मुख्य सचिव ने किया बाबा केदार में चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण, दिये ये निर्देश

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बाबा केदार के दरबार पहुंचे। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ पीएम के प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो का जायजा लिया। उन्होंने आगामी 10 अप्रैल तक मंदिर के पैदल मार्ग पर पत्थर बिछाने निर्देश भी दिये।

मुख्य सचिव ने धाम मे निरीक्षण के दौरान एम-आई 26 से सरस्वती पुल तक निर्माण किए जा रहे रास्ते को दस अप्रैल से तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न करने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात भी कही।

किसी भी कीमत पर केदारनाथ मन्दिर का दृश्य बाधित न हो, इसके लिए रास्ते के दोनो ओर सुरक्षा दीवार निर्मित करने के निर्देश दिए। केदारनाथ मे 50 फीट रास्ते के पीछे अवस्थित मकानों को ध्वस्त कराने व उनकी पैमाइस करने के साथ ही क्षतिग्रस्त होने वाले मकान स्वामियों को अन्यत्र ठहरने की व्यवस्था के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को दिए।

धाम में एमआई-17 हैलीपेड के पीछे लगाई गई पत्थर काटने की मशीन को संचालित करने व विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश क्रमशः लोनिवि व विद्युत विभाग को दिए। सोनप्रयाग में प्रतिदिन कारीगरों द्वारा तराश कर तैयार किए जा रहे पत्थरों को धाम में समय से पहुँचाने के निर्देश लोनिवि विभाग को दिए। उन्होंने निम द्वारा 10 हजार व अवशेष पत्थरों के लिए लोनिवि द्वारा उपलब्ध कराने को कहा, तत्काल पत्थरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए जिससे कार्य गतिमान रहे।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि शंकराचार्य समाधि का निर्माण कार्य, ध्वस्त मकानों का निर्माण व तीन मकानों में हल्की तोड़-फोड़ की मरम्मत के कार्य की जिम्मेदारी जिंदल गु्रप की है तथा शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

मूर्ति तोड़ने की सियासत थम नहीं रही, अब आजमगढ़ में भी तोड़ी

त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन के बाद मूर्ति तोड़ने की जो सियासत शुरू हुई थी, वो तमिलनाडु होते हुए अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है और थमने का नाम नहीं ले रही है। त्रिपुरा में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़ी गई, इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया और फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के बदसलूकी करने के बाद यूपी के मेरठ में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को जमींदोज कर दिया गया।

मूर्ति तोड़ने का ये सिलसिला यहीं थमता नहीं दिख रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार के बाद अब यूपी के आजमगढ़ में भी संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को निशाना बनाया गया है।

आजमगढ़ के थाना अहरौला के गांव राजापट्टी में लगी बाबा साहब की प्रतिमा बीती रात तोड़ दी गई। ग्रामीणों ने सुबह जब मूर्ति टूटी हुई देखी तो वो आक्रोशित हो गए। इसके बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। बाद में मौके पर पुलिस अधिकारी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद लेफ्ट सरकार द्वारा स्थापित लेनिन की मूर्तियों को तोड़ा गया। इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति गिराई गई, फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

केंद्र सरकार ने आधार लिंक की तिथि बढ़ाने का दिया ये तर्क

केंद्र सरकार आधार से लिंक करने संबंधि योजना को 31 मार्च के बाद भी आगे जारी रख सकती है। सरकार ने ऐेसे संकेत दिए है। इसके लिये केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क दिया कि आधार से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी होने में अभी समय है, इसलिए समयसीमा बढ़ाई जा सकती है। इस तर्क पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई।

मुख्य न्यायाधीश की दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, एएम खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड़ और अशोक भूषण की संविधान पीठ आधार को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा, हमने पहले भी समयसीमा बढ़ाई है। हम इसे फिर बढ़ा सकते हैं। हम इस माह के अंत में समयसीमा बढ़ा सकते हैं, ताकि याचिकाकर्ता अपनी दलीलें पेश कर सकें।

उनकी इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई। संविधान पीठ ने कहा, अटॉर्नी जनरल ने यह बहुत वाजिब पहलू उठाया है। अदालत इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील के दोहराए जाने वाले तर्को को अनुमति नहीं देगी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को आधार लिंक कराने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी थी।

इससे पहले आधार को चुनौती देने वाली याचिकाएं दाखिल करने वालों के अधिवक्ता श्याम दीवान ने पीठ से कहा कि 31 मार्च की समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि तब तक अर्जियों पर सुनवाई पूरी होने की संभावना नहीं है। यदि 31 मार्च की समयसीमा कायम रहती है तो इसका देशभर में असर पड़ेगा। कई संस्थानों को समयसीमा के साथ सामंजस्य बैठाना होगा।

त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू की मारपीट, जानिए किस को तोड़ा?

त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद सत्ता पर काबिज होने जा रही पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य में तोड़फोड़ और मारपीट करना शुरू कर दिया। उन्होंने वामपंथी स्मारकों को तोड़ा है। आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविजन में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया। साम्यवादी विचारधारा के नायक लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद से वामपंथी दल और उनके कैडर नाराज हैं।

आपको बता दें कि त्रिपुरा राज्य में बीजेपी की जीत के बाद राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और मारपीट की जा रही है। बीजेपी-आइपीएफटी कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो चुके हैं। वे न सिर्फ वामपंथी दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं बल्कि कार्यकर्ताओं के घरों पर भी हमला कर उन्हें निशाना बना रहे हैं।

बीजेपी कार्यकताओं ने व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति भी ढहा दी। त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती (पुलिस कंट्रोल) ने जानकारी दी कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर की मदद से चौराहे पर लगी लेनिन की मूर्ति ढहा दी। एसपी के मुताबिक बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर ड्राइवर को शराब पिलाकर इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और बुलडोजर को सीज कर दिया है।

हमें डराने की कोशिश की जा रही

इस घटना पर सीपीआई(एम) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही वामपंथी कैडरों और दफ्तरों पर हुए हमलों की लिस्ट जारी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर उनके कार्यकर्ताओं को डराने और उनके मन में खौफ पैदा करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि ये हिंसक घटनाएं प्रधानमंत्री द्वारा बीजेपी को लोकतांत्रिक बताने के दावों का मजाक है।

जानिए कौन हैं व्लादिमीर लेनिन

रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन ने वर्ष 1893 से रूस के साम्यवादी विचारधारा का प्रचार शुरू किया था। लेनीन को कई बार जेल भेजा गया था और निर्वासित भी किया गया। ‘प्रलिटरि’ एवं ‘इस्क्रा’ के संपादन के अतिरिक्त वर्ष 1898 में उन्होंने बोल्शेविक पार्टी की स्थापना की। वर्ष 1905 की क्रांती के उनके प्रयास असफल रहे, लेकिन वर्ष 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई और सफल हुए। उन्होंने केरेन्सकी की सरकार पलट दी और 7 नवम्बर, 1917 को लेनीन की अध्यक्षता में सोवियत सरकार बनी। लेनिन की कम्युनिस्ट सिद्धांत और कार्यनीति लेनिनवाद के नाम से जानी जाती है। आज के वामपंथ विचारधारा और कार्यशैली में इनके सिद्धांतों का अहम योगदान है।

उपराष्ट्रपति के स्वागत को एयरपोर्ट पहुंचे सीएम

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडु शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीर्थनगरी में योग जिज्ञासुओं को संबोधित करने पहुंच गये। इससे पूर्व जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत उनके स्वागत को पहुंचे।

एयरपोर्ट से उपराष्ट्रपति मुख्यमंत्री व राज्यपाल के साथ हेलीकॉप्टर एमआई-17 बैठकर ऋषिकेश की ओर रवाना हुए हैं। यहां वे अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में शिरकत करेंगे।

गौरतलब है कि तीर्थनगरी ऋषिकेश में प्रत्येक वर्ष एक मार्च से आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का गुरुवार को गंगा के दोनों तटों पर आगाज हो गया है।

मुनिकीरेती के गंगा रिजॉर्ट व पूर्णानंद मैदान में जबकि गंगा के दूसरे तट पर परमार्थ निकेतन में योग महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह समूचा क्षेत्र इन दिनों योगमय बन गया है। तीर्थनगरी में बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान भी योग साधना के लिए पहुंचे हैं, जिससे यहां का वातारण ही बदला हुआ नजर आ रहा है।

सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को पकड़ा, आईएनएक्स मीडिया मामला

पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक कार्ति को बुधवार सुबह आठ बजे गिरफ्तार किया गया। कार्ति चिदंबरम के वकीलों ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। कार्ति लंदन से भारत लौट रहे थे, सीबीआई ने चेन्नई एयरपोर्ट पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई ने कार्ति से पूछताछ भी शुरू कर दी है। यह गिरफ्तारी आईएनएक्स मीडिया केस के मामले में हुई है। आपको बता दें कि कार्ति के खिलाफ ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

इससे पहले, 19 जनवरी को कार्ति चिदंबरम से ईडी ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की थी। ईडी ने मई 2017 में कार्ति और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आखिर मामला है क्या?

वर्ष 2007 में पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया के 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड हासिल करने में गये थे। आरोप यह हैं कि फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड क्लीयरेंस हासिल करने में अनियमितता बरती गई। आरोप हैं कि कार्ति को इस मामले में 10 लाख रुपये मिले थे। इडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। सीबीआई 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील में क्लीयरेंस देने में अनियमितता के मामले की जांच कर रही है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने कर संबंधी जांच से बचने के लिए पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी आईएनएक्स से कथित तौर पर धन लिया था। वहीं, कार्ति और उनके पिता पी. चिदंबरम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इंकार किया है।

वहीं आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आधिकारिक बयान में कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अपने भ्रष्टाचार को छुपाने का मोदी सरकार का यह क्लासिक तरीका है, जोकि हर दिन एक्सपोज हो रही है। चाहे वो नीरव मोदी, मेहुल चोकसी या फिर द्वारका दास सेठ ज्वैलर्स का मामला हो।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बदले की भावना से अपने विरोधियों को निशाना बना रही है, लेकिन वो कांग्रेस को जनता तक सच्चाई पहुंचाने से रोक नहीं पाएगी।

तो श्रीदेवी की मौत की वजह ये है, अधिक पढ़े

सिनेमा जगत की श्री श्रीदेवी की मौत किन कारणों से हुयी। इसका कारण दुबई के अथॉरिटीज ने भारतीय दूतावास को बताया कि होटल के बाथटब में डूबने से श्रीदेवी की मौत हुयी है।

गल्फ न्यूज ने रिपोर्ट्स के हवाले से कहा है कि श्रीदेवी के शरीर में अल्कोहल की मात्रा थी। बाथरूम में वो अपना बैलेंस खो बैठीं और बाथटब में गिर गईं। रिपोर्ट के मुताबिक श्रीदेवी की मौत की वजह एक्सीडेंटल है।

सूत्रों के मुताबिक, श्रीदेवी के पार्थिव शरीर से जुड़े सभी कागजात भारतीय उच्चायोग को सौंप दिए गए हैं इसके अलावा डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है। पोस्टमार्टम की जानकारी को पूरी तरह से सीक्रेट रखा गया है।

पुलिस के अनुसार, अब भारतीय उच्चायोग की प्रक्रिया के बाद ही पार्थिव शरीर भारत ले जाया जाएगा। श्रीदेवी का पार्थिव शरीर उनके घर भाग्य बंगला (वर्सोवा) में लाया जाएगा, पूरे घर को सफेद फूलों से सजाया गया है।

दरअसल, श्रीदेवी का पोस्टमार्टम रविवार को ही हो चुका था, लेकिन रिपोर्ट आने में देरी हुई। इसी कारण श्रीदेवी का डेथ सर्टिफिकेट भी अभी तक नहीं बना था। अभी तक श्रीदेवी का पार्थिव शरीर पुलिस की कस्टडी में ही था।

बीएसएनएल के नंबर 10 से 13 डिजिट के होंगे

अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के नई सीरीज के नंबर दस के बजाए 13 डिजिट के होंगे। केंद्रीय सूचना मंत्रालय के निर्देश पर बीएसएनएल ने इस पर अपना काम भी शुरू कर दिया है।

पिछले दिनों दिल्ली में संपन्न हुयी बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया। चर्चा यह है कि 10 अंकों के लेवल में अब नए मोबाइल नंबरों की गुंजाइश पूरी हो चुकी है, इसी वजह से नई सीरीज शुरू की जा रही है। इस वर्ष के अंत तक पुराने दस अंकों के मोबाइल नंबरों को भी 13 अंकों में तब्दील कर दिया जाएगा।

हालांकि, वर्तमान नंबर कैसे बदले जाएंगे, यह प्रक्रिया अभी तय नहीं हो पाई है। नंबर तो वही रहेगा, लेकिन डिजिट आगे जुड़ेंगे या पीछे, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बीएसएनएल के जीएम (मोबाइल) एसके सिंह के अनुसार इस संबंध में हमें अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से ही ऐसी खबर सुनने में आ रही हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन की ओर से निर्देश मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

काठगोदाम में युवती ने किया दो महिला का यौन उत्पीड़न, सेक्स टॉय से बनाये संबंध

युवक ने युवतियों का यौन उत्पीड़न किया, यह आपने अक्सर सुना होगा। मगर, एक युवती पुरूष का वेष धर महिलाओं से शादी कर उनका यौन शोषण करे। यह शायद ही आपने सुना हो। ताजा मामला उत्तराखंड के काठगोदाम का है, जहां एक युवती ने पुरुष बनकर दो महिलाओं से शादी रचा ली। दोनों महिलाओं के साथ तीन साल तक मियां-बीवी की तरह रही। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों महिलाओं को भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ पति के रूप में कोई महिला रह रही है। आखिर सच सामने आ ही जाता है, पुरुष बनी महिला का भंडाफोड़ हो गया।

जानकारी के मुताबिक, यूपी के बिजनौर के धामपुर की रहने वाली स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने साल 2013 में फेसबुक के जरिए एक लड़की से दोस्ती कर ली। कुछ दिनों बाद काठगोदाम की रहने वाली उस लड़की को प्रेम जाल में फांसकर उसने शादी कर ली। दोनों हल्द्वानी में किराये के एक मकान में रहने लगे, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होने लगा।

पहली शादी के करीब तीन साल बाद कृष्णा सेन ने एक दूसरी लड़की से शादी कर ली। दोनों बीवीओं को एक ही घर में साथ रखने लगा। इसके कुछ दिन बाद पहली पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने तलाशी के बाद आरोपी पति को हिरासत में लिया। जेल में पूछताछ के दौरान जो राज खुला, सभी भौंचक्के रह गए।

आरोप कृष्णा सेन ने पुलिस को बताया कि वह महिला है। ऐसे में वह किसी महिला से ही कैसे शादी कर सकता है। इसके बाद पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच कराई, तो इस बात की पुष्टि हो गई कि वह महिला ही है, लेकिन पुलिस भी इस बात से हैरान थी कि तीन साल तक दो महिलाओं के साथ वह कैसे रही और किस तरह उनसे शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस पूछताछ में स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने बताया कि उसने ऑनलाइन साइट से सेक्स टॉय मंगाए थे। रात को कमरे में अंधेरा करने के बाद सेक्स टॉयज के जरिए वह महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। वह कभी उनके सामने न तो कपड़े बदलती, न ही नहाने के बाद बिना कपड़े के बाहर आती थी। पुरुषों के सारे व्यवहार करती थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन के खिलाफ केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। युवती ने जालसाली के साथ ही दोनों महिलाओं के साथ ठगी भी की है। उनका यौन उत्पीड़न किया है। यहां तक की उसने सारे दस्तावेज भी पुरुष के तौर पर फर्जी बनाए हुए हैं। इन दस्तावेजों को जब्त करके उसके खिलाफ जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में बदमाश बोले, अब हम सुधर गये है, हमें जीने दो।

उत्तर प्रदेश में बदमाश अपनी जान के लिये भीख मांगने पर मजबूर है। यहां बदमाश मेहनत व मजदूरी करके घर चलाने की कसम खा रहे है। इन दिनों यहां बदमाशों को अपने हाथ में तख्ती पकड़ पुलिस थानों के चक्कर लगाते हुये देखा जा रहा है।

यूपी में अब गुंडे कहते है, अब हम सुधर गए हैं, हमें जीने दो। योगी राज में दनादन पुलिस मुठभेड़ों से अपराधियों की बोलती बंद हो गयी है। साल भर में 40 बदमाश मारे जा चुके हैं। इसीलिए तो अब अपराधी बेल लेने के बदले जेल में ही रहना चाहते हैं।

इरशाद और सालिम बाबा, दोनों सगे भाई हैं। सालिम बाबा पर सहारनपुर के एक दारोगा की हत्या का आरोप है, जबकि इरशाद पर मर्डर समेत आठ मुकदमे चल रहे हैं। पिछले साल ही पुलिस ने इन्हें मुठभेड़ में पकड़ा था। अब जेल से जमानत पर पिछले ही हफ्ते छूटे हैं। दोनों भाई अपने जान की गुहार लगाते हुए शामली के एसपी के ऑफिस पहुँच गए। दोनों के हाथ में तख्ती थी, जिस पर लिखा था मैं भविष्य में कोई अपराध नहीं करूंगा और मेहनत-मजदूरी कर अपने और परिवार का भरण पोषण करूंगा।

इरशाद और सलमान ने एसपी को एक हलफनामा भी दिया कि वे अब आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। सालिम ने बताया, अब वह एक अच्छे आदमी की तरह अपने परिवार के लिए जीना चाहता है। शामली के एसपी अजयपाल शर्मा अब एनकाउंटर मैन के नाम से जाने जाते हैं। वे यूपी में सबसे अधिक पुलिस मुठभेड़ करनेवाले एसपी बन गए है।

सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनकी पीठ थपथपा चुके हैं। शर्मा ने कहा कि अगर अपराध करनेवालों का मन बदल जाए तो फिर ये एक नई शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश में हर 24 घंटों में तीन एनकाउंटर होते हैं। योगी आदित्यनाथ के राज में अब तक 1152 पुलिस मुठभेड़ हो चुकी हैं। जिसमें 39 ईनामी बदमाश मारे जा चुके हैं। शामली, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, मेरठ और लखनऊ में सबसे अधिक मुठभेड़ हुई हैं। लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार बताते हैं कि हम लगातार ईनामी अपराधियों का पीछा करते रहते हैं।

यूपी में बीजेपी की सरकार में अब तक 1991 गुंडे पुलिस मुठभेड़ में पकडे जा चुके हैं। एनकाऊंटर में चार पुलिस वाले भी शहीद हुए हैं। सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने गुंडों को राज्य छोड़ कर चले जाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें दुनिया ही छोड़नी पड़ेगी। यूपी पुलिस अब लुटेरों की लिस्ट बना रही है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है। लुटेरे राह चलते लोगों के मोबाईल, पर्स और गहने छीन लेते हैं, अब उनकी खैर नहीं है।

पुलिस एनकाउंटर के डर से कुछ अपराधियों को तो खुली हवा से अब जेल ही अच्छी लगने लगी है। लखनऊ में एक दारोगा पर गोली चलाने वाला और कई हत्यायों का आरोपी अंशु दीक्षित अब जेल में ही रहना चाहता है। यही हाल सलीम और सोहराब का है। जिसके नाम से ही कभी लखनऊ कांपने लगता था। वे अब जेल से बाहर नहीं आना चाहते हैं। ऐसे बदमाशों को लगता है कि अगर बाहर निकले तो शायद पुलिस हमें ठोंक देगी। इसीलिए यूपी की जेलों में अब नारे लगते है – हमें बेल नहीं जेल चाहिए।

कुछ गुंडे तो अपनी जमानत रद्द करवा कर फिर से जेल पहुँच गए हैं, लेकिन यूपी में कुछ पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ पुलिस अफसर फर्जी एनकाउंटर कर रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस भी भेजा है, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ अपराधियों पर सख्ती के अपने फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।