शहरी विकास मंत्री अग्रवाल ने किया वात्सल्य डे-केयर का लोकार्पण

देहरादून में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया। क्रेंच बिल्डिंग का लोकार्पण वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, मेयर दून सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी सोनिका द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
शनिवार को ईसी रोड स्थित वीरांगना तीलू रौतेली कामकाजी महिला छात्रावास परिसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल में वास्ते डे केयर का अवलोकन भी किया। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत समूचे भारत के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का कार्य प्रगति पर है। जिसके अंतर्गत राज्य में देहरादून शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का तृतीय चरण में चयन हुआ है। डा. अग्रवाल ने बताया कि 27 परियोजनाएं प्रस्तावित थीं। जिसमें छह परियोजनाओं को पूर्व में ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, अन्य परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) का निर्माण तीलू रौतेली कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में किया गया है। बताया कि यह कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों (जिनकी उम्र एक से चार वर्ष है) की डे केयर के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। इसकी लागत 1.03 करोड़ रूपये है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि क्रेंच बिल्डिंग बनाने का उद्देश्य सरकारी ओर गैर सरकारी विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं में कार्यरत महिलाओं के छोटे बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डे केयर उपलब्ध कराना है। बताया कि इसमें 30 छोटे बच्चों के डे केयर की सुविधा आराम से की जा सकेगी।
डा. अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में नर्सरी, शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष, एक्टिविटी एवं खेलकूद कक्ष आदि की सुविधाएं हैं। बताया कि इसमें बाल विकास विभाग के विशेषज्ञों की देख रेख में कामकाजी महिलाओं के बच्चों का पालन-पोषण किया जाएगा। इससे कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों की चिंता से मुक्त होकर कामकाज में पूरी तरह से ध्यान दे पाएंगी।

वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में मिलेंगी यह सुविधाएं
वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में दस तरह की सुविधांए बच्चों को दी जाएंगी।
1. 01 वर्ष तक के बच्चों के लिए पालने/नर्सरी की सुविधा।
2. 01 वर्ष से ऊपर 03 वर्ष के बच्चों के लिए बंक बेड।
3. बच्चों के पढ़़ने के लिए अध्ययन कक्ष।
4. बच्चों के भौतिक एवं मानसिक विकास के लिए बिल्डिंग की दीवारों पर बच्चों के अनुरूप कलाकृतियां।
5. बच्चों के खेलने के लिए खिलौने व झूले।
6. संतुलित आहार के लिए किचन की सुविधा।
7. बच्चों के खेलकूद के लिए एक्टिविटी एरिया।
8. शौचालय, पानी और बिजली की उचित व्यवस्था।
9. वातानुकूलित एवं रोशनीयुक्त वातावरण।
10. सभी सुविधाएं बाल विकास विभाग के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए जाएंगे।

इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता विनय गोयल सहित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

गायन प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के गोपाल प्रथम रहे

संगम कला ग्रुप द्वारा 40वां सुरतरंग म्यूजिक टेलेंट हंट कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के महंत परशुराम हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रुप के प्रांतीय संयोजक डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी गायन कला प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
गायन प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान भरत मंदिर इंटर कॉलेज के गोपाल, द्वितीय स्थान शुभम, तृतीय राहुल तथा सांत्वना पुरस्कार संयोगिता व सम्पूर्ण ने प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में प्रथम व द्वितीय स्थान पर भरत मंदिर इंटर कॉलेज के राजन खतियान व ऋषभ, तृतीय स्थान पर आईडीपीएल इंटर कॉलेज की कुमारी पूनम व कुसुम कुमारी संयुक्त रूप में रहीं। सांत्वना पुरस्कार आईडीपीएल इंटर कॉलेज की सपना तथा भावना ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, समाजसेवी गजेंद्र सिंह कंडियाल व उषा भंडारी ने विजय प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। इस अवसर पर विमला रावत, उषा अमोला, ज्योति शर्मा, नीलम मनोरी, शिवप्रसाद बहुगुणा, एफ.रहमान आदि उपस्थित थे।

पुलिस के औचक निरीक्षण से खुली सुरक्षा मानकों की पोल, कार्रवाई

गुरुवार को पुलिस के द्वारा स्कूल बसों एवं पेट्रोल पंप की सुरक्षा मानकों को चेक करते हुए चलाया गया चेकिंग अभियान। अनियमितताएं पाए जाने पर 5 बस चालकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई।
जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को स्कूली छात्रों/आम जनमानस की सुरक्षा की दृष्टिगत स्कूल बसों एवं पेट्रोल पंप के सुरक्षा मानकों, प्रपत्रों, सत्यापन आदि को चेक करते हुए अभियान चलाने के लिए कहा गया है। आदेश के अनुपालन में अन्य आलाधिकारी व निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुरुवार को स्कूली छात्रों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्कूली बसों के सुरक्षा मानकों को चौक करते हुए एक चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत स्कूली बसों के सुरक्षा मानकों सीसीटीवी कैमरे, स्कूल बस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन संबंधित अन्य प्रपत्र को चेक किया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा स्कूल बस में जाली ना लगा होने, महिला क्लीनर ना होने, वाहन चालक केबिन न होने, सीसीटीवी कैमरा सही रूप से कार्य न करने संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर 5 बस चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए ₹2500 संयोजन शुल्क वसूला गया।
पुलिस के मुताबिक ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत समस्त पेट्रोल पंप चेक किए गए। इस दौरान पेट्रोल पंप पर सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी कैमरे एवं पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मियों के सत्यापन का जायजा लिया गया। किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

निम के पर्वतारोहियों में अब तक 14 लोगों को किया गया रेस्क्यू

उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी डांडा-2 में हुए एवलांच हादसे में बुधवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अब तक कुल 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें छह घायलों को मातली हेलीपैड से जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि सभी को सामान्य चोटें आई हैं। आठ लोगों को हर्षिल से मातली हेलीपैड लाया गया है। आपदा प्रबधन अधिकारी ने बताया कि सभी आठ लोग स्वस्थ हैं, जिनको निम भेजा जा गया।
बता दें, उत्तरकाशी जिले में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के एडवांस प्रशिक्षण कोर्स के दौरान द्रौपदी का डांडा-2 (डोकरानी बामक ग्लेशियर क्षेत्र) में दुखद घटना घटी है। द्रौपदी डांडा में मंगलवार को सुबह 41 प्रशिक्षणार्थियों का दल हिमस्खलन (ंअंसंदबीम) की चपेट में आ गया। हादसे में 25 लोग अभी लापता बताये जा रहे है जबकि अन्य का रेस्क्यू का कार्य जारी है। द्रौपदी डांडा पर्वत चोटी उत्तरकाशी के भटवाड़ी ब्लॉक में भुक्की गांव के ऊपर स्थित है। उत्तरकाशी जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक राज्य सरकार ने दल के रेस्क्यू के लिए वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर द्रौपदी डांडा में रेस्क्यू अभियान चलाए हुए हैं। इस घटना में एवरेस्ट विजेता सविता और भुक्की गांव की नौमी की भी मौत हो गयी है।

इन पर्वतारोही की हुई मौत
उत्तरकाशी के लोंथरु गांव की निवासी पर्वतारोही सविता कंसवाल और नौमी रावत की निम हादसे में मौत हो गई है। सविता ने इसी साल मई माह में 15 दिन के अंदर एवरेस्ट और माउंट मकालू पर्वत सफल आरोहण कर नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मंगलवार सुबह द्रौपदी का डांडा चोटी में निम के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में गए प्रशिक्षकों में शामिल पर्वतारोही सविता की एवलांस में दबने से मौत हो गई।

द्रोपदी डांडा-2 की पहाड़ियों में 26 पर्वतारोही लापता, 4 के शव बरामद, 4 सकुशल बचाये

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के 34 प्रशिक्षु और सात पर्वतारोहण प्रशिक्षक डोकरानी बामक ग्लेश्यिर में द्रोपदी डांडा-2 पहाड़ी पर बीते 22 सितंबर को बेसिक/एडवांस कोर्स के प्रशिक्षण के लिए गए थे। इसी दौरान वहां से लौटते समय वे एवलांच की चपेट में आ गए है। निम प्रशासन के अनुसार, रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। समाचार दिए जाने तक 4 प्रशिक्षुओं के शव बरामद हुए हैं और 4 प्रशिक्षुओं को सकुशल बरामद किया गया है, जबकि 26 प्रशिक्षु अभी भी लपता है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से अभी रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। मौसम ठीक होने पर दोबारा रेस्क्यू शुरू किया जाएगा। वहीं, चीता हेलिकाप्टर के द्वारा घटनास्थल के लिए उड़ान भरी गई लेकिन मौसम खराब होने के कारण पायलट को वापस लौटना पड़ा।
डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एयरफोर्स से शासन ने संपर्क किया है। तीन हेलीकॉप्टर पूरे क्षेत्र की रेकी करेंगे। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सहस्त्रधारा हेलीपैड से एसडीआरएफ की पांच टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई है। तीन टीमों को रिजर्व में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को भी रवाना किया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि क्रेवांस में फंसे लोगों को निकालने के लिए निम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। घटना स्थल पर निम के पास दो सेटेलाइट फोन मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान के लिए निम के अधिकारियों के साथ निरन्तर समन्वय किया जा रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में बात की। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद मांगी गई है। इस घटनाक्रम को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली है।

शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को लगाई जमकर फटकार

कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग में लम्बित प्रकरणों को समय पर पूरा न किये जाने को लेकर विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विद्या समीक्षा केन्द्र की धीमी प्रगति, बीआरसी-सीआरसी की तैनाती, स्कूल ड्रेस, जूते, बैग एवं पुस्तक वितरण में देरी, ब्लॉक से लेकर निदेषालय स्तर पर लम्बे समय से रिक्त पदों की डीपीसी ने किये जाने सहित कई प्रकरणों पर विभागीय अधिकारियों का जबाव तलब किया। विभागीय मंत्री ने नितांत अस्थाई व्यवस्था के तहत 6 विषयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाने हेतु अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज शिक्षा महानिदेशालय ननूरखेड़ा में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। डॉ0 रावत ने विभाग में लम्बित प्रकरणों को समय पर पूरा न किये जाने पर विभागीय अधिकारियों से जबाव तलब कर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली में तेजी लाने व लम्बित प्रकरणों को शीघ्र पूरा करने के निर्देष विभागीय अधिकारियों को दिये। विद्या समीक्षा केन्द्र की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुये डॉ0 रावत ने कहा कि विद्या समीक्षा केन्द्र का निर्माणकार्य छह महीने के भीतर पूरा कर लिया जाय। उन्होंने कहा कि समीक्षा केन्द्र के निर्माण कार्यों में कतई भी लापरवाही बर्दाष्त नहीं की जायेगी। विभागीय मंत्री ने ब्लॉक, जिला एवं निदेषालय स्तर पर लम्बे समय से रिक्त पड़े प्रषासनिक संवर्ग के पदों पर डीपीसी करने तथा बीआरसी व सीआरसी की शीघ्र तैनाती करने के निर्देष भी अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने निःषुल्क स्कूल ड्रेस, जूते एवं बैग के लिये छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से शीघ्र धनराषि भेजने को भी कहा। डॉ0 रावत ने आगामी कैबिनेट बैठक में नितांत अस्थाई व्यवस्था के तहत दैनिक वेतनमान के आधार पर 6 विषयों में षिक्षकों के रिक्त पद भरे जाने हेतु प्रस्ताव लाने के निर्देष विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत स्थानीय स्तर पर षिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि विज्ञान जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सकेगी।

बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर के कुंवर, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्व्याल, संयुक्त निदेशक बी एस नेगी सहित शासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

सुबोध उनियाल ने विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी

सरकारी संस्थानों में उच्च तकनीकी शिक्षा के इच्छुक छात्र-छात्राओं को अब दूर-दराज क्षेत्रों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। नरेंद्रनगर स्थित पॉलिटेक्निक में छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक तीनों की सुविधाएं मुहैया होगी।
नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही, इस दौरान उन्होंने यहां विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी प्रदान की। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पुराने और नए एडमिशन हेतु आए छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से यहां की शिक्षण व्यवस्थाओं के बारे में जाना। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने यहां बने कक्षों का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने संस्थान के प्राचार्य आलोक कुमार को यहां कक्षों की स्थिति सुधारने एवं कमियों को दूर करने हेतु निर्देशित किया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आज के दौर में युवा वर्ग आईटी सेक्टर की ओर अधिक भाग रहा है, इस हेतु युवाओं को दूरदराज बाहरी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ती है। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में एनीमेशन, रूलर इन्वायरमेंट और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। जल्द ही यहां छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक की सुविधा मिलेगी, जिससे छात्र-छात्राओं को कोर्स हेतु दूरदराज बाहरी क्षेत्रों में नहीं जाना होगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक के विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की। जिस पर संस्थान के प्राचार्य ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया।

सेवा पखवाड़ा के तहत निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित, मुख्य सेवक सदन में सेवा पखवाड़ा 2022 के तहत ‘स्वच्छता गौरव सम्मान’ कार्यक्रम में स्वच्छता दूतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों एवं स्वच्छता पर आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के ’स्वच्छता दूतों’ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी संकल्पशक्ति और प्रयासों ने राज्य में स्वच्छता का एक नया अध्याय लिखा है। यह प्रत्येक उत्तराखंडवासी के लिए गर्व का विषय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में हमारे शहरी क्षेत्र के चार निकायों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा 1 अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत भी उत्तराखंड राज्य ने छह विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने इसके लिए सभी स्वच्छता दूतों, शहरी विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी हैं। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि अपनी गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छता का एक ऐसा महा-अभियान चलाया जा रहा है जिसकी सफलता की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। जब सरकार के प्रयासों में जन-भागीदारी जुड़ती है, तो उन प्रयासों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। स्वच्छता को लेकर समाज में बड़ी जागरूकता ही वो मूलमंत्र है जिसने स्वच्छता अभियान की सफलता सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही पर्यटन प्रदेश भी है। ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं हैं। वैश्विक पर्यटन के नक़्शे पर आज उत्तराखंड ने एक नया स्थान अर्जित किया है। स्वच्छता और पर्यटन का आपस में गहरा रिश्ता है और जहां स्वच्छता होती है वहां पर्यटन में भी वृद्धि निश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत एक ऐसे वर्ग के उत्थान का भगीरथ कार्य किया है, जिस पर आजादी के बाद से कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। आज हमारे अनेकों रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला चलाने वाले, स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना का लाभ उठा कर न केवल अपने जीवन को सबल बना रहे हैं बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को भी उज्ज्वल कर रहे हैं। राज्य में पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचा कर उनका सशक्तिकरण करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है।
शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी ग्राम प्रधानों ने भी अपने क्षेत्र में स्वच्छता से संबंधित उत्कृष्ट कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर संपूर्ण देश को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत सेवा पखवाड़ा के रूप में विभिन्न जगहों पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पर्यावरण मित्रों ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए हैं। साथ ही उनके द्वारा कोरोना काल में किए गए समाज सेवा, एवं मानवता कार्य भुला पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना काल में पी०एम० स्वनिधि के माध्यम से कई परिवारों के भरण पोषण का कार्य किया।
कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज जिस तेजी से शहरों में जनसंख्या बढ़ रही है उसके अनुसार स्वच्छता को बनाये रखना एक अहम चुनौती है, फिर भी हमारे स्वच्छता दूत रात दिन एक कर शहरों को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे रहे है। आज स्वच्छता दूतों व पी.एम.स्वनिधि के लाभार्थियों के बच्चों को पुरस्कार वितरण किया जा रहा है, यह इनके मनोबल बढ़ाने में कारगर साबित होगा।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक दुर्गेश लाल, सचिव शहरी विकास दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव ईवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक पंचायतीराज बंशीधर तिवारी, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कार्यालय में अधिकारियों के साथ परीक्षा कैलेंडर को लेकर बैठक ली और शासन द्वारा हाल ही में आयोग को प्रेषित समूह ग की 23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी कर दिया गया है। इस प्रकार संलग्न लिस्ट में उल्लेखित 16 परिक्षाओ की प्रस्तावित विज्ञापन तिथि और परीक्षा तिथि निर्धारित की गई हैं।
आयोग ने यह संकल्प दोहराया है कि उपर्युक्त समस्त परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से वर्ष 2022 एवं 2023 के दौरान आयोजित की जाएंगी।
अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2022 के प्रारंभ में निर्गत यूकेपीएससी के मुख्य वार्षिक परीक्षा कलेण्डर के बारे में अवगत कराया गया है कि आयोग के उक्त परीक्षा कलेण्डर में उल्लिखित 23 परीक्षाएं निर्धारित की गयी थी, जिनमें से अब तक 18 परीक्षाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न की जा चुकी हैं तथा 4 परीक्षाओं का आयोजन इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
इनमें पीसीएस मुख्य परीक्षा-2021 का आयोजन दिनांक 12 से 15 नवम्बर, 2022 के दौरान किया जाना सम्मिलित है तथा शेष एक वन क्षेत्राधिकारी परीक्षा को स्थगित किया गया है।
सिविल जज जू.डि. परीक्षा, एई परीक्षा, सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर, वन क्षेत्राधिकारी एवं सहायक भूवैज्ञानिक परीक्षा के संदर्भ में आयोग द्वारा अग्रेतर कार्यवाही तभी की जा सकेगी जब क्षैतिज आरक्षण के संदर्भ में उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा हाल ही में पारित आदेश के आलोक में शासन द्वारा आरक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए आयोग को अवगत कराया जाएगा।
आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि आरक्षण से सम्बन्धित उत्पन्न कतिपय विसंगतियों के निस्तारण हेतु आयोग द्वारा प्राप्त लगभग 29 अधियाचनों को शासन को प्रत्यावर्तित कर दिया गया है तथा शासन से संशोधित अधियाचन प्राप्त होने के पश्चात् आयोग द्वारा उनके लिए पृथक से एक परीक्षा कलेण्डर जारी करते हुए समानान्तर ढंग से परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। वर्तमान में उक्त 29 अधियाचनों को संशोधित किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि हस्तांतरित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 2017-18 सत्र की 5310 बालिकाओं, 2018-19 सत्र की 460 बालिकाओं, 2019-20 सत्र की 1567 बालिकाओं, 2020-21 सत्र की 16210 बालिकाओं एवं 2021-22 सत्र की 56177 बालिकाओं, इस प्रकार से कुल 80 हज़ार वंचित लाभार्थि बालिकाओं को धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर प्रदेश की बेटियों को धनराशि हस्तांतरण कर अपने को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं, उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिकाओं के भविष्य को उत्कृष्ट, उज्जवल बनाने हेतु संकल्पित है, हमारी सरकार के संकल्प को पूर्ण करने में बेटियों का अहम योगदान है, आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां एवं महिलाएं पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, सरकार द्वारा लिए गए प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाने के संकल्प में बेटियों का अहम योगदान रहेगा, उन्होंने कहा बेटियों के योगदान के बिना यह संकल्प कभी पूरा नहीं हो सकता, आज बेटियां मेहनत, परिश्रम के बल पर सफलता हासिल कर रही हैं, उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ अपने सपनों को साकार करने में जुट जाना चाहिए, समय बहुत बहुमूल्य होता है जिसका सदुपयोग करना ही हमारे जीवन को सफल एवं सार्थक बनाएगा। मनुष्य के अंदर उसकी आत्मा में भगवान का वास होता है, हमें अपने अंदर की काबिलियत एवं अंदरूनी शक्ति को पहचानना बहुत जरूरी है। स्वयं की मदद करने वाले मनुष्य की हमेशा भगवान मदद करते हैं, उन्होंने कहा बड़ों का आदर एवं जिंदगी में अनुशासन का पालन करने वाला व्यक्ति हमेशा सफलता की ओर बढ़ता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा हमारी बेटियों के साथ होने वाली इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है, उन्होंने कहा इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, बेटियों के साथ अन्याय करने वाले लोगों की हमारे समाज एवं राज्य में कोई जगह नहीं है, उन्होंने कहा इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने बेटियों के मान सम्मान को सरकार का मान सम्मान बताया, उन्होंने कहा प्रदेश की बेटियों का अपमान सरकार का अपमान होता है, उन्होंने कहा हमारी बेटी अंकिता भण्डारी पर हुए इस जघन्य अपराध की त्वरित एवम् निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के महा अभियान की शुरुआत की थी, यह नंदा गौरा योजना भी उसी परिपेक्ष में बालिकाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के रास्ते पर ले जाती है, उन्होंने कहा हमें हर लड़की के समग्र विकास में गतिशील प्रगति होना चाहिए, एक बालिका के पैदा होने से उसकी पढ़ाई एवं शादी होने तक सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है, उन्होंने कहा प्रत्येक बालिका का अधिकार है कि उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले, इसके साथ ही यह देव भूमि एवं देवियों की भूमि दोनों कहलाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि 2017-18 से 2021-22 तक के नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया है एवं इस वर्ष 2022 से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्म से की जायेगी ताकि पात्र बालिकाओं को ये लाभ प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना कटाने पड़े, उन्होंने कहां बालिकाएं अपने कर्तव्य, एवं भविष्य में अपनी भूमिका एवं समाज को दे रहे योगदान को समझें। ताकि वह आने वाले समय में देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य के विकास में अपना योगदान दें।
इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल अपर सचिव प्रशांत आर्य निदेशक संस्कृति वीणा भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।