निर्धन व्यक्ति का जीवन स्तर ऊंचा उठाना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिर्वेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास की मुख्यधारा से पिछड़े देश व राज्य के सभी निर्धनों को आर्थिक व सामाजिक रूप से जीवन स्तर को ऊंचा उठाना हैं। नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर में आयोजित केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक भारत एक नये भारत के रूप में दिखे, यह देश के प्रधानमंत्री का सपना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले में उज्ज्वला, सौभाग्य, उजाला योजना के अन्तर्गत रजिस्टर्ड होने वाले परिवारों को 15 अगस्त तक पूरी तरह योजनाओं से लाभांवित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनते ही भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दशा में लगातार कदम बढ़ाये जा रहे हैं। जिस कढ़ी में अभी तक कई भ्रष्टाचारी जेल जा चुके हैं तथा कई जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में कार्य करने वाले एक लाख 80 हजार किसानों को दो प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि मार्केट में चीनी सस्ती होने के कारण मिलों से अभी तक चीनी मार्केट में नही पहुॅचने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों के लिए 40 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गयी है। उन्होंने कहा कि गेहुॅ उत्पादन करने वाले किसानों को समय पर लाभ पहुॅचाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गॉव के विकास के लिए पहले एक रूपया दिया जाता था तो भ्रष्टाचार के कारण 50 पैसे भी विकास कार्य में सही से नहीं लग पाते थे तथा सामाजिक उत्थान के कार्यों में भी भ्रष्टाचार फैला हुआ था। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री ने बिचौलियों के रास्तों को बन्द किया तथा सभी कार्य डिजिटल किये जा रहे हैं। योजनाओं का शतप्रतिशत पैसा ग्राम प्रधान के खाते में आता है तथा विभिन्न लाभप्रद योजनाओं का पैसा डीबीटी योजना के अन्तर्गत सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व के कारण विश्व में भारत माता की जय-जयकार होती है तथा भारत ने अपनी शाक्ति का एहसास दुनिया को कराया है।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कमाल कर दिखाया है तथा देश के किसी भी नागरिक के विदेश में फंसे होने पर उसे तत्काल देश में लाने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रत्येक दिन 27 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है जोकि पहले प्रतिदिन मात्र 04 किमी बनता था। गडकरी ने अगले वर्ष से प्रतिदिन 40 किमी राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

उन्होेंने कहा कि वर्तमान समय में भारत पोलियों मुक्त देश बन चुका है तथा वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि टीबी के रोगियों को निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही छह हजार रूपये पोषण हेतु वार्षिक दिये जा रहे हैं ताकि रोगी पुष्टाहार ग्रहण करते हुए जल्दी से स्वस्थ व निरोग हो सके। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत अपना राज्य पहला ऐसा राज्य है जो 20 लाख परिवारों को 15 अगस्त तक योजना से कवर करने वाला है।

कार्यक्रम में 20 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गैस कनेक्शन वितरित किये गये तथा हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले चार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

उत्तराखंड पुलिस ने मांउट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर किया ऐतिहासिक कार्यः त्रिवेन्द्र

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहरण पर गये उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन आठ सदस्यों जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। को पद में पदोन्नति व वेतन वृद्धि की घोषणा की।

जिन आठ सदस्यों ने सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनमें से छह आरक्षी, एक निरीक्षक तथा एक मिनी फायरमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन छह आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति एवं निरीक्षक तथा मिनी फायरमैन को एक-एक वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की। माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए गये दल को पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की। जिन आरक्षियों को पदोन्नति दी जायेगी। उनमें विजेन्द्र प्रसाद काला, मनोज जोशी, सूर्यकान्त उनियाल, विजेन्द्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत शामिल हैं। जबकि निरीक्षक संजय उप्रेती एवं मिनी फायरमैन रवि चौहान को वेतन वृद्धि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस दल ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तराखण्ड पुलिस का दल देश का ऐसा पहला पुलिस दल है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अनुभवी और हिम्मत वाले जवानों की हमेशा आवश्यकता रहेगी। इस तरह के अभियानों में प्रतिभाग कर जवानों का हौंसला बढ़ता है और नये अनुभव प्राप्त होते हैं। इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के साथ ही आपदा के दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। राज्य में आपदा प्रबन्धन के लिए तकनीक के विकास के साथ ही प्रशिक्षित लोगों का होना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस दल को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण पर बधाई देते हुए कहा कि जवानों के दृढ़ निश्चय एवं आत्मविश्वास की वजह से अभियान सफल रहा। उत्तराखण्ड में कार्य करने के लिए अपार सम्भावनाएं हैं, यहां के लोगों में बहुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दल ने टीम स्प्रिट का संदेश दिया है। हमें जनता की सेवा के लिए भी टीम स्प्रिट की भावना से कार्य करना होगा।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी उत्तराखण्ड पुलिस दल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर आरोहण कर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक अभियान के बाद जवानों को जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उससे निश्चित रूप से भविष्य में फायदा होगा।

जल्द मिलेगी ऋषिकेश को पर्यटन हब के रूप में नयी पहचान

ऋषिकेश के आईडीपीएल में पर्यटन विभाग वेलनेस सिटी बनाने जा रही है। जिसके बाद ऋषिकेश की पहचान में और इजाफा होगा। इसे पर्यटन हब के रूप में पहचान मिलेगी। इसके लिये विभाग ने तैयार शुरू कर दी है। आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि का उपयोग इस वेलनेस सिटी बनाने के लिये किया जायेगा। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इस प्रोजेक्ट में काम शुरू कर दिया जाये।

डेवलपमेंट सपोर्ट सर्विस टू स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हब के रूप में देखा जा रहा है। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग ने वेलनेस सिटी की योजना तैयार की है। पर्यटकों को योग, संस्कृति, गंगा, नेचर, रिसोर्ट, हेल्थ सेंटर, बाजार, कॉरपोरेट डेस्टिनेशन जैसी सुविधाएं इस वेलनेस सिटी में मिलेंगी। वेलनेस सिटी आइडीपीएल को आवंटित 633 एकड़ यानि साढ़े तीन हजार बीघा जमीन पर बनेगी।

इसके लिए पर्यटन विभाग ने तकनीकी सलाहकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसके लिए स्वीडन, अमेरिका, आयरलैंड, बैंकॉक समेत अंतरराष्ट्रीय मानक पूरा करने वाली नौ कंपनियां आगे आई हैं। इन कंपनियों का चयन इसी माह कर लिया जाएगा। इसके बाद एक साल के भीतर वेलनेस सिटी के निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी। वेलनेस सिटी का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाना है। इससे राज्य सरकार पर बजट का भार नहीं पड़ेगा।

मिलेगा रोजगार
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस योजना से जहां राज्य के पर्यटन को पंख लगेंगे, वहीं, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय उत्पादों से लेकर लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र सरकार ने चार वर्षों में दी जीरों टॉलरेंस की सरकारः त्रिवेन्द्र

केंद्र सरकार के चार वर्षों को सफल बताते हुये मुख्यमं़त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इन चार वर्षों को जनता के प्रति समर्पित रहा। प्रधानमंत्री की ठोस पहल से आज देशवासी अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे है।

शुक्रवार को बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का न्यू इण्डिया का विजन देश को खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिये एक बड़ा कदम है। देश ने आर्थिक, सामाजिक समृद्धि एवं विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश का स्वच्छता कवरेज 38 प्रतिशत से बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है। गत चार वर्षों में सड़क परिवहन में उल्लेखनीय तेजी से कार्य हो रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रूपये तक का बीमा कवरेज दिया जा रहा है। मात्र दो वर्षों के भीतर ही उज्ज्वला योजना के अंतर्गत चार करोड़ महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन देकर धुॅआ मुक्त जीवन दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 तक सबको आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 1200 अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया जा चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत चार वर्षों में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार संबंधी कोई आरोप नहीं है। जीएसटी से कर प्रणाली एवं व्यापार आसान हो रहा है।

फूलों की घाटी के दीदार को पहुंचे पर्यटक

फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिये खोल दिया गया है। विश्व प्रसिद्ध यह घाटी में पर्यटकों की आमद हमेशा बनी रहती है। इस वर्ष फूलों की घाटी में जाने वाले पर्यटकों को रास्ते व घाटी में हिमखंड के दीदार कर रहे है। विदित है कि फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते है।

फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते है। 87.5 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली फूलों की घाटी में जैव विविधता का खजाना है। फूलों की घाटी में हर 15 दिनों में अलग रंग के फूल खिलते हैं। इसलिए इसलिए फूलों की घाटी में पर्यटक बार-बार आने आवाजाही करते हैं। फूलों की घाटी को दो अक्टूबर 2005 को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था।

फूलों की घाटी की खोज 1931 में कॉमेट पर्वतारोहण के बाद ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रेक स्मिथ ने की थी। वे घाटी की सौन्दर्य से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने ही इस पर वैली ऑफ फ्लावर किताब लिख कर फूलों की घाटी का नामकरण किया। फूलों की घाटी नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी वृजमोहन भारती ने बताया कि फूलों की घाटी पयर्टकों के लिए खोल दी गई है।

फूलों की घाटी के लिए घाघरिया से तीन किमी पैदल चलकर पहुंचा जा सकता है। फूलों की घाटी यात्रा का बेस केंप घाघरिया है। गोविंदघाट से 14 किमी पैदल चलकर घांघरिया पहुंचा जा सकता है। इसके बाद भी लोगों को फूलों की घाटी से उम्मीदें हैं। आपदा में फूलों की घाटी का पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्ष 2017 में फूलो की घाटी मे रिकार्ड तोड़ पर्यटक आए थे। वन विभाग को पर्यटको की अच्छी खासी आमद बढ़ने से आय में इजाफा हुआ था।

दून अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को आईसीसी ने उपयुक्त पाया

आईसीसी के विशेषज्ञों ने देहरादून के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के लिये उपयुक्त पाया है। जिसके बाद यहां तीन जून से अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन किया जायेगा। यह मुकाबला बांग्लादेश व अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के बीच खेला जायेगा। अफगानिस्तान की टीम पूर्व में यहां पहुंच चुकी हैं और दून के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास मैच में हिस्सा भी ले चुकी है। मगर, बांग्लादेश की टीम मंगलवार को यहां पहुंच गयी है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल ही में विशेषज्ञों के दल के साथ स्टेडियम का दौरा किया था। इस दल में आइसीसी के विशेषज्ञ भी शामिल थे जिन्होंने स्टेडियम का जायजा लिया था। विशेषज्ञों ने सभी सुविधाओं का जायजा लेने के बाद खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं के स्तर, मीडिया और प्रसारण जरूरतों को अंतरराष्ट्रीय मैचों के तीनों प्रारूपों के आयोजन के लिए उपयुक्त पाया था और इसे हाल के समय में सर्वश्रेष्ठ स्थलों में से एक करार दिया गया। उत्तराखंड की राजधानी में स्थित यह स्टेडियम पहाड़ियों के बीच स्थित है और इसके आस-पास की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस स्टेडियम में 25 हजार दर्शकों की क्षमता है।

विदित हो कि आइसीसी की ओर से राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुआयना करने के लिये टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ 21 मई को दून आए थे। 21 मई की शाम को ही उन्होंने फ्लड लाइट में स्टेडियम का निरीक्षण किया था जबकि उसके अगले दिन वे दोपहर में एक बार फिर स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं की बरीकी से जांच करने के बाद श्रीनाथ ने बकायदा फोटो खींचकर भी आइसीसी के अधिकारियों को भेजी थी। वे स्टेडियम में उपलब्ध सभी उपकरणों और खूबसूरती के कायल हुए थे। उसी दिन यह तय हो चुका था कि स्टेडियम को जल्द ही आइसीसी की हरी झंडी मिल जाएगी। 237 करोड़ रुपऐ की लागत से बने इस स्टेडियम में अब शहरवासियों को हर प्रारूप की क्रिकेट देखने को मिलेगी।

चार वर्षों में देश को कई कल्याणाकारी योजनाएं मिलीः त्रिवेन्द्र

केंद्र की मोदी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर राज्य सरकार ने हर्ष जताया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नरेन्द्र मोदी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन चार वर्षों की सफलता की बदौलत आज पूरा विश्व भारत को सम्मान की नजर से देख रहा है। इन चार वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता को कई जन कल्याणकारी योजनाएं दी है।

केन्द्र सरकार के सफल चार वर्षों की उपलब्धियों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा इन चार वर्षों में भारत वर्ष ने आर्थिक, सामाजिक समृद्धि एवं विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। स्वच्छ भारत मिषन के अंतर्गत देष के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 7.25 करोड से भी अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया। स्वच्छता कवरेज 38 प्रतिषत से बढ़कर 83 प्रतिषत हो गया है। इतिहास में पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। गत 4 वर्षों में सड़क परिवहन में उल्लेखनीय तेजी से कार्य हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के ठेकों में 77 फीसदी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में 38 फीसदी की तेजी आई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिषन के तहत आयुष्मान योजना में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज 15 से 20 फीसदी सस्ता होगा, गरीब परिवारों को पांच लाख तक का बीमा कवरेज दिया जा रहा है। जन औषधि केंद्रों में जरूरी दवाएं 50 प्रतिषत से कम दाम पर उपलब्ध है।

उज्ज्वला योजना मई 2016 को प्रारंभ हुई थी, मात्र दो वर्षों के भीतर ही उज्ज्वला योजना के अंतर्गत चार करोड़ महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्षन देकर धुॅआ मुक्त जीवन दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2022 तक सबको आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 1200 अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया जा चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को व्यापक तरीके से बढ़ाया गया है, जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। 12 वर्ष से कम उम्र की बेटियों के साथ दुष्कर्म पर मृत्युदंड की सजा का प्रावधान किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के संकल्प के दृष्टिगत चार वर्षों में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार संबंधी कोई आरोप नहीं है। जीएसटी से कर प्रणाली एवं कारोबार आसान हो रहा है। प्रधानमंत्री के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का कार्य त्वरित गति से चल रहा है। सौभाग्य योजना के माध्यम से करोड़ घर में बिजली पहुंचाई गई है। आजादी के 70 वर्षों बाद दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत देष के समस्त गांवों में बिजली उपलब्ध कराई गई। उन्होने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने हेतु विषेष प्रयास किए गए हैं। किसानों को उसकी लागत का 1.5 गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। 12.5 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि चाहे वह रोड कनेक्टिविटी हो या हवाई एवं रेल सेवाएं, चाहे ग्रामीण विद्युतीकरण हो या सोलर परियोजना, चाहे वह आर्गेनिक फार्मिंग हो अथवा सहकारिता, नये पर्यटन स्थलों का विकास हो, देहरादून में साईंस सिटी को मंजूरी हो, ऋषिकेष में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेन्शन सेण्टर हो, श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो, नमामिगंगे परियोजना हो राज्य को केन्द्र सरकार ने विकास की यात्रा में सदैव अपने साथ रखा है।

जिंदगी और मौत के बीच जवान दीपक ने ली अंतिम सांस

गढ़वाल राइफल्स में तैनात दीपक नैनवाल की यूनिट को दस अप्रैल को सूचना मिली कि कुलगाम के वनपोह इलाके में आतंकवादी छिपे है। आतंकियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त फायरिंग हुयी। इस दौरान दीपक नैनवाल के सीने में दो गोलियां लगी। हालांकि सेना की टुकड़ी ने दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। जिंदगी और मौत के बीच जूझते आखिरकार दीपक नैनवाल ने रविवार को दम तोड़ दिया। जवान की मौत की सूचना पाकर क्षेत्र व परिवार में शोक फैल गया।

जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लॉक के कांचुला गांव निवासी दीपक नैनवाल का परिवार दून के हर्रावाला में रहता है। पिछले माह 10 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकवादियों के बीच चली लंबी मुठभेड़ के दौरान दीपक बुरी तरह घायल हो गए थे। दीपक का इलाज पहले दिल्ली के सैन्य अस्पताल में किया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे दीपक के शरीर से दो गोलियां बमुश्किल ऑपरेशन कर निकाली गईं, लेकिन तीसरी गोली हड्डी में फंसने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया, जिससे दीपक की हालत बिगड़ती गई।

उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। बाद में उन्हें पुणे के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। पिछले एक सप्ताह से उन्होंने कुछ खाना-पीना भी बंद कर दिया था। रविवार सुबह हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नायक दीपक नैनवाल की शहादत को सलाम करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को प्रदेश व देश का गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी।

सस्ता उपचार देगा ऋषिकेश एम्सः चौबे

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा राष्ट्रीय आरोग्य निधि में एम्स ऋषिकेश को शामिल किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक और परिसर का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।

वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह एम्स बनाने की योजना बनाई थी। जिसमें सबसे अच्छी प्रगति ऋषिकेश एम्स की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस एम्स को राष्ट्रीय आरोग्य निधि में शामिल करने जा रहा है। इस नीति से गरीबों को सस्ता उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि एम्स विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ और रैनबसेरे के लिए 100 एकड़ भूमि की मांग राज्य सरकार से की है। इस कार्य को गति दी जाएगी। यहां आइडीपीएल की खाली भूमि पर भी विचार होगा। सरकार यहां सीआरसी खर्चे रैनबसेरे का निर्माण कराएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सरकार 1300 करोड़ का हेल्थ पैकेज देगी। बीते वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड को स्टेट प्लान के तहत 368 लाख रुपया दिया गया है। यहां 323 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड कर इसी वर्ष वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। जिसमें एनएचएम से 90 प्रतिशत बजट दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना ने वर्ष 2022 तक कुल आबादी के 40 प्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शामिल है। पांच वर्ष में इस योजना से डेढ़ लाख हेल्थ सेंटर को 1300 करोड़ की लागत से मॉडल बनाए जाने का प्रावधान है। कहा कि टीबी के मरीजों को नमो केयर के रूप में प्रतिमाह 500 रुपया दिया जा रहा है।

तेल उत्पादक देशों को खरीददार देशों का भी ख्याल रखना होगा

ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल इनर्जी फोरम-16 (आईईएफ-16) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर समाज के सभी वर्ग को किफायती दरों पर ऊर्जा नहीं उपलब्ध कराया गया, तो तेल उत्पादक देशों का ही घाटा होगा। मोदी जब यह बात कह रहे थे तब उनके आस-पास ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) के महत्वपूर्ण सदस्य सउदी अरब, इरान, नाइजीरिया, कतर के मंत्री बैठे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 25 वर्षो तक भारत में ऊर्जा की मांग में सालाना 4.2 फीसद की बढ़ोतरी होगी जो विश्व में और कहीं नहीं होगी।

आईईएफ में वैसे तो 72 देश सदस्य हैं, लेकिन इस बैठक में 92 देशों के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में जहां ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को मजबूती से रेखांकित किया। वहीं तेल उत्पादक देशों को साफ तौर पर संकेत दिया कि अब तेल खरीददार देशों के हितों का भी ख्याल रखना होगा। सिर्फ तेल उत्पादक देशों के हितों से यह बाजार नहीं चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, बहुत दिनों से तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव चल रहा है। अब हमें कीमत ज्यादा समझदारी से तय करनी होगी जो उत्पादकों के साथ ही ग्राहकों के हितों में हो। ऐसा होने पर ही हम समूचे मानव समाज की ऊर्जा जरुरत को पूरा कर सकेंगे। पूर्व में जब भी तेल कीमतों को बाहरी दबाव बना कर बदला गया है तब यह उत्पादकों के लिए भी उल्टा साबित हुआ है। पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को संरक्षित रखने के लिए चार सूत्रीय मंत्र भी दिया।

भारत अभी कच्चे तेल का सबसे बड़े खरीददार देशों में है। यहां अभी भी कुल खपत का 80 फीसद से ज्यादा आयात होता है। यह एक वजह है कि तमाम बड़े तेल उत्पादक देश भारत में उम्मीद खोज रहे हैं। तकरीबन चार वर्षो तक क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद अभी यह 71 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। दो साल पहले यह 42 डॉलर था। इसका असर यह हुआ है कि भारत में अभी पेट्रोल व डीजल की कीमतें पिछले चार वर्षो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। नई दिल्ली में पेट्रोल 73.98 रुपये प्रति लीटर व डीजल 64.96 रुपये है। इसके लिए उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि भी जिम्मेदार है। जिसे घटाने के लिए सरकार अभी तैयार नहीं दिखती है। यह एक वजह है कि मोदी तेल उत्पादक देशों को भारत में तेल व गैस की बढ़ती मांग का हवाला दे रहे हैं। अगर कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी तो इनकी खपत भारत में कम हो सकती है जिसका खामियाजा तेल उत्पादक देशों की मांग पर पड़ेगा।