खामियों के चलते अपडेट होंगी एनसीईआरटी की पुस्तकें

एनसीईआरटी की पुस्तको में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बताया कि एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित स्कूली टेक्स्टबुक की चल रही समीक्षा के दौरान इन किताबों में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां पाई गई हैं। एनसीईआरटी ने एक के बाद एक पुस्तकों में गलतियों को देखते हुए पुस्तकों को रिव्यू करने का फैसला लिया है, क्योंकि उनका कहना है, सभी पुस्तकें काफी समय पहले लिखी गई थी और अब इन्हें अपडेट करने की जरूरत है।
बतादें इससे पहले एनसीईआरटी की 54वीं काउंसिल बैठक में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किताबों को लेकर एक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में सिसोदिया ने किताबों के चौप्टर, प्रेजेंटेशन और भाषा पर आपत्ति जताई है। काउंसिल बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर और कई राज्यों के शिक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। उस दौरान ज्यादातर राज्यों के अधिकारियों ने किताबों में बदलाव का सुझाव दिया था। उस समय मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि देश के सारे बच्चे एनसीईआरटी की किताब पढ़ते हैं। इन किताबों में बहुत गलतियां हैं, जिसे लेकर बैठक में चर्चा हुई कि किताब में किसी चौप्टर को रखने का मकसद, उसकी भाषा या प्रिजेंटेशन कैसा हो। उनका कहना है कि किताब लिखते वक्त सिर्फ बच्चों के बारे में सोचना चाहिए।

पर्दाफाशः हुस्न के जरिए, लूट को अंजाम

अंधेरी रात में पहले अंग का प्रदर्शन और फिर सुनसान जगह में ले जाकर लूट। सुनने में किसी फिल्मी कहानी सा प्रतीत होता है। मगर, एक ऐसी ही घटना सामने आयी है। जिसमें पहले महिला को आगे रखकर हुस्न का प्रदर्शन किया जाता था, बाद में उसे कार में बैठाकर सुनसान जगह में ले जाकर मारपीट व लूट की जाती थी। गुड़गांव में पुलिस ने रात के अंधेरे में हुस्न की नुमाइश कर लूट करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग की मुखिया एक महिला है। रात के समय यह गैंग सड़कों से अपनी गाड़ी में सवारी बैठाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस गैंग के 4 लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला गुड़गांव के इफको चौक और एमजी रोड का है। इस गैंग की मुख्य सरगना की पहचान महिमा उर्फ माही के रूप में हुई है। पिछले कुछ समय से माही अपने साथी गौरव, अक्षय और जानवी के साथ मिलकर लगातार लूट की वारदातों को अंजाम दे रही थी। लूट के समय आरोपी गौरव लड़का होने के बावजूद भी लड़की बनकर रहता था.
आरोपी अपनी गाड़ी लेकर इफको चौक और एमजी रोड पर शिकार की तलाश करते थे। जैसे ही कोई शिकार नजर आता उसे अपनी हुस्न के जाल में फंसाकर गाड़ी में बैठा लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को एक सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करते और लूट कर फरार हो जाते। काफी समय से पुलिस इन लोगों को तलाश रही थी। सूचना मिलते ही उनको धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी महिमा पहले भी लूट की वारदात में जेल जा चुकी है। यह महिमा ही लूट की प्लानिंग करती थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने तीन और वारदातों को कबूल किया है। जिसका केस गुड़गांव में ही दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुछताछ चल रही है।

बाढ़ पीड़ितों ने लगाए क्षेत्रीय सांसद के पोस्टर, कहा मिले तो हमें बताए

एक ओर जहां बरसात का मौसम चल रहा है और ऐसे में बाढ़ का आना लाजमी है। बिहार के 18 जिले इस वक्त बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं इन बाढ़ पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रहा है। मदद न होने की वजह से उनका गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दरभंगा जिले में भी बाढ़ में भारी तबाही मचाई है। अब तक 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा अपने क्षेत्र के सांसद, पूर्व क्रिकेटर व स्थानीय सांसद कीर्ति आजाद पर निकला है। दरभंगा की सड़कों पर बाढ़ पीड़ितों ने निलंबित बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद के गुमशुदगी की कई पोस्टर चिपकाए हैं। जिसमें कहा गया है कि चुनाव जीतने के बाद वह अपने क्षेत्र से गायब हो गए हैं।
बिहार के इस क्षेत्र में जगह-जगह सांसद कीर्ति आजाद के पोस्टर चिपकाए गए है। चिपकाए गए पोस्टरों में कीर्ति आजाद पर तंज कसा गया है और कहा गया है कि बाढ़ पीड़ित अपने सांसद कीर्ति आजाद की तलाश कर रहे हैं और जिस किसी को भी वह मिल जाए वह तुरंत बाढ़ पीड़ितों को सूचित करें। यहां की जनता उनका इन्तजार कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि आपदा के वक्त वह अपने इलाकों के लोगों से मिलकर उनका दुख-दर्द बांटेंगे और मदद का भरोसा देंगे, लेकिन आजाद के गायब होने से स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। दरअसल में कीर्ति आजाद बीजेपी की टिकट से चुनाव जीतकर आए थे लेकिन वह लगातार डीडीसीए घोटाले मामले में अरुण जेटली पर हमलावर थे जिसके बाद उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के चलते बीजेपी ने निलंबित कर दिया था। बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह रूप धारण कर चुकी है। सीएम नीतीश कुमार ने खुद कहा था कि उन्होंने जीवन में अबतक इतनी भयंकर बाढ़ नहीं देखी है। राज्य भर बाढ़ से अबतक 253 लोगों की मौत हो चुकी है और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं।

आधी रात को किरन बेदी क्यों कर रही सड़कों का दौरा

पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने देर रात स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर शहर का मुआयना किया। इस दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने दुपट्टे से चेहरा ढंक रखा था।. दरअसल वह इस केंद्रशासित प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का जायजा लेना चाह रही थीं। स्कूटर को एक महिला ही चला रही थी। किरण बेदी के इस कदम को कई लोगों ने सराहा, जबकि कुछ लोगों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर उनकी आलोचना भी की। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों महिलाओं ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।
शहर में देर रात सुरक्षा जायजा लेने के बाद उन्होंने ट्वीट किया। महसूस किया कि पुडुचेरी रात में भी महिलाओं के लिए सुरक्षित है। हालांकि कहा कि वह कुछ कदम उठाने का सुझाव देंगी जो सुरक्षा मजबूत करने के लिए पुलिस को उठाने की जरूरत है।
उपराज्यपाल ने लोगों को सलाह दी कि अगर वह अपनी चिंताओं से पीसीआर को अवगत कराएं या 100 नंबर पर फोन करें। गौरतलब है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी लोगों से मिलने और उनसे संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए आम तौर सप्ताहांत के अपने दौरे में आसपास के क्षेत्रों में जाती हैं।

कॉल ड्रॉप हुयी तो उपभोक्ता कंपनी पर लगा सकता है जुर्माना

भारत में हर व्यक्ति के पास दो मोबाइल फोन है। नेटवर्क की समस्या से जुझ रहे उपभोक्ता कॉल ड्रॉप होने और नेटवर्क परेशानी के चलते दो फोन रख रहा है। पिछले कुछ समय से कॉल ड्रॉप की ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही है। कंपनी ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में उपभोक्ताओं की कॉल ड्रॉप कर रही है। जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लेकिन अब ट्राई ने अधिक कॉल ड्रॉप होने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा है। कॉल ड्रॉप प्रतिशत को अब पूरे सर्किल के औसत के बजाय मोबाइल टावर के स्तर पर मापा जाएगा। ट्राई की ओर से मोबाइल कॉल की गुणवत्ता के बारे में निर्धारित नए नियमों में ये कड़ी शर्तें लादी गई हैं। ये नियम एक अक्टूबर से लागू होंगे।
टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा, हमने 1-5 लाख रुपए तक के वित्तीय दंड का प्रावधान किया है। नेटवर्क के प्रदर्शन के आधार पर यह ग्रेडवार जुर्माने की व्यवस्था है।
ट्राई के प्रभारी सचिव एसके गुप्ता ने कहा, यदि कोई ऑपरेटर लगातार दूसरी तिमाही में कॉल ड्रॉप के बेंचमार्क को पूरा करने में विफल रहता है तो उस पर डेढ़ गुना और यदि तीसरी तिमाही में भी विफल रहता है तो तीन गुना जुर्माना लगेगा। लेकिन किसी भी स्थिति में जुर्माना 10 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होगा। अब तक के नियमों में किसी सर्किल में निर्धारित से ज्यादा कॉल ड्रॉप होने पर प्रति तिमाही एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

पीओके में युवाओं ने मांगी आजादी, कहा हिंदुस्तान जिंदाबाद

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आजादी को लेकर पिछले काफी समय से मांग की जा रही है। पाकिस्तान से आजादी के लिए जनदाली में जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय छात्र संघ द्वारा विशाल रैली आयोजित की गई। जिसमें पाक के खिलाफ आजादी के नारे लगाए गए। वहां के स्थानीय नेता लीकांत खान ने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिये अपने आतंकवादियों को यहां भेजता है। कई सालों से पीओके में लगातार आजादी की मांग उठ रही है।
आलम यह है कि इस साल मई के महीने में भी पीओके के हजीरा स्थित डिग्री कॉलेज में छात्रों ने पाकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। जिसमें छात्रों ने पाक के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया था। डिग्री कॉलेज के छात्रों का कहना था कि आजादी हमारा हक है और हम इसको हासिल करके रहेंगे। सिंध प्रांत में भी पाकिस्तान के खिलाफ स्थानीय लोग अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं. वहीं पाकिस्तान इन आवाजों को दबाने की भरसक कोशिश करता रहा है। पाकिस्तान आर्मी स्थानीय लोगों पर जुल्म ढाती रही है। हाल के दिनों चीन-पाक आर्थिक गलियारे को लेकर भी लोगों में आक्रोश का माहौल है।

अवैध कब्जा ही असली मुद्दा
दूसरी ओर भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और उसे खाली करना होगा। भारत का कहना है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू और कश्मीर को लेकर कोई विवाद है तो वह सिर्फ पाकिस्तान की तरफ से पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर अवैध कब्जा है।

चीन की बढ़ती गतिविधियों से सीमांत जनपद के चरवाहों ने पहाड़ छोड़ा

उत्तराखण्ड के सीमा बडाहोती पर लगातार चीनी और भारतीय सैनिको की बढती चहल कदमी ने इस इलाके में सालो से अपनी बकरियों को चराने वाले चरवाहो को वापस नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया है। ताजा खबर है कि चीन की सेना की ओर से चेतावनी दी है जिसमें कहा गया है कि यह चीन की सीमा है और वापस चले जाओ।
इस धमकी के बाद बकरिया चराने वाले चरवाहो ने सीमाओ से नीचे उतरने में ही अपनी भलाई समझी जबकि चरवाहें हर साल ठण्ड शुरू होने पर ही पहाडी सीमाओ से नीचे आते हे। लेकिन सीमाओ पर सैनिको की बढती चहल कदमी से बकरी चराने वाले लोगो ने ठण्ड का मौसम शुरू होने से पहले ही अपनी बकरियो के साथ नीचे की तरफ आने लग गये है। बकरी चराने वाले लोगो का कहना है कि अभी तक इनको यह रहने में कोई परेशानिया नही थी लेकिन सीमा पर चीनी सैनिको के संख्या बढ गई है और बार बार चेतावनी दी जा रही है कि कोइ्र भी जानवर नाले से पार आये तो ठीक नही होगा। जिससे सहमे चरवाहें बकरी लेकर पहाडी से नीचे की तरफ उतरने लगे है।

जमरानी बांध के निर्माण को सीएम से मिले बंशीधर भगत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में विधायक बंशीधर भगत के साथ जमरानी बांध पर चर्चा हुयी। चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस विषय पर वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही इस बहुद्देश्यीय प्रोजेक्ट के लिये केन्द्र सरकार, उत्तराखण्ड सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की मध्य एमओयू साईन किया जाएगा एवं केन्द्र सरकार से भी शीघ्र ही मंजूरी मिल जाएगी।
विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि इस बहुद्देश्यीय जमरानी बांध के बन जाने से भू-जल स्तर में सुधार आएगा, जिससे कुमांऊ के भाबर क्षेत्र में पानी की कमी से निजात मिल सकेगी। जमरानी बांध का फायदा प्रदेश के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के अलावा यूपी के बरेली जिले को बिजली-पानी की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षाें से रूके इस कार्य में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में बांध के कार्य में तेजी आयी है।

जीएसटी में हिमालयी राज्यों को छूट देने पर सीएम ने जताया आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में ऐसे उद्योगों को जिन्होने जीएसटी लागू होने के पूर्व केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में छूट का फायदा उठाया था वर्ष 2027 तक बजटीय सहायता दिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इससे ऐसे उद्योग जो राज्य से बाहर जा रहे थे, उनको राज्य में ही रोकने में सहायता तो मिलेगी ही, साथ ही नये उद्योग की स्थापना के लिये और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की जनता की ओर से केन्द्र सरकार का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास पर नमामि गंगे परियोजना के एक कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान यह बयान दिया।
पिथौरागढ़ में प्राकृतिक आपदा से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार राहत कार्य कर रही है। मौसम खराब होने के कारण हैलीकाॅप्टर नहीं उड़ पा रहे हैं। एक हैलीकाॅप्टर को धारचूला में ही रखा गया है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में हैलीकाॅप्टर की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। एनडीआरएफ, एसडीआआरएफ, आईटीबीपी, सेना एवं स्थानीय लोग लगातार राहत कार्यों में लगे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने एवं खाने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा टीम द्वारा मेडिकल कैम्प के माध्यम से प्रभावितों के साथ ही स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क एवं पैदल मार्ग की मरम्मत आदि का कार्य किया जा रहा है। दो चिकित्सा टीमों द्वारा मालपा तथा सिमखोला में चिकित्सा कैंप लगाकर कर स्वास्थ्य परीक्षण तथा दवा वितरित की जा रही है। भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई में काम कर चुके पूर्व अधिकारियों को लेकर एक टीम बनायी जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मसलों की जांच समय से पूरी की जा सके। इससे भ्रष्टाचार से जुड़े मसलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

टिहरी बांध का जलस्तर बढ़ने से गांवों पर मंडरा रहा खतरा

टिहरी बांध झील का जलस्तर पर बढ़ने से प्रतापनगर क्षेत्र के गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों के घर और आंगन में दरारें गहराने लगी है, जिस कारण ग्रामीणों में दशहत बनी हुई है।
जिला पंचायत सदस्य कंगसाली आंनद रावत ने गांवों के विस्थापन की मांग की है। तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिपं सदस्य आनंद रावत ने कंगसाली, रौलाकोट, गडोली, चांठी, मोटणा, चौंधार, भैंगा, जणगी आदि गांवों का भ्रमण किया। बताया कि टिहरी झील का जल स्तर बढ़ने से इन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। गांवों के विस्थापन को लेकर शीघ्र डीएम से भेंट की जाएगी। हटवाल गांव में अधर में लटके प्रसिद्ध भोमेश्वर महादेव मंदिर का काम टीएसडीसी के सीएसआर मद से पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने डोबरा-चांठी पुल का भी निरीक्षण कर पुल निर्माण शीघ्र पूरा करने की जरूरत बताई।