सीएम धामी ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग तथा खेल विभाग द्वारा प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय, रायपुर (देहरादून) में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। भविष्य में मुख्यमंत्री श्री धामी प्रत्येक जिले में भ्रमण के दौरान अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं से यह भी पूछा कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान किन-किन सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध शारीरिक प्रशिक्षण, दौड़ अभ्यास, खेल गतिविधियों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को दी जा रही सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, ताकि वे पूरी आत्मविश्वास के साथ देश की सेवा के लिए चयनित हो सकें।

युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित खेल गतिविधियों में भाग लिया और युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर अपडेट किया जाए तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सहायता से युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीर योजना देश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा इस योजना के माध्यम से देश सेवा के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बनें। युवाओं को हर संभव सुविधा और मार्गदर्शन देना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं को देश की तीनों सेनाओं में सेवा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करती है। कम आयु में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल देश की सुरक्षा में योगदान देते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल भी अर्जित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मानना है कि अग्निवीर प्रशिक्षण युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और टीम भावना के माध्यम से युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से प्रशिक्षित युवा सेवा अवधि के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनते हैं। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल जैसे अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व और तकनीकी दक्षता उन्हें निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करती है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक युवा अग्निवीर योजना का लाभ उठा सकें। इसके लिए राज्य में निःशुल्क प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन, अनुभवी प्रशिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा प्रांतीय रक्षक दल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्रप्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ में प्रतिभाग किया और जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आंध्रप्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित इस यात्रा में उपस्थित होकर वह स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, ग्राम सड़क योजना और दूरसंचार क्रांति जैसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। देश में गठबंधन सरकार का सफल कार्यकाल पूरा कर उन्होंने यह साबित किया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति हो, तो सभी दल एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 99 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं — अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और वक्फ संशोधन जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आंध्रप्रदेश में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पोलावरम परियोजना, औद्योगिक शहरों, नाइट विज़न फैक्ट्री, सेमीकंडक्टर इकाई आदि के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की प्रेरणा से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।

पीआर विजन 2047 विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका:धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया तथा कॉन्फ्रेंस स्थल पर आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण कर स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन दिया।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

सम्मेलन का उद्घाटन आज 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया व जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, GST, AI, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे। रूस से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देगी। 15 दिसंबर को सम्मेलन का समापन होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देशभर से आए जनसंपर्क विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं युवा प्रतिभाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “पीआर विजन फॉर–2047” विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पब्लिक रिलेशन केवल सूचना संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अंग बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में, जहाँ एक ओर सूचना की प्रचुरता है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदाओं एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विश्वास की बुनियाद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच आदेश का नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक रिलेशन संकट के समय एक सक्षम कमांड सेंटर की भूमिका निभाने के साथ-साथ, देश के लिए सकारात्मक नैरेटिव गढ़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से निकला यह विजन विकसित भारत–2047 के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2024–25 में लगभग 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने जा रहा है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य में बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक कमी आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना का विकास तेज़ी से किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन, वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे, रोपवे परियोजनाएं तथा हवाई अड्डों के विस्तार जैसे कार्य राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। साथ ही शीतकालीन यात्रा की पहल के माध्यम से वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेश, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में राज्य को उल्लेखनीय सफलता मिली है। सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियों से उत्तराखंड निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है।

उन्होंने कहा कि “एक जनपद–दो उत्पाद”, हाउस ऑफ हिमालयाज, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति जैसी योजनाएं स्थानीय आजीविका को मजबूती प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में उत्तराखंड की उपलब्धियाँ राज्य के पारदर्शी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित शासन का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, जनसंख्या संतुलन और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नीतियाँ और नवाचार आज देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन रहे हैं और विकसित भारत–2047 की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

इस अवसर पर अपर सचिव और सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी को पीआरएसआई द्वारा सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया |

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानंद मुनि, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, रूसी प्रतिनिधि माइकल मस्लोव, दाव्यदेंको यूलिया, अन्ना तलानीना सहित देशभर से आए जनसंपर्क कार्मिक एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन 44% बढ़ा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेटीबुंगा मैदान, ग्राम पंचायत शशबनी, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 112 करोड़ 34 लाख रुपये की कुल 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों एवं विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण कर महिला उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की भीमताल क्षेत्र के कई गांवो भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी, सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड का डामरीकरण किया जाएगा। भीमताल बाईपास नहर कवरिंग का शेष कार्य पूर्ण कराया जाएगा। भीमताल में नई पार्किंग और नया रोडवेज बस स्टेशन स्थापित होगी। भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोला जाएगा।।नौकुचियाताल–खड़की खरौला रोड का मिलान किया जाएगा। कसियालेख – काफली – पदीकनाला रोड का डामरीकरण किया जाएगा। बडोन–सिमलिया – साननी मोटर मार्ग का मिलान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा उठाए गए मुख्य मार्ग–10 की खराब स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लगभग 9.5 करोड़ रुपये सड़क पुनर्निर्माण हेतु स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर, मुक्तेश्वर धाम सहित सभी पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रही हैं। पलायन आयोग की नवीन रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी, बेरोजगारी दर में 4.4% कमी, तथा नीति आयोग के SDG इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजलेंस के माध्यम से 200 से अधिक सरकारी कार्मिकों पर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा भवाली बाईपास पार्ट–1 और 2 सुधारीकरण, भीमताल बाईपास सड़क सुधार, 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट, नैनीताल, हल्दूचौड़ एलबीएस कॉलेज में पुस्तकालय व बहुउद्देश्यीय हॉल, पुछड़ी में गौशाला निर्माण, राजकीय विद्यालय जाडापानी में पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। वही मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय लालकुआँ में परीक्षा भवन, लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी, गौलापार स्टेडियम में पूल कवरिंग व सुरक्षा कार्य, बेतालघाट, पंगोट–दैचौरी, ओखलकांडा सभागार आदि का शिलान्यास किया।

विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति पर आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख धारी भावना आर्या, ओखलकांडा केडी रूबाली, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसपी यातायात जगदीश चंद्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय जनता आदि मौजूद रही।

मेधावियों से बोले सीएम, डायरी में अपनी भारत दर्शन यात्रा के अनुभव को लिखकर, उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों को भी दर्ज करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।

एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण के हर सम्भव प्रयास जारी: प्रमुख वन सचिव

जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण तथा आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रमुख वन सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक तथा आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसील पौड़ी के गजल्ड गांव का दौरा किया और गुलदार के हमले में मृत राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रमुख वन सचिव ने प्रभावित परिवार को सांत्वना दी और मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक भेंट किया।

प्रमुख सचिव वन ने गजल्ड घटना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही और ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सरकारी तंत्र और जनसहभागिता के संयुक्त तंत्र और आपसी सहयोग में निहित है।

उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर आदमखोर गुलदार के निस्तारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उपरांत सत्यखाल गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी वन्यजीव संबंधी शिकायतें सुनीं और उन्हें शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

दौरे के बाद प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विकास भवन में प्रमुख वन सचिव से भेंट कर मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी न्यूनीकरण हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। इनमें क्षेत्र से परिचित स्थानीय निवासियों को निस्तारण दल में शामिल करने, तेंदुए को न्यूट्रलाइज करने हेतु दो निजी शूटरों की अनुमति देने तथा प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेशों के माध्यम से जनजागरुकता प्रसारित करने की मांगें शामिल थीं। प्रमुख वन सचिव ने इन बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये और मौके पर ही सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान सुनिश्चित किया।

इसके उपरांत उन्होंने विकास भवन सभागार में मानव वन्यजीव संघर्ष पर सभी प्रमुख विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव वन ने निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु प्रत्येक रेंज स्तर पर नियमित रूप से प्रभागीय दिवस आयोजित किया जायेगा। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि ‘क्या करें-क्या न करें’ आधारित जनजागरुकता सामग्री तैयार कर शीघ्र वितरित की जाय तथा रेंज एवं वन पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप समूहों के साथ-साथ प्रभागीय स्तर पर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग वन्यजीव गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के लिए किया जाये। उन्होंने प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिये।

जनपद क्षेत्र में झाड़ी कटान अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रमुख वन सचिव ने लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और नगर पालिका को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि इस कार्य हेतु अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी, तो उसे शासन स्तर से उपलब्ध कराया जायेगा।

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है, जिसमें त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ समुदाय का सतत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनसमुदाय मिलकर कार्य करें तो इस चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हमारी प्राथमिकता यही है कि जनजीवन सुरक्षित रहे और हर परिवार को समय पर आवश्यक सहायता एवं संरक्षण मिले।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए नियमित चारा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पशुपालन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही प्रभावित तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय तथा आंगनबाडियों में समय परिवर्तन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग के साथ मिलकर जागरुकता प्रसार, झाड़ी कटान तथा गुलदार संकट हेतु अन्य न्यूनीकरण उपाय लिए जा रहे हैं।

बैठक एवं क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे, वन संरक्षक आकाश वर्मा, डीएफओ गढ़वाल अभिमन्यु सिंह, डीएफओ लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े, डीएफओ कालागढ़ तरुण एस, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गोवा में अग्निकांड मामले पर सीएम सावंत से मुख्यमंत्री धामी ने की वार्ता

गोवा के अरपोरा क्षेत्र में हुए गंभीर नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर प्राप्त मीडिया रिपोर्टों एवं स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार, इस घटना में उत्तराखंड के कुछ नागरिकों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से दूरभाष पर वार्ता कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने गोवा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड निवासी के रूप में होती है, तो उनके परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए तथा आवश्यक सहायता—विशेष रूप से पहचान, उपचार, सहायता राशि एवं अन्य औपचारिकताओं—को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार के सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे घटना पर लगातार नजर रखें और यदि राज्य के किसी नागरिक के प्रभावित होने की पुष्टि होती है तो परिजनों को हर आवश्यक सहायता—चिकित्सा, कानूनी, परामर्श अथवा अन्य किसी भी प्रकार की—तत्परता से प्रदान की जाए। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

उत्तराखंड सरकार गोवा प्रशासन से सतत संपर्क में है और घटना से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।

सैनिक कभी भी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यंत सैनिक ही रहता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों ने कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक हर मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ देश की सेवा की है। तिरंगे की शान को बढ़ाने में इन वीर सपूतों का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अर्द्धसैनिक बल के जवानों को वीरता, साहस और देश भक्ति का प्रतीक बताते हुए उन्हें राष्ट्र की शान बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अर्द्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए घोषणा की कि भविष्य में प्रेजिडेन्ट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री वीरता पदक से अलंकृत होने वाले अर्द्धसैनिक को एकमुश्त 05 लाख रूपये की अनुदान राशि दी जायेगी, पूर्व अर्द्धसैनिक एवं अर्द्धसैनिक की वीर नारी, जिसके पास स्वयं की कोई अचल सम्पत्ति नहीं है, को उत्तराखण्ड राज्य में जीवनकाल में एक बार अचल सम्पत्ति क्रय किये जाने में स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी, उत्तराखण्ड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद् को क्रियाशील किया जायेगा और परिषद् के लिए पुलिस मुख्यालय में एक कार्यालय कक्ष आवंटित किया जायेगा, सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) एवं बड़े जिलों के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अर्द्धसैनिक) के एक-एक पद स्वीकृत किये जायेंगे, जिसमें पूर्व अर्द्धसैनिक संविदा में नियुक्त किये जायेंगे, जो अर्द्ध सैनिक बलों के बच्चे हैं, उनको शादी हेतु हमारे सैनिकों के भांति धनराशि प्रदान की जाएगी तथा मुख्यमंत्री ने सीजीएचएस भवन निर्माण हेतु तत्काल प्राथमिकता देते हुए भूमि चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कभी भी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यंत सैनिक ही रहता है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों व उनके परिवारों की चुनौतियों को नजदीक से समझते हैं। शहीदों की शहादत की कोई कीमत नहीं हो सकती और राज्य सरकार का दायित्व है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न होने पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों और शहीदों के परिजनों के सम्मान हेतु अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से अलंकृत वीरों की पुरस्कार राशि एवं वार्षिक अनुदान में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। शहीदों की स्मृति में स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष 10 वीर बलिदानियों की स्मृति में नए स्मारकों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सेना का आधुनिकरण तेजी से हुआ है। भारत आज रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनते हुए कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के स्वदेशी हथियारों की क्षमता को विश्व स्तर पर सिद्ध किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट और अन्य गलत गतिविधियों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठा रही है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है तथा 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता एवं आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि भी है, और यहां की धरोहर, संस्कृति तथा परंपरा की रक्षा करना सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु निरंतर दृढ़ता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक राम सिंह कैड़ा, दायित्व धारी डॉ. अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी शंकर दत्त पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, पूर्व अर्धसैनिक संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष एस.एस. कोटियाल, सेवानिवृत्त आईजी एम.एल. वर्मा, एच.आर. सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने गुजरात में यूनिटी मार्च के तहत सरदार गाथा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधली, बड़ोदरा, गुजरात में सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत आयोजित सरदार गाथा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अटूट समर्पण से अखंड भारत का सपना साकार किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए संघर्ष ने उन्हें भारत में लोकप्रिय बनाया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल ने संवाद, प्रेम, दृढ़ता और निर्भीकता का परिचय देते हुए 562 रियासतों को भारत में मिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री द्वारा सरदार पटेल की प्रेरणा से एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक देश, एक विधान, एक संविधान के संकल्प को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। साथ ही सरदार पटेल के जन्म दिवस पर देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन कर युवाओं को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में भी एकता यात्रा का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने स्वयं चार प्रमुख स्थानों पर एकता यात्रा में प्रतिभाग किया है। एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति, योग और स्वास्थ्य जैसे विषयों से जोड़ने के साथ सहकारिता मेलों का आयोजन कर स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार की दिशा में भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया एकता यात्रा के दौरान ग्राम सभाओं में जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान भी किया गया। विभिन्न गाँवों में सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने सभी नागरिको के लिए एक समान अधिकार और कानून लागू करने के उद्देश्य से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार द्वारा सरदार@150 यूनिटी मार्च का आयोजन कर सरदार पटेल के एकता और समरसता के संदेश को देशभर में पहुंचाने का कार्य किया गया। इस अभियान को पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी आग्रह करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। साथ ही उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जाति, क्षेत्र,संप्रदाय और भाषा से ऊपर उठकर भारतवर्ष को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, एवं अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।