एनआईटी की आधारशिला के बाद अब यहां नियमित रूप से पठन पाठन का कार्य होगाः राज्यपाल

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने सुमाड़ी, पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), उत्तराखण्ड के स्थायी परिसर का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज एक ऐसे संस्थान का भूमि पूजन व शिलान्यास हुआ है जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अथक प्रयासों से सुमाड़ी में एनआईटी का शिलान्यास संभव हुआ है। देवभूमि उत्तराखण्ड में आईआईटी, आईआईएम व एनआईटी जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय संस्थान हैं। पिछले 10 वर्षों से एनआईटी का स्थाई कैम्पस नहीं होने के कारण यहां के शिक्षकों व छात्रों ने अनेक चुनौतियों का सामना किया। एनआईटी की आधारशिला रखने के बाद अब इसमें नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य होगा। उम्मीद है कि 2022 में भारत की स्वत्रंता के 75 वर्ष पूर्ण होने तक एनआईटी का निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लोगों के मन में संशय था कि एनआईटी श्रीनगर में रहेगा या बाहर जायेगा। मगर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को मानव संसाधन विकास मंत्री की जिम्मेदारी दी, तो सबके मन से यह संशय हट गया था। इसके परिणामस्वरूप ही आज सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर का भूमि पूजन व शिलान्यास किया गया है। एनआईटी में पेयजल की उपलब्धता के लिए 20 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। 05 करोड़ रूपये आकस्मिक निधि से रिलीज कर दिये हैं। एनआईटी के लिए आन्तरिक सड़को के लिए खर्चा भी राज्य सरकार वहन करेगी। एनआईटी के लिए बिजली के लिए अलग से सुविधा दी जायेगी, जिस पर लगभग 30 करोड़ रूपये का खर्चा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यदायी संस्था एनआईटी के निर्माण में तेजी से कार्य करे, राज्य सरकार द्वारा धनराशि देने में कोई विलम्ब नहीं किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर हमारे उत्तराखण्ड का केन्द्र बिन्दु है, तमाम शैक्षणिक संस्थाएं, मेडिकल कॉलेज और आने वाले समय में यहां रेल भी पहुंचने वाली है, आल वेदर रोड़ एवं रेल का काम तेजी से चल रहा है। हमारी कोशिश है कि 2024-25 तक रेल कर्णप्रयाग तक पहुंच जाए। 80 प्रतिशत रेलवे लाईन टनल के अन्दर है, श्रीनगर के पास तथा अनेक स्थानों पर टनल निर्माण का कार्य अत्याधुनिक रोबोटिक मशीनों द्वारा बहुत तेजी से किया जा रहा है। भविष्य में श्रीनगर में रेलवे स्टेशन बनेगा जिससे श्रीनगर का विकास होगा, उद्योगों की स्थापना होगी। यहां कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रों के सामने एक मौका है जिससे हम अपने क्षेत्र का चहुंमुखी विकास कर सकेंगे।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि आज यहां पर एनआईटी का भूमि पूजन व शिलान्यास हो रहा है। एनआईटी से अनेक प्रतिभाशाली छात्र निकल रहे हैं। यहां के छात्र प्रशासनिक, इंजीनियरिंग व अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि यहां हम एनआईटी के साथ केन्द्रीय विद्यालय भी बनायें, ताकि यहां के बच्चे यहीं अध्ययन कर सकें। सुमाड़ी में एनआईटी की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री ने अनेक प्रयास किये। इस भवन निर्माण का कार्य 02 साल के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। परिसर बनने के बाद दुनियाभर से छात्र यहां अध्ययन के लिए आयेंगे।

इस बैंक के संशोधित शुल्क से आप फायदे में रहे कि नुकसान में!

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने एटीएम सेवाओं के साथ-साथ जमा और निकासी के लिए अपने सेवा शुल्क में संशोधन किया है। संशोधित शुल्क 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। ऋणदाता ने इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग लेनदेन पर मासिक सीमा को भी पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। नए बदलावों के प्रभाव में आने के बाद ग्राहक जल्द ही असीमित लेनदेन का आनंद ले सकते हैं, बजाय पिछले महीने में 25,000 रुपये तक के बचत खाते के शेष के साथ ग्राहकों के लिए अधिकतम सीमा 40 की।
एसबीआई ने शहरी केंद्रों के लिए औसत मासिक शेष (एएमबी) को 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। संशोधित नियम के तहत, जो खाताधारक बचत बैंक खाते में एएमबी के रूप में 3,000 रुपये का रखरखाव नहीं करते हैं और 50 प्रतिशत (1,500 रुपये) से कम आते हैं, उनसे 10 रुपये जीएसटी वसूला जाएगा। अगर खाताधारक 75 फीसदी से कम गिरता है, तो 15 रुपये जीएसटी का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) शुल्क माफ कर दिए। एसबीआई ग्राहकों के लिए जबकि एनईएफटी और आरटीजीएस लेनदेन निःशुल्क हैं, बैंक शाखा में फंड ट्रांसफर करने पर शुल्क लगेगा।
बचत खाते में नकद जमा प्रति माह 3 लेनदेन तक मुफ्त होगा। उसके बाद, खाताधारक से प्रत्येक लेनदेन के लिए 50 रुपये से अधिक जीएसटी लिया जाएगा। गैर-घरेलू शाखा में नकदी जमा करने की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये प्रतिदिन है। वहीं, 25,000 रुपये के एएमबी वाले खाताधारक एक महीने में दो मुफ्त नकद निकासी का लाभ उठा सकते हैं। 25,000 से 50,000 रुपये के एएमबी वाले लोगों को प्रति माह 10 मुफ्त नकद निकासी मिलती है। हालांकि, 50,000-1 लाख रुपये के ब्रैकेट में ग्राहकों को 15 मुफ्त नकद निकासी मिलेगी। मुफ्त सीमा से परे लेनदेन के लिए शुल्क 50 रुपये से अधिक जीएसटी है।
जिन ग्राहकों के पास अपने बचत खातों में 25,000 रुपये तक का एएमबी है, उन्हें एसबीआई के एटीएम में पांच मुफ्त लेनदेन का आनंद मिलेगा। इसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। उच्च एएमबी वाले लोगों के लिए कोई टोपी नहीं है। साथ ही, गैर-मेट्रो शहरों के सभी ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम में प्रति माह पांच मुफ्त लेनदेन का लाभ उठा सकते हैं। महानगरों में ग्राहकों के लिए छत गैर-एसबीआई एटीएम में तीन मुफ्त लेनदेन है।
उल्लिखित सीमाओं से परे वित्तीय लेनदेन एसबीआई के एटीएम पर 10 रुपये और गैर-एसबीआई एटीएम पर 20 रुपये का शुल्क लगेगा। गैर-वित्तीय लेनदेन में इस्तेमाल किए गए एटीएम के आधार पर 5-8 रुपये से अधिक जीएसटी लगेगा। इसमें बैलेंस पूछताछ, चेक बुक अनुरोध रखने, करों का भुगतान और धन हस्तांतरण जैसी सेवाएं शामिल हैं। अपर्याप्त संतुलन के कारण अस्वीकृत लेनदेन पर 20 रुपये से अधिक जीएसटी का शुल्क लगेगा। आपको बता दें कि एसबीआई शाखा और एटीएम लेनदेन के बीच एकतरफा अंतर-परिवर्तनीयता की अनुमति देता है। इसका मतलब यह है कि 25,000 रुपये तक के एएमबी वाले ग्राहक को मेट्रो शहरों में अधिकतम 10 मुफ्त डेबिट लेनदेन की अनुमति होगी, बशर्ते वे एसबीआई एटीएम का उपयोग करें और शाखा में दो मुफ्त नकद निकासी लेनदेन का लाभ न लें। इसी तरह, गैर-महानगरों में लोग 12 मुक्त डेबिट लेनदेन का आनंद ले सकते हैं।
आपको पता होना चाहिए कि बैंक द्वारा दिए गए सभी डेबिट कार्ड मुफ्त नहीं हैं। एसबीआई ने गोल्ड डेबिट कार्ड जारी करने के लिए 100 रुपये और जीएसटी को छोड़कर प्लैटिनम कार्ड के लिए 300 रुपये का शुल्क लिया है। इसके अलावा, यदि आपका एटीएम कार्ड या किट गलत पते पर जमा करने के कारण कूरियर द्वारा लौटाया जाता है, तो आपको 100 रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।

वित्त मंत्री के प्रबंधन से बाजार में आई तेजी, राहत मिलने की उम्मीद

सुस्ती की शिकार अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए केन्द्र सरकार ने एक महीने के भीतर पांच बड़े कदम उठाए। सुधार के इन कदमों की शुरुआत बीती 23 अगस्त को हुई थी, जबकि देशी-विदेशी निवेशकों को राहत देते हुए कर उपकर में बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया था। बीती 23 अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी और घरेलू निवेशकों पर उपकर में बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की घोषणा की थी। उसी दिन बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की नई पूंजी देने, रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दरों में कटौती का फायदा ग्राहकों को तुरंत देने जैसी घोषणा की गई थी।
28 अगस्त को वित्त मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था से जुड़ी दूसरी बड़ी घोषणा की थी। सीतारमण ने कोयला खदान और कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दी थी। यही नहीं, गन्ना किसानों और चीनी मिलों को राहत देने के लिए चीनी के निर्यात पर 6,268 करोड़ की सब्सिडी का ऐलान भी किया। डिजिटल मीडिया में भी प्रिंट मीडिया की तरह 26 फीसदी एफडीआई को मंजूरी मिली थी। 30 अगस्त को ही सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को मिला कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। उस समय कहा गया था कि विलय के बाद ये बैंक न सिर्फ आकार में बड़े होंगे बल्कि इनका कुल कारोबार भी बढ़ कर 55.81 लाख रुपए करोड़ का हो जाएगा। बड़े बैंक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी बैंकों से मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
बीते 19 सितंबर को वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंक अभी से अक्टूबर तक 400 जिलों में लोन बांटने के लिए शामियाना बैठक का आयोजन करेंगे। इन बैंठकों में खुदरा ग्राहक के साथ साथ नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) की भी उपस्थिति होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को घरेलू कंपनियों और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए अध्यादेश के जरिए कॉरपोरेट कर घटाने की घोषणा की।

पदोन्नति में आरक्षण पर कर्मचारी संगठन मुखर

जिला पंचायत सभागार में फेडरेशन की अन्य कर्मचारी संघों की प्रांतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में रोस्टर के पुर्ननिर्धारण में एक पक्ष का समर्थन करने पर परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि रोस्टर पुर्ननिर्धारण की समस्त कार्रवाई परिवहन मंत्री आर्य की देखरेख में हुई। अब आर्य का जीओ का विरोध करना गलत है। गुस्साए कर्मियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 17 सितंबर को सभी जिलों में आर्य का पुतला फूंका जाएगा। वहीं रोस्टर के पुर्ननिर्धारण के जीओ में छेड़छाड़ हुई तो बिना पूर्व नोटिस के ही कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी और महामंत्री वीरेंद्र गुसाईं ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है।
पूर्ववर्ती राज्य उप्र की भांति लोकसेवा आयोग की परिधि में आने वाले और आयोग की परिधि के बाहर के पदों की सेवा नियमावली में नियम 5 (क) को तत्काल निरस्त किया जाए। पदोन्नति में रोक लगाकर सभी विभागों में डीपीसी शुरू कराई जाए। वहीं, दूसरे सत्र में फेडरेशन ने जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। इसके बाद तय हुआ कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात की जाएगी। बैठक में पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार और महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट, उत्तराखंड मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के महामंत्री पूर्णानंद नौटियाल, कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष सूर्य शंकर राणाकोटी, राजकीय वाहन चालक संघ के महामंत्री संदीप मौर्या, मिनिस्ट्रीयल बाल विकास विभाग के मोतीराम खंडूरी, उद्यान तकनीकी कर्मचारी संघ के महामंत्री दीपक पुरोहित, सुपरवाइजर यूनियन बाल विकास की प्रांतीय अध्यक्ष अंजू बडोला एवं महामंत्री रेनू लांबा, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अनिल सिंह, वैयक्तिक कर्मचारी संगठन अध्यक्ष मंजू पुंडीर, अखिल भारतीय समानता मंच के डिप्टी सेकेट्री अजीत कुमार, राष्ट्रीय महासचिव विनोद प्रकाश नौटियाल, केंद्रीय सचिव एलपी रतूड़ी, प्रांतीय अध्यक्ष एसएल शर्मा, जेपी कुकरेती, कल्पना बिष्ट, सुभाष देवलियाल आदि मौजूद थे।

13 जिलों से पहुंचे प्रतिनिधि
टिहरी के जिलाध्यक्ष डीपी चमोली, देहरादून जिला संयोजक मुकेश बहुगुणा, नैनीताल जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी, कुमाऊं संयोजक पीसी तिवारी, उत्तरकाशी जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह रावत, अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष धीरेंद्र पाठक, रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ङिांक्वाण, ऊधमसिंह नगर संयोजक मोहन सिंह राठौर, चमोली संयोजक महेश सिंह, सचिवालय के जीतराम पैन्यूली, मंडलीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चैहान, सीएल असवाल, वीके धस्माना आदि मौजूद थे।

जीरों बजट वाली घोषणाएं अविलंब पूरी होंगीः त्रिवेन्द्र

उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक निश्चित समयावधि में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियोजित तरीके से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सीएम घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के क्रियान्वयन के हर स्तर के लिए टाईम फ्रेम तय किया जाए। जीरो बजट वाली घोषणाएं अविलम्ब पूरी हों। जिन मामलों में भूमि संबंधी दिक्कतें आ रही हैं, उनमें स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में तहसील निर्माण में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश में जहां भी हैलीपैड बनाए जा सकते हैं, आवश्यकतानुसार स्थान चिन्हित कर लें। खेल विभाग प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बनाए जाने वाले खेल स्टेडियमों की आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाए। मुनि की रेती में ईको पार्क की डीपीआर जल्द से जल्द तैयार कर ली जाए। सतपुली से दिल्ली बस सेवा को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। कोसी-बेराज क्षेत्र में साहसिक पर्यटन और मुन्स्यारी को पर्यटन डेस्टीनेशन व रांसी को पर्यटन ग्राम के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। यमुनोत्री में रोपवे निर्माण के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाए।

कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड को जैविक राज्य बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। 3900 क्लस्टर चयनित किए जा चुके हैं। मुन्स्यारी को कृषि जैविक हब के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। दारमा व व्यास घाटी में स्थानीय जैविक उत्पादों की खरीद के लिए संग्रहण केंद्र बनाया जाना है।

गृह विभाग ने जानकारी दी कि हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरे आगामी कुम्भ मेले के अंतर्गत लगाए जाएंगे। खेल विभाग ने बताया कि स्टेडियमों व मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए अधिकांश स्थानों पर भूमि चयनित कर ली गई है। गैरसैंण में 200 मीटर टैªक बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य में स्थित कॉलेजों में ई-लाईब्रेरी स्थापित करने के लिए एक समिति बनाई गई थी जिसने कि अपनी रिपोर्ट दे दी है। 10 कॉलेजों में आवश्यक उपकरण दे दिए गए हैं। अन्य के लिए भी कार्यवही की जा रही है। विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न इंटर कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों, प्रयोगशाला आदि के निर्माण के प्रस्ताव नाबार्ड से स्वीकृत हो गए हैं। जीआईसी गैरसैण में प्रेक्षागृह की वित्तीय स्वीकृति हो चुकी है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली अनुदान राशि के लिए 5 करोड़ रूपए का प्राविधान कर दिया गया है।

बिना लाइसेंस ठेली नहीं लगा सकेंगे वेंडर्स

शहर में फेरी नीति लागू करने के लिए गठित कमेटी की बैठक नगर निगम में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में नगरीय फेरी नीति लागू होने के बाद परिवार के एक सदस्य को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। साथ ही इनकी जगह, समय और दूूरी भी निश्चित की जाएगी। इन्हें निगम की ओर से पथ प्रकाश, पानी और शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने फेरी संगठनों के नामित सदस्यों को 20 दिन के भीतर निगम क्षेत्र के वेंडर्स की सूची उपलब्ध कराने को कहा।

सूची में वेंडर्स का नाम, फोटो, मोबाइल और पता भी उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा कि 20 दिनों के बाद किन जगहों पर आपत्ति है, यह समिति के सभी सदस्य निश्चय करेंगे। एनएनए ने बताया कि वेंडर्स को लेकर तीन क्षेत्र चयनित किए जाएंगे। इसमें पहला गैर प्रतिबंधित ठेली क्षेत्र (बिना रोक टोक वेडर्स ठेली लगा सकते है), दूसरा नियंत्रित ठेली क्षेत्र (कुछ ही लोगों को ठेली लगाने की परमिशन दी जाएगी, इसमें दिन, दूरी और समय निश्चित किया जाएगा) और तीसरा ठेली रहित क्षेत्र (इस क्षेत्र में कोई भी ठेली खड़ी नहीं हो पाएगी)। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, डॉ. संतोष पंत, सब इंस्पेक्टर कुलदीप, ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर राजेंद्र, राजू गुप्ता, राहुल पाल, मुसाफिर साहनी, कुसुम गुप्ता, लता देवी आदि उपस्थित रहे।

एक साल के लिए होगा पंजीकरण
एमएनए चतर सिंह चौहान ने बताया कि वेंडर्स के लिए पंजीकरण एक साल के लिए ही मान्य होगा। हर साल पंजीकरण को नवीनीकरण कराना होगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण का शुल्क वेंडर्स की सूची आने के बाद ही तय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो वेंडर्स इस सूची से वंचित रह जाएगा। उसका नाम अगले पांच साल बाद ही जुड़ सकेगा।

बैठक में यह भी तय हुआ
– जिस स्थान का लाइसेंस वेंडर्स को मिलेगा, वह उसी स्थान पर ठेली लगाएगा।
– एक स्थान पर सीमित संख्या से ज्यादा आवेदन आने पर, लॉटरी से चयन किया जाएगा।
– स्थिर, चलायमान और साइकिल से वस्तु विक्रय करने वालों को भी लाइसेंस दिया जाएगा।
– जिसके नाम लाइसेंस उपलब्ध होगा, वही व्यक्ति कार्य करेगा।
– एक व्यक्ति एक से ज्यादा ठेली नहीं लगा सकेगा।
– ठेली और फड़ के आसपास गंदगी करने पर पेनल्टी लगेगी।
– वेंडर्स को कूड़ा उठान की सुविधा, पथ प्रकाश, शौचालय, पानी आदि की सुविधा निगम उपलब्ध कराएगा।
– शर्तों का उल्लंघन करने पर शुरूआती दो चरणों में चालान वसूला जाएगा, तीसरे चरण में लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

त्रिवेन्द्र बोले, वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही राज्य सरकार

त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके आश्रितों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने थाना मुनस्यारी को सर्वश्रेष्ठ थाना घोषित होने पर एसओ मुनस्यारी प्रदीप चौहान को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जो लोग पहले से संविदा में लगे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी। महिला उद्यमियांे को बढ़ावा देने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’’ शुरू की जा रही है। इससे 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। ‘‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी कोर्सेज में 50 प्रतिशत फीस की स्कॉलरशिप दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ‘‘देश को जानो योजना’’ के तहत कक्षा 10 के टॉप 25 रैंकर्स को भारत भ्रमण कराया जाएगा। ये सभी बच्चे उत्तराखण्ड बोर्ड के होंगे। इनका एक भ्रमण हवाई जहाज से भी होगा। इससे बच्चों को भारत के विभिन्न प्रान्तों की संस्कृति, इतिहास, रहन सहन, खान-पान आदि के बारे में जानने का मौका मिलेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसी भी समाज की अनमोल धरोहर होते हैं। उनका अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है। बुजुर्गों की देखभाल हम सभी का परम दायित्व है।

सेना में भर्ती होने का मौका, अवसर को कॅरिअर में बदलें युवा

देश की सेना के अलग-अलग हिस्सों में भर्ती होने का सुनहरा मौका है। अगर आप भी 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएट हैं तो इन भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानिए, अलग-अलग भर्तियों के बारे में।

टेक्निकल भर्ती का मौका
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में टेक्निकल पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। इस भर्ती के लिए आवेदक की आयु 20 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक का बीटेक या बीई पास होना जरूरी है। इसके तहत 189 पदों पर भर्ती होगी। सिविल इंजीनियरिंग के 50, मैकेनिकल के 16, इलेक्ट्रिकल के 24, एयरोनॉटिकल के 12, कंप्यूटर साइंस के 47, इलेक्ट्रॉनिक्स के 25, फाइबर ऑप्टिक्स के 8, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग के तीन और आर्किटेक्चर के चार पदों पर यह भर्ती होगी। इसके लिए 22 अगस्त की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एलएलबी पास के लिए जैग एंट्री
सेना में एलएलबी पास युवाओं के लिए जैग एंट्री स्कीम के तहत आवेदन शुरू हो चुके हैं। इसके लिए आवेदक का एलएलबी पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदक की आयु 01 जनवरी 2020 को 21 से 27 वर्ष होनी चाहिए। इसके तहत पांच पुरुष और तीन महिला की भर्ती होगी। शर्त यह भी है कि आवेदक अविवाहित हो। इन पदों के लिए 14 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

10वीं, 12वीं पास के लिए यहां भर्ती का मौका
आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस अल्मोड़ा की ओर से बनबसा में सात से 13 सितंबर के बीच सेना भर्ती रैली होगी। रैली में अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के युवा हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए छह सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत सोल्जर जनलर ड्यूटी, सोल्जर टेक्निकल, सोल्जर नर्सिंग असिस्टेंट, सोल्जर क्लर्क, सोल्जर ट्रेड्समैन के पदों पर भर्ती की जाएगी।
वहीं, आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस पिथौरागढ़ की ओर से बनबसा में ही 21 से 23 सितंबर के बीच भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में पिथौरागढ़ और चंपावत के युवा हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए पांच सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सोल्जर जनरल ड्यूटी के लिए आयु 17.6 से 21 वर्ष होनी चाहिए। कम से कम 45 परसेंट अंकों के साथ 10वीं पास हो। सोल्जर टेक्निकल के लिए आयु 17.6 वर्ष से 23 वर्ष हो। 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और अंग्रेजी के साथ कम से कम 50 परसेंट अंक हों। सोल्जर नर्सिंग असिस्टेंट के लिए आयु 17.6 वर्ष से 23 वर्ष के बीच हो। 12वीं में फि जिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी के साथ कम से कम 50 परसेंट अंक हों। सोल्जर क्लर्क के लिए आवेदक के 12वीं में कम से कम 60 परसेंट अंक हों। सोल्जर ट्रेड्समैन के लिए कम से कम 33 परसेंट मार्क्स के साथ 10वीं पास होना जरूरी है।

भर्ती रैली की जानकारी यहां देखें: www.joinindianarmy.nic.in

मुख्यमंत्री की पहल पर उत्तराखंड को भी मिलेंगे मोबाइल पेट्रोल पंप

भविष्य में चार धाम यात्रा मार्गों के साथ ही राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को पेट्रोल-डीजल की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। इसके लिए मोबाइल पेट्रोल पंप (पेट्रोल-डीजल डिस्पेंसर) स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात के बात केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल पेट्रोल पंप के लिए नियमावली तैयार हो रही है। इसके बाद यहां भी चारधाम समेत दूरस्थ क्षेत्रों के मार्गों पर ये सुविधा मिलने लगेगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से राज्य में पीएनजी व सीएनजी के विस्तार समेत विभिन्न मसलों पर वार्ता की गई थी। इस दौरान यात्रा मार्गों के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि ऑल वेदर रोड के निर्माण के दौरान तैयार डंपिंग जोन से मिलने वाली 60 हेक्टेयर भूमि पर भी मोबाइल पेट्रोल पंप समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
केंद्रीय मंत्री ने देहरादून और हल्द्वानी में सीएनजी-पीएनजी के बारे में जानकारी ली और कहा कि इसके विस्तार में केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी। केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार महाकुंभ के आयोजन में भी मदद का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने महाकुंभ के दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश व देहरादून में सीएनजी युक्त वाहन चलाने और इसके लिए 20-25 सीएनजी स्टेशन खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि यह ग्रीन कुंभ के आयोजन को बड़ी पहल होगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि हरिद्वार महाकुंभ के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। उन्होंने हरिद्वार में सती घाट को विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने चारधाम में अवस्थापना सुविधाओं के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गंगोत्री व यमुनोत्री में गैस अथोरिटी आफ इंडिया द्वारा नागरिक एवं अवस्थापना सुविधाओं के कार्य किए जाएंगे। केदारनाथ में ओएनजीसी के जरिये विभिन्न कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के लिए दोनों संस्थानों और राज्य के अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय पर बल दिया।

राज्य के 208 लोगों को मुख्यमंत्री ने सौंपे 148.85 मेगावाट की परियोजना के आवंटन पत्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में राज्य के 208 स्थानीय उद्यमियों को 600 करोड़ की 148.85 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के आंवटन पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही 200 करोड़ की 52 मेगावाट की अन्य परियोजनायें भी स्थानीय विकासकर्ताओं को आवंटित की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल है। इस प्रकार वे हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले भी बने हैं, उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से प्रति उद्यमी को औसतन 66.5 लाख की वार्षिक आय होगी, जबकि लगभग 850 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह देखा गया था। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिये इन्वेस्टर्स समिट से पूर्व एक माह में 5 कैबिनेट बैठकें आयोजित कर 5 नीतियों में संशोधन के साथ ही 10 उद्योगों के अनुकूल नीतियाँ बनायी गई, जिसके सार्थक परिणाम आने लगे हैं। इसके तहत अब तक राज्य में लगभग 16,000 करोड़ से अधिक निवेश प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा के विकास से हम राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। अभी राज्य को 1000 करोड़ की बिजली क्रय करनी पड़ रही है। राज्य में पिरूल से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इस दिशा में 21 विकासकर्ताओं को योजनायें आवंटित की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी को भी सुखद बताया है। उनका कहना है कि हमारी शिक्षित महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना राज्य व समाज के हित में है। राज्य की महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं।

आवंटित की गई सौर ऊर्जा परियोजनाओं के सम्बन्ध में सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा नीति को संशोधित कर 05 मेगावॉट क्षमता के सोलर पावर प्लान्ट्स की स्थापना, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में प्रदेश के मूलध्स्थायी निवासियों हेतु ही आरक्षित कर दी गयी थी। साथ ही पारम्परिक एवं नवीकरणीय तरीकों से ऊर्जा उत्पादन को उद्योग की श्रेणी में सम्मिलित करते हुये, इन परियोजनाओं के लिये उत्तराखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की श्रेणी में सम्मिलित करते हुये इन परियोजनाओं के लिये उत्तराखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नीति-2015 में प्रदत्त समस्त सुविधाएं भी अनुमन्य की गयी थी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत आमंत्रित निविदा के सापेक्ष उक्त 208 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है।

इस अवसर पर जिन उद्यमियों को परियोजना आवंटन पत्र वितरित किये गये उनमें सीमा कौशिक पेटवाल, स्वपनिल जोशी, प्रियंका चौहान, पारूल गोयल, नीलम रावत, नीता कुमारी, स्वाति गुप्ता, विक्रम सिंह, महेश चन्द्र काण्डपाल, बसन्त बल्लभ कोठियाल, कैलाश चन्द्र भट्ट, जयराज सिंह परमार, प्रशान्त गंगवार सहित अन्य लोग शामिल रहे।