जानिए किन छोटी-छोटी बातों के ध्यान रखने से शनि की साढ़ेसाती से बचा जा सकता है

न्याय के देवता शनि ने 26 अक्टूबर को धनु राशि में प्रवेश किया है, शनि यहां पर 23 जनवरी 2020 तक रहेगा। इसके पहले यह वक्री होने के कारण वृश्चिक राशि में था। अब शनि लंबे समय तक धनु राशि में बने रहेंगे। अलग-अलग राशियों पर इस राशि परिवर्तन का प्रभाव भी अलग ही पड़ने वाला है। कुछ राशियों की साढ़साती खत्म हो रही है तो कुछ की शुरू. हम आपको बताएंगे कि कहां आप लाभ उठा सकते हैं और कहां आपको बेहद सावधान रहना होगा। साथ ही किन उपायों से शनि के प्रकोप से बच सकते हैं।
तुला राशि की साढ़ेसाती समाप्त हो जायेगी। मकर राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा।
वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगी। धनु राशि पर साढ़ेसाती का मध्य रहेगा।
वृश्चिक राशि से साढ़ेसाती उतरती शुरू हो जायेगी। मेष राशि और सिंह राशि से ढैया उतर जायेगी।

मेष राशि के लिए शनि मध्यम रहेगा, नौकरी और धन के मामले में आपको खूब सफलताएं देगा लेकिन हड्डियों, पेट और मूत्र विकार की समस्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। नियमित रूप से शनि मंत्र का जाप करने से लाभ होगा।
वृष राशि के लिए भी शनि का प्रभाव मध्यम ही रहेगा। शनि संपत्ति और वाहन का सुख देगा लेकिन दांपत्य जीवन में मतभेद बढ़ेगा। आंखों और वाणी की समस्या पर ध्यान दें।
मिथुन राशि के लोगों को शनि शुरुआत में बाधाएं देगा और बाद में लाभ। कड़ी मेहनत और संघर्ष करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन के तालमेल पर ध्यान देना जरूरी है।
कर्क राशि वालों को शनि की कृपा मिलती रहेगी। विवाह, संतान और आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरी में सफलता के योग हैं लेकिन विवाह में देरी हो सकती है।
सिंह राशि वालों को थोड़ी मानसिक चिंताएं हो सकती हैं लेकिन समाधान भी मिलेगा। चोट-चपेट और हड्डियों की समस्या से सावधान रहें।
कन्या राशि वाले लोगों को शनि कृपा से रिश्ते, नौकरी, कारोबार में सफलता मिलेगी। पुरानी समस्याएं दूर होंगी, नए लोग जीवन में जुड़ेंगे। बेवजह के मुकदमे और वाद-विवाद से बचें।
तुला राशि पर शनि की कृपा रहेगी। जीवन की तमाम रुकावटें दूर होंगी। संतान और करियर के मामले में लाभ होगा लेकिन बड़े अवसरों को हाथ से बिल्कुल न जाने दें।
वृश्चिक राशि वालों की शनि परीक्षा ले सकते हैं। नौकरी में समस्याएं और पद-प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। ऐसे में सेहत पर ध्यान दें और अपयश से बचें।
धनु राशि वालों को यश और धन मिलेगा, लेकिन भागदौड़ काफी ज्यादा होगी। शनि आपका स्थान परिवर्तन भी जरूर कराएंगे। प्रेम और विवाह के मामलों में सावधान रहें।
मकर राशि को शुभ फल मिलेगा। आपके जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत होगी। शनि के कारण संपत्ति, धन और बेहतरीन करियर मिलेगा। जोड़ों के दर्द और वाणी पर विशेष ध्यान दें।
कुम्भ राशि वालों को शनि धन भी देगा और समस्याओं से राहत भी। करियर में आप बुलंदियों पर पहुंचेंगे, अचानक संपत्ति और वाहन का लाभ भी मिल सकता है।
मीन राशि वाले करियर के मामले में लाभ उठाएंगे, कई बड़े अवसर मिलेंगे। अतिविश्वास से बचें और बुजुर्गों की सलाह मानें. आगे जानिए कैसे शनि के प्रकोप से बच सकते हैं।
कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखने से शनि की साढ़ेसाती या ढैया के बुरे परिणामों से बचा जा सकता हैं। जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालें और मांस-मदिरा से परहेज करें। नाखून और बालों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। रोज सुबह और शाम से समय शनि मन्त्र का जाप करें। शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। एक लोहे का छल्ला बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में पहनें। अपनी आय का कुछ हिस्सा जरूर दान करते रहें।

परमाणु हथियार रखने को पाक बना रहा सुरंग

कुछ दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने कहा था कि भारत के कोल्ड वॉर का जवाब देने के लिए पाकिस्तान ने शॉर्ट रेंज के परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं। लेकिन अब खबर आ रही है कि पड़ोसी देश अपने परमाणु हथियारों का जखीरा रखने के लिए सुरंगों का निर्माण कर रहा है और ये सुरंगे दिल्ली से महज 750 किलोमीटर और अमृतसर से कुछ सौ किमी की दूरी पर स्थित हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमृतसर के नजदीक पाकिस्तान के मियांवाली जिले में इन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। ये भारत की राजधानी दिल्ली से महज 750 किमी तथा आर्थिक राजधानी मुंबई से 1500 किमी की दूरी पर स्थित हैं। टनल में संभावित हमले को देखते हुए परमाणु हथियारों को रखा जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार इन सुरंगों की लंबाई और चौड़ाई दस मीटर है। ये सुंरगें चौड़ी सड़कों से जुड़ी हुईं हैं और इनमें आने-जाने के अलग- अलग दरवाजे हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार प्रत्येक टनल में 12 से 24 परमाणु हथियारों को रखा जा सकता है। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्घ्तान 130-140 वॉरहेड के परमाणु शस्घ्त्रागार को तेजी से बढ़ा रहा है। साथ ही रिपोर्ट का कहना है कि पाक अपने शस्त्रागार को और मजबूत बना रहा है व अधिक साइटों पर इनकी तैनाती कर रहा है जिनके बारे में पता लगाना फिलहाल कठिन है।

अब इस आशियाने पर सचिन नहीं रह पाएंगे

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर जब भी उत्तराखंड की सैर को आते थे, तो मसूरी जाना में ही रूकते थे। मसूरी में वह अपने बेहद करीबी दोस्त एवं उद्योगपति संजय नारंग के आशियाना ढहलिया बैंक परिसर पर ठहरते थे, लेकिन यही आशियाने पर छावनी परिषद लंढौर प्रशासन ने जेसीबी चलवा दी है। कानूनी लड़ाई जीतने के बाद परिषद ने विरोध के बीच इस तीन मंजिला बंगले के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। नारंग पर परिसर में अवैध तरीके से निर्माण कराने का आरोप है।
अदालत के फैसले के क्रम में छावनी परिषद की टीम सीईओ जाकिर हुसैन और एसडीएम मीनाक्षी पटवाल की अगुआई में ढहलिया बैंक परिसर पहुंची। पुलिस और अतिक्रमण हटाओ दल इससे पहले ही वहां पहुंच गया था, लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्डो ने उन्हें परिसर में घुसने से रोक दिया। गार्डो ने धक्का-मुक्की भी की। एसडीएम, सीईओ और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप पर टीम परिसर में दाखिल हुई और वहां मौजूदा गार्ड एवं अन्य स्टाफ को बाहर निकालकर जेसीबी से ध्वस्तीकरण शुरू किया। 30 मजदूरों समेत 45 सदस्यीय टीम अवैध निर्माण तोड़ने में जुटी है। एहतियातन वहां सुरक्षा बल तैनात है।
क्या था पूरा मामला
संजय नारंग ने 2009 में कैंट बोर्ड से 2800 वर्गफीट में फैले ढहलिया बैंक परिसर की मरम्मत की इजाजत मांगी थी। बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष मेजर जनरल रणबीर यादव ने बोर्ड के बहुमत के आधार पर नारंग को इसकी अनुमति दे दी, लेकिन कुछ समय बाद ही तत्कालीन सीईओ अशोक चौधरी इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ले आए। इस बीच, नारंग ने पुराना निर्माण ध्वस्त कर परिसर में नया निर्माण कार्य शुरू कर दिया। बोर्ड अधिकारियों ने कार्य रुकवाने के आदेश दिए पर अमल नहीं हुआ। कुछ ही अंतराल में नारंग ने परिसर में तीन मंजिला भवन खड़ा कर डाला। सिविल न्यायालय और सत्र न्यायालय के बाद मामला नैनीताल हाई कोर्ट तक पहुंचा। नैनीताल हाई कोर्ट ने बीती 5 सितंबर को ढहलिया बैंक में हुए अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। इसके खिलाफ संजय नारंग ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका डाली, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली। 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेशों को बरकरार रखा। नारंग को 12 दिनों के भीतर बंगला खाली करने को कहा। वैसे नारंग ने 90 दिनों की मोहलत मांगी थी, पर अदालत ने इसे नहीं माना।
नहीं ली गयी निर्माण के समय अनुमति
ढहेलिया बैंक परिसर के पास ही रक्षा मंत्रालय का संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी मैनेजमेंट) भी है। इसकी वजह से इस पूरे इलाके को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां किसी भी निर्माण से पहले संस्थान की अनुमति लेनी अनिवार्य है, लेकिन संजय नारंग ने इसे भी नजरअंदाज किया।
ध्वस्त से पूर्व ही हटा लिये थे कीमती सामान
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद से ही संजय नारंग ने इस आलीशान बंगले से अपना सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया था। कमरों में केवल दरवाजे और खिड़कियों की चौखट लगी मिलीं। यही नहीं, बंगले के अगले हिस्से में दीवारों पर लगाया गया कीमती सामान भी उतरवा लिया था। कुछ मजदूर छत पर लगी पठाल (पत्थर) भी उतारते मिले।
ढहलिया बैंक परिसर में बेसमेंट सहित तीन मंजिला निर्माण ध्वस्त किया जाना है। इसमें एक सप्ताह अधिक समय भी लग सकता है।

चोटी काट आरोपी पर तीन लाख का इनाम

दिल्ली, यूपी और राजस्थान सहित कई राज्यों में चोटी कटने घटनाएं बंद क्या हुई अब जम्मू-कश्मीर में शुरू हो गई हैं। कश्मीर में रहस्यमय तरीके से चोटी कटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस वजह से महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कश्मीर पुलिस ने चोटी काटने वाले शख्स पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर से चोटी कटने के करीब 30 मामले सामने आए हैं। इससे परेशान होकर श्रीनगर के बाटमालू इलाके में लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। यहां कुछ नकाबपोश लोगों ने घर के अंदर घुसकर एक महिला के चेहरे पर स्प्रे छिड़का और चोटी काटकर फरार हो गए। अनंतनाग जिले के एक गांव में अज्ञात शख्स एक घर की किचन में घुस गया।
वहां उसने कुछ स्प्रे छिड़का, जिसके बाद खाना बना रही 16 वर्षीय लड़की बेहोश हो गई। उसी दौरान उसकी चोटी काट ली गई। दूसरी तरफ, सिजीमर गांव में एक महिला की सोते हुए चोटी काट ली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कुछ हाथ नहीं लग पाया। कुलगाम जिले से 12 और अनंतनाग जिले से 2 चोटी काटने के मामले दर्ज हो चुके हैं।
यह मामला सीएम महबूबा मुफ्ती तक पहुंच गया है। इसे संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही चोटी काटने वाले आरोपी के सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। स्थानीय महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताते चलें कि बीते दिनों भारत के कई राज्यों में चोटी कटने के मामले सामने आए थे। दिल्ली के छावला गांव से शुरू हुआ यह मामला एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार और कई अन्य राज्यों में अचानक फैल गया था। इन घटनाओं में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है। चोटी काटने की अफवाहों में कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं।

हॉस्टल बंद से बाहरी राज्यों के स्टूडेंट की बड़ी मुश्किलें

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के खिलाफ विवाद जारी है। सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा। वहीं, प्रदर्शन के चलते पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कुछ विभाग में सेमेस्टर परीक्षाएं कैंसिल हो गई हैं।
परीक्षाएं हुई कैंसिल, हॉस्टल बंद होने से दिक्कत
बीएचयू में हो रहे बवाल के कारण सेमेस्टर परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी गई है। सोमवार से कुछ सब्जेक्ट की परीक्षाएं होनी थी लेकिन अवकाश कर दिए जाने के कारण परीक्षाएं लंबित कर दी गई। अब छात्र-छात्राओं को नई तारीख का इंतजार करना है। वहीं स्टूडेंट्स को रविवार को हॉस्टल छोड़ने का नोटिस दे दिया गया, जिसके चलते स्टूडेंट्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान
प्रदर्शन के कारण वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान है। अचानक से हॉस्टल बंद कर देने का नोटिस जारी कर दिया गया। उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया गया। ऐसे में आनन-फानन सारा इंतजाम करना मुश्किलें पैदा करने वाला है। वाराणसी के बाहर की छात्राएं अचानक हॉस्टल छोड़ने के नोटिस से ज्यादा परेशान हैं। एक तरफ तो सुरक्षा की चिंता वहीं दूसरी ओर पैसों के आभाव में घर जाना उनकी दिक्कतें बढ़ाने वाला है। हॉस्टल में बिजली-पानी सप्लाई काट दी गई है।
मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटे
हॉस्टल छोड़ने के नोटिस के बाद मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटना पड़ा। बता दें कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में करीब 25 हजार स्टूडेंट रहते हैं।
ऐसे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गुरूवार (21 सितंबर) से हुई। ऐसा तब हुआ आर्ट्स डिपार्टमेंट की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया। छात्रा के मुताबिक, जब उसने उन लोगों का विरोध किया, तो तीन लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसके बाद भाग गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि घटनास्थल से तकरीबन 100 मीटर की दूरी पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उन लोगों को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।
लगातार छेड़खानी का आरोप
बीएचयू की छात्राओं ने लगातार छेड़खानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कैंपस में लगातार ही छेड़खानी का सामना करना पड़ता है। विश्वविद्यालय प्रशासन असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

यूपी में नहीं थम रहे रेल हादसे

देश में होते रेल हादसों के बाद केंद्र सरकार ने रेल मंत्री जरूर बदल दिया है लेकिन रेल पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामले में मंगलवार को यूपी के सीतापुर में 54322 बालामऊ-बुढवल पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतरने का मामला सामने आया है। यह ट्रेन बुढवल से चलकर बालामऊ जा रही थी। ट्रेन डिरेल की घटना शहर के बस स्टॉप के करीब पुलिस लाइन रेलवे क्रासिंग पर हुई।
यह ट्रेन सीतापुर कैंट स्टेशन से चलकर कुछ ही दूर पर पहुंची थी। तभी पुलिस लाइन रेलवे क्रासिंग पार करते समय ट्रेन के इंजन के दो पहिये पटरी से उतर गये। इंजन के पहिये पटरी से उतरते ही उसमें सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत यह रही कि हादसे में सभी यात्री सुरक्षित हैं। ट्रेन डिरेल होने की सूचना मिलते ही रेलवे के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। ट्रेन डिरेल की घटना रेलवे क्रासिंग पर होने के चलते लखीमपुर-सीतापुर सड़क यातायात बाधित हो गया और रेलवे क्रासिंग पर लम्बा जाम लग गया। रेलवे और पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रण में लिया और यातायात फिर से बहाल किया गया।
रेलवे अधिकारियों के मुलाबित ट्रैक की क्लिप और तकनीकी मरम्मत करने के बाद रूट पर फिर से संचालन शुरू कराया गया। सीतापुर में कचहरी हॉल्ट पर ट्रैक के परीक्षण के दौरान एक मालगाड़ी के भी 2 डिब्बे पटरी से उतर गए।
बीते दिनों खतौली में हुए बड़े रेल हादसे के बाद भी ट्रेनों का पटरियों से उतरना जारी है। मुजफ्फरनगर के खतौती में ट्रेन हादसे में 23 लोगों की जान चली गए थी। औरेया में भी कैफियत एक्सप्रेस भी कुछ दिन पहले डिरेल हो गई थी, जिसमें करीब 21 यात्री घायल हुए थे।

फोटो खींच व्हाट्सएप पर भेंजे, मिलेगा इनाम

सावधान, अब अगर नदी में कूड़ा डाला तो खैर नहीं और साथ ही जो व्यक्ति नदी में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखेगा व उसकी फोटो खींचकर देगा। उसे पुरूस्कृत भी किया जायेगा। जी हां रुद्रप्रयाग प्रशासन ने नदी में कूड़ा डालने से रोकने के लिए अब नया फार्मूला निकाला है। कूड़ा डालने वाले व्यक्ति की फोटो लाने वाले व्यक्ति को प्रशासन इनाम भी देगा। ताकि लोगों की जागरुकता से नदियो को निर्मल बनाया जा सके।
कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में नमामि गंगे समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नदी को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। साथ ही कहा कि जो लोग नदी नालों में गंदगी डालेंगे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि नमामि गंगे के अंतर्गत नदी एवं नालों तथा सामाजिक प्रतिष्ठानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही नदी, नालों और सामाजिक प्रतिष्ठानों पर कूड़ा फेंकने वालों की फोटो खींचकर उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप पर भेजने वाले को 500 रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कूड़ा फेकने वाले की फोटो साफ होनी चाहिए, जिससे कूड़ा फेंकने वाले का पता चल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि फोटो भेजने वाले का नाम, पता व स्थान का नाम भी उल्लेख करना होगा। कहा कि सामाजिक प्रतिष्ठानों (घाट) में दीवार लेखन, वाल पेटिंग के माध्यम से जन जागरुकता लाई जाएगी। नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत अगस्त्यमुनि में कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

राहत: योगी सरकार ने बिल्डरों को कब्जा दिलवाने के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेशकों को राहत देते हुए निर्माणकर्ताओं को तीन महीने के अंदर 50 हजार मकानों पर कब्जा दिलवाने का निर्देश दिया हैै। ऐसा ना करने पर बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित बिल्डरों को निर्देश दिये हैं कि वे नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अगले तीन महीने के अंदर मकान अथवा फ्लैट निर्माण का कार्य पूरा करके कब्जा दिलवाएं। बिल्डरों ने भी इस पर सहमति दी है। उन्होंने कहा अगर बिल्डर इसमें सहयोग नहीं करेंगे तो हमारे सारे विकल्प खुले हैं, हम उनके खिलाफ आर्थिक कार्रवाई के साथ आपराधिक कार्रवाई भी करेंगे।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री का यह आदेश बिल्डरों तथा नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों के शीर्ष अधिकारियों और मंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद आया है। यह बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा रियल एस्टेट कम्पनी जेपी इंफ्राटेक की दिवालिया होने सम्बन्धी अर्जी पर सुनवाई के दौरान कम्पनी को खरीदारों के हितों की रक्षा के लिये दो हजार करोड़ रुपये जमा करने के आदेश के बाद बुलायी गयी थी।
उच्चतम न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक से कहा था कि वह निवेशकों के हितों की रक्षा के लिये दो हजार करोड़ रुपये जमा कराए। कम्पनी ने अपने द्वारा लिये गये कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने के मद्देनजर दीवालिया होने की अर्जी दी है। अनेक निवेशक इस कम्पनी की एक परियोजना में मकान के लिये धन अदा करने के बावजूद कब्जे के लिये परेशान हैं।

अब स्थानीय भाषा में भी दर्ज हो सकेगी शिकायत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में समाधान पोर्टल हेतु स्मार्ट आई.वी.आर.(इंटरैक्टिव वॉयस रेस्पॉन्स) सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक शिकायतों को मोबाईल/दूरभाष पर प्राप्त कर उनका निस्तारण किये जाने सम्बन्धी सेवा का शुभारम्भ किया। जन समस्याओं और सुझावों को और अधिक सुगम बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1905 पर फोन कर अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकते है। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाईल नम्बर एवं शिकायत का विवरण देना होगा। शिकायत एन.आई.सी. के पोर्टल पर दर्ज हो जायेगी। उसके बाद शिकायत, सम्बन्धित विभाग को भेजी जायेगी। जिसका सम्बन्धित विभाग द्वारा 10 दिन के अन्दर फीडबैक दिया जायेगा। आईवीआर सिस्टम के तहत एक साथ 15 लोग शिकायत/सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इसमें लोग स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिसके लिए अनुवाद की व्यवस्था भी रहेगी। त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाधान पोर्टल पर आई.वी.आर. सिस्टम के होने से जनसमस्याओं के निवारण में तेजी आयेगी। समस्याओं के निवारण के लिए सम्बन्धित विभागों की जिम्मेदारी तय रहेगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं पहुंचेगी तथा सुझाव भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आई.वी.आर. सिस्टम में स्थानीय बोलियों को भी सम्मिलित किया गया है।

सुविधायुक्त घर को लोन का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां एक ओर झोपड़ी और कच्चे घरों में रहकर गुजर-बसर करने वाले परिवारों को आवास बनाने के लिये योजना का लाभ मिल सकेगा। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इस योजना में कुछ नई सौगाते भी दी है। जिसके तहत जहां लाभार्थी पक्का आवास बना सकेंगे, वहीं शौचालय के लिए भी उन्हें अनुदान भी मिलेगा। साथ ही बिजली और गैस कनेक्शन भी मुफ्त मिल सकेगा। इससे गरीब परिवारों को समस्याओं से निजात मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ पाने वाले गरीबों को अब एक साथ कई योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार की ओर से पक्का आवास बनवाने के लिए निर्धारित 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में मिलेंगे। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी में 70 हजार, जबकि अंतिम किस्त 10 हजार की होगी। वहीं, जिला पंचायत राज विभाग से शौचालय के लिए 12 हजार रुपये का अनुदान का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था में लाभार्थियों को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस का कनेक्शन भी दिया जाएगा। दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन मिलेगा। यही नहीं, गरीबों के लिए जिला पूर्ति विभाग से संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्र गृहस्थी में भी शामिल किया जाएगा। इससे उन्हें सस्ते दर में अनाज भी मिल सकेगा।
परिवार के सदस्यों को मिलेगा काम
योजना के तहत जहां आवास का लाभ मिलेगा। वहीं, घर के सदस्य जॉबकार्ड बनवा सकेंगे। साथ ही आवास में स्वयं काम भी कर सकेंगे। इसके तहत मनरेगा से 90 मानव दिवस का लाभ मिल सकेगा। इससे आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
सुविधायुक्त आवास के लिए लोन का भी लाभ
सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख दिए जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी आवास को अधिक सुविधायुक्त बनाना चाहेगा और इसके लिए उसे अतिरिक्त धनराशि की जरूरत होगी तो शासन से निर्धारित धनराशि के अलावा बैंक से सस्ते ब्याज दर पर 70 हजार रुपये के लोन की भी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
आपको बतो दें कि इस प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब परिवारों को दिया जाता है। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शामिल किया जाता है। प्राथमिकता पर उन लोगों को लाभ मिलता है, जो आवास विहीन अथवा कच्चे मकान में रहते हैं। साथ ही इससे पहले परिवार के किसी सदस्य को लोहिया, इंदिरा आवास या अन्य किसी आवास योजना का लाभ न मिला हो।