आमजन के सहयोग से ही गंगा होगी स्वच्छः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिये आम जनता को सहयोग बहुत आवश्यक है। यह बात मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित चंद्रेश्वर घाट में परमार्थ निकेतन के सौजन्य से निर्मित सीवरेज ड्रेन री-मीडिएशन प्रोजेक्ट के उद्धाटन के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमार्थ निकेतन द्वारा सीवरेज के पानी को स्वच्छ बनाने के लिए उपयोग की जा रही हालैंड से आयातित तकनीक कम खर्च पर पानी को स्वच्छ बनाने में सक्षम है। इस तकनीक का उपयोग प्रायोगिक तौर पर चंद्रभागा नदी के माध्यम से गंगा नदी में मिलने वाले सीवरेज को साफ करने में किया जाएगा। यह तकनीक कारगर साबित होने पर इसे गंगा नदी से जुड़े अन्य सीवरों में भी स्थापित किया जाएगा। जिन नदियों को पार करने में बदबू के कारण लोगों को परेशानी होती थी। वर्ष 2020 तक इन्हें इतना स्वच्छ कर दिया जाएगा कि उन स्थानों पर सेल्फी खिंचवा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमुख से समुद्र तट पर 2500 किलोमीटर लंबी विश्व प्रसिद्ध नदी गंगा को स्वच्छ बनाने में आमजन के साथ अन्य संस्थाओं को भी आगे आना होगा। ताकि गंगा नदी को स्वच्छ व साफ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विश्व योग की राजधानी के रूप में स्थापित हुआ है, जो कि हमारे राज्य व देश के लिए गौरव की बात है।

विश्व प्रसिद्धि रखने वाले इस सुंदर शहर को स्वच्छ रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं का सहयोग अपेक्षित है। स्वच्छ गंगा की स्वच्छता व साफ सफाई से जुड़े अधिकारियों के कार्य की निरंतर समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद महाराज ने कहा कि गंगा इस देश की धरोहर है। इस को स्वच्छ रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली निवासी विकास द्वारा एक वीडियों पिछले दिनों वायरल हुयी थी। जिसे हमने संज्ञान में लेकर गंगा पर गिर रहे इस नाले के दूषित पानी को स्वच्छ कर गंगा में मिलाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हम सीवर प्वाइंट को सेल्फी प्वाइंट बनाएंगे और बुधवार को प्रोजेक्ट के उद्धाटन अवसर मुख्यमंत्री ने सेल्फी लेकर इसका शुभारंभ किया।

आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत राज्य में आपदा से निपटने को लेकर सचेत नजर आ रहे हे। इसलिये समय-समय पर जिलों के जिलाधिकारियों से आपदा को लेकर तैयारियों की समीक्षा कर रहे है। मंगलवार को भी सीएम ने समीक्षा बैठक ली। वीडियों कान्फें्रसिंग के माध्यम से उन्होंने आपदा की तैयारियों की समीक्षा ली। उन्होंने कहा कि आपदा के निपटने में धन की कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन संबधी प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के सुझाव जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुये कहा कि प्रशासन को किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना होगा। सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही सुनिश्चित कर लिए जाये। आकस्मिक परिस्थितियों में कम्यूनिकेशन टूटना नहीं चाहिए। रेस्पान्स टाईम सबसे महत्वपूर्ण है। जल्द से जल्द घटना स्थल तक पहुंचना और प्रभावितों को राहत उपलब्ध करवाने की व्यवस्था हो। चिन्हित आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल, कैरोसीन, दवाईयां व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित हो। राशन की क्वालिटी समय-समय पर चौक कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्धसैन्य बलों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाए। सेना से भी आपदा की स्थिति में पूरा सहयोग मिलेगा। इस संबंध में सेना प्रमुख से उनकी बात हुई है। प्रचार माध्यमों से बाहर से आने वाले पर्यटकों को आगाह किया जाए कि वे नदियों के समीप न जाएं। कन्ट्रोल रूम 24 घंटे संचालित हों। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में सभी जिलाधिकारियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं। वर्षा से बाधित होने वाले मार्गों को कम से कम समय में खोला जा सके, इसके लिए जेसीबी, क्रेन व मानव संसाधनों को संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही तैनात किया जा रहा है। जगह-जगह बनाए जाने वाले आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल, कैरोसीन, दवाईयां व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों व कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मॉक ड्रिल भी समस-समय पर आयोजित की जाती है।

निर्धन व्यक्ति का जीवन स्तर ऊंचा उठाना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिर्वेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास की मुख्यधारा से पिछड़े देश व राज्य के सभी निर्धनों को आर्थिक व सामाजिक रूप से जीवन स्तर को ऊंचा उठाना हैं। नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर में आयोजित केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक भारत एक नये भारत के रूप में दिखे, यह देश के प्रधानमंत्री का सपना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले में उज्ज्वला, सौभाग्य, उजाला योजना के अन्तर्गत रजिस्टर्ड होने वाले परिवारों को 15 अगस्त तक पूरी तरह योजनाओं से लाभांवित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनते ही भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दशा में लगातार कदम बढ़ाये जा रहे हैं। जिस कढ़ी में अभी तक कई भ्रष्टाचारी जेल जा चुके हैं तथा कई जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में कार्य करने वाले एक लाख 80 हजार किसानों को दो प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि मार्केट में चीनी सस्ती होने के कारण मिलों से अभी तक चीनी मार्केट में नही पहुॅचने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों के लिए 40 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गयी है। उन्होंने कहा कि गेहुॅ उत्पादन करने वाले किसानों को समय पर लाभ पहुॅचाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गॉव के विकास के लिए पहले एक रूपया दिया जाता था तो भ्रष्टाचार के कारण 50 पैसे भी विकास कार्य में सही से नहीं लग पाते थे तथा सामाजिक उत्थान के कार्यों में भी भ्रष्टाचार फैला हुआ था। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री ने बिचौलियों के रास्तों को बन्द किया तथा सभी कार्य डिजिटल किये जा रहे हैं। योजनाओं का शतप्रतिशत पैसा ग्राम प्रधान के खाते में आता है तथा विभिन्न लाभप्रद योजनाओं का पैसा डीबीटी योजना के अन्तर्गत सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व के कारण विश्व में भारत माता की जय-जयकार होती है तथा भारत ने अपनी शाक्ति का एहसास दुनिया को कराया है।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कमाल कर दिखाया है तथा देश के किसी भी नागरिक के विदेश में फंसे होने पर उसे तत्काल देश में लाने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रत्येक दिन 27 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है जोकि पहले प्रतिदिन मात्र 04 किमी बनता था। गडकरी ने अगले वर्ष से प्रतिदिन 40 किमी राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

उन्होेंने कहा कि वर्तमान समय में भारत पोलियों मुक्त देश बन चुका है तथा वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि टीबी के रोगियों को निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही छह हजार रूपये पोषण हेतु वार्षिक दिये जा रहे हैं ताकि रोगी पुष्टाहार ग्रहण करते हुए जल्दी से स्वस्थ व निरोग हो सके। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत अपना राज्य पहला ऐसा राज्य है जो 20 लाख परिवारों को 15 अगस्त तक योजना से कवर करने वाला है।

कार्यक्रम में 20 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गैस कनेक्शन वितरित किये गये तथा हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले चार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

ऋषिकेश में खुला देश का पहला सैक्स सीमन केंद्र

ऋषिकेश में अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का शिलान्यास शनिवार को हो गया। राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत देश का पहला सैक्स सोर्टेड सीमन उत्पादन प्रयोगशाला का शिलान्यास केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। इस प्रयोगशाला के द्वारा शर्तिया बछिया उत्पादन हो सकेगा। यानी कि बछिया पैदा करने की तकनीक विकसित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन देशी नस्ल के गौ वंश का संरक्षण कर उनकी दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाना है। ऋषिकेश में स्थापित की जा रही सीमन प्रयोगशाला की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2021 तक ऐसी व्यवस्था कर ली जाए जिससे हमारे गौवंश सड़कों पर आवारा न घूमें बल्कि किसानों की आजीविका के साथी बनें। बद्री नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने में कुछ सफलता प्राप्त हुई है। इसे और अधिक बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में लाने के गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पीएमजीएसवाई में राज्य में लक्ष्य से 200 किमी अधिक सड़क का निर्माण किया गया है। पर्वतीय गर्वमेंट ई-मार्केट व बेस्ट फिल्म फ्रेंडली राज्य के रूप में भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के लिए एयरोस्टेट बैलून का सफल परीक्षण किया गया है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जो इस तकनीक का उपयोग करने जा रहा है।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए पिछले चार सालों में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। सरकार के प्रयासों से देश के 700 से अधिक कृषि वैज्ञानिक लैब से निकलकर जमीनी परीक्षण के लिए फील्ड लेवल तक पहुंचाए हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन, गाँव की आर्थिकी की रीढ़ है। हमारा देश पशुपालन में पहले पायदान में होने के बावजूद यहां उत्पादकता में कमी है। हमें वार्षिक वृद्धि दर के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना है।

उत्तराखंड पुलिस ने मांउट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर किया ऐतिहासिक कार्यः त्रिवेन्द्र

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहरण पर गये उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन आठ सदस्यों जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। को पद में पदोन्नति व वेतन वृद्धि की घोषणा की।

जिन आठ सदस्यों ने सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनमें से छह आरक्षी, एक निरीक्षक तथा एक मिनी फायरमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन छह आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति एवं निरीक्षक तथा मिनी फायरमैन को एक-एक वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की। माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए गये दल को पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की। जिन आरक्षियों को पदोन्नति दी जायेगी। उनमें विजेन्द्र प्रसाद काला, मनोज जोशी, सूर्यकान्त उनियाल, विजेन्द्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत शामिल हैं। जबकि निरीक्षक संजय उप्रेती एवं मिनी फायरमैन रवि चौहान को वेतन वृद्धि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस दल ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तराखण्ड पुलिस का दल देश का ऐसा पहला पुलिस दल है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अनुभवी और हिम्मत वाले जवानों की हमेशा आवश्यकता रहेगी। इस तरह के अभियानों में प्रतिभाग कर जवानों का हौंसला बढ़ता है और नये अनुभव प्राप्त होते हैं। इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के साथ ही आपदा के दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। राज्य में आपदा प्रबन्धन के लिए तकनीक के विकास के साथ ही प्रशिक्षित लोगों का होना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस दल को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण पर बधाई देते हुए कहा कि जवानों के दृढ़ निश्चय एवं आत्मविश्वास की वजह से अभियान सफल रहा। उत्तराखण्ड में कार्य करने के लिए अपार सम्भावनाएं हैं, यहां के लोगों में बहुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दल ने टीम स्प्रिट का संदेश दिया है। हमें जनता की सेवा के लिए भी टीम स्प्रिट की भावना से कार्य करना होगा।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी उत्तराखण्ड पुलिस दल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर आरोहण कर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक अभियान के बाद जवानों को जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उससे निश्चित रूप से भविष्य में फायदा होगा।

इतना सस्ता प्लान किसी अन्य नेटवर्क का भी नहीं

पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्डधारकों को बीएसएनएल कम मूल्य पर एक प्लान उपलब्ध करायेगी। इसके लिये पतंजलि बीएसएनएल कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध करायेगी।

इस प्लान पर 144 रुपये के न्यून शुल्क पर सभी नेटवर्क पर असीमित कॉल, प्रतिदिन 2 जीबी डाटा मिलेगा। साथ ही इसमें कोई रोमिंग चार्ज नहीं होगा और 100 एसएमएस प्रतिदिन करने की सुविधा मिलेगी।

प्लान को जारी करने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव ने बीएसएनएल का सिम लांच किया। इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि बीएसएनएल देश की पूर्ण स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी है। कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।

बीएसएनएल मुबई, महाराष्ट्र के डीजीएम गोपाल पाटिल ने कहा कि पतंजलि व बीएसएनएल का संबंध 2010 से है। बीएसएनएल महाराष्ट्र के पीजीएमइबी सुनील कुमार गर्ग ने कहा कि पतंजलि जैसी राष्ट्र-निर्माण के कार्य में संलग्न संस्था से जुड़ना गर्व की बात है। बीएसएनएल उत्तराखंड के मुख्य महाप्रबंधक महक सिंह ने कहा कि पतंजलि ने स्वदेशी अभियान में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने की सीएम से मुलाकात, दिये ये सुझाव

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फिल्म निर्माता व निर्देशक से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा मिलने से राज्य की कई प्रतिभाओं को फिल्मों के क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों की शूटिंग के लिये अब शुल्क नहीं लिया जा रहा है। फिल्मों की शूटिंग सम्बन्धित सभी प्रक्रियाओं हेतु सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इससे आकर्षित होकर कई बड़े बैनर के फिल्मकार राज्य में फिल्मों की शूटिंग हेतु आ रहे है। उन्होंने कहा कि एफटीआईआई से उत्तराखण्ड में फिल्म इंस्टीट्यूट के लिए परमिषन ली जायेगी। इसके लिए उन्होंने सचिव/महानिदेषक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आवष्यक कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसगिृक सौन्दर्य देखकर देष के अधिक से अधिक फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में फिल्मों का निर्माण कर रहे है। इससे उत्तराखण्ड की पहचान देष-विदेष में हो रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों के निर्माण व फिल्मांकन हेतु व्यापक सम्भावनायें है। आवष्यकता है उसको गहराई में देखने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। यहॉ तीर्थ स्थलों के साथ ही साधकों की तपोस्थली भी है। जिसके बारे में इस क्षेत्र के सूदूर अॅचलों में जाने से जानकारी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में फिल्म निर्माण से यहॉं के लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिकी में सुधार होगा।

हिंदू युवक को खून देकर आतिफ ने निभाया मानवता का धर्म

मजहब के नाम पर इंसान और इंसानियत को अलग-थलग करने वालों को दून के आरिफ खान ने सबक सिखाया है। उन्होंने न सिर्फ खून देकर एक हिंदू युवक की जान बचाई; बल्कि मानवता का परिचय दिया हे।

दरअसल, मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय बिजल्वाण (20 वर्ष) की हालत बेहद गंभीर है और आइसीयू में है। लीवर में संक्रमण से ग्रसित अजय की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। चिकित्सकों ने पिता खीमानंद बिजल्वाण से कहा कि अगर ए-पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो जान को खतरा हो सकता है। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला।

इसके बाद खीमानंद के परिचितों ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद मांगी। जब सहस्रधारा रोड (नालापानी चौक) निवासी नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली तो उन्होंने अजय के पिता को फोन किया। कहा कि उनके रोजे चल रहे हैं, अगर चिकित्सकों को कोई दिक्कत नहीं है तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। चिकित्सकों ने कहा कि खून देने से पहले कुछ खाना पड़ेगा, यानी रोजा तोड़ना पड़ेगा।

आरिफ खान ने जरा भी देर नहीं की और अस्पताल पहुंच गए। उनके खून देने के बाद चार लोग और भी पहुंचे। आरिफ खान ने बताया कि श्अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म को ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकता है, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं।

उनका कहना है कि रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का बड़ा महत्व है। मेरा मानना है कि अगर हम भूखे रहकर रोजा रखते हैं और जरूरतमंद की मदद नहीं करते तो अल्लाह कभी खुश नहीं होंगे। मेरे लिए तो यह सौभाग्य की बात है कि मैं किसी के काम आ सका।

राज्य में आने वाले श्रद्धालु अच्छी छवि लेकर जायेंः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड पयर्टन राज्य है। यहां आने वाले श्रद्धालु राज्य की अच्छी छवि लेकर वापस जाये। शहरी क्षेत्रों की जनता की प्राथमिकता स्वच्छता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिये। सभी प्रयासों का परिणाम क्या निकला, इस पर बात होनी चाहिये। जनता को परिणाम से सरोकार होता है।

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिये निर्धारित गतिविधियों में शीर्ष चार-पांच गतिविधियां चिन्हित कर उन पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्मार्ट सिटी के लिये पूर्व निर्धारित क्षेत्रफल में कुछ वृद्धि करने पडे तो उसका भी प्रस्ताव बनायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत तार, पेयजल लाईन, सीवर, टेलीफोन आदि हेतु सड़कों की खुदाई कर दी जाती है। इसको रोकने के लिये सभी मुख्य मार्गों पर परमानेंट डक्ट बनाने पर विचार किया जाय। इस डक्ट में समय-समय पर आवश्यकतानुसार तारें-लाइनें डाली जा सकती हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श करने के निर्देश भी दिये।   
    
 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे चार पहिया वाहनों के स्थानों पर दो पहिया वाहनों के द्वारा भीडभाड वालों इलाकों में जाकर स्वच्छता, ट्रैफ़िक आदि का हाल जाने। मुख्यमंत्री ने मार्च 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु एक लाख 4971 लाभार्थियों को आवास अनुमन्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को घर देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि यदि दिशा में मौजूदा आवास नीति में कोई प्रावधान आड़े आ रहे हो तो नीति में संसोधन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी तथा सभी जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की मीटिंग में इस तथ्य को को उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा निरस्त किये गये आवदनों की रैण्डम जांच जिलाधिकारियों स्वयं करें।

राज्य सरकार ने सृजित किये रोजगार के नये मौके

उत्तराखंड को पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। उन्होंने सैकड़ो रोजगार देने के लिये वीर चंद्र सिंह गंढ़वाली योजना का दायरा बढ़ाकर क्याकिंग, टेरेनबाइकिंग, कैरावेन, एग्लिंग, स्टार गेसिंग, बर्ड वॉचिंग, आदि गतिविधियों को जोड़ा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को कोटी कॉलोनी क्षेत्र में टिहरी झील में तैरती बोट पर बैठक हुई। बैठक में 13 बिंदु रखे गए। लेकिन थराली उपचुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते जोशीमठ क्षेत्र से जुड़े एक बिंदु को स्थगित कर दिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग) पॉलिसी में संशोधन कर पर्यटन से जुड़ी कई गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया। अब कायाकल्प रिजॉर्ट, आयुर्वेद, योग, पंचकर्मा, बंजी जंपिंग, जॉय राइडिंग, सर्फिंग, कैंपिंग, राफ्टिंग जैसे उद्यम एमएसएमई नीति के तहत आएंगे। इस क्षेत्र में आने वाले उद्यमियों को उक्त नीति के तहत तमाम सुविधाएं मिलेंगी।

मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्टियल पॉलिसी के तहत आयुष और वेलनेस को लाया गया है। इससे होटल, रिजॉर्ट, क्याकिंग, सी प्लेन उद्योग, आयुर्वेद, योग जैसी 22 गतिविधियां को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के लिए आने वाले उद्यमों को सरकार की ओर से कई लाभ मिलेंगे।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में 11 नई गतिविधियों के लिए उपकरणों की खरीद के लिए सहायता दी जाएगी। काबीना मंत्री कौशिक ने बताया कि चालू वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन और रोजगार को आपस में जोड़कर राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।