ताली एक हाथ से नहीं दोनों हाथों से बजती हैः सतपाल महाराज

देहरादून/पटना। देश में विकास के नये-नये आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। मेरा सपना था पहाड़ में रेल पहुंचाई जाए। उस सपने को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। अब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के लिए रेल लाइन का कार्य बड़ी तेजी के साथ किया जा रहा है। यह बात पटना स्थित दीघा विधानसभा क्षेत्र से एनडीए के प्रत्याशी डा. संजीव चैरसिया के समर्थन में विशाल चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पर्यटन संस्कृति व सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कही।

उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब हम बिहार में आते थे तो सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देते थे पता ही नहीं चलता था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। आज यहां सड़कों पर सरपट गाड़ियां दौड़ रही हैं। विकास प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि हम बड़ी आसानी से कह देते हैं कि हम इतनी नौकरियां देंगे, जबकि नौकरी के लिए पहले पद सृजित करनी पड़ते हैं, बजट लाना पड़ता है, जितनी लाख नौकरियां देंगे, उतने लाख का बजट भी चाहिए। अगर बजट नहीं है तो नौकरियां कहां से मिलेगीं। इसलिए बजट के लिए हमें केंद्र सरकार की तरफ देखना होगा। क्योंकि हम जब ताली बजाते हैं तो ताली दोनों हाथों से बजती है और विकास की ताली भी दोनों हाथों से ही बजेगी।

केंद्रीय मंत्री व पटना सांसद रविशंकर प्रसाद ने सतपाल महाराज का अभिनंदन और स्वागत किया। कहा कि देश में सबसे पहले कोरोना होने वालों में सतपाल महाराज भी परेशान हुए। लेकिन जिस संयम का परिचय उन्होंने दिया, पूरे देश के लिए वह एक उदाहरण है। उन्होंने कहा हमें विश्वास है कि महाराज की प्रेरणा और सभी के सद् प्रयासों से इस बार भी बिहार में एनडीए की ही सरकार बनेगी।

सीएम त्रिवेंद्र के मामलें में अटार्नी जनरल ने हाईकोर्ट के फैसले को बताया गलत

अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल सहित कानून के जानकारों ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मामले में हाईकोर्ट के फैसले को गलत ठहराया। साथ ही इतने कठोर आदेश देने पर आश्चर्य भी जताया।
सीएम को सीबीआई जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली तो है मगर, मामले में कई गंभीर सवाल पैदा हो रहे है। सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखते हुए अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने तो हाई कोर्ट के निर्णय को गलत बताया ही, कानून के कई जानकारों ने भी हाई कोर्ट के फैसले पर हैरानी जाहिर की है।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जब रावत इस मामले में पक्षकार ही नहीं थे और याचिकाकर्ता की तरफ से भी ऐसी कोई याचना नहीं की गई, तब हाई कोर्ट का इतना कठोर आदेश देना आश्चर्यचकित करता है।

आदेश सुनाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सदस्य जस्टिस एमआर शाह ने फैसला सुनाते वक्त टिप्पणी भी की कि स्वतः संज्ञान की शक्ति का प्रयोग कर दिया गया हाईकोर्ट का आदेश आश्चर्यचकित करता है। मुख्यमंत्री के वकील मुकुल रोहतगी ने तो इस फैसले को कानून का उल्लंघन बताया है।

कानून के जानकार और सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकार्ड एम पी शोरावाला का मानना है कि हाई कोर्ट को इस तरह का आदेश देने से पूर्व मुख्यमंत्री का पक्ष भी सुनना चाहिए था। इससे मुख्यमंत्री को अपनी बात अदालत के सामने रखने का मौका मिलता।

जानकारों का कहना है कि बिना सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का पक्ष सुने केवल उनके खिलाफ इतना बड़ा फैसला उत्तराखंड की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

सीएम त्रिवेंद्र ने पर्वों पर स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में हिमालय देवभूमि संसाधन ट्रस्ट द्वारा पहाड़ी अनाजों से तैयार मिठाईयों ‘‘देवभोग स्वीट्स’’ का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों पर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह नई पहल शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। देवभूमि प्रसाद की सफलता के बाद अब देवभोग स्वीट्स की प्रगति की कहानी शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व आने वाला है। पर्वों में उत्तराखण्ड के अनाजों पर आधारित स्वास्थ्यवर्धक मिठाईयों की डिमांड तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने जनता से पर्वों पर स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि स्वीट्स के लिए ऑनलाईन मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाय।

हिमालय देवभूमि संसाधन द्वारा उत्तराखण्ड के मन्दिरों के लिए स्थानीय अनाजों पर आधारित प्रसाद बनाया जा रहा है। अब इसको और अधिक विस्तारित करते हुए उत्तराखण्ड के 12 स्वास्थ्य वर्धक अनाजों से मिठाईयां बनाई जा रही है। इस कार्य में हिमालय देवभूमि संसाधन के संस्थापक गोविन्द सिंह मेहर एवं महासचिव बी.एस.रावत एवं अंशुल गुप्ता के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ये मिठाईयां और प्रसाद बनाया जा रहा है। देवभोग प्रसाद की डिमांड काफी तेजी से बढ़ी है। उत्तराखण्ड के स्थानीय अनाजों से जो मिठाइयां एवं प्रसाद बनाया जा रहा है, यह अनाज भी स्थानीय स्तर पर लोगों से खरीदा जा रहा है। जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ ही उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद भी लोगों को मिल रहे हैं। इन मिठाइयों में जिन स्थानीय अनाजों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनमें मंडुआ, चैलाई, झंगोरा, कुट्टू का आटा, गहत, सोयाबीन, उड़द की दाल का प्रयोग किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते उपस्थित थे।

सीएम ने किया लच्छीवाला नेचर पार्क रिडेवलपमेंट कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने लच्छीवाला नेचर पार्क के रिडवलपमेंट कार्यों का निरीक्षण करते हुए इसे प्रकृति से जुडा अपनी विशिष्टता वाला नेचर पार्क बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वातावरण एवं जलश्रोत से परिपूर्ण यह स्थल सभी आयु वर्ग के लोगों को प्राकृतिक सौन्दर्य की अनुमति कराने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि इसके सौन्दर्यीकरण आदि के लिये 5 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की गई है। शीघ्र यह नेचर पार्क अपने भव्य स्वरूप में देश के पर्यटकों के सामने आये इसके लिए पार्क के अधीन विकसित की जाने वाले सभी गतिविधियों को भव्यता के साथ अन्तिम रूप दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क बच्चों के लिये प्रकृति से जुड़ने में भी मददगार होगा। उन्होंने कहा कि पार्क के अन्दर विकसित की जाने वाली नेचर ट्रेल, केनोपी वाक, मल्टीमीडिया फाउन्टेन पार्क देश की अपनी तरह की होगी। चिल्ड्रन जिम, टाय ट्रेन, म्यूजियम पार्क, हर्बल एवं एरोमेटिक गार्डन आदि गतिविधियां लोगो के आकर्षण का केन्द्र बनेगी। पार्क के रिडेवलपमेंट के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को कन्जरवेटर शिवालिक एवं निदेशक देहरादून जू पी पात्रो ने विस्तृत रूप से अवगत कराया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डोईवाला में निर्मित होने वाले तहसील भवन एवं डोईवाला, डिग्री कॉलेज परिसर में निर्मित किये जा रहे गल्र्स हास्टल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यो में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए इन्हें पर्वतीय शैली में निर्मित किये जाने की बात कही। उन्होंने 04 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले तहसील भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में भी विकसित करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव सुरेश चन्द्र जोशी आदि उपस्थित थे।

स्वच्छ सर्वेक्षणः बेस्ट सिटी इन मैक्सिमन सिटीजन पार्टीसिपेशन में नंदप्रयाग प्रथम

मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान 22 निकायों की 09 डीपीआर समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु रखी गयी। समिति द्वारा सभी 09 डीपीआर को अनुमोदित किया गया।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि प्रदेश के 91 निकायों हेतु कुल 65 डीपीआर निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 90 निकायों हेतु 65 डीपीआर निर्मित कर ली गयी हैं। 01 डीपीआर के निर्माण का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 68 निकायों में से 53 डीपीआर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कर ली गयी हैं। सचिव बगोली ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में बेस्ट परफोर्मिंग स्टेट कैटेगरी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही बेस्ट सिटी इन मैक्सिमम सिटीजन पार्टीसिपेशन कैटेगरी में नन्दप्रयाग को प्रथम रैंक एवं बेस्ट कन्टोनमेंट बोर्ड इन मैक्सिमम सिटीजन पार्टीसिपेशन कैटेगरी में अल्मोड़ा कन्टोनमेंट बोर्ड को प्रथम रैंक प्राप्त हुयी है।

देश का सबसे लंबा डोभरा चांठी पुल का डीएम टिहरी ने किया निरीक्षण

नई टिहरी। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने डोभरा-चांठी पहुंचकर देश के सबसे लंबे सस्पेंशन ब्रिज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह मखलोगा को निर्देश दिए कि पुल के अंतिम चरण के फिनिशिंग कार्यो लाइट, प्रवेश द्वार पर चेक पोस्ट, सफाई, अप्रोच मार्ग सहित पूरे ब्रिज पर साफ-सफाई इत्यादि को समय से पूरा करने के निर्देश दिए है। वहीं डोभरा में आवंटित दुकानों को व्यवस्थित ढंग से एकरूपता के साथ निर्माण करने के निर्देश दिए है। स्पष्ट किया कि डोभरा- चांठी पुल के आसपास की सरकारी भूमि पर प्लानिंग के तहत व्यवस्थाएं स्थापित की जाएगी इसलिए इस भूमि पर अतिक्रमण न होने पाए। उन्होंने कहा कि पुल के उद्धघाटन के उपरांत यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा।

वहीं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए डोभरा में एक बोटिंग पॉइंट बनाया जाना प्रस्तावित है। ताकि डोभरा-चांठी ब्रिज को देखने हेतु आने वाले पर्यटकों को नोकायन की सुविधा मिल सके। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने ओलणी-मल्ला उप्पू मोटर मार्ग के उप्पू खाला में स्लाइडिंग जोन पर लोनिवि चम्बा द्वारा किये जा रहे कार्यो का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

टिहरी झील में पर्यटकों के बढ़ते आवागमन से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए तिवाड गांव में होम स्टे एवं अन्य संभावित पर्यटन गतिविधियों के संचालन की संभावनाओं का भी जायजा लिया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने बौराड़ी पहुंचकर बसअड्डे व रेन बसेरा का का भी निरीक्षण किया। रेन बसेरे में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। गणेश चैक पर वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े किए गए वाहनों के कारण जान की स्थिति उत्त्पन्न होने के कारण जिलाधिकारी ने एसडीएम टिहरी व ईओ नगर पालिका नई टिहरी को नई टिहरी एवं बौराड़ी में पीली-सफेद पट्टी के अंदर के क्षेत्र में दुपहिया व चैपहिया वाहनों के लिए पार्किंग एरिया चिन्हित करते हुई एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। मौके पर एसडीएम टिहरी एफआर चैहान, अधिशासी अभियंता एसएस मखलोगा आदि उपस्थित थे।

केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मंदिर के नव निर्माण में मुंबई के दानी मनोज सोलंकी ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के संचालन से सम्बन्धित विषयों के साथ ही बोर्ड द्वारा तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें पुजारियों, न्यासी, तीर्थ पुरोहितो, पण्डो व हक हकूक धारियों के अधिकारों का विनिश्चय एवं संरक्षण से सम्बन्धित नियमावली भी शामिल है। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के लोगो (प्रतीक चिन्ह्) की डिजाइनों पर भी चर्चा हुई। जिनमें कतिपय संशोधन के पश्चात अन्तिम निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर एवं समीपवर्ती स्थलों के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में यात्रियों को दर्शन, यातायात एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए देवस्थानम बोर्ड को इसकी व्यवस्था सौंपे जाने पर विचार किया गया। बोर्ड के स्तर पर इससे सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने पर सहमति बनी। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकि एवं विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा। इसके साथ ही बैठक में तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मन्दिर एवं सभा मण्डप आदि के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी इसके लिये यू.एस.ए. के दानी पंकज कुमार द्वारा धनराशि व्यय करने की इच्छा जतायी है।
केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मन्दिर के नव निर्माण के लिये भी स्वीकृति प्रदान की गई इस मन्दिर के निर्माण के लिये मुम्बई के दानी मनोज सोलंकी ने इच्छा व्यक्त की है। श्री केदारनाथ मन्दिर के पूरब द्वार की मरम्मत पर भी सहमति बनी जिसके लिये धनराशि दानी हरियाणा के श्री यतिन घई ने दान की सहमति दी है।

बैठक में केदारनाथ मे रावल पुजारी आदि के कक्षों की मरम्मत भविष्य में ऊखीमठ मन्दिर के जीर्णोद्वार, बहुमूल्य पाण्डुलिपियों को डिजिटाइल किये जाने, कार्तिक स्वामी मन्दिर को देवस्थानम बोर्ड के अधीन लाये जाने तथा थैलीसैण्ड स्थित विन्देश्वर मन्दिर के जीर्णोद्वार किये जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड त्रिवेन्द्र ने यात्रा मार्गो सहित मन्दिर परिसरो में देवस्थानम बोर्ड के साइनेज होर्डिंग आदि लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ मन्दिरों के पुजारियों, पण्डों, पुरोहितों, वाद्य यंत्र वादको आदि का विवरण तैयार किया जाय ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग हमारी संस्कृति के संवाहक हैं।
उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शनार्थ आये हैं तथा 2 लाख द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया है, जबकि बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ तथा केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज, विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ0 हरीश गौड आदि उपस्थित थे।

नैनीझील का जल होगा स्वच्छ और स्वस्थ, सीएम ने जल गुणवत्ता प्रणाली का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीझील में एक करोड़ की लागत से यूएनडीपी के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नैनीझील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर में जानी जाती है व सदैव से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होने कहा कि नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने जिला प्रशासन व यूएनडीपी को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता बनाये रखेगी। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों तालाबों और जलस्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सफलता मिली है।

कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां अतिथि देव भवः के साथ ही स्थानीय उत्पाद व स्थानीय भोजन को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे होम स्टे को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 2200 होम स्टे संचालित है इनको और बढाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में एसटीपी व पार्किग के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। बलिया नाले पर अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा रैमजे चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाये जाने हेतु शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जायेगी ताकि यहां की जनता व आने वाले पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।

क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अदा करते हुये जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की।

साथी ऐप को उत्तराखंड सरकार ने किया शुरू, पर्यटकों का बढ़ेगा भरोसा

केंद्र सरकार के सभी राज्यों द्वारा एक नई पहल के अंतर्गत साथी ऐप बनाया गया है जो आतिथ्य उद्योग के मूल्यांकन, जागरूकता और प्रशिक्षण प्रणाली के लिए है। इसी क्रम में साथी ऐप को प्रदेश सरकार ने भी शुरू किया है। जो पर्यटकों और हितधारकों के बीच भरोसा और विश्वास बनाये रखने पर केंद्रित है

यह पहल वर्तमान में होटल, रेस्तरां, बी2बी-होमस्टे पर लागू है। साथी ऐप को तीन चरणों में विभाजित किया गया हैं। कोविड 19 के दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन करने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन, क्षमता निर्माण, जो होटल व्यवसायी, रेस्तरां और अन्य लोगों की क्षमता बनाने में मदद करेगा। साइट मूल्यांकन, जो अंतराल की पहचान करने के लिए भूमि कार्यान्वयन पर जाँच करता है। अभी तक साथी ऐप में प्रदेश के 320 इकाइयों ने अपना पंजीकरण कराया है।

भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही इस पहल के बारे में बात करते हुए, पर्यटन मंत्री, सतपाल महाराज ने कहा, ‘‘साथी कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करने के लिए आतिथ्य उद्योग के साथ मदद और भागीदारी है। इस पहल के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमारे माननीय पीएम नरेंद्र मोदी की आत्म निर्भर भारत के विजन के साथ जुड़ा हुआ है। मैं उत्तराखंड के सभी संबंधित हितधारकों से अनुरोध करूंगा कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से खुद को पंजीकृत करें और इसका पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि साथी को अधिक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है इसके लिए यात्रा एग्रीगेटर जैसे मेकमाईट्रिप, गोआईबीबो के साथ जोड़ा जा सकता है, ताकि बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बनायी जानी संभव हो सके।

सचिव पर्यटन, दिलीप जावलकर ने कहा, “साथी ऐप के माध्यम से संसाधनों का प्रचार-प्रसार होने से उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। साथी ऐप से पर्यटन उद्योग में हमारे हितधारकों को सशक्त बनाने के साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी सुलभ होंगे।

चारधाम यात्राः विजयादशमी के मौके पर धामों के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित

उत्तराखंड के चारधाम यानी (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के कपाट शीतकाल में किस तिथि को बंद होंगे। इसका ऐलान आज किया गया। बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को तीसरे पहर तीन बजकर 35 मिनट पर बंद होंगे। इसी तरह गंगोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को दोपहर 12.35 मिनट पर बंद होंगे। वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज पर 16 नवंबर को प्रातः 8.30 बजे बंद होंगे। साथ ही यमुनोत्री धाम के कपाट 16 नवंबर और गंगोत्री के कपाट अन्नकूट पर्व पर 15 नवंबर को बंद किए जाएंगे।