सिल्क्यारा विजय अभियान पुस्तक का राज्यपाल सहित सीएम ने किया विमोचन

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित ‘सिलक्यारा विजय अभियान’ प्रथम वर्षगाँठ एवं 19वाँ राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन-2024 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने सिल्क्यारा विजय अभियान पुस्तक एंव अन्य पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने सिल्क्यारा रेस्क्यू अभियान पर बनी लघु फिल्म का अवलोकन भी किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान राज्य आपदा प्रबंधन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। विश्व के पर्वतीय देशों के लिए यह उदाहरण है कि किस प्रकार से सिलक्यारा टनल में फँसने के बाद किस प्रकार 41 श्रमिकों को बचाव कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। यह धैर्य, लीडरशिप, कॉर्डिनेशन और अपने संकल्प को पूरा करने का बहुत बड़ा उदाहरण है। पूरे विश्व ने देखा है कि किस 17 देशों के एक्सपर्ट्स 41 फँसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य जिसमे एक भी श्रमिक को खरोंच तक नहीं आई। उन्होंने कहा कि इस विजय अभियान का डॉक्यूमेंटेशन किया जाना भी एक ऐतिहासिक कार्य है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी। राज्यपाल ने कहा कि भारतीयों के अंदर जो क्षमता है, जिसे पूरी दुनिया ने कोविड के दौरान भी देखा था। इसके बाद सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का बचाव कार्य भी इसका एक और उदाहरण है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश को ईश्वर ने बहुत से प्राकृतिक संसाधनों से नवाजा है। अब इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमारी है। उन्होंने कहा कि राजभवन में वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्य किया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने आम जन से अपने आस-पास नौले धारों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि हमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करना है जल प्रबंधन में ग्राम पंचायतों और नागरिक संगठनों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमसे आग्रह किया है कि पर्यावरण की रक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम लगाकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों में कुछ भी कर गुजरने की एक अद्भुत क्षमता है। हमें अपनी बहनों को आगे बढ़ाने में उनका साथ देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्ष सिलक्यारा के सफल बचाव अभियान ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से 17 दिनों के अथक प्रयासों से सिलक्यारा टनल में फंसे हुए 41 श्रमिकों को सुरक्षित बचाया गया था। उन्होंने कहा पूरा विश्व और देश के लोग सिल्क्यारा के लिए दुवा कर रहा था। जो अभियान सामूहिक समर्पण और तकनीकी दक्षता की अनुपम मिसाल बना। जिसे अब आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अध्ययन और शोध का विषय भी माना जा रहा है। उन्होंने सिल्क्यारा के सफल रेस्क्यू के एक वर्ष होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन बीते 19 वर्षों से प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ये सम्मेलन शोध पत्रों के प्रस्तुतीकरण, सामाजिक महत्व के शोध, नवाचार और नीतिनिर्धारण जैसे गंभीर विषयों पर चिंतन का मंच भी है। हर वर्ष सम्मेलन में राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है, पिछले तीन वर्षों में हमने ग्रामीण विज्ञान, भारतीय ज्ञान-विज्ञान परंपरा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर नवाचार और शोध को प्रोत्साहित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सम्मेलन में उत्तराखण्ड में जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जैसे प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी, जो जलवायु परिवर्तन और बढ़ती हुए जनसंख्या को देखते हुए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा हमारा राज्य जल संपदा को संजोए हुए है। उन्होंने कहा इस सम्मेलन में राज्य और देशभर से आए वैज्ञानिकों व शोधकर्ताओं द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन जैसे विषयों पर भी गहन मंथन होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत दशकों से नित नए कीर्तिमान स्थापित करता रहा है। कोरोना वैक्सीन से ब्रह्माण्ड के अबूझ रहस्यों तक, हम भारतीय विज्ञान को नए स्तर पर ले जाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं। भारत ने समय समय पर अपनी वैज्ञानिक और बौद्धिक संपदा को सिद्ध करके दिखाया है। भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट, आचार्य कणाद, आचार्य नागार्जुन, महर्षि सुश्रुत जैसे अनेक लोग, भारत के वो वैज्ञानिक स्तंभ हैं, जिनके सिद्धांतों पर आज का आधुनिक विज्ञान स्थापित है। दुनिया को ज्ञान, विज्ञान और शिक्षा देने का काम भारत ने किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनेकों कार्य हुए हैं। आज भारत में गुड गवर्नेंस के लिए विज्ञान और तकनीकी का व्यापक उपयोग हो रहा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हम उत्तराखण्ड में भी नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेजी से हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में साइंस और इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, और ैज्म्ड लैब्स के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना में महिलाओं की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों और संस्थाओं से बालिकाओं को साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु विशेष प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार, राज्य की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि और पर्यावरण के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित कर रही है। हमारा प्रयास है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा इस सम्मेलन के सभी सत्रों में मिले सुझावों को प्रदेश सरकार अमल में लाकर प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेगी।

इस अवसर पर सचिव नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, डॉ विनोद एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड पहुंचने पर अमित शाह का हुआ भव्य स्वागत

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत और अन्य गणमान्य लोगों ने भी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का स्वागत किया।

सीएम ने पीएम का 167.70 करोड़ रूपये की विशेष सहायता देने पर जताया आभार

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने विशेष सहायता योजना के तहत राज्यों के पूंजी निवेश (भाग- IX) के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य के लिए 167.70 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत और मंजूर की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है।

यह राशि राज्य में विकास परियोजनाओं और पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विकास परियोजनाओं को गति देने और राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एंड आरोग्य एक्सपोः विदेशी अतिथियों की सभी आवश्यकताओं के लिये अधिकारियों को मिले निर्देश

देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो की तैयारियों को अन्तिम रूप देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न कार्यों के लिए तत्काल नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य योगदान देने वाले सभी विभागों आयुष, पर्यटन, हॉर्टीकल्चर, उद्योग, कौशल विकास, स्वास्थ्य व संस्कृति विभाग के साथ ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने इस आयोजन में दुनियाभर से आने वाले विदेशी अतिथियों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ ही प्रोटोकॉल व सम्पर्क अधिकारियों की सूची को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोजन स्थलों पर फूड एवं फायर सेफ्टी सहित सभी सुरक्षा सम्बन्धित व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने नगर निगम को शहर व आयोजन स्थलों पर स्वच्छता पर विशेष रूप से कार्य करने तथा अन्य सम्बन्धित विभागों को पार्किंग, बिजली व जल की अबाध आपूर्ति आदि हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो के आयोजन के दौरान स्टेट ब्रांडिंग के साथ ही उत्तराखण्ड की संस्कृति, स्थानीय भोजन आदि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस के दौरान उत्तराखण्ड आधारित आयुष एमएसएमई तथा उद्यमों के प्रदर्शन व प्रचार-प्रसार पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो हेतु वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस द्वारा देश और दुनियाभर के आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों, विद्वानों, को निमंत्रण भेज दिए गए हैं। आयोजन के दौरान 400 से अधिक सत्रों के फॉर्मेट को अन्तिम रूप दे दिया गया है। 100 वक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने यूपी के प्रयागराज में आयोजित तृतीय कुंभ कॉन्क्लेव में किया वर्चुअल प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित तृतीय कुम्भ कॉन्क्लेव के समापन समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कुंभ कॉन्क्लेव भारतीय सनातन संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिकता के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक प्रभावशाली मंच है। जिसके आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने इंडिया थिंक काउंसिल का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिवेणी की ये भूमि गंगा, यमुना और सरस्वती जैसी पवित्र नदियों की संगम स्थली के साथ हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं का भी संगम है। यहां होने वाला कुंभ धार्मिक स्नान, पाप मुक्ति के साथ ही व्यक्ति को आत्मिक, वैचारिक और मानसिक शुद्धि भी प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति मात्र एक पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने का एक ऐसा मार्ग है, जिसमें प्रत्येक प्राणी के कल्याण की भावना निहित है। हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर आधारित है। कुंभ का आयोजन भी हमारी इसी विचारधारा का प्रतीक है, जहां देश-विदेश से लाखों लोग बिना किसी भेदभाव के संगम में डुबकी लगाकर आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। कुम्भ मेले के माध्यम से हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों तक भी पहुंचाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के आयोजन में विश्वभर से लोग भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिकता के रहस्यों को जानने और समझने हेतु आते हैं। इससे भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास भी और विरासत भी के मूल मंत्र के साथ एक नया इकोसिस्टम भी विकसित किया जा रहा है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक का विकास, योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना, कुंभ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिलवाने जैसे अनेकों ऐतिहासिक कार्य उनके नेतृत्व में हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में तीर्थ स्थलों के विकास और कल्याण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। जिसके बाद देश में बड़े बदलाव हुए है। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। निश्चित ही उन्हीं के नेतृत्व में होने जा रहे महाकुंभ का आयोजन भी भव्य और ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कुंभ जैसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़ने में मदद करते हैं और हमें समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा निश्चित ही प्रयागराज में होने जा रहा महाकुंभ भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इस दौरान कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद महाराज, अशोक मेहता, सौरभ पांडे, आर.एस वर्मा, चंपत राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ऋषिकेश को विशेष वित्तीय सहायता के लिए मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र का आभार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को ‘स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट 2024 – 25 योजना‘ के तहत 66 करोड़ रुपए का विशेष लोन (सहायता) जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने तीर्थनगरी ऋषिकेश में पयर्टन विभाग के अधीन विभिन्न परियोजनाओं के लिए योजना के तहत कुल 100 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जिसमें से प्रथम किश्त के रूप में 66 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। जबकि दूसरी किश्त के 34 करोड़ रुपए, प्रथम चरण की सहायता 75 प्रतिशत तक खर्च करने पर जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय से इस विशेष वित्तीय सहायता के लिए प्रयासरत थे, उनकी इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात भी हो चुकी थी।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है, प्राप्त वित्तीय सहायता से सरकार ऋषिकेश को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करेगी।

डाक्टरों की टीम ने गैरसैंण ब्लॉक के सारकोट जाकर शहीद की माताजी का किया स्वास्थ्य परीक्षण, किया उपचार

मंगलवार को गैरसैंण ब्लॉक के सारकोट के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि शहीद बसुदेव सिंह की माताजी माहेश्वरी देवी का स्वास्थ्य खराब है। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की एक टीम सारकोट भेजी। जहां डॉ राजेश गैडी व डॉ ज्योति ने शहीद की माताजी का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दवाइयां दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को इस संबंध में नियमित फॉलोअप करने को कहा।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा है कि जरूरत हुई तो जिला चिकित्सालय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सारकोट भेजी जाएगी।

सीएम से मिले नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के साथ ही पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा पुलिस के सशक्तिकरण के साथ उन्हें एडवांस टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी जोड़ना है। राज्य सरकार का संकल्प ड्रग्स फ्री उत्तराखंड बनाना है, जिसमें पुलिस की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा समाज में नशे के खिलाफ तेजी से अभियान चलाना है। और ड्रग्स माफिया और तस्करों को जेल में डालना है। यातायात सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना है।

काफिला रोक, लोगों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुना कॉलोनी चौक में काफिला रुकवाकर पुराने परिचित दुकानदारों एवं आमजन से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री दुकानों में खरीदारी करने पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने उपकर पान भंडार में राजेश कुमार ’राजू भैया’ से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच में पाकर राजेश कुमार भावुक नज़र आए। मुख्यमंत्री ने अन्य लोगों से भी मुलाकात कर उनके हाल चाल जाना एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का फीडबैक भी लिया।

प्रधानमंत्री के हाथों हुई थी हाउस आफ हिमालयाज की लांचिंग, हुई 34.52 लाख की बिक्री

पहाड़ के जंगलों में पैदा होने वाले शुद्ध शहद से लेकर सीढ़ीदार खेतों में उगाया जाने वाला आर्गेनिक मंडुआ, झंगोरा, गहथ, राजमा और हैंडमेड ऊनी वस्त्र से लेकर हैंडिक्राफ्ट तक। विशुद्ध उत्तराखंडी उत्पादों का ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, लांचिंग के एक साल से कम समय में 34 लाख रुपए से अधिक की बिक्री करने में कामयाब रहा है।

ग्राम्य विकास विभाग के अधीन, हाउस ऑफ हिमालयाज, उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का कॉमन ब्रांड है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुआ था। प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन के बाद हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की एकाएक मांग बढ़ी है। बीते 11 महीनों में ही हाउस ऑफ हिमालयाज कुल 34,52,330 रुपए की बिक्री दर्ज करने में कामयाब रहा है। अब हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑफलाइन के साथ ही ई कामर्स साइट अमेजन और ब्रांड की खुद की अपनी वेबासइट https%@@houseofhimalayas-com@ पर भी मिल रहे हैं।

एक करोड़ सालाना बिक्री का लक्ष्य
सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा के मुताबिक उत्तराखंड की साठ प्रतिशत से अधिक आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है, ऐसे में हाउस ऑफ हिमालयाज ग्रामीण आर्थिकी के मामले में गेम चेंजर साबित होने जा रही है। योजना के तहत अगले तीन साल में कुल ब्रिकी करोड़ के पार पहुंचाते हुए, पांच लाख महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख के पार ले जाते हुए उन्हें लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत किसानों और ग्रामीण महिलाओं की आय में 50 से 75 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

आठ श्रेणी में 35 उत्पाद
वर्तमान में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत आठ श्रेणी में कुल 35 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं। सरकार स्थानीय मेलों, त्यौहार के मौकों पर हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को खरीदने पर जोर दे रही है। साथ ही सरकारी कार्यक्रमों और कार्यालयों के जरिए भी हाउस ऑफ हिमालयाज की बिक्री बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। दिवाली जैसे त्यौहार के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज की ओर से खास गिफ्ट पैक उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें खूब पसंद किया गया।
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राज्य के समग्र विकास के लिए, गांवों की आर्थिकी मजबूत की जानी जरूरी है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस ब्रांड के तहत उत्तराखंड के परंपरागत उत्पाद अब देश विदेश में पहुंच रहे हैं, सरकारी खरीद के जरिए भी ब्रांड की मांग बढ़ाई जा रही है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री