आशाओं की हुई मांग पूरी, वेतन में ₹1000 की वृद्धि

आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में एक हजार रूपये की वृद्धि की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बागेश्वर ने गरूड़ में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के शुभारम्भ के अवसर पर यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आशा कार्यकत्रियों को वर्ष 2012-13 से रूकी हुई वार्षिक प्रोत्साहन धनराशि हेतु 33 करोड़ रूपये जारी किये गये। वर्ष 2012 से आशा कार्यकत्रियों को 5 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की गयी थी, जिसका कभी भी नियमित रूप से भुगतान नहीं हो पाया। आशा कार्यकत्रियों द्वारा इसकी लगातार मांग की जा रही थी। आशा कार्यकत्रियों की मांग का संज्ञान लेते हुए लम्बित पूर्ण 33 करोड़ की धनराशि जारी की गयी। इससे प्रदेश की 12 हजार आशा कार्यकत्रियों को फायदा हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जनपद की लगभग 65 करोड़ से निर्मित विभिन्न 36 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर में अटल आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया तथा लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये। उन्होंने कहा कि सभी लोग जल्द से जल्द इस योजना के अन्र्तगत अपना कार्ड बनवायें। जिसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि कुछ लोगों द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना के बंद होने की अफवाह फैलाई जा रही है जो बिलकुल निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत बीपीएल एवं अन्त्योदय परिवारों को सम्मिलित किया गया था।

राज्य के सभी परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसके लिये प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना शुरू की गयी। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। एक माह में तीन हजार से अधिक लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध अस्पतालों द्वारा भी उत्तराखण्ड सरकार से एमओयू हेतु प्रस्ताव किये जा रहे है जिनमें वेदान्ता अस्पताल दिल्ली भी शामिल है।
बागेश्वर की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा चलाई गयी आयुष्मान भारत योजना के वास्तविक लक्ष्यों को पाने हेतु राज्य में मुख्यमंत्री द्वारा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का शुभारम्भ किया गया है। जिससे प्रत्येक लाभार्थी चयनित अस्पतालों में अपना एवं अपने परिवार का निःशुल्क उपचार करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा में जोड़ना है जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक चन्दन राम दास, विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू आदि उपस्थित थे।

भारत पर्व में उठाइए उत्तराखंड के लजीज व्यंजनों का स्वाद

“ऐतिहासिक लाल किला मैदान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित “भारत पर्व” में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प एवं पारम्परिक व्यंजनों का होगा प्रदर्शन।”
दिल्ली स्थित लाल किला परिसर में आयोजित “भारत पर्व” के माध्यम से उत्तराखण्ड राज्य के हस्तशिल्प लोक संस्कृति एवं खान-पान को प्रदर्शित किया गया है। इसके अतिरिक्त गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी “अनासक्ति आश्रम” को समारोह स्थल में प्रदर्शित किया किया गया है।
महोत्सव में आज उत्तराखण्ड राज्य का मुख्य आकर्षण “लाइव फूड डिमोन्सट्रेशन” रहा, जिसमें उत्तराखण्ड के पारम्परिक व्यंजनों (भटट का हलवा, नन्दा थाली, झंगोरें की खीर) को शेफ द्वारा प्रदर्शित किया गया जिसका भारत पर्व में आये दर्शकों ने पारम्परिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया एवं दर्शकों द्वारा बहुत सराहा गया।

“भारत पर्व” में 28 और 30 जनवरी, 2019 को सांय 4 बजें उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा होलिया नृत्य, छपेली एवं झोडा, चाँचरी नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि “भारत पर्व” का आयोजन पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस वर्ष “महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती” थीम पर आधारित है। भारत पर्व आयोजन में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद्, संस्कृति विभाग, हस्तशिल्प उद्योग विभाग द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।

26 नई एंबुलेंस शामिल हुई 108 सेवा के बेड़े में

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सा विज्ञान केंद्र में 108-आपातकालीन एम्बुलेंस की 26 एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए 2 करोड़ की लागत के उपकरणों का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए 108-एम्बुलेंस सेवा जीवन दायिनी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान करते हुए नवंबर माह में 61 बी.एल.एस. एम्बुलेंस वाहनों को पुरानी एम्बुलेंस से प्रतिस्थापित किया गया था, आज 26 अन्य एम्बुलेंस वाहनों को प्रतिस्थापित किया गया है। इस प्रकार कुल 87 बी.एल.एस. एम्बुलेंस को प्रतिस्थापित कर दिया गया है। शीघ्र ही नई 34 बी.एल.एस. एम्बुलेंस और 16 ए.एल.एस. एम्बुलेंस राज्य की जनता के सेवार्थ उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जो आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा रु0 2.00 करोड़ की लागत के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका आज लोकार्पण किया गया।

स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका: टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को थानों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आजादी के आन्दोलन में प्रतिभाग करने वाले 12 सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि सिंह सोलंकी, किशन सिंह, भूरिया सिंह, बुद्वि प्रकाश, पंचम सिंह कृषाली, देव नारायण, सैनपाल सिंह भिडोला, पदम सिंह सौलंकी, सूरत सिंह चैहान, गौरीश वर्मा, बांकेलाल गर्ग, मदन सिंह रावत के आश्रित शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। जिन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान एवं योगदान हमारी नई पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगी और देश की रक्षा के लिए हमें जब भी जरूरत पड़ेगी इन स्वतंत्रता संग्राम सैनानियो के साहस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रा संग्राम सैनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए थानों में पानी की टंकी एवं विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि थानों एवं रायपुर अस्पताल को एम्स को दिया है। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इन अस्पतालों में सेवाएं शुरू करने के लिए एम्स ऋषिकेश को प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स में जल्द ही दो सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, जो मरीजों को स्वास्थ्य सम्बधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास से संबधित प्रमुख कार्यों बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाए, उनका जल्द समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा बच्चा अस्पताल खोला जायेगा। जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया है, उनके परिजनों की समस्याओं का निराकरण करना हम सबका दायित्व है। विधान सभा अध्यक्ष ने वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हे साहस एवं पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अपने इन वीर सेनानियों का सम्मान करना भी हम सबका दायित्व है, इन वीर सैनानियों के सिद्वांत एवं कर्तव्य निष्ठा सदैव हमें प्ररेणादायी रहेगी।

उत्तराखंड भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू की

लोकसभा चुनाव का एलान होने में भले ही थोड़ा वक्त हो, लेकिन राज्य में भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इस कड़ी में लोकसभा क्षेत्रवार होने वाले त्रिशक्ति सम्मेलनों में पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को लाने की कवायद चल रही है, ताकि पार्टी के पक्ष में माहौल बन सके। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिनेश मुंडा ने इन सम्मेलनों में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है।
यही नहीं, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 17 कार्यक्रमों के लिए प्रदेश में संयोजकों की नियुक्तियां भी कर दी गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा की लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उक्त जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उप्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अलग-अलग लोस क्षेत्रों में आएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोस क्षेत्रों में त्रिशक्ति सम्मेलन, प्रबुद्ध सम्मेलन और युवा संसद के आयोजन होंगे।
त्रिशक्ति सम्मेलनों के लिए संयोजक नियुक्त कर दिए गए हैं। इनमें नरेश बंसल (टिहरी-हरिद्वार), गजराज बिष्ट (अल्मोड़ा व नैनीताल) व खजानदास (पौड़ी) शामिल हैं। पार्टी ने हर लोस क्षेत्र में एक चुनाव कार्यालय खोलने का निश्चय भी किया है। प्रति मंडल दो लाख का लक्ष्य भट्ट के अनुसार बैठक में 11 फरवरी को होने वाले समर्पण कार्यक्रम के संबंध में चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि पार्टी की प्रत्येक मंडल इकाई को दो लाख का लक्ष्य दिया गया, जिसे केवल कार्यकर्ता पार्टी को देंगे। राज्य में पार्टी की मंडल इकाइयों की संख्या 228 है। सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम एक हजार रुपये की राशि नियत की गई है। सांसदों व विधायकों से एक या दो माह की तनख्वाह पार्टी फंड में देने को कहा गया है।
बताया कि पार्टी को पांच से लेकर दो हजार रुपये तक की राशि मोदी एप के जरिये भी दी जा सकती है। इससे ऊपर की राशि चेक के जरिये ली जाएगी। प्रदेश संयोजकों की नियुक्ति भाजपा ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित कार्यक्रमों के मद्देनजर राज्य स्तर पर 17 संयोजकों की नियुक्ति कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को संकल्प समिति का संयोजक बनाया गया है। मेरा परिवार भाजपा परिवार के लिए कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत व मीडिया प्रमुख डॉ.देवेंद्र भसीन के साथ ही महामंत्री गजराज बिष्ट (कुमाऊं) व खजानदास (गढ़वाल), लाभार्थी संपर्क कार्यक्रम के लिए राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत, सामाजिक संस्था संपर्क के लिए दायित्वधारी डॉ.आरके जैन व सुरेश परिहार, मीडिया के लिए डॉ. देवेंद्र भसीन, केंद्रीय नेतृत्व प्रवास समिति के लिए उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, प्रचार-प्रसार को अभिमन्यु कुमार, सोशल मीडिया के लिए अजेंद्र अजय व राजीव तलवार को जिम्मेदारी दी गई।
साहित्य निर्माण समिति के लिए प्रकाश पंत व लक्ष्मी प्रसाद, कमल दीप के लिए डॉ.धन सिंह रावत, प्रबुद्ध सम्मेलन को डॉ.अशोक सक्सेना व डॉ.पाटनी, कार्यालय प्रमुख को पुष्कर काला, चुनाव आयोग समिति को पुनीत मित्तल, यातायात एवं विमानन को बलजीत सोनी व कुलदीप नेगी, साहित्य वितरण को राजेंद्र ढिल्लों, बाइक रैली को डॉ.धन सिंह रावत, नवीन ठाकुर व सौरभ थपलियाल और मन की बात कार्यक्रम के लिए बलवंत सिंह भौंर्याल व कुलदीप कुमार को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

रुड़की की जनसभा में किसानों को नई सौगात दे गए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार जनपद में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की शुरूआत रूड़की नगर से की। रूड़की के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया गया। उत्तराखण्ड में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को दिया जायेगा। प्रत्येक परिवार चाहे वो किसी भी वर्ग से आता हो सभी को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। प्रदेश में अभी तक कुल 6 लाख 21 हजार 822 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।
प्रदेश में अभी तक 2266 मरीजों का इस योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। हरिद्वार जनपद के 1 लाख 54 हजार परिवारों को सुविधा के लिए गोल्डन कार्ड के रूप में पंजीकृत कर लिया गया है और यह पंजीकरण प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी। हरिद्वार जिले में अभी तक 454 मरीजों को अटल आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। इसके लिए सरकार से कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ इलाज दिये जाने के लिए योजना को पूर्णतः कैशलेस व पेपर लेस बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसानों का सरचार्ज माफ किये जाने, रूड़की नगर के लिए मंच से घोषणा करते हुए कहा कि रूड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार तथा निगम के संसाधनों से आॅडिटोरियम, रूड़की राजकीय इण्टर काॅलेज के जीर्णोद्धार, रूड़की गंगनहर के दोनो ओर सौंदर्यीकरण, रूड़की बस अड्डा का परिवहन निगम के संसाधनों से जीर्णोद्धार, गणेशपुर पुल के दोनों ओर घाटों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, गणेशपुर से रामपुर चुंगी तक पथ प्रकाश व्यवस्था तथा दोनों ओर आरएम पुल का निर्माण तथा रूड़की के लिए 18 करोड़ रूपये लागत की सड़कों के निर्माण की घोषणा की।
इस दौरान खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, रूडकी विधायक श्री प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, राज्यमंत्री विनोद आर्य आदि उपस्थित थे।

26 जनवरी से उत्तराखंड में एयर एंबुलेंस की सेवा

उत्तराखंड के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अटल आयुष्मान योजना के बाद सरकार सूबे में हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है। इस सेवा के शुरू होने के बाद आपदा और दुर्घटना के वक्त मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाएगा। खास तौर पर पहाड़ के लोगों के लिए ये एक बेहतरीन खबर है। अक्सर देखने को मिलता है कि सही वक्त पर सही तरह से इलाज ना मिल पाने की वजह से पहाड़ में कई बार लोग दम तोड़ देते हैं।
अब एयर एंबुलेंस की मदद से उन्हें तुरंत ही किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा। एयर एंबुलेंस के लिए जिलाधिकारी की परमीशन लेनी होगी। आगामी 26 जनवरी से हेली सेवा की शुरूआत किए जाने की कवायद जोर-शोर से चल रही है। इस सेवा को स्थायी रूप से शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार की कोशिशें रंग लाईं तो जल्द ही उत्तराखंड हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। हेली एंबुलेंस सेवा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5 करोड़ रुपये का बजट मिला है। प्राकृतिक आपदा के मामले में उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य है। सूबे में आपदा के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। हेली एंबुलेंस सेवा शुरू होने के बाद आपदा और दुर्घटना के हालात में मरीजों को समय रहते इलाज मिल पाएगा। जिससे कई लोगों की जान बचेगी। हेली एंबुलेंस में एक से दो स्ट्रेचर की क्षमता होगी। आने वाले वित्तीय वर्ष में इस सेवा में विस्तार करने की भी प्लानिंग है, जिसके बाद चारधाम यात्रा के दौरान भी एयर एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रदेश सरकार 26 जनवरी से ये सेवा शुरू करने के प्रयास कर रही है। आगामी वित्तीय वर्ष से इसमें और सुधार किया जाएगा।

सवर्णों को आर्थिक आरक्षण पर शीघ्र अध्यादेश ला सकती है उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड के सवर्ण जाति को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण का तत्काल लाभ देने के लिए राज्य सरकार शीघ्र अध्यादेश ला सकती है। वित्त मंत्री प्रकाश मंत्री के मुताबिक केंद्र में जब भी कोई संविधान संशोधन होता है तो प्रदेश सरकारें उनको अंगीकार करती है। इसके लिए उन्हें विधानसभा में विधेयक लाना होता है। जानकारी के मुताबिक इस पर जल्द अध्यादेश आ सकता है।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जल्द ही सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। हालांकि केंद्र से प्रदेश सरकार को अभी संविधान संशोधन की अधिसूचना के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

इस बीच मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी को विभागीय स्तर पर आरक्षण का प्रावधान करने की प्रक्रिया के बारे में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के क्रम में कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने गुजरात सरकार के अधिकारियों से संपर्क किया है। उनका कहना है कि वहां भी अभी आरक्षण देने की घोषणा हुई है। लेकिन इस संबंध में कोई प्रक्रियात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

कूड़ा निस्तारण पर सरकार का विशेष ध्यानः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड सरकार कूड़ा निस्तारण की दिशा में विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए हरिद्वार में कूड़ा निस्तारण को एक बड़ा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में नीदरलैंड के विशेषज्ञ काम कर रहे है। प्रोजेक्ट सफल रहा था तो इससे एविशन फ्यूल, खाद आदि तैयार की जा सकेगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत पहले सब्सिडी 30 प्रतिशत मिली थी, जोकि अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जा रही है।

उन्होने कहा कि डोइवाला के आसपास करीब 25 से 50 एकड़ भूमि पर फिल्म सिटी बनेगी। इसके लिए भूमि तलाशी जाएगी। उत्तराखंड फिल्म जगत के हिसाब से पूरी तरह परिपूर्ण है, यहां की वादियों को कैमरे में कैद किया जाएगा। बड़े पर्दे पर उत्तराखंड की सौंदर्य छवि देखने को मिलेगी। इससे यहां पर्यटन बढ़ेगा।

उन्होने कहा कि अटल आयुष्मान योजना से राज्य में अब तक चार लाख 46 हजार गोल्डन कार्ड लोगों के बनाए जा चुके है। जबकि प्रतिदिन 35 हजार गोल्डन कार्ड विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे है। इस योजना के मरीजों के बिल का भुगतान सरकार 15 दिनों के भीतर करेगी। साथ ही सप्ताह भर की निशुल्क दवाइयां भी देने का प्रावधान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी) शुरू किए जाने पर काम चल रहा है।

जावड़ेकर ने राज्य सरकार को दी बड़ी राहत

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत प्रदान की है। केन्द्र सरकार ने पौड़ी गढ़वाल स्थित श्रीनगर एनआइटी मामले में राज्य के रुख पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एनआइटी श्रीनगर का कैंपस नहीं बदला जाएगा। श्रीनगर में आइटीआइ और रेशम बोर्ड की भूमि पर अस्थायी रूप से नया कैंपस बनाया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के बाद अब बचे हुए शिक्षकों को भी राहत देने का भरोसा दिलाया है। शिक्षा के अधिकार के तहत राज्य को मिलने वाली राशि का बकाया जल्द देने की सहमति भी केंद्र सरकार ने जताई है।
एनआइटी श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में ही हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। यह सहमति बनी कि एनआइटी श्रीनगर कैंपस नहीं बदलेगा। समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि सुमाड़ी की भूमि संस्थान के निर्माण के लिए किसी भी तरह अनुपयुक्त नहीं रही है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत मौजूद थे।