पांच वर्षों की तुलना एक वर्ष से करेंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने भ्रष्टाचार को मिटाने में जनता से सहयोग की अपेक्षा की है। प्रदेश में पिछले एक वर्ष में संस्थागत भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचारियों में दहशत ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचारी, भ्रष्ट तरीके से कमाये गये धन को वापस करने की बात कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों और हृदय रोगियों के लिये एक माह के भीतर मॉडल लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर प्रदेश की सड़कों के सभी दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) ठीक कर दिए जाएंगे। अपै्रल माह तक 108 सेवा की 111 अतिरिक्त एम्बुलेंस आ जाएंगी। प्रदेश में खाद्य सामग्री की जांच के लिये मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इन सचल वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रविवार को प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर परेड ग्राउण्ड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पिछले एक वर्ष में अपनी सरकार द्वारा प्रदेश हित में लिये गये निर्णयों व कार्यों की जानकारी जनता के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष राज्य सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को प्रस्तुत किया। लगभग 20 मिनट के सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की बात दृढ़ता के साथ दोहराई। उन्होंने ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण, विद्युतीकरण, शिक्षा, स्वच्छता, समाज कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण सैक्टरों में पिछले एक वर्ष में किये गए कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के अपने विजन को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल लिंगानुपात पर किये गये अध्ययन को जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जनता से उत्तराखण्ड को विकसित पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का वायदा किया गया था। उसके परिणाम भी सामने है। पांच वर्षों की तुलना में प्रदेश में इस एक वर्ष की अवधि में अपराध, हत्या, मृत्यु की घटनाओं में कमी आयी है। पुलिस द्वारा अपराधों के नियन्त्रण में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने अपनी सरकार द्वारा एक वर्ष की उपलब्धियों को जनता के सम्मुख पेश किया। जिनमें फॉर्म मशीनरी बैंक, सस्ता ऋण वितरण, मॉडल स्कूलों के लिये ‘के’ यान मशीने, गैस कनेक्शन वितरण, स्टैण्डअप योजना, डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र, आशाओं को सम्मान, दुग्ध संघो को प्रोत्साहन, ओडीएफ नगर निकायों का सम्मान, ई रिक्शा योजना, सौभाग्य योजना आदि योजनाओं रही।

सीएम ने एक वर्ष के कार्यकाल पर आभार जताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए समाज के हर वर्ग का उत्थान करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान, महिला और गांव सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। पहाड़ से पलायन रोकना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। मात्र कोरी घोषणाएँ नहीं की गयी हैं, बल्कि ऐसी घोषणाएं की गयी हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है।

सीएम बोले ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य के 99.60 प्रतिशत ग्राम विद्युतीकृत हो गये हैं। विगत एक वर्ष में 51 दूरस्थ गाँव विद्युतीकृत किए गए एवं शेष 21 गाँव मार्च के अन्त तक विद्युतीकृत हो जाएंगे।

एक वर्ष में 552 नई बस्तियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। 572 नये स्थानों पर हैण्डपम्प लगाए गए हैं। 1273 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार किया गया है। प्रदेश में 3837 चाल-खाल, जलकुण्ड, फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 600 अतिरिक्त चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किया गया। इनमें 239 बॉन्डधारी चिकित्सकों की भी नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। मैदानी क्षेत्रों में सुविधा जनक स्थानों पर वर्षों से जमें डाक्टरों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें वापस मूल स्थानों पर तैनात किया गया है।

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार सदैव प्रयासरत है। 15 ग्रॉथ सेंटरों में महिलाओं को एलईडी उपकरण निर्माण की टेªनिंग दी जा रही है। सामाजिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित महिलाओं के लिये एक लाख तक ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एकल महिलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना शुरू की गयी है। इसके साथ ही प्रथम स्पर्श सैनेटरी नैपकिन उत्पादक इकाई शुरू कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने हेतु शुरू की गयी योजना के अन्तर्गत अब तक सवा लाख से अधिक किसानों को लगभग 600 करोड रूपये का ऋण मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा चुका है। पर्वतीय क्षेत्र में छोटी एवं बिखरी जोतों की चकबन्दी का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है। एमएसएमई के क्षेत्र में 2951 ईकाइयों की स्थापना की गयी है, जिससे लगभग 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य में सेण्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिये भवन एवं भूमि चिन्ह्ति कर ली गयी है, जिसमें इस वर्ष से कक्षाओं की शुरूआत कर दी जाएगी।

सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत लगभग 2500 करोड रूपये के 460 निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई स्टार्ट अप नीति-2018 भी लागू कर दी गयी है। उद्यमियों को नये उद्यमों हेतु भूमि खरीदने की अनुमति अब जिला स्तर से ही प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के विकास के लिये रोडमैप निर्धारित करते हुए हमने लक्ष्य 2020 के अन्तगर्त 2020 तक राज्य की सभी योजनाओं में डीबीटी लागू करने, राजस्व दोगुना करने, 05 हजार होम स्टे का निमार्ण, 01 लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने, 200 स्टार्ट अप आरम्भ करने, 04 लाख 35 हजार वंचित परिवारों में से कम से कम एक व्यक्ति प्रति परिवार को जीविका के साधन देने, सर्विस सेक्टर में 01 लाख नए रोजगार उत्पन्न करने, सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाईबर कनेक्टिविटी देने जैसे लक्ष्य रखे है।

मुख्य सचिव ने किया बाबा केदार में चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण, दिये ये निर्देश

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बाबा केदार के दरबार पहुंचे। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ पीएम के प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो का जायजा लिया। उन्होंने आगामी 10 अप्रैल तक मंदिर के पैदल मार्ग पर पत्थर बिछाने निर्देश भी दिये।

मुख्य सचिव ने धाम मे निरीक्षण के दौरान एम-आई 26 से सरस्वती पुल तक निर्माण किए जा रहे रास्ते को दस अप्रैल से तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न करने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात भी कही।

किसी भी कीमत पर केदारनाथ मन्दिर का दृश्य बाधित न हो, इसके लिए रास्ते के दोनो ओर सुरक्षा दीवार निर्मित करने के निर्देश दिए। केदारनाथ मे 50 फीट रास्ते के पीछे अवस्थित मकानों को ध्वस्त कराने व उनकी पैमाइस करने के साथ ही क्षतिग्रस्त होने वाले मकान स्वामियों को अन्यत्र ठहरने की व्यवस्था के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को दिए।

धाम में एमआई-17 हैलीपेड के पीछे लगाई गई पत्थर काटने की मशीन को संचालित करने व विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश क्रमशः लोनिवि व विद्युत विभाग को दिए। सोनप्रयाग में प्रतिदिन कारीगरों द्वारा तराश कर तैयार किए जा रहे पत्थरों को धाम में समय से पहुँचाने के निर्देश लोनिवि विभाग को दिए। उन्होंने निम द्वारा 10 हजार व अवशेष पत्थरों के लिए लोनिवि द्वारा उपलब्ध कराने को कहा, तत्काल पत्थरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए जिससे कार्य गतिमान रहे।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि शंकराचार्य समाधि का निर्माण कार्य, ध्वस्त मकानों का निर्माण व तीन मकानों में हल्की तोड़-फोड़ की मरम्मत के कार्य की जिम्मेदारी जिंदल गु्रप की है तथा शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

यहां बन रहे थे तमंचे, पुलिस ने पकड़ी फैक्ट्री

मुखबिर की सूचना पर मंगलौर पुलिस ने अवैध रूप से तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया। इनके पास से सात तमंचे और तमंचा बनाने का सामान भी बरामद किया गया है।

14 मार्च दिन बुधवार को हरिद्वार जिले की मंगलोर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम गोपालपुर में स्थित एक मकान में अवैध रूप से तमंचों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने मकान पर दबिश दी, तो मौके पर मौजूद तीन लोग भागने लगे। पुलिस ने तीनों को दबिश देकर पकड़ लिया। पुलिस को फैक्ट्री से सात तमंचे और तमंचा बनाने का काफी सामान भी बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नाम काला निवासी ग्राम रेती थाना भवन शामली वसीम निवासी कैराना और इशाक निवासी राजू पुर थाना बुढाना मुजफ्फरनगर बताया। पुलिस आरोपियों इसकी जड़ तक जाने के लिये लगातर पूछताछ कर रही है।

देश की नजर आज उत्तराखंड परः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता मिलन हॉल में उत्तराखण्ड सरकार एवं वर्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के तत्वावधान में उद्यमियों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ आयोजित आर्थिक परिचर्चा में प्रतिभाग किया। उन्होंने उद्यमियों का आभार व्यक्त कर कहा कि इस परिचर्चा से प्रदेश में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, आईटी, कृषि आदि के क्षेत्र में हुए मंथन का लाभ प्रदेश को मिलेगा तथा विकास के प्रति हमारी सोच को नया दायरा मिलेगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ के कपाट खुलने व बन्द होने के समय दो बार श्री केदारनाथ आये। उनकी सोच स्पष्ट है कि दुनिया के 120 करोड़ हिन्दू उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आना चाहते है। इसके लिये इस देवभूमि में सड़क, रेल व वायु परिवहन सेवाओं का बेहतर होना आवश्यक है, इसी दिशा में उन्होंने 12 हजार करोड़ रूपये ऑल वेदर रोड, 13 हजार करोड रूपये भारतमाला योजना तथा 1600 करोड रूपये ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिये स्वीकृत किये है, जिस पर कार्य तेजी से किया जा रहा है।
जॉलीग्रांट हवाई अड्डे को एलीवेटेड रूप में विस्तार कर इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही पंतनगर हवाई अड्डे, चिन्यालीसौड, नैनी सैनी हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण के साथ ही चौखुटिया में नई हवाई पट्टी बनायी जायेगी। उत्तराखण्ड में भविष्य के पर्यटन का आधार तैयार किया जा रहा है।

कई फिल्मों का फिल्मांकन यहां पर किया जा रहा है। इसके लिये सूटिंग फीस को माफ किया गया है। जनपद चमोली के सीमांत गांव घेस व हिमनी को वाई-फाई सुविधा से जोडा गया है। 36 अस्पताल व ब्लड बैंको, दवा स्टोरों को ऑनलाइन किया गया है। टेली मेडिसिन से जुडे अस्पतालो को अपोलो अस्पताल से जोडा गया है। जहां से विशेषज्ञ डॉक्टरो का परामर्श प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 144 ई-अस्पतालों में से 47 उत्तराखण्ड में है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकि के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 03 साल के अन्दर प्रदेश के सभी गांवों को ऑप्टीकल फाइवर से जोडने का हमारा प्रयास है, इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग देश व दुनिया को देख सकेंगे।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड सदियो से साधको मनीषियों व पर्यटको के आर्कषण का केन्द्र रहा है। प्रदेश में गढवाल व कुमाऊं में 24 धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाये जा रहे है। चारधाम पैदल यात्रा मार्ग की हजारों साल पुरानी परम्परा की शुरूआत की जा रही है। इससे हमारे पड़ाव व चट्टियों को पुनर्जीवित करने तथा पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकल खान-पान व ट्राईवल दूरिज्म को भी बढ़ावा दिये जाने की योजना हमारी है।

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को आगे आना होगाः हरक

तीन दिवसीय वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जैव विविधता की दृष्टि से अपार संभावनाएं है। सरकार हर क्षेत्र में आगे बढ़कर कार्य कर रही है। जिससे उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिल सके।

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा थानो वन रेंज में पहली बार आयोजित वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने किया। मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने वर्ल्ड फेस्टिवल में आयोजित वन विभाग, वन विकास निगम, जिला कारागार, डब्लू डब्लू एफ, सहज योग आदि कई विभागों के अलावा स्थानीय स्तर पर लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने वर्ल्ड फेस्टिवल में संजय लोधी व अनीति भूषण दत्ता की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये ईको पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक झरने, बुग्याल, जैव संसाधन आदि है। जो पर्यटन की दृष्टि से आय का स्त्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की दर्ज पर उत्तराखंड में भी ऑप्टिकल पार्क बनाये जा सकते है।

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि देश में पाये जाने वाली करीब 1200 प्रजातियों में से अकेले 710 के लगभग प्रजातियां उत्तराखंड में पाई जाती है। वन विभाग व आम लोगों के बीच आपसी तालमेल अच्छा हो सके, इसके लिये पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को भी सहयोग करना होगा।

सात महिलाओं को सीएम ने प्रदान की सखी ई-रिक्शा

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने आवास पर कार्यक्रम आयोजित किया। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्य में सामाजिक दृष्टि से कमजोर व निराश्रित एकल महिलाओं के लिये पं. दीन दयाल उपाध्याय सामाजिक सुरक्षा कोष एकल महिला ऋण योजना के तहत एक लाख तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर दिये जाने की योजना का शुभारम्भ किया।

इस योजना का उद्देश्य गांवों में ही रोजगार सृजन कर महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ करते हुये उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। राज्य सरकार द्वारा अकेली महिलाओं के लिये यह सौगात दी है। पशुपालन व मत्स्य पालन को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एकल मंिहलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना के तहत सात महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी व सेफ्टी किट प्रदान की। उन्होंने ई-रिक्शा में बैठकर इसके संचालन की भी शुरूआत की। इसके लिये 50 हजार प्रति ई-रिक्शा अनुदान दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैलेण्डर तथा विभिन्न प्रचार सामग्री का भी विमोचन किया तथा महिलाओं को सेफ्टि नैपकिन किट भी वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आंगनबाडी कार्यकत्रियों को मोबाईल तथा सुपर वाईजर केा टेबलेट उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि उन्हें अपने कार्यो के सम्पादन में आसानी हो सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिलाओं से अपना उत्साह एवं आत्म विश्वास हर समय बनाये रखने को कहा। उन्होंने कहा कि धरती को हम मां कहते हैं धरती की भंाति महिलाओं में भी धारण करने की क्षमता है ।

प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों में भी महिला अधिकारी बेहतर क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश में 03 डीएम, 04एसएसपी, 05 सीएमओ के अलावा अन्य महिला अधिकारी कार्यरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी 11 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रतिशत 07 ही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में 293 एएनएम को नियुक्ति पत्र जारी किये गये है। 380 वेकेंसी निकाली गई है। 481 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। जिसमें 193 महिलायें है उसमें भी 159 उत्तराखण्ड की है। 2100 एएनएम तथा 12 हजार आशा वर्करों का 02 लाख का बीमा का लाभ दिये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश की आशा कार्यकत्रियों को वर्ष 2012-13 से रूकी हुई वार्षिक प्रोत्साहन धनराशि हेतु 33 करोड़ रूपये जारी कर दिये गये हैं। 108 योजना के तहत 61 एम्बुलेंस वाहन दी गई है। शीघ्र 111 और एम्बुलेंस वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे। हर जिले में आईसीयू स्थापित किये जा रहे है। प्रति आईसीयू पर दो करोड़ व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2011 में 0-06 का आयु लिंगानुपात प्रति 1000 के विपरीत 890 था।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील भी की कि वे सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिये संचालित विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त का उनका अधिक से अधिक उपयोग कर आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत बने।

रामदेव की बदौलत आज योग घर-घर मेंः पॉल

योगगुरू बाबा रामदेव ने योग जिज्ञासुओं को योगाभ्यास कराते हुये कहा कि हिन्दुस्तान में कई महान विभूतियां है, कई व्यक्तित्व ऐसे है जिनकी मूर्तियां लगाई जानी चाहिए। बजाए लेनिन व मार्क्स की मूर्तियों के।

ऋषिकेश में आयोजित अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य के राज्यपाल केके पाल, योगगुरू बाबा रामदेव व राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस शिविर में प्रतिभाग करने आए योग जिज्ञासुओं को जीवन में योग को आत्मसात करने का संकल्प दिलाया। इससे पूर्व सुबह करीब पांच बजे से योगगुरू बाबा रामदेव ने विशेष कक्षा का संचालन किया।

बाबा रामदेव के इस विशेष शिविर में सशस्त्र सेना बल के जवानों, स्थानीय नागरिकों सहित देश-विदेश से आए योग जिज्ञासुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाबा बोले योग और आयुर्वेद के बूते आज संपूर्ण विश्व में पतंजलि सबसे बड़ा ब्रांड बनने जा रहा है। स्वदेशी उत्पादों से विदेशी कंपनियां मानो सिकुड़ सी गयी हो।

राज्यपाल केके पाल ने कहा कि योग भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा दुनिया को प्रदान किया गया एक तोहफा है। विश्व में हमारे योगाचार्य एकता का संदेश फैलाने में सफल हो रहे है। उन्होंनंे आज से करीब बीस वर्ष पूर्व योग तो था, मगर लोगों में जिज्ञासा नहीं थी। मगर, आज योगगुरू बाबा रामदेव के प्रयासों की बदौलत पिछले डेढ़ दशक से योग घर-घर में किया जाने लगा है।

इस दौरान पतंजलि योग विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पदमश्री भारत भूषण सहित कई देशी विदेशी मौजूद थे।

त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू की मारपीट, जानिए किस को तोड़ा?

त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद सत्ता पर काबिज होने जा रही पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य में तोड़फोड़ और मारपीट करना शुरू कर दिया। उन्होंने वामपंथी स्मारकों को तोड़ा है। आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविजन में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया। साम्यवादी विचारधारा के नायक लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद से वामपंथी दल और उनके कैडर नाराज हैं।

आपको बता दें कि त्रिपुरा राज्य में बीजेपी की जीत के बाद राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और मारपीट की जा रही है। बीजेपी-आइपीएफटी कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो चुके हैं। वे न सिर्फ वामपंथी दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं बल्कि कार्यकर्ताओं के घरों पर भी हमला कर उन्हें निशाना बना रहे हैं।

बीजेपी कार्यकताओं ने व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति भी ढहा दी। त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती (पुलिस कंट्रोल) ने जानकारी दी कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर की मदद से चौराहे पर लगी लेनिन की मूर्ति ढहा दी। एसपी के मुताबिक बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर ड्राइवर को शराब पिलाकर इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और बुलडोजर को सीज कर दिया है।

हमें डराने की कोशिश की जा रही

इस घटना पर सीपीआई(एम) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही वामपंथी कैडरों और दफ्तरों पर हुए हमलों की लिस्ट जारी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर उनके कार्यकर्ताओं को डराने और उनके मन में खौफ पैदा करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि ये हिंसक घटनाएं प्रधानमंत्री द्वारा बीजेपी को लोकतांत्रिक बताने के दावों का मजाक है।

जानिए कौन हैं व्लादिमीर लेनिन

रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन ने वर्ष 1893 से रूस के साम्यवादी विचारधारा का प्रचार शुरू किया था। लेनीन को कई बार जेल भेजा गया था और निर्वासित भी किया गया। ‘प्रलिटरि’ एवं ‘इस्क्रा’ के संपादन के अतिरिक्त वर्ष 1898 में उन्होंने बोल्शेविक पार्टी की स्थापना की। वर्ष 1905 की क्रांती के उनके प्रयास असफल रहे, लेकिन वर्ष 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई और सफल हुए। उन्होंने केरेन्सकी की सरकार पलट दी और 7 नवम्बर, 1917 को लेनीन की अध्यक्षता में सोवियत सरकार बनी। लेनिन की कम्युनिस्ट सिद्धांत और कार्यनीति लेनिनवाद के नाम से जानी जाती है। आज के वामपंथ विचारधारा और कार्यशैली में इनके सिद्धांतों का अहम योगदान है।

सरकार की योजनाओं की पहुंच गांव तक पहुंचेः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक सूचना तकनीकि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रदेश का डाटा बेस सेन्टर शीघ्र तैयार करने, सभी न्याय पंचायतों में कामन सर्विस सेन्टर (सीएससी) की स्थापना के साथ ही वैलून तकनीकी के उपयोग पर ध्यान देने के भी निर्देश दिये है। आईटी के क्षेत्र में भारत सरकार के सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये है।

सचिवालय में आईटी विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच गांवों तक सुनिश्चित हो तथा शासकीय कार्यकलापों, कार्यक्रमों व योजनाओं के साथ ही जन सुविधाओं से सम्बन्धित विभिन्न विषयों को आईटी से जोड़ा जाय। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों तक आईटी की पहुंच सुनिश्चित होने से ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं व सुविधाओं का लाभ सुलभ हो सकेगा तथा शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। इससे स्मार्ट विलेज की कल्पना भी साकार हो सकेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक शिक्षा के प्रसार एवं स्वस्थ मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर सूचना प्रौद्योगिकी का है। अतः इस दिशा में सभी विभागों को प्रभावी पहल करनी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लोगों को आधार कार्ड बनाने में परेशानी न हो इसके लिये जिलाधिकारियों को आधार किट उपलब्ध कराये जाय तथा शासकीय कार्यालयों के माध्यम से भी यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। उन्होंने सभी विभागों में आईटी विभाग से समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने आईटी विभाग के पुनर्गठन हेतु आवश्यक पदों के सृजन पर भी सहमति जतायी। उन्होंने कहा कि आईटी के अधिक से अधिक उपयोग से कार्यो में पारदर्शिता व सुगमता आयेगी।
निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था हेतु एयरोस्टेट (बैलून) की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए आईआईटी मुम्बई से एमओयू किया गया है। परियोजना का प्रथम ट्रायल अहमदनगर में किया जा चुका है, जबकि दूसरा ट्रायल उत्तराखण्ड में अप्रैल में प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के अन्तर्गत ई साक्षरता हेतु मार्च 2019 तक पांच लाख छह हजार लोगों को प्रशिक्षण दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। एक लाख पैंतालीस हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि राज्य में ड्रोन पर शोध एवं प्रशिक्षण का कार्य किया जायेगा। मार्च 2018 तक एनटीआरओ केन्द्र प्रारम्भ किये जाने की योजना है। वर्ष 2018 में सभी 7095 ग्राम पंचायतों को कॉमन सर्विस सेंटर (सी.एस.सी) से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अभी 6226 ग्राम पंचायतों में सी.एस.सी स्थापित हैं। प्रदेश के नागरिकों को प्रमाण पत्र एवं अन्य सेवाओं के लिए 131 ई-डिस्ट्रिक्ट केन्द्र, 16 सेवायोजन केन्द्र तथा 2160 कार्यशील सी.एस.सी के माध्यम से 16 सेवाएं पौड़ी तथा 13 सेवाएं राज्य के अन्य जिलों में प्रदत्त हैं।