शहीदों को सलाम कर मनाया स्वतंत्रता दिवस

देशभर में आज स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में महापुरूषों के नक्शे कदम पर चलने का संकल्प लिया जा रहा है। महापुरूषों की झांकी के माध्यम से देश के लिये मर मिटने वालों को नमन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लाल किले में तिरंगा फहराया। साथ ही देश की जनता को संबोधित किया।

पीएम ने कहा कि सभी भारतीयों को खाना, स्वास्थ्य, कनेक्टीविटी, कुशलता, स्वच्छता, सुरक्षा, जल मिले इसलिए वॉटर फॉर ऑल, सैनिटेशन फॉर ऑल, स्किल फॉर ऑल, हेल्थ पर ऑल, इंश्योरेंस फॉर ऑल, कनेक्टीविटी फॉर ऑल के मंत्र के साथ चलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि देश में टैक्स न देने की हवा बनाई जा रही है, ईमानदार करदाताओं के टैक्स पर देश चलता है, डायरेक्ट टैक्स देने वालों की संख्या पौने सात करोड़ तक है।

प्रधानमंत्री बोले भारत को हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है, जो अपने शोध में उत्कृष्ट हैं और नवाचार में सबसे आगे हैं। आज मेरा सौभाग्य है कि इस पावन अवसर पर मुझे देश को एक और खुशखबरी देने का अवसर मिला है। साल 2022, यानि आजादी के 75वें वर्ष में और संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जा रहा है। ऐसा करने वाल भारत चौथा देश बनेगा।

उन्होंने कहा, ‘मैं आज इस मंच से मेरी कुछ बहादुर बेटियों को खुशखबरी देना चाहता हूं। भारतीय सशक्त सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरुष समकक्ष अधिकारियों की तरह पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा स्थायी कमीशन देने की घोषणा करता हूं। अपनी उपलब्घ्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि हमने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, दिक्कतों के बावजूद जीएसटी लागू किया और सैनिकों के हित में वन रैंक वन पेंशन योजना लेकर आए। जन आरोग्घ्य योजना का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी 25 सितंबर से देश में यह योजना लागू कर दी जाएगी। महिलाओं की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि खेत से लेकर खेल तक महिलाएं हमारा नाम ऊंचा कर रहीं हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में जय हिंद, भारत माता की जय व वंदे मातरम् के नारे लगाए।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया और प्रदेश वासियों को बधाई दी। इस इस दौरान सीएम ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है। यहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना या सुरक्षा बलों में हैं। उत्तराखंड में पहले से ही शहादत की परंपरा रही है। वहीं सीएम ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं। लोगों की सोच और कार्य संस्कृति बदली है। जो उत्तराखंड के विकास को गति देगी।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया और प्रदेश वासियों को बधाई दी। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है। यहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना या सुरक्षा बलों में हैं। उत्तराखंड में पहले से ही शहादत की परंपरा रही है। सीएम ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं। लोगों की सोच और कार्य संस्कृति बदली है। जो उत्तराखंड के विकास को गति देगी। बताया कि राज्य की जीडीपी में छह प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय 16 हजार से ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा ग्रोथ सेंटर्स की स्थापना से गांवो में रोजगार बढ़ा है। अब तक 103 ग्रोथ सेंटर्स स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार लगातार किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयास कर रही है।

दो महीने में ऋषिकेश का तीसरा जवान हुआ सीमा पर शहीद

देश की सीमा पर उत्तराखंड से शहादत देने वाले कभी पीछे नहीं हटते। रविवार को भी उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। ऋषिकेश निवासी प्रदीप रावत सीमा पर बारूदी सुरंग में विस्फोट होने के बाद घायल हो गये थे। जिन्हें सैंन्य उपचार के लिये ले जाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक प्रदीप रावत (30 वर्ष) पुत्र कुंवर सिंह रावत निवासी अपर गंगानगर ऋषिकेश, गढ़वाल राइफल की चौथी बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात थे। रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक सैन्य अभियान के दौरान सीमा पर दुश्मन की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग के फट जाने से प्रदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें सैन्य वाहन से पहले नजदीकी अस्पताल और फिर हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।

शाम करीब चार बजे हायर सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहीद प्रदीप रावत मूल रूप से बैराई गांव पट्टी दोगी टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं। शहीद प्रदीप रावत के पिता कुंवर सिंह रावत सेना से रिटायर्ड हैं, वर्तमान में वह एम्स में कार्यरत है। शहीद प्रदीप रावत तीन बहनों के इकलौते भाई थे। करीब डेढ़ साल पहले ही प्रदीप रावत की शादी हुई थी। वह जनवरी में अपनी मैरिज एनिवर्सरी में छुट्टी आने वाले थे।1उनके चाचा वीर सिंह रावत ने बताया कि सेना के कमांोडग ऑफिसर ने उन्हें फोन पर उनके शहीद होने की जानकारी दी।

प्रदीप रावत की शहदात की सूचना के बाद घर पर कोहराम है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद के घर पर पहुंचकर उनके पिता कुंवर सिंह रावत को सांत्वना दी। पूर्व क्षेत्रीय सभासद बृजपाल राणा ने बताया कि आर्मी हेड क्वार्टर द्वारा शहीद के घर पर विधिवत सूचना दे दी गई है। सूचना के बाद से ही परिवार व आसपास के क्षेत्र में कोहराम मच गया है। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। आस पास क्षेत्रों में दो महीने में तीसरी शहादत होने पर माहौल गमगीन है।

साईबर सुरक्षा केंद्र से राज्य में साईबर क्राइम पर रोक लगेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र भारत का पहला प्रशिक्षण केंद्र हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेजों का सेलेक्शन कर उनमें भी ड्रोन एप्लीकेशन प्रोग्राम द्वारा प्रशिक्षित किया जायेगा। साईबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना से प्रदेश में साईबर क्राइम पर नजर रखने एवं अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलेगी। यह बात मुख्यमंत्री ने देश के पहले ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान कही।

एनटीआरओ के अध्यक्ष आलोक जोशी ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लिकेशन स्मार्ट पुलिस का एक कान्सेप्ट है। देहरादून में साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर बनाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि साईबर सिक्योरिटी किसी एक संस्था के भरोसे नहीं चल सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना जरूरी है। एनटीआरओ हमेशा पुलिस को सहयोग करने के लिए तैयार है। यह सेंटर आने वाले समय में ड्रोन एक्टिविटी एवं रिसर्च के लिए हब बनेगा।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। साईबर क्राइम से बचने के लिए उत्तराखण्ड के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ड्रोन एप्लिकेशन अनुसंधान केन्द्र एवं साईबर सुरक्षा केन्द्र की स्थापना से उत्तराखण्ड को इस क्षेत्र में अच्छा अवसर मिला है।

ड्रोन अनुसंधान प्रयोगशाला एवं प्रशिक्षण केन्द्र के लिए उत्तराखण्ड सरकार एवं एनटीआरओ के बीच दिसम्बर, 2017 में एमओयू हस्ताक्षर किया गया। जिसमें ड्रोन अनुप्रयोग एवं अनुसंधान के लिये अत्याधुतिक केन्द्र की स्थापना ड्रोन संचालन हेतु उच्च तकनीकी के प्रशिक्षण सुविधा केन्द्र की स्थापना, वन सर्वेक्षण, आपदा राहत एवं बचाव संचालन क्षेत्र में ड्रोन अनुप्रयोग को विकसित कर सामर्थ्य बनाने में तकनीकी सुविधा प्रदान करना है। ड्रोन अनुसंधान प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से सरकार, छात्रों, पुलिस, वन, आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। ड्रोन प्रयोगशाला के माध्यम से कठिन एवं दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा बल संचालन हेतु रियलटाइम सैटलाइट सूचना एकत्रित करने, वनों पर नजर रखने, वन तस्करों पर निगरानी रखने तथा आपदा प्रबन्धन इत्यादि में मदद प्राप्त होगी।

साईबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण केन्द्र के लिये उत्तराखण्ड सरकार एवं राष्ट्रीय क्रिटिकल इनफॉरमेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर, भारत सरकार के मध्य दिसम्बर-2017 में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। महत्वपूर्ण सूचना अवस्थापना एवं कार्यस्थल पर साईबर स्वच्छता को बेहतर करने में सहयोग प्रदान करना है। इसके अन्तर्गत पुलिस, सूचना प्रौद्योगिकी, सरकारी कार्मिकों एवं छात्रों को साईबर अपराध जाँच तथा साईबर सुरक्षा की बारीकियों पर प्रशिक्षित किया जायेगा।

इससे राज्य तथा देश में बढ़ते साईबर अपराध, साईबर धोखाधड़ी, साईबर धमकियों को पकड़ने में मदद मिलेगी तथा साथ ही राष्ट्र एवं राज्य में साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन एवं साईबर अपराध जाँच एवं फरेन्सिक में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस संचार प्रशिक्षण केन्द्र में डिजिटल इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग एवं एनालिसिस सेंटर का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया।

प्रशासन की कार्यवाही से बेरोजगार हुये राफ्टिंग व्यवसायी

कोर्ट के राफ्टिंग व अन्य जल क्रीडाओं पर रोक लगाने के बाद इससे जुड़े व्यवसायियों के सम्मुख बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। रोक लगने के बाद यह सभी बेरोजगार हो गये है। अब इन्हें शासन के अगले कदम का इंतजार है।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति टिहरी गढ़वाल की चुप्पी से राफ्टिंग व्यवसायियों में नाराजगी है। मुनिकीरेती कौड़ियाला इको टूरिज्म जोन में 281 राफ्टिंग कंपनियां गंगा नदी क्षेत्र में राफ्टिंग का संचालन करती आई हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शासन के फैसले से इन सभी व्यवसायियों ने अपना सामान समेट लिया है।

शासन द्वारा राफ्टिंग के क्षेत्र में नियमों का पालन और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए गंगा नदी राफ्टिंग पर्यटन समिति टिहरी गढ़वाल का गठन किया गया था। जिसमें जिलाधिकारी टिहरी अध्यक्ष, उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर उपाध्यक्ष और जिला पर्यटन अधिकारी को सचिव बनाया गया था। प्रति पर्यटक बीस रुपया शुल्क समिति वसूल रही थी। राफ्टिंग में रोक के बाद राोफ्टग व्यवसायियों को समिति से काफी उम्मीदें थी। मगर समिति की चुप्पी इनकी नाराजगी बढ़ा रही है।

उत्तराखंड फाइनेस्ट आउटडोर (यूएफओ) से जुड़े राफ्टिंग व्यवसायियों ने बैठक कर गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति से संबंधित मामले में न्यायालय में पैरवी करने की मांग की है। कैलाश गेट में यूएफओ के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बेरोजगार हुए राोफ्टग व्यवसायियों ने कहा कि प्रबंधन समिति ने पर्यटकों से जो राजस्व वसूली की है वह करीब एक करोड़ रुपये है। समिति द्वारा राफ्टिंग में आए पर्यटकों की निगरानी और सुविधाओं पर जो खर्च करना था वो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब राफ्टिंग व्यवसायी ही नहीं रहेगा तो प्रबंधन समिति का औचित्य क्या रह जाता है। बैठक में इन व्यवसायियों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का निर्णय लिया। कहा कि राफ्टिंग के कारण जाम लगने की बात कही जा रही है, लेकिन दो दिन से राफ्टिंग बंद है तो अब कैसे जाम लग रहा है।

पूर्व सैनिक पिता ने दी शहीद बेटे विकास गुरूंग को मुखाग्नि

जब तक सूरज चांद रहेगा। विकास गुरूंग तेरा नाम रहेगा…., पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों के बीच शहीद विकास गुरूंग की अंतिम यात्रा तीर्थनगरी के विभिन्न मार्गों से होती हुयी मुनिकीरेती के पूर्णानंद घाट पहुंची। जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार लामा रिति रिवाज से किया गया। शहीद विकास गुरूंग के पिता रमेश गुरूंग ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी।

शनिवार को जम्मू-कश्मीर में नौशेरा के लाम सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी में 21 गोरखा रायफल में तैनात गुमानीवाला निवासी रायफलमैन विकास शहीद हो गए थे। 21 वर्षीय शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक आवास पहुुंचा था, तभी से वहां श्रद्धांजलि देने वालों को तांता लगा हुआ था। सोमवार सुबह सेना के जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

शहीद विकास गुरूंग को पूर्णानदं घाट पर 24 फील्ड रेजीमेंट के जवानों ने हवा में 32 राउंड फायर कर सशस्त्र सलामी दी। गंगा घाट पर शहीद जवान का लामा रीति से अंतिम संस्कार किया गया। पिता रमेश गुरुंग ने बेटे को मुखाग्नि दी। घाट पर विधानसभा अध्यक्ष, सेना के अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसे पहले सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद के घर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास गुरुंग की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। ऐसे वीरों के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद विकास की स्मृति में द्वार बनाने, उनकी एक आदमकद मूर्ति स्थापित करने और गुलरानी फार्म का नाम शहीद के नाम पर करने की घोषणा की।

शहीद विकास गुरूंग की अंतिम या़त्रा में राजनैतिक संगठनों ने भी शिरकत की। मगर, राजनीति के लिये नहीं बल्कि देशभक्ति की भावना उन्हें एक साथ ले आयी। शहीद की विदाई यात्रा में हर पचास कदम की दूरी पर व्यापारी ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर शहीद को श्रद्धांजलिद अर्पित की। शहीद विकास के सम्मान में देश भक्ति के गीत चल रहे थे। यह देश भक्ति ही थी जो लोगों को भीषण गर्मी में घर से बाहर सड़क तक ले आयी।

सभी वर्ग के लोगों ने दी नम आंखों से विदाई

शहीद की अंतिम यात्रा में क्या बच्चे, क्या बुढ़े और क्या जवान इन सभी के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलायें भी चल रही थी। शहीद के घर से लेकर पूर्णानंद घाट तक सभी ने भारत माता की जय जैसे नारे के साथ शहीद जवान को अपनी-अपनी श्रद्धांजलि दी।

नीति आयोग की बैठक में सीएम त्रिवेन्द्र ने दिये ये अहम सुझाव

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की चतुर्थ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उत्तराखंड सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुझाव देते हुये कहा कि राज्य के विकास में जलविद्युत की अहम भूमिका हो सकती है। जलविद्युत ऊर्जा को क्लीन ऊर्जा बताते हुये कहा कि स्वीकृत जलविद्युत परियोजनाओं को बंद किया जना राज्य के विकास के लिये उचित कदम नहीं है।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा करना सम्भव न हो तो नीति आयेग में ‘पर्वतीय प्रकोष्ठ’ अवश्य स्थापित किया जाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए देश में ग्रीन एकाउंटिंग प्रणाली अपनाई जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा की दृष्टि से अति संवदेनशील गांवों के विस्थापन में भारत सरकार से तकनीकी व वित्तीय सहयोग का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री मॉनीटरिंग डैशबोर्ड ‘‘उत्कर्ष‘‘ की स्थापना की गयी है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से महत्वपूर्ण योजनाओं तथा कार्यक्रमों के परिणामों का अनुश्रवण सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर किया जा रहा है। योजनाओं तथा कार्यक्रमों के भौतिक व वित्तीय प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए ई-आंकलन पोर्टल बनाया गया है। कोषागार व सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को इससे जोड़ा गया है। विकास कार्यक्रमों में उपलब्धियों के अनुसार ही विभागीय उच्चाधिकारियों की सेवा पुस्तिका में वार्षिक मूल्यांकन अंकित किया जायेगा। विकास में जनसहभागिता हेतु हर वर्ग के साथ जन-संवाद की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। सेवा के अधिकार कानून के अन्तर्गत 162 नई सेवायें और जोड़ी गई हैं। अब इसमें कुल 312 सेवाएं हो गई हैं। जन-शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन 1905 प्रारम्भ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा नीति आयेग की कार्यकारिणी परिषद की पिछली बैठक में प्रधानमंत्री जी द्वारा ऐजेण्डा-2022, जी0एस0टी0, ळमड , डिजिटल इण्डिया व सुशासन के क्षेत्र में विशेष कदम उठाने की अपेक्षा राज्य सरकारों से की गयी थी। राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में विशेष ध्यान दिया है जिसके परिणाम भी दिख रहे हैं। संकल्प से सिद्धि के अन्तर्गत राज्य में 2020 के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किये है जिनकी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव द्वारा सचिव समिति में साप्ताहिक तौर से की जाती है। ळमड के अन्तर्गत इस वर्ष उत्तराखण्ड ने डवेज ब्वउचसपंदज ठनलमत का पुरस्कार प्राप्त किया है। जी0एस0टी0 के क्षेत्र में हमने ई-रिफण्डिंग, जी0एस0टी0 मित्र, 24×7 हैल्प डैस्क एवं जनपद स्तर पर कार्यशालाओं आदि की व्यवस्थायें की है ताकि कारोबार में सुगमता बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। राज्य में एक लैंड होल्डिंग से वर्तमान में औसतन पचहत्तर हजार रूपये की कृषि आय अनुमानित है उसे वर्ष 2022 तक डेढ़ लाख रूपये किया जाना है। इसके लिए विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों की तकनीकी दक्षता का उपयोग किया जा रहा है। क्लस्टर आधारित कार्य योजनायें तैयार की जा रही हैं। प्रदेश की कुल 16 मैदानी मण्डियों को अभी तक ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जा चुका है। पर्वतीय मण्डियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अन्तर्गत वर्ष 2015-16 से 2016-17 तक के प्रथम चरण में 7.5 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 7.65 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गये थे। अगले चरण अर्थात् 2017-18 से 2018-19 तक कुल 9.12 लाख स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जाने हैं। मृदा नमूना लेते समय जी0पी0एस0 रीडिंग भी ली जा रही है। समस्त सूचनाओं को राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल पर अपलोड भी किया जा रहा है। ग्रामीण हाटों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में ग्रोथ सेन्टर विकसित किया जायेगा। प्रथम चरण में 50 न्याय पंचायतें चयनित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नदियों को पुनर्जीवित व सदानीरा बनाने के लिए ‘‘जल संचय अभियान’’ के अन्तर्गत जलाशय,जल कुण्ड ट्रेंच, चौक डैम बनाये जा रहे है। कोसी नदी (कुमाऊँ) एवं रिस्पना नदी (देहरादून) के जल संग्रहण क्षेत्र में जन सहभागिता के साथ वृहद् वृक्षारोपण अभियान जुलाई में प्रस्तावित है। मनरेगा में पिछले वित्तीय वर्ष में रू0 786 करोड़ का शत-प्रतिशत उपयोग किया तथा 182 लाख मानव दिवस के सृजन के लक्ष्य से भी अधिक 223 लाख मानव दिवसों का सृजन किया। मनरेगा के अन्तर्गत हमने पिछले वर्ष 2500 फार्म पोण्ड तथा 1000 पारम्परिक जल सं्रोतों का संवर्धन किया किया गया।

‘‘आयुष्मान भारत’’ के अन्तर्गत समस्त उपकेन्द्रों को हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर मे उच्चीकृत किया जा रहा है। प्रत्येक सेन्टर में हैल्थ प्रोवाइडर नियुक्त करने हेतु ‘‘ब्रिज प्रोग्राम इन कम्यूनिटी हैल्थ’’ कोर्स प्रारम्भ किया गया है। सुदूर पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को टेली मेडिसिन एवं टेली-रैडियोलॉजी सेवायें यथा, एक्स-रे, सी0टी0 स्कैन, एम0आर0आइ0 एवं मेमोग्राफी की सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के अन्तर्गत पांच लाख अड़तीस हजार परिवार चयनित किये गये हैं।

राष्ट्रीय पोषण मिशन के प्रथम चरण में 4 चिन्ह्ति जनपदों के 36 परियोजनाओं के अन्तर्गत 7396 आगनवाड़ी केन्द्रों में लगभग एक हजार अतिकुपोषित, 15 हजार कुपोषित तथा एक लाख गर्भवती धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया गया। स्थानीय खाद्यानों से ही निर्मित पोष्टिक आहार ‘‘ऊर्जा’’ वितरित किया जा रहा है। मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में हमने 1 लाख 70 हजार बच्चों को प्रतिरक्षित किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से राज्य में माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।

कुमांऊ और नागा रेजीमेंट के इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय

भारतीय सेना के कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है। इस स्वर्णिम अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हम सभी को अपने सैनिकों की बहादुरी पर नाज है। हमारे सैनिकों ने हमेशा से ही एकता अखंडता को बनाये रखने के लिये सीमाओं के सजग प्रहरी के रूप में कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जवानों ने देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होकर अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता स्व. प्रताप सिंह रावत भी सैनिक थे। इसी कारण वे भी सेना की गौरवशाली परंपरा से वाकिफ है। देवभूमि के सैनिकों ने अपने त्याग और साहस के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव प्रशिक्षित जवान सेना की महान गौरवशाली परम्परा को बनाए रखेंगे।

सोमवार को सोमनाथ मैदान में 155 भारतीय सेना के जवानों की कसम परेड़ आयोजित की गई। जिसमें 67 जवान उत्तराखण्ड के थे, शेष 88 जवान महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व अन्य राज्यों के थे। इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट को विशेष मेडल से सम्मानित किया गया। जिनमें महेश ऐरी, रोहित चिलवाल, प्रदीप मेहरा, विशाल सिंह, अतुल जोशी, रमेश कुमार, पंकज सिंह सम्मिलित थे।

कसम परेड़ में पहुंचे धर्मगुरू गणेश दत्त जोशी व अन्य सहयोगियों ने राष्ट्रीय ध्वज व गीता को साक्षी मानकर नव प्रशिक्षुओं को शपथ दिलायी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कर्नल ऑफ द रजिमेंट ले. जनरल बीएस सेरावत, सेना मैडल और कमांडेट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने भी परेड की सलामी ली।

निर्धन व्यक्ति का जीवन स्तर ऊंचा उठाना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिर्वेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास की मुख्यधारा से पिछड़े देश व राज्य के सभी निर्धनों को आर्थिक व सामाजिक रूप से जीवन स्तर को ऊंचा उठाना हैं। नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर में आयोजित केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक भारत एक नये भारत के रूप में दिखे, यह देश के प्रधानमंत्री का सपना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले में उज्ज्वला, सौभाग्य, उजाला योजना के अन्तर्गत रजिस्टर्ड होने वाले परिवारों को 15 अगस्त तक पूरी तरह योजनाओं से लाभांवित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनते ही भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दशा में लगातार कदम बढ़ाये जा रहे हैं। जिस कढ़ी में अभी तक कई भ्रष्टाचारी जेल जा चुके हैं तथा कई जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में कार्य करने वाले एक लाख 80 हजार किसानों को दो प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि मार्केट में चीनी सस्ती होने के कारण मिलों से अभी तक चीनी मार्केट में नही पहुॅचने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों के लिए 40 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गयी है। उन्होंने कहा कि गेहुॅ उत्पादन करने वाले किसानों को समय पर लाभ पहुॅचाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गॉव के विकास के लिए पहले एक रूपया दिया जाता था तो भ्रष्टाचार के कारण 50 पैसे भी विकास कार्य में सही से नहीं लग पाते थे तथा सामाजिक उत्थान के कार्यों में भी भ्रष्टाचार फैला हुआ था। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री ने बिचौलियों के रास्तों को बन्द किया तथा सभी कार्य डिजिटल किये जा रहे हैं। योजनाओं का शतप्रतिशत पैसा ग्राम प्रधान के खाते में आता है तथा विभिन्न लाभप्रद योजनाओं का पैसा डीबीटी योजना के अन्तर्गत सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व के कारण विश्व में भारत माता की जय-जयकार होती है तथा भारत ने अपनी शाक्ति का एहसास दुनिया को कराया है।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कमाल कर दिखाया है तथा देश के किसी भी नागरिक के विदेश में फंसे होने पर उसे तत्काल देश में लाने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रत्येक दिन 27 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है जोकि पहले प्रतिदिन मात्र 04 किमी बनता था। गडकरी ने अगले वर्ष से प्रतिदिन 40 किमी राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

उन्होेंने कहा कि वर्तमान समय में भारत पोलियों मुक्त देश बन चुका है तथा वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि टीबी के रोगियों को निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही छह हजार रूपये पोषण हेतु वार्षिक दिये जा रहे हैं ताकि रोगी पुष्टाहार ग्रहण करते हुए जल्दी से स्वस्थ व निरोग हो सके। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत अपना राज्य पहला ऐसा राज्य है जो 20 लाख परिवारों को 15 अगस्त तक योजना से कवर करने वाला है।

कार्यक्रम में 20 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गैस कनेक्शन वितरित किये गये तथा हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले चार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

उत्तराखंड पुलिस ने मांउट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर किया ऐतिहासिक कार्यः त्रिवेन्द्र

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहरण पर गये उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन आठ सदस्यों जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। को पद में पदोन्नति व वेतन वृद्धि की घोषणा की।

जिन आठ सदस्यों ने सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनमें से छह आरक्षी, एक निरीक्षक तथा एक मिनी फायरमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन छह आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति एवं निरीक्षक तथा मिनी फायरमैन को एक-एक वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की। माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए गये दल को पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की। जिन आरक्षियों को पदोन्नति दी जायेगी। उनमें विजेन्द्र प्रसाद काला, मनोज जोशी, सूर्यकान्त उनियाल, विजेन्द्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत शामिल हैं। जबकि निरीक्षक संजय उप्रेती एवं मिनी फायरमैन रवि चौहान को वेतन वृद्धि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस दल ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तराखण्ड पुलिस का दल देश का ऐसा पहला पुलिस दल है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अनुभवी और हिम्मत वाले जवानों की हमेशा आवश्यकता रहेगी। इस तरह के अभियानों में प्रतिभाग कर जवानों का हौंसला बढ़ता है और नये अनुभव प्राप्त होते हैं। इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के साथ ही आपदा के दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। राज्य में आपदा प्रबन्धन के लिए तकनीक के विकास के साथ ही प्रशिक्षित लोगों का होना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस दल को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण पर बधाई देते हुए कहा कि जवानों के दृढ़ निश्चय एवं आत्मविश्वास की वजह से अभियान सफल रहा। उत्तराखण्ड में कार्य करने के लिए अपार सम्भावनाएं हैं, यहां के लोगों में बहुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दल ने टीम स्प्रिट का संदेश दिया है। हमें जनता की सेवा के लिए भी टीम स्प्रिट की भावना से कार्य करना होगा।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी उत्तराखण्ड पुलिस दल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर आरोहण कर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक अभियान के बाद जवानों को जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उससे निश्चित रूप से भविष्य में फायदा होगा।

जल्द मिलेगी ऋषिकेश को पर्यटन हब के रूप में नयी पहचान

ऋषिकेश के आईडीपीएल में पर्यटन विभाग वेलनेस सिटी बनाने जा रही है। जिसके बाद ऋषिकेश की पहचान में और इजाफा होगा। इसे पर्यटन हब के रूप में पहचान मिलेगी। इसके लिये विभाग ने तैयार शुरू कर दी है। आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि का उपयोग इस वेलनेस सिटी बनाने के लिये किया जायेगा। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इस प्रोजेक्ट में काम शुरू कर दिया जाये।

डेवलपमेंट सपोर्ट सर्विस टू स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हब के रूप में देखा जा रहा है। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग ने वेलनेस सिटी की योजना तैयार की है। पर्यटकों को योग, संस्कृति, गंगा, नेचर, रिसोर्ट, हेल्थ सेंटर, बाजार, कॉरपोरेट डेस्टिनेशन जैसी सुविधाएं इस वेलनेस सिटी में मिलेंगी। वेलनेस सिटी आइडीपीएल को आवंटित 633 एकड़ यानि साढ़े तीन हजार बीघा जमीन पर बनेगी।

इसके लिए पर्यटन विभाग ने तकनीकी सलाहकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसके लिए स्वीडन, अमेरिका, आयरलैंड, बैंकॉक समेत अंतरराष्ट्रीय मानक पूरा करने वाली नौ कंपनियां आगे आई हैं। इन कंपनियों का चयन इसी माह कर लिया जाएगा। इसके बाद एक साल के भीतर वेलनेस सिटी के निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी। वेलनेस सिटी का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाना है। इससे राज्य सरकार पर बजट का भार नहीं पड़ेगा।

मिलेगा रोजगार
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस योजना से जहां राज्य के पर्यटन को पंख लगेंगे, वहीं, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय उत्पादों से लेकर लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।