रोजगार पैदा करके या छोटे छोटे समूह में छोटे रोजगार को शुरू कर अपनी आर्थिकी को मजबूत करना पड़ेगा। ताकि कोरोना महामारी से बेरोजगार हुए परिवारों को थोड़ी राहत मिल सके।, रमोला ने कहा महिलाओं को समूह बनाकर अपने घरों से ही स्वरोजगार शुरू करना चाहिये। जैसे धूप, अगरबत्ती, मोमबत्ती, जूट के थैले, मधुमक्खी पालन जैसे कई छोटे घरेलू उद्योग से खुद को सक्षम बना सकते हैं और इनको खुलवाने में सक्षम व्यक्तियों व समाजसेवियों को आगे आकर मदद करनी चाहिये।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सदस्य शशी जेठुडी, गब्बर कैन्तुरा, बिक्रम जेठुडी, पूर्व पंचायत सदस्य सुमन देवी, ईशा चैहान, मंजू नेगी, कमला नेगी, सावित्री बलोनी, रीना रावत, सरिता चैहान, सुनीता थपलियाल, बसंती मेहर, प्रतिमा रतूड़ी, आरती ध्यानी, रामप्यारी जेठुडी, रश्मि जेठुडी, सुषमा भट्ट, शुष्मना चैहान, डुग्गी चैहान, सुमन देवी, दिया नेगी आदि उपस्थित रहीं।

उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं का संघर्ष किसी ने नहीं छिपाः स्पीकर

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारी महिलाओं को आज पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

राज्य आंदोलनकारी महिलाओं में उषा रावत, सरोज डिमरी, अरुणा शर्मा, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी आदि का सम्मान करने के पश्चात स्पीकर ने कहा कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्ती के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताता और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जिससे आंदोलनकारियों का सम्मान हुआ है ।

इस अवसर पर खाण्ड गांव के प्रधान शंकर धने, तेज बहादुर यादव, राजवीर रावत, शिव कुमार गौतम, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुंदरी कंडवाल ने किया।

गैरसैंण को राजधानी बनाकर सीएम त्रिवेंद्र ने बातें कम काम ज्यादा… को किया सार्थक

देहरादून। गैरसैंण राज्य निर्माण के शहीदों और आन्दोलनकारियों की भावनाओं का प्रतीक है। पहाड़ की राजधानी पहाड में जैसे नारे अब सार्थक होते जा रहे हैं। जी हां और ये सपना एक राज्य आन्दोलनकारी ही पूरा कर सकता था, जो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। राज्य आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सीएम त्रिवेन्द्र का गैरसैंण को लेकर भावनात्मक लगाव किसी से छुपा नहीं है। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहले ऐसे सीएम हैं जो लगातार गैरसैंण जाकर अपने इस लगाव के साथ काम करते भी दिखाई देते हैं। सीएम त्रिवेन्द्र ने गैरसैंण के विकास की इबारत लिखने में केवल बाते हीं नहीं की बल्कि धरातल पर भी इसे उतराने में पूरी शिद्दत से काम किए हैं।

इसकी पहली झलक मार्च माह में सीएम त्रिवेन्द्र ने विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण मे ही दिखा दी थी। जब किसी को अपेक्षा नहीं थी कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर फैसला इस सत्र में होगा लेकिन दृढनिश्चियी सीएम ने वो फैसला गैरसैंण के हित में और उत्तराखंड के हित में ले लिया जिसकों लेने में बाकी मुख्यमंत्रियों ने कभी हिम्मत तक नहीं दिखाई। हां दिखावा जरूर करते रहे लेकिन त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिखा दिया था की वो केवल बातें नहीं करते बल्कि उसे पूरा करने की हिम्मत भी रखते हैं। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा के दौरान ही सीएम की आखों से बहे आंसूओं ने साफ बता दिया था की मुख्यमंत्री के लिए गैरसैंण सियासी मुद्दा नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा और उनके दिल से जुडा मुद्दा है। उसी दिन लग गया था कि शहीदों के सपनों को पूरा करने में सीएम त्रिवेन्द्र कोई कसर नहीं छोडेंगे।

साफ है गैरसैंण पर फैसला लेते हुए सीएम कभी भी एक सीएम की तरह नहीं बल्कि राज्य के लिए आन्दोलन करने वाले एक आन्दोलनकारी, राज्य आन्दोलन के लिए शहीद होने वालों के परिवार के सदस्य की तरह उनके सपनों को अपना सपना बनाते हुए उसे पूरा करने की सोच के साथ काम करते रहे हैं। इसलिए राज्य के मुद्दों के लिए उनकी टीस और भावनाएं ठीक उसी तरह हैं जैसी एक राज्य आन्दोलनकारी के मन की टीस। यही वजह है कि सीएम ने गैरसैंण में ही घर बनाने का फैसला भी किया है।

घर पर रहकर ही दीपावली मनाने की नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने अपील

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन बच्चों के साथ दीपावली त्योहार मनाया। मौके पर करीब 100 बच्चों को ट्रस्ट की ओर से गिफ्ट पैकेज दिए गए। साथ ही जिन बच्चों के साथ कपड़े नहीं थे, वह भी उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से दीपावली त्योहार पर स्थानीय व्यक्तियों द्वारा निर्मित दीयों को खरीदने और लोकल फोर वोकल में सहयोग करने की अपील भी की गई।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने कहा कि इस वर्ष वैसे ही देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। इसके चलते दीपावली त्योहार को सादगी से घर पर ही रहकर मनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय लोगों की ढाल बनकर उन्हें रोजगार भी देना है, इसके लिए दीपावली में स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित दीयों, गणेश, लक्ष्मी की मूर्तियों को खरीदना होगा। इससे जहां उनकी आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री के आह्वान लोकल फोर वोकल में भी सहयोग हो सकेगा।

इस मौके पर ट्रस्ट के सदस्यों ने परशुराम चैक स्थित शांतिनगर क्षेत्र व आसपास की झुग्गी झोपड़ियों के करीब 100 बच्चों के साथ दीपावली पर्व भी मनाया। ट्रस्ट सदस्यों ने सभी बच्चों को उपहार बांटें। साथ ही अति निर्धन बच्चों में कपड़े भी वितरित किए। ट्रस्ट की ओर से बच्चों को आतिशबाजी से दूर करने की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नुपूर गोयल, सदस्य मनीष अग्रवाल, कमल, गीता, दिवाकर, अमित जायसवाल, पंकज गुप्ता, विपिन, ध्रुप बंसल, आचार्य संतोष आदि उपस्थित रहे।