शिक्षण संस्थानों को मार्च 2023 तक कराना होगा नैक मूल्यांकन

सूबे के समस्त महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन अनिवार्य रूप से कराना होगा, इसके लिये सभी राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मार्च 2023 तक का समय दिया गया है। नैक एक्रिडिएशन न कराने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये महाविद्यालयों को कम से कम 180 दिन कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालयों में ग्रीन कैम्पस, तम्बाकू मुक्त कैम्पस बनाने हेतु समितियों का गठन करने तथा एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर रेंजर की इकाईयां स्थापित की जायेंगी। छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ ही उनके ब्लड ग्रुप की भी जांच महाविद्यालय स्तर पर की जायेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में विभागीय बैठक में राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने सभी अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों को अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान मार्च 2023 तक नैक मूल्यांकन सुनिश्चित करायें। नैक मूल्यांकन न कराने वाले अशासकीय महाविद्यालयों की जहां मान्यता खत्म कर दी जायेगी वहीं राजकीय महाविद्यालयों के प्राचायों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। डॉ रावत ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के सहयोग से माह दिसम्बर में विभिन्न जनपदों में पांच सेमीनार आयोजित किये जायेंगे जहां पर नैक मूल्यांकन के लिये आवश्यक सुविधाओं एवं संरचनाओं की जानकारी दी जायेगी ताकि नैक मूल्यांकन में महाविद्यालयों को सहूलियत हो सके। डॉ0 रावत ने उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार के लिये सभी शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से 180 दिन कक्षाओं का संचालन करने, निश्चित समय सीमा के भीतर परीक्षाओं का आयोजन व परिणाम जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। बैठक में विभागीय मंत्री ने राजकीय एवं अशासकीय महाविद्ययालों के प्राचार्यों को एंटी ड्रग्स सेल का गठन करने के साथ ही तम्बाकू मुक्त परिसर एवं ग्रीन कैम्पस बनाने को कहा, साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों में एनएसएस, एनसीसी एवं रोवर्स रेंजर की इकाईयां स्थापित करने व शिक्षकों एवं कार्मिकों के साथ ही छात्र-छात्राओं की भी बायोमैट्रिक उपस्थिति लिये जाने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान से जुड़ कर एक-एक टीबी मरीज गोद लेने, छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने, प्रत्येक छात्र-छात्राओं के ब्लड ग्रुप की पहचान करने व स्वैच्छिक रक्तदान के लिये पंजीकरण कराने को भी कहा। बैठक में निर्णय लिया कि सभी राजकीय महाविद्यालयों में 4-जी कनेक्टीविटी के लिये संबंधित प्राचार्य किसी भी नेटवर्क कंपनी से उपलब्धता के आधार पर कनेक्शन ले सकते हैं। जिसका भुगतान मासिक या वर्षिक आधार पर छात्र निधि से प्राप्त धनराशि से किया जा सकता है। विभागीय मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक गांव को गोद लेकर साक्षरता, स्वच्छता एवं सामाजिक जन जागरूकता अभियान चलायेंगे जबकि मैदानी क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक राजकीय विद्यालय व बालवाटिका को गोद लेकर सहयोग करेंगे। डॉ0 रावत ने कहा कि सूबे के महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अंतर महाविद्यालय संस्कृतिक, खेल, सामान्य ज्ञान व भाषण प्रतियोगिता सहित अंतर विश्वविद्यालय कुलगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव प्रशांत आर्य, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो प्रवीन जोशी, संयुक्त निदेशक प्रो एएस उनियाल के साथ ही सभी 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे जबकि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

हर जनपद में आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिथि शिक्षकों के 2300 पद शीघ्र भरे जाएं। हर जनपद में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना तथा विद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी के 3 हजार रिक्त पद भरने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों अविलंब मरम्मत की जाए। राज्य के सभी सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं को आने वाले शैक्षणिक सत्र में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाए। कक्षा 1 से 8 वीं तक पहले से ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार के लिए आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी भी समय-समय पर स्कूलों की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। इसके लिए रोस्टर बनाया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नियमित स्कूलों में जाकर पठ्न-पाठन एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जो पूर्ण हो चुकी है, उन्हें शीघ्र नियुक्ति दी जाए। अध्यापकों के मेडिकल एवं अध्यापिकाओं के मेडिकल, मैटरनिटी लीव एवं चाइल्ड केयर लीव के दौरान कक्षाएं बाधित न हो, इसके लिए स्कूलों में पढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के जो पद रिक्त हैं, उनके जल्द ही आयोग को अधियाचन भेजे जाए। बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षकों का मेडिकल रिम्बर्समेंट एवं सेवानिवृत्त होने के बाद जीपीएफ भुगतान समय पर हो जाए। मुख्यमंत्री ने कहा की बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त 950 पद शीघ्र भरे जाएं। शिक्षा व्यवस्था की गतिविधियां एवं ट्रांसफर की व्यवस्था ऑनलाइन की जाय।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यालयों की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) स्कोर से संबंधित यूडाइस पोर्टल में सभी डाटा अपडेट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवक्ता एवं वरिष्ठ प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं, इन्हें जल्द भरना होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं, कि वे नियमित स्कूलों का निरीक्षण करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, रविनाथ रमन, एस.एन. पाण्डेय, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

एनडीएस का 25वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया

निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल (एनडीएस) ऋषिकेश का 25वां वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए और मंत्री डा. अग्रवाल ने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया।
सोमवार को विद्यालय परिसर पर आयोजित वार्षिकोत्सव की शुरूआत स्वागत गीत के साथ हुई, जिसे विद्यालय की छात्राओं द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मान में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान गंगा पर लघु नाटिका का मंचन किया गया। साथ ही प्लास्टिक हटाने, गंगा को स्वच्छ, निर्मल बनाने की अपील की।
इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि महंत राम सिंह और संत जोध सिंह ने 1997 में एनडीएस स्कूल की स्थापना समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी, जिसे आज भी विद्यालय भलीभांति निभा रहा है। डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएम विद्यालय शिक्षा के हर मानक पर खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि एनडीएस शिक्षा के क्षेत्र के अलावा छात्रों के भीतर के बौद्धिक, खेलकूद, आध्यात्मिक, रचनात्मक, कलात्मक रूचि को भी निखारता है। डा. अग्रवाल ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनडीएस से शिक्षा लेकर बच्चे देश ही नहीं विदेशी सरजमीं पर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएस में छात्रों को दया, करूणा, ममता की सीख के अलावा पयार्वरण संरक्षण को बनाये रखने तक की शिक्षा दी जाती है, जो कि सराहनीय है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएस की गौरांगी चावला ने 2019 में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा रैंक हासिल कर विद्यालय की कामयाबी का एक नया पंख जोड़ा था। इसके लिए डा. अग्रवाल ने विद्यालय के शिक्षकों को बधाई दी।
इस मौके पर महंत राम सिंह दास महाराज, संत जोध सिंह, डॉ रणवीर सिंह, कर्नल सुरेश कुमार, गुरविंदर सिंह, दर्शन सिंह, डॉ एसएन सोंधी, प्यारा सिंह, के के जुनेजा, मदन मोहन शर्मा, डीपी रतूड़ी, प्रधानाध्यपिका लतिका कृष्णा स्वामी, रवीना शर्मा, नीरजा त्रिवेदी, मुकुल तायल, सुमित पैन्यूली, सुनील यादव आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को दी नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श बैठक एवं चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने बाल संरक्षण एवं बाल विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि निराश्रितों एवं बेसहारा बच्चों को सहायता एवं सहयोग हेतु अपनी व्यस्तता के बावजूद समय निकालना वास्तव में मानवता की बड़ी सेवा है। अपने सिवा दूसरों की चिंता करने वालों पर ईश्वर की भी कृपा रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को प्रेरणा के साथ दिशा देने का भी कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने समाज हित में कार्यों में संलग्न अनाम लोगों को भी समाज पहचान दिलाये जाने की जरूरत बतायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अपने माता पिता व अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के लिये राज्य सरकार द्वारा वात्सल्य योजना की घोषणा इसी स्थान से की थी। तब हमने प्रार्थना की थी कि यह योजना लम्बी न चले, प्रदेश में कोई बच्चा अनाथ न हो। वह समय बहुत ही दुःखदायी रहा है। मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना से आच्छादित बच्चों से भी भेंट की। बच्चों ने मुख्यमंत्री को मामा कह कर सम्बोधित किया।मुख्यमंत्री ने बच्चों का आह्वान किया कि वे जीवन में हर समय उत्साह व उमंग में रहें। शिक्षा व संस्कार देने वाले शिक्षक का सम्मान करें, जो काम करें पूरे मनोयोग से करें। हर क्षेत्र में सदैव आगे रहने का प्रयास करें। नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के अंदर लोकहित के कार्यों को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। कोरोना की दो दो वैक्सीन एक साल के अंदर तैयार कर देशवासियों को ही नहीं विश्व के कई देशों को उपलब्ध करायी। इस वैक्सीन ने हमें जीवनदान दिया है। पोलियो का टीका बनाने में देश में 15 साल लगे। पिछले आठ वर्षों के कालखण्ड में समर्थ, समरस एवं शक्तिशाली भारत का निर्माण प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश तेजी से विकास की राह पर चल रहा है। हमारी इकोनामी 5 वें नम्बर पर है। 2047 तक भारत नम्बर वन इकोनॉमी वाला देश बनने की राह पर अग्रसर है। आज दुनिया के देश भारत की ओर देख रहे हैं। यूक्रेन युद्ध इसका उदाहरण है। इस युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों के साथ कई अन्य देशों के छात्र भी भारतीय तिरंगे के साथ वहां से सुरक्षित निकले हैं। आजादी व अमृत काल में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वालों के रूप में जाना जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा। हम जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं हमें अधिक मेहनत व इमानदारी से कार्य करना होगा। क्षमता से अधिक कार्य करने में हमें अपना रिकार्ड खुद तोड़ने होंगे। अथक परिश्रम के बल पर ही हम अपने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सफल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से गोरखपुर से आये बच्चों के दल ने भी भेंट की।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा गीता खन्ना, विधायक फकीर राम टम्टा, महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, आयोग के सदस्य विजय कपरवाण, डी.आई.जी. पी रेणुका देवी, से.नि. जस्टिस वी.के माहेश्वरी सहित आयोग के पूर्व व वर्तमान सचिव व सदस्यगण, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

20 करोड़ से अधिक लागत में बनेगा अगस्त्यमुनि के कोठगी में नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 20 करोड़ 44 लाख 16 हजार की लागत से विकास खंड अगस्त्यमुनि के कोठगी में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री ने बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारे नौनिहाल जीवन में जिस भी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उस दिशा में पूरे मनोयोग से काम करें, परिश्रम करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज के बनने से क्षेत्र के बच्चों को नर्सिंग की पढ़ाई में लाभ मिलेगा एवं उन्हें अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नर्सिंग कॉलेज को निर्धारित समयावधि के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम का पुननिर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ यात्रा को और सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने रोपवे परियोजना की सौगात दी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस वर्ष चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुगमता से संचालित करना एक बड़ी चुनौती थी, किंतु जिला प्रशासन एवं सभी जन प्रतिनिधियों के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। आने वाले वर्षों में और अधिक संख्या में श्रद्धालु केदार धाम में आएंगे। श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है। 7 हजार पदों पर जल्द ही लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा, तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 1 लाख से अधिक महिलाओं को ’लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में भी एक हजार नए बगीचे तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड अगस्त्यमुनि के धारकोट में मिनी स्टेडियम बनाए जाने के लिए एकमुश्त धनराशि दी जायेगी।
स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जनपद को एक बड़ी सौगात मिली है जिससे कि क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि जनपद को पहली सौगात 1200 करोड़ की लागत से केदारनाथ रोपवे बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं होगी, तथा 3 हजार नई नर्सों की वर्षवार भर्ती की जाएगी। 800 से अधिक एएनएम की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि 1500 एलटी तथा 1500 लेक्चर की तथा 1 हजार बेसिक अध्यापकों की भर्ती की जाएगी।
विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने जनपद वासियों को नर्सिंग कॉलेज की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि नर्सिंग कॉलेज बनने से पैरामेडिकल की पढ़ाई करने के लिए पहाड़ के युवाओं को अन्यत्र दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इस अवसर पर विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला पंचायत सदस्य सविता भंडारी, भारतभूषण भट्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक सुश्री विशाखा अशोक भदाणे आदि उपस्थित रहे।

पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर हिंदी के अध्यापकों का सम्मान

महान शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर हिंदी विषय के अध्यापकों को क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शॉल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि जर्मनी यात्रा के दौरान अपनी मातृभाषा में बात करने का सौभाग्य मिला।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भारतीय संस्कृति के संरक्षक रहे। उन्होंने चरित्र निर्माण को सर्वाेपरि स्थान देते हुए भारतीय युवाओं को अपनी सनातन संस्कृति के साथ-साथ आधुनिकतम ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा से समृद्ध करने के उद्देश्य से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना मालवीय ने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध ही विशद संघर्ष नहीं किया अपितु भारतीय जनमानस को विदेशियों की मानसिक दासता से मुक्त करने के लिए वैचारिक आंदोलनों का भी संचालन किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंडित मालवीय ने भारत के अधिकाधिक जनों की हिंदी भाषा के महत्त्व को समझाया और उसकी सुरक्षा, प्रचार-प्रसार में प्राणपण से जुट गए। उन्होंने अपने लेखों द्वारा हिंदी के लिए जन-जागृति उत्पन्न की। मालवीय को यह अटल विश्वास था कि सिर्फ हिंदी में ही राष्ट्रभाषा बनने की क्षमता है। वे हिंदी और संस्कृत भाषा के प्रबल पक्षधर थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना हिंदी सुरक्षा के ऐसे शक्तिशाली स्तंभ बनकर उभरे जिसने अपनी विद्वता से मां हिंदी के ललाट को सुसज्जित किया। उन्होंने ऐसी कई संस्थाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण योगदान किया। जो हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं उन्नति के लिए दृढ़ संकल्पित है।
इस मौके पर राइका प्रतीतनगर धूम सिंह खंडेलवाल, सत्येश्वरी देवी इंटर कॉलेज रायवाला प्रमोद बडोला, राइका गढ़ी सुधा रानी, नीता गोस्वामी, राइका खदरी सुधीर दुबे, राइका छिद्दरवाला चंडी रावत, दून घाटी इंटर कॉलेज गुमानीवाला वी एस बिष्ट, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज सुशीला बडथ्वाल, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज ललित किशोर शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास नागेंद्र पोखरियाल, राइका आईडीपीएल श्याम सुंदर रयाल को सम्मानित किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री जयंत शर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष शंभू पासवान, देवेंद्र नेगी, राकेश चंद्र, विनोद जुगलान, पार्षद विरेंद्र रमोला, प्रदीप कोहली, संजीव पाल, सोबन सिंह कैंतुरा, देवदत्त शर्मा, बलविंदर सिंह, संजीव सिलस्वाल, मानवेन्द्र कंडारी, आशुतोष शर्मा, रूपेश गुप्ता, सिमरन गाबा आदि उपस्थित रहे।

प्रश्न पत्रों को डबल लॉक और सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाए-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित की जाने वाली चयन परीक्षाओं को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ कराए जाने के सम्बन्ध में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक आयोजित हुयी।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित परीक्षाओं में से दिसम्बर माह में पुलिस आरक्षी, आईआरबी एवं अग्निशामक की परीक्षा सम्पन्न होनी है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस परीक्षा एवं आगे होने वाली अन्य परीक्षाओं को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शिता से कराने हेतु फुल प्रूफ प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को प्रश्न प़त्रों को रखने हेतु डबल लॉक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि परीक्षा केन्द्रों के लिए भी वीडियोग्राफी हेतु सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों में किसी भी प्रकार की कलाई में पहनने वाली घड़ी (स्मार्ट वॉच सहित), मोबाईल फोन एवं गैजेट्स को पूर्णतः प्रतिबन्धित रखा जाए। समय देखने हेतु परीक्षा केन्द्रों में घड़ी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों मोबाईल एवं घड़ी रखने हेतु उचित व्यवस्था रखी जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा का आयोजन जनपद स्तर पर समग्र तौर पर जिलाधिकारी की देखरेख में सम्पादित किया जाए। आयोग के सहयोग के लिए प्रत्येक जनपद में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए। उन्होंने आयोग द्वारा भी भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केन्द्रों में अलाउड और नॉट अलाउड की पूरी लिस्ट का प्रचार-प्रसार किए जाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा परीक्षाओं में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों हेतु ऑनलाईन ट्रेनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने परीक्षा केंद्रों के चयन के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले समय में लगातार परीक्षाएं होनी हैं और आगे भी होती रहेंगी। उन्होंने कहा कि दिसम्बर माह में होने वाली परीक्षा में स्नो फॉल और मार्ग अवरूद्ध होने के कारण कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित न रहे इसके लिए परीक्षा केन्द्रों के चयन में विशेष ध्यान दिया जाए। ऐसे परीक्षा केन्द्रों का चयन किया जाए जिनमें पर्याप्त वांछित व्यवस्थाएं परिपूर्ण हों। परीक्षार्थी समय से परीक्षा देने पहुंच सकें इसके लिए पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन की भी उचित व्यवस्था हो। उन्होंने परीक्षा के समय में परिवर्तन कर परीक्षा का समय 10 बजे से 12 बजे को बढ़ाकर प्रातः 11 बजे से 1 बजे किए जाने के निर्देश दिए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों को कोई समस्या न हो।
मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को कोचिंग सेंटर्स की गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उनके साथ बैठक कर जानकारी दी जाए कि नकल आदि की गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने परीक्षाओं के शुचितापूर्ण एवं पारदर्शिता पूर्ण संचालन के लिए सभी जिलाधिकारियों से भी सुझाव भी मांगे।
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसी भी प्रकार का लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा। अधिकारियों कर्मचारियों के लिए ऑनलाईन ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं सचिव शैलेश बगोली सहित अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी को किया उत्तराखण्ड गौरव से सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी ईकोलॉली, पर्यावरण, वन संपदा हमारी सबसे बड़ी सम्पति है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी है। हमें लोगों को विशेषकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण के लिए जागरूक करना होगा। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके द्वारा किये जाने वाले प्रयासों का भी सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में गौरा देवी, सुन्दरलाल बहुगुणा, जैसे महान पर्यावरणविद् हुए है। जो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। पद्म भूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी पर्यावरण के प्रहरी तो हैं ही साथ ही हमारे लिए विशेष गौरव की बात है कि वह समय समय पर हमारा मार्गदर्शन भी करते रहे हैं कि किस तरह हम प्रगति और प्रकृति के बीच सामंजस्य बैठाते हुए विकास की परिभाषा गढ़ें जो सिर्फ उत्तराखंड या हिमालयी राज्यों के लिए ही नहीं बल्कि विश्व के अन्य देशों के लिए भी एक मिसाल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी के नेतृत्व में 7 राज्यों से गुजरी 40 दिवसीय प्रगति से प्रकृति पथ यात्रा पूरे उत्तराखंड के लिए भी एक उपलब्धि है जिसके माध्यम से उन्होंने यात्रा मार्ग में अपने संवाद से हजारों लोगों के मन में पर्यावरण के प्रति चेतना जगाई और हमारे प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस यात्रा के दौरान हुए अविस्मरणीय अनुभव निश्चित रूप से उत्तराखंड के विकास में उत्प्रेरक का काम करेंगे और इकोनॉमी तथा इकोलॉजी में संतुलन बनाते हुए विकास के नए आयाम गढ़ने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव सर्वविदित है। उन्होंने उत्तराखण्ड को स्वर्ग की संज्ञा दी है। प्रधानमंत्री जी ने माणा में अपने संबोधन में सभी लोगों से अपनी यात्रा व्यय का 5 प्रतिशत धनराशि वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही है इससे स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन में लाभ मिलेगा तथा हमारी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी मातृशक्ति का भी सम्मान और आर्थिकी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड देश के श्रेष्ठ राज्यों में अपनी पहचान बनाये इस दिशा में हमें मिल जुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास की दिशा निर्धारण के लिए बोधिसत्व विचार श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 7 से ज्यादा विचार श्रृंखलाएं आयोजित की जा चुकी हैं जिसमें पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी के साथ ही नीति आयोग एवं विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के विचार राज्य के समग्र विकास का मॉडल तैयार करने में निश्चित रूप से सहायक होंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, फिल्म अभिनेत्री दिया मिर्जा, सचिव विनोद सुमन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।

एमपी के बाद अब उत्तराखंड में भी मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होगी

उत्तराखंड के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पढ़ाई अंग्रेजी के साथ ही हिंदी माध्यम में भी होगी। मध्य प्रदेश के बाद ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का दूसरा राज्य होगा। इसके लिए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पौड़ी जिले के श्रीनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। यह समिति मध्य प्रदेश सरकार के चिकित्सा महाविद्यालयों में लागू एमबीबीएस के हिंदी पाठ्यक्रम का अध्ययन कर उत्तराखंड के कॉलेजों के लिए नये पाठ्यक्रम का मसौदा तैयार करेगी।
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने बताया कि समिति द्वारा मसौदा तैयार करने के उपरांत सभी औपचारिकताएं पूरी कर अगले सत्र से प्रदेश के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा राष्ट्रभाषा हिंदी को दिए जा रहे विशेष महत्व के मद्देनजर यह निर्णय किया गया है।

मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में करने की उठ रही थी मांग
रावत ने कहा कि वैसे भी प्रदेश के अधिकतर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हिंदी माध्यम से ही कराई जाती है। अक्सर देखने में आया है कि हिंदी माध्यम में अपनी स्कूली शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम से होने वाली मेडिकल की पढ़ाई में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे छात्र समय-समय पर चिकित्सा पाठ्यक्रम को हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध कराने की मांग सरकार से करते रहे हैं।

छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ ली

श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ ने गंगा उत्सव मनाया। छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ के साथ ही गंगा आरती की।
शुक्रवार को त्रिवेणीघाट पर श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पार्षद चेतन चौहान ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेरा संकल्प के अंतर्गत गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने क्षेत्र के गंगा तटों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी भी प्रकार से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने विचार रखे। इस दौरान छात्राओं द्वारा महागंगा आरती, दीपोत्सव, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। छात्रों ने गंगा आरती कर 251 दीपों की श्रृंखला त्रिवेणी घाट पर बनाई।
इस दौरान हिमांशु कुमार, अमित रतूड़ी, अमित चौहान, तुषार, सुधांशु, तन्मय, रितेश, सलोनी बिष्ट, रितिका, सृष्टि आर्य, प्रीति, मनीषा, माधुरी, शालू, सलोनी, अंबालिका, प्रियंका, अक्षिता, दीक्षा, अभिलाषा, रिया, वर्षा, प्राची, अंकिता, मितिक्षा, सुहानी, साक्षी, ज्योति, खुशी, वैष्णवी, दीक्षा सिंह, किरन, कशिश, शालिनी, मानसी आदि उपस्थित रहे प्