उत्तराखंडः 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता हुआ साफ


उत्तराखंड के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए शिक्षकों की भर्ती के लिये बीएड की बाध्यता समाप्त कर दी है। इसके स्थान पर दो वर्षीय डीएलएड कोर्स को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के वर्ष 2018 में जारी उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया था जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता लागू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में राज्य कैबिनेट ने हाल ही में राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके क्रम में शासन ने उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को जारी कर दी है।

नियमावली में संशोधन से बेसिक शिक्षकों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड डिग्री की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब राज्य में केवल डीएलएड डिग्रीधारक ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के बेसिक शिक्षक के पद के लिये पात्र होंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की नई नियमावली लागू होने से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके लिये निर्वाचन आयोग से भर्ती की अनुमति लेते हुये शीघ्र उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गए हैं।

उत्तराखंडः वनाग्नि नियंत्रण हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को 5 करोड़ का बजट आवंटित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में वनाग्नि को नियंत्रित किए जाने के सम्बन्ध में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन का अपडेट लेते हुए सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर रेंज अधिकारी, जोरासी (अल्मोड़ा वन प्रभाग, अल्मोड़ा) को प्रभागीय कार्यालय स्तर पर सम्बद्ध किया गया है। सीएस ने जोनल अधिकारी मुख्य वन संरक्षक कुमाऊँ/गढ़वाल तथा वन्यजीव परिरक्षण क्षेत्र को निर्देश दिए है कि वनाग्नि नियंत्रण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियो/ कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में मॉडल क्रू-स्टेशन/क्रू-स्टेशन पर मोबाईल क्रू टीम प्रत्येक चारधाम रूट पर सभी विजिबल स्ट्रेचस एवं रूट के किनारे पड़ने वाले ग्रामों की मैपिंग की गई है एवं मोबाइल क्रू-टीम तैनात की जा रही है। राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी वनाग्नि एवं आपदा प्रबन्धन द्वारा वनाग्नि की घटनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। उनके द्वारा उच्च स्तर को भी वनाग्नि की घटनाओं की अद्यतन सूचना से अवगत कराया जा रहा है। वरिष्ठ वनाधिकारियों द्वारा वनाग्नि नियंत्रण कार्यवाही के क्षेत्र भ्रमण/अनुश्रवण की दैनिक रिर्पाेट मुख्यालय को उपलब्ध करायी जा रही है। प्राप्त फायर अलर्ट को तत्काल वाट्सअप गु्रपस में पोस्ट कर तत्काल सम्बन्धित क्रू-टीम को मौके पर भेज कर रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम वनाग्नि को नियंत्रित किया जा रहा है। प्राप्त लार्ज फोरेस्ट फायर अलर्ट पर विशेष मॉनिटरिंग करते हुए कम से कम समय में वनाग्नि को नियंत्रित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वनाग्नि नियंत्रण में सक्रिय वन पंचायतों/वनाग्नि प्रबन्धन समितियों/ महिला मंगल दलों/ युवा मंगल दलों की भी सहायता ली जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा वनाग्नि नियंत्रण हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को 5 करोड़ का बजट आवंटित कर दिया गया है। जिलाधिकारियों की पूरी टीम जिसमें जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी, डीएफओं, पुलिस अधिकारियों व फायर वॉचर्स मौके पर वनाग्नि बुझाने के कार्य पर निरन्तर लगे हुए हैं। इसमें अतिरिक्त सहायता युवा मंगल दल, महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों, वॉलियटर्स, पीएससी जवान, होम गार्डस व पीआरडी जवानों को भी इस कार्य में लगाया जाएगा। आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा जल्द ही छोटे आकार में वॉटर टैंकर क्रय किए जाएगे, जिनकी सहायता से आसानी से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पोर्टेबल पम्पों की सहायता से आग बुझाई जा सकेगी। आग बुझाने वाले सिलेण्डरों की व्यवस्था भी तत्काल की जा रही है।

डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि जिन स्थानों पर आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं, वहाँ पर वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम एवं स्थानीय पुलिस बल की सयुंक्त टीम द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु एक एसओपी बनाई गई है। इसके तहत पहले फॉरेस्ट एक्ट, वाइल्ड लाइफ एक्ट अर्न्तगत कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही हाल ही में उत्तराखण्ड में पारित पब्लिक प्राइवेट प्रोपर्टी डेमेज रिकवरी एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। जो लोग बार-बार इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त पाए जाते हैं उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी तथा दोषियों की सम्पति भी जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। अभी तक वनाग्नि की घटनाओं में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें से चार लोगों को गिरफतार कर लिया गया है। अभी तक वनाग्नि के कारण किसी भी मानव या वन्य जीवन की हानि की जानकारी नही है।

अपर प्रमुख वन संरक्षक निशान्त वर्मा ने बताया कि वन विभाग के मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है तथा सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा फील्ड हेतु प्रस्थान किया जा चुका है। वन विभाग में कार्यरत लगभग 4000 फायर वाचर्स की इन्शोरेन्स की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में एनडीआरएफ भी लगाई जाएगी। हैलीकॉप्टर से वनाग्नि प्रभावित इलाकों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। जिलाधिकारियों द्वारा खेतों में चारे आदि को जलाने तथा शहरी क्षेत्रों पर ठोस कचरे को जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध का आदेश पारित कर दिया गया है। जिन गांवों के आसपास कोई वनाग्नि की घटनाएं नही हुई उन्हें पुरूस्कृत किया जाएगा। आईआईटी रूड़की के साथ क्लाउड सीडिंग के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।

बैठक में डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशान्त वर्मा, सचिव दिलीप जावलकर सहित विभिन्न सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

तेलंगाना में सीएम धामी की इंटेलेक्चुअल मीटिंग, महबूबनगर से भाजपा प्रत्याशी डीके अरुणा के समर्थन में किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देर सायं तेलंगाना के महबूबनगर से भाजपा प्रत्याशी डीके अरुणा के समर्थन में इंटेलेक्चुअल मीटिंग को संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस बार का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। हम सब जानते हैं कि इस बार केवल एक ही चर्चा है कि सरकार मोदी की बनने वाली है। उन्होंने कहा कि मैं आज सुबह से तेलंगाना में हूँ और लोगों से लगातार बात कर रहा हूँ। तेलंगाना में आज जहां जहां गया, मुझे दिख रहा है तेलंगाना में एक ही वेव चल रही है वो है मोदी वेव। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश दुनिया के सिरमौर देशों में शामिल हुआ है। आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। हर क्षेत्र में दुनिया में हमारी गिनती लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि 2014 से पहले हमारे देश के बारे में भ्रष्टाचार और घोटालों वाले देश के रूप में चर्चा होती थी। हमारी पहचान दब्बू भारत की बन गयी थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। नया भारत बनाने का काम मोदी जी ने किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में हमारा आज मान-सम्मान बढ़ा है। 2047 तक मोदी जी ने देश के लिए विकसित भारत का संकल्प लिया है। जल्द भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना में दुनिया के बड़े देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी जबकि आज हमारी 5 वें नम्बर की अर्थव्यवस्था बन गयी है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्घ में जो हमारे बेटे बेटियां वहां फंस गए थे, उन्हें मोदी जी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक वापस लाया गया। युद्ध विराम करवाकर मोदी जी ने यह करके दिखाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सैनिक परिवार में पैदा हुआ हूँ। पहले रोज आतंकी हमले होते थे लेकिन तब गोली चलाने के किये सेना को आर्डर लेना पड़ता था पर आज ऐसा नहीं है। अपनी होली, दीवाली मोदी जी सैनिकों के साथ मनाते हैं। उनका मनोबल बढ़ाने का काम करते हैं। आज दुनिया का 50 प्रतिशत डिजिटल ट्रांसक्शन भारत में हो रहा है। देश में कश्मीर से धारा 370 हटाने से लेकर तीन तलाक का खात्मा करने के साथ ही भव्य राम मंदिर का निर्माण आज हो गया है।
उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा है और दूसरी तरफ घमंडिया गठबंधन है जो तुष्टिकरण की बात करते हैं। वे एसटी, ओबीसी का आरक्षण छीन रहे हैं। अगर उनकी सरकार बनी तो आपकी संपति को छीनने का काम वे करेंगे। तेलंगाना में भी इन्होंने तमाम घोटाले किये है। यहां लूट खसोट की सरकार चल रही है। आज तक यहां बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला। किसानों का दो लाख का कर्ज भी माफ नहीं किया। ये सब झूठ कि दुकान है। मुख्यमंत्री ने लोगों से यहां से भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने इस दौरान लोगों को मतदान के बाद चारधाम यात्रा पर आने के लिए अपनी ओर से निमंत्रण भी दिया।

10 मई को प्रातः सात बजे खुलेंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट

आज रविवार शाम को श्री पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में कुछ देर में भैरव नाथ की पूजा शुरू हो जायेगी। शाम को शुरू हुई पूजा अर्चना देर रात तक चलेगी। पुजारीगण पूजा संपन्न करेंगे। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने भैरवनाथ पूजा तथा पंचमुखी डोली यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली है। कल पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम प्रस्थान कर प्रथम पड़ाव गुप्तकाशी पहुंचेगी।

कल सोमवार पूर्वाह्न भगवान श्री केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली पंचकेदार गद्दी श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी तथा यहां रात्रि प्रवास करेगी तथा मंगलवार 7 मई को पंचमुखी डोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से चलकर फाटा प्रवास करेगी। बुद्धवार 8 मई को गौरीकुंड तथा बृहस्पतिवार 9 मई को गौरा माता मंदिर गौरीकुंड से चलकर शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी। शुक्रवार 10 मई को प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट दर्शनार्थियों के दर्शनार्थ खुल जायेंगे।

भैरवनाथ जी की पूजा के समय श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, सहित कार्याधिकारी आरसी तिवारी, पुजारी शिवशंकर लिंग, बागेश लिंग, टी गंगाधर लिंग सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस पुष्पवान एवं यदुवीर पुष्पवान, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, देवानंद गैरोला, कुलदीप धर्म्वाण, विदेश शैव आदि मौजूद रहे।

बदायूं के जन-जन की पुकार, अबकी बार 400 पारः धामी

उत्तर प्रदेश के बदायूं से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य के समर्थन में आयोजित रोड शो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोड शो में उमड़ा जनसैलाब यह सुनिश्चित कर रहा है कि उत्तर प्रदेश की जनता इस लोकसभा चुनाव में परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली पार्टियों का पूरी तरह सफ़ाया करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जिस प्रकार देश का सर्वांगीण एवं सर्वस्पर्शी विकास हो रहा है उससे स्पष्ट है कि देश की जनता उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए उत्साहित है।

विशाल रोड शो में मातृशक्ति, बुजुर्गों एवं युवाओं द्वारा मिले असीम स्नेह, आशीर्वाद व अभूतपूर्व सर्मथन के लिए मुख्यमंत्री धामी ने हृदयतल से उनका कोटिशः आभार प्रकट किया।

चारधाम यात्रा की सभी तैयारियां आगामी 10 मई तक हर हाल में पूरी होंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड सदन नई दिल्ली से वर्चुअल रूप से बाबा केदारनाथ डोली यात्रा के साथ चलने वाले ’मुख्य सेवक के भंडारा कार्यक्रम के 300 सेवादारों की टीम को मुख्य सेवक सदन मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय देहरादून से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ डोली यात्रा के साथ चलने वाले ’मुख्य सेवक के भंडारा कार्यक्रम की शुभकामनायें देते हुये कहा कि आगामी 10 मई से हमारी चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने वाली है, जो हमारे लिये उत्सव का वातावरण तैयार करती है तथा साथ ही हम सब चारधाम यात्रा जल्दी से जल्दी प्रारम्भ हो, इसका इन्तजार बेसब्री से करते हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का एक बहुत बड़ा उत्सव पूरे उत्तराखण्ड, देशवासियों, भक्तगणों, श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों के लिये होता है और इस अवसर पर हम सब लोग अपने-अपने तरीके से इस पुण्य में सम्मिलित होते हैं तथा इस पुण्य में भण्डारे के आयोजन की अपनी अलग ही भूमिका है, जिसके लिये उन्होंने इस आयोजन में शामिल टीम लीडर हिमांशु चमोली सहित महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड आदि के युवाओं को हार्दिक बधाई व शुभकामना दी।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पिछले वर्ष आयोजित किये गये ’मुख्य सेवक के भंडारा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुये कहा कि पिछले वर्ष इस भण्डारा कार्यक्रम का आयोजन बहुत ही शानदार रहा तथा हजारों श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों ने इस भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया, जिसके सफल आयोजन का सन्देश पूरे देश में गया।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुये कहा कि विगत दिवस उन्होंने चारधाम यात्रा के साथ ही वर्तमान में जंगलों में जो वनाग्नि हो रही है,की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जो हमारे लिये एक चुनौती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे सभी आपस में सामंजस्य स्थापित करते हुये एक ऐसा मैकेनिज्म बनायें ताकि जल्दी से जल्दी इस वनाग्नि पर हम सब लोग काबू पा सकें। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से भी वनों को बचाने के लिये अपना पूरा सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह वन सम्पदा हमारी धरोहर है, इसको हमें हर हाल में बचाना है तथा सभी को वनों को बचाने में अपना योगदान देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चारधाम यात्रा सुगम और सुरक्षित हो इसके लिये पेयजल, परिवहन, विद्युत, स्वास्थ्य, आपदा प्रबन्धन, पुलिस, यातायात, लोक निर्माण आदि विभागों की समीक्षा की है तथा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चारधाम यात्रा की सभी तैयारियां आगामी 10 मई तक हर हाल में पूरी हों, जिससे यहां आये श्रद्धालु अच्छा सन्देश लेकर जायें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हमारे लिये चुनौती भी है, क्योंकि प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि जिस दिन धामों के कपाट खुलेंगे, उस दिन हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जायेगी। उत्तराखण्ड मेजवान है तथा हमारा दायित्व बनता है कि पिछले वर्ष की चारधाम यात्रा के अनुभवों से सीख लेकर इस यात्रा को और अच्छा करें। यह यात्रा किसी व्यक्ति की न होकर पूरे देश की यात्रा है।

उल्लेखनीय है कि देवभूमि उत्तराखंड के पावन हिमालयी क्षेत्रों में विराजे हमारे चारों धाम विश्वभर के सनातन प्रेमियों की आस्था के केंद्र हैं। कपाट खुलने से पहले भगवान केदारनाथ की पंचमुखी भोगमूर्ति चल विग्रह उत्सव डोली यात्रा, पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से अपने धाम के लिए प्रस्थान करती है। इस दौरान बाबा केदार की उत्सव डोली यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के भोजन आदि की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से प्रदेश के युवाओं द्वारा भंडारे का आयोजन किया जाता है। पिछले साल की तरह इस साल भी युवाओं का यह ,समूह 05 मई से 10 मई तक ’मुख्य सेवक का भंडारा कार्यक्रम’ का आयोजन करने जा रहा है। भंडारे को उखीमठ, गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और केदारनाथ में सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पूरे मुख्य सेवक भंडारा कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जायेगा। कपाट खुलने के दिन मंदिर प्रांगण में भजन गायक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

इस अवसर पर संस्कृति, साहित्य, कला परिषद उपाध्यक्ष मधु भट्ट, केके मदान, नवीन पिरशाली, दिनेश त्रिपाठी, मनीष सजवाण, सुबोध सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ शहरी विकास मंत्री की हुई भेंट, निकाय चुनाव रहा वार्ता का विषय


कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान निकाय चुनाव को लेकर भी वार्ता की गई।

शासकीय आवास पर हुई मुलाकात के दौरान डॉ अग्रवाल ने निकाय चुनाव को लेकर वार्ता की। इस पर प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट जी ने बताया कि निकाय चुनाव में पार्टी से दावेदारी पेश कर रहे उम्मीदवारों के साथ बैठक की जा रही है। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा मतदान हो और नए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार ने राज्य के हित में अनेक लोकहितकारी फैसले लिए हैं। कहा कि केंद्र में पुनः पीएम मोदी जी की सरकार बनने जा रही है। निकाय चुनाव में भी भाजपा अपना परचम लहराएगी।

जगमोहन सकलानी संभालेंगे श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष पद की कमान

श्री गंगा सभा रजिस्टर्ड ऋषिकेश के द्विवार्षिक चुनाव में जगमोहन सकलानी अध्यक्ष व राहुल शर्मा सचिव सर्वसम्मति से चुने गए। श्री गंगा सभा रजिस्टर्ड की आम सभा हर्षवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में चुनाव संपन्न हुये।

प्रबंध कार्यकारिणी में चुने जाने वाले पदाधिकारी में उपाध्यक्ष पद पर रामकृपाल गौतम, नरेश चौहान, प्रेम चंदानी, सुरेंद्र पंत, तथा मंत्री पद पर राजकुमार राजपाल, विनोद पाल, मदन शर्मा, कोषाध्यक्ष पद पर रमन शर्मा, सांस्कृतिक सचिव श्रीमती शोभा शर्मा, विधिक सलाहकार एडवोकेट राकेश सिंह चुने गए।

संरक्षण मंडल भरत मंदिर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, महंत ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, महंत रामेश्वर दास महाराज, महंत हरिगिरभाचार्य महाराज आदि प्रबंधन संरक्षक मंडल पूर्व की भांति यथावत रखे गए।

नव मनोनीत अध्यक्ष जगमोहन सकलानी ने सभी श्री गंगा सभा के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि मां गंगा की आरती त्रिवेणी घाट पर और भव्य बनाने के लिए व सौंदर्यकरण तथा अतिक्रमण मुक्त करने के लिए समस्त कार्यकारिणी के साथ मिलकर प्रयास किया जाएगा।
इस बैठक में चंद्रशेखर शर्मा, कमल शर्मा, राजेश नौटियाल, मनोज कुमार, सुभाष चंद्र बैरागी, बृजेश शर्मा, विनोद पाल, मदन शर्मा, यश अरोरा, सुरेंद्र राणा, विनोद नौटियाल, विजेंद्र शर्मा, गौरव कलरा, शिवेंद्र ध्यानी, सुदेश शर्मा, जतन भटनागर, बाबा ओमप्रकाश छाबड़ा, आदि अन्य गंगा सभा के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत

राज्य में दुर्घटना राहत निधि में देरी के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सार्वजनिक सेवायान की दुर्घटना के मामलों में प्रभावितों को राहत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश हैं। राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि की हकदारी हेतु अब मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट की आवश्यकता नही है। जिलाधिकारियों को दुर्घटना राहत निधि हेतु 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित है। इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने राज्य में विशेषकर देहरादून व हरिद्वार जिलों में अवैध खनन गतिविधियों से सम्बन्धित सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। क्रैश बैरियर लगाने की औपचारिकतों से हटकर उनकी गुणवत्ता को शीर्ष प्राथमिकता पर लेने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को क्रैश बैरियर की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अन्य देशों में क्रैश बैरियर के स्थान अन्य आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी व बेस्ट प्रैक्टिसिज का अध्ययन कर राज्य में लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को निर्धारित डेडलाइन के भीतर अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की मैपिंग करने के साथ ही इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर आदि सुधारात्मक कदम के एक्शन प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में सड़क सुरक्षा एवं अनुश्रवण समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने परिवहन, लोक निर्माण, वित्त एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत दी है।

परिवहन विभाग द्वारा थानों व चौकियों पर वाहनों को बन्द करने के मामलों का संज्ञान लेते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि सम्बन्धित अधिकारी तत्काल विभिन्न थाना चौकियों में बन्द वाहनों को प्रत्येक जनपद में शहर के नजदीक स्थान चिन्हित करते हुए एक साथ रखने की व्यवस्था करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में इस सम्बन्ध में भूमि चिन्हीकरण/हस्तान्तरण हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को प्रोफेशनल एजेंसी के माध्यम से नियमित रोड सेफटी ऑडिट करवाने के साथ ही परिवहन विभाग को ऑनलाइन चालान व्यवस्था को मजबूत करने, दोपहिया वाहनों में हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अभियान चलाने, शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में जागरूकता को शामिल करने, गुड समेरिटन योजना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह हयांकी, डा0 पंकज कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बदरीनाथ पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्यों का लिया जायजा

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बदरीनाथ पहुंच कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं और पुर्नर्निमाण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्वालुओं की यात्रा को सरल, सुगम एवं सुविधाजनक बनाने और पुर्नर्निमाण कार्याे को समय से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सुबह करीब 10ः30 बजे पर्यटन विभाग के विशेष कार्यधिकारी भाष्कर खुल्वे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे और डीजीपी अभिनव कुमार के साथ हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ पहुंची। धाम में पहुंचने पर उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं और पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। वैकल्पिक मार्गाे को भी सुचारू रखा जाए।

बदरीनाथ में संचालित पुनर्निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्याे को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्याे में समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान उन्होंने शेष नेत्र व बद्रीश झील, अराइवल प्लाजा, अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों की पूरी जानकारी ली। उप जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा व्यवस्था और पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

मुख्य सचिव के निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के विशेष कार्याधिकारी भाष्कर खुल्वे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे और डीजीपी अभिनव कुमार, एसडीएम सी.एस. वशिष्ठ, कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी, सहायक अभियंता सनी पालीवाल, ईओ सुनील पुरोहित सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।