राज्य के सभी विकासखंडों के टॉपर दो-दो छात्रों को कराया जायेगा भारत दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी विकासखण्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉपर 2-2 छात्रों हेतु भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं, इतिहास, संस्कृति, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे। इसमें इन छात्रों में समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना प्रबल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम चयनित मेधावी छात्रों के जीवन को नई दिशा देने के साथ ही उन्हें अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

भारत भ्रमण कर देश को जानने का मिल रहा छात्रों को मौका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विधानसभा देवप्रयाग के कक्षा 10 की परिषदीय परीक्षा 2023 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं हेतु आयोजित भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण 2023 में शामिल छात्रों के दल को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने भारत भ्रमण पर जाने वाले छात्रों को शुभकामना देते हुए विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी की इस शानदार पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यम एवं निम्न वर्ग के छात्रों को भारत भ्रमण का अवसर प्रदान करने की परम्परा शुरू की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के हर ब्लॉक के टॉपर छात्रों का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं इतिहास, विज्ञान, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे और समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना उनमें प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम शिक्षा का एक अंग है, जो छात्रों के किताबी ज्ञान में वृद्धि करेगा। यह भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। क्योंकि व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से ज्ञान प्रदान करना सीखने को और अधिक रोचक बना देता है। व्यावहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान से बेहतर है, एक शोध लेख के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत छात्र दृश्य शिक्षण सहायता पसंद करते हैं। ये शिक्षार्थी केवल उनके बारे में बात करने के बजाय यह देखना पसंद करते हैं कि चीजों को कैसे किया जाए। वे व्याख्यान देने के बजाय प्रदर्शन देखना पसंद करते हैं, क्योंकि देखना ही विश्वास करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब आप किसी चीज़ को व्यक्तिगत रूप से देखते हैं तो आपका दृष्टिकोण बदल जाता है। मानवता का सही अध्ययन मनुष्यों के अध्ययन से ही हो सकता है, भ्रमण के दौरान संभ्रान्त व्यक्तियों, तरह-तरह के व्यक्तियों से आपका संपर्क होगा, ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का आप भ्रमण करेंगे, यदि आप चौकन्नी निगाह रखकर दिल और दिमाग के खिड़की और दरवाजे सभी खुले रखकर भ्रमण करेंगे तो आपको, व्यक्तियों और घटनाओं का इतना व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो जायेगा जो किसी भी पुस्तक में आपको नहीं मिल सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मस्तिष्क के स्वस्थ विकास के लिए भी भ्रमण अति आवश्यक है। कवीन्द्र टैगोर का कहना है कि मन का स्वास्थ्य चुनी हुई पुस्तकों, चारदीवारी से घिरे निश्चल स्कूल की गतिहीन कक्षाओं में पढ़ाई से नहीं सुधर सकता। भ्रमण से आपका दृष्टिकोण विस्तृत होगा, इससे आपके विचारों और दृष्टिकोण में उदारता आएगी। यह भारत दर्शन छात्रों के लिए एक चमत्कारिक तनाव निवारक के रूप में काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भ्रमण से छात्रों के सर्वश्रेष्ठ व्यवहार का असर उनकेे स्कूल पर भी पड़ेगा। जो उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से अनुशासन और नियंत्रण सिखाएगा। किसी साइट पर जाने से अक्सर नई जानकारी का हस्तांतरण होता है। कभी-कभी, कुछ डेटा जो पाठ्यपुस्तक में शामिल नहीं है, ऐसे छोड़े गए डेटा को आप सीधे भ्रमण स्थल से प्राप्त कर सकते हैं, जो आपको अधिक मूल्यवान बनाएगा। किसी शैक्षणिक अवधारणा को देखने, छूने और उसका जीवंत अनुभव करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति में छात्रों को व्यावहारिक सीखने का अनुभव प्रदान कर शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान किया जा रहा है। शैक्षिक भ्रमण एवं परिभ्रमण को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। आधुनिक उद्योग आज शैक्षणिक संस्थानों को पाठ्यक्रम में भ्रमण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह व्यावहारिक प्रदर्शन छात्रों का सर्वांगीण विकास करेगा जो आज की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी है। और इस भ्रमण का एक लाभ यह भी होगा कि यह आपको विषय पर अधिक ज्ञान के लिए जिज्ञासु और पिपासु बनाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्रों को भविष्य में अपने क्षेत्र में नेतृत्व करने की भावना विकसित करनी होगी। इसके लिये आपको विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढना है। अच्छे और सच्चे मन से यदि कोई कार्य किया जाय तो उसमें सफलता निश्चित है। साधारण से असाधारण की यात्रा करने वाले हमारे महान लोग साधारण परिवेश से ही आगे बढ़े है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इसका उदाहरण है। उनका जीवन हमारे लिये प्रेरणा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसके उदाहरण है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर दुनिया में भारत का सम्मान बढाया। जी-20 के सफल आयोजन ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के जीवन का यह स्वर्णिम काल है। इसका सदुपयोग कर वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि अपनी विधान सभा के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण कराने का उनका प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम 23 से 29 सितम्बर, 2023 तक आयोजित किया गया है। उन्होंने छात्रों के हित में किये जा रहे इस कार्यक्रम को अपना सौभाग्य भी बताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण सहित कई छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री द्वारा देश में विश्वकर्मा योजना शुरू करने पर जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, आराघर, धर्मपुर में आवासित एकल अभिभावक निर्धन और बेसहारा छात्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 73वां जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 73 दिये जलाने के साथ केक भी काटा गया। मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों को उपहार स्वरूप ट्रैक सूट, जूते, मौजे तथा मिष्ठान प्रदान किये तथा छात्रों से बातचीत कर उनके विचार जाने। मुख्यमंत्री ने छात्रों का उत्साहवर्धन कर सभी का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छात्रों द्वारा तैयार किये गये विभिन्न् इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का अवलोकन कर छात्रों की वैज्ञानिक सोच की भी सराहना की। मुख्यमंत्री को अपने मध्य पाकर सभी छात्र उत्साहित नजर आए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके 73वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा देश में शुरू की गई विश्वकर्मा योजना के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे हमारे श्रमिकों एवं कर्मचारियों को समाज के मुख्य धारा से जुड़ने में मदद मिलेगी तथा उनके जीवन में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बच्चों से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री का परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम इसका प्रबल उदाहरण है। हमारे बच्चे देश के भावी कर्णधार है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी अपने जन्मदिन से पूर्व गरीब एवं बेसहारा बच्चों के बीच आये तथा उनके साथ कुछ समय बिताया।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा जीवन में जो भी कार्य करें, पूर्ण मनोयोग के साथ करें। उन्होंने कहा की जीवन में जिस भी क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, उसके लिए अभी से लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में नई आशा, विश्वास के साथ नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आज प्रत्येक भारतवासी आत्मविश्वास से ओतप्रोत है। देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य संस्कृति की शुरूआत हुई है। समरस, समर्थ एवं शक्तिशाली भारत की पहचान देश व दुनिया में हुई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इन वर्षों में एक समृद्ध, शक्तिशाली तथा समरस भारत के साथ ही दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भगवान केदारनाथ के प्रति गहरी श्रद्धा एवं आस्था है। चारधाम के लिए ऑल वेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ ही केदारनाथ का भव्य पुनर्निर्माण अंतिम चरण में है। बद्रीनाथ पुनर्निर्माण योजनाओं पर भी कार्य गतिमान है। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से भी भगवान श्री बद्री विशाल तथा श्री केदारनाथ से यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने एशिया कप में भारत की शानदार जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को भी बधाई दी।
इस अवसर पर महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए गरीब बेसहारा छात्रों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। महानिदेशक तिवारी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास का कान्सेप्ट भी प्रधानमंत्री का दिया हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सबको गुणवत्ता युक्त बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो इसके लिए समाज के गरीब बेसहारा एवं निर्धन छात्रों की शिक्षा व्यवस्था के लिए ये आवासीय छात्रावास बनाये गये है। अबतक प्रदेश में 13 आवासीय छात्रावास बनाये जा चुके है। इनमें छात्रों को शिक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों से प्रशिक्षित किये जाने की व्यवस्था है।
महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि इन छात्रावासों में आवासित छात्रों को घर जैसा वातावरण उपलब्ध हो इसके भी प्रयास किये जाते है। लगभग सभी प्रमुख पर्वों एवं त्यौहारों पर वे स्वयं भी इनके बीच आकर उपहारो के साथ मार्गदर्शन तथा छात्रों का उत्साहवर्धन करने का प्रयास करते है। छात्रों में वैज्ञानिक सोच भी पैदा हो इसके लिए भी उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के समक्ष छात्रों द्वारा प्रदर्शित रोबोट स्मार्ट डस्टबिन रिमोट कार ड्रोन वॉटर कूलर आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रदर्शन इसका प्रमाण है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

सीएम ने किया दो मोबाइल लर्निंग स्कूल बसों का फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज राजपुर रोड, देहरादून से कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत उत्तराखण्ड के सात जनपदों में औषधालयों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर राज्य के जिन सात जनपदों में कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत औषधालयों का उद्घाटन किया गया उनमें पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चम्पावत, बागेश्वर, चमोली, रूद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी शामिल हैं। उन्होंने श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों व आश्रितों को शिक्षा प्रदान करने हेतु दो मोबाइल लर्निंग स्कूल बसों का फ्लैग ऑफ भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रमिकों की पुत्रियों को विवाह उपरांत आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केक काटकर स्कूली बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सात जनपदों में कर्मचारी राज्य बीमा औषधालयों के शुभारंभ होने पर इन जनपदों के वासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, श्रमिकों के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अच्छी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्रमिकों की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए श्रम कानूनों में अनेक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी 13 जनपदों में कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत औषधालय बनाये जा चुके हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, श्रमायुक्त दीप्ति सिंह उपस्थित रहे।

62 राजकीय इंटर कॉलेज में आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त 220 कंप्यूटर स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से पिटकुल द्वारा सीएसआर मद के अन्तर्गत प्रदान की जा रही कम्प्यूटर ऑन व्हील वाहन का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से पिटकुल द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता के प्रसार के लिए चंपावत जनपद के 62 राजकीय इंटर कॉलेज में 110 लाख रुपये की लागत से आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त 220 कंप्यूटर स्थापित किए गये हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा की बेहतरी एवं छात्रों के व्यापक हित में ऐसे प्रयासों की सराहना की।
प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने बताया कि पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने रचनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मोबाइल कंप्यूटर वाहन का निर्माण कराया है जिसमें उच्च गुणवत्ता के 10 आधुनिक कंप्यूटर लगे हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस वाहन के 1 वर्ष के संचालन का व्यय भी पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन प्रदान कर रहा है। मोबाइल कंप्यूटर वाहन के निर्माण से लेकर संचालन का कुल खर्च 45 लाख पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने अपने सीएसआर मद से प्रदान किया है। इस प्रकार कुल एक करोड़ पचपन लाख रूपये सी एस आर मद के अन्तर्गत व्यय किये गये हैं।
इस अवसर पर पिटकुल की अध्यक्षा एवं अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुन्दरम, निदेशक परियोजना नीरज टम्टा, मुख्य अभियंता एच एस ह्यांकी, इला पंत, अधीक्षण अभियंता डी पी सिंह, पंकज चौहान आदि उपस्थित रहे।

मोबाईल लर्निंग स्कूल वैन के जरिए बस्तियों में दी जाएगी क्वालिटी एजुकेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में कार्यरत श्रमिकों को पंजीकृत करते हुए निर्माण श्रमिकों हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुरूप श्रम बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को चिन्हित करते हुए उनके बच्चो/आश्रितों को मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
कामगार श्रमिकों के बच्चों क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने एवं उनके उज्जवल बनाये जाने के सम्बन्ध में मोबाईल लर्निंग स्कूल के माध्यम से शिक्षा प्रदान किये जाने हेतु 2 बसों की व्यवस्था की गई है। निर्माण श्रमिकों के बच्चो/आश्रितों, स्कूल ड्राप आउट बच्चों को निर्माण श्रमिकों के कार्यस्थल/निवास स्थल पर मोबाईल वेन के माध्यम से उक्त संस्थाओं द्वारा बच्चों को हिन्दी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जायेगी तथा अन्य विषयों के साथ-साथ अंग्रेजी विषय का ज्ञान भी बच्चो को प्रदान किया जायेगा साथ ही कम्प्यूटर का ज्ञान भी मोबाईल लर्निंग स्कूल के माध्यम से बच्चो को प्रदान किया जायेगा।
समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत मोबाईल लर्निंग स्कूल के संचालन हेतु गढ़वाल मण्डल के जनपद देहरादून में 1 लाख 38 हज़ार एवं कुमाऊँ मण्डल स्थित हल्द्वानी में 40 हज़ार से अधिक श्रमिक पंजीकृत है। सभी के लिए शिक्षा परिषद् (शिक्षा विभाग) एवं आसरा ट्रस्ट/बटरफ्लाई संस्था के माध्यम से शिक्षा प्रदान किये जाने हेतु मोबाईल लर्निंग स्कूल के संचालन की कार्यवाही बोर्ड स्तर से की जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनायें मॉडल वेल्फयर स्कीम, शिक्षा सहायता, प्रसूति सहायता, मृत्योपरान्त, विवाहोपरान्त, आरपीएल/ईडीपी प्रशिक्षण, जयानन्द भारती कौशल विकास योजना, टूल किट सहायता, साईकिल, सिलाई मशीन, छाता आदि सहायता बोर्ड द्वारा संचालित की जा रही है।
उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में कुल 4 लाख 69 हज़ार श्रमिक पंजीकृत है, जो कि विभिन्न निर्माण स्थल/रेलवे लाईन/प्रोजेक्ट साईटों पर तथा दूरस्त क्षेत्रों में कार्य कर रहें हैं जिस कारण उनके बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहें है।

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने दी बच्चों को पिज्जा पार्टी

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा मनीराम मार्ग स्थित राजकीय जूनियर हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं को देहरादून रोड पिज्ज़ा सेंटर में पिज्जा पार्टी दी गई।
इस अवसर पर क्लब संस्थापक लायन ललित मोहन मिश्रा व अध्यक्ष विकास ग्रोवर ने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा प्रतिवर्ष देहरादून रोड स्थित पिज्ज़ा में सरकारी विद्यालय के बच्चों को पिज्ज़ा पार्टी दी जाती है। इसके पीछे कारण है कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे आमतौर पर किसी बड़े रेस्टोरेंट में आते जाते नहीं है जबकि उनका मन इनमें जाने को बहुत करता है। क्लब, बच्चों का मनोभाव समझते हुए उन्हें इस प्रकार की पार्टी देता रहता है। क्लब का प्रयास बच्चों में कॉन्फिडेंस के लेवल को ऊंचा रखने का है जिससे कि वह किसी भी फील्ड में मजबूती के साथ आगे बढ़ते रहें। इसी कड़ी में क्लब का अगला प्रयास बच्चों को सीखने हेतु कहीं पिकनिक पर भी ले जाने का रहेगा।
इस अवसर पर महेश किंगर, विनोद बिष्ट, विनीत चावला, रजत भोला, जगमीत सिंह, आशु डंग, अंकित कालड़ा, विशाल संगर, कृष्णा कालरा आदि उपस्थित रहें।

नई शिक्षा नीति का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करना है-अग्रवाल

श्री देवसुमन विश्वविद्यालय की ओर से भौतिक विज्ञान में उन्नति, समाजिक कल्याण को बढ़ावा देने तथा सतत विकास और एनईपी के विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
शुक्रवार को विश्वविद्यालय के ऋषिकेश कैंपस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन डॉ अग्रवाल ने कहा कि सुव्यवस्थित, सुसंगठित और क्रमबद्ध ज्ञान को ही विज्ञान कहते हैं। हमारे देश में प्राचीन काल से ही विज्ञान के साथ-साथ भौतिक का महत्व रहा है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारा राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम, एक सकारात्मक अभियान था, न कि केवल एक विदेशी हुकुमत से पीछा छुडाने की साधारण बात। कहा कि इसी अभियान ने आधुनिक विज्ञान को तकनीकी एवं उद्योगों के लिए तैयार करना शुरू किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि कार्य केन्द्रित शिक्षा में भौतिकी शिक्षक का अपना महत्व है। समाज में आधुनिकीकरण की आवश्यकता के लिए और वैज्ञानिक अभिवृद्धि के विकास को भौतिक विज्ञान की महत्वता और भी बढ़ जाती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति का लक्ष्य सतत विकास के लिए 2030 के एजेण्डे के चौथे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करना है। यह देश की पारंपरिक मूल्य प्रणालियों का निर्माण करती है और साथ ही प्रत्येक छात्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षा प्रणाली को अधिक अनुभवात्मक, वैज्ञानिक, रचनात्मक और व्यक्तिगत बनाने हेतु अनेक सुधार प्रस्तुत करती है।
डॉ अग्रवाल ने विश्वास जताते हुए कहा कि इस संगोष्ठि में भौतिक एवं आभासीय माध्यम से जुड़े विषय विशेषज्ञ एवं शोधार्थी संगोष्ठी के विषय पर व्यापक विचार विमर्श करेंगे तथा एक ऐसे निष्कर्ष पर पहुंचेंगे जो कि देश की उन्नति एवं उसे विश्वगुरू बनाये रखने में अनोखे आयाम स्थापित करेगा।
इस अवसर पर श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एनके जोशी, प्राचार्य ऋषिकेश परिसर प्रोफेसर एनएस रावत, पार्षद शिवकुमार गौतम, छात्र संघ महासचिव अमन पांडे, छात्र संघ उपाध्यक्ष केशव पोरवाल, पूर्व छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नितिन सक्सेना, प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, प्रोफेसर गुलशन ढींगरा, प्रोफेसर वाईके शर्मा, प्रोफेसर वीके गुप्ता, प्रोफेसर वीएन गुप्ता, प्रोफेसर आशीष शर्मा, डॉ दयाधर दीक्षित, प्रोफेसर कल्पना पंत, प्रोफेसर समिता बसेरा, प्रोफेसर समिता बडोला, डॉ प्रीति खंडूरी, डॉक्टर सीमा बेनीवाल सहित सैकड़ो की संख्या में प्रोफेसर व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति योजना का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में राज्य के विद्या समीक्षा केन्द्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्य के 141 पी.एम.श्री विद्यालयों एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने राज्य में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति योजना एवं मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में एन.डी.ए एवं आई.एम.ए में चयनित कैडेट को पुरस्कार की धनराशि भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य में केंद्र सरकार सहायतित “विद्या समीक्षा केन्द्र“ एवं “पीएम श्री योजना“ का शुभारंभ किया गया है, यह प्रदेश के लिए हर्ष का विषय है। इसके लिए उन्होंने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द प्रधान का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र विद्यालय, छात्रों एवं अध्यापकों से संबंधित सभी आंकड़ों को रियल टाइम आधार पर संकलित करेगा तथा छात्र आकलन के आधार पर शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए सभी का मार्गदर्शन करेगा। इस केंद्र में आज से अध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं की रियल टाइम ऑनलाइन उपस्थिति प्रारम्भ भी हो गई है। इस केंद्र का उपयोग शीघ्र ही शिक्षा विभाग से सम्बन्धित मानव संसाधन पोर्टल, विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के ऑनलाइन रख-रखाव, ऑनलाइन स्थानान्तरण, ऑनलाइन नियुक्ति, ऑनलाइन मॉनिटरिंग आदि के लिए भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अग्रणी राज्यों में से है, जहां केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर प्रारम्भ की गई योजनाओं को जनहित में सबसे पहले क्रियान्वित किया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का शुभारंभ उत्तराखण्ड ने सबसे पहले किया। पीएमश्री योजना के तहत राज्य में 141 स्कूल इस योजना के अन्तर्गत विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 72 करोड़ की धनराशि स्वीकृत भी की गई है। इस सहयोग के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए अनेक कार्य किये जा रहे है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में बालिकाओं के लिए 40 कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास संचालित हैं, जिनमें सभी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विद्या समीक्षा केन्द्र के गुजरात मॉडल को लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखण्ड है। जिसमें अभी 05 हजार स्कूल जोड़े गये हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-नवम्बर तक प्रदेश के सभी 22 हजार स्कूलों को सभी डाटा के साथ जोड़ने के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। राज्य के कक्षा 01 से 12वीं तक के लगभग 23 लाख 50 हजार विद्यार्थी इस विद्या समीक्षा केन्द्र से जुड़ेंगे। राज्य के 01 लाख 22 हजार से अधिक शिक्षकों का डाटा भी इसमें रहेगा। विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से बच्चों एवं शिक्षकों की प्रतिदिन की उपस्थिति का पता चलेगा। दीक्षा टीवी एवं इन्टरनेट के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था विद्या समीक्षा केन्द्र में रहेगी। राज्य के सभी डायट, को जोड़ने एवं शिक्षकों की कैपिसिटी बढ़ाने की व्यवस्था इसमें बनाई जा रही है। स्कूली शिक्षा की सभी जानकारी विद्या समीक्षा केन्द्र में रहेगी।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 दार्शनिक तत्व है। 21वीं सदी की भारत की नई पीढ़ी ज्ञान के आधार पर विश्व का नेतृत्व करने वाली है। राज्य में मॉडल स्कूल के रूप में प्रारंभिक चरण में पी.एम.श्री के तहत 141 स्कूलों का चयन किया गया है। उच्च शिक्षा में राज्य में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि जी 20 के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ग्लोबल मॉडल के रूप में स्वीकृति करा दी। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल भारत के 30 करोड़ विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, विश्व के विकसित देशों के विद्यार्थियों के लिए नया बैंचमार्क बना रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार के लिए केन्द्र सरकार की ओर से राज्य को पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड उन्हें अपने गृह राज्य की तरह ही प्रिय है।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ करने वाला गुजरात के बाद देश का दूसरा राज्य है। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला देश का पहला राज्य उत्तराखण्ड बना। राज्य में शुरू की गई उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति योजना में विभिन्न संकायों में स्नातक स्तर पर छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष महाविद्यालय स्तर/विश्वविद्यालय परिसर स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 03 हजार रुपये, 02 हजार रुपये एवं 1500 प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जायेगी। स्नातक अंतिम वर्ष के उपरान्त प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने पर एकमुश्त पुरस्कार राशि के रूप में क्रमशः 35 हजार रुपये, 25 हजार रुपये एवं 18 हजार रुपये दिये जायेंगे।

विभिन्न संकायों में विषयवार स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं प्रतिवर्ष महाविद्यालय स्तर / विश्वविद्यालय परिसर स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने पर क्रमशः 05 हजार रुपये, 03 हजार रुपये एवं 02 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जायेगी। परा स्नातक अंतिम वर्ष के उपरान्त प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने पर एकमुश्त पुरस्कार राशि के रूप में क्रमशः 60 हजार रुपये, 35 हजार रुपये तथा 25 हजार रुपये की धनराशि दी जायेगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध / अन्वेषण एवं नवाचार के वातावरण का सृजन करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों और मूल्यों के अनुरूप उत्कृष्ट शिक्षा और शोध के केन्द्र के रूप में संस्थाओं को विकसित करते हुए शिक्षकों एवं छात्रों को शोध एवं नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, भारत सरकार के अपर शिक्षा सचिव विपिन कुमार, उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली, विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम और शिक्षा मंत्री ने 129 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ननूरखेड़ा, देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के द्वितीय चरण में कुल 129 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में 880 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में एक मंच व प्लेटफार्म बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित शिक्षकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों पर भविष्य के कर्णधारों को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। सभी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ऊर्जा एवं नवाचार के साथ कार्य करें। जन सेवा करने का जो मौका मिला है, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर दिया है। नये भारत के निर्माण में हमारे युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी। हमारे नौनिहालों के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त, समृद्ध एवं शक्तिशाली भारत के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में भारत ने अनेक देशों को कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई। भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला। देश के अनेक हिस्सों में जी-20 की बैठकें आयोजित की गई। उत्तराखण्ड में जी-20 की तीन बैठकें आयोजित की गई। इन बैठकों से उत्तराखण्ड को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। दिसम्बर में राज्य में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार के पूरे अवसर मिले, इसके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद से अभी तक साढ़े पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतियोगी परिक्षाओं में भाग ले चुके हैं। सभी परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होने से कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी होगी। उन्होंने सभी चयनित शिक्षकों से कहा कि शुरूआती सालों में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा जरूर करें। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापकों का अभी मंडल केडर है, इसे स्टेट कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। स्कूलों में जो गेस्ट फैकल्टी कार्य कर रहे हैं, उनकी जायज मांगे पूरी की जायेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बैकलॉग के लगभग शत प्रतिशत पद भरे गये हैं, माध्यमिक शिक्षा में भी 80 प्रतिशत बैकलॉग के पद भरे गये हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।