कोविड के दौरान आयुष और होम्योपेथी की ओर लोगों का रूझान बढ़ा हैः त्रिवेंद्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के साथ वन, सेवायोजन एवं कौशल विकास, श्रम तथा आयुष विभाग की समीक्षा की।
वन विभाग- वन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुकिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाय। ऑनलाईन बुकिंग के लिए एप्प विकसित किया जाए। लकड़ी एवं आरबीएम के लिए लोगों को एप्लाई करने के बाद निश्चित समयावधि में अनुमति मिल जाय, इसके लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। लोगों के हक-हकूकों का पूरा ध्यान रखा जाय। इसको सेवा के अधिकार के तहत सम्मिलित किया जाय। व्यावसाईयों के लिए जो रवन्ने जारी हो रहे हैं, उनकी चेक पोस्ट पर नियमित चेकिंग की जाए।
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत ढेला ‘रेस्क्यू सेन्टर’ एवं पाखरो ‘टाइगर सफारी’ की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, गर्जिया टूरिज्म जोन की स्थापना की जा रही है। धनगढ़ी म्यूजियम का उच्चीकरण किया जा रहा है।
आयुष विभाग- आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि आयुष विभाग द्वारा लोगों को योग, प्रणायाम डाइट चार्ट एवं आयुष से संबधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाय। कोविड के दौरान आयुष और होम्योपेथी की ओर लोगों का रूझान बढ़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रयास किये जाय कि अधिकांश जगह पर लोगों को आयुष, होम्योपैथी एवं ऐलोपैथिक सुविधाएं मिल जाये। जिन जनपदों में आयुष विभाग का अपना भवन नहीं हैं, जिलाधिकारियों के माध्यम से लंबे समय से खाली सरकारी भवनों या स्कूलों में व्यवस्था की जाय। चरक डांडा में अन्तरराष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए जल्द डीपीआर बनाई जाय।
आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कोविड के दौरान आयुष विभाग द्वारा 02 लाख से अधिक काढ़ा के रूप में सुरक्षा किट वितरित की गई। आयुष विभाग द्वारा प्री कोविड और पोस्ट कोविड किट तैयार की गई है।
सेवायोजन एवं कौशल विकास- सेवायोजन एवं कौशल विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन 25 आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। उनमें प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था के साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों के प्रतिभा प्रदर्शन एवं प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन एवं मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाय।
श्रम विभाग- श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 में उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन अधिनियम में संशोधन किया गया जिसके अंतर्गत दस से कम कर्मकार नियोजित करने वाले दुकानों एवं स्थापनां को पंजीयन की आवश्यकता नहीं रह गई है। पंजीयन एक बार किया जायेगा। नवीनीकरण की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।

युवा कांग्रेस ने धरना देकर उत्तराखंड सरकार से पूछे कई सवाल

युवा कांग्रेस के विस अध्यक्ष अमरजीत धीमान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए पूछता है उत्तराखंड के तहत एक दिवसीय धरना दिया। धीमान ने कहा कि सरकार रोजगार देने में विफल रही है। ऋषिकेश में व्याप्त संसाधन व भूमि होने के बावजूद यहां रोजगार नहीं दिया जा रहा है, मजबूरन यहां के युवा दूसरे शहर का रूख कर रहे है। साथ ही यहां क्वारंटीन सेंटर की हालत खस्ता है।
युकां प्रदेश अध्यक्ष सुमित भुल्लर ने कहा कि युवा नशे में डूब रहे हैं और रोजगार न होने के चलते आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे है। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र नेगी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता सरकार से पूछती है कि महिलाओं के विकास के लिए उन्होंने क्या किया। बेरोजगारी हटाने के लिए क्या है। पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि किसानों की समस्या कर्ज है, मगर सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। मौके पर एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई विवेक तिवाड़ी, संजय गुप्ता, मनीष शर्मा, राकेश सिंह मियां, देवेंद्र प्रजापति, जगत नेगी, एकांत गोयल, दीपक जाटव, संदीप चमोली, जितेंद्र पाल पाठी, सन्नी प्रजापति, राहुल पांडेय, अभिषेक पारस, कृष्णा राजभर आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रदेशभर में धरना देकर कर रही नौटंकी, अपना इतिहास देखेंः विपिन कैंथोला

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने कहा कि कांग्रेस का आज का प्रदेश भर में किया जा रहा प्रदर्शन महज एक धोखा और छलावा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस देश में सीधेतौर पर 55 साल तक राज किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए 55 सालों में कांग्रेस ने दलितों को केवल वोट बैंक के रूप में देखा और उनका उपयोग किया।
कैंथोला ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में दलितों के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं बनाई। नतीजा यह रहा कि दलित समाज हमेशा पिछड़ता चला गया। उनके उत्थान के लिए जो काम किए जाने चाहिए थे। कांग्रेस ने उनके उत्थान की योजनाएं बनाने के बजाय दलितों की हमेशा उपेक्षा की।
बिपिन कैंथोला ने कहा कि जो पार्टी अपने दल में ही दलितों को उचित स्थान नहीं देती हो। वह आज पूरे प्रदेश में दलितों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से छलावा करती आई और यही वजह है कि कांग्रेस को इस तरह के प्रदर्शनों का नैतिक अधिकार नहीं हैं।

भाजपा के मूल में त्याग, समर्पण और राष्ट्रवादः अजेय


भारतीय जनता पार्टी ऋषिकेश मंडल दो दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, जिला महामंत्री अरुण मित्तल व मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती ने किया।

उद्घाटन सत्र में भारत भारतीय जनता पार्टी का इतिहास विकास पर चर्चा करते हुए संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कहा जनसंघ को प्रथम चुनाव में 3 लोकसभा सीटें मिलीं थी। जनसंघ से यात्रा करते हुए आज भारतीय जनता पार्टी भारत का ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा संगठन है जिसके 18 करोड़ सदस्य हैं और और दूसरी बार लगातार पूर्ण बहुमत की सरकार भारतीय जनता पार्टी ने बनाई है भारतीय जनता पार्टी के मूल में त्याग समर्पण और राष्ट्रवाद है।

द्वितीय सत्र को जिला महामंत्री अरुण कुमार मित्तल तथा तृतीय सत्र को नव निर्वाचित राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने संबोधित किया। मौके पर प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शेखर वर्मा, मंडल महामंत्री हिमांशु संगतानी, मेयर अनिता ममगाईं, सुमित पंवार, राज्यमंत्री करण बोरा, ऋषिकेश मंडल प्रभारी संपूर्ण सिंह रावत, देवेंद्र सकलानी, इंद्र कुमार गोदवानी, शिव कुमार गौतम, सिद्धार्थ डंगवाल, संदीप गुप्ता, राकेश अग्रवाल, राकेश चंद्र, कविता शाह, सरोज डिमरी, हरिशंकर प्रजापति, उषा जोशी, नितिन सक्सेना आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा शिविर में भाग लेकर स्पीकर अग्रवाल ने नहीं रखा पद की गरिमा का ख्यालः जयेंद्र रमोला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने बयान जारी करते हुए कहा कि स्थानीय विधायक ऋषिकेश व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में शिरकत करने पहुँचे हैं और प्रतिभाग कर रहे हैं और पूर्व में इस तरह के कई कार्यक्रमों में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शिरकत की गयी है जो कि संवैधानिक रूप से बहुत ही निन्दनीय है,

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर भाजपा संविधान और अनुशासन की बात करती है वहीं दूसरी ओर उनके बड़े पदों पर बैठे लोग संविधान को तोड़ने का काम करते हैं और उनके कार्यकर्ता अनुशासन को तोड़ते नजर आते हैं और मेरा विधानसभा अध्यक्ष जी से आग्रह है कि अगर आपको संगठन के कार्यक्रमों से इतना प्यार प्रेम है तो वह विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर संगठन में जिम्मेदारी लें और संगठन के लिये कार्य कर उसके कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें उससे संवैधानिक पद की गरिमा को गिरने से बचाने का काम कर सकते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मांग की, कि नये विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाए और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष को इस पद से मुक्ति दी जाएं।

प्रदेश के मुखिया पर कीचड़ उछालने के बहाने विपक्ष को मिला काम

बीते दिनों उत्तराखंड में जिस तरह का माहौल रहा, जिसमें पहले हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका पर स्वतः संज्ञान लेकर न्यायधीश ने राज्य के मुखिया के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दे दिया। इस आदेश पर राजनीतिज्ञों, कानूनी जानकारों सहित केंद्र तक आश्चर्य जताया गया। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश को प्रदेश के मुखिया और प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी। सरकार सुप्रीम कोर्ट को यह समझाने में कामयाब रही कि जब हाईकोर्ट में याचिका करने वाले पत्रकार उमेश शर्मा ने सीबीआई जांच जैसी कोई मांग ही नहीं की थी तो उनके खिलाफ यह आदेश देने का मतलब क्या रह जाता है और इस बात को सुप्रीम कोर्ट ने भी समझा और सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया।

इन दोनों घटनाओं हाईकोर्ट का आदेश देना और सुप्रीम कोर्ट का आदेश आना..। …तक के समयावधि के बीच विपक्ष को मानों सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ बोलने का मुद्दा मिल गया हो। उन्होंने प्रदेश भर में सीएम के खिलाफ मोर्चा खोला और इस्तीफा देने की मांग भी कर डाली। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आपस में साथ घूमना और समय बीताने का भी अवसर मिला। कार्यकर्ताओं में बेवजह का उत्साह नजर आया। जो अल्प ही समय में बिखर गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया।

यह बात तो तय है कि त्रिवेंद्र सिंह के खिलाफ साजिश में विपक्ष का ही हाथ था। मगर, क्या राजनीति इस स्तर पर पहुंच जाएगी, ऐसा किसी ने नहीं सोचा होगा। विपक्ष ने भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के साथ मिलकर राज्य की सरकार को हिलाने की कोशिश की। वह तो त्रिवेंद्र सिंह रावत थे, जो अपने राज्य हित के लिए मजबूत फैसलों और ईमानदारी की छवि रखते है। इसके चलते विपक्ष और माफिया सफल नहीं हो सके। विपक्ष को कुछ वक्त के लिए रोजगार तो मिला।

सरकार ईमानदारी से करती रहेगी काम
बतौर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा है कि हम पहले दिन से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, हम आज भी इसपर कायम हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। हमारी कार्रवाई से भ्रष्टाचारी परेशान हैं इसलिए सरकार को धमकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर हो रही कार्रवाई से ये लोग बौखलाए हुए हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं. लेकिन इन लोगों की यह कोशिश असफल रहेगी और सरकार ईमानदारी से काम करती रहेगी।

ताली एक हाथ से नहीं दोनों हाथों से बजती हैः सतपाल महाराज

देहरादून/पटना। देश में विकास के नये-नये आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। मेरा सपना था पहाड़ में रेल पहुंचाई जाए। उस सपने को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। अब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के लिए रेल लाइन का कार्य बड़ी तेजी के साथ किया जा रहा है। यह बात पटना स्थित दीघा विधानसभा क्षेत्र से एनडीए के प्रत्याशी डा. संजीव चैरसिया के समर्थन में विशाल चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पर्यटन संस्कृति व सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कही।

उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब हम बिहार में आते थे तो सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देते थे पता ही नहीं चलता था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। आज यहां सड़कों पर सरपट गाड़ियां दौड़ रही हैं। विकास प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि हम बड़ी आसानी से कह देते हैं कि हम इतनी नौकरियां देंगे, जबकि नौकरी के लिए पहले पद सृजित करनी पड़ते हैं, बजट लाना पड़ता है, जितनी लाख नौकरियां देंगे, उतने लाख का बजट भी चाहिए। अगर बजट नहीं है तो नौकरियां कहां से मिलेगीं। इसलिए बजट के लिए हमें केंद्र सरकार की तरफ देखना होगा। क्योंकि हम जब ताली बजाते हैं तो ताली दोनों हाथों से बजती है और विकास की ताली भी दोनों हाथों से ही बजेगी।

केंद्रीय मंत्री व पटना सांसद रविशंकर प्रसाद ने सतपाल महाराज का अभिनंदन और स्वागत किया। कहा कि देश में सबसे पहले कोरोना होने वालों में सतपाल महाराज भी परेशान हुए। लेकिन जिस संयम का परिचय उन्होंने दिया, पूरे देश के लिए वह एक उदाहरण है। उन्होंने कहा हमें विश्वास है कि महाराज की प्रेरणा और सभी के सद् प्रयासों से इस बार भी बिहार में एनडीए की ही सरकार बनेगी।

इंदिरा गांधी के बलिदान को कांग्रेस ही नहीं भारत वर्ष याद करेगाः मधु जोशी

स्वर्गीय इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रकांता जोशी और महानगर अध्यक्ष मधु जोशी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मौके पर चंद्रकांता जोशी ने कहा कि उन्हें इंदिरा गांधी के बाल्यकाल ने बहुत प्रभावित किया। बाल्यकाल से इंदिरा गांधी लगातार संघर्षशील रही और अलग-अलग समूह का निर्माण कर कुछ ना कुछ समाज सेवा के कार्य में निरंतर लगी रहती थी। इसका परिणाम यह हुआ कि वह राजनीति के सर्वोच्च शिखर तक भी पहुंच गई।

महानगर अध्यक्ष मधु जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के बलिदान को कांग्रेस ही नहंी, बल्कि संपूर्ण भारत वर्ष भी हमेशा याद रखेगा। इंदिरा गांधी के पद चिन्हों पर चल कर कांग्रेस ने काफी तरक्की की और जनमानस के हृदय में भी स्थान बनाया। कहा कि वर्तमान में उनके जैसे बलिदानी नेताओं और नेत्रीयों का होना बहुत मुश्किल है। मौके पर रेशमा, तारा कश्यप, धनवंतरी , सुमन, विद्यावती देवी, बाला, मंजू, सुधा त्यागी, सविता थपलियाल, पुष्पा शर्मा आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट के निरस्त करने पर तीर्थनगरी में हुई आतिशबाजी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेदाग छवि को धूमिल करने के विपक्ष के षड्यंत्र का दूसरे ही दिन में पर्दाफाश हो गया। लोगों ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए आतिशबाजी व मिष्ठान वितरण कर अपनी खुशी जाहिर की।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के निदेशक आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में त्रिवेणी घाट चैक पर युवा जन एकत्रित हुए। आशुतोष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेदाग छवि व पारदर्शितापूर्ण शासन चलाने की उनकी शैली से विपक्ष व उत्तराखंड के हितों की अनदेखी करने वाले बहुत परेशान हो चुके हैं भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति ने इन लोगों के बुनियाद हिला दी है जिसके चलते यह लोग उनके खिलाफ साजिश करने में लगे हुए हैं और हर बार इनके मंसूबों पर पानी फिर जाता है।

उन्होंने ऐसे साजिश करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अपनी ऐसी निकृष्ट हरकतों से बाज नहीं आए तो उनके विरुद्ध सड़कों पर मोर्चा खोला जाएगा। मौके पर पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, टैक्सी यूनियन के महामंत्री विजेंद्र कंडारी, पूर्व सैनिक व समाजसेवी जनार्दन नवानी, वरिष्ठ भाजपा नेता विपिन शर्मा, शैलेंद्र चैहान, नीतू शर्मा, गजेंद्र सिंह बिष्ट, घाट रोड लघु व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष राहुल पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता चंदन सिंह राणा, युवा मोर्चा के मंडल ऋषिकेश के अध्यक्ष अक्षय खेरवाल, गज्जू सिंह, धर्मपाल सिंह, कुंवर सिंह, विक्रम सिंह, मनीष मौर्य आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने कहा-शहरी निकायों के संसाधनों में वृद्धि के प्रयास करने होंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की उपस्थिति में शहरी विकास आवास आदि से सम्बन्धित विभागों की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने शहरी विकास एवं आवास से सम्बन्धित राज्य एवं केन्द्र पोषित योजनाओं के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन होने से उसका लाभ लाभार्थी को समय पर उपलब्ध होने के साथ ही योजना की लागत में भी अनावश्यक वृद्धि नहीं होती है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, अटल मिशन फॉर रिन्यूनिवेशन (अमृत योजना) के लिये निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक सहायतित सम्पत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटिलाइजेशन किये जाने, नगरों के जी.आई पम्पिंग व अन्य अवस्थापना विकास से सम्बन्धित योजनाओं को भी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को प्रदेश के सभी 91 निकायों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किये जाने के भी निर्देश दिये। इसके लिये वेडिंग कमीटियों के गठन के साथ ही लाभार्थियों का बैंक से ऋण उपलब्ध कराने में तेजी लाये जाने को कहा। इसके लिये उन्होंने जिलाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपे जाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में बस अड्डों एवं पार्किंग निर्माण की योजनाओं में भी तेजी लाने को कहा। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही पर्यटन स्थल नैनीताल व मसूरी आदि में स्मार्ट पार्किंग की दिशा में भी योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। इसके लिये निजी सहभागिता की दिशा में भी पहल करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की जरूरत है। इस पर अधिकारी ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने निकायों के मास्टर प्लान तैयार करने पर भी ध्यान देने को कहा। इसके लिये धनराशि उपलब्ध करायी गई है। मास्टर प्लान एवं लोकल एरिया के डिटेल प्लानिंग से निकायों के विकास एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ऑन लाइन मैप एप्रूविंग सिस्टम को प्रभावी बनाये जाने के साथ ही इस सम्बन्ध में जो पोलिसी तैयार की जानी है उसका ड्राफ्ट आगामी कैबिनेट के समक्ष रखा जाय। उन्होंने विभिन्न प्राधिकरणों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी नीति निर्धारण की बात कही।
इस अवसर पर सचिव आवास शैलेश बगोली ने बताया कि उत्तराखण्ड एकीकृत शहरी विकास परियोजना के लिये एशियन विकास बैंक के माध्यम से 1875 करोड़ का वित्त पोषण किया गया है। प्रथम चरण में 900 करोड़ की डीपीआर एडीबी को प्रेषित की जा चुकी है। हल्द्वानी, रूड़की, कोटद्वार, नैनीताल व रामनगर में पेयजल एवं सीवरेज से सम्बन्धित मास्टर प्लानिंग पूर्ण की जा चुकी है। जबकि देहरादून से सम्बन्घित योजना गतिमान है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 44680 ई.डब्लू.यू.एस. आवास में से 13180 आवास स्वीकृत हो चुके है। आवास नीति के अन्तर्गत प्राधिकरणों को निजी निर्माणकर्ताओं के 20330 आवास निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जबकि आवास विकास परिषद के स्तर पर 30,000 आवास बनाये जाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि अमृत योजना के तहत 593 करोड़ के सापेक्ष 360 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है तथा 151 कार्य संचालित है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 20939 लाभार्थी चिन्हित है जिसमें से 18324 को आईडेंटी कार्ड जारी किये जा चुके है।
देहरादून स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्याधिकारी एवं जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि स्मार्ट सिटी की कुल लागत 1407 करोड़ है जिसके सापेक्ष विभिन्न कार्यों की निविदा आमंत्रित कर कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। इसके अन्तर्गत स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट रोड, पल्टन बाजार पेडस्ट्राइजेशन, वाटर सप्लाई आग्मेंटेशन, परेड ग्राउण्ड रेजुविनेशन, मोर्डन दून लाइब्रेरी, सीवरेज इन एबीडी एरिया आदि योजनाओं पर कार्य गतिमान है।
इस अवसर पर प्रभारी सचिव डॉ. रणजीत सिन्हा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान, अपर सचिव सुरेश जोशी, सचिव एमडीडीए गिरीश गुणवन्त सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।