मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के लिए सचिव स्तर के तीन अधिकारियों की तैनाती

प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, सुलभ और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने चारधाम क्षेत्र में आने वाले तीनों जनपदों में सचिव स्तर के तीन अधिकारियों की तैनाती की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से चार धाम यात्रा को लेकर हुई लंबी और विस्तृत बातचीत के बाद तीन अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के क्रम में शासन ने सचिव डॉ. आर राजेश कुमार को रुद्रप्रयाग जनपद, एसएन पांडेय को चमोली जनपद एवं डॉ रंजीत कुमार सिंह को उत्तरकाशी जनपद में यात्रा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी है। यह तीनों अफ़सर संबंधित जिलों के जिलाधिकारी से फीडबैक लेकर शासन स्तर पर सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चार धाम यात्रा संपन्न कराने की दिशा में कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बावजूद चारधाम यात्रा की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यात्रा संचालक में किसी प्रकार की व्यवस्था न हो इसको लेकर मुख्यमंत्री धामी बीते दिनों हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री धामी के कहा कि प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, सुलभ और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।

सीएम धामी ने दहिसर ईस्ट, मुम्बई में भाजपा प्रत्याशी पियूष गोयल के लिये मांगे वोट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दहिसर ईस्ट, मुम्बई में भाजपा प्रत्याशी पियूष गोयल के पक्ष में आयोजित सभा में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वासियों में मुझे अपने परिवार जैसा अपनापन दिखाई देता है। मुंबई में रहकर भी उत्तराखंड प्रवासी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। देश और विश्व भर में हमारी संस्कृति अमर है। उन्होंने जनता से 20 मई को भाजपा प्रत्याशी पियूष गोयल को अधिक से अधिक मतदान देकर विजय बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा पियूष गोयल का लंबा अनुभव इस क्षेत्र के काम आएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान सम्मान दुनिया में बड़ा है। विश्व में भारत विश्व शक्ति के रूप में उभरा है। भारत नई नई ऊंचाइयों को छूने का काम कर रहा है। आज भारत में नए-नए आविष्कार, हवाई अड्डा का निर्माण, रेलवे का विस्तारीकरण हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। आज पूरी दुनिया योग दिवस मनाती है। देश में अंदर कई योजनाएं लागू हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। देश में सीएए कानून लागू कर दिया गया है, तीन तलाक का भी खात्मा कर दिया गया है। साथ ही लंबे समय के बाद भगवान श्री राम का अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। उन्होंने कहा भाजपा के संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही गई है। ये समान नागरिक संहिता की गंगोत्री उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में दूसरी पार्टी जैसे कांग्रेस, इंडी गठबंधन, महाअघाड़ी गठबंधन मिलकर देश को फिर से भ्रष्टाचार की खाई में धकेलना चाहते हैं। पूरा विपक्ष फिर से घोटाले और भ्रष्टाचार करने को बेचौन है। पूरा विपक्ष लोगों को भ्रम में डालने का काम कर रहा है। विपक्षियों का दिमाग हैक हो गया है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमारी सेना दुश्मन देश में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करती है। पाकिस्तान का वैश्विक स्तर पर बॉयकॉट हो गया है। उन्होंने कहा कांग्रेस ने हमेशा वर्ग विशेष को फायदा पहुंचाने का काम किया है जिसके कारण हाल ही में आए एक जनसंख्या आंकलन में 1950 से अब तक देश में बहुसंख्यक हिंदू आबादी को घटती संख्या को दर्शाया गया है। अब तक कुल 14ः घटी है। पर इसके साथ ही एक आबादी बड़ गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी सनातन को मलेरिया डेंगू बताते हैं। प्रधानमंत्री कहते हैं देश के संसाधनों में पहला हक एससी एसटी ओबीसी गरीबों किसानों का है। और विपक्ष कहता है, देश के संसाधनों में पहला हक एक वर्ग विशेष का है। ये लोग विरासत टैक्स लगाकर जनता की कमाई का 55ः लेकर अपने पसंदीदा वोट बैंक को देंगे । उन्होने कहा कांग्रेस ने अपने चहते वर्ग को खुश करने के लिए राम मंदिर नहीं बनने दिया।

इस अवसर पर विधायक मनीषा चौधरी, प्रकाश, महेंद्र सिंह गुसाईं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथः तीर्थपुरोहितों की हड़ताल से श्रद्धालुओं को राहत

केदारनाथ धाम में स्थानीय तीर्थपुरोहितों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। केदारनाथ यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए स्थानीय व्यापरियों एवं तीर्थ पुरोहितों के साथ जिला प्रशासन द्वारा यात्रा संचालन को लेकर चल रही वार्ता सफल रही। जिसके बाद सभी व्यापारियों एवं तीर्थ पुरोहितों ने अपने प्रतिष्ठान सुचारू रूप से खोल दिए हैं। हड़ताल खत्म होने से धाम में आए श्रद्धालुओं को बडी राहत मिली है।

बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले ही दिन तीर्थ पुरोहितों ने आक्रोश व्यक्त करते हुये केदारपुरी के व्यापारिक प्रतिष्ठान, प्रसाद की दुकानें, खाने के होटल-ढाबों को बंद कर दिया। साथ ही पंडिताई का काम भी तीर्थ पुरोहितों की ओर से नहीं किया गया। तीर्थ पुरोहितों की मांग है कि विगत 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम में तोड़-फोड़ करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाय। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़े-खच्चर संचालक भी हड़ताल पर रहे। घोड़े-खच्चरों के न चलने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हालात की गंभीरता को समझते हुए जिला प्रशासन तीर्थपुरोहितों से वार्ता कर रहा था। एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में व्यापार संघ एवं तीर्थ पुरोहित समाज के साथ वार्ता सफल एवं सकारात्मक रही। वार्ता के बाद उनकी उचित मांगे मान ली गई हैं एवं वार्ता के बाद विरोध समाप्त कर सभी ने अपने प्रतिष्ठान खोल दिए। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि यात्रा के सफल संचालन के लिए वो हमेशा प्रशासन के साथ तत्परता से खड़े हैं। बताया कि प्रशासन ने उनकी मांगे मान ली हैं जिसके बाद सभी प्रतिष्ठान खोल लिए गए हैं। ताकि केदारनाथ में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

आज विश्व भारत की शक्ति से परिचित हो चुका हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय महापरिषद भवन, गोमतीनगर, लखनऊ में संसदीय क्षेत्र लखनऊ से भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह के पक्ष में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया।

इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में लोकसभा चुनाव चल रहा है। 20 मई को यहां मतदान होने हैं। 2014 से एकतरफा समर्थन आप सभी राजनाथ सिंह को देते आए हैं और आगे भी निश्चित ही देंगे । राजनाथ सिंह जी का उत्तराखंड के लोगो से विशेष प्रेम है। उनके कामों की गूंज आज भी सुनाई देती है। रक्षा मंत्री के रूप में भी ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में लखनऊ में विकास के कई कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा 10 सालों में लखनऊ पूरा बदल गया है। पहले और आज के लखनऊ के बड़ा अंतर आया है। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के दौरान भी राजनाथ सिंह ने चुनाव को गति दी थी। समाजिक क्षेत्र में किए जाने वाले कार्य की शिक्षा मुझे लखनऊ से मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आगे बढ़ा है। जी 20 सम्मलेन भारत में हुए, उसमे से तीन बैठकों का आयोजन उत्तराखंड में किया गया। उन्होंने कहा आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आज विश्व भारत की शक्ति से परिचित हो चुका है। जिन योजनाएं से गरीबों का कल्याण हुआ ऐसी योजनाओं को लागू किया गया है। आज पहाड़ो में हर घर नल, नल से जल को जोड़ा गया है। उत्तराखंड के लोगो ने मोदी को अपना समर्थन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लिए गए निर्णय की चर्चा सम्पूर्ण देश में हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश की आजादी के बाद उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है जहां सबसे पहले समान नागरिक सहित लागू हुआ है। उन्होंने कहा भाजपा के संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही गई है। उत्तर प्रदेश के अंदर डबल इंजन की सरकार ऐतिहासिक कार्य कर रही है। एक समय था जब सपा और बसपा के संरक्षण में माफिया गुंडों का राज हुआ करता था। आज उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश की ओर बढ़ गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार धाम हेतु ऑल वेदर रोड का निर्माण, रेलवे लाइन का निर्माण कार्य, हवाई सेवाओं का विस्तार, रोप वे का कार्य, मानसखंड मंदिर माला मिशन का विकास कार्य जारी है। चार धाम विकसित होकर आगे बढ़ रहे हैं तो मानसखंड का विकास भी हो रहा है। उन्होंने कहा एक ओर प्रधानमंत्री देश को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। तो दूसरी ओर कांग्रेस के घोषणा पत्र में मुस्लिम लीग, मुस्लिम पर्सनल लॉ को जगह दी गई है। उन्होंने कहा कांग्रेस का घोषणापत्र मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र लगता है। उन्होंने कहा कांग्रेस के लोग आम जनता का अधिकार छीन कर अपने चहते वोट बैंक को देना चाहता है। उन्होंने कहा राहुल गांधी, सोनिया गांधी बेल पर बाहर हैं और केजरीवाल अभी-अभी छूट कर जेल से वापस आए हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस, सपा आपनी हार देखकर लोगों को भ्रम में डालने का काम कर रही है।

इस दौरान टीएस गंगवार, केएन चंदोला, मेयर सुषमा खर्कवाल, गणेश चंद्र जोशी, महेंद्र सिंह रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अधिकारियों के साथ की पेयजल एवं बाढ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनपद में कहीं भी पेयजल संकट न हो इस हेतु अधिकारी सक्रियता से कार्य करें। पेयजल से जुड़े अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर पेयजल से सम्बंधित समस्याओं का समाधान करें। पेयजल लाइनों की लीकेज अविलम्ब ठीक कराने के साथ निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं पर त्वरित गति से कार्य करते हुए पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि गर्मी का सीजन है अतः शहरों में जन साधारण के लिए शीतल पेयजल हेतु प्याऊ व वॉटर कूलर लगाए जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने काशीपुर भ्रमण के दौरान काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित अधिकारियों की बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चौनलाईजेशन की कार्यवाही भी पूर्ण की जाय तथा नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय पर पूर्ण कर दिये जाएं।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी उदय राज सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जनपद में 12,123 हेण्ड पम्प हैं जिसमें से 11,578 हेण्ड पम्प सुचारू है, तथा 545 हेण्ड पम्प खराब है जिन्हें शीघ्र ही ठीक कर दिया जाएगा। अर्बन क्षेत्रों में हेण्ड पम्प प्राथमिकता से बनाये जा रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 604 राजस्व ग्रामों हेतु 333 पेयजल योजनाएं बनाई जा रही हैं। सभी योजनाओं के कार्य आगामी माह अगस्त तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम काशीपुर में 6 जोनों के लिए सात नलकूप का निर्माण व 6 उच्च जलाशय के निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 5 जोन के कार्य पूर्ण कर जल संस्थान को हस्तांरित कर दिए गए हैं जबकि जोन 8 का योजना निर्माण पूर्ण हो चुका है, ट्रायल टेस्टिंग कार्य प्रगति पर हैं। इसी तरह अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम रुद्रपुर में 5 जोन में पेयजल योजना कार्य पूर्ण हो चुका है तथा जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत नगर पालिका खटीमा के वार्ड नं 3, 4, 5 हेतु बन्डिया पेयजल योजना कार्य पूर्ण कर पेयजल सुचारू कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 3 करोड़ के 17 आपदा न्यूनीकरण कार्यों के टेंडर कर दिए गए हैं तथा 51 बाढ़ आपदा न्यूनीकरण कार्य चिन्हित किये गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में वनाग्नि के 65 मामले हुए जिन पर शीघ्र ही काबू पा लिया गया था।

नगर आयुक्त काशीपुर, विवेक राय ने बताया कि नगर निगम काशीपुर में पानी की कोई समस्या नहीं है, 347 हेण्ड पम्प सुचारू है। उन्होंने बताया कि जनता को शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने हेतु नगर निगम, क्षत्री चौराहा, गैस गोदाम, चौती मोड़, टांडा तिराहा में वॉटर कूलर स्थापित किये गए हैं जबकि रोडवेज में शीघ्र वॉटर कूलर स्थापित किया जाएगा। उपजिलाधिकारी बाजपुर ने बताया कि बाजपुर क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं है।

बैठक में एसएसपी मंजुनाथ टीसी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मृदुला सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान तरुण शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में लगातार कमी आ रहीः राधा रतूड़ी

गृह सचिव, भारत सरकार की अध्यक्षता में राज्य में वनाग्नि की घटनाओं की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि पिछले 24 घण्टों में उत्तराखण्ड में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नही हुई है। वनाग्नि की घटनाओं में पिछले दो दिनों से लगातार कमी आ रही है। उत्तराखण्ड में वनाग्नि से 0.1 प्रतिशत वन प्रभावित हुए है तथा इस सम्बन्ध में गलत आंकड़ों का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

सीएस राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि शासन-प्रशासन द्वारा अपनी पूरी ताकत वनाग्नि नियंत्रण में झोंक दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वनाग्नि नियंत्रण के सम्बन्ध में निरन्तर समीक्षा व मॉनिटरिंग बैठक की जा रही हैं। मुख्य सचिव द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग बैठकों के साथ स्थिति पर सीधी निगरानी रखी जा रही है। पीसीसीएफ (हॉफ) द्वारा वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ वनाग्नि मॉनिटरिंग हेतु लगातार बैठकें कर सभी डिवीजनों की जरूरतों के सम्बन्ध में जानकारी ली जा रही है। मुख्यालय स्तर के वरिष्ठतम अधिकारियों को जिलों में फील्ड में उतारा गया गया है। पीसीसीएफ (हॉफ) तथा एपीसीसीएफ वनाग्नि व आपदा प्रबन्धन द्वारा फील्ड ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है।

रिस्पॉन्स टाइम को कम करने में सफलता मिलने पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया की एफएसआई से प्राप्त फायर एलर्ट को तत्काल सम्बन्धित वाट्सअप गु्रप्स में डाल कर क्रू टीम को उसी समय घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। एफएसआई से भारी संख्या में मिले फायर एलर्ट की विशेष मॉनिटरिंग करके वनाग्नि को कम से कम समय में नियंत्रित करने में सफलता मिली है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्य में सक्रिय वन पंचायतों, वनाग्नि प्रबन्धन समितियों, महिला मंगल दलों, युवा मंगल दलों को जागरूक करके तथा उत्तरदायी बना कर गांवों के नजदीक के जंगल के इलाकों में वनाग्नि नियंत्रण में सफलता मिली है। वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामुदायिक संस्थाओं व फील्ड अधिकारियों को प्रोत्साहन, पुरस्कार व तत्काल बजट आंवटन से वनाग्नि नियंत्रण के प्रयासों को एक नई गति मिली।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में सभी सम्बन्धित विभागों जिनमें आपदा प्रबन्धन, फायर सर्विसेज, आदि के कार्मिकों का सहयोग लिया गया है। 28 अप्रैल से 1 मई तक एनडीआरएफ की 15वीं बटालियन ने नैनीताल फॉरेस्ट डिवीजन में वनाग्नि नियंत्रण में सहयोग किया तथा आज यह बटालियन गढ़वाल फॉरेस्ट डिवीजन पहुंच रही है। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई 17 वी 5 द्वारा 6 से 8 मई के बीच 44600 लीटर पानी का छिड़काव गढ़वाल फॉरेस्ट डिवीजन पौड़ी में किया गया। इस दौरान राज्य में 417 वन अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से 356 अज्ञात एवं 61 ज्ञात रहे। 75 नामजद अपराधी रहे। 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 10 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

समीक्षा बैठक के दौरान गृह सचिव भारत सरकार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में वनाग्नि नियंत्रण के सम्बन्ध में हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। बैठक में प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा, अपर प्रमुख वन संरक्षक श्री निशांत वर्मा एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिये चयनित युवाओं ने सीएम से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिए चयनित युवाओं ने भेंट की। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, सहसपुर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 23 युवाओं को जापान में नौकरी के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 02 युवाओं ने जापान में कार्य करना आरंभ कर दिया है। 17 युवाओं की जापान में कार्य करने के लिए की जा रही प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, शीघ्र वे भी जापान जाकर अपनी सेवायें देंगे। ये युवा योग, नर्सिंग और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और होम हेल्थ एड जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित हैं। इन सभी को जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामना देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सेवायोजन एवं कौशल विकास विजय यादव, अपर सचिव सी. रविशंकर, उपनिदेशक सेवायोजन चन्द्रकान्ता, प्रभारी अधिकारी विदेश रोजगार प्रकोष्ठ प्रवीण गोस्वामी, निखिल जैन एवं अजय खंडूड़ी उपस्थित थे।

सीएम ने रूद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में चारधाम एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा की जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ जी के प्रति देश- विदेश के लोगों की श्रद्धा जुड़ी है और हर वर्ष बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले समय में यात्रा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रणनीति के साथ कार्ययोजना बनाई जाए। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर के साथ ही पेड़ लगाये जाने की पहल शुरू की जाए। इससे सड़क हादसों में कमी लायी जा सकेगी। जनपद में यह प्रयोग सफल होने पर पूरे राज्य में इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग बाबा केदारनाथ जी का निवास स्थान है ऐसे में जनपद प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि यहां इस प्रकार की पहल शुरू हो और पूरा राज्य उसे अपनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विविधताओं से भरा राज्य है ऐसे में जनपद के भूगोल एवं अन्य संसाधनो को ध्यान में रखते हुए ही विकास की रणनीति बननी चाहिए। विकास के साथ साथ विरासत का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने वृक्षारोपण के अलावा जल संचय के लिए भी विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी हाल में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा बल खुद वीआईपी दर्शन की होड़ में न रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सड़क, स्वच्छता, शौचालय, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित रहने व खाने की उचित व्यवस्था हो और इसे लगातार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को हेली सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्यता के साथ पेश आने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं आगामी मानसून सत्र के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

कर्मचारियों के लिए गर्म जैकेट लांच किया
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा रूट पर तैनात सफाई कर्मचारियों, पीआरडी जवानों, स्वयंसेवकों, पुजारियों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए गर्म जैकेट एवं यूनीफॉर्म भी लॉन्च की। इसके साथ ही यात्रा रूट के लिए तैयार गाइडलाइन एवं हेल्प बुक की भी लांचिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए करवाए जा रहे सामूहिक बीमा योजना भी मुख्यमंत्री ने लांच करते हुए पहला बीमा पत्र भी जारी किया।

यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
यात्रा संबंधी तैयारियां की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए दुग्ध विभाग की ओर से गिवाणी गांव में नव निर्मित आँचल कैफे का भी उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बनाई गई पार्किंग एवं पार्क का भी अवलोकन किया।

’पिरूल एकत्रित कर की पिरुल लाओ धन पाओ की शुरुआत’
मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अन्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा कार्याे का जायजा लिया तथा रतूडा के निकट चीड वन क्षेत्र में वनाग्नि रोकथाम में लगे वनकर्मियो एवं फायर वाचरो से मिले। मुख्यमत्री द्घारा फायर टीम के साथ फायर रेक द्घारा पिरूल हटाया तथा ब्लोअर को पिरूल हटाने व फायर लाइन सफायी में कारगर बताया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया कि वनाग्नि मुक्त चारधाम यात्रा हेतु प्रभाग के अन्तर्गत पाँच वनाग्नि नियत्रण सेक्टर बनाये गये है जो त्वरित एवं कुशल ढंग से आग को नियंत्रित करेगी । माननीय मुख्यमंत्री द्वारा चीड पिरूल का एकत्रीकरण कर ब्रेकैट बनाने को प्रोत्साहन देने पर बल दिया एंव स्थानीय रोजगार को जोडने की पहल ‘पिरुल लाओ धन पाओ’ की शुरुआत स्वयं पिरुल एकत्रीकरण कर की। साथ ही मुख्यमंत्री ने फायर लाइन प्रबंधन हेतु सामुदायिक भागीदारी एवं मिशन मोड पर कार्य किए जाने पर बल दिया।

बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला स्तर से की गई तैयारियों एवं नए प्रयासों की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा यात्रा को लेकर की गई तैयारियों की सराहना भी की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, दर्जा धारी मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल करण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष, ऊखीमठ अनिल शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र, पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने वनाग्नि पर लापरवाही बरतने पर वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया

सीएम धामी ने सचिवालय में वनाग्नि, पेयजल, मानसून सीजन के साथ ही चार धाम की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वनाग्नि को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही और आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा की। वनाग्नि को रोकने और जन जागरूकता के लिए मुख्यमंत्री फायर लाईन बनाने की कार्यवाही में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये वनाग्नि पर पूर्णतः रोकने के लिए सभी सचिव को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाय। सभी सचिव संबंधित जनपदों में जाकर वनाग्नि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वनाग्नि को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठायें।

वनों से पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाई जाय
मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनाग्नि को रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। अन्य कुछ कार्मिकों पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए जन सहयोग लिया जाए। जंगलों में आग लगाने की घटनाओं में जो भी लिप्त पाये जा रहे हैं, उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाय। वनाग्नि को रोकने के लिए रिस्पांस टाईम कम से कम किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों से पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाई जाय। पिरूल संग्रहण केन्द्र बनाए जाएं। इसमें सहकारिता विभाग का भी सहयोग लिया जाए। पिरूल एकत्रीकरण के लिए दी जाने वाली धनराशि को बढाई जाय।

मानसून से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए
आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के संबंध में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चौनलाईजेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाय। नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय पर पूर्ण किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी पुराने ब्रिजों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। वर्षाकाल के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में वैली ब्रिज की पूर्ण व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी डैम की गहराई और क्षेत्रफल की वर्तमान स्थिति जानने के लिए संबंधित विभागों की एक कोर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए। यह भी आंकलन किया जाए कि डैम के बनने से वर्तमान समय तक डैम की गहराई और क्षेत्रफल की स्थिति क्या है।

प्रो एक्टिव एप्रोच से काम करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले डेंगू, मलेरिया और अन्य जल जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता के साथ ही पूरी तैयारी की जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। आपदा के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग की रैपिड एक्शन टीम तैयार रखी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ कार्य करें। पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वच्छ पेयजल के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं रखी जाय। जहां पेयजल की समस्या है वहाँ टैंकर और खच्चर से पीने के पानी की आपूर्ति की जाये । इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें।

चारधाम यात्रियों को मौसम अलर्ट की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाय कि मौसम की जानकारी से संबंधित अलर्ट एसएमएस के माध्यम से लोगों को मिले। चारधाम और मौसम से संबंधित अन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी विभाग अपने स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीकि का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दृष्टिगत संवदनशील स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था की जाय।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, रंजीत सिन्हा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, एडीजी ए.पी अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

धामी सरकार ने अयोध्या में उत्तराखंड भवन के निर्माण को आवंटित भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम कराई

राम जन्मभूमि अयोध्या में उत्तराखण्ड भवन (राज्य अतिथि गृह) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भूखण्ड के आवंटन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने अयोध्या में आवंटित भूखण्ड की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जिसने अयोध्या में राज्य अतिथिगृह के निर्माण के लिए भूखण्ड की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्ष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार अपने वायदे के अनुरूप जल्दी से जल्दी रामनगरी अयोध्या में अतिथि गृह का निर्माण करेगी ताकि रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आने वाले उत्तराखण्ड के श्रद्धालुओं को ठहरने के उचित सुविधा मिल सके। यह भूखण्ड राममंदिर से महज 7 किलोमीटर (हवाई दूरी 3 किमी) की दूरी पर स्थित है।

अयोध्या में दिव्य और भव्य राममंदिर के निर्माण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि उत्त्राखण्ड सरकार अयोध्या में राजय अतिथि गृह का निर्माण करेगी। इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने भूमि खरीद के लिए फौरीतौर पर 32 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखण्ड सरकार का आग्रह स्वीकार कर भूखण्ड आवंटन की स्वीकृति प्रदान की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने अयोध्या में उत्तराखण्ड भवन के निर्माण के लिए 5253.30 वर्ग मीटर भूखंड आवंटित किया था। अब धामी सरकार ने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आवंटित भूखण्ड अपने नाम दर्ज करवा लिया है। मंगलवार को ही भूखण्ड की रजिस्ट्री उत्तराखण्ड सरकार के नाम हुई है। भूखण्ड की रजिस्ट्री होने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड भवन की डीपीआर बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।