जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दियाः मोदी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंवेस्टर्स समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में टैक्स व्यवस्था में बहुत सुधार किए गए हैं। टैक्स से जुड़े मामलों के समाधान को और पारदर्शी और तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। इन्सॉल्लवॅन्सि और बैंकरपटीस कोड से आज कारोबार आसान हुआ है, बैंकिंग सिस्टम को भी ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तौर पर भारत ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा टैक्स रीफॉर्म किया है। जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दिया है और टैक्स बेस बढ़ाने में भी मदद की है।

विदेशी निवेशकों के लिये भी भारत में बना सर्वोत्म माहौल

देश विदेश से निवेशकों के लिए भारत में सर्वोत्म माहौल बना है। हाल ही में शुरू आयुष्मान योजना से भारत में मेडिकल सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ी है। आने वाले दिनों में टायर टू टायर थ्री शहरों में मेडिकल कालेज बनेंगे, नए अस्पताल बनेंगे। देश के 50 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को इस योजना के तहत इंश्योरेंस एश्योरेंस मिल रहा है। अमेरिका कनाडा मैक्सिको से ज्यादा आबादी को लाभ मिलेगा।

विकास की पटरी में तेज गति से आगे दौड़ रहा उत्तराखंड
उत्तराखंड देश के उन राज्यों में हैं, जो न्यू इंडिया डेमोग्राफिक रिपर्जेंट करता है। सरकार की तारिफ करते हुए उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने में उत्तराखंड त्रिवेंद्र सरकार प्रयासरत है। उत्तराखंड के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार की संभावनाएं जगेंगी। निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को आनलाइन किया गया है।
फूड प्रोसेसिंग को आगे बढ़ाने के लिए हो रहा काम

चार साल के दौरान कनेक्टीविटी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड में प्रयास किए गए हैं। गांव गांव सड़कें, चारधाम आल वेदररोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम हुआ है। इससे पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा। एडवेंचर, मेडिशन, योगा को इसका लाभ मिलेगा। अब तो उत्तराखंड सरकार ने अलग उद्योग पालिसी बनाकर पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया। 18 साल में पहली बार जिलों में टूरिज्म डेस्टीनेशन बनाकर अच्छी पहल। राज्य को आर्गेनिक स्टेट बनाने में काम हो रहा है। केंद्र भी काम कर रही है।

दुनियां की सबसे बड़ी मोबाइल मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट भारत में काम कर रही है। दुनियां के बड़े ब्रांड मेक इन इंडिया का हिस्सा है। इस इवेंट में जापान उत्तराखंड के साथ है। उत्तराखंड न्यू इंडिया की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। भारत की प्रगति हमारे राज्यों की पोटेंशियल को चेनलाइज करें तो इस देश की विकास यात्रा को दुनियां में कोई नहीं रोक सकता है।
18 साल की उम्र का महत्व होता है

हमारे नौजवानों में ताकत है। 18 साल की उम्र का महत्व होता है। उत्तराखंड की उम्र 18 साल है। इन 18 साल को बेकार न जाने दें। औषधियों के कारण, मां गंगा के कारण, तपस्या के कारण ऐसी जड़ है। उत्तराखंड में ऐसी जड़ है। विश्वास है रावत के नेतृत्व में 18 साल की उम्र में राज्य ऐसा कार्य करेगा। इसकी शुभ शुरुआत भगीरथ प्रयास से हुई।

इससे पूर्व, पीएम मोदी ने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्धाटन किया। इसके बाद पीएम को उत्तराखंड की खूबसूरती की तस्वीरें दिखाई गई। वीडियो क्लीपिंग के जरिये पीएम को राज्घ्य में संभावनाएं बताई गईं। वन, पर्यटन, बागवानी, धर्म और संस्कृति के नजारे दिखाए गए। प्रदर्शनी देखने के दौरान पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग के स्टाल पर जानकारी ली। उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक मांगल गीत दैंणा हुंय्या, खोलि का गणेशा.. की प्रस्तुति दी गई। यह प्रस्तुति देने वाले 30 कलाकारों का दल उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजा हुआ था।

गढ़वाली बोली से सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून के अलावा नये निवेशकों नये हिल स्टेशन के दिए प्रस्ताव। साढ़े तीन हजार एनएच, 35 हजार किमी सड़कें हैं। सड़कों के जाल उधगों में मिलेगा लाभ। उड़ान योजना का मिलेगा लाभ। आल वेदर रोड का काम चल रहा है। दिल्ली और दून की नजदीकियां बढ़ी। मेट्रो और सड़क मार्ग में कई योजनाओं पर चल रहा काम। पुराने पर्यटन स्थलों के साथ साथ नये 13 डेस्टिनेशन पर चल रहा काम। 4000 मेगावाट की रिन्यूवल ऊर्जा की जरूरत।पिरूल की पत्तियों से ऊर्जा उत्पादन की योजना। ऑर्गनिक खेती पर 10 हजार क्लस्टर बनाये जा रहे हैं। गढ़वाली बोली के साथ सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत।

वीडियो क्लीपिंग के जरिये दिखाई गई उत्तराखंड की खूबसूरती

इसके बाद निवेशकों को शार्ट वीडियो क्लीपिंग के जरिये उत्तराखंड की खूबसूरती दिखाई गई। यहां पूर्व में निवेश कर चुके निवेशकों ने अपने अनुभव शेयर किए। अमूल डेयरी के निदेशक आरएस सोढ़ी ने समिट को संबोधित किया।

अमूल डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जितने दूध की खपत है उसका केवल 15 प्रतिशत ही यहां उत्पाद होता है। बाकी 85 फिसदी दूध बाहर से आता है। आने वाले समय में उत्तराखंड दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकता है।

चेक रिपब्लिक के राजदूत मिलॉन होवार्का ने नमस्कार कहकर अपना संबोधन शुरू किया और योगा को सराहा। उत्तराखंड की तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य राज्य के विकास के लिए तत्पर है। कहा कि बायोमास, सोलर एनर्जी और ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में चेक गणराज्य और उत्तराखंड के बीच में बेहतर तालमेल हो सकता है। इसके बाद उन्होंने समिट का बुलावा देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा।

जापान सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में देंगे सहयोग

जापान के उच्चायुक्त ने कहा कि जापान और भारत के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को जापान आने का निमंत्रण दिया। कहा कि हम उत्तराखंड को सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग देंगे।

यहां निवेश की हैं अपार संभावनाएंः प्रणव अडानी
अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी के कहा कि हम उत्तराखंड ऑर्गेनिक कमॉडिटी मोड में निवेश कर रहे हैं। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्धः आचार्य बालकृष्ण

पतंजलि की ओर से समिट में शिरकत कर रहे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। इनमें कई दुर्लभ जड़ी बूटियां भी हैं। पतंजलि ने 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। देश का पहला फूड पार्क उत्तराखंड में पतंजलि द्वारा संचालित है।

महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया

महिंद्रा ग्रुप की ओर से पवन कुमार गोयंका ने पीएम मोदी, उत्तराखंड की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अधिकारियों और निवेशकों का अभिवादन किया। कहा कि यहां का चारधाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। अभी तक महिंद्रा ने राज्य में 16 लाख गाड़िया और ट्रैक्टर बनाए हैं। राज्य की प्रगति की मनोकामना करते हुए उन्होंने उपस्थित निवेशकों से यहां निवेश करने का आग्रह किया।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया स्वैच्छिक सेवानिवृति पर एक अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि स्वैच्छिक सेवानिवृति का अधिकार जीवन के अधिकार से बड़ा नहीं है। सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृति की मांग ठुकरा सकती है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा व एस.अब्दुल नजीर की पीठ ने प्रदेश सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने डाक्टरों की स्वैच्छिक सेवानिवृति की अर्जी स्वीकार करते हुए सेवानिवृत घोषित कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के संशोधित फंडामेंटल रूल-56 की व्याख्या करते हुए कहा कि नियमों के तहत सरकार को स्वैच्छिक सेवानिवृति की अर्जी ठुकराने का अधिकार है। सरकार ने मानव जीवन की आवश्यकताओं और जनहित के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है। डाक्टर मौलिक अधिकार के तहत सेवानिवृति के हक का दावा कर रहे हैं लेकिन ये अधिकार जीवन के अधिकार से बड़ा नहीं हो सकता। सेवानिवृति के अधिकार की व्याख्या सरकार द्वारा लोगों को स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराने के संवैधानिक दायित्व को साथ रख कर की जाएगी। रोजगार की आजादी, जनहित के आधीन है। नौकरी ज्वाइन करने के बाद इस अधिकार का दावा सिर्फ नियमों के मुताबिक ही किया जा सकता है।

स्वैच्छिक सेवानिवृति पर नियमों के मुताबिक ग्रेच्युटी, पेंशन आदि मिलता है, ऐसे ही जब कर्मचारी की सेवा की आवश्यकता होगी तो नियुक्ति अथारिटी को स्वैच्छिक सेवानिवृति अर्जी अस्वीकार करने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह सभी डाक्टरों की सेवानिवृति की अनुमति दे दी जाएगी तो अव्यवस्था उत्पन्न हो जाएगी और सरकारी अस्पताल में कोई भी डाक्टर नहीं बचेगा।

कोर्ट ने कहा कि रूल 56 के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृति के नोटिस को तीन महीने बीतने पर सेवानिवृति स्वतरू प्रभावी नही होगी। नियुक्ति अथारिटी या तो नोटिस स्वीकार करेगी या फिर उसे अस्वीकार कर सकती है। कर्मचारी को स्वैच्छिक सेवानिवृति का संपूर्ण अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि पहले ही डॉक्टरों की कमी है। व्यवस्था को सक्षम वरिष्ठों के बगैर नहीं छोड़ा जा सकता। सरकारी अस्पताल में गरीब इलाज कराता है उन्हें खतरे में नहीं डाला सकता। भारत में सरकारी चिकित्सा सेवा गरीबों की जरूरतों को पूरा करती है अन्यथा इस धर्मार्थ कार्य का व्यवसायीकरण हो चुका है। इस स्थिति में लोगों को अच्छे डॉक्टरों की सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता।

डॉक्टरों की कमी और इस पेशे के व्यवसायीकरण का ध्यान रखते हुए सरकार ने राज्य चिकित्सा सेवा की क्षमता बनाए रखने के लिए जो फैसला किया है वह नियम सम्मत है। संविधान के तहत हर व्यक्ति का मौलिक कर्तव्य है कि वह जीवित प्राणियों के प्रति दयालुता और मानवता रखे ताकि राष्ट्र लगातार ऊंचाइयों पर पहुंचे। सरकारी चिकित्सा सेवा से बड़े पैमाने पर कूच नहीं हो सकता जैसा इस मामले में दिखाई दे रहा है।

क्या था मामला
उत्तर प्रदेश में प्रांतीय मेडिकल सर्विस में वरिष्ठ पदों पर तैनात डा. अचल सिंह, डा. अजय कुमार तिवारी, डा. राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, डा. राजीव चौधरी ने स्वैच्छिक सेवानिवृति की अर्जी दी। जब सरकार ने उस पर आदेश नहीं किया तो डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका कर स्वैच्छिक सेवानिवृति मांगी जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। सरकार ने आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का कहना था कि डॉक्टरों की कमी को देखते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृति की अर्जी ठुकराई गई है।

अटल जी के जाने से एक युग का अंत हो गयाः नमो

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरूवार को निधन हो गया। भारत रत्न अटल जी का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली रहा कि हर कोई चाहे वह कोई भी राजनैतिक संगठन हो या फिर कोई आम नागरिक। सभी को उनके जाने का गहरा सदमा लगा है। उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांसे ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से उत्तराखंड भी शोक में डूब गया। शासन ने सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। श्रद्धांजलि स्वरूप शुक्रवार राज्य में सरकारी कार्यालय व शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर कहा कि उनका जाना पिता के खोने जैसा है। मां भारती के सच्चे सपूत थे अटल जी। उनका विराट व्यक्तित्व था। अटल जी के जाने से एक युग का अंत हो गया है।

वाजपेयी के निधन पर प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर ने कहा, मुझे ऐसा लगता है कि एक साधु पुरुष चला गया है। वह अच्छे लेखक और कवि थे। लोग उनका भाषण सुनने के लिए तरसते थे, वह एक सच्चे और अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा, वाजपेयी के निधन पर मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा।

वे पिछले दो महीने से ज्यादा समय से एम्स के बिस्तर पर थे और मौत से उनकी ‘ठनी’ हुई थी, हालांकि आज शाम पांच बजकर पांच मिनट पर उन्होंने अलग रास्ता चुना और ‘काल के कपाल पर लिखकर’ वे इस दुनिया से कूच कर गए। उनके खुद के शब्दों में ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं’।

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी अस्वस्थता के चलते लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे। वे डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, देशवासियों ने उन्हें अंतिम बार 2015 में 27 मार्च को देखा, जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भारत माता के इस सच्चे सपूत को भारत रत्न से सम्मानित करने उनके आवास पर पहुंचे।

दो महीने पहले वाजपेयी की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। यूरिन में इन्फेक्शन के चलते 11 जून को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी और देश की अलग-अलग पार्टियों के नेता और अनेक गणमान्य हस्तियां उनका हालचाल जानने पहुंचीं. उनके समर्थक लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे, हालांकि कुदरत को शायद कुछ और मंजूर था।

अटल बिहारी वाजपेयी देश की सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा समय तक रहे। वे देश के पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा, हालांकि पहली जीत उन्हें 1957 में मिली। तब से 2009 तक वे लगातार संसदीय राजनीति में बने रहे। 1977 में वे पहली बार मंत्री बने, जबकि 1996 में वे 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री भी रहे।

हालांकि 1998 में उन्हें एक बार फिर पीएम बनने का मौका मिला। उनकी ये सरकार भी सिर्फ 13 महीने चली लेकिन इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के बहुमत वाली सरकार बनी और वाजपेयी ने पीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। वर्ष 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए।

शहीदों को सलाम कर मनाया स्वतंत्रता दिवस

देशभर में आज स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में महापुरूषों के नक्शे कदम पर चलने का संकल्प लिया जा रहा है। महापुरूषों की झांकी के माध्यम से देश के लिये मर मिटने वालों को नमन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लाल किले में तिरंगा फहराया। साथ ही देश की जनता को संबोधित किया।

पीएम ने कहा कि सभी भारतीयों को खाना, स्वास्थ्य, कनेक्टीविटी, कुशलता, स्वच्छता, सुरक्षा, जल मिले इसलिए वॉटर फॉर ऑल, सैनिटेशन फॉर ऑल, स्किल फॉर ऑल, हेल्थ पर ऑल, इंश्योरेंस फॉर ऑल, कनेक्टीविटी फॉर ऑल के मंत्र के साथ चलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि देश में टैक्स न देने की हवा बनाई जा रही है, ईमानदार करदाताओं के टैक्स पर देश चलता है, डायरेक्ट टैक्स देने वालों की संख्या पौने सात करोड़ तक है।

प्रधानमंत्री बोले भारत को हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है, जो अपने शोध में उत्कृष्ट हैं और नवाचार में सबसे आगे हैं। आज मेरा सौभाग्य है कि इस पावन अवसर पर मुझे देश को एक और खुशखबरी देने का अवसर मिला है। साल 2022, यानि आजादी के 75वें वर्ष में और संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जा रहा है। ऐसा करने वाल भारत चौथा देश बनेगा।

उन्होंने कहा, ‘मैं आज इस मंच से मेरी कुछ बहादुर बेटियों को खुशखबरी देना चाहता हूं। भारतीय सशक्त सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरुष समकक्ष अधिकारियों की तरह पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा स्थायी कमीशन देने की घोषणा करता हूं। अपनी उपलब्घ्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि हमने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, दिक्कतों के बावजूद जीएसटी लागू किया और सैनिकों के हित में वन रैंक वन पेंशन योजना लेकर आए। जन आरोग्घ्य योजना का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी 25 सितंबर से देश में यह योजना लागू कर दी जाएगी। महिलाओं की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि खेत से लेकर खेल तक महिलाएं हमारा नाम ऊंचा कर रहीं हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में जय हिंद, भारत माता की जय व वंदे मातरम् के नारे लगाए।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया और प्रदेश वासियों को बधाई दी। इस इस दौरान सीएम ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है। यहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना या सुरक्षा बलों में हैं। उत्तराखंड में पहले से ही शहादत की परंपरा रही है। वहीं सीएम ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं। लोगों की सोच और कार्य संस्कृति बदली है। जो उत्तराखंड के विकास को गति देगी।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया और प्रदेश वासियों को बधाई दी। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है। यहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना या सुरक्षा बलों में हैं। उत्तराखंड में पहले से ही शहादत की परंपरा रही है। सीएम ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं। लोगों की सोच और कार्य संस्कृति बदली है। जो उत्तराखंड के विकास को गति देगी। बताया कि राज्य की जीडीपी में छह प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय 16 हजार से ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा ग्रोथ सेंटर्स की स्थापना से गांवो में रोजगार बढ़ा है। अब तक 103 ग्रोथ सेंटर्स स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार लगातार किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयास कर रही है।

दो महीने में ऋषिकेश का तीसरा जवान हुआ सीमा पर शहीद

देश की सीमा पर उत्तराखंड से शहादत देने वाले कभी पीछे नहीं हटते। रविवार को भी उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। ऋषिकेश निवासी प्रदीप रावत सीमा पर बारूदी सुरंग में विस्फोट होने के बाद घायल हो गये थे। जिन्हें सैंन्य उपचार के लिये ले जाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक प्रदीप रावत (30 वर्ष) पुत्र कुंवर सिंह रावत निवासी अपर गंगानगर ऋषिकेश, गढ़वाल राइफल की चौथी बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात थे। रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक सैन्य अभियान के दौरान सीमा पर दुश्मन की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग के फट जाने से प्रदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें सैन्य वाहन से पहले नजदीकी अस्पताल और फिर हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।

शाम करीब चार बजे हायर सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहीद प्रदीप रावत मूल रूप से बैराई गांव पट्टी दोगी टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं। शहीद प्रदीप रावत के पिता कुंवर सिंह रावत सेना से रिटायर्ड हैं, वर्तमान में वह एम्स में कार्यरत है। शहीद प्रदीप रावत तीन बहनों के इकलौते भाई थे। करीब डेढ़ साल पहले ही प्रदीप रावत की शादी हुई थी। वह जनवरी में अपनी मैरिज एनिवर्सरी में छुट्टी आने वाले थे।1उनके चाचा वीर सिंह रावत ने बताया कि सेना के कमांोडग ऑफिसर ने उन्हें फोन पर उनके शहीद होने की जानकारी दी।

प्रदीप रावत की शहदात की सूचना के बाद घर पर कोहराम है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद के घर पर पहुंचकर उनके पिता कुंवर सिंह रावत को सांत्वना दी। पूर्व क्षेत्रीय सभासद बृजपाल राणा ने बताया कि आर्मी हेड क्वार्टर द्वारा शहीद के घर पर विधिवत सूचना दे दी गई है। सूचना के बाद से ही परिवार व आसपास के क्षेत्र में कोहराम मच गया है। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। आस पास क्षेत्रों में दो महीने में तीसरी शहादत होने पर माहौल गमगीन है।

साईबर सुरक्षा केंद्र से राज्य में साईबर क्राइम पर रोक लगेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र भारत का पहला प्रशिक्षण केंद्र हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेजों का सेलेक्शन कर उनमें भी ड्रोन एप्लीकेशन प्रोग्राम द्वारा प्रशिक्षित किया जायेगा। साईबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना से प्रदेश में साईबर क्राइम पर नजर रखने एवं अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलेगी। यह बात मुख्यमंत्री ने देश के पहले ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान कही।

एनटीआरओ के अध्यक्ष आलोक जोशी ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लिकेशन स्मार्ट पुलिस का एक कान्सेप्ट है। देहरादून में साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर बनाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि साईबर सिक्योरिटी किसी एक संस्था के भरोसे नहीं चल सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना जरूरी है। एनटीआरओ हमेशा पुलिस को सहयोग करने के लिए तैयार है। यह सेंटर आने वाले समय में ड्रोन एक्टिविटी एवं रिसर्च के लिए हब बनेगा।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। साईबर क्राइम से बचने के लिए उत्तराखण्ड के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ड्रोन एप्लिकेशन अनुसंधान केन्द्र एवं साईबर सुरक्षा केन्द्र की स्थापना से उत्तराखण्ड को इस क्षेत्र में अच्छा अवसर मिला है।

ड्रोन अनुसंधान प्रयोगशाला एवं प्रशिक्षण केन्द्र के लिए उत्तराखण्ड सरकार एवं एनटीआरओ के बीच दिसम्बर, 2017 में एमओयू हस्ताक्षर किया गया। जिसमें ड्रोन अनुप्रयोग एवं अनुसंधान के लिये अत्याधुतिक केन्द्र की स्थापना ड्रोन संचालन हेतु उच्च तकनीकी के प्रशिक्षण सुविधा केन्द्र की स्थापना, वन सर्वेक्षण, आपदा राहत एवं बचाव संचालन क्षेत्र में ड्रोन अनुप्रयोग को विकसित कर सामर्थ्य बनाने में तकनीकी सुविधा प्रदान करना है। ड्रोन अनुसंधान प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से सरकार, छात्रों, पुलिस, वन, आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। ड्रोन प्रयोगशाला के माध्यम से कठिन एवं दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा बल संचालन हेतु रियलटाइम सैटलाइट सूचना एकत्रित करने, वनों पर नजर रखने, वन तस्करों पर निगरानी रखने तथा आपदा प्रबन्धन इत्यादि में मदद प्राप्त होगी।

साईबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण केन्द्र के लिये उत्तराखण्ड सरकार एवं राष्ट्रीय क्रिटिकल इनफॉरमेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर, भारत सरकार के मध्य दिसम्बर-2017 में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। महत्वपूर्ण सूचना अवस्थापना एवं कार्यस्थल पर साईबर स्वच्छता को बेहतर करने में सहयोग प्रदान करना है। इसके अन्तर्गत पुलिस, सूचना प्रौद्योगिकी, सरकारी कार्मिकों एवं छात्रों को साईबर अपराध जाँच तथा साईबर सुरक्षा की बारीकियों पर प्रशिक्षित किया जायेगा।

इससे राज्य तथा देश में बढ़ते साईबर अपराध, साईबर धोखाधड़ी, साईबर धमकियों को पकड़ने में मदद मिलेगी तथा साथ ही राष्ट्र एवं राज्य में साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन एवं साईबर अपराध जाँच एवं फरेन्सिक में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस संचार प्रशिक्षण केन्द्र में डिजिटल इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग एवं एनालिसिस सेंटर का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया।

प्रशासन की कार्यवाही से बेरोजगार हुये राफ्टिंग व्यवसायी

कोर्ट के राफ्टिंग व अन्य जल क्रीडाओं पर रोक लगाने के बाद इससे जुड़े व्यवसायियों के सम्मुख बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। रोक लगने के बाद यह सभी बेरोजगार हो गये है। अब इन्हें शासन के अगले कदम का इंतजार है।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति टिहरी गढ़वाल की चुप्पी से राफ्टिंग व्यवसायियों में नाराजगी है। मुनिकीरेती कौड़ियाला इको टूरिज्म जोन में 281 राफ्टिंग कंपनियां गंगा नदी क्षेत्र में राफ्टिंग का संचालन करती आई हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शासन के फैसले से इन सभी व्यवसायियों ने अपना सामान समेट लिया है।

शासन द्वारा राफ्टिंग के क्षेत्र में नियमों का पालन और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए गंगा नदी राफ्टिंग पर्यटन समिति टिहरी गढ़वाल का गठन किया गया था। जिसमें जिलाधिकारी टिहरी अध्यक्ष, उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर उपाध्यक्ष और जिला पर्यटन अधिकारी को सचिव बनाया गया था। प्रति पर्यटक बीस रुपया शुल्क समिति वसूल रही थी। राफ्टिंग में रोक के बाद राोफ्टग व्यवसायियों को समिति से काफी उम्मीदें थी। मगर समिति की चुप्पी इनकी नाराजगी बढ़ा रही है।

उत्तराखंड फाइनेस्ट आउटडोर (यूएफओ) से जुड़े राफ्टिंग व्यवसायियों ने बैठक कर गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति से संबंधित मामले में न्यायालय में पैरवी करने की मांग की है। कैलाश गेट में यूएफओ के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बेरोजगार हुए राोफ्टग व्यवसायियों ने कहा कि प्रबंधन समिति ने पर्यटकों से जो राजस्व वसूली की है वह करीब एक करोड़ रुपये है। समिति द्वारा राफ्टिंग में आए पर्यटकों की निगरानी और सुविधाओं पर जो खर्च करना था वो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब राफ्टिंग व्यवसायी ही नहीं रहेगा तो प्रबंधन समिति का औचित्य क्या रह जाता है। बैठक में इन व्यवसायियों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का निर्णय लिया। कहा कि राफ्टिंग के कारण जाम लगने की बात कही जा रही है, लेकिन दो दिन से राफ्टिंग बंद है तो अब कैसे जाम लग रहा है।

पूर्व सैनिक पिता ने दी शहीद बेटे विकास गुरूंग को मुखाग्नि

जब तक सूरज चांद रहेगा। विकास गुरूंग तेरा नाम रहेगा…., पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों के बीच शहीद विकास गुरूंग की अंतिम यात्रा तीर्थनगरी के विभिन्न मार्गों से होती हुयी मुनिकीरेती के पूर्णानंद घाट पहुंची। जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार लामा रिति रिवाज से किया गया। शहीद विकास गुरूंग के पिता रमेश गुरूंग ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी।

शनिवार को जम्मू-कश्मीर में नौशेरा के लाम सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी में 21 गोरखा रायफल में तैनात गुमानीवाला निवासी रायफलमैन विकास शहीद हो गए थे। 21 वर्षीय शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक आवास पहुुंचा था, तभी से वहां श्रद्धांजलि देने वालों को तांता लगा हुआ था। सोमवार सुबह सेना के जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

शहीद विकास गुरूंग को पूर्णानदं घाट पर 24 फील्ड रेजीमेंट के जवानों ने हवा में 32 राउंड फायर कर सशस्त्र सलामी दी। गंगा घाट पर शहीद जवान का लामा रीति से अंतिम संस्कार किया गया। पिता रमेश गुरुंग ने बेटे को मुखाग्नि दी। घाट पर विधानसभा अध्यक्ष, सेना के अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसे पहले सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद के घर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास गुरुंग की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। ऐसे वीरों के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद विकास की स्मृति में द्वार बनाने, उनकी एक आदमकद मूर्ति स्थापित करने और गुलरानी फार्म का नाम शहीद के नाम पर करने की घोषणा की।

शहीद विकास गुरूंग की अंतिम या़त्रा में राजनैतिक संगठनों ने भी शिरकत की। मगर, राजनीति के लिये नहीं बल्कि देशभक्ति की भावना उन्हें एक साथ ले आयी। शहीद की विदाई यात्रा में हर पचास कदम की दूरी पर व्यापारी ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर शहीद को श्रद्धांजलिद अर्पित की। शहीद विकास के सम्मान में देश भक्ति के गीत चल रहे थे। यह देश भक्ति ही थी जो लोगों को भीषण गर्मी में घर से बाहर सड़क तक ले आयी।

सभी वर्ग के लोगों ने दी नम आंखों से विदाई

शहीद की अंतिम यात्रा में क्या बच्चे, क्या बुढ़े और क्या जवान इन सभी के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलायें भी चल रही थी। शहीद के घर से लेकर पूर्णानंद घाट तक सभी ने भारत माता की जय जैसे नारे के साथ शहीद जवान को अपनी-अपनी श्रद्धांजलि दी।

नीति आयोग की बैठक में सीएम त्रिवेन्द्र ने दिये ये अहम सुझाव

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की चतुर्थ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उत्तराखंड सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुझाव देते हुये कहा कि राज्य के विकास में जलविद्युत की अहम भूमिका हो सकती है। जलविद्युत ऊर्जा को क्लीन ऊर्जा बताते हुये कहा कि स्वीकृत जलविद्युत परियोजनाओं को बंद किया जना राज्य के विकास के लिये उचित कदम नहीं है।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा करना सम्भव न हो तो नीति आयेग में ‘पर्वतीय प्रकोष्ठ’ अवश्य स्थापित किया जाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए देश में ग्रीन एकाउंटिंग प्रणाली अपनाई जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा की दृष्टि से अति संवदेनशील गांवों के विस्थापन में भारत सरकार से तकनीकी व वित्तीय सहयोग का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री मॉनीटरिंग डैशबोर्ड ‘‘उत्कर्ष‘‘ की स्थापना की गयी है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से महत्वपूर्ण योजनाओं तथा कार्यक्रमों के परिणामों का अनुश्रवण सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर किया जा रहा है। योजनाओं तथा कार्यक्रमों के भौतिक व वित्तीय प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए ई-आंकलन पोर्टल बनाया गया है। कोषागार व सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को इससे जोड़ा गया है। विकास कार्यक्रमों में उपलब्धियों के अनुसार ही विभागीय उच्चाधिकारियों की सेवा पुस्तिका में वार्षिक मूल्यांकन अंकित किया जायेगा। विकास में जनसहभागिता हेतु हर वर्ग के साथ जन-संवाद की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। सेवा के अधिकार कानून के अन्तर्गत 162 नई सेवायें और जोड़ी गई हैं। अब इसमें कुल 312 सेवाएं हो गई हैं। जन-शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन 1905 प्रारम्भ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा नीति आयेग की कार्यकारिणी परिषद की पिछली बैठक में प्रधानमंत्री जी द्वारा ऐजेण्डा-2022, जी0एस0टी0, ळमड , डिजिटल इण्डिया व सुशासन के क्षेत्र में विशेष कदम उठाने की अपेक्षा राज्य सरकारों से की गयी थी। राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में विशेष ध्यान दिया है जिसके परिणाम भी दिख रहे हैं। संकल्प से सिद्धि के अन्तर्गत राज्य में 2020 के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किये है जिनकी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव द्वारा सचिव समिति में साप्ताहिक तौर से की जाती है। ळमड के अन्तर्गत इस वर्ष उत्तराखण्ड ने डवेज ब्वउचसपंदज ठनलमत का पुरस्कार प्राप्त किया है। जी0एस0टी0 के क्षेत्र में हमने ई-रिफण्डिंग, जी0एस0टी0 मित्र, 24×7 हैल्प डैस्क एवं जनपद स्तर पर कार्यशालाओं आदि की व्यवस्थायें की है ताकि कारोबार में सुगमता बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। राज्य में एक लैंड होल्डिंग से वर्तमान में औसतन पचहत्तर हजार रूपये की कृषि आय अनुमानित है उसे वर्ष 2022 तक डेढ़ लाख रूपये किया जाना है। इसके लिए विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों की तकनीकी दक्षता का उपयोग किया जा रहा है। क्लस्टर आधारित कार्य योजनायें तैयार की जा रही हैं। प्रदेश की कुल 16 मैदानी मण्डियों को अभी तक ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जा चुका है। पर्वतीय मण्डियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अन्तर्गत वर्ष 2015-16 से 2016-17 तक के प्रथम चरण में 7.5 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 7.65 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गये थे। अगले चरण अर्थात् 2017-18 से 2018-19 तक कुल 9.12 लाख स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जाने हैं। मृदा नमूना लेते समय जी0पी0एस0 रीडिंग भी ली जा रही है। समस्त सूचनाओं को राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल पर अपलोड भी किया जा रहा है। ग्रामीण हाटों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में ग्रोथ सेन्टर विकसित किया जायेगा। प्रथम चरण में 50 न्याय पंचायतें चयनित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नदियों को पुनर्जीवित व सदानीरा बनाने के लिए ‘‘जल संचय अभियान’’ के अन्तर्गत जलाशय,जल कुण्ड ट्रेंच, चौक डैम बनाये जा रहे है। कोसी नदी (कुमाऊँ) एवं रिस्पना नदी (देहरादून) के जल संग्रहण क्षेत्र में जन सहभागिता के साथ वृहद् वृक्षारोपण अभियान जुलाई में प्रस्तावित है। मनरेगा में पिछले वित्तीय वर्ष में रू0 786 करोड़ का शत-प्रतिशत उपयोग किया तथा 182 लाख मानव दिवस के सृजन के लक्ष्य से भी अधिक 223 लाख मानव दिवसों का सृजन किया। मनरेगा के अन्तर्गत हमने पिछले वर्ष 2500 फार्म पोण्ड तथा 1000 पारम्परिक जल सं्रोतों का संवर्धन किया किया गया।

‘‘आयुष्मान भारत’’ के अन्तर्गत समस्त उपकेन्द्रों को हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर मे उच्चीकृत किया जा रहा है। प्रत्येक सेन्टर में हैल्थ प्रोवाइडर नियुक्त करने हेतु ‘‘ब्रिज प्रोग्राम इन कम्यूनिटी हैल्थ’’ कोर्स प्रारम्भ किया गया है। सुदूर पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को टेली मेडिसिन एवं टेली-रैडियोलॉजी सेवायें यथा, एक्स-रे, सी0टी0 स्कैन, एम0आर0आइ0 एवं मेमोग्राफी की सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के अन्तर्गत पांच लाख अड़तीस हजार परिवार चयनित किये गये हैं।

राष्ट्रीय पोषण मिशन के प्रथम चरण में 4 चिन्ह्ति जनपदों के 36 परियोजनाओं के अन्तर्गत 7396 आगनवाड़ी केन्द्रों में लगभग एक हजार अतिकुपोषित, 15 हजार कुपोषित तथा एक लाख गर्भवती धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया गया। स्थानीय खाद्यानों से ही निर्मित पोष्टिक आहार ‘‘ऊर्जा’’ वितरित किया जा रहा है। मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में हमने 1 लाख 70 हजार बच्चों को प्रतिरक्षित किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से राज्य में माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।

कुमांऊ और नागा रेजीमेंट के इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय

भारतीय सेना के कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है। इस स्वर्णिम अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हम सभी को अपने सैनिकों की बहादुरी पर नाज है। हमारे सैनिकों ने हमेशा से ही एकता अखंडता को बनाये रखने के लिये सीमाओं के सजग प्रहरी के रूप में कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जवानों ने देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होकर अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता स्व. प्रताप सिंह रावत भी सैनिक थे। इसी कारण वे भी सेना की गौरवशाली परंपरा से वाकिफ है। देवभूमि के सैनिकों ने अपने त्याग और साहस के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव प्रशिक्षित जवान सेना की महान गौरवशाली परम्परा को बनाए रखेंगे।

सोमवार को सोमनाथ मैदान में 155 भारतीय सेना के जवानों की कसम परेड़ आयोजित की गई। जिसमें 67 जवान उत्तराखण्ड के थे, शेष 88 जवान महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व अन्य राज्यों के थे। इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट को विशेष मेडल से सम्मानित किया गया। जिनमें महेश ऐरी, रोहित चिलवाल, प्रदीप मेहरा, विशाल सिंह, अतुल जोशी, रमेश कुमार, पंकज सिंह सम्मिलित थे।

कसम परेड़ में पहुंचे धर्मगुरू गणेश दत्त जोशी व अन्य सहयोगियों ने राष्ट्रीय ध्वज व गीता को साक्षी मानकर नव प्रशिक्षुओं को शपथ दिलायी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कर्नल ऑफ द रजिमेंट ले. जनरल बीएस सेरावत, सेना मैडल और कमांडेट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने भी परेड की सलामी ली।