हर आदमी के बैंक में जमा 100 रूपये में से 30 गायब

Out of 100 rupees deposited in every man’s bank, 30 are missing

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,360 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन किया गया है। फर्जीवाड़ा कर बैंक को चपत लगाई गई यह रकम शेयर बाजार में बैंक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग एक तिहाई है। इसके चलते जहां शेयर बाजार पर कंपनी के शेयरों को 10 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा वहीं एक अनुमान के मुताबिक बैंक के आम खाताधारक को भी बैंक में जमा उसके 100 रुपये में 30 रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 36,566 करोड़ रुपये है और उसने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार में कर्ज दे रखा है। बैंक में फर्जीवाड़े के खबर के बात बैंक के शेयर मूल्य में आई गिरावट से निवेशकों को एक दिन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

बैंक में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई के सुपुर्द लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान में ला दिया। हालांकि बैंक को अभी यह साफ करना बाकी है कि 5 फरवरी को सीबीआई को सूचित किया गया 280 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा इस नए फर्जीवाड़े से अलग है अथवा दोनों मामले जुड़े हुए हैं।

मौजूदा मामला में बैंक ने फर्जी ट्रांजैक्शन का हवाला देते हुए 11,360 करोड़ रुपये की चपत की सूचना दी है लिहाजा यह साफ है कि यह पैसा शेयर होल्डर की तरफ से जमा कराया नहीं है। साथ ही न तो यह रुपया केन्द्रीय रिजर्व बैंक कि तरफ से कैश रिजर्व रेशियो को बनाए रखने के लिए बैंक को दी गई है। लिहाजा, एक बात साफ है कि फर्जी ट्रांजैक्शन से यदि किसी के पैसे को नुकसान पहुंचा है तो वह बैंक में जमा लाखों सामान्य खाता धारकों का पैसा है।

यदि बैंक को कुल मार्केट कैप में एक तिहाई का नुकसान हो चुका है तो इसकी भरपाई बैंक के ग्राहकों के पैसे से की जाएगी। ऐसी स्थिति में बैंक में यदि किसी ग्राहक का 100 रुपये जमा है तो उसके 30 रुपये इस फर्जीवाड़े में साफ हो सकते हैं।

फिल्म बत्ती गुल, मीटर चालू के मुहूर्त को पहुंचे त्रिवेन्द्र

अब उत्तराखंड सरकार ने फिल्म निर्माताओं से शूटिंग टैक्स नहीं लेने का मन बनाया है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। गौरतलब है कि नई टिहरी में बत्ती गुल, मीटर चालू फिल्म की शटिंग शुरू हो गयी है। जिसके शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भी पहुंचे और उन्होंने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने के उत्तराखंड में शूटिंग टैक्स नहीं लेने की बात कही।

आपको बता दें कि शूटिंग के लिए प्रतिदिन दस हजार रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। जिसे अब नहीं वसूला जायेगा। कहा कि टिहरी में शूटिंग होने से अन्य निर्माता भी यहां आने के लिए प्रेरित होंगे।

यहीं नहीं मुख्यमंत्री ने फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर को मलेथा के वीर भड़ माधों सिंह भंडारी, प्रतापनगर के वीर गंगू रमोला के साथ ही परियों के देश कहे जाने वाले खैट पर्वत की कहानी भी सुनायी। इस दौरान शाहिद कपूर ने बड़ी तन्मयता के साथ सीएम की बातों को समझा।

सीएम ने शाहिद को बताया कि यहां की धरती पर अनेक ऐसे वीर हुए हैं, जिनके बारे में लिखा गया है। फिल्म के निर्देशक श्रीनारायण सिंह ने बताया कि नई टिहरी उन्हें बेहद पसंद आया है और यहां पर शानदार लोकेशन हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में भी शहर का नाम नई टिहरी ही रखा गया है। फिल्म में नाम नहीं बदला जाएगा। फिल्म में कुछ स्थानीय कलाकारों को भी लिया गया है।

इससे पूर्व शाहिद कपूर ने अपने प्रशंसकों को अपनी एक झलक के लिये काफी इंतजार भी कराया। सुबह से ही पडियार भवन में शूटिंग के लिए गए शाहिद दो बजे मकान से बाहर आए और सीधा वेनिटी वैन में चले गए। इस दौरान वहां सड़क के ऊपर खड़े प्रशंसकों को निराश होना पड़ा।

इसके बाद मुख्यमंत्री के आने से शाहिद ही झलक को बेताब प्रशंसकों के लिये अच्छा रहा। इस दौरान प्रशंसक शाहिद को देख पाए। साथ ही शाहिद की तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद कर सके।

उपराष्ट्रपति नायडू बोले रोजगार हर किसी को देना मुश्किल

पकौड़ा पॉलिटिक्स का शोर देश में अभी थमा भी नहीं था कि अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का नया बयान देश में नई बहस छेड़ सकता है

रोजगार के मामले पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, हर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता। कोई भी सरकार यह नहीं कह सकती कि वो सभी को रोजगार देने में सक्षम है।

उन्होंने आगे कहा कि हमें यह समझने की जरुरत है कि शिक्षा का मतलब रोजगार देना नहीं होता, लेकिन इससे खुद में सुधार दिखता है। पकौड़े पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह हर किसी के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है, पकौड़ा बेचना भी एक काम है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, इलेक्ट्रीशियन, टेलर और सेनेटरी जैसे हर क्षेत्र में लोगों की भारी कमी है। प्लंबर से लेकर फॉल सीलिंग तक हर क्षेत्र में कुशल मजदूरों की कमी है। अगर हम ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं मुहैया कराएं तो लोग बाहर नहीं जाएंगे। आपको इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत चीजों में सुधार लाना होगा।

रोजगार और पकौड़ा पॉलिटिक्स पर अपनी राय देने के बाद अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एयरहोस्टेस को नया नाम भी दिया। उन्होंने एयरहोस्टेस को गगनसखी कहा। उन्होंने बताया कि इस शब्द के अनुवाद के लिए उन्हें कोई शब्द नहीं मिला।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पैसा बॉथरुम और बेडरुम हर जगह पड़े हुए हैं। अगर ये पैसे बैंक में आ जाएं तो इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी। जन धन योजना का महत्व 8 दिसंबर, 2016 के बाद समझ में आया जब लोगों ने बताया कि उनके नौकर और ड्राइवर के पास भी बैंक खाता है। कुछ लोगों ने सुबह इसकी जमकर आलोचना की लेकिन शाम को वो इसी के साथ काम करते नजर आए।

निरीक्षण के दौरान नशे में धुत मिली स्कूल टीचर

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूल का इंस्पेक्शन करने पहुंची टीम के तब होश उड़ गए, जब एक महिला टीचर नशे में टुन्न होकर पढ़ाती मिलीं। इतना ही नहीं इंस्पेक्शन टीम को पता चला कि आरोपी महिला टीचर रोजाना ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं। इसके बाद इंस्पेक्शन टीम ने आरोपी महिला टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश बस्तर कलेक्टर को भेज दी।

हद तो तब हो गई इंस्पेक्शन टीम द्वारा शराब पीने के बारे में पूछे जाने पर आरोपी महिला टीचर फुलेश्वरी देवी ने कहा कि शराब पीना उनकी संस्कृति का हिस्सा है। मैडम फुलेश्वरी देवी का जवाब सुनकर तो इंस्पेक्शन टीम के सदस्य भी बगलें झांकने लगे।

दरअसल इलाके के एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अफसरों की टीम क्षेत्र के स्कूलों की जांच के लिए निकली हुई थी। इसी दौरान टीम दरभा इलाके के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंची।

बुनियादी समस्याओं का जायजा लेने के बाद इंस्पेक्शन टीम ने स्कूल स्टॉफ की बैठक बुलाई। स्कूल स्टॉफ के साथ बैठक चल रही थी कि कहीं से शराब की बदबू आने लगी। अफसर नाक सिकोड़ कर एक दूसरे का चेहरा देखने लगे।

उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर स्कूल के अंदर किसने शराब पी रखी है। प्रशासनिक अमले के शक की निगाहें बैठक में मौजूद पुरुष शिक्षकों और बाबुओं पर गड़ी थीं।

अफसरों को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि कोई महिला टीचर भी शराब पीकर स्कूल पढ़ाने आ सकती है। अफसरों ने इस बाबत जब बैठक में मौजूद पुरुष सदस्यों से पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस बीच किसी शिक्षक ने मैडम फुलेश्वरी की ओर इशारा किया।

इंस्पेक्शन टीम को जब यह बताया गया कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि मैडम फुलेश्वरी रोज ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं, तो अफसरों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। इंस्पेक्शन टीम में मौजूद तहसीलदार शेखर मिश्रा ने स्थानीय थाने से महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया और मेडिकल टेस्ट के लिए उन्हें अस्प्ताल भेज दिया। फौरन रिपोर्ट भी आ गई, जिसमें एल्कोहल की पुष्टि हुई।

पूछताछ में स्कूल स्टॉफ ने बताया कि फुलेश्वरी देवी की यह रोजाना की दिनचर्या है। शुरुआत में तो बच्चों और सहयोगी शिक्षकों को असहज महसूस हुआ और उन्होंने महिला टीचर को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन मैडम फुलेश्वरी नहीं मानीं और रोजाना शराब पीकर पढ़ाने आ जातीं।

बजट के बाद बाजार में देखी गयी गिरावट

बजट के बाद से शेयर बाजार की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5-2.5 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 888 अंक गिरकर 35,018 पर पहुंच गया था और निफ्टी 275.40 अंक की गिरावट के बाद 10,741 पर जा गिरा था। अगस्त 2017 के बाद से ये बाजार का सबसे निचला स्तर है।

क्यों आई बाजार में गिरावट
बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टॉक्स की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया है जिसके तहत आपको 1 साल से ज्यादा समय तक रखे गए शेयरों से हुई 1 लाख रुपये तक की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं बजट में एसटीटी (सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स) को भी हटाया नहीं गया। जिससे निवेशकों में दोहरा टैक्स देने की खबर से घबराहट है।

बाजार बंद होने पर
बाजार बंद होते समय बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स 839.91 अंक आनी 2.34 फीसदी की गिरावट के साथ 35,066.75 पर जाकर बंद हुआ और एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 256.30 अंक यानी 2.33 फीसदी की गिरावट के साथ 10,760.60 पर जाकर बंद हुआ है।

सेक्टरवार प्रदर्शन
सबसे ज्यादा 6.17 फीसदी की गिरावट रियलटी शेयरों में देखी गई है और मीडिया शेयर 3.53 फीसदी टूटे हैं। ऑटो शेयरों में 3.35 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार बंद हुआ है। एनर्जी शेयरों में 3.43 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ है।

निफ्टी के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले गिरने वाले शेयर
शुक्रवार को निफ्टी के 50 में से सिर्फ 5 शेयरों में तेजी के साथ कारोबार बंद हुआ है और बाकी 45 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। चढ़ने वाले 4 शेयरों में आईटी शेयर हैं। इनमें टेक महिंद्रा करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ, एचसीएल टेक 0.64 फीसदी, टीसीएस 0.46 फीसदी और इंफोसिस 0.06 फीसदी की मामूली तेजी के साथ बंद हुए हैं।

पढ़िये, आम बजट से कहां करना पड़ेगा ज्यादा खर्च

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मोदी सरकार के अंतिम वर्ष का बजट पेश कर दिया है। बजट में जेटली में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिये कुछ खास नहीं किया है, बल्कि इस बजट से आम आदमी के घर का बजट गड़बड़ाने की ज्यादा आशंका है। इसका कारण आयकर के मोर्चे पर राहत न मिलना और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
आइए जानते हैं कैसे देश के आम बजट ने आपका खर्च बढ़ाने का काम किया है। इसके साथ ही जानिए कहां-कहां आपको ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

पड़ेगी महंगाई की मार

आम बजट में सरकार ने किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए एग्री उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना इजाफा करने का फैसला लिया है। आर्थिक जानकारों का दावा है कि इस फैसले से देश में महंगाई को दस्तक देने से कोई नहीं रोक सकता।

बिगड़ेगा रसोई का बजट

समर्थन मूल्य बढ़ाने से देश में फसल उत्पाद की कीमतों में इजाफा हो जाता है जिसके चलते महंगाई बढ़ना तय हो जाता है। दरअसल अधिक समर्थन मूल्य के इस नीतिगल फैसले से केंद्र सरकार के खजाने पर बोझ पड़ेगा और आम आदमी को गेंहू, चावल, दाल और तिलहन तय निर्धारित कीमतों से अधिक पर उपलब्ध होगा। इस असर के चलते आम आदमी की रसोई का बजट तो बिगड़ना तय है।

मोबाइल-टीवी हुआ महंगा

बजट में सरकार ने मोबाइल फोन समेत आयात किए जाने वाले अन्य कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसे टीवी के कुछ पार्ट्स पर 15 फीसदी किया गया है। वहीं, मोबाइल पर यह 20 फीसदी कर दिया गया है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने का नुकसान आम आदमी को झेलना पड़ सकता है।

दरअसल कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी होने से भारत में आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। कंपनियां इस लागत का भारत आम आदमी पर डालती है। इसका नुकसान ये होगा कि आपके लिए टीवी-फ्रिज और मोबाइल फोन समेत अन्य होम एप्लायंसेज खरीदना महंगा हो सकता है।

टैक्स के मोर्चे पर भी राहत नहीं

केंद्र सरकार ने आम बजट में टैक्स के मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं दी है। आम आदमी को उम्मीद थी कि उसे इस बजट में टैक्स के मोर्चे पर कम से कम 50 हजार रुपये की राहत मिलेगी। लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है और इन्हें पुराने टैक्स स्लैब में ही रखा है।

ये है टैक्स रेट

मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपये तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। 2.5 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख-10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा टैक्स स्लैब

अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और 80 साल से कम है, तो आपके लिए अन्य के मुकाबले टैक्स रेट अलग हैं। इसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। इनके लिए 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं। 3 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 से 10 लाख पर 20 और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा।

महिलायें शी-बॉक्स के जरिये कर सकेंगी यौन उत्पीड़न की शिकायत

अब केंद्रीय महिला कर्मचारी ऑफिसों में यौन उत्पीड़न की शिकायत शी-बॉक्स के जरिए कर सकेंगी। इसके लिये केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केंद्र सरकार में काम कर रही महिला कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म शी-बॉक्स लॉन्च किया है।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि शी-बॉक्स फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए है। बाद में इसका विस्तार किया जाएगा और इसमें प्राइवेट सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा। ऑफिस और कामकाज की जगह पर होने वाले उत्पीड़न की प्रकृति के लिए राष्ट्रीय स्तर का सर्वे कराने की बात भी मेनका गांधी ने कही है।

शी-बॉक्स का मतलब है सेक्सुअल हैरसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स। इसमें आई कोई भी शिकायत सीधे संबंधित मंत्रालय, विभाग की इंटरनल कंप्लेन कमेटी के पास भेज दिया जाएगा, जिसके पास इसकी जांच का अधिकार होगा। इंटरनल कंप्लेन कमेटी नियमों के मुताबिक कार्रवाई करेगी और शिकायत की स्थिति भी पीड़ित को बताती रहेगी।

अभी केंद्र सरकार में करीब 30.87 लाख कर्मचारी हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए हैं जिसमें करीब 10.93 प्रतिशत महिला हैं। मेनका गांधी के मुताबिक पोर्टल में कैसी हरकतें यौन उत्पीड़न मानी जाएंगी यह भी बताया गया है। फर्जी शिकायतें ना आएं इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।

आज के दिन भी पाक ने किया सीजफायर, बीएसएफ ने नहीं खिलाई मिठाई

पाकिस्तान ने गणतंत्र दिवस के दिन भी सीज फायर कर सारे हदें पार कर दी है। शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से जम्मू के नौशेरा के रजौरी में सीजफायर का उल्लंघन किया। सीमा पर घुसपैठ कराने में नाकाम रहने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ और सीमा पर गोलीबारी कर रहा है।

पिछले कुछ दिनों में भारतीय सुरक्षा बलों ने कई पाकिस्तानी घुसपैठियों को ढेर किया है। ये भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। वहीं, पाकिस्तान की हरकतों की वजह से गणतंत्र दिवस के अवसर पर बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई तक नहीं खिलाई। अभी तक सीमा पर हर गणतंत्र दिवस पर बीएसएफ के जवान पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई खिलाते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सीमा पर पाकिस्तान द्वारा की जा रही गोलीबारी और तनाव के चलते बीएसएफ ने यह फैसला लिया। हालांकि बीएसएफ ने सीमा पर बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के जवानों को मिठाई खिलाकर गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया। बीएसएफ के जवानों ने पश्चिम बंगाल से सटी फुलबारी पोस्ट पर बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स के जवानों को मिठाई खिलाई।

इससे पहले गुरुवार को सीमा पर तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स और बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। यह फ्लैग मीटिंग पाकिस्तान की अपील पर सुचेतगढ़ इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई थी, जिसमें बीएसफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के सेक्टर कमांडर स्तर के अधिकारी शामिल हुए थे। हालांकि पाकिस्तान पर इस फ्लैग मीटिंग का कोई असर नहीं हुआ और उसने 24 घंटे के अंदर ही गणतंत्र दिवस के असवर पर अपना रंग दिखा दिया।

मोदी के दावोस भाषण को चीन ने सराहा

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का कायल प्रतिद्वंद्वी देश चीन भी हुआ है। चीन ने मोदी के भाषण की सराहना करते हुये आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और संरक्षणवाद को दुनिया की तीन सबसे बड़ी चुनौती माना है और यही बात पीएम मोदी ने भी अपने भाषण के दौरान कही।

मोदी के दावोस के भाषण की सराहना कर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि हमने नरेंद्र मोदी का संरक्षणवाद के खिलाफ दिया भाषण सुना। ये बयान दर्शाता है कि मौजूदा वक्त में ग्लोबलाइजेश दुनिया का ट्रेंड बन गया है। इससे विकासशील देशों समेत सभी देशों को लाभ पहुंचता है। संरक्षणवाद के खिलाफ लड़ने और ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने में भारत और चीन के बीच काफी समानता है।

प्रधानमंत्री मोदी के बयान का समर्थन करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत समेत दुनिया के सभी देशों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया है। साथ ही दुनिया की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाने के लिए आर्थिक ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा था, ग्लोबलाइजेशन अपने नाम के विपरीत सिकुड़ता चला जा रहा है। मैं यह देखता हूं कि बहुत से समाज और देश ज्यादा से ज्यादा आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं।

इधर दावोस में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय करार दिया है। अमित शाह ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दावोस में भारत की ताकत और उम्मीदों को दुनिया के समक्ष बिल्कुल सही तरीके से पेश किया है। उन्होंने इस बात को भी शानदार तरीके से रखा कि कैसे भारतीय संस्कृति लोगों को जोड़ने में विश्वास रखती है न कि लोगों को विभाजित करने में। अमित शाह ने कहा, हजारों साल पहले लिखे गए हमारे शास्त्रों में वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र है। हम सभी हमारे साझा भाग्य से जुड़े हुए हैं।

जलवायु परिवर्तन पर अमित शाह ने इसे बहुत बड़ी वैश्विक चुनौती बताया। मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस संबंध में न सिर्फ महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है बल्कि उसे हासिल करने के लिए अभूतपूर्व कदम भी उठा रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की है। डडब्ल्यूईएफ में भी उन्होंने दुनिया से आतंकवाद को परास्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

इस नियम को फॉलो करने से ही कमा सकेंगे यूटयूब से पैसा

यू-टयूब से पैसा कमाना अब और मुश्किल होने जा रहा है। कंपनी ने अपने पार्टनर प्रोग्राम को अपडेट किया है। इसके मुताबिक अब चैनल या क्रिएटर को पैसा कमाने के लिए ज्यादा सब्सक्राइबर्स चाहिए होंगे। अब उन्हीं चैनलों को विज्ञापन मिल सकेंगे जिनके पास कम से कम 1000 सब्सक्राइबर्स हों और 12 महीने में कम से कम 4,000 घंटे वीडियो चैनल पर देखें गए हों।

बता दें इससे पहले कंपनी ने मिनिमम व्यूज 10 हजार रखा था, यानी अब तक 10 हजार व्यूज पूरे होने पर विज्ञापन मिलते थे। यूट्यूब ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि 20 फरवरी अंतिम तारीख होगी। यानी जिस चैनल के वीडियो को 4 हजार घंटे के व्यूज नहीं मिलेंगे और 1,000 सब्सक्राइबर्स पूरे नहीं होंगे उन्हें 20 फरवरी के बाद से विज्ञापन नहीं मिलेंगे।

यूट्यूब ने ये कदम लोगल पॉल की हालिया घटना के बाद उठाया है। कुछ समय पहले यू-ट्यूबर और क्रिएटर लोगन पॉल ने एक सुसाइड वीडियो पोस्ट कर दिया था, जिसमें डिस्टर्ब करने वाले कंटेट थे। इस वीडियो में जापान के एक फॉरेस्ट में डेड बॉडी दिखाई गई थी।

हजारों लोग यूट्यूब के पार्टनर प्रोग्राम के जरिए हर साल ढेरों पैसे कमाते हैं, लेकिन यूट्यूब के इस नए नियम के बाद काफी क्रिएटर्स को पैसे कमाने में दिक्कत होगी। साथ ही नए क्रिएटर्स को भी अपना चैनल शुरू करने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।

यूट्यूब के मुताबिक, कंपनी ने ये प्रतिबंध इसलिए लगाया है ताकी कंपनी क्रिएटर्स पर निगरानी रख सके, कि क्या क्रिएटर्स कंपनी के गाइडलाइन को फॉलो करते हैं या नहीं?