प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को सीएम ने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रभावी बताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सम्बन्धित पोस्टर लॉन्च कर इस योजना का शुभारंभ किया, उन्होंने नव नियुक्त ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं एसएसजी को संबोधित पत्र को भी हस्ताक्षरित किया।

इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिला को गर्भावस्था में ही 5000 की धनराशि सरकार द्वारा बचत खाते में जमा की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिला सशक्तिकरण के लिये भी प्रभावी पहल बताया है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को डोईवाला में उत्तराखण्ड सरकार एवं हंस फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में डोईवाला क्षेत्र के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन हेतु थालियों एवं गिलास का वितरण किया। हंस फाउण्डेशन के सहयोग से प्रदेश के 2197 विद्यालयों में 02 लाख विद्यार्थियों को थालियों एवं गिलास का वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने हंस फाउण्डेशन द्वारा मसूरी, ऊखीमठ और पिथौरागढ़ के लिए 03 एम्बुलेंस एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विद्या मन्दिर स्कूल, नैनीताल को प्रदान की गई 01 स्कूल बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा भानियावाला में निर्मित सामुदायिक शौचालय कॉम्प्लेक्स का भी लोकापर्ण किया। मुख्यमंत्री ने डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत 03 विद्यालयों के लिए वर्चुअल रियलटी लैब को भी लांच किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की कि डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत किया जायेगा। डोईवाला नगर में सीवरलाईन बनाई जायेगी। रेशम माजरी में टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाया जायेगा। भोगपुर पेयजल योजना के तहत अल्ट्रा फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जायोगा। डोईवाला, भानियावाला एवं दुर्गा चौक पर 03 वाटर एटीएम लगाये जायेंगे। डोईवाला में प्रेस क्लब के लिए विधायक निधि से प्रेस क्लब भवन बनाने की भी बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी का भानियावाला में लगभग 22 लाख रूपये की लागत से दो शौचालयों के निर्माण, एम्स ऋषिकेश में लैब के लिए 10 करोड़ रूपये एवं देहरादून में सेंट्रल लाईब्रेरी के लिए 7.5 करोड़ रूपये प्रदान करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं मंगला माता ने उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी हर सम्भव मदद का आश्वासन हंस फाउण्डेशन के द्वारा दिया गया। कम्यूनिटी किचन के लिए हंस फाउण्डेशन द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं समाज के विकास में हंस फाउण्डेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एकसमान शिक्षा के लिए किया गया है एनसीईआरटी सिलेबस लागूः अरविंद पांडेय
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि हंस फाउण्डेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को भरपूर सहयोग दिया है। 07 कम्यूनिटी किचन बनाने के लिए हंस फाउण्डेशन ने सहमति दी है। अगले वर्ष मार्च-अप्रेल तक 02 कम्यूनिटी किचन प्रारम्भ हो जायेंगे। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सभी को एक जैसी शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया गया है।

हंस फाउण्डेशन की अध्यक्ष माता मंगला ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हंस फाउण्डेशन का विशेष ध्यान है। बच्चों के लिए भोजन एवं स्वच्छता पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से बच्चों को भोजन पात्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक आहार एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। हंस फाउण्डेशन का प्रयास बच्चों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए हर सम्भव मदद करना है।

डोर टू डोर कूड़ा उठान में निगम को जल्द उपलब्ध होंगे 10 कूड़ा वाहन

नगर निगम ऋषिकेश में शनिवार को जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर ने निगम अफसरों सहित विभिन्न विभागोें के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न पार्षदों ने कूड़ा उठान की समस्या उनके समक्ष रखी। इस पर डीएम ने नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल से वार्ता की। नगर आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से 10 कूड़ा वाहन की खरीद को ऑर्डर दिए गए है। इनके अगले माह मिलने की उम्मीद है। इसके बाद डोरटूडोर कूड़ा उठान की प्रक्रिया पर सुधार देखने को मिलेगा। बैठक में चंद्रभागा नदी क्षेत्र में खुले में शौच करने वालों पर डीएम बिफर पड़े। निगम को उन्होंने कहा कि भारत व राज्य सरकार का इस मामले में स्पष्ट तौर पर निर्देश है। स्वच्छता को लेकर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर क्षेत्र में संचालित शौचालय की स्थिति जानने के बाद इन पर नियमित साफ सफाई तथा संचालित करने के निर्देश दिए है।

बैठक में यह भी जारी किए गए आदेश
– तीन दिसंबर तक नगर निगम हाथ ठेली आदि संसाधनों की मरम्मत कराएं।
– प्रतिदिन दो से पांच बजे होने वाली सफाई को रात सात बजे के बाद कराई जाए।
– 15 दिसंबर तक मोहल्ला स्वच्छता समिति गठित की जाए।
– कूड़ा वाहन जब नगर से कूड़ा लेकर गुजरे, तो ऊपर से कवर किया जाए।
– प्रत्येक पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित करें।
– स्वच्छता एप के बारे में लोगों को जागरूक करें तथा शिकायतों को निस्तारित भी करें।
– नगर निगम प्रत्येक माह स्वच्छ वार्ड को लेकर प्रतियोगिता करवाए।
– कूड़ा उठान वाहन के ड्राइवर अवकाश पर होने पर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।
– ट्रंचिंग ग्राउंड में सप्ताह में एक दिन कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं।
– बाजारों से कूड़ा उठान के समय संबंधित क्षेत्र के पार्षद निगम को अवगत कराएं।
– कूड़ा पृथक्कीकरण की प्रक्रिया पार्षद अपने घर से शुरू करें।
– सीएमएस एक हफ्ते में मेडिकल कैंप सफाई कर्मियों के लिए लगवाएं।

पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केंद्रः त्रिवेन्द्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र लोहाजंग में पूर्व विधायक स्व. शेर सिह दानू की स्मृति में सांस्कृतिक एवं औद्योगिक पर्यटन विकास मेले का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है इसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक है। पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि मेले लोगों को आपसी मिलन के अवसर प्रदान करने के साथ ही अपनी संस्कृति, विचारों एवं आवश्यकताओं के भी साधन स्थल रहे है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू के गांव पिनाऊ तक सड़क, महाविद्यालय तलवाडी को 10 लाख रुपये देने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवाल में रेडियोलॉजी व टेलीमेडिसिन सेवा शुरू करने, लोहाजंग में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, थराली व देवाल बाजार में स्ट्रीट लाईट एवं बाढ सुरक्षात्मक कार्य करवाने, लोहाजंग में टैक्सी स्टैण्ड बनाने तथा काण्डई से बमनबेरा तक 3 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा भी की।

स्थायी फीस निर्धारण समिति का शीघ्र गठन किया जाएः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के निजी आयुर्वेदिक कालेजों के आन्दोलनरत छात्रों के आन्दोलन को समाप्त करने के लिये प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्बन्ध में उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये भी सभी सम्बन्धित को निर्देश दिये जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों का लम्बे समय तक आन्दोलनरत रहने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अतः इस सम्बन्ध में उच्च न्यायालय के स्तर से समय समय पर जारी निर्देशों का गहनता से अनुश्रवण किया जाये।

गुरूवार को सचिवालय में आयुष विभाग से सम्बन्धित बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आयुर्वेद छात्रों की फीस निर्धारण हेतु स्थायी फीस निर्धारण समिति के शीघ्र गठन की भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। समिति के अध्यक्ष हेतु किसी न्यायाधीश को नामित करने के लिए पुनः उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाय। इस प्रकरण पर फीस निर्धारण समिति के निर्णयानुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

ऑनलाईन जुड़े स्कूलों के बच्चों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

उत्तराखण्ड, स्कूली शिक्षा में वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास का उद्घाटन किया। वर्तमान में 150 विद्यालयां को जोड़ा जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान ये सभी विद्यालय ऑनलाईन थे। अगले 15 दिनों में शेष 350 चिन्हित विद्यालयों को भी जोड़ दिया जाएगा।

नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में तकनीक के माध्यम से शिक्षा में सुधार किया जा रहा है। अनिर्णय की स्थिति ठीक नहीं होती है। 2010-11 से बजट उपलब्ध था परंतु निर्णय नहीं लिया गया। समय पर निर्णय न लिए जाने से लाखां बच्चे इससे वंचित रह गए। हमने इस पर निर्णय लिया और आज उत्तराखण्ड स्कूली शिक्षा में वर्चुअल क्लास शुरू करने वाल पहला राज्य बन गया है। इससे जहां किसी विषय विशेष के अध्यापक नहीं हैं, वहां वर्चुअल क्लास के माध्यम से उस विषय की पढ़ाई कराई जाएगी। इससे लगभग 1 लाख 90 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार से राज्य को भरपूर सहयोग व सहायता मिलती है। ये हम पर है कि हम किस प्रकार से अच्छे प्रस्ताव बनाकर भेजते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखा जाएगा कि विद्यालय समय के बाद स्कूल भवन का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। वर्चुअल क्लास का उपयोग एकेडमिक पढ़ाई के साथ ही कैरियर परामर्श, प्रतियोगिताओं की तैयारी, साक्षरता, मोटिवेशन क्लास में करने की सम्भावना देखी जाएगी। उन्होंने सचिव विद्यालयी शिक्षा को इसके लिए निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक से शिक्षक का स्थान नहीं लिया जा सकता है परंतु जहां शिक्षक नहीं हैं, वहां यह उपयोगी रहेगी। इससे शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा सकता है। बच्चों का बहुआयामी विकास होगा। उनका सोचने का दायरा बढ़ेगा।

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डे ने कहा प्रदेश की विद्यालयी शिक्षा के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। भौगोलिक विषमताओं को देखते हुए हाई क्वालिटी एजुकेशन मे यह सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम, समग्र शिक्षा के अन्तर्गत सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी) के तहत संचालित है। वर्तमान में 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किया जाएगा। वर्चुअल क्लासरूम में सैटेलाईट इन्टरएक्टीव टर्मिनल (एसआईटी) तथा रिसीव ऑन्ली टर्मिनल (आरओटी) के माध्यम से टू-वे सीमलैस इन्टरएक्टीवीटी द्वारा देहरादून स्थित 04 सेंट्रल स्टूडियो से प्रदेश के 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को जोड़ा जा रहा है। वर्चुअल क्लासरूम तकनीक नवीनतम तकनीक है। यह स्मार्ट क्लासरूम व आईसीटी लैब से आधुनिक है।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जुडे विभिन्न विद्यालयों के बच्चों से संवाद भी किया। बच्चों ने उनसे अनेक प्रश्न पूछे जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तार से जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। जो भी काम करें, पूरी निष्ठा, एकाग्रता और समर्पण से करें। मुख्यमंत्री से बात करने वालों में जीजीआईसी, कर्णप्रयाग की अमीषा व आंचल, जीआईसी, पाण्डुकेश्वर की अंशिका, जीआईसी, एकेश्वर के जयरत्न व साहिल कुमार, जीजीआईसी, रानीखेत की लक्षिता शाह व आशा, जीआईसी हरपुन हरसन (उधमसिंहनगर) के मोहम्मद सलीम, जीआईसी दिक्तोली (चम्पावत) की मानसी, जीआईसी गुरना (पिथौरागढ़) के हर्षकुमार, जीआईसी गुनियालेक, नैनीताल की नीतू व योगिता शामिल थे। छात्रों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीआईसी, एकेश्वर का भवन निर्माण कराया जाएगा। जीआईसी गुनियालेक में भूमि उपलब्ध होने खेल का मैदान बनाया जाएगा।

देश व समाज में सकारात्मक परिवर्तन युवाओं से ही सम्भवः राजनाथ

राज्य स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड से उनका हमेशा भावनात्मक लगाव रहा है। जब उत्तराखण्ड का निर्माण हुआ था वे ही संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। बड़ी खुशी की बात है कि उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उत्तराखण्ड 20 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यह ऐसी अवस्था होती है जब सब कुछ कर गुजरने की ललक होती है, साथ ही जोखिम भी उठाने का भाव होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भारत की देवभूमि है। पूरी दुनिया में इसे सम्मान प्राप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहां का हर गांव सैन्यधाम है। उत्तराखण्ड की शिक्षण संस्थानों मं देश भर के छात्र-छात्राएं पढ़न आते हैं। इसे देश का विद्याधाम भी कहा जा सकता है। यहां के शिक्षण संस्थान लघु भारत का रूप हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कृति एक-दूसरे को जोड़ती है। सच्चे मायनों में राष्ट्र की संज्ञा, भारत को ही दी जा सकती है क्योंकि यही एक ऐसा देश है जिसने अपनी सांस्कृतिक पहचान सदियों से बनाए रखी है। यहां की विविधता में एकता अद्भुत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य आंदोलन के शहीदों का स्मरण करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के संतुलित विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की।
1. आंगनवाडी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सप्ताह में 4 दिन दूध, 2 दिन अंडा व केला उपलब्ध होगा।
2. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास परियोजना लागू होगी।
3. वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन में 200 रुपए की वृद्धि की जाएगी, 1 जनवरी 2020 से लागू होगी।
4. उपनल, पीआरडी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा, यह भी 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।
5. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई जाएगी।
6. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सीमांत तहसीलों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना लाई जाएगी। इससे पहाड़ों और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन रुक सकेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सुझाव सैनिक सम्मेलन में प्राप्त हुआ था।
7. कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए सेलाकुईं व रुद्रपुर में महिला हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
9. राज्य में पशुओं का बीमा कराये जाने हेतु बीमा धनराशि की गैप फंडिंग की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
10. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना बनाई जाएगी।
11. राज्य में दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा।
12. प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन फोर्टिफाइट मीठा दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
13. सभी जनपदों में आधुनिक विधि से सर्वेक्षण कर भू बंदोबस्त किया जाएगा। पहले पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा।
14. मिशन इन्द्रधनुष के तहत चिन्हित अति संवेदनशील क्लटरों में स्वास्थ्य से इतर अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए सभी जनपदों में सर्व उत्थान सर्व समृद्धि अभियान चलाया जाएगा।
15. लोक कलाकारों के मानदेय को 400 रूपए से बढ़ाकर 600 रूपए और टीम लीडर का मानदेय 500 से बढ़ाकर 700 रूपए किया जाएगा।

कार्यक्रम में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका और बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट 2018-19 का विमोचन किया गया।

राज्य में कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप का गठन जल्दः त्रिवेन्द्र

राज्य स्थापना सप्ताह के तहत मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हिन्दी, गढ़वाली एवं कुमांऊनी फिल्मों को अनुदान राशि के रूप में चेक वितरित किये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गढ़वाली फिल्म हैलो यूके के निर्माता मनीष वर्मा, बौडिगी गंगा के निर्माता अनिरूद्ध गुप्ता, भुली ए भुली के निर्माता ज्योति खन्ना, कुमाऊंनी फिल्म गोपी भिना की निर्माता मीनाक्षी भट्ट व उत्तराखण्ड में फिल्मायी गई हिन्दी फिल्म साइलेंट हिरोज के निर्माता कमल वीरानी, महेश भट्ट को अनुदान राशि के चेक भेंट किये। मनीष वर्मा के प्रतिनिधि के तौर पर आरके वर्मा और प्रदीप भण्डारी ने चेक प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि फिल्म कॉन्क्लेव में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन पर शीघ्र अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा। फिल्म सिटी स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की दिशा में भी विचार किया जा रहा है। राज्य में फिल्म नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक फिल्म डायरेक्टरी का भी प्रकाशन किया जायेगा, जिसमें टैक्नीशियन, कलाकार तथा लोकेशन आदि के सम्बन्ध में जानकारी मिल सकेगी। जिससे फिल्म निर्माताओं को राज्य में उपलब्ध संसाधनों के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

प्लास्टिक मुक्त दून बनाने में देहरादून वासियों का भरपूर सहयोग मिल रहाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ‘‘पॉलीथीन मुक्त ग्रीन दून मिशन ’’ अन्तर्गत नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पॉलीथीन मुक्त, स्वच्छ एवं सुंदर दून बनाने के उद्देश्य से आयोजित 50 किमी की इस विशाल मानव श्रृंखला में एक लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मियांवाला चौक से राजपुर रोड होते हुए घंटाघर तक मानव श्रृंखला में प्रतिभाग कर रही जनता का उत्साहवर्धन किया। प्रातः 10ः00 बजे, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने मानव श्रृंखला में शामिल होकर देहरादून को स्वच्छ-सुंदर एवं पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जनता से आह्वान किया। इस मानव श्रृंखला में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया। यह मानव श्रृंखला, मियांवाला से मसूरी डायवर्जन, घंटाघर, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड होते हुए घंटाघर तक बनाई गई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का जो आह्वान किया है, देहरादून इसमें लीड ले चुका है। उन्होंने सभी प्रदेश वासियों को पॉलीथीन मुक्त उत्तराखण्ड बनाने में सकारात्मक सहयोग देने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त, स्वस्थ-सुंदर एवं ग्रीन दून बनाने के लिए सभी देहरादून वासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। हमने पॉलीथीन मुक्त दून बनाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्लास्टिक का इस्तेमाल, सामाजिक बुराई बन गई है। मानव जीवन एवं जीव-जन्तुओं पर इसके अनेक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। पॉलीथीन मुक्त देहरादून के लिए नगर निगम देहरादून द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है, इसके काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जन सहयोग के साथ ही सभी को पॉलीथीन का उपयोग न करने का दृढ़ निश्चय करना होगा।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्वच्छ एवं ग्रीन दून के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पॉलीथीन के बहिष्कार के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन माह में जन जागरूकता से देहरादून में पॉलीथीन के उपयोग में 70 प्रतिशत कमी आयी है। जन सहयोग से जल्द ही देहरादून को पूर्ण रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जायेगा।

जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में है, उतना किसी अन्य का नहीं

सोमवार को राज्य स्थापना सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम ‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान’’ के अंतर्गत पहले सत्र में ‘राष्ट्रीय सुरक्षाः चुनौतियों के बदलते आयाम पर चर्चा की गयी। सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व वाइस आर्मी चीफ ले. जन एएस लांबा, ले. जन ओपी कौशिक व पूर्व रॉ चीफ आलोक जोशी ने प्रतिभाग किया।
‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के द्वितीय सत्र में ‘आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण’ विषय पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में कमांडेंट, आईएमए ले.जन. एस.के.झा, पूर्व कमांडेंट, आईएमए ले.जन. जी.एस.नेगी, ले.जन.के.के. खन्ना व डीजी लॉ एंड ऑर्डर (उत्तराखण्ड पुलिस) अशोक कुमार ने प्रतिभाग किया।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के तृतीय सत्र में ‘सैनिक कल्याण एवं सेवानिवृत्ति के बाद गरिमा’ पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर के.बी.चंद व एमडी उपनल ब्रिगेडियर पी.पी.एस पाहवा ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वी.के सिंह का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनके लोकसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के ज्यादातर लोग रहते हैं। केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह ने कहा कि जिस देश में सैनिकों का सम्मान नहीं होता वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। देश को आगे बढ़ाने के लिए हमें सैनिकों का मनोबल बढ़ाना होगा। उत्तराखंड ऐसा राज्य है जिसके हर दूसरे घर में एक सैनिक है। यहां देश के सर्वोत्तम शौर्य मेडल से सम्मानित जवान हैं। वर्तमान में 70 हजार से ज्यादा सैनिक सेना में कार्यरत है। जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में रहा है उतना और किसी का नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रिटायर्ड सैनिकों का सही इस्तेमाल कर सकती है। इससे प्रदेश की प्रगति होगी। हमारे सैनिक हमेशा ये सोचते हैं कि कैसे हमारे देश का नाम दुनिया में हो। ऐसे में हमें उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के चतुर्थ सत्र में ‘देश की सुरक्षा में उत्तराखण्ड का योगदान’ विषय पर चर्चा की गयी। चतुर्थ सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय, ब्रिगेडियर के.जी.बहल, अध्यक्ष एक्स सर्विसमैन लीग ब्रिगेडियर आर.एस.रावत ने प्रतिभाग किया।