तो श्रीदेवी की मौत की वजह ये है, अधिक पढ़े

सिनेमा जगत की श्री श्रीदेवी की मौत किन कारणों से हुयी। इसका कारण दुबई के अथॉरिटीज ने भारतीय दूतावास को बताया कि होटल के बाथटब में डूबने से श्रीदेवी की मौत हुयी है।

गल्फ न्यूज ने रिपोर्ट्स के हवाले से कहा है कि श्रीदेवी के शरीर में अल्कोहल की मात्रा थी। बाथरूम में वो अपना बैलेंस खो बैठीं और बाथटब में गिर गईं। रिपोर्ट के मुताबिक श्रीदेवी की मौत की वजह एक्सीडेंटल है।

सूत्रों के मुताबिक, श्रीदेवी के पार्थिव शरीर से जुड़े सभी कागजात भारतीय उच्चायोग को सौंप दिए गए हैं इसके अलावा डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है। पोस्टमार्टम की जानकारी को पूरी तरह से सीक्रेट रखा गया है।

पुलिस के अनुसार, अब भारतीय उच्चायोग की प्रक्रिया के बाद ही पार्थिव शरीर भारत ले जाया जाएगा। श्रीदेवी का पार्थिव शरीर उनके घर भाग्य बंगला (वर्सोवा) में लाया जाएगा, पूरे घर को सफेद फूलों से सजाया गया है।

दरअसल, श्रीदेवी का पोस्टमार्टम रविवार को ही हो चुका था, लेकिन रिपोर्ट आने में देरी हुई। इसी कारण श्रीदेवी का डेथ सर्टिफिकेट भी अभी तक नहीं बना था। अभी तक श्रीदेवी का पार्थिव शरीर पुलिस की कस्टडी में ही था।

बीएसएनएल के नंबर 10 से 13 डिजिट के होंगे

अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के नई सीरीज के नंबर दस के बजाए 13 डिजिट के होंगे। केंद्रीय सूचना मंत्रालय के निर्देश पर बीएसएनएल ने इस पर अपना काम भी शुरू कर दिया है।

पिछले दिनों दिल्ली में संपन्न हुयी बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया। चर्चा यह है कि 10 अंकों के लेवल में अब नए मोबाइल नंबरों की गुंजाइश पूरी हो चुकी है, इसी वजह से नई सीरीज शुरू की जा रही है। इस वर्ष के अंत तक पुराने दस अंकों के मोबाइल नंबरों को भी 13 अंकों में तब्दील कर दिया जाएगा।

हालांकि, वर्तमान नंबर कैसे बदले जाएंगे, यह प्रक्रिया अभी तय नहीं हो पाई है। नंबर तो वही रहेगा, लेकिन डिजिट आगे जुड़ेंगे या पीछे, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बीएसएनएल के जीएम (मोबाइल) एसके सिंह के अनुसार इस संबंध में हमें अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से ही ऐसी खबर सुनने में आ रही हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन की ओर से निर्देश मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

काठगोदाम में युवती ने किया दो महिला का यौन उत्पीड़न, सेक्स टॉय से बनाये संबंध

युवक ने युवतियों का यौन उत्पीड़न किया, यह आपने अक्सर सुना होगा। मगर, एक युवती पुरूष का वेष धर महिलाओं से शादी कर उनका यौन शोषण करे। यह शायद ही आपने सुना हो। ताजा मामला उत्तराखंड के काठगोदाम का है, जहां एक युवती ने पुरुष बनकर दो महिलाओं से शादी रचा ली। दोनों महिलाओं के साथ तीन साल तक मियां-बीवी की तरह रही। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों महिलाओं को भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ पति के रूप में कोई महिला रह रही है। आखिर सच सामने आ ही जाता है, पुरुष बनी महिला का भंडाफोड़ हो गया।

जानकारी के मुताबिक, यूपी के बिजनौर के धामपुर की रहने वाली स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने साल 2013 में फेसबुक के जरिए एक लड़की से दोस्ती कर ली। कुछ दिनों बाद काठगोदाम की रहने वाली उस लड़की को प्रेम जाल में फांसकर उसने शादी कर ली। दोनों हल्द्वानी में किराये के एक मकान में रहने लगे, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होने लगा।

पहली शादी के करीब तीन साल बाद कृष्णा सेन ने एक दूसरी लड़की से शादी कर ली। दोनों बीवीओं को एक ही घर में साथ रखने लगा। इसके कुछ दिन बाद पहली पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने तलाशी के बाद आरोपी पति को हिरासत में लिया। जेल में पूछताछ के दौरान जो राज खुला, सभी भौंचक्के रह गए।

आरोप कृष्णा सेन ने पुलिस को बताया कि वह महिला है। ऐसे में वह किसी महिला से ही कैसे शादी कर सकता है। इसके बाद पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच कराई, तो इस बात की पुष्टि हो गई कि वह महिला ही है, लेकिन पुलिस भी इस बात से हैरान थी कि तीन साल तक दो महिलाओं के साथ वह कैसे रही और किस तरह उनसे शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस पूछताछ में स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने बताया कि उसने ऑनलाइन साइट से सेक्स टॉय मंगाए थे। रात को कमरे में अंधेरा करने के बाद सेक्स टॉयज के जरिए वह महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। वह कभी उनके सामने न तो कपड़े बदलती, न ही नहाने के बाद बिना कपड़े के बाहर आती थी। पुरुषों के सारे व्यवहार करती थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन के खिलाफ केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। युवती ने जालसाली के साथ ही दोनों महिलाओं के साथ ठगी भी की है। उनका यौन उत्पीड़न किया है। यहां तक की उसने सारे दस्तावेज भी पुरुष के तौर पर फर्जी बनाए हुए हैं। इन दस्तावेजों को जब्त करके उसके खिलाफ जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में बदमाश बोले, अब हम सुधर गये है, हमें जीने दो।

उत्तर प्रदेश में बदमाश अपनी जान के लिये भीख मांगने पर मजबूर है। यहां बदमाश मेहनत व मजदूरी करके घर चलाने की कसम खा रहे है। इन दिनों यहां बदमाशों को अपने हाथ में तख्ती पकड़ पुलिस थानों के चक्कर लगाते हुये देखा जा रहा है।

यूपी में अब गुंडे कहते है, अब हम सुधर गए हैं, हमें जीने दो। योगी राज में दनादन पुलिस मुठभेड़ों से अपराधियों की बोलती बंद हो गयी है। साल भर में 40 बदमाश मारे जा चुके हैं। इसीलिए तो अब अपराधी बेल लेने के बदले जेल में ही रहना चाहते हैं।

इरशाद और सालिम बाबा, दोनों सगे भाई हैं। सालिम बाबा पर सहारनपुर के एक दारोगा की हत्या का आरोप है, जबकि इरशाद पर मर्डर समेत आठ मुकदमे चल रहे हैं। पिछले साल ही पुलिस ने इन्हें मुठभेड़ में पकड़ा था। अब जेल से जमानत पर पिछले ही हफ्ते छूटे हैं। दोनों भाई अपने जान की गुहार लगाते हुए शामली के एसपी के ऑफिस पहुँच गए। दोनों के हाथ में तख्ती थी, जिस पर लिखा था मैं भविष्य में कोई अपराध नहीं करूंगा और मेहनत-मजदूरी कर अपने और परिवार का भरण पोषण करूंगा।

इरशाद और सलमान ने एसपी को एक हलफनामा भी दिया कि वे अब आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। सालिम ने बताया, अब वह एक अच्छे आदमी की तरह अपने परिवार के लिए जीना चाहता है। शामली के एसपी अजयपाल शर्मा अब एनकाउंटर मैन के नाम से जाने जाते हैं। वे यूपी में सबसे अधिक पुलिस मुठभेड़ करनेवाले एसपी बन गए है।

सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनकी पीठ थपथपा चुके हैं। शर्मा ने कहा कि अगर अपराध करनेवालों का मन बदल जाए तो फिर ये एक नई शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश में हर 24 घंटों में तीन एनकाउंटर होते हैं। योगी आदित्यनाथ के राज में अब तक 1152 पुलिस मुठभेड़ हो चुकी हैं। जिसमें 39 ईनामी बदमाश मारे जा चुके हैं। शामली, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, मेरठ और लखनऊ में सबसे अधिक मुठभेड़ हुई हैं। लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार बताते हैं कि हम लगातार ईनामी अपराधियों का पीछा करते रहते हैं।

यूपी में बीजेपी की सरकार में अब तक 1991 गुंडे पुलिस मुठभेड़ में पकडे जा चुके हैं। एनकाऊंटर में चार पुलिस वाले भी शहीद हुए हैं। सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने गुंडों को राज्य छोड़ कर चले जाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें दुनिया ही छोड़नी पड़ेगी। यूपी पुलिस अब लुटेरों की लिस्ट बना रही है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है। लुटेरे राह चलते लोगों के मोबाईल, पर्स और गहने छीन लेते हैं, अब उनकी खैर नहीं है।

पुलिस एनकाउंटर के डर से कुछ अपराधियों को तो खुली हवा से अब जेल ही अच्छी लगने लगी है। लखनऊ में एक दारोगा पर गोली चलाने वाला और कई हत्यायों का आरोपी अंशु दीक्षित अब जेल में ही रहना चाहता है। यही हाल सलीम और सोहराब का है। जिसके नाम से ही कभी लखनऊ कांपने लगता था। वे अब जेल से बाहर नहीं आना चाहते हैं। ऐसे बदमाशों को लगता है कि अगर बाहर निकले तो शायद पुलिस हमें ठोंक देगी। इसीलिए यूपी की जेलों में अब नारे लगते है – हमें बेल नहीं जेल चाहिए।

कुछ गुंडे तो अपनी जमानत रद्द करवा कर फिर से जेल पहुँच गए हैं, लेकिन यूपी में कुछ पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ पुलिस अफसर फर्जी एनकाउंटर कर रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस भी भेजा है, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ अपराधियों पर सख्ती के अपने फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।

हर आदमी के बैंक में जमा 100 रूपये में से 30 गायब

Out of 100 rupees deposited in every man’s bank, 30 are missing

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,360 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन किया गया है। फर्जीवाड़ा कर बैंक को चपत लगाई गई यह रकम शेयर बाजार में बैंक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग एक तिहाई है। इसके चलते जहां शेयर बाजार पर कंपनी के शेयरों को 10 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा वहीं एक अनुमान के मुताबिक बैंक के आम खाताधारक को भी बैंक में जमा उसके 100 रुपये में 30 रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 36,566 करोड़ रुपये है और उसने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार में कर्ज दे रखा है। बैंक में फर्जीवाड़े के खबर के बात बैंक के शेयर मूल्य में आई गिरावट से निवेशकों को एक दिन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

बैंक में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई के सुपुर्द लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान में ला दिया। हालांकि बैंक को अभी यह साफ करना बाकी है कि 5 फरवरी को सीबीआई को सूचित किया गया 280 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा इस नए फर्जीवाड़े से अलग है अथवा दोनों मामले जुड़े हुए हैं।

मौजूदा मामला में बैंक ने फर्जी ट्रांजैक्शन का हवाला देते हुए 11,360 करोड़ रुपये की चपत की सूचना दी है लिहाजा यह साफ है कि यह पैसा शेयर होल्डर की तरफ से जमा कराया नहीं है। साथ ही न तो यह रुपया केन्द्रीय रिजर्व बैंक कि तरफ से कैश रिजर्व रेशियो को बनाए रखने के लिए बैंक को दी गई है। लिहाजा, एक बात साफ है कि फर्जी ट्रांजैक्शन से यदि किसी के पैसे को नुकसान पहुंचा है तो वह बैंक में जमा लाखों सामान्य खाता धारकों का पैसा है।

यदि बैंक को कुल मार्केट कैप में एक तिहाई का नुकसान हो चुका है तो इसकी भरपाई बैंक के ग्राहकों के पैसे से की जाएगी। ऐसी स्थिति में बैंक में यदि किसी ग्राहक का 100 रुपये जमा है तो उसके 30 रुपये इस फर्जीवाड़े में साफ हो सकते हैं।

फिल्म बत्ती गुल, मीटर चालू के मुहूर्त को पहुंचे त्रिवेन्द्र

अब उत्तराखंड सरकार ने फिल्म निर्माताओं से शूटिंग टैक्स नहीं लेने का मन बनाया है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। गौरतलब है कि नई टिहरी में बत्ती गुल, मीटर चालू फिल्म की शटिंग शुरू हो गयी है। जिसके शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भी पहुंचे और उन्होंने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने के उत्तराखंड में शूटिंग टैक्स नहीं लेने की बात कही।

आपको बता दें कि शूटिंग के लिए प्रतिदिन दस हजार रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। जिसे अब नहीं वसूला जायेगा। कहा कि टिहरी में शूटिंग होने से अन्य निर्माता भी यहां आने के लिए प्रेरित होंगे।

यहीं नहीं मुख्यमंत्री ने फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर को मलेथा के वीर भड़ माधों सिंह भंडारी, प्रतापनगर के वीर गंगू रमोला के साथ ही परियों के देश कहे जाने वाले खैट पर्वत की कहानी भी सुनायी। इस दौरान शाहिद कपूर ने बड़ी तन्मयता के साथ सीएम की बातों को समझा।

सीएम ने शाहिद को बताया कि यहां की धरती पर अनेक ऐसे वीर हुए हैं, जिनके बारे में लिखा गया है। फिल्म के निर्देशक श्रीनारायण सिंह ने बताया कि नई टिहरी उन्हें बेहद पसंद आया है और यहां पर शानदार लोकेशन हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में भी शहर का नाम नई टिहरी ही रखा गया है। फिल्म में नाम नहीं बदला जाएगा। फिल्म में कुछ स्थानीय कलाकारों को भी लिया गया है।

इससे पूर्व शाहिद कपूर ने अपने प्रशंसकों को अपनी एक झलक के लिये काफी इंतजार भी कराया। सुबह से ही पडियार भवन में शूटिंग के लिए गए शाहिद दो बजे मकान से बाहर आए और सीधा वेनिटी वैन में चले गए। इस दौरान वहां सड़क के ऊपर खड़े प्रशंसकों को निराश होना पड़ा।

इसके बाद मुख्यमंत्री के आने से शाहिद ही झलक को बेताब प्रशंसकों के लिये अच्छा रहा। इस दौरान प्रशंसक शाहिद को देख पाए। साथ ही शाहिद की तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद कर सके।

उपराष्ट्रपति नायडू बोले रोजगार हर किसी को देना मुश्किल

पकौड़ा पॉलिटिक्स का शोर देश में अभी थमा भी नहीं था कि अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का नया बयान देश में नई बहस छेड़ सकता है

रोजगार के मामले पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, हर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता। कोई भी सरकार यह नहीं कह सकती कि वो सभी को रोजगार देने में सक्षम है।

उन्होंने आगे कहा कि हमें यह समझने की जरुरत है कि शिक्षा का मतलब रोजगार देना नहीं होता, लेकिन इससे खुद में सुधार दिखता है। पकौड़े पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह हर किसी के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है, पकौड़ा बेचना भी एक काम है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, इलेक्ट्रीशियन, टेलर और सेनेटरी जैसे हर क्षेत्र में लोगों की भारी कमी है। प्लंबर से लेकर फॉल सीलिंग तक हर क्षेत्र में कुशल मजदूरों की कमी है। अगर हम ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं मुहैया कराएं तो लोग बाहर नहीं जाएंगे। आपको इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत चीजों में सुधार लाना होगा।

रोजगार और पकौड़ा पॉलिटिक्स पर अपनी राय देने के बाद अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एयरहोस्टेस को नया नाम भी दिया। उन्होंने एयरहोस्टेस को गगनसखी कहा। उन्होंने बताया कि इस शब्द के अनुवाद के लिए उन्हें कोई शब्द नहीं मिला।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पैसा बॉथरुम और बेडरुम हर जगह पड़े हुए हैं। अगर ये पैसे बैंक में आ जाएं तो इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी। जन धन योजना का महत्व 8 दिसंबर, 2016 के बाद समझ में आया जब लोगों ने बताया कि उनके नौकर और ड्राइवर के पास भी बैंक खाता है। कुछ लोगों ने सुबह इसकी जमकर आलोचना की लेकिन शाम को वो इसी के साथ काम करते नजर आए।

निरीक्षण के दौरान नशे में धुत मिली स्कूल टीचर

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूल का इंस्पेक्शन करने पहुंची टीम के तब होश उड़ गए, जब एक महिला टीचर नशे में टुन्न होकर पढ़ाती मिलीं। इतना ही नहीं इंस्पेक्शन टीम को पता चला कि आरोपी महिला टीचर रोजाना ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं। इसके बाद इंस्पेक्शन टीम ने आरोपी महिला टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश बस्तर कलेक्टर को भेज दी।

हद तो तब हो गई इंस्पेक्शन टीम द्वारा शराब पीने के बारे में पूछे जाने पर आरोपी महिला टीचर फुलेश्वरी देवी ने कहा कि शराब पीना उनकी संस्कृति का हिस्सा है। मैडम फुलेश्वरी देवी का जवाब सुनकर तो इंस्पेक्शन टीम के सदस्य भी बगलें झांकने लगे।

दरअसल इलाके के एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अफसरों की टीम क्षेत्र के स्कूलों की जांच के लिए निकली हुई थी। इसी दौरान टीम दरभा इलाके के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंची।

बुनियादी समस्याओं का जायजा लेने के बाद इंस्पेक्शन टीम ने स्कूल स्टॉफ की बैठक बुलाई। स्कूल स्टॉफ के साथ बैठक चल रही थी कि कहीं से शराब की बदबू आने लगी। अफसर नाक सिकोड़ कर एक दूसरे का चेहरा देखने लगे।

उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर स्कूल के अंदर किसने शराब पी रखी है। प्रशासनिक अमले के शक की निगाहें बैठक में मौजूद पुरुष शिक्षकों और बाबुओं पर गड़ी थीं।

अफसरों को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि कोई महिला टीचर भी शराब पीकर स्कूल पढ़ाने आ सकती है। अफसरों ने इस बाबत जब बैठक में मौजूद पुरुष सदस्यों से पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस बीच किसी शिक्षक ने मैडम फुलेश्वरी की ओर इशारा किया।

इंस्पेक्शन टीम को जब यह बताया गया कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि मैडम फुलेश्वरी रोज ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं, तो अफसरों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। इंस्पेक्शन टीम में मौजूद तहसीलदार शेखर मिश्रा ने स्थानीय थाने से महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया और मेडिकल टेस्ट के लिए उन्हें अस्प्ताल भेज दिया। फौरन रिपोर्ट भी आ गई, जिसमें एल्कोहल की पुष्टि हुई।

पूछताछ में स्कूल स्टॉफ ने बताया कि फुलेश्वरी देवी की यह रोजाना की दिनचर्या है। शुरुआत में तो बच्चों और सहयोगी शिक्षकों को असहज महसूस हुआ और उन्होंने महिला टीचर को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन मैडम फुलेश्वरी नहीं मानीं और रोजाना शराब पीकर पढ़ाने आ जातीं।

बजट के बाद बाजार में देखी गयी गिरावट

बजट के बाद से शेयर बाजार की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5-2.5 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 888 अंक गिरकर 35,018 पर पहुंच गया था और निफ्टी 275.40 अंक की गिरावट के बाद 10,741 पर जा गिरा था। अगस्त 2017 के बाद से ये बाजार का सबसे निचला स्तर है।

क्यों आई बाजार में गिरावट
बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टॉक्स की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया है जिसके तहत आपको 1 साल से ज्यादा समय तक रखे गए शेयरों से हुई 1 लाख रुपये तक की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं बजट में एसटीटी (सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स) को भी हटाया नहीं गया। जिससे निवेशकों में दोहरा टैक्स देने की खबर से घबराहट है।

बाजार बंद होने पर
बाजार बंद होते समय बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स 839.91 अंक आनी 2.34 फीसदी की गिरावट के साथ 35,066.75 पर जाकर बंद हुआ और एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 256.30 अंक यानी 2.33 फीसदी की गिरावट के साथ 10,760.60 पर जाकर बंद हुआ है।

सेक्टरवार प्रदर्शन
सबसे ज्यादा 6.17 फीसदी की गिरावट रियलटी शेयरों में देखी गई है और मीडिया शेयर 3.53 फीसदी टूटे हैं। ऑटो शेयरों में 3.35 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार बंद हुआ है। एनर्जी शेयरों में 3.43 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ है।

निफ्टी के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले गिरने वाले शेयर
शुक्रवार को निफ्टी के 50 में से सिर्फ 5 शेयरों में तेजी के साथ कारोबार बंद हुआ है और बाकी 45 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। चढ़ने वाले 4 शेयरों में आईटी शेयर हैं। इनमें टेक महिंद्रा करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ, एचसीएल टेक 0.64 फीसदी, टीसीएस 0.46 फीसदी और इंफोसिस 0.06 फीसदी की मामूली तेजी के साथ बंद हुए हैं।

पढ़िये, आम बजट से कहां करना पड़ेगा ज्यादा खर्च

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मोदी सरकार के अंतिम वर्ष का बजट पेश कर दिया है। बजट में जेटली में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिये कुछ खास नहीं किया है, बल्कि इस बजट से आम आदमी के घर का बजट गड़बड़ाने की ज्यादा आशंका है। इसका कारण आयकर के मोर्चे पर राहत न मिलना और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
आइए जानते हैं कैसे देश के आम बजट ने आपका खर्च बढ़ाने का काम किया है। इसके साथ ही जानिए कहां-कहां आपको ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

पड़ेगी महंगाई की मार

आम बजट में सरकार ने किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए एग्री उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना इजाफा करने का फैसला लिया है। आर्थिक जानकारों का दावा है कि इस फैसले से देश में महंगाई को दस्तक देने से कोई नहीं रोक सकता।

बिगड़ेगा रसोई का बजट

समर्थन मूल्य बढ़ाने से देश में फसल उत्पाद की कीमतों में इजाफा हो जाता है जिसके चलते महंगाई बढ़ना तय हो जाता है। दरअसल अधिक समर्थन मूल्य के इस नीतिगल फैसले से केंद्र सरकार के खजाने पर बोझ पड़ेगा और आम आदमी को गेंहू, चावल, दाल और तिलहन तय निर्धारित कीमतों से अधिक पर उपलब्ध होगा। इस असर के चलते आम आदमी की रसोई का बजट तो बिगड़ना तय है।

मोबाइल-टीवी हुआ महंगा

बजट में सरकार ने मोबाइल फोन समेत आयात किए जाने वाले अन्य कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसे टीवी के कुछ पार्ट्स पर 15 फीसदी किया गया है। वहीं, मोबाइल पर यह 20 फीसदी कर दिया गया है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने का नुकसान आम आदमी को झेलना पड़ सकता है।

दरअसल कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी होने से भारत में आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। कंपनियां इस लागत का भारत आम आदमी पर डालती है। इसका नुकसान ये होगा कि आपके लिए टीवी-फ्रिज और मोबाइल फोन समेत अन्य होम एप्लायंसेज खरीदना महंगा हो सकता है।

टैक्स के मोर्चे पर भी राहत नहीं

केंद्र सरकार ने आम बजट में टैक्स के मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं दी है। आम आदमी को उम्मीद थी कि उसे इस बजट में टैक्स के मोर्चे पर कम से कम 50 हजार रुपये की राहत मिलेगी। लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है और इन्हें पुराने टैक्स स्लैब में ही रखा है।

ये है टैक्स रेट

मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपये तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। 2.5 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख-10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा टैक्स स्लैब

अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और 80 साल से कम है, तो आपके लिए अन्य के मुकाबले टैक्स रेट अलग हैं। इसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। इनके लिए 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं। 3 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 से 10 लाख पर 20 और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा।