स्कूली बच्चों को बताया डेंगू से बचाव का रास्ता

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में डॉ संतोष कुमार के द्वारा छात्र छात्राओं को डेंगू वायरस और डेंगू को रोकने की विधियों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि हम किस तरह से डेंगू से अपने और अपने परिवार तथा अपने समाज की रक्षा करेंगे।

डॉक्टर संतोष कुमार ने कहा कि एम्स के द्वारा जो भी सहयोग चाहिए वह मिलेगा और डेंगू फ्री मोहल्ले को एम्स की तरफ से पुरस्कृत भी किया जाएगा और बताया गया है कि डेंगू का मच्छर संक्रमित व्यक्ति से बहुत तेजी से संक्रमण को अन्य स्वस्थ व्यक्तियों में भी फैलाता है जिसकी कोई प्रमुख दवाई अभी तक नहीं है लेकिन डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को समाप्त करना ही एकमात्र विकल्प है अपने घरों के आसपास पानी एकत्र ना होने दें साथ ही डेंगू हो जाने पर तरल पेय पदार्थ और बुखार आने पर पेरासिटामोल का सेवन करें और पौष्टिक भोजन अपने आहार में शामिल करें।

प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि डॉक्टर संतोष कुमार के द्वारा बताई गई बातों का पालन करवाया जाएगा और सभी छात्र छात्राओं को जागरूक किया जाएगा कि वह अपने घर परिवार और पास पड़ोस को जागरूकता के द्वारा डेंगू के प्रसार को रोकें ताकि ऋषिकेश में यह महामारी का रूप ना ले पाए। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जितेंद्र बिष्ट, जयकृत रावत, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, विकास नेगी, विवेक शर्मा आदि उपस्थित थे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे उत्तराखंड में एनईपी का शुभारम्भ

उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के बाद अब इसी माह उच्च शिक्षा विभाग में भी एनईपी लागू कर दी जायेगी, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है। इस बात की जानकारी सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दी। उन्होंने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को उच्च शिक्षा विभाग में एनईपी-2020 लागू करने के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अमंत्रित किया। जिस पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने अपनी सहमति दी है।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टचार भेंट की। इस दौरान रावत ने केन्द्रीय मंत्री से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पीएम-श्री योजना सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। रावत ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां विद्यालयी शिक्षा में एनईपी को लागू कर दिया गया है, जिसकी सराहना देशभर में हो रही है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में भी इसी सत्र से सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर एनईपी लागू कर दी जायेगी। जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। रावत ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के शुभारम्भ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कर कमलों से किया जायेगा। इसके लिये देहरादून में माह सितम्बर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। पीएम-श्री योजना के तहत देशभर के 14500 विद्यालयों को विश्व स्तरीय बनाये जाने पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीएम-श्री योजना से न सिर्फ पिछड़े क्षेत्रों के स्कूलों की सूरत बदलेगी बल्कि छात्र-छात्राओं को बेहत्तर शिक्षा मुहैया हो सकेगी। केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान रावत ने एच0एन0बी0 गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कार्मिकों की विभिन्न मांगों पर भी चर्चा की, साथ ही एनआईटी सुमाडी में चल रहे निर्माण कार्यों से भी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को अवगत कराया। इसके अलावा उन्होंने रूसा फेज-2 के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अवशेष राशि को जारी करने की मांग भी धर्मेंद्र प्रधान से की, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक रूख अपनाते हुये शीघ्र अवशेष राशि जारी करने का आश्वासन दिया साथ ही उन्होंने रूसा फेज-3 से संबंधित निर्माण कार्यों की डीपीआर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजने को कहा।

इस अवसर पर रूसा सलाहकार प्रो एम0एस0एम0 रावत, प्रो के0डी0 पुरोहित, संयुक्त निदेशक एवं नोडल रूसा डॉ ए0एस0 उनियाल भी मौजूद रहे।

40 प्रतिभागियों ने योग क्रियाओं का किया प्रदर्शन

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में नगरस्तरीय योग प्रतियोगिता हुई। इसमें 40 प्रतिभागियों ने योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया।
गुरुवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि योग जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे शारीरिक, मानसिक समृद्धि तो होती ही है, साथ ही यह रोजगार के साधन के रूप में भी संपूर्ण विश्व मे प्रसारित हो रहा है। यहां तक कि बड़े-बड़े मेडिकल साइंस के कॉलेजों से लेकर पांच सितारा होटलों में भी स्पेशल योगाचार्य नियुक्त किए जाते हैं। योग चित वृति को एकाग्र करने के साथ आरोग्यता प्रदान करने का स्रोत है। यह विधा स्कूलों से ही निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ती है। विद्यालय के योगाचार्य जगदम्बा प्रसाद थपलियाल ने कहा कि नगर से चयनित होकर प्रतिभागी जनपद और राज्य स्तर पर प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान प्रतियोगिता में नगर क्षेत्र के 6 विद्यालयों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया और योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया।
मौके पर यमुना प्रसाद त्रिपाठी, विकास नेगी, प्रवीण रावत,पंकज सती, चरणपाल, रवीन्द्र बहुगुणा, मोनिका चौहान, मंगलेश , पूनम बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

आश्रय गृह में निराश्रित बच्चों को मिलेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आसरा ट्रस्ट द्वारा निराश्रित एवं वंचित बालिकाओं के लिए अच्छे आश्रय गृह का निर्माण किया गया है, जिसमें हर सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा की जो अपना जीवन दूसरों की सेवा के लिए समर्पित करता है, उनका जीवन सफल होता है। हमारी ये बालिकाएं अपनी शिक्षा सुगमता से ग्रहण कर सके, उनके लिए अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने में यह आश्रय गृह मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में देश में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए अनेक प्राविधान किए गए हैं। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की शुरुआत बाल वाटिकाओं से की गई है। शिक्षा के उन्नयन के लिए कई शिक्षकों द्वारा सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस संकल्प से आगे बढ़ना है कि, जिन बच्चों की कोई परवरिश करने वाला नहीं है, उनको अच्छी शिक्षा देकर कैसे जीवन की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रबंध निदेशक हेल्प एलाइंस आंद्रेय पार्नकॉफ एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

12वीं व 10वीं पर सर्वाेत्कृष्ट परीक्षाफल देने वाले विद्यालय हुए पुरस्कृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के वर्ष 2022 की परिषदीय परीक्षा में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 8 छात्र-छात्राओं को प0 दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा परिषदीय परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यभर के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के तीन-तीन विद्यालयों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी एवं पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने-अपने विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सौ से अधिक शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों ने बोधिसत्व मंथन शैक्षिक संवाद स्थापित किया, जिसमें शिक्षकों ने अपने-अपने कार्यां से अवगत कराते हुये सुझाव रखे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षकों को सही मायने में देश का भविष्य बनाने वाला बताते हुए कहा कि शिक्षकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है। शिक्षक समाज की क्रीम हैं। ओपिनियन मेकर हैं। शिक्षा की बेहतरी तथा सामाजिक जन जागरूकता के लिये शिक्षकों के द्वारा किये जाने वाले प्रयास छात्रों के साथ अभिभावकों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर नवाचार का है। छात्रों के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने, अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रों की नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन भी शिक्षकों के माध्यम से होता है। शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति से इतर क्या बेहतर कर सकते हैं। इस पर भी चिंतन की उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की सराहना करते हुए उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू-कॉस्ट) के सहयोग से राज्य स्तरीय विज्ञान महोत्सव आयोजित किया जायेगा। जिसमें प्रदेशभर के विज्ञान के छात्र-छात्राओं के अपने प्रोजेक्ट को प्रदर्शित करने का मौका तो मिलेगा ही साथ ही वैज्ञानिकों से सीखने का अवसर भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार की आपदा महामारी एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों की स्कूली शिक्षा (कक्षा 1 से 12वीं तक) की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा किये जाने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना प्रारम्भ की जायेगी। इस योजना के अन्तर्गत बच्चों को पुस्तकें, गणवेश, बैग, जूते एवं मोजे, लेखन सामग्री आदि निशुल्क दी जायेगी।

बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित किये जाने के लिए राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की भाँति राज्य में चरणबद्ध रूप में प्रत्येक जनपद में बालिका आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे। जिसका नामकरण उत्तराखण्ड की महिला के नाम से समर्पित रहेगा। प्रदेश की राजकीय विद्यालयों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर पंचायतों को दी जाने वाली धनराशि से खेल के मैदान तैयार किये जायेंगे।

माध्यमिक स्तर पर उपलब्ध अवस्थापना सम्बन्धी संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर हाईस्कूल स्तर पर 100 विद्यालयों में एकीकृत प्रयोगशाला एवं इण्टरमीडिएट स्तर पर 100 विद्यालयों में भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल आदि की प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेंगी।

प्रदेश के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित अधिक छात्र संख्या वाले 50 विद्यालयों में प्रथम चरण में शिक्षकों के लिए शिक्षक आवास बनाये जायेंगे।

पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में छात्रों को एक दिन के स्थान पर सप्ताह में दो दिन दूध दिया जायेगा।

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास में छात्र-छात्राओं की भोजन व्यवस्था हेतु रु० 100 /दिन की दर से धनराशि दी जायेगी तथा केन्द्र पोषित योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि के अतिरिक्त होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

केन्द्रीय विद्यालयों के अनुरूप राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लम्बे अवकाश पर रहने की स्थिति में विद्यालयों में शिक्षण कार्य सतत बनाये रखने हेतु स्थानीय स्तर पर विषयगत शिक्षकों की व्यवस्था के लिए रू0 50000 (रु० पचास हजार मात्र) प्रधानाचार्य के निर्वतन पर रखे जाने की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बोधिसत्व मंथन शिक्षक संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा जो बहुमूल्य सुझाव प्रदान किये गये उसके अनुरूप शैक्षणिक परिवेश विकसित करने हेतु राज्य सरकार खुले मन से विचार कर प्रभावी कदम उठाऐगी। उन्होंने अपेक्षा की कि शिक्षा निदेशालय स्तर पर एक ऐसा प्रकोष्ठ गठित किया जाय जिसमें शिक्षक एवं शिक्षा प्रेमी, शैक्षणिक उन्नयन हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव प्रदान कर सकें तथा सकारात्मक सुझावों पर तत्परता से कार्यवाही के साथ ही प्रदेश को एक नई दिशा प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में निराशा का वातावरण था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया में देश का मान व सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने जय जवान जय किसान जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान का भी नारा दिया है। ज्ञान व विज्ञान को बढ़ावा देने में शिक्षकों को सहयोगी बनना होगा। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री के मोटिवेशन से हमारे खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री का संवाद उन्हें प्रेरणा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में हमारा राज्य विकास की दृष्टि से अग्रणी राज्य बने इस दिशा में हम सबको प्रयास करने होंगे। यह सम सबकी सामूहिक यात्रा है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया में बेहतर कर सकते हैं। यह हमारा भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में हमारा राज्य आदर्श प्रस्तुत करने वाला बने, नशा मुक्त एवं साक्षर उत्तराखण्ड की हमारी पहचान हो, इसका भी हमें संकल्प लेना होगा।

इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने भी शिक्षकों के लिये कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के लिये शीघ्र ही 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों टैबलेट वितरित किये जायेगे। इसके अलावा सूबे के एक हजार विज्ञान शिक्षकों को राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि विज्ञान के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को और बेहत्तर ढंग से शिक्षा दी जा सके।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में चुनाव कार्यों में लगे शिक्षकों को हटा कर उनके स्थान पर आशा कार्यकत्रियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बीएलओ का कार्य दिया जायेगा। शिक्षकों को केवल पठन-पाठन संबंधी कार्यों में ही लगाया जायेगा। शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिये छह माह के भीतर राज्य का विद्या समीक्षा केन्द्र बनकर तैयार हो जायेगा। ऐसा करने वाला उत्तराखंड गुजरात के बाद देश का दूसरा राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की कमी को देखते हुये 50 प्रतिशत पद प्रवक्ताओं की विभागीय परीक्षा की माध्यम से भरे जायेंगे। विभागीय मंत्री ने राज्य में शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत शिक्षकों को चार अन्य कार्य भी दिये। जिसके तहत अपने विद्यालयों एवं आस-पास के गांवों को नशामुक्त एवं तम्बाकू मुक्त अभियान चलाना, छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनाना, अपने विद्यालयों को ग्रीन कैम्पस में तब्दील करना तथा आस-पास के गांवों में साक्षरता अभियान चलाने का आह्वान किया।

बोधिसत्व मंथन शैक्षिक संवाद कार्यक्रम जिन उत्कृष्ट एवं नवाचार शिक्षकों ने अपने सुझाव दिये उनमें चम्पावत के राजेन्द्र गरकोटी, कमलेश जोशी, रूद्रप्रयाग के पीयूष शर्मा, गंगोली हाट की रेनु शाह, पिथोरागढ़ के चन्द्र शेखर जोशी, पौडी के विष्णु पाल सिंह नेगी, संतोष कुमार सिंह, बागेश्वर के ख्याली दत्त शर्मा, उधम सिंह नगर के दयाकृष्ण दलाई चमोली के विनीत कुमार आदि प्रमुख रहे।

कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर0के0 कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक एस.पी. खाली, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून मुकुल सती, डॉ0 मोहन सिंह बिष्ट, मोना बाली सहित विभागीय अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आये शिक्षक एवं उत्कृष्ट छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

दीक्षांत समारोह में सीएम ने दी छात्रों को शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के 40वें ज्ञानदीक्षा समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी छात्र अपने परिश्रम से इस ज्ञान की गंगोत्री को सफल बनाते हुए आगे बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि इस परमधाम में इस मौके पर आने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। प्रतिवर्ष 21 जून को आयोजित होने वाला योग दिवस इसका एक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबको यहाँ बुलाया गया है, आप सब विशिष्ट कार्य के लिए बने हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सब को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस ज्ञान की गंगा के प्रभाव को कम नहीं होने देंगे और नए भारत को बनाने में सभी योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हम सब के पास आने वाले 25 वर्षों में अमृत काल को स्वर्णिम अक्षरों में लिखने का मौका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने न्यू इंडिया का जो सपना देखा है हम सबको उस सपने को साकार करने में अपना योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा को याद करते हुए कहा कि इस संसार में बहुत कम गिने-चुने लोग हैं जिन्होंने अपने विचारों से करोड़ों लोगों का जीवन बदला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा द्वारा समाज में जन जागृति लाने का पुनीत कार्य भी किया गया।
कार्यक्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने आनलाइन जुडकर समारोह की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ज्ञानदीक्षा संस्कार विद्यार्थियों को नवजीवन प्रदान करने वाला है। जीवन में आध्यात्मिकता को उतारने का यह श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने कहा कि यहाँ पाठ्यक्रम के अलावा जीवन जीने की कला सिखाई जाती है, जो विद्यार्थियों को ऊँचा उठाने में सहायक है।
कार्यक्रम में कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या, देश-विदेश से आये विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकगण मौजूद रहे।

ऋषिकेश महाविद्यालय में छात्रों ने की तालाबंदी, सीटें बढ़ाने का है मामला

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने ऋषिकेश पीजी कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने कॉलेज गेट के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप था कि कॉलेज के प्राचार्य के पास एक साथ तीन प्रभार हैं। इनमें दो प्रभार वे तत्काल छोड़ दें। साथ ही कॉलेज में प्रवेश की सीटें बढ़ाने की मांग भी उठाई।

एबीवीपी के छात्र ऋषिकेश के पीजी कॉलेज के गेट के बाहर एकत्रित हुए। यहां गेट पर तालाबंदी कर नारेबाजी शुरू कर दी। एबीवीपी के जिला संयोजक शुभम शर्मा ने कहा कि प्राचार्य प्रो. गुलशन कुमार धींगड़ा के पास एक साथ तीन प्रभार हैं। जिनमें प्राचार्य, एमलटी विभाग और बीएससी साइंस के डीन का पद शामिल हैं। उन्होंने प्राचार्य से एक पद पर रहने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा हाल ही में श्रीदेवन सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति ने 50 लाख रुपये की घोषणा की थी, जिसका निर्माण कार्य में प्रयोग होना था। आरोप लगाया कि बिना टेंडर प्रकिया के कार्य करवाए गए हैं। छात्रों ने प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने प्रवेश से वंचित छात्रों के लिए सीटें बढ़ाने की मांग भी रखी। छात्रों ने कुलपति पीपी ध्यानी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह के नाम एक ज्ञापन भी प्रेषित किया। तालाबंदी करने वालो में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा, गौरव राणा, नितिन सक्सेना, जितेंद्र पाल, अनुराग पाल, दीपक भारद्वाज, शुभम शर्मा, अमन शर्मा, रोहित सोनी, अनिरूद्ध शर्मा, हिमांशु जाटव, दीपक कुमार, आकाश उनियाल, संदीप कुमार, चेतन कपरूवान, शिवम प्रजापति, अभय वर्मा, राजू ठाकुर, अनूप पाल, विनायक कुमार, सिमरन अरोड़ा, साक्षी तिवारी, राखी आदि शामिल रहे।

शैक्षिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में होगा व्यापक सुधार-धन सिंह रावत

समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल से सूबे की उच्च शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। इससे माध्यम से अब उच्च शिक्षा विभाग की पूरी तस्वीर बदली-बदली नजर आयेगी। समर्थ पोर्टल के शुरू होने से अब विभाग की प्रशासनिक एवं शैक्षिणक गतिविधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगी। छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा में टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के निजी एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के मध्य अनुबंध किया जायेगा। इसके अलावा परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता लाने के लिये उच्च शिक्षा विभाग में डिजीटल मूल्यांकन शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज दून विश्वविद्यालय के सभागार में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का विधिवत शुभारम्भ किया। अब ई-पोर्टल के माध्यम से सूबे के 5 राजकीय विश्वविद्यालय एवं 119 राजकीय महाविद्याल, 21 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय सहित उच्च शिक्षा निदेशालय के समस्त ई-गवर्नेंस कार्यों यथा शैक्षणिक प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, प्रवेश परीक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया, सूचना एवं कार्मिक सेवा सहित करीब 40 माड्यूल पर ऑनलाइन कार्य किया जा सकेगा।
रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा गुणावत्ता की सुधार के लिये शीघ्र ही टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ अनुबंध किया जायेगा ताकि शिक्षक एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पढ़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि सूबे के विज्ञान विषयों के 200 असिस्टेंट प्रोफेसरों को भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में विशेष प्रशिक्षण लिये भेजा जायेगा, इसी क्रम में राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को बेहत्तर प्रबंधकीय गुरू सीखने के लिये आईआईएम काशीपुर में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एनईपी-2020 इसी सत्र से लागू की जायेगी जिसका शुभारम्भ सितम्बर माह केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। सूबे के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक ग्रेडिंग के लिये तैयारी करनी होगी ताकि शिक्षण संस्थानों के बीच गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिये प्रतिस्पर्धा बनी रहे। कार्यक्रम में समर्थ ई-पोर्टल की ओर से शरद मिश्रा एवं साहिल दत्त के द्वारा पोर्टल से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का प्रस्तुतिकरण दिया गया। कार्यक्रम को संबंधित करते हुये दून विवि की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि समर्थ पोर्टल का शुभारम्भ उच्च शिक्षा के संकल्प को एक नया आयाम देने में सफल होगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक साबित होगा।
इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो संदीप शर्मा, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, अपर सचिव प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक प्रो एएस उनियाल, कुलसचिव डॉ एसएस मद्रवाल, उप निदेशक डॉ ममता ड्यूडी नैथानी, समर्थ के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ चमन कुमार, विनय देव लाल, को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ अमित पुण्डीर, शरद मिश्रा, साहिल दत्त सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने सीएम से मुलाकात कर उच्च शिक्षा में सहयोग की पेशकश की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं ऑस्ट्रेलिया के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हिमालयी राज्य है। यह जैव विविधता सम्पन्न प्रदेश है। एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस एवं टेक्नोलॉजी, फार्मा, ग्रीन एवं रिन्यूअल एनर्जी के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलियन उच्चायुक्त से राज्य में कमांड एण्ड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य का औद्योगिक विकास तेजी से हो, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एवं ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल के मध्य इस अवसर पर क्वांटम तकनीक, शिक्षा के उन्नयन, कौशल विकास एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए भारत से अनेक लोग ऑस्ट्रेलिया आते हैं, पिछले कुछ सालों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने उत्तराखण्ड के साथ ऑस्ट्रेलिया के सहयोग को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। आपसी सहयोग की विभिन्न संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ऑस्ट्रेलिया उच्चायुक्त की सेकंड सेक्रेटरी मिश खान उपस्थित रहे।

पुलिस ने बच्चों को नशे से होने वाले नुकसान की दी जानकारी


रायवाला पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज प्रतीतनगर रायवाला में नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए इसके दुष्प्रभाव बताए। साथ ही नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग देने की अपील की।

थाना प्रभारी भुवन चंद पुजारी ने स्कूली बच्चों को सिगरेट, ड्रग्स, शराब, इन्जेक्शन लेने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। साथ ही बेचने वालों को कानूनी कार्यवाही की बात भी कही। उन्होंने अध्यापकों से कोई बच्चा गलत संगत मे पडकर नशा आदि करने पर जानकारी देने को भी कहा।

थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी थाना स्तर पर काउंसलिंग कराई जायेगी। सभी बच्चों को ट्रैफिक नियमों के संबंध में जानकारी भी दी।

इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से पुलिस की इस पहल की सराहना की गई। साथ ही इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने को भी कहा।