परिजनों ने की रोहित शेखर की अस्थियां गंगा में प्रवाहित

उत्तर प्रदेश सहित उत्तराख्ंाड के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हुई अचानक मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने गंगा में उनकी अस्थियां प्रवाहित की। इस दौरान उनकी मां उज्जवला और पत्नी अपूर्वा भी मौजूद रहीं।

शुक्रवार शाम रोहित शेखर तिवारी की मां उज्ज्वला तिवारी और पत्नी अपूर्वा तिवारी परिजनों के साथ रोहित की अस्थियां लेकर सती घाट पहुंची। रोहित की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। अस्थि विसर्जन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली में हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर उज्ज्वला तिवारी ने कहा कि मैं इस रहस्य से अनभिज्ञ हूं। मुझे कुछ नहीं पता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई साजिश हुई है तो सबके सामने आनी चाहिए और हमें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं किसी निर्दोष का नाम नहीं लेना चाहती। रोहित को लेकर उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के आदर्शों पर आगे बढ़ रहे थे। सामाजिक सरोकारों से जुड़ रोहित युवाओं के लिए प्रेरणस्रोत बनते जा रहे थे, लेकिन ईश्वर को शायद यह मंजूर नहीं था। कहा कि मैं गंगा मां से प्रार्थना करती हूं कि वह जहां भी रहे सुखी रहे।

यात्रियों के पंजीकरण को 25 से लगेंगे काउंटर

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष भी त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया ही फोटोमैट्रिक पंजीकरण करेंगी। पर्यटन विभाग ने संस्था का अनुबंध वर्ष 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।

चारधाम यात्रा में पांच मई को पहली बस रवाना होगी। यात्रा में रवाना होने वाले वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। रोजाना एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड के लिए वाहनों की फिटनेस की जांच की जा रही है। तो वहीं 25 अप्रैल को बस स्टैंड ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र के काउंटर भी खुल जाएंगे।

इन दिनों फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र में साफ-सफाई और रंग रोगन का काम चल रहा है। 25 अप्रैल से पहले फोटोमैट्रिक पंजीकरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण के लिए करीब 17 काउंटर खुलेंगे। इसमें से 15 काउंटर बस ट्रांजिट कंपाउंड और 2 काउंटर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में खोले जाएंगे।

बीते वर्ष ऋषिकेश में 19 फोटोमैट्रिक पंजीकरण पंजीकरण केंद्र खोले गए थे। त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया प्रालि के मैनेजर प्रेम आनंत ने बताया कि इस वर्ष सबसे पहले 25 अप्रैल तक ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण काउंटर में पंजीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसमें चारधाम यात्रा जाने वाले यात्री अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

इन जगहों पर खुलेंगे फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र
त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया प्रा.लि. के मैनेजर प्रेमआनंद ने बताया कि दुबाटा, बड़कोट, हीना उत्तरकाशी, फाटा केदारनाथ मार्ग, सोनप्रयाग केदारनाथ मार्ग, पांडुकेश्वर बद्रीनाथ मार्ग, गोविंद घाट हेमकुंठ साहिब, रेलवे स्टेशन हरिद्वार, राही मोटल हरिद्वार, गुरूद्वारा ऋषिकेश और बस स्टैंड ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के लिए फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे।

पेट्रोल की बोतल लेकर बुजुर्ग चढ़ा एम्स की छत, दी आत्मदाह की धमकी

पिछले 51 दिनों से एम्स से निष्कासित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। धरना का समर्थन कर रहे एक 56 वर्षीय बुजुर्ग एम्स की पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़ गए और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सात घंटे बाद नीचे उतारा। जहां 35 निष्कासित कर्मियों को पुनः आउटसोर्स में नियुक्ति देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस ने बुजुर्ग को शांतिभंग के आरोप में चालान काट कर एसडीएम के समक्ष पेश किया।

सोमवार को उस समय स्थानीय प्रशासन, एम्स प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। जब 56 वर्षीय दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की छत पर चढ़ गए। सुबह साढ़े छह बजे चढ़े बुजुर्ग दाताराम ने अपने पास किसी को फटकने तक नहींे दिया। इस बीच अनशनकारी कर्मचारी नीचे धरने पर बैठ गए। राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के नेतृत्व में एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के साथ वार्ता हुई। मगर, वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुनः बात करने की कोशिश की गई। मगर, वह भी बेनतीजा रही।

इसके बाद करीब डेढ़ बजे कोतवाल रितेश शाह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गए और बड़ी ही चालाकी व सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग दाताराम को पकड़ लिया। उन्होंने दाताराम के हाथ से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई और नीचे ले आए। इसके बाद तीसरे वार्ता सुलेमान अहमद पद स्थापना एम्स के साथ की गई। इस बैठक में तहसीलदार रेखा आर्य भी मौजूद रही।

यहां निष्कासित 35 कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स से काम पर वापस रखने पर सहमति बन सकी। इसके बाद पुलिस दाताराम को करीब सवा दौ बजे कोतवाली ले गए। यहां दाताराम का शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष पेश किया गया।

सुविधाओं के इंतजाम नहीं, यात्रा शुरू होने में 21 दिन शेष

गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में मात्र 21 दिन शेष है। मगर, सुविधाओं का चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में अभाव बना हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए न पानी की समुचित व्यवस्था, न बैठने के लिए उचित स्थान और गंदगी का अंबार जैसे विषयों पर आखिर प्रशासन कब ध्यान देगा। अगर ऐसा ही रहा तो बाहरी राज्यों से यहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का जत्था आखिर राज्य की क्या छवि लेकर वापस लौटेगा।

यात्रा शुरू होने में एक माह से कम का समय रह गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अतिक्रमण को लेकर बाजार में कुछ दिन औपचारिक अभियान चलाकर खानापूर्ति की थी। अतिक्रमण की यही स्थिति बीटीसी परिसर में भी बनी हुई है। यहां यात्रा के मद्देनजर पसरे अतिक्रमण को हटाने का दावा हर वर्ष किया जाता है। मौजूदा स्थिति यह है कि यहां अतिक्रमण जोरों पर है।

मालवाहक वाहनों का चारधाम यात्रा बस ट्रांजिस्ट कंपाउंड से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण पुलिस माल वाहक वाहनों का संचालन बीटीसी के प्रवेश व निकासी मार्गों पर कर रही है। इतना ही नहीं बीटीसी बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर दिन भर माल वाहनों में लोडिंग व अनलोडिंग का सिलसिला जारी है। इससे बद्रीनाथ-केदारनाथ के यात्री वाहनों के साथ ही यहां से विभिन्न मार्गों के लिए संचालित होने वाले निगम की बसों का आवागमन भी बाधित होता है।

भाजपा के संकल्प पत्र में किसके लिए क्या-क्या वायदे किए गए हैं, जानिए

भाजपा ने जारी किया अपना ‘संकल्प पत्र’, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस और 35ए हटाने का वादा

भाजपा ने लोकसभा चुनाव-2019 के लिए सोमवार को अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया, जिसमें 75 संकल्प हैं। पार्टी ने अपने संकल्प पत्र को ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत’ का टाइटल दिया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राजनाथ सिंह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए यह संकल्प पत्र बनाने के लिए हमारे अध्यक्ष जी ने मेरी अध्यक्षता में एक समिति बनाई और मेरे साथ 12 लोगों को भी उसमें नामित किया था। संकल्प पत्र को मल्टी डायमेंशनल बनाने के लिए 12 श्रेणियों में उसे विभाजित किया गया है। इस संकल्प पत्र के माध्यम से हम नए भारत के निर्माण में 130 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश कर रहे हैं।

इस संकल्प के निर्माण में जनभागीदारी को सुनिश्चित करने की भरपूर कोशिश की है। भारत के मन की बात को जानने के लिए हमने एक लंबा कार्यक्रम चलाया। 300 रथ, 7,700 सुझाव पेटियां, 110 से अधिक संवाद कार्यक्रम, 4,000 से अधिक भारत के मन की बात के कार्यक्रम किए गए। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों के मन की बात समझने की कोशिश की। विशेषज्ञों के साथ भी टीम के सदस्य बैठे। पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों को आधार मानकर हमने यह संकल्प पत्र पेश किया है।

संकल्प पत्र की मुख्य बातें :

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को संसद के दोनों सदनों से पास कराएंगे और लागू करेंगे। किसी राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचना पर आंच नहीं आने देंगे।
यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड को लागू करेंगे।
राम मंदिर पर सभी संभावनाओं की तलाश करेंगे। प्रयत्न होगा कि जल्द से जल्द सौहर्दपूर्ण वातावरण में निर्माण हो जाए।
1 लाख तक क्रेडिट कार्ड पर जो लोन मिलता है, उस पर 5 साल तक ब्याज जीरो फीसदी होगा।
किसानों पर 25 लाख करोड़ रुपये अगले पांच साल के दौरान खर्च किया जाएगा।
सभी किसानों को 6 हजार रुपये का लाभ मिलेगा।
सभी छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा देंगे।
राष्ट्रीय व्यापार आयोग बनाएंगे। यह काफी इफेक्टिव आयोग होगा।
देश के छोटे दुकानदारों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।
पूरे देश में एकसाथ लोकसभा और राज्यों के चुनाव हो, इसके लिए आम सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।
आजादी के 75 साल पूरे होने तक 75 कदम तय किए हैं। पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत सभी सिंचाई योजनाएं पूरी करने की कोशिश करेंगे।
1-5 वर्ष तक के लिए शून्य ब्याज दर पर एक लाख रुपये का ऋण देंगे।
उत्कृष्ट प्रबंधन संस्थाओं में सीटों की संख्या बढ़ाएंगे।
एक्सिलेंट इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाएंगे। लॉ संस्थानों में भी सीटों की संख्या बढ़ाएंगे।
प्रत्येक परिवार के लिए पक्का मकान। अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को एलपीजी गैस सिलिंडर।
सभी घरों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण।
शहरों और गांव में ओडीएफ प्लस और ओडीएफ टू प्लस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।
2022 तक सभी रेल पटरियों को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करेंगे।
आयुष्मान भारत के 1.5 लाख हेल्थ और वेयरनेस सेंटर खोले जाएंगे।
ट्रेंड डॉक्टर और जनसंख्या के बीच का अनुपात कम करने की कोशिश करेंगे।
जम्मू-कश्मीर से धारा 35-ए हटाने की कोशिश करेंगे।
तीन तलाक के विरुद्ध मुस्लिम महिलाओं को हम न्याय सुनिश्चित करेंगे।
सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी।
कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश।
वर्ष 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर और वर्ष 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना।
सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा।
50 शहरों में एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क।
सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए भारतमाला 2.0 द्वारा राज्यों को सहायता।
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या को घटाकर 10% से भी कम करना।
5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं।
सभी छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन।
सभी आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता को आयुष्मान भारत के तहत लाना।
कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले MSME उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीद।
200 नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का निर्माण।
वर्ष 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करना।
भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान।
भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़ी से विकसित करने के लिए 22 प्रमुख चैम्पियन सेक्टरों का निर्धारण।
उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रुपये तक का ऋण।
पूर्वोत्तर राज्यों में MSME को पूंजीगत सहायता देने के लिए ‘उद्यमी पूर्वोत्तर’ योजना।
1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुवाधाएं।
हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज।
वर्ष 2022 तक सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण।
राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा यह जीरो टॉलरेंस रहेगा।
जो कहा है हमने, उसे हम करके ही दम लेंगे।

महज 3 मिनट में सेटेलाइट को नष्ट करने की तकनीक अब हमारे पास भी

अंतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल करते हुए भारत दुनिया की नई महाशक्ति बन गया है। भारत की एंटी सैटेलाइट ए-सेट मिसाइल ने महज 3 मिनट में अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर लो अर्थ आर्बिट में एक पुराने लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। यह क्षमता अब तक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम उपलब्धि की जानकारी देते हुए देश के नाम एक संदेश जारी किया। वही, भारत की सफलता से पाकिस्तान में खलबली मच गई है, उसने दुनिया से अपील की है कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे परीक्षण को देखें। मिशन शक्ति के तहत उड़ीसा के बालासोर स्थित डीआरडीओ परीक्षण केंद्र से बुधवार सुबह 11:16 पर ए-सेट लांच किया गया। लांचिंग के ठीक 3 मिनट बाद इसने चक्कर लगा रहे सेटेलाइट को नष्ट कर दिया। इस सेटेलाइट को कई साल पहले ही से हटा लिया गया था। परीक्षण के लिए एलईओ ने सैटेलाइट को इसलिए चुना गया था कि उसका मलबा अंतरिक्ष में ना रह जाए। परीक्षण के लिए ए-सेट के साथ बैलेस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर तकनीक का विकास भारत में ही किया गया। यह भारत की मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इस तकनीक को अंतरिक्ष हथियार की भाषा में काइनेटिक किल के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ को शुभकामना देते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कर लिया है। परीक्षण किसी के खिलाफ नहीं है ना ही इससे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। हमें भावी चुनौती का सामना करने और अपने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा।

हरिद्वार को कुंभ की सौगात, सभी विद्युत लाइनें होंगी भूमिगत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईपीडीएस योजना के अंतर्गत कुम्भ क्षेत्र में विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने वाली 388.49 करोड़ लागत की योजना का भूमि पूजन कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कुम्भ स्मारक मैदान हरिद्वार में 4.99 करोड़ लागत 33/11 केवी उपसंस्थान गैण्डीखाता हेतु 22 किमी की 33 केवी लाईन का भी शिलान्यास किाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपसंस्थान गैण्डीखाता के निर्माण होने से गैण्डीखाता, चिड़ियापुर, लालढांग, मिठी बैरी, पीली पड़ाव क्षेत्र के लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी व वोल्टेज में सुधार होगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 70.11 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। खानपुर, पिरान कलियर, हरिद्वार ग्रामीण, झबरेड़ा, भगवानपुर, रूडकी तथा ज्वालापुर विधानसभा के लिए कुल 56.14 करोड़ की कुल 39 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें 32 लोनिवि, 5 पेयजल व सिंचाई विभाग विभाग की 2 योजनाएं सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा रानीपुर, झबरेडा, हरिद्वार शहर में ग्रानिविप्र, चिकित्सा विभाग, लघु सिंचाई विभाग की 13.97 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। जिनमें रानीपुर विधानसभा में ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड द्वारा ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड-हरिद्वार के कार्यालय भवन का निर्माण, झबरेड़ा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कार्यालय सहायक अभियंता, लघु सिंचाई उपखण्ड रूड़की का भवन निर्माण तथा हरिद्वार शहर विधानसभा में चिकित्सा विभाग द्वारा राजकीय मेला चिकित्सालाय हरिद्वार में लोकनिजी सहभागिता के अन्तर्गत डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार के अन्तर्गत 33 केवी की 54 किमी तथा 11 केवी 122 किमी की भूमिगत लाईनो, 140.20 किमी की भूमिगत एलटी लाईन, 50 किमी स्ट्रीट लाईट केबल के साथ ही विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत करने से कुम्भ क्षेत्र का सौन्दर्यीकरण होगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ जनपदवासियों के साथ ही हरिद्वार में वर्ष भर आने वाले श्रद्धालुओं को, कुम्भ एवं कांवड़ व समय-समय पर होने वाले मेलों में विद्युत सुरक्षा मिलेगी। किसी भी प्रकार के मौसम आँधी, तूफान व बरसात में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहेगी।
कार्यक्रम में कैबीनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, सुरेश राठौर, बीस सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष नरेश बंसल, पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डाॅ. विनोद आर्य, मेयर अनीता शर्मा, सचिव ऊर्जा राधिका झा, एमडी यूपीसीएल बी.सी. मिश्रा आदि उपस्थित थे।

रक्षा मंत्री ने शहीद सैनिकों की विधवाओं के पैर छूकर किया सम्मानित

सर्वे आॅडिटाॅरियम में आयोजित शौर्य सम्मान समारोह में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने वीर नारियों को सम्मानित किया। रक्षा मंत्री ने वीर नारियों के पैर छूकर देश की ओर से कृतज्ञता प्रकट की।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्तराखण्ड की वीर नारियों से मिलकर उन्हें सदैव पे्ररणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सैनिक हर परिस्थिति में देश के लिए खड़े होते हैं। देश रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति हम सभी सदैव कृतज्ञ रहेंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वन रैंक वन पेंशन स्व्ीकृत की। न केवल इसकी स्वीकृति दी गई बल्कि इसके लिए पर्याप्त बजटीय प्राविधान भी किए। अभी तक ओआरओपी पर 35 हजार करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। प्रति वर्ष 8 हजार करोड़ रूपए का बजट प्राविधान किया जाएगा। इसमें अब कोई भी एरियर लम्बित नहीं है। अब तीन वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष इसकी समीक्षा भी की जाएगी और कोई कमियां पाएं जाने पर दूर किया जाएगा।
देश में 70 वर्ष बाद भी एक भी राष्ट्रीय वार मेमोरियल नहीं था। हमने फरवरी माह में नेशनल वार मेमोरियल बनाकर देश को समर्पित कर दिया है। यह हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति को संजोए रखने का प्रयास है। पहले डिस्एबिलिटी के मामलों को सरकार द्वारा कोर्ट में अपील कर दी जाती थी। हमने ऐसे बहुत से मामलों को कोर्ट से वापिस लिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने सीविल से इक्वीलेट करने वाले नोटिफिकेशन को वापिस ले लिया है। एसएससी में महिलाओं को पुरूषों के समान ही स्थायी कमीशन मिलेगा। देश में 200-200 बेड के तीन बड़े ईसीएचएस अस्पताल बनाए जाएंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अपने सैनिकों के साथ खड़ी है। उनके हित में जो भी सम्भव है किया जा रहा है। इस बारे में किसी प्रकार की शंका होने पर हमसे पूछिए, हर शंका का निवारण किया जाएगा। सरकार सैनिकों के मामलों में काफी संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में अर्धसैनिक कल्याण निदेशालय बनाया जाएगा। हम अपनी सेना की वीरता के कारण सुरक्षित महसूस करते हैं। हमारी सेना की यह वीरता पहले भी थी और आगे भी रहेगी। जरूरत थी इनका साथ देने के लिए राजनीतिक निर्णय लेने की इच्छाशक्ति की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह इच्छा शक्ति दिखाई है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए सेना को पूरी स्वतंत्रता दी है। आज पूरे विश्व में यह संदेश गया है कि हम आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दुश्मन के यहां घुसेंगे भी, मारेेंगे भी और वापिस भी आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कूटनीति से देश के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सुधार हुआ है। आज स्थिति यह हो गई है कि पाकिस्तान जिस ओआईसी का संस्थापक है वहां उसके विरोध के बावजूद भारत को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में देश के लिए शहादत देने की परम्परा है। हमें अपने वीर जवानों की शहादत को सदैव याद रखना है। अगर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है तो पूरे देश को मन बनाना होगा। आज देश के लोगों ने मन भी बनाया है। हमारे सैनिकों में जज्बा पहले भी था और हमेशा रहेगा। हमने हमेशा युद्ध जीते परंतु बातचीत में गंवा देते। परंतु अब ऐसा नहीं होगा।
सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां के कण कण में देशभक्ति की भावना है। हमारे युवा देश के लिए सर्वस्व न्यौंछावर करने की भावना रखते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक विधायक गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के लिए संवदेनशील है। शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए योग्यता के अनुसार नौकरी का प्राविधान किया गया है। जिलों में सैनिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के शुभारंभ पर कैलाश खेर ने दी संगीतमय प्रस्तुति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योग को भारत की विशिष्ट पहचान बताया है। उन्होंने कहा कि योग में मन और चित की मलिनता को दूर करने की ताकत है। योग ने मनुष्य की सुख शान्ति की राह प्रशस्त की है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। हर मनुष्य का परम लक्ष्य सुख और शांति की प्राप्ति है, योग के द्वारा हमारे ऋषियों ने इसकी राह प्रशस्त की है।
मुख्यमंत्री ने गुरूवार को ऋषिकेश स्थित गंगा रिसोर्ट में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद एवं गढवाल मण्डल विकास निगम के संयुकत तत्वाधान में 1 मार्च से 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को योग की राजधानी बताते हुए कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। यह आत्मा को परमात्मा से मिलाने का सेतु भी है। योग जोडने का कार्य करता है। इसी का प्रतिफल है कि आज दुनिया योग को अपना रही है तथा योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुनिया में योग को विशेष पहचान दिलाने का कार्य किया है। जिससे आज भारत गौरवान्वित है। इसने दुनिया में भारत की पहचान बनाने का कार्य किया है। योगाचार्यों ने भी योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयः….. अर्थात सब सुखी हो, सब निरोगी रहें हमारा धेय वाक्य रहा है। देश व दुनिया को इस लक्ष्य तक पहुंचाने की ताकत योग में है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बीटल आश्रम (चैरासी कुटिया) का भी भ्रमण किया तथा वहां पर योग की शिक्षाओं एवं क्रियाओं की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने करो योग रहो निरोग का सन्देश देते हुए लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष योग महोत्सव के लिए अधिक रजिस्ट्रेशन होने पर प्रसन्नता जाहिर की।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखण्ड में पर्यटन विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यटन विभाग योग एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2019 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योग महोत्सव के लिए लगभग 1200 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। देश-विदेश के 44 योगाचार्य इस योग महोत्सव में आमंत्रित हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव दुनिया में योगा के प्रचार प्रसार में दुनिया के अन्दर ऋषिकेश को योगा की राजधानी बनने के साथ ही योगा के प्रचार प्रसार में अह्म भूमिका निभा रहा है। हम यह चाहते है कि योगा के क्षेत्र में भारत में जो विधाये एवं ज्ञान प्राप्त है वह पूरी दुनिया को मिले। उन्होंने कहा कि योग का अपने आप में बहुत महत्व है। आदि काल से योग ने हम सब को अपनी संस्कृति से जोड़ के रखा हुआ है। आज योग का महत्व पूरी दुनिया ने माना है। योग के क्षेत्र में भारत विश्व गुरू बने इसके लिये हम प्रयासरत है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढावा देने के लिये राज्य सरकार होम स्टे योजना का विकास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सन् 2020 तक 5000 होम स्टे का लक्ष्य रखा है। आज हम द्रोणागीरी एवं चोपता जैसे मनमोहक स्थलों का नाम सुनते हैं तो वहां जाना चाहते है परन्तु रहने की सुविधा जैसी परेशानियों के मद्देनजर हमें सोचना पड़ता है। होम स्टे जैसी योजना इन स्थलों को दुनिया के नजर में लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। अभी तक हम 875 होम स्टे रजिस्टर्ड कर चुके हैं। और हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड के जो सुदूर क्षेत्र, रिमोर्ट एरिया है जो पर्यटन के क्षेत्र से काफी मनमोहक है रहने की असुविधा न हो इस वजह से होम स्टे जैसी योजना का विकास किया जा रहा है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने देश विदेश से आये योग उपासकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऋषिकेश में पिछले तीन दशक से यह आयोजन हो रहा है जो हमारी पहचान बन गया है। हमारा उद्देश्य शास्वत एवं प्रमाणिक योग को जन-जन तक पहुंचाना है। इस महोत्सव के माध्यम से योेग की साधना एवं इस क्षेत्र में सहयोग देने वाले लोगों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर योग गुरू सिद्धार्थ कृष्णा द्वारा योग सूत्र का पाठ किया गया। गायक कैलाश खैर द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर अध्यक्ष गढ़वाल मण्डल विकास निगम महावीर रांगड़, नगर निगम ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका मुनि की रेति रौशन रतूड़ी, ज्योति नीरज खैरवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल योगन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

आर्थिक आरक्षण पर केंद्र के फैसले को चुनौती नहीं

उच्चतम न्यायालय ने सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केन्द्र के निर्णय को चुनौती देने वाली एक नई याचिका पर केन्द्र से शुक्रवार को जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट किया कि सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों और दाखिले में आरक्षण देने के केन्द्र के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। उच्चतम न्यायालय इससे पहले इसी प्रकार की याचिकाओं पर केन्द्र को नोटिस जारी कर चुका है। उसने तहसीन पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका को लंबित याचिकाओं में जोड़ने का शुक्रवार को आदेश दिया।
केन्द्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं ‘जनहित अभियान’ और एनजीओ ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी’ सहित अनेक पक्षकारों ने दाखिल की हैं। यूथ फॉर इक्वेलिटी ने अपनी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग की है। एनजीओ के अध्यक्ष कौशल कांत मिश्रा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि आरक्षण के लिए केवल आर्थिक कसौटी ही आधार नहीं हो सकता और यह विधेयक संविधान के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करता है।
क्योंकि आर्थिक आधार पर आरक्षण को सामान्य वर्ग तक ही सीमित नहीं किया जा सकता और कुल 50 प्रतिशत की सीमा को भी पार नहीं किया जा सकता। वहीं व्यावसायी पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया है कि आरक्षण के लिए पिछड़ेपन को केवल ‘‘आर्थिक स्थिति से’’ परिभाषित नहीं किया जा सकता।