प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सीएम त्रिवेंद्र ने सुना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुसार त्योहारों के समय कोरोना का ध्यान रखते हुए मर्यादा का पालन करना है।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों में कोरोना काल में पूरे मनोयोग से लगे कोरोना योद्धाओं एवं सफाई नायकों को खुशियों के पर्वों को मनाने के लिए अपने साथ शामिल करने की अपील की है। उन्होंने मन की बात में सीमा पर तैनात सैनिकों को भी याद किया। हम सभी भारत माता के इन सपूतों के सम्मान में भी घर में एक दीपक जरूर जलाएं। हमारे जवान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर पूरे साल 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। कहा जाता है कि राजा को शास्त्रों एवं राज्य की रक्षा के लिए शस्त्रों की जरूरत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपील की है कि वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए बाजार से सामान खरीदते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पादों की दिशा में अधिक ध्यान देना होगा। देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी खादी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। मार्शल आर्ट और नये इनोवेशन की ओर भी ध्यान देना होगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को ‘‘राष्ट्रीय एकता दिवस’’ मनाया जाएगा। सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित किया।

उत्तरांचल कला दर्पण का सीएम ने किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में संस्कार भारती द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘‘उत्तरांचल कला दर्पण’’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती की स्मारिका में कला तथा संस्कृति से संबंधित लेखों, विभिन्न ऐतिहासिक एवं पुरातत्व से जुड़ी जानकारियों, लेखों, कविताओं एवं चित्रण के माध्यम से विभिन्न पहलुओं का ध्यान दिया गया है। यह स्मारिका पाठकों को रोचक एवं तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध करायेगी।

इस स्मारिका के मुख्य संपादक सतीश कुमार माथुर ने कहा कि इस स्मारिका का प्रकाशन पुरातत्व वेत्ता तथा चित्रकार डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में किया गया है। संस्कार भारती विविध ललित कलाओं के प्रयोग से समाज में सद्गुण, प्रेम, सौहार्दता, सहयोग, एकता और विश्वास का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है।

ऋषिकेश की कनुप्रिया का यूरोप में क्लिनिकल साइकोलाॅजिस्ट में रिसर्च के लिए हुआ चयन

ऋषिकेश। तीर्थनगरी की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रही है। इसी क्रम में अब कनुप्रिया रावत का भी नाम जुड़ गया है। कनुप्रिया यूरोप में जाकर रिसर्च करेंगी। रायवाला निवासी कनुप्रिया रावत को यूरोप के पोलैंड की प्रसिद्ध काजिमिज विल्कि यूनिवर्सिटी ने भारत से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट में रिसर्च के लिए चुना है। उनकी उपलब्धि पर अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। नवरात्र उत्सव के समापन मौके पर मिले सम्मान को पाकर कनुप्रियाा बेहद अभिभुत नजर आई।

डा. राजे नेगी ने बताया कि कनुप्रिया को भारत से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट में रिसर्च के लिए चुना है। वह भारत से चुनी गई इकलौती स्कॉलर हैं। जो वहां पर रिसर्च करेंगीं। कनुप्रिया की पढ़ाई का खर्चा भी यूनिवर्सिटी उठाएगी यूनिवर्सिटी ने कुल 5 रिसर्च स्कॉलर को चुना है जिनमें कनुप्रिया भी एक है। उन्होंने वर्ष 2018 में देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार से एमएससी की थी। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने पीएचडी के लिए तैयारी की और चयनित हो गई। डॉ नेगी ने बताया कि वह जुडो की खिलाड़ी भी रही है चारों भाई बहनों में सबसे बड़ी है और उनके छोटे भाई बहन उनको अपना रोल मॉडल मानते हैं।कनुप्रिया की छोटी बहन निधि रावत बॉलीबाल की नेशनल खिलाड़ी रही है और वर्तमान में योग शिक्षका के रूप में कार्य कर रही है।
कनुप्रिया मूल रूप से चमोली जिले में थराली के पास गूंगा गांव के रहने वाली है। उनके पिता पुलिस में अधिकारी थे जिनका कुछ वर्ष पहले देहांत हो गया था। कनुप्रिया ने कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी कर वह वापस उत्तराखंड के दूरगामी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। इस मौके पर महासभा के उत्तम सिंह असवाल, लोक गायक धूम सिंह रावत, खेल शिक्षक दिनेश पैन्यूली, अंजली वर्मा, मोनिका पंवार, मनोज नेगी, मनोज रौतेला, लक्ष्मी प्रसाद रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।

ला नीना के कारण इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान

इस वर्ष सर्दी अपना असल रूप दिखाने वाली है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो कड़ाके की ठंड और शीत लहर चलने का अनुमान है, जो कोरोना संक्रमण को देखते हुए सही नहीं होगा।

पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि सर्दी का मौसम लंबा खिंचने वाला है। ला नीना के चलते इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

क्या है ला नीना
ला नीना एक प्रक्रिया है, जिसके तहत समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू हो जाता है। समुद्री पानी पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके कारण उसमें ठंडक बढ़ती है, जिसका असर हवाओं पर पड़ता है। एल नीनो में इसके विपरीत होता है। दोनों ही क्रियाओं का असर सीधे तौर पर भारत के मानसून और सर्दी के मौसम पर पड़ता है।

पर्यटन सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बद्रीनाथ में रह रहे लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ धाम को एक आध्यात्मिक टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा।

पर्यटन सचिव ने कहा कि मास्टर प्लान को कार्यन्वयन करने में जिला प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रस्तावित मास्टर प्लान को लेकर बद्रीनाथ में डिटेल सर्वे करने, सर्वे के आधार पर भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार करने तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास हेतु लैंडबैंक तैयार करने को कहा। बद्रीनाथ मंदिर पहले की तरह देवदर्शनी एवं पूरे बद्रीनाथ टाउन में हर छोर से दिखाई दे इस पर विशेष फोकस रखा जाए। बद्रीनाथ धाम में तालाबों के सौन्दर्यीकरण, स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमैंट, मंदिर एवं घाट का सौन्दर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फेसलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत चरणबद्व ढंग से प्रस्तावित किए गए है। यात्री सुविधाओं के लिए तीन चरणों में अगले वर्ष मार्च से विकास के निर्माण कार्य शुरू होंगे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ के निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान कहा, ‘‘उत्तराखंड, नगर नियोजन विभाग ने पहले ही बद्रीनाथ धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान-2025 तैयार किया है। इस प्लान के कम्पोनेंट और धाम में वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लगभग 85 हैक्टियर क्षेत्रफल में सुविधाओं को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे इस पूरे हिल टाउन में सुव्यवस्थित ढंग से ट्रैफिक मैनेजमेंट हो सके और तीर्थ यात्रियों को यहां पर धार्मिक और आध्यात्म की अनुभूति मिल सके। यहां के हक हकूक धारियों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों के हितों, उनके रोजगार एवं आजीविका को ध्यान में रखते हुए यहां पर मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जाएगें।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा, ‘‘आध्यात्मिक क्षेत्र बदरीनाथ धाम के विकास हेतु बदरीनाथ मास्टर प्लान महत्त्वपूर्ण महायोजना है जहां हर साल बद्रीनाथ में श्रद्वालुओं की संख्या बढ रही है उसके लिए यहां यात्री सुविधाएं विकसित करना बेहद जरूरी है। बैठक में पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मुकेश परमार, जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडे आदि मौजूद रहे।

देश रक्षा में शहीद पुलिसकर्मियों को पीएम ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस 2020 के अवसर पर देश की रक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि वर्ष 1959 में चीन से सटी भारतीय सीमा की रक्षा में बलिदान देने वाले दस पुलिसकर्मियों की याद में प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

ट्वीट के जरिए पीएम मोदी ने कहा कि हम कर्तव्य की पंक्ति में शहीद हुए सभी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनके बलिदान और सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा कि भयावह अपराधों को सुलझाने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने, आपदा प्रबंधन में सहायता से लेकर कोरोना महामारी से लड़ने तक हमारे पुलिस कर्मी हमेशा बिना किसी हिचक के अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। हमें नागरिकों की सहायता के लिए उनके परिश्रम और तत्परता पर गर्व है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अब तक 35,398 कर्मियों ने शहादत दी है, मैं सभी शहीदों के परिवार जनों को कहना चाहता हूं कि ये स्मारक (राष्ट्रीय पुलिस स्मारक) सिर्फ ईंट, पत्थर और सीमेंट से बना स्मारक नहीं है।

बदरीनाथ महानिर्माण योजना पीएम की दूरदर्शी योजना में शामिलः पर्यटन सचिव

पर्यटन-धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने स्थानीय ब्यापारियों एवं तीर्थ पुरोहितों तथा हक-हकूकधारियों से बदरीनाथ महानिर्माण योजना के विषय में बैठक की तथा मास्टर प्लान के संबंध में लोगों की आपत्तियों एवं शंकाओं का निवारण भी किया। पर्यटन सचिव ने कहा कि बदरीनाथ महानिर्माण योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू हो रही दूरदर्शी योजना है। महानिर्माण योजना पर 424 करोड़ का बजट प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचेगा तथा बदरीनाथ धाम में यात्री सुविधाओं में वृद्दि होगी। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मास्टर प्लान को केंद्र के सहयोग से लागू हो रही महत्त्वपूर्ण परियोजना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बदरीनाथ धाम को अधिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में सुविधा-संपन्न बनाने हेतु

उल्लेखनीय है कि यात्री सुविधाओं हेतु मास्टर प्लान तीन चरणों में प्रस्तावित है पहले चरण में शेष नेत्र एवं बदरीश झील का सौंदर्यीकरण शामिल है। दूसरे चरण में बदरीनाथ धाम परिसर तथा आसपास के स्थलों का सोंदर्यीकरण तथा विस्तारीकरण होना है तत्पश्चात तीसरे चरण में शेष नेत्र से बदरीनाथ मंदिर तक आस्थापथ निर्माण प्रस्तावित है।
पर्यटन सचिव ने बदरीनाथ मास्टर प्लान को आध्यात्मिक क्षेत्र बदरीनाथ धाम के विकास हेतु महत्त्वपूर्ण महायोजना बताया है। इससे पहले पर्यटन सचिव ने बदरीनाथ मंदिर में दर्शन किये तथा ब्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

बैठक के पश्चात पर्यटन सचिव ने मंदिर के निकटवर्ती स्थानों नारायण पर्वत, मातामूर्ति मार्ग, ब्रह्मकपाल, तप्तकुंड क्षेत्र, बामणी गांव मार्ग आदि स्थानों का पैदल चलकर अवलोकन किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, बदरीनाथ नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित, नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, व्यापार सभा के विनोद नवानी आदि मौजूद रहे।

देश का पहला फुल वर्चुअल होम स्कूल का सीएम ने किया उद्धाटन

देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल सीज ग्लोबल इंसीट्यूट का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। उत्तराखंड से संचालित होने वाले पहले फुल वर्चुवल इंसीट्यूट के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। अब संस्कृत को भी कैम्ब्रिज बोर्ड के माध्यम से एफिलेएटेड विश्व भर के स्कूल पढ़ा पायेंगे। उत्तराखंड तथा समस्त भारत के लिए यह गर्व का विषय है। संस्थान के इस वर्चुवल कार्यक्रम में अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत देश विदेश के कई लोग जुड़े हुए थे।

उदघाटन अवसर पर संस्थान की संस्थापक रीना त्यागी ने कहा कि जब बच्चे को बिना किसी दिलचस्पी के किसी विषय को सीखने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है। वर्चुअल होम स्कूल स्कूली शिक्षा के विकल्प के रूप में कार्य करता है। और इससे बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यह बच्चे के आत्मविश्वास को मारता है और उसे नकारात्मकता से भर देता है। एक बच्चा एक विषय में कमजोर हो सकता है लेकिन दूसरे में मजबूत ह रो सकता है। ऐसे में माता-पिता के पास बच्चे की रूचि के अनुरूप क्षेत्र चुनने का विकल्प होता है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त होती हैं, और बच्चे में अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है। माता-पिता अपने बच्चे के अभिनव विचारों और स्कूल में शिक्षकों की तुलना में अनुसूची में बदलाव के लिए अधिक खुले हो सकते हैं। पहले, स्कूलों को शिक्षा का प्राथमिक स्रोत माना जाता था, लेकिन हर बच्चा उसी तरह चीजों को समझने में सक्षम नहीं था, माता-पिता ने अपने बच्चे को शिक्षा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में होमस्कूलिंग का विकल्प चुना है। वर्चुवल उद्घाटन अवसर पर डा संदीप मारवाह, डा राधा सिंह, साउथ अफ्रीका से डा स्टीव रार्मन, अमेरिका से डा माइक लोकेट समेत कई लोग सीज ग्लोबल इंसीट्यूट के वर्चुवल होम स्कूल के उद्घाटन अवसर पर जुड़े रहे। स्कूल से जुड़े लोगों ने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

वैश्विक भारत वैज्ञानिक समिट का पहला सत्र एम्स ऋषिकेश में हुआ आयोजित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वैश्विक भारत वैज्ञानिक समिट का पहला सत्र एम्स ऋषिकेश में संपन्न हुआ। डीआरडीओ के माध्यम से आयोजित समिट के पहले सत्र में एक थीम भारत के पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेवाओं का विकास थी।

गौरतलब है कि वैभव समिट प्रधानमंत्री मोदी की दूरगामी सोच और पहल पर आयोजित की जा रही है। एम्स ऋषिकेश ने पिछले चार वर्षों में निदेशक पद्मश्री प्रो. रविकांत की अगुवाई में इन विषयों पर संपूर्ण देश में अद्वितीय कार्य किया है। इसी कारण से भारत सरकार द्वारा इन विषयों के लिए एम्स ऋषिकेश को चैंपियन इंस्टीट्यूट बनाया गया है।

इस मंथन में देश के वरिष्ठ वैज्ञानिक ही नहीं अपितु विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के कई प्रसिद्ध चिकित्सा वैज्ञानिक भी सम्मिलित हुए। विशेषज्ञों द्वारा कई दौर के मंथन के पश्चात भारत के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेवाओं का ब्ल्यू प्रिंट एम्स के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम की अध्यक्षता एवं ट्रॉमा सर्जरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग के डा. मधुर उनियाल के नेतृत्व में तैयार किया गया।

इस अवसर पर निदेशक प्रो. रविकांत ने विशेषज्ञ मंडल की सराहना करते हुए बताया कि एम्स ऋषिकेश पहले से ही उत्तराखंड के दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी चिकित्सा सेवाओं को पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत रहा है और अब प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस दूरगामी योजना के द्वारा इस कार्य और भी उत्साह के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। जो कि न केवल उत्तराखंड में वरन देश के अन्य दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी एक वरदान साबित होगा।

डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि सरकार की इस सक्रिय भागीदारी से यह उम्मीद की जानी चाहिए कि वैभव समिट में तैयार किए गए ब्ल्यू प्रिंट पर शीघ्रता से कार्य होगा एवं इसका लाभ शीघ्र ही देश की जनता तक पहुंच सकेगा।

डा. उनियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की इस योजना के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के प्रदत्त वैज्ञानिक एवं चिकित्सकों में अत्यधिक उत्साह है। अपनी मातृभूमि के लिए सरकार द्वारा उनकी भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्णय पर वह गर्व महसूस कर रहे हैं।
डॉ. उनियाल ने बताया कि कि सर्वसम्मति से विशेषज्ञों का यह निर्णय हुआ है कि उत्तराखंड में ऐसी सुविधाओं को सर्वप्रथम लॉंच कर एक सफल मॉडल बनाया जाएगा स इस मॉडल को उत्कृष्ट रूप से तराशने के बाद इसे देश के अन्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकेगा।

समिट में एम्स ऋषिकेश से प्रो. कमर आजम, डा. मधुर उनियाल, अरुण वर्गीश, अमेरिका से प्रो. मंजरी जोशी, प्रो. मयूर नारायणन, प्रो. सुनिल आहूजा, प्रो. रानी कुमार, इंग्लैंड से प्रो. अजय शर्मा, आस्ट्रेलिया से प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, एम्स दिल्ली से प्रो. अमित गुप्ता, प्रो. संजीव भोई, प्रो. तेज प्रकाश, केजीएमयू लखनऊ से प्रो. संदीप तिवारी, प्रो. समीर मिश्रा आदि शामिल हुए।

अपने जन्मदिन पर माता मंगल ने स्वरोजगार के लिए 25 करोड़ धनराशि दी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने माता मंगला के जन्मदिवस पर सीएम आवास में हंस फाउंडेशन की उत्तराखंड के लिए 105 करोङ रूपए की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं में ’हंस जल धारा के तहत लगभग 200 गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना प्रमुख है। जिसकी लागत लगभग 50 करोड़ रूपये है। इस योजना को उत्तराखंड में दो से तीन साल में पूरा किया जाना है।

कोविड-19 संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी पहाड़ लौटे है। इन लोगों के लिए हंस फाउंडेशन द्वारा 25 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की, जिसके माध्यम से पहाड़ लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने में मदद की जाएगी। इसी के साथ राज्य में लगभग 200 गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाना है। जिनकी लागत लगभग 30 करोड़ रूपये है।
मुख्यमंत्री ने माता मंगला के सुदीर्घ जीवन की कामना की। माता मंगला व भोले महाराज समाज सेवा की भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। जिससे लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैल रही है। माता मंगला के जन्मदिवस पर 105 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात उत्तराखंड को मिली है। यह निश्चित तौर पर हमारे राज्य को विकास के पथ पर लेकर जाएगा। इससे पहले हंस फाउंडेशन राज्य को भोले महाराज के जन्मदिवस पर 100 करोड़ रूपये की योजनाओं का तोहफा दे चुका है। जिसमें पौड़ी के लवाड़ में ’नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण प्रमुख है। इस योजना से उत्तराखंड के हजारों नौजवानों को रोजगार के अवसर तो मिलेंगे ही साथ ही पलायन की मार झेल रहे उत्तराखंड से पलायन भी रूकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल में हंस फाउंडेशन राज्य के साथ रात-दिन से सहयोगी के रूप में खड़ा रहा है। सीएम ने माता मंगला एवं भोले महाराज का आभार प्रकट किया।
माता मंगला के जन्मदिन के अवसर पर हंस फाउंडेशन ने रूद्रप्रयाग के जिला अस्पताल को एम्बुलेंस (टाटा विंगर), सक्शन मशीन, नेबुलिजर मशीन, लाइफ सपोर्ट डिवाइस डिफाइब्रिलेटर मशीन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,एक्स रे मशीन एवं ईसीजी मशीन प्रदान की है।

कराटे खिलाड़ियों ने गंगा तट पर लिया तीर्थनगरी के अमन को विजेता बनाने का संकल्प

गढ़वाल महासभा सोनी टीवी के रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर में तीर्थनगरी से अमन शाह को विजयी बनाने के लिए कैंपेनिंग चलाएगी। इसकी शुरूआत गंगा तट से कराटे खिलाड़ियों के साथ हुई। कराटे कोच शिवानी गुप्ता ने अपने निशुल्क कराटे प्रशिक्षण शिविर में अमन को विजयी बनाने का संकल्प लिया।

ेसमाजसेवी व महासभा अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी प्रशिक्षण शिविर में नागरिकों एवं जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रशिक्षु बच्चों से ऋषिकेश के डांसिंग स्टार अमन शाह को विजेता बनाने के लिए उसके पक्ष में वोटिंग की अपील की। डॉ नेगी ने बताया कि तीर्थ नगरी के लाल अमन शाह ने देश के नंबर वन डांसिंग शो में अपनी जबरदस्त नृत्य प्रतिभा के माध्यम से देश और दुनिया में तीर्थ नगरी का नाम रोशन किया है। कहा कि वोटिंग केवल शनिवार को रात 8 बजे से रात 12 बजे तक ही सोनी लिव एप पर की जा सकेगी। एक व्यक्ति एकबार में 50 वोट कर सकता है। इस दौरान कराटे कोच शिवानी गुप्ता ने भी अपने तमाम प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं की ओर से अमन शाह के पक्ष में जबरदस्त कैंपेनिंग चलाने की बात कही। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सजवान, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद ऋषि कांत गुप्ता, प्रमोद शर्मा, पार्षद संजीव पाल, नीलम मिश्रा,डीपी रतूड़ी,खुशहाल,डा बी एन तिवारी, समाजसेविका सीमा रानी, शिक्षिका सरोजनी थपलियाल, संगीता सागर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।