राहुल के नेतृत्व में कई दल आ सकते है करीब

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही अब चर्चा 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी शुरू हो गई है। राहुल ने गुजरात में चुनाव प्रचार करने के बाद अध्यक्ष के तौर पर अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भविष्य की रूपरेखा पर संक्षिप्त जानकारी दी। तो वहीं इससे पहले बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी राहुल को विपक्षी एकता के नेता के तौर स्वीकार्यता के संकेत दे चुके हैं।

ऐसे में अब राहुल की कोशिश भी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत होते जनाधार को विपक्षी एकता के साथ तोड़ने की रहेगी। 12 दिसम्बर को आरएसएस के गढ़ नागपुर में एक ऐसी कोशिश भी देखने को मिली। जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की दोस्ती एक बार फिर ट्रैक पर लौटती नजर आई।

किसानों की कर्जमाफी पर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ नागपुर में दोनों दलों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने बताया कि 2019 में कांग्रेस और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर डाली।

आगामी लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन पर एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि दोनों पार्टियों को यूनाइटेड रहना चाहिए और 2019 में उनकी सरकार आएगी। इस घोषणा के साथ ही एनसीपी ने बीजेपी के प्रति अपने सख्त तेवर भी दिखाने शुरू कर दिए हैं।

वहीं शरद पवार ने किसानों से राज्य सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार जब तक किसानों का कर्ज माफ नहीं करती, तब तक किसान न तो बिजली का बिल भरें और न ही बैंकों का कर्ज चुकाएं।

यूपीए में सहयोगी रही एनसीपी ने अपना स्टैंड लगभग क्लीयर कर दिया है. लेकिन अब लेफ्ट समेत दूसरे विपक्षी दलों को साथ लाना राहुल की रणनीति का हिस्सा बन सकता है। यूपी में 2017 का विधानसभा चुनाव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दोस्ती में लड़ने वाले राहुल के लिए उन्हें 2019 में साथ लाना आसान माना जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बसपा भी कांग्रेस को सरकार में समर्थन दे चुकी है।

वहीं बिहार, बंगाल और केरल की बात की जाए तो लालू कांग्रेस के सहयोग के साफ संकेत दे चुके हैं। केरल में बीजेपी ने ताकत फूंकी हुई है और आरएसएस नेताओं की हत्याओं को राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाया है। जिसने वहां सत्ताधारी लेफ्ट के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। पहले भी कांग्रेस को लेफ्ट का समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में राहुल वाम दलों को एकजुट लाकर भी बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ आती-जाती रही हैं। ऐसे में राहुल उन्हें भी साधने को भरपूर कोशिश करेंगे।

राहुल के सामने जहां कांग्रेस संगठन को नया रूप देने और उसमें जान फूंकने का चौलेंज है, वहीं 2014 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाले एनडीए और बीजेपी के खिलाफ विपक्षी खेमों को एकजुट करना भी उनके लिए बड़ा टास्क रहेगा।

केंद्र सरकार की योजना, राज्य की बड़ी झीलों पर लैंडिग हो सीप्लेन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर चारधाम ऑल वैदर रोड की प्रगति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने रामनगर-कर्णप्रयाग राज्य राजमार्ग सहित प्रदेश के कुछ राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध भी किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि ऑल वैदर रोड के निर्माण कार्य प्रगति पर है। केन्द्र सरकार से संसाधनों के विकास के लिये धनराशि आदि के लिये पूर्ण सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गडकरी से उत्तराखण्ड में भी सीप्लेन योजना संचालित करने पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र के सहयोग से टिहरी, नैनीताल की झीलों तथा प्रमुख नदियों में सीप्लेन योजना की शुरूआत की जा सकती है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण में किसानों को मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज पर भी सकारात्मक चर्चाएं हुई है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र की केन्द्रीय मंत्री जो कि जल संसाधन, नदी विकास मंत्री भी हैं, से राज्य में संचालित नमामि गंगे योजना के साथ लखवाडब्यासी सहित अन्य जल विद्युत परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लखवाड़ब्यासी परियोजना, किसाऊ बांध परियोजना के लिए भी केन्द्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री से वार्ता के दौरान उत्तराखण्ड की 33 जल विद्युत परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई। इस सम्बंध में ऊर्जा, जल संसाधन एवं वन मंत्रालय तीनों विभागों द्वारा मिलकर राज्य हित में सकारात्मक परिणाम देने का केन्द्रीय मंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अनुरोध किया कि आर्थिक मामलो की कैबिनेट कमेटी से लखवाड़ बहुउदेश्यीय परियोजना को शीघ्र सहमति प्रदान की जाय। उन्होंने कहा कि अलकनन्दा तथा भागीरथी नदियों पर 70 में से 33 जल विद्युत परियोजनाएं, जिनकी कुल क्षमता 4060 मेगावाट तथा लागत 41,000 करोड़ रूपये है, एन.जी.आर.बी.ए., ईकोसेंसटिव जोन तथा मा.उच्चतम न्यायालय के निर्देशो के क्रम में बन्द पड़ी है।
चमोली की 300 मेगावाट की बावला नन्दप्रयाग जल विद्युत परियोजना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि इस परियोजना से संबंधित डीपीआर केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के समक्ष अनुमोदन हेतु लम्बित है, क्योंकि जल संसाधन मंत्रालय द्वारा इन्वार्यमेन्टल फ्लों का अभी अध्ययन नहीं किया गया है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री को राज्य की लम्बित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की योजना है कि उत्तराखण्ड समेत हिमालय क्षेत्र में जो बड़ी झीले हैं, वहां सीप्लेन की लैंडिंग की जाय। उन्होंने कहा है कि सीप्लेन एक फीट पानी तथा सड़क में भी उतर सकता है। आने वाले समय में यह बहुत सस्ता ट्रांसपोर्ट का माध्यम बनने जा रहा है। अमेरिका, कनाडा, जापान की तर्ज पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से इसके लिए नियम बनाये जा रहे है।

व्यभिचार के लिये सिर्फ पुरूषों को सजा देने वाले कानून की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

विवाहित महिला किसी गैर मर्द से शारीरिक संबंध बनाए तो सिर्फ उस मर्द को सजा क्यों? सुप्रीम कोर्ट इससे जुड़े कानून की समीक्षा करेगा। इस मसले पर दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

औरत को मुकदमे से छूट हासिल है
दरअसल, एडल्ट्री यानी व्यभिचार की परिभाषा तय करने वाली आईपीसी की धारा 497 में सिर्फ मर्द को सजा का प्रावधान है। किसी विवाहित महिला से उसके पति की मर्जी के बिना संबंध बनाने वाले मर्द को पांच साल तक की सजा हो सकती है, लेकिन महिला पर कोई कार्रवाई नहीं होती। याचिकाकर्ता ने इसे भेदभाव भरा कानून बताया है।
केरल के जोसफ शाइन की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया है कि 150 साल पुराना ये कानून मौजूदा दौर में बेमतलब है। ये उस समय का कानून है जब महिलाओं की स्थिति बहुत कमजोर थी। इसलिए, व्यभिचार के मामलों में उन्हें पीड़ित का दर्जा दे दिया गया।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि आज औरतें पहले से मजबूत हैं। अगर वो अपनी इच्छा से दूसरे मर्द से संबंध बनाती हैं, तो मुकदमा सिर्फ उस मर्द पर नहीं चलना चाहिए। औरत को किसी भी कार्रवाई से छूट दे देना समानता के अधिकार के खिलाफ है।
बेंच ने इस दलील से सहमति जताते हुए कहा, आपराधिक कानून लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता, लेकिन ये धारा एक अपवाद है। इस पर विचार की जरूरत है। कोर्ट ने ये भी कहा कि पति की मंजूरी से किसी और से संबंध बनाने पर इस धारा का लागू न होना भी दिखाता है कि औरत को एक संपत्ति की तरह लिया गया है।
पत्नी को शिकायत का अधिकार नहीं
याचिकाकर्ता ने बताया कि 1971 में लॉ कमीशन और 2003 में जस्टिस मलिमथ आयोग आईपीसी 497 में बदलाव की सिफारिश कर चुके हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने कानून में संशोधन नहीं किया।
कोर्ट में ये सवाल भी उठा कि आईपीसी 497 के तहत पति तो अपनी पत्नी के व्यभिचार की शिकायत कर सकता है, लेकिन पति के ऐसे संबंधों की शिकायत पत्नी नहीं कर सकती। कोर्ट ने माना कि मौजूदा हालात में ये कानून न कहीं पुरुष से तो कहीं महिला से भेदभाव करता है।
इससे पहले 1954, 2004 और 2008 में आए फैसलों में सुप्रीम कोर्ट आईपीसी 497 में बदलाव की मांग को ठुकरा चुका है। ऐसे में नई याचिका पर पांच जजों की संविधान पीठ में सुनवाई हो सकती है।

भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेंस हर परिस्थिति में लागूः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में कहा कि स्थानान्तरण अधिनियम(ट्रांसफर एक्ट) को लाकर सरकार ने जनता की आशाओं को विश्वास में बदला है। इससे राज्य की सरकारी मशीनरी को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
बहुत दिनों से तमाम कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही पारदर्शी सुदृृढ़ स्थानान्तरण अधिनियम की मांग को सरकार ने पूरा किया है। अल्मोड़ा आवासीय विश्वविद्यालय विधेयक-2017 भी पारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधानसभा सत्र में रूपये 3015 करोड का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के लिए रू. 107 करोड का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए रू. 08 करोड़, प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान (सीपैट) के लिए रू. 09 करोड़, आशा कार्यकत्रियों के लिए रू. 33 करोड़, औली में इंटरनेशनल स्कींइग प्रतियोगिता के लिए रू. 12 करोड़ एवं मुजफ्फरनगर-रूड़की रेल लाइन के लिए रू. 120 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी, 2018 से सीपैट की कक्षाएं संचालित होने लगेंगी। उत्तर प्रदेश के साथ प्रस्तावित जमरानी बांध एवं परिवहन विभाग से संबंधित एम.ओ.यू. तैयार कर लिया गया है, शीघ्र ही इस पर कार्यवाही की जायेगी। केदारनाथ उत्थान चौरिटेबिल ट्रस्ट का गठन और चतुर्थ वित्त आयोग की संस्तुति पर ग्राम पंचायतों को 2.5 प्रतिशत का अधिक अनुदान का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्री केदारनाथ के भव्यतम स्वरूप को स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए सीएसआर में योगदान देने हेतु कॉरपोरेट घरानों का आह्वान किया है। ट्रस्ट के माध्यम से श्री केदारनाथ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास में गति आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम ऑल वेदर रोड के लिए मुआवजा वितरण कार्य सहित अन्य कार्य तेजी से किये जा रहे है। मुजफ्फरनगर-रूड़की रेलवे लाइन सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
लोकायुक्त एक्ट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की इच्छा और भावना के अनुरूप राज्य में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मिलेगा। सरकार का भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरोटोलरेंस का सिद्धांत हर परिस्थिति में लागू किया जा रहा है। एन.एच.74 मुआवजा वितरण प्रकरण पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। कोई कितना भी बड़ा हो उसे छोडा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नौ माह के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट के तहत प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अभी तक दो प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ हो चुके है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में एक लाख युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाए। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषकों को दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने हेतु दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना चालू की गई है। ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन करने के बाद पौड़ी को इसका मुख्यालय बनाया गया है। देहरादून की ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी एवं अल्मोडा की कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण का अभियान शुरू किया गया है। रिस्पना नदी के लिए एक ही दिन में उद्गम से संगम तक पौधरोपण और साफ-सफाई अभियान का लक्ष्य रखा गया है।

बाबरी मस्जिद के विध्वंस की बरसी, मौलाना बोले दोबारा बने मस्जिद


बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। इसके लिये उन्होंने जगह-जगह भारी संख्या में जुलुस भी निकाला। इस दौरान संस्कृत कॉलेज कैंपस से संगठन के कार्यकर्ता डीजे की धुन व ढोल नगाड़े लिये भी दिखाई दिये। डीजे पर प्रभु राम जी की सेना चली आदि भजनों पर कार्यकर्ता झुमते नजर आये।
सुरक्षा का लेकर अलर्ट था प्रशासन
बाबरी विध्वंस की 25 वीं बरसी पर बजरंग दल व विश्वहिंदू परिषद द्वारा आयोजित शौर्य दिवस व विशाल जुलूस को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद था। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल की भारी तैनाती के साथ-साथ एहतियात के तौर पर एसएसबी के जवानों को भी तैनात किया गया था। जुलूस के साथ-साथ पुलिसकर्मी व एसएसबी के जवान भी चल रहे थे।

बरसी पर चस्पा मिले विवादित पोस्टर
बाबरी मस्जिद दोबारा तामीर करो। आल इंडिया इमाम कौंसिल शामली के नाम से चस्पा पोस्टर में लिखा कि बाबरी पर कोई समझौता नहीं, 25 साल से इंसाफ की मुंतजिर। दोबारा तामीर ही इंसाफ है। बाबरी के मुजरिमों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया गया कि एक संगठन के नाम से अब से पहले भी प्रधानमंत्री के बारे में अशोभनीय टिप्पणी वाले पोस्टर चस्पा हुए थे। सीओ कैराना राजेश तिवारी का कहना है कि विवादित पोस्टरों की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वाम मोर्चा ने मनाया काला दिवस
बाबरी मस्जिद विध्वंस के विरोध में वाममोर्चा ने सयुंक्त रूप से काला दिवस मनाया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों में नफरत फैला कर देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहती है। गोरक्षा के नाम पर हत्या करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में जनता के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाकर मंदिर तथा जनेऊ तक को मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है। भाजपा हिन्दुत्व के नाम पर सत्ता हाशिल करना चाहती है।
दोबारा बने बाबरी मस्जिद
ऑल इंडिया इमाम्स के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना शादाब ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 में पांच सौ साल पुरानी बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था। अभी तक उस जगह पर दोबारा मस्जिद की तामीर नहीं हुई है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है और उम्मीद है कि इसमें सभी मुसलमानों की जीत मिलेगी। उन्होंने सभी मुसलमानों से गैर अदालत राय या बयानबाजी करने से मना किया।

राहुल की अगुवाई को कांग्रेसी उत्साहित

आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतजार था। राहुल गांधी ने चार दिसम्बर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए हैं। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक हैं।
राहुल की अगुवाई में बढ़ेंगे आगे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है, लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
राहुल के साथ है पार्टी

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सर्वसम्मति से राहुल को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव पास हुए हैैं कांग्रेस हमेशा सोच समझकर निर्णय करती हैै। उन्होंने कहा कि ये फैसला हमने चार साल पहले ही कर लिया था, जब जयपुर में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया था। कांग्रेस एकजुट होकर राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है। सोनिया जी ने ही पहले प्रस्ताव पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी को गुजरात चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, पीएम की रैलियों में कुर्सियां खाली हैं। बीजेपी का तो अध्यक्ष भी आरएसएस तय करता है।

नामांकन करने से पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की वापसी की राह देख रहे कार्यकर्ताओं में वोटिंग से ठीक पहले नया जोश भर सकता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल को तिलक भी लगाया।
यह लगभग दो दशक बाद है, जब कांग्रेस पार्टी को उसका नया पार्टी अध्यक्ष बनेगा। मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाल रही हैं।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकार अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन के अनुसार किसी अन्य ने अभी तक पर्चा दाखिल नहीं किया है। चुनाव मैदान में राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार रहने की संभावना है और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के लिए सभी रास्ते खुल गए हैं।

गंगा की स्वच्छता का जिम्मा जर्मनी से आयी टीम के हाथों


जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल नेे सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉ.जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया। मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉ.रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड(जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉ.यूरिक रिवेरे, सिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे। जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जायेगा। इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है। इनके नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है। जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है। जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रूपये दिये जाने पर जल्द निर्णय लेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो। कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जायेगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है। जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी।

पुलिस चार्जशीट में हनीप्रीत ने ही बुलाई हिंसा भड़काने को बैठक

गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त आखिर चार्जशीट के रूप में मंगलवार को पंचकुला कोर्ट में पेश कर दी गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 25 अगस्त को पंचकुला में हुई व्यापक हिंसा के लिए हनीप्रीत को मास्टरमाइंड बताया है। हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य गुरमीत राम रहीम के करीबियों व डेरा समर्थकों का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है।
हनीप्रीत पर आरोप है कि पंचकुला अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के बाद उसने डेरा समर्थकों के साथ मिलकर पंचकुला में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट में हनीप्रीत के अलावा देशद्रोह के मुकदमा झेल रहे 15 दूसरे आरोपियों के कच्चे चिट्ठों का भी जिक्र है। हनीप्रीत के खिलाफ मंगलवार को दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। उसके और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकुला के सेक्टर 5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आईपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हनीप्रीत पर पंचकुला हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसके अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर भी देशद्रोह और हिंसा फैलाने का आरोप है। डेरा का प्रवक्ता और देशद्रोह का आरोपी डॉक्टर आदित्य इंसा अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने पुलिस रिमांड के दौरान कबूल कर लिया था कि पंचकुला हिंसा की प्लानिंग उसके ही कहने पर की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा कर उनको चार्जशीट में जोड़ा है। इस आरोप पत्र के तीन पन्नों में गुरमीत राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के 6 सुरक्षा कर्मियों का जिक्र है।
गौरतलब है कि पंचकुला हिंसा का ब्लूप्रिंट 18 अगस्त को सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बुलाई गई एक एहम बैठक में तैयार किया गया था। बैठक हनीप्रीत ने ही बुलाई थी, जो डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती थी। इस बैठक में मौजूद रही डेरा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा को छोड़कर सभी आरोपियों पर देशद्रोह का आरोप है। 25 अगस्त से पहले हनीप्रीत सहित कई आरोपी पंचकुला के डेरे में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर पूरे पंचकुला की रेकी की थी।
इससे पहले 18 अगस्त को हुई बैठक में दो बातें तय की गई थीं- अगर फैसला गुरमीत सिंह के खिलाफ आया तो हिंसा और अगर पक्ष में तो सत्संग करने का ही प्लान था। हिंसा फैलाने के लिए गुंडों को किराए पर लाया गया था, जिनपर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 1.25 करोड़ रुपये तो पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को ही दिए गए थे।

उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह फैसला विश्वभर में छा रहा

अब उत्तराखंड हाईकोर्ट का गंगा प्रदूषण पर दिया गया फैसला फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में भी पढ़ने को मिलेगा। जी हां, गंगा प्रदूषण को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायिर की गयी थी। जिस पर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुये गंगा सहित ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। फ्रांस में गंगा की मान्यता व मौजूदा स्थिति पर भी शोधार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में इस फैसले को कोर्स में शामिल किया गया है।

दरअसल, अधिवक्ता ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गंगा के साथ ही ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। पिछले साल दो दिसंबर को खंडपीठ ने 26 बिंदुओं को लेकर फैसला दिया था। गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने संबंधी फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी थी। इस सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जबकि ग्लेशियर व पेड़-पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने वाला आदेश प्रभावी है। अब तक इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं मिली है।

फ्रांस की शोधार्थी डेनियल बेरती ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता ललित मिगलानी से मुलाकात कर फैसले के अहम बिंदुओं बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसकी पुष्टि किया कि इस विषय को फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर साइंस रिसर्च व सेंट्रल फॉर हिमालयन स्टडीज फ्रांस में अध्ययन के लिए शामिल कर लिया गया है। डेनियल ने गंगा की धार्मिक व सामाजिक मान्यता को लेकर भी तथ्यात्मक जानकारी जुटाई। अधिवक्ता मिगलानी ने इसको उत्तराखंड हाई कोर्ट के साथ ही देश के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया है। साथ ही कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता को लेकर उनकी मुहिम जारी रहेगी।

जानिए राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन तय हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव पास कर दिया गया है। बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनावों और राहुल के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नोटिफिकेशन एक दिसंबर को जारी होगा। 11 दिसंबर नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। अगर राहुल के अलावा कोई और उम्मीदवार हुआ तो 16 दिसंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 19 दिसंबर को होगी। ऐसे में माना जा रहा कि राहुल के अध्यक्ष बनने का ऐलान 19 दिसंबर को होगा। हालांकि बैठक में शामिल एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी 11 दिसंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और बहुत ही क्षमतावान नेता हैं। आजाद ने कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। राहुल गांधी आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
इस बीच लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वर्किंग कमिटी की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है। हम सब पार्टी अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही सभी प्रदेशों के इंचार्ज भी इसमें हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है इस चुनावी प्रक्रिया से पहले ही तमाम राज्यों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन करने के लिए पोलिंग हो चुकी है। लगभग सभी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी का नाम सर्वसम्मति से पारित भी किया है। ऐसे में तमाम राज्यों के इंचार्ज राज्य इकाइयों के प्रस्ताव को भी भी पेश करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रस्तावित तारीख समिति ने कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी है। हालांकि समिति इसमें बदलाव कर सकती है।
अगर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर्फ राहुल गांधी ही नॉमिनेशन भरते हैं और कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं होता तो इसका मतलब है एक दिसंबर ही को डिक्लेयर कर दिया जाएगा की कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं।