प्रत्येक सप्ताह करें नमामि गंगे की समीक्षाः निशंक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वप्निल परियोजना नमामि गंगे के कार्य में हो रही धीमी गति पर लोकसभा सांसद व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने अधिकारियों को फटकारा। उन्होंने सख्त तेवर दिखाते हुये कहा परियोजना के निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने नमामि गंगे स्टेट प्रोग्राम ग्रुप तथा परियोजना से संबंधित अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की कार्य प्रगति पर चर्चा की। नमामि गंगे के परियोजना निदेशक डॉ. राघव लंगर ने बताया कि उत्तराखंड में नमामि गंगे परियोजना के तहत 42 घाटों का निर्माण किया जाना है। जिनमें से बीस घाटों का काम सिंचाई विभाग ने शुरू कर दिया है। जबकि ऋषिकेश व हरिद्वार के घाटों के निर्माण व विस्तार का काम नमामि गंगे के बजाय गंगा फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत किया जा रहा है। जिसके बाद सांसद निशंक ने विभागवार अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अधिकांश विभागों का कहना था कि अभी तक कोई भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर सांसद का पारा आसमान चढ़ गया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व बजट मिल जाने के बावजूद अभी तक नाममात्र के काम धरातल पर हुए हैं। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए योजना के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सांसद डॉ. निशंक ने नमामि गंगे के परियोजना निदेशक डॉ. राघव लंगर को प्रत्येक सप्ताह नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा करने के निर्देश दिये।

तीर्थनगरी से मेरा पुराना नाताः एलके आडवाणी

पूर्व उप प्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के 38वें स्थापना दिवस के मौके पर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने सभी से राष्ट्रभक्ति व देश प्रेम को प्राथमिकता देने की बात कही। आडवाणी बोले निष्ठा, समर्पण, सेवा इत्यादि से भाजपा आज सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी के रूप में है।

शुक्रवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी निजी कार्यक्रम के तहत तीर्थनगरी में परमार्थ निकेतन पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पुत्री प्रतिभा आडवाणी, पुत्र जयंत आडवानी, पुत्रवधू गीतिका व अन्य भी थे। परमार्थ पहुंचने पर ऋषिकुमारों ने मंत्रोच्चर व पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती व लालकृष्ण आडवाणी के बीच पर्यावरण प्रदूषण, निर्मल व अविरल गंगा के अस्तित्व में आने वाली चुनौतियों के विषय पर गहन चर्चा हुई। साथ ही मां गंगा, गंगोत्री ग्लेशियर से गंगा सागर तक गंगा के तटों को हरा-भरा बनाने एवं दोनों ओर के क्षेत्रों को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त करने, हर परिवार को मिले मकान एवं पराली जलाने से हो रहे प्रदूषण को समाप्त करने पर विचार विमर्श किया।

प्रेस वार्ता में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि गंगा के तट पर आकर उन्हें असीम सुख प्राप्त होता है। उनकी दिवंगत पत्नी कमला आडवाणी की यादों भी तीर्थनगरी से जुड़ी है और उन्हीं की प्रेरणा से वह सबसे पहले यहां आए थे। उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम स्थित योगा विलेज की रूद्राक्ष ध्यान वाटिका में एक वर्ष पूर्व स्वर्गीय कमला आडवानी की स्मृति में रोपित किए गए रूद्राक्ष के पौधों का अवलोकन किया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दिवंगत कमला आडवानी को याद करते हुए कहा कि वह ममता और करूणा की मूद्दत थी। वह लालकृष्ण आडवानी की सहधर्मिणी ही नहीं बल्कि पग-पग पर साथ देने वाली मार्गदर्शिका भी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा व भारत को शिखर पर ले जाने में लालकृष्ण आडवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक कार्यो में उनका उत्कृष्ठ योगदान रहा। उन्होंने सदैव एक कुशल मार्गदर्शक एवं प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती व साध्वी भगवती सरस्वती ने लालकृष्ण आडवाणी व उनके परिजनों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

पाकिस्तान को नहीं मिल पायेगा भारत का पानी

केंद्रीय जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पाकिस्तान के ऊपर कड़ा एक्शन लिया है। ने कहा कि देश की तीन नदियों का जल अब पाकिस्तान नहीं ले पाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी को बांध बनाकर भारत में ही रोक दिया जाएगा, जिससे हरियाणा में कृषि कार्य करने में मदद मिलेगी और पानी की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का जो विश्वास दिया है उसे पूरा करके दिखाएंगे।

सोमवार को गडकरी हरियाणा के रोहतक में आयोजित तीसरे एग्री लीडरशिप समिट में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीन बांधों का निर्माण किया जाएगा ताकि नदियों का भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान की ओर बह कर जाने से रोका जा सके। अभी यह पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता है जिसकी वजह से भारत इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता।

जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा कि बांधों से पानी को यमुना नदी से होते हुए हरियाणा लाया जाएगा। इस पानी के आने से राज्य में सिंचाई से वंचित भूमि की सिंचाई हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर हो पाएगी। गडकरी ने यहां तीसरे कृषि शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कहा कि यह पानी अन्य राज्यों जैसे राजस्थान में भी ले जाया जाएगा।

हरियाणा और राजस्थान को मिलेगा पानी

गडकरी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड में तीन बांध का निर्माण करने जा रही है। इसके बाद भारत की तीन नदियों के हिस्से को पानी को पाकिस्तान में जाने से रोका जा सकेगा और उसे बांध बनाकर यमुना नदी में लाया जाएगा। इसके बाद इस पानी को हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा।

खत्म होगी सिंचाई की समस्या

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विभाजन के समय भारत को तीन नदियां (सतलुज, रावी व ब्यास) मिली थीं और पाकिस्तान को तीन नदियां (सिंधु, झेलम व चेनाब) मिली थी, लेकिन फिर भी भारतीय नदियों का पानी पाकिस्तान जाता रहा। उन्होंने कहा कि डिप इरिगेशन से किसानों को अधिक पानी मिलेगा, जिससे वो ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे।

अब गाड़ियों में बीएस-6 पेट्रोल डलेगा, फायदे जानने के लिए अधिक पढ़े

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से देश के 13 मेट्रो शहरों में माह अप्रैल 2019 से बीएस-6 फ्यूल उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा है। इससे पहले भी बीएस-6 पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाने के बारे में कहा गया है।

आखिर ये बीएस-6 क्या है?
बीएस का अर्थ भारत स्टेज है और यह वायु प्रदूषण फैलाने वाले मोटर गाड़ियों सहित सभी इंजन वाले उपकरणों के लिए मानक है। बताया जा रहा है कि बीएस-6 ग्रेड के ईंधन से प्रदूषण में कमी होगी।

बीएस-6 नियम आने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। बीएस-6 फ्यूल आने से पर्टिकुलेट मैटर में इनकी 20 से 40 एमजीसीएम तक ही हिस्सेदारी रहेगी।

जानकारी के अनुसार बीएस-6 फ्यूल से सल्फर की मात्रा बीएस-4 से 5 गुना तक कम होगी। यह काफी क्लीन फ्यूल होता है। इस फ्यूल के इस्तेमाल से सड़कों पर चल रही पुरानी गाड़ियों में भी फैल रहा प्रदूषण कम होगा। बीएस-6 गाड़ियों में भी एडवांस एमिशन कंट्रोल सिस्टम फिट होगा। हालांकि इसके लिए गाड़ियों के ईंजन को भी इसके अनुसार ही होना चाहिए।

क्या हैं बीएस (भारत चरण) के नॉर्म्स
वायु प्रदूषण फैलाने वाले मोटर गाड़ियों सहित सभी इंजन वाले उपकरणों के लिए भारत चरण उत्सर्जन मानक (बीएस) की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2000 में की थी। इसके विभिन्न मानदंडों को समय और मानकों के अनुसार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर लाया जाता है। भारत चरण (बीएस) मानदंड यूरोपीय नियमों पर आधारित हैं।

कितना महंगा होगा
वर्ष 2020 की डेडलाइन के मुताबिक ज्यादा स्वच्छ पेट्रोल-डीजल बनाने के लिए ऑयल रिफाइनरियों को 28000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। हालांकि, फ्यूल कितना महंगा होगा या नहीं होगा। यह उस वक्त क्रूड (कच्चा तेल) की कीमतों पर निर्भर करेगा। आम आदमी पर सीधा असर ये होगा कि अब उन्हें किसी भी कंपनी का एंट्री मॉडल पहले की तुलना में महंगा मिलेगा।
वहीं स्वास्थ्य के तौर पर ये गाड़ियां पहले की अपेक्षा बेहतर साबित होंगी। हालांकि सरकार का लक्ष्य बीएस-6 मॉडल को देश में लागू करवाना है, जिसमें अभी वक्त लगेगा।

मुख्य सचिव ने किया बाबा केदार में चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण, दिये ये निर्देश

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बाबा केदार के दरबार पहुंचे। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ पीएम के प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो का जायजा लिया। उन्होंने आगामी 10 अप्रैल तक मंदिर के पैदल मार्ग पर पत्थर बिछाने निर्देश भी दिये।

मुख्य सचिव ने धाम मे निरीक्षण के दौरान एम-आई 26 से सरस्वती पुल तक निर्माण किए जा रहे रास्ते को दस अप्रैल से तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न करने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात भी कही।

किसी भी कीमत पर केदारनाथ मन्दिर का दृश्य बाधित न हो, इसके लिए रास्ते के दोनो ओर सुरक्षा दीवार निर्मित करने के निर्देश दिए। केदारनाथ मे 50 फीट रास्ते के पीछे अवस्थित मकानों को ध्वस्त कराने व उनकी पैमाइस करने के साथ ही क्षतिग्रस्त होने वाले मकान स्वामियों को अन्यत्र ठहरने की व्यवस्था के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को दिए।

धाम में एमआई-17 हैलीपेड के पीछे लगाई गई पत्थर काटने की मशीन को संचालित करने व विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश क्रमशः लोनिवि व विद्युत विभाग को दिए। सोनप्रयाग में प्रतिदिन कारीगरों द्वारा तराश कर तैयार किए जा रहे पत्थरों को धाम में समय से पहुँचाने के निर्देश लोनिवि विभाग को दिए। उन्होंने निम द्वारा 10 हजार व अवशेष पत्थरों के लिए लोनिवि द्वारा उपलब्ध कराने को कहा, तत्काल पत्थरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए जिससे कार्य गतिमान रहे।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि शंकराचार्य समाधि का निर्माण कार्य, ध्वस्त मकानों का निर्माण व तीन मकानों में हल्की तोड़-फोड़ की मरम्मत के कार्य की जिम्मेदारी जिंदल गु्रप की है तथा शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

मूर्ति तोड़ने की सियासत थम नहीं रही, अब आजमगढ़ में भी तोड़ी

त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन के बाद मूर्ति तोड़ने की जो सियासत शुरू हुई थी, वो तमिलनाडु होते हुए अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है और थमने का नाम नहीं ले रही है। त्रिपुरा में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़ी गई, इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया और फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के बदसलूकी करने के बाद यूपी के मेरठ में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को जमींदोज कर दिया गया।

मूर्ति तोड़ने का ये सिलसिला यहीं थमता नहीं दिख रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार के बाद अब यूपी के आजमगढ़ में भी संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को निशाना बनाया गया है।

आजमगढ़ के थाना अहरौला के गांव राजापट्टी में लगी बाबा साहब की प्रतिमा बीती रात तोड़ दी गई। ग्रामीणों ने सुबह जब मूर्ति टूटी हुई देखी तो वो आक्रोशित हो गए। इसके बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। बाद में मौके पर पुलिस अधिकारी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद लेफ्ट सरकार द्वारा स्थापित लेनिन की मूर्तियों को तोड़ा गया। इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति गिराई गई, फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

केंद्र सरकार ने आधार लिंक की तिथि बढ़ाने का दिया ये तर्क

केंद्र सरकार आधार से लिंक करने संबंधि योजना को 31 मार्च के बाद भी आगे जारी रख सकती है। सरकार ने ऐेसे संकेत दिए है। इसके लिये केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क दिया कि आधार से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी होने में अभी समय है, इसलिए समयसीमा बढ़ाई जा सकती है। इस तर्क पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई।

मुख्य न्यायाधीश की दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, एएम खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड़ और अशोक भूषण की संविधान पीठ आधार को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा, हमने पहले भी समयसीमा बढ़ाई है। हम इसे फिर बढ़ा सकते हैं। हम इस माह के अंत में समयसीमा बढ़ा सकते हैं, ताकि याचिकाकर्ता अपनी दलीलें पेश कर सकें।

उनकी इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई। संविधान पीठ ने कहा, अटॉर्नी जनरल ने यह बहुत वाजिब पहलू उठाया है। अदालत इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील के दोहराए जाने वाले तर्को को अनुमति नहीं देगी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को आधार लिंक कराने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी थी।

इससे पहले आधार को चुनौती देने वाली याचिकाएं दाखिल करने वालों के अधिवक्ता श्याम दीवान ने पीठ से कहा कि 31 मार्च की समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि तब तक अर्जियों पर सुनवाई पूरी होने की संभावना नहीं है। यदि 31 मार्च की समयसीमा कायम रहती है तो इसका देशभर में असर पड़ेगा। कई संस्थानों को समयसीमा के साथ सामंजस्य बैठाना होगा।

त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू की मारपीट, जानिए किस को तोड़ा?

त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद सत्ता पर काबिज होने जा रही पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य में तोड़फोड़ और मारपीट करना शुरू कर दिया। उन्होंने वामपंथी स्मारकों को तोड़ा है। आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविजन में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया। साम्यवादी विचारधारा के नायक लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद से वामपंथी दल और उनके कैडर नाराज हैं।

आपको बता दें कि त्रिपुरा राज्य में बीजेपी की जीत के बाद राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और मारपीट की जा रही है। बीजेपी-आइपीएफटी कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो चुके हैं। वे न सिर्फ वामपंथी दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं बल्कि कार्यकर्ताओं के घरों पर भी हमला कर उन्हें निशाना बना रहे हैं।

बीजेपी कार्यकताओं ने व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति भी ढहा दी। त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती (पुलिस कंट्रोल) ने जानकारी दी कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर की मदद से चौराहे पर लगी लेनिन की मूर्ति ढहा दी। एसपी के मुताबिक बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर ड्राइवर को शराब पिलाकर इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और बुलडोजर को सीज कर दिया है।

हमें डराने की कोशिश की जा रही

इस घटना पर सीपीआई(एम) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही वामपंथी कैडरों और दफ्तरों पर हुए हमलों की लिस्ट जारी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर उनके कार्यकर्ताओं को डराने और उनके मन में खौफ पैदा करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि ये हिंसक घटनाएं प्रधानमंत्री द्वारा बीजेपी को लोकतांत्रिक बताने के दावों का मजाक है।

जानिए कौन हैं व्लादिमीर लेनिन

रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन ने वर्ष 1893 से रूस के साम्यवादी विचारधारा का प्रचार शुरू किया था। लेनीन को कई बार जेल भेजा गया था और निर्वासित भी किया गया। ‘प्रलिटरि’ एवं ‘इस्क्रा’ के संपादन के अतिरिक्त वर्ष 1898 में उन्होंने बोल्शेविक पार्टी की स्थापना की। वर्ष 1905 की क्रांती के उनके प्रयास असफल रहे, लेकिन वर्ष 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई और सफल हुए। उन्होंने केरेन्सकी की सरकार पलट दी और 7 नवम्बर, 1917 को लेनीन की अध्यक्षता में सोवियत सरकार बनी। लेनिन की कम्युनिस्ट सिद्धांत और कार्यनीति लेनिनवाद के नाम से जानी जाती है। आज के वामपंथ विचारधारा और कार्यशैली में इनके सिद्धांतों का अहम योगदान है।

उपराष्ट्रपति के स्वागत को एयरपोर्ट पहुंचे सीएम

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडु शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीर्थनगरी में योग जिज्ञासुओं को संबोधित करने पहुंच गये। इससे पूर्व जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत उनके स्वागत को पहुंचे।

एयरपोर्ट से उपराष्ट्रपति मुख्यमंत्री व राज्यपाल के साथ हेलीकॉप्टर एमआई-17 बैठकर ऋषिकेश की ओर रवाना हुए हैं। यहां वे अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में शिरकत करेंगे।

गौरतलब है कि तीर्थनगरी ऋषिकेश में प्रत्येक वर्ष एक मार्च से आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का गुरुवार को गंगा के दोनों तटों पर आगाज हो गया है।

मुनिकीरेती के गंगा रिजॉर्ट व पूर्णानंद मैदान में जबकि गंगा के दूसरे तट पर परमार्थ निकेतन में योग महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह समूचा क्षेत्र इन दिनों योगमय बन गया है। तीर्थनगरी में बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान भी योग साधना के लिए पहुंचे हैं, जिससे यहां का वातारण ही बदला हुआ नजर आ रहा है।

सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को पकड़ा, आईएनएक्स मीडिया मामला

पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक कार्ति को बुधवार सुबह आठ बजे गिरफ्तार किया गया। कार्ति चिदंबरम के वकीलों ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। कार्ति लंदन से भारत लौट रहे थे, सीबीआई ने चेन्नई एयरपोर्ट पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई ने कार्ति से पूछताछ भी शुरू कर दी है। यह गिरफ्तारी आईएनएक्स मीडिया केस के मामले में हुई है। आपको बता दें कि कार्ति के खिलाफ ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

इससे पहले, 19 जनवरी को कार्ति चिदंबरम से ईडी ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की थी। ईडी ने मई 2017 में कार्ति और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आखिर मामला है क्या?

वर्ष 2007 में पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया के 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड हासिल करने में गये थे। आरोप यह हैं कि फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड क्लीयरेंस हासिल करने में अनियमितता बरती गई। आरोप हैं कि कार्ति को इस मामले में 10 लाख रुपये मिले थे। इडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। सीबीआई 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील में क्लीयरेंस देने में अनियमितता के मामले की जांच कर रही है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने कर संबंधी जांच से बचने के लिए पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी आईएनएक्स से कथित तौर पर धन लिया था। वहीं, कार्ति और उनके पिता पी. चिदंबरम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इंकार किया है।

वहीं आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आधिकारिक बयान में कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अपने भ्रष्टाचार को छुपाने का मोदी सरकार का यह क्लासिक तरीका है, जोकि हर दिन एक्सपोज हो रही है। चाहे वो नीरव मोदी, मेहुल चोकसी या फिर द्वारका दास सेठ ज्वैलर्स का मामला हो।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बदले की भावना से अपने विरोधियों को निशाना बना रही है, लेकिन वो कांग्रेस को जनता तक सच्चाई पहुंचाने से रोक नहीं पाएगी।