शिक्षा के साथ जरूरी है खेल प्रतियोगिताएंः डा. धन सिंह रावत

केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट और शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से आज मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम रूद्रपुर में नवम राज्य स्तरीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता 2022 का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर एवं ध्वज पताका फहराकर किया। श्री भट्ट ने खिलाड़ियों के परेड की सलामी ली।

ेकेंद्रीय मंत्री भट्ट ने कहा कि नवम राज्य स्तरीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में आये 2007 छात्र-छात्राओं, शिक्षक, रेफरी एवं अभिभावक को बधाई दी। उन्होने सभी शिक्षकों से कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से हम सब भविष्य के प्रतिभाओं को तलाश रहे है। उन्होने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाऐं दी। उन्होने कार्यक्रम के आयोजकों से कहा कि उक्त प्रतियोगिता में राज्य के सभी जनपदों से पहंुचें खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हों इसका विशेष ध्यान रखें।

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष की भांति हम हर वर्ष इस प्रतियोगिता को करायेंगे ताकि बच्चों में खेल की भावना बढ़े। उन्होने कहा इस प्रतियोगिता में आने वाले सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं कि वह जिस क्षेत्र में भी जाये उसमें आगे बढ़े। उन्होने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई अभिनव प्रयोग किये है। कहा कि हमारे प्रदेश में लगभग 12 लाख बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे है। उन सभी बच्चों को स्कूल बैग, किताबें, खेल का सामान दिया जायेगा, हर स्कूल में बालक, बालिका एवं दिव्यांगजनों के लिए शौचालय की व्यवस्था होगी, शिक्षकों की कमी नही होने दी जायेगी और विद्यालय का व्यापक स्तर पर सुधार करने का कार्य किया जायेगा। ताकि हमारे बच्चे प्रतिस्पर्धा में देश-विदेश में मुकाबला कर सके। उन्होने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में 2-2 पीएमश्री स्कूल खोले जायेंगे। इन स्कूलों विश्व स्तर की सुविधाऐं छात्र-छात्राओं की दी जायेंगी।

उन्होने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के लगभग 23 हजार शिक्षकों को 10-10 हजार रूपये का एक टैबलेट फोन भी दिया जायेगा ताकि वे अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए आईटी का प्रयोग कर सके।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, गुंजन सुखीजा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, अपर निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड एसपी खाली, उपनिदेशक प्रा0 शिक्षा हेमलता भट्ट, कुमांऊ अपर निदेशक प्रा0 शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, उपजिलाधिकारी प्रत्युष सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या, जिला शिक्षा अधिकारी एके सिंह, सुरेश परिहार, विवेक सक्सेना, नागेन्द्र शर्मा, तहसीलदार नीतू डागर आदि उपस्थित थे।

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों में न्यूनतम दो शिक्षकों की होगी तैनाती-शिक्षा मंत्री

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिये सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के तहत प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापक व्यवस्था को समाप्त करते हुये न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि एक शिक्षक के अवकाश पर रहने के दौरान विद्यालय का संचालन निरंतर चलता रहे। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन के लिये माध्यमिक विद्यालयों में नई कार्ययोजना लागू की जा रही है जिसके तहत बोर्ड छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा देने होगी, ताकि छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन कर सके। इसके साथ ही विद्यालयों का भवन एवं संसाधनों की उपलब्धता के दृष्टिगत चार श्रेणियों में वर्गीकरण किया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज राजीव नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी केन्द्र में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापकीय व्यवस्था को समाप्त करते हुये प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक वाले विद्यालयों में देखा गया है कि वहां तैनात शिक्षक के अवकाश पर चले जाने के बाद कई दिन तक विद्यालय बंद रहता है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान आता है। जबकि कई विद्यालय ऐसे हैं जहां पर मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं।
विभागीय मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक तैनात हैं उन्हें ब्लॉक स्तर पर ही एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में तैनात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 10वी एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं के मध्यनजर विशेष तैयारी कराई जायेगी। इसके लिये बोर्ड परीक्षा वाले छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा दिलाई जायेगी ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा के तैयारी बेहत्तर हो सके। इससे जहां एक ओर छात्र-छात्राओं का बोर्ड परीक्षाओं के प्रति मनोबल बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षाफल भी बेहत्तर रहेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दृष्टिगत सभी विद्यालयों का सर्वे करा उन्हें उपलब्ध भवन एवं संसाधनों के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जायेगा, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष हेतु विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के साथ ही फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, चारहदीवारी, विद्युत, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं के लिये डीपीआर तैयार करा कर शासन से बजट की मांग की जा सके।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, अपर निदेशक आरके उनियाल, संयुक्त निदेशक एसपी जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दून मेडिकल कॉलेज का मंत्री ने किया औचक निरीक्षण

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज दून मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। रावत ने विभागीय अधिकारियों को कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राएं भविष्य के चिकित्सक हैं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहत्तर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाय। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्था पर विभागीय मंत्री ने कॉलेज प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत गुरुवार अचानक राजकीय दून मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने छात्रावास एवं मैस का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी मेडिकल छात्र-छात्राओं से जानकारी ली। जिस पर छात्र-छात्राओं ने उन्हें तमाम असुविधाओं से अवगत कराया। बताया कि दून मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज की गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों सहित तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली मेडिकल छात्र-छात्राएं भविष्य की डॉक्टर हैं लिहाजा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहत्तर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों एवं कॉलेज प्रशासन को दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने कहा कि कॉलेज परिसर एवं छात्रावासों में साफ-सफाई, मैस में ताजा एवं पौष्ठिक भोजन उपलब्ध कराने सहित शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों को दुरूस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इससे पहले रावत ने श्रीनगर एवं हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों की व्यवस्थाओं को भी परखा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने निर्देश दिये।

सीएम ने दिया आश्वासन, युवा बेरोजगारों के हित को लेकर नही होगा समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को सायं मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड एन.आई.ओ.एस., डी.एल.एड., टी.ई.टी. शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा के नेतृत्व में आये प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके प्रकरण में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को लागू करने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिये प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं को परेशानी न हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास समस्याओं का सरलीकरण के साथ उचित समाधान करने का है। युवा बेरोजगारों को अनावश्यक न्यायालयों की शरण में न जाना पड़े इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा एवं अपराजिता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिये दिये गये आश्वासन के लिये हम सब उनका आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई वार्ता के लिये भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राम चन्द्र, सुरेन्द्र कुमार, नवीन चन्द्र, मोहित कुमार, योगेश महंत, योगेश बोहरा, पवन कुमार, संगीता एवं हिमांशु कुमार ओली उपस्थित रहे।

एचएनबी विश्वविद्यालय के छात्र संघ कार्यक्रम में सीएम को निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्व विद्यालय छात्र संघ महासचिव सम्राट सिंह राणा के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से विश्व विद्यालय के छात्र संघ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग हेतु अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सभी से प्रदेश के विकास में सकारात्मक ऊर्जा के साथ सहयोगी बनने की अपेक्षा की।

जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में एसबीएम इंटर कॉलेज के छात्रों का चयन

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के जनपदीय खो-खो प्रतियोगिता में 10 बालक और 5 बालिकाओं का राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है।
जनपदीय खो-खो प्रतियोगिता में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश के 10 बालक व 5 बालिकाओं कुल 15 बच्चों का चयन राज्य स्तर के लिए होने पर विधालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत द्वारा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए मैडल द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि एक प्रतिभावान खिलाड़ी जहां खेलों के माध्यम से अपने स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क का निर्माण करता है वहीं बेहतरीन भविष्य के निर्धारण में भी कामयाब होता है। प्राचार्य ने कहा कि विद्यालय में खिलाड़ियों का अपना पुराना इतिहास है जिन्होंने खेलों के माध्यम से सेना और पुलिस प्रशासन के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की सेवाओं के लिए चयनित होकर बेहतरीन भविष्य बनाया है।
विद्यालय के खेल प्रशिक्षक विकास नेगी ने बताया कि राज्य स्तरीय बालिका वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता नरेंद्र नगर एवं बालक वर्ग की राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता खदरी इंटर कॉलेज में आयोजित की जाएगी।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता यमुना प्रसाद त्रिपाठी, जितेंद्र बिष्ट, शिव प्रसाद बहुगुणा व विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं आदि उपस्थित रहे।

धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चम्पावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) देहरादून एवं जिला प्रशासन चम्पावत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महोत्सव में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु 5 वैज्ञानिकों व व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विज्ञान महोत्सव अपने आप में अति महत्वपूर्ण है, यह ऐसा पहला विज्ञान आधारित महोत्सव है जो दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमान्त 6 जनपदों से आये सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त वैज्ञानिक और प्रबुद्ध जनों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य विषय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान है। पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान, विकास के दो ऐसे घटक हैं जो विज्ञान आधारित विकास के लिए सुदृढ़ नींव का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथम सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव राज्य में वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य के हर दूरस्थ क्षेत्र तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जन जन तक विज्ञान पहुंचे और हर बच्चे में वैज्ञानिक सोच विकसित हो, यही हमारा ध्येय है और यही इस विज्ञान महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भी है। महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं (पोस्टर मेकिंग, ड्रामा, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ आदि) के माध्यम से सभी बच्चे अपनी अभिरुचियों से रूबरू अवश्य होंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस दौर में हमारे बच्चे देश और दुनिया से कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की पावन भूमि से कहा था कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसी को साकार करने की दिशा में हम लगातार कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए और आदर्श उत्तराखंड तथा आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस विज्ञान महोत्सव जैसे कार्यक्रम सुदृढ़ नींव का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां पूरे उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। यहाँ पर मैदानी, उच्च एवं मध्य हिमालयी क्षेत्र है इसीलिए सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड के लिए सबसे पहले चम्पावत जनपद को मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने का प्रण लिया है। जिसके लिए राज्य सरकार के सभी विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं और यूकॉस्ट इसमें नोडल एजेंसी का कार्य कर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शोध, अनुसंधान और नवाचार पर विशिष्ट ध्यान दे रही है। राज्य में वैज्ञानिक सोच को जागृत करने, विज्ञान शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु और नवाचार अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के हर क्षेत्र तक अनुसंधान और शोध गतिविधियों को पहुँचाने हेतु लैब्स ऑन व्हील का कांसेप्ट राज्य के हर जनपद के लिए लाया गया है, ताकि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी शोध और अनुसंधान गतिविधियां पहुंच सकें। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता हेतु हल्द्वानी में यूकॉस्ट और एरीज साथ मिलकर ’एस्ट्रो पार्क’ का निर्माण कर रहे हैं जो पारम्परिक और आधुनिक ज्ञान एवं विज्ञान का मिश्रण होगा। अल्मोड़ा में एक उप क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है जहाँ पर विज्ञान आधारित गतिविधियां और कार्यक्रम संचालित होंगे। चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है ताकि क्षेत्र में विज्ञान आधारित शिक्षा और जागरूकता का संचार हो।
महोत्सव में आयोजित संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा सीमांत जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों से भी संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को जाना तथा उन्हें आश्वस्त किया, जिसमें बागेश्वर से आई बाल वैज्ञानिक प्रिया महर द्वारा बागेश्वर में खोली गई अटल टिंकरिंग लैब को अन्य जनपदों में भी खोले जाने, चमोली से आई निकिता चमोली एवं उत्तरकाशी से आई अंकिता रावत द्वारा उनके जनपद में भी इसी प्रकार का विज्ञान महोत्सव का आयोजन कराए जाने, रूद्रप्रयाग जिले से आई मधु रावत द्वारा उनके जिले में टिंकरिंग लैब खोले जाने, पिथौरागढ़ से आए बाल वैज्ञानिक लक्ष्य रौतेला द्वारा अंतरिक्ष क्लब तथा लैब की स्थापना किए जाने व चम्पावत की प्रियंका उप्रेती द्वारा इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव लगातार आयोजित करने की बात मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।
इस दौरान इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय में मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण किए जाने, जिम कक्ष का निर्माण व खेल मैदान का विस्तारीकरण करने की घोषणा की।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत द्वारा आयोजित दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिक प्रबुद्धजन जनप्रतिनिधि बाल वैज्ञानिक, यूकॉस्ट के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

प्रथम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का सीएम करेंगे शुभारंभ

प्रदेश के सीमांत, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विकासखंड और जनपद स्तर पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के समापनार्थ निर्णायक समारोह, प्रथम राज्य स्तरीय सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 के रूप में दिनांक 19 और 20, नवंबर 2022 को चम्पावत में जवाहर नवोदय विद्यालय में होगा, इस बाल विज्ञान महोत्सव को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) आयोजन कर रहा है, सहभागी के रूप में जिला प्रशासन चम्पावत भी है, ऐसा कहना है यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का।
प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के 6 सीमांत जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ के लगभग 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। इस दो दिवसीय महोत्सव का मूल उद्देश्य राज्य के दूरस्थ विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पारम्परिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच का विकास करना और आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का राज्य मे वृहद लोकव्यापीकरण करना है।
इस महोत्सव का उद्घाटन 19 नवम्बर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे और समापन 20 नवम्बर 2022 को बच्चों को पुरस्कृत करके महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे।
यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसम्पर्क अमित पोखरियाल ने बताया कि इस अनोखे बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभागियों को विज्ञान प्रदर्शनी, वैज्ञानिक कार्यशाला, दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन, तारामंडल शो, विज्ञान फिल्म शो आदि के माध्यम से आमंत्रित वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करने, उनके व्याख्यान सुनकर उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी प्राप्त होगा। महोत्सव में जूनियर वर्ग कक्षा 6 से 8 तक एवं सीनियर वर्ग कक्षा 9 से 12 तक के छात्र- छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता (स्थानीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली), नाटक (पर्यावरण संरक्षण जागरूकता) विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन (हिन्दी एवं स्थानीय भाषा), कविता पाठन अंग्रेजी का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और चिंतक इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। महोत्सव में उपस्थित छात्र- छात्राएं तथा शिक्षक- शिक्षिकायें उन सम्मानित विशेषज्ञों के साथ संवाद और मार्गदर्शन के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

देवभूमि में आयोजित हो रहे सम्मेलन में देशभर से आये वैज्ञानिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जीएमएस रोड स्थित वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान में फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन के तृतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। यह सम्मेलन ‘संवहनीय विकास हेतु हिमालय भूविज्ञान’ पर आधारित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन की सतत विकास के लिए भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों पर आधारित पुस्तक एवं वाडिया संस्थान के निदेशक डॉ. कालाचंद सांई द्वारा लिखी गई पुस्तक आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस ऑफ जियो साइंटिस्ट का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में देशभर से वैज्ञानिक एकत्र हुए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में जो विचार मंथन किया जाएगा उससे सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए अमृत जरूर निकलेगा। उन्होंने कहा कि हिमालय और इसका भू वैज्ञानिक महत्व देश और दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका गहराई से अध्ययन किया जाए तो हम पाते हैं कि हिमालय का भूविज्ञान हमारे विकास का सतत माध्यम भी है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। हमारी प्राकृतिक संपदा एवं जैव विविधता पूरे देश और दुनिया में विशिष्ट है। इन सबके साथ हिमालय हमारे प्रदेश की शोभा बढ़ा रहा है,देश की जलवायु की गुणवत्ता को सुधारने में और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में हिमालय का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। ज्ञान, विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साइंस एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग कर वैकल्पिक ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के विकास में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इकोनॉमी और ईकोलॉजी में संतुलन बनाये रखने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। हाइड्रो पावर की दृष्टि से भी हिमालय हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। उत्तराखण्ड में हाइड्रो पावर एवं पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं एवं भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं से जानमाल का कम से कम नुकसान हो, इसके लिए क्या प्रभावी प्रयास हो सकते हैं, इस सम्मेलन में इस विषय पर भी जरूर मंथन किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान हिमालय पर्वत के भूविज्ञान को समझने और हिमालय के आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हित में अनुसंधानों को बढ़ावा देकर प्राकृतिक जोखिमों को कम करने के लिये निरंतर इसी प्रकार कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ इण्डियन जियो साइंसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो.वी.पी. डिमरी, वाडिया संस्थान के निदेशक डॉ. कालाचंद सांई एवं देशभर आये वैज्ञानिक उपस्थित रहे।