पाक सीमा पर देश की रक्षा करते हुए ऋषिकेश निवासी बीएसएफ का जवान शहीद

भारत मां की रक्षा करते हुए ऋषिकेश का एक ओर जवान ने अपने प्राणों की आहूति दे दी। जम्मू-कश्मीर बारामूला क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर में बीएसएफ में तैनात सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल घायल हो गए थे। बाद में उनकी मृत्यु हो गई। राकेश डोभाल का परिवार ऋषिकेश के गणेश विहार गली नंबर चार में रहता है, पिता कमलकांत राजकीय महाविद्यालय में कार्यरत थे, माता भी राजकीय महाविद्यालय में कार्यरत है। राकेश परिवार में तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे।

बड़े भाई दीपक डोभाल ग्राफिक एरा देहरादून में टीचर है। छोटा भाई उमेश डोभाल दिल्ली होटल में कार्यरत है। राकेश डोभाल की पत्नी संतोषी गृहिणी हैं और उनकी एक 10 वर्षीय बेटी है। उनके शहीद होने की सूचना मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने ईश्वर से शहीद की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। कहा कि जवान ने अपनी शहादत से देश का गौरव बढ़ाया है। पाकिस्तान की इस कायरना हरकत का जरूर जवाब दिया जाना चाहिए।

नुक्कड़ नाटकों के जरिए नगर निगम ने शुरू किया स्वच्छता संदेश अभियान

नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नगर निगम प्रशासन ने स्वच्छता संदेश अभियान का किया शुभारंभ। नगर की हृदय स्थली त्रिवेणी घाट पर महापौर अनिता ममगाई ने वर्ष 2021 के स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान झाड़ू थाम कर नगर की प्रथम नागरिक महापौर ने लोगों से जहां अभियान में सहयोग की अपील की वहीं उन्होंने मौजूद उपस्थिति को मोक्षदायिनी मां गंगा की शपथ दिलाकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपना पूर्ण सहयोग देने की शपथ भी दिलाई।

स्वच्छता अभियान की शत-प्रतिशत सफलता को लेकर मेयर अनिता ममगाईं की अगुवाई में गंगा तट पर नुक्कड़ नाट्य टीम के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। मौके पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वच्छता अभियान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। नाट्य टीम के कलाकारों ने अपने प्रस्तुति से दर्शकों को खूब हंसाया। अभियान का शुभारंभ करते हुए मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि जन सहयोग के बूते ही तमाम अभियान सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन पिछले डेढ़ वर्षों से देव भूमि की ख्याति के अनुरूप शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को शपथ दिला कर शहर को सुंदर बनाने में सहयोग की अपील की जाती रही है। लोगों को इसके लिए जागरूक होने की जरूरत है। उन्हें यह सोचना होगा कि जिस मोक्षदायिनी की शपथ ले रहे हैं उन शब्दों को आत्मसात भी करें।

इस दौरान नगर आयुक्त नरेंद्र क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, स्थानीय पार्षद रीना शर्मा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद विजेंद्र मोगा, पार्षद राजेश दिवाकर, पार्षद शौकत अली, अनिल ध्यानी, पवन शर्मा, सुजीत यादव, आशीष द्रविड़, राजीव राणा सहित नगर निगम के सफाई निरीक्षक व सभी हवलदार मौजूद रहे।

एम्स ने ओपीडी मरीजों को दिए दो माह तक के लिए इंसुलिन इंजेक्शन

14 नवंबर को होने वाले विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश के एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग में कार्यक्रम हुए। टाइप-1 मधुमेह के रोगियों के लिए एक रोगी सहायता के तहत ओपीडी मरीजों को 2 माह तक के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन निःशुल्क वितरित किए गए।

बताया गया कि इंडोक्रिनोलॉजी विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों को जनवरी 2021 सत्र में एंडोक्रिनोलॉजी विषय में डीएम पाठ्यक्रम को शुरू किया जाएगा। जिसमें विश्व मधुमेह दिवस मनाने के बाबत जानकारी दी गई कि इसी दिन डाॅक्टर फे्रडरिक बैटिंग ने इंसुलिन की खोज भी की थी। तभी से 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन, मधुमेह से ग्रसित बच्चों के लिए विशेष महत्व रखता है।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों के विषय पर इस तरह के जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन समय की मांग है। बताया कि संस्थान के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में विभिन्न वयस्क और बाल चिकित्सा एंडोक्राइन (हार्मोन संबंधी) विकारों के रोगियों के समुचित उपचार की मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि टाइप-1 या जुवेनाइल डायबिटीज बच्चों और युवाओं को खासतौर से प्रभावित करता है और इस बीमारी को इंसुलिन के साथ आजीवन इलाज की आवश्यकता होती है। इंटनेशनल डायबिटिक फैडरेशन आईडीएफ के अनुमान के मुताबिक भारत में प्रत्येक वर्ष इस बीमारी से 16,000 नए मामले प्रकाश में आ रहे हैं।

कार्यक्रम के तहत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें खासतौर से मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स विभाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। क्विज प्रतियोगिता में मेडिसिन विभाग के डा. अश्विन और डा. मोहन ने प्रथम, डा. पारस गुप्ता और डा. मयंक कपूर ने द्वितीय तथा बाल रोग विभाग के डा. गोकुल पिल्लई और डा. राजकुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर आयोजित ऑनलाइन संकाय वार्ता में एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की डा. कृति जोशी व डा. कल्याणी श्रीधरन तथा मेडिसिन विभाग के डा. रविकांत ने इन-हॉस्पिटल डायबिटीज मैनेजमेंट विषय पर प्रतिभाग किया।

त्रिवेन्द्र की घोषणा 25 हजार करोड़ रुपये से होगा ग्रीष्मकालीन राजधानी का विकास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि गैरसैण परिक्षेत्र का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास के लिए अगले दस वर्षों में 25 हजार करोड़ रूपए खर्च किये जाएंगे। यहां के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है। राजधानी के लिये जो जरूरी अवस्थापनात्मक विकास जरूरी होता है, उसके लिये मैं घोषणा करता हूँ कि हम आने वाले 10 वर्षों में 25 हजार करोङ रूपए खर्च करेंगे। 25 हजार करोङ रूपए से ग्रीष्मकालीन राजधानी के पूरे परिक्षेत्र का विकास होगा।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराडीसैंण) मे 21 वां राज्य स्थापना दिवस (20वीं वर्षगांठ) बडे हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। भराडीसैंण विधानसभा परिसर में आईटीबीपी और पुलिस के जवानो की भव्य रैतिक सेरेमोनियल परेड के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराडीसैंण) विधानसभा परिसर से पूरे प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। यह पहला मौका है जब प्रदेश के किसी मुखिया ने ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बाद गैरसैंण मे राज्य स्थापना दिवस की सालगिरह मनायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड 21 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण के भराङीसैण स्थित विधानसभा परिसर में हम संकल्प लेते हैं कि हम अपनी एक-एक बहन के सिर से घास का बोझ हटा देंगे। इसके लिये व्यापक स्तर काम चल रहा है। हमारी माताएं और बहनें बहुत मेहनती हैं। हमारी कोशिश है कि इनका स्किल डेवलपमेंट कर आर्थिक तौर पर सशक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने ही यहां की भावनाओं को समझते हुए उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से किया गया था। मैं बहुत से दूरस्थ और सीमांत गांवों में गया हूँ। जनभावनाओ का सम्मान करते हुए गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन बनाया है।
गैरसैंण प्रतीक है पहाङवासियों की पीड़ा का, दर्द का।
हमारी प्राथमिकता शुरू से ही दूरस्थ क्षेत्रों का विकास रहा है। इसी क्रम में हमने रूरल ग्रोथ सेंटर प्रारंभ किये। 104 को स्वीकृति दी जा चुकी है। 40 से अधिक शुरू भी हो गये हैं। बहनों को सशक्त करने के लिये हम महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के दे रहे हैं।
राज्य में प्रकृति ने जो भी हमें दिया है, उनमें रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं। हम स्वरोजगार को अभियान के तौर पर ले रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में ऋण और अनुदान की व्यवस्था है। जिलों में स्वरोजगार पर जिला योजना का 40 प्रतिशत खर्च करने के निर्देश दिये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 रुपये में पानी का कनेक्शन दे रहे हैं। कैम्पा में 10 हजार लोंगो को रोजगार देने पर काम कर रहे हैं। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में 5 लाख रूपये तक निशुल्क ईलाज की सुविधा दी गई है। महाविद्यालयों में 94 प्रतिशत फैकल्टी है। 500 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज हैं। 700 और स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज शुरू की जाएंगीं। कालेजों में वाई फाई कनेक्टीवीटी दी जा रही है। हमने आशा कार्यकत्रियों के मानदेय और वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन में बढोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य के उत्पादों में स्वयं सहायता समूह को रू. 5.00 लाख तक प्रोक्योरमेंट में वरीयता दी जायेगी। लगभग 500 सर्वाधिक पलायन वाले ग्रामों में स्थित स्वयं सहायता समूह को ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा।
आम जनमानस की कठिनाइयों के निराकरण हेतु जनपद स्तरीय विकास प्राधिकरणों द्वारा भवन निर्माण का मानचित्र पास करने की व्यवस्था की प्रक्रिया का सरलीकरण एवं शिथिलीकरण किया जायेगा।

शहरी इलाको में गरीब व्यक्तियों हेतु पेयजल कनेक्शन रू. 100 पर उपलब्ध कराया जायेगा। भ्रष्टाचार से लड़ने हेतु एक टोल फ्री हैल्प लाईन की स्थापना की जायेगी।
महिला एवं बच्चों हेतु मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना प्रारम्भ की जायेगी। इसके अन्तर्गत को सौभाग्यवती किट दी जायेगी। राज्य की निर्यात नीति बनायी जायेगी। राज्य के सीमांत इलाकों में पुलिस आउटपोस्ट बनायी जायेगी।
अराजपत्रित श्रेणी के राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों कें कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं व स्थानीय निकायों, निगमों/उपक्रमों के कर्मचारियों तथा कैजुअल-दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बोनस दिया जायेगा।
राज्य के सभी जनपदों में वन विभाग द्वारा ‘‘स्वच्छ वन, स्वस्थ जीवन’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर वन/ईको पार्क/बायोडाईवर्सिटी पार्क की स्थापना की जायेगी। देहरादून में साइंस कॉलेज की स्थापना की जाएगी। सरकारी भवनों के निर्माण में स्थानीय वास्तु शैली के उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण क्षेत्र के लिये भी अनेक घोषणाएं कीं। गैरसैंण में कौशल विकास योजना के अंतर्गत सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। नगर पंचायत गैरसैंण में आंतरिक मार्गों, नालों आदि के निर्माण को स्वीकृति। नगर पंचायत गैरसैंण के लिए 3500 लीटर क्षमता के ट्रैक्टर ट्राली और टैंकर क्रय करने की स्वीकृति। विकासखण्ड गैरसैंण में मशरूम कम्पोस्ट उत्पादन यूनिट की स्थापना की जाएगी।

राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 2 मॉडर्न आदर्श लैब को स्वीकृति। बचपन प्रोजेक्ट में जिले के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में मिनी सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली, शौचालय, पानी, फर्नीचर, झूले, अलमारी, शिक्षाप्रद खिलौने, फ्लोर टाईलें, वॉल पेंटिंग, गैस कनेक्शन, यूनिफार्म की व्यवस्था की जाएगी।
ग्राम बड़ागांव के हनुमानशिला के समीप से औली पहुंचने के लिए वैकल्पिक मोटर मार्ग का नवनिर्माण किया जाएगा। पहले चरण में 15 किलोमीटर की स्वीकृति दी जाती है। सर्वे के बाद फिजीबिलीटी के आधार पर दुरमी में मत्स्य पालन, नौकायन, विद्युत उत्पादन आदि के लिए मल्टी परपज तालाब का निर्माण किया जाएगा।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गोपेश्वर में भूस्खलन के ट्रीटमेंट और पानी की निकासी की व्यवस्था के साथ ही 2 अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण को स्वीकृति। क्लोनल रूट स्टाक पर आधारित उच्च तकनीक युक्त आदर्श सेब बागान की स्थापना की जाएगी। कर्णप्रयाग मण्डी, विकास खण्ड जोशीमठ के बड़ागांव और विकासखण्ड घाट के सलबगढ में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जाएगी।
नाबार्ड के अंतर्गत विकासखण्ड घाट के मुख्य बाजार का बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जाएगा। पुरसाड़ी में विजयनगर ग्राम की बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जाएगा।

कर्णप्रयाग-नौटी पैठाणी मोटर मार्ग से ग्राम गैरोली तक मोटर मार्ग नव निर्माण के दूसरे चरण के 3 किलोमीटर को स्वीकृति। इससे ग्राम गैरोली संयोजित होगा।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण के कांसुवा ग्रामसभा पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण के रामड़ामल्ला ग्रामसभा पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण में गोल पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। गैरसैंण एवं निकटवर्ती क्षेत्र की पम्पिंग पेयजल योजना को स्वीकृति।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, महेंद्र भट्ट, मुन्नी देवी शाह, भरत सिंह चैधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने भराडीसैंण स्थित मां भाराडी के मंदिर पहुंच कर विधिवत पूजा अर्चना भी की।

आंध्र प्रदेश का युवक रायवाला में, पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द किया

रायवाला पुलिस ने आंध्र प्रदेश से लापता युवक को उसके परिजनों से मिलाया है। पुलिस के इस कार्य की हर कोई तारीफ कर रहा है।

थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि लावारिश अवस्था में घूमते पाए जाने पर युवक से पूछताछ की गई। तो उसने अपना नाम 20 वर्षीय कुच्ची पृथ्वी पुत्र चंद्रहास बताया। जो कि जिला अनंतपुर आंध्र प्रदेश का रहने वाला है जोकि अपने परिवार जनों से नाराज होकर घर से निकल गया था तथा भटक कर यहां पहुंच गया है। रायवाला पुलिस ने उक्त युवक के परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि उक्त युवक कुच्ची पृथ्वी बीते 11 अक्टूबर से लापता है। उसकी गुमशुदगी परिजनों ने थाना अनंतपुरम-2 टाउन आंध्र प्रदेश में दर्ज कराई है। लापता युवक के परिजन आज थाना रायवाला पहुंचे और युवक को आंध्र प्रदेश पुलिस एवं उसके चाचा के भास्कर निवासी 12-55 आदर्श नगर, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश के सुपुर्द किया। परिजनों ने पुलिस का आभार प्रकट किया।

उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं का संघर्ष किसी ने नहीं छिपाः स्पीकर

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारी महिलाओं को आज पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

राज्य आंदोलनकारी महिलाओं में उषा रावत, सरोज डिमरी, अरुणा शर्मा, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी आदि का सम्मान करने के पश्चात स्पीकर ने कहा कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्ती के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताता और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जिससे आंदोलनकारियों का सम्मान हुआ है ।

इस अवसर पर खाण्ड गांव के प्रधान शंकर धने, तेज बहादुर यादव, राजवीर रावत, शिव कुमार गौतम, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुंदरी कंडवाल ने किया।

गैरसैंण को राजधानी बनाकर सीएम त्रिवेंद्र ने बातें कम काम ज्यादा… को किया सार्थक

देहरादून। गैरसैंण राज्य निर्माण के शहीदों और आन्दोलनकारियों की भावनाओं का प्रतीक है। पहाड़ की राजधानी पहाड में जैसे नारे अब सार्थक होते जा रहे हैं। जी हां और ये सपना एक राज्य आन्दोलनकारी ही पूरा कर सकता था, जो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। राज्य आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सीएम त्रिवेन्द्र का गैरसैंण को लेकर भावनात्मक लगाव किसी से छुपा नहीं है। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहले ऐसे सीएम हैं जो लगातार गैरसैंण जाकर अपने इस लगाव के साथ काम करते भी दिखाई देते हैं। सीएम त्रिवेन्द्र ने गैरसैंण के विकास की इबारत लिखने में केवल बाते हीं नहीं की बल्कि धरातल पर भी इसे उतराने में पूरी शिद्दत से काम किए हैं।

इसकी पहली झलक मार्च माह में सीएम त्रिवेन्द्र ने विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण मे ही दिखा दी थी। जब किसी को अपेक्षा नहीं थी कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर फैसला इस सत्र में होगा लेकिन दृढनिश्चियी सीएम ने वो फैसला गैरसैंण के हित में और उत्तराखंड के हित में ले लिया जिसकों लेने में बाकी मुख्यमंत्रियों ने कभी हिम्मत तक नहीं दिखाई। हां दिखावा जरूर करते रहे लेकिन त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिखा दिया था की वो केवल बातें नहीं करते बल्कि उसे पूरा करने की हिम्मत भी रखते हैं। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा के दौरान ही सीएम की आखों से बहे आंसूओं ने साफ बता दिया था की मुख्यमंत्री के लिए गैरसैंण सियासी मुद्दा नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा और उनके दिल से जुडा मुद्दा है। उसी दिन लग गया था कि शहीदों के सपनों को पूरा करने में सीएम त्रिवेन्द्र कोई कसर नहीं छोडेंगे।

साफ है गैरसैंण पर फैसला लेते हुए सीएम कभी भी एक सीएम की तरह नहीं बल्कि राज्य के लिए आन्दोलन करने वाले एक आन्दोलनकारी, राज्य आन्दोलन के लिए शहीद होने वालों के परिवार के सदस्य की तरह उनके सपनों को अपना सपना बनाते हुए उसे पूरा करने की सोच के साथ काम करते रहे हैं। इसलिए राज्य के मुद्दों के लिए उनकी टीस और भावनाएं ठीक उसी तरह हैं जैसी एक राज्य आन्दोलनकारी के मन की टीस। यही वजह है कि सीएम ने गैरसैंण में ही घर बनाने का फैसला भी किया है।

स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर टिहरी में बहुप्रतीक्षित डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण कर टिहरी वासियों को बड़ी सौगात दी है। पुल का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 364.98 लाख लागत के 1.948 किलोमीटर लम्बे इस भारी वाहन झूला पुल की क्षेत्रवासी पिछले 14 वर्षों से इंतजार में थे पुल पर आवाजाही शुरू होने से अब आवागमन सुविधाजनक होने के साथ ही समय की बचत होगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कुल 4 अरब 73 करोड़ 8 लाख 56 हजार की विभिन्न 60 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया। जिसमें 3 अरब 7 करोड़ 83 लाख लागत की 30 योजनाओं का लोकार्पण तथा 1 अरब 2 करोड़ 25 लाख की 30 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। लोकार्पण की गई योजनाओं में 9 योजनायें लोनिवि, 7 पीएमजीएसवाई, 10 शिक्षा विभाग, 2 पर्यटन एवं 1-1आयुर्वेदिक व क्रीड़ा विभाग से संबंधित है जबकि शिलान्यास योजनाओं में 7 लोनिवि, 20 पीएमजीएसवाई, 1 पर्यटन, 1 शिक्षा व 1 उद्यान विभाग से संबंधित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राजकीय इंटर कालेज मजफ के प्रान्तीकरण की भी घोषणा की।

प्रताप नगर की जनता के लिए खुला विकास का द्वारः त्रिवेंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रताप नगर की जनता ने देश हित में बहुत बड़ा योगदान दिया है जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सिंचाई की उपलब्धता एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति संभव हो सकी है। कहा कि आज प्रताप नगर की जनता के लिए विकास का दरवाजा खुल चुका है वहीं यह पुल क्षेत्रीय जनता एवं आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए खुशहाली एवं समृद्धि का स्रोत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 42 किलोमीटर लंबी टिहरी झील पूरी दुनिया को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। टिहरी झील साहसिक पर्यटन का भी केन्द्र बनेगी तथा इसके आस पास अनेक पर्यटन गतिविधियों की शुरूआत होगी इससे पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ ही आर्थिक समृद्धि की राह भी प्रशस्त होगी।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक विजय सिंह पंवार, धन सिंह नेगी, शक्ति लाल शाह, राज्यमंत्री अब्बल सिंह बिष्ट, रोशन लाल सेमवाल, महावीर रांगड़, जिलाधिकारी इवा आशीष आदि उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र सरकार का अभाविप ने फूंका पुतला, पत्रकार अर्णब को रिहा करने की मांग


पत्रकार व संपादक अर्णब गोस्वामी को बिना वारंट हिरासत में लेने की घटना का विरोध एबीवीपी की स्वर्गाश्रम व लक्ष्मणझूला इकाई ने किया। कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया और अर्णब गोस्वामी को जल्द ही रिहा कर निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की। विद्यार्थी परिषद महाराष्ट्र सरकार और उसके पुलिस द्वारा प्रेस फ्रीडम की धांधली की निंदा करता है।

नगर मंत्री राहुल बडोनी ने कहा जो लोग भारत तो अघोषित आपातकाल के तहत होने की बात करते हैं उसके पास आज की पेशकश के लिए मुक बधिरता है जब महाराष्ट्र में राजनीति के लिए प्रेस स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया था। लोकतंत्र का चैथा स्तंभ महाराष्ट्र खतरे में है और हम लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए खड़े हैं।

प्रदर्शन के दौरान विभाग संयोजक विनोद चैहान, पूर्व नगर मंत्री शुभम झा, नगर सह मंत्री सुमित भंडारी, कॉलेज इकाई अध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा, अरुण, विवेक भारती, अंकित, उमेश यादव आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में ऐरोमैटिक पौधों की खेती से रूकेगा जंगली जानवरों से खेती को नुकसान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य में सेब, नाशपाती सहित अन्य फलों के बागों के पुनर्जीविकरण व विस्तारीकरण के लिए भरसार विवि और जीबी पंत विवि के कुलपतियों की एक समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। किसानों के स्किल डेवलपमेंट की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि फार्म मशीनरी बैंक और माइक्रो इरीगेशन का लाभ अधिकतम गांवों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। सूअर, बंदर आदि जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान का सर्वे करते हुए अधिक प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तार-बाड़, दीवार बनाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। सीएम आवास में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के साथ कृषि, उद्यान, रेशम विकास विभागों की समीक्षा की।

आधुनिकतम तकनीक से फलों की खेती को लाभप्रद बनाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सेब व अन्य फलों की खेती को आधुनिकतम तकनीक के उपयोग द्वारा लाभप्रद बनाया जाए। आवश्यकता होने पर दूसरी किस्मों से बदला भी जा सकता है। इसके लिए औद्यानिकी विभाग ठोस काम करे। किसानों के स्किल डेवलपमेंट के लिए योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में सेब, नाशपाती सहित अन्य फलों के बागों के पुनर्जीविकरण व विस्तारीकरण के लिए भरसार विवि और जीबी पंत विवि के कुलपतियों की एक समिति बनाने के निर्देश दिए।

फार्म मशीनरी बैंक से जुडें अधिकाधिक गांव
मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्म मशीनरी बैंक किसानों के लिए काफी लाभप्रद हो रहे हैं। प्रयास किए जाएं कि अधिक से अधिक गांव इसके अंतर्गत आ सकें। माइका्रे इरीगेशन पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। विभाग इसके लिए कार्ययोजना बनाए।

जंगली जानवरों से खेती को नुकसान का हो सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती में एक बड़ी समस्या जंगली जानवरों के कारण आ रही है। सूअर, बंदर आदि जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान का व्यापक सर्वे किया जाए। जिन क्षेत्रों में समस्या ज्यादा गम्भीर है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तार-बाड़, दीवार आदि बनाने का काम किया जाए।

किसान सम्मान निधि में सावधानी से हो डाटा फीडिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती का और विस्तार किए जाने की जरूरत है। जैविक उत्पादों के विपणन के लिए ग्रोथ सेंटरों का उपयोग किया जाए। नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे जैविक कृषि के लिए चयनित गांवों में मानिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसान सम्मान निधि में किसी तरह की शिकायत न आए। इसके लिए डाटा फीडिंग सावधानीपूर्वक की जाए।

कृषि से जुड़ी शिक्षण संस्थान निकटवर्ती गांवों में काम करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कीड़ा जड़ी, मशरूम आदि उत्पादों पर रिसर्च की जाए। कृषि व औद्यानिकी से जुड़ी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान के लिए निकटवर्ती गांवों में भेजे जाएं। भरसार व जीबी पंत विवि अपने निकवर्ती गांवों में कार्य करें। जल्द से जल्द चाय विकास बोर्ड की बैठक आयोजित की जाए। अधिकारी फील्ड में जाएं और वहां किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को दूर करें।

3 के आर्गेनिक उत्तराखण्ड आउटलेट
कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियांल ने कहा कि प्रदेश के आर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए ‘3 के आर्गेनिक उत्तराखण्ड आउटलेट’ स्थापित किए जाएंगे। यहां 3 के से तात्पर्य कृषि एवं कृषक कल्याण है। अगले 2 वर्ष में 1300 आउटलेट बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में किसानों को लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हरिद्वार में बहुत से किसानों ने गन्ने की खेती के स्थान लेमनग्रास की खेती शुरू की है। उन्हें इसकी अच्छी कीमत भी मिल रही है। एकीकृत फार्मिंग की कन्सेप्ट पर भी काम किया जा रहा है।

किसान सम्मान निधि में 8.57 लाख किसान लाभान्वित, 1444 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित
बैठक में बताया गया कि किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत पात्र 8.74 लाख कृषकों मे से 8.57 लाख कृषको को 852.04 करोड का भुगतान किया गया है। वर्ष 2017-18 से अब तक 230 कस्टम हायरिंग सेन्टर, 1444 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित हुए हैं। खाद्यान उत्पादन वृद्धि के लिए प्रदेश को निरन्तर 2 वर्ष भारत सरकार से प्रशंसा एवं कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुआ है।

परम्परागत कृषि विकास योजना में 1 लाख 95 हजार किसान लाभान्वित
परम्परागत कृषि विकास योजना में 78000 है॰ क्षेत्रफल आच्छादित हुआ, 195000 कृषक लाभान्वित हुए। उत्तराखण्ड जैविक कृषि अधिनियम 2019 लागू किया गया है, जिससे जैविक कृषि को संगठित करने में सहायता प्राप्त होगी। वर्तमान में विभाग के प्रयास से यह क्षेत्रफल बढ़कर 1.54 लाख है॰ हुआ है।

8.82 लाख कृषको को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध
वर्ष 2017-18 से वर्तमान तक जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा हेतु 94 गांव लाभान्वित हुये, जिनमें 101 कि॰मी॰ घेरबाड की गयी। प्रदेश के 8.82 लाख कृषको को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए। मृदा परीक्षण की संस्तुतियों को अपनाने से रू॰ 212 करोड़ लागत के 1.17 लाख मै॰ टन॰ उर्वरकां की कम खपत हुयी जिससे रू॰ 202.00 करोड़ अनुदान की बचत हुयी। उत्पादकता वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरकता में भी सुधार हो रहा है।

प्रदेश में 3900 जैविक क्लस्टर, नमामि गंगे में 42 ग्राम जैविक खेती के लिए चयनित
प्रदेश को जैविक प्रदेश बनाने हेतु संचालित योजना में वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक के लिए 3900 कलस्टरों का चयन किया गया। नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे बसे ग्राम पंचायतों में जैविक कृषि को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गंगा नदी के जल को प्रदूषित होने से रोका जा सके। योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2017-18 से गंगा बेसिन पर बसे 5 जनपदां के 42 ग्रामों को चयनित किया गया। इनमें 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को स्वीकृति प्रदान की गयी है। जनपद हरिद्वार 10000 है॰, टिहरी 20000 है॰, चमोली 5000 है॰, उत्तरकाशी 5000 है॰, रुद्रप्रयाग 5000 है॰, पौडी 4500 है॰ एवं देहरादून 500 है॰ को लिया गया है। लगभग 1,25,000 कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा।

बैठक में सचिव श्री हरबंस सिंह चुघ, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. तेज प्रताप, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक सहित विभागीय अधिकारी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा जिलाधिकारी उपस्थित थे।