कठिन परिस्थिति में सीआरपीएफ का अहम योगदान

मेरठ पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथा सिंह ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स के पांच और नई बटालियन का गठन होगा। जल्द ही यह नई बटालियन पहली जनवरी से काम करेगी। यह बात उन्होंने आरएएफ-108 बटालियन के सिल्वर जुबली समारोह में बोले।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमा और विभिन्न क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान काम करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक प्रगति तभी होगी जब सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद, जातिवाद और अराजकता को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स के 5 और नई बटालियन गठित करने की घोषणा की। यह नई बटालियन 1 जनवरी से काम करने लगेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2022 नए भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है। देश की सुरक्षा कानून व्यवस्था में जवानों को जान भी गंवानी पड़ती है, इसके लिए सरकार ने एक जनवरी 2016 से कम से कम एक करोड़ की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय सुरक्षा बलों को वर्दी की जगह प्रतिवर्ष 10000 रुपये नकद दिए जाएंगे। उन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि जब भी देश के किसी भी भाग में जरूरत पड़ती है तो फोर्स के जवान कानून-व्यवस्था में सरकार को मदद करती है। हालात बिगड़ने की स्थिति में राज्य सरकार की मांग सबसे पहले रैपिड एक्शन फोर्स की होती है।

दो लाख तक की खरीददारी पर पैन कार्ड जरूरी नहीं

केंद्र सरकार के इशारे पर शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में सर्राफा कारोबारियों को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। साथ ही छोटे कारोबारियों को भी सरकार ने राहत दी है। काउंसिल ने कम्पाउडिंग स्कीम के नियमों में बदलाव करते हुए सीमा बढ़ा दी है। कम्पाउडिंग स्कीम की सीमा 75 लाख से 1 करोड़ कर दी गई है। साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।
सर्राफा कारोबारियों को भी राहत दी गई है। अब 2 लाख रुपये की तक की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा, पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर पीएएन देना अनिवार्य था।
वहीं डेढ़ करोड़ रुपये तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है। पहले हर महीने रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान था।
काउंसिल की बैठक में शामिल बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि पीएमएलए एक्ट से सर्राफा कारोबार को बाहर कर दिया है। अब डेढ़ करोड़ टर्नओवर वाले व्यापारी तीन महीने में रिटर्न दे सकते हैं। साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
जीएसटी के जरिए वैल्यू ऐडड टैक्स (वैट) की बेकार हो चुकी कर प्रणालू को बदलने का कदम उठाया जा चुका है, लेकिन बीते तीन महीनों के दौरान देश में छोटे-बड़े कारोबारियों को इस नई कर व्यवस्था के तहत जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए अहम फैसले लिए जाएंगे।
जीएसटी में बदलाव को लेकर मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा था कि जीएसटी लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार जीएसटी कानून में बड़े फेरबदल करने की पक्षधर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कारोबार को राहत पहुंचाने और नई टैक्स व्यवस्था जीएसटी को जल्द से जल्द ट्रैक पर बैठाने के लिए उन सभी अड़चनों को हटाने की पहल की जाएगी जिससे कारोबारियों को परेशानी हो रही है।
क्यों सुधार चाहती है सरकार
जीएसटी को सामान्य होने में कम से कम छह महीने से एक साल का समय लगेगा। जीएसटी के सफल क्रियान्वयन के साथ ही भारत बड़ी आर्थिक शक्तियों के समूह में शामिल हो जाएगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। लिहाजा, केन्द्र सरकार जल्द से जल्द जीएसटी कानून में सुधार कर इसे वन नेशन वन टैक्स के लिए पूरी तरह से तैयार करने जा रही है।

गांधी की हत्या पर एससी की सुनवाई अब 30 को…

महात्मा गांधी पर तीन गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन क्या चौथी गोली भी थी जिसे नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने चलाया था? ऐसे कई सवालों को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने अब महात्मा गांधी हत्याकांड की फिर से जांच कराने की इस याचिका पर अब 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में पूर्व एएसजी अमरेंद्र शरण एमिकस क्यूरी होंगे। वहीं शुक्रवार को कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कई सवाल किए। कोर्ट ने पूछा इस हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी हो चुकी है और मामले से जुड़े तमाम लोग मर चुके हैं। ऐसे में इसका कानूनी औचित्य क्या होगा? कोर्ट ने पूछा कि क्या इस मामले में कोई नया सबूत है ?
आपको बता दें कि यह याचिका अभिनव भारत, मुंबई के शोधकर्ता और ट्रस्टी पंकज फडनिस ने फाइल की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गांधी की मौत को इतिहास का सबसे बड़ा कवर-अप बताते हुए केस को दोबारा से खोलने की मांग की गई है।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि नया जांच आयोग गठित करके गांधी की हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा किया जाए। याचिका में गांधी की हत्या की जांच के बारे में भी सवाल उठाए गए हैं जिसमें कहा गया कि क्या यह इतिहास में मामला ढकने की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है और क्या उनकी मौत के लिए विनायक दामोदर सावरकर को जिम्मेदार ठहराने का कोई आधार है या नहीं।
अभिनव भारत मुंबई के शोधार्थी और डाक्टर पंकज फडनिस की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि वर्ष 1966 में गठित न्यायमूर्ति जे एल कपूर जांच आयोग साजिश का पता लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा। यह साजिश राष्ट्रपिता की हत्या के साथ पूरी हुई।
गांधी की हत्या को दोषियों को 15 नवंबर 1949 को फांसी पर लटकाया गया था जबकि सावरकर को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ दिया गया। सावरकर से प्रेरित होकर अभिनव भारत, मुंबई की स्थापना 2001 में हुई थी और इसने सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए काम करने का दावा किया था।

हनीप्रीत की एक ही रट, निर्दोष हूं

पुलिस शिकंजे में हनीप्रीत की हालत बिगड़ गई है। पंचकूला के चंडी मंदिर थाने में बंद हनीप्रीत के सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया है। एक सफाईकर्मी ने बताया कि हनीप्रीत हवालात में एकटक दीवार की निहारते हुए खोई हुई है। उसकी पहली रात भारी बेचौनी में गुजरी है। कल आधी रात में उसका मेडिकल टेस्ट भी कराया गया।
38 दिन से सारी दुनिया की नजरों से ओझल रही हनीप्रीत अब मीडिया और उसके सवालों से बच नहीं सकी। कभी कैमरे पर तरह की अदाओं से इतराने वाली और 21 तरह के किरदार बदलने वाली हनीप्रीत मीडिया से बचने के लिए चेहरा ढंके तेज कदमों से भागती जा रही थी। उससे कई सवाल हुए, लेकिन वो एक ही रट लगाए है कि वो बेकसूर है।
पुलिस की कड़ी घेराबंदी में मेडिकल कराने आधी रात में सिविल अस्पताल पहुंची हनीप्रीत को अपने बचाव के लिए भी पुलिसवालों का ही सहारा लेना पड़ा। हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई उसकी साथी और डेरा समर्थक बठिंडा की रहने वाली सुखदीप का भी मेडिकल टेस्ट कराया गया है। हनीप्रीत के अंदर अब मीडिया का सामना करने का ताब नहीं बचा है।
हनीप्रीत पुलिस थाने की हवालात के सख्त फर्श पर रातभर चैन से सो भी नहीं सकी। सारी रात उसे याद आता रहा सुनारिया जेल में बंद राम रहीम और सताता रहा अपने अंजाम का खौफ. हनीप्रीत के हालात बदले तो तस्वीर बदल गई। 25 अगस्त से पहले राजरानी जैसे ऐशो-आराम की जिंदगी गुजारने वाली हनीप्रीत कानून से छिपती दर-दर भटकती रही।
हनीप्रीत को उसकी एक महिला साथी के साथ तीन अक्टुबर की दोपहर 3 बजे पुलिस ने पकड़ा। इसके बाद पुलिस हनीप्रीत और उस महिला को करीब 4 बजे पंचकूला के सेक्टर-23 में बने चंडी मंदिर थाने लाई। करीब एक घंटा कागजी कार्यवाही के बाद हनीप्रीत से पूछताछ शुरू हुई। पहले राउंड की ये पूछताछ करीब 2 घंटे चली। इसके बाद उसका हवालात से सामना हुआ।

हिमाचल के लोगों ने किया है देश के लिए बलिदानः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स की नींव रख दी है. उन्होंने इसके अलावा ऊना में आईआईआईटी, कांगड़ा मे सेल के प्रोसेसिंग यूनिट की भी नींव रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं आठ मंजिला सभा को संबोधित कर रहा हूं। देश में कृषि क्रांति लाने के लिए बिलासपुर का काफी बड़ा योगदान है। मोदी बोले कि हिमाचल के लोगों ने देश के लिए काफी बलिदान दिया है।

रैली में पीएम मोदी ने कहा कि आज एक ही कार्यक्रम में 1500 करोड़ रुपए के काम की शुरुआत की। हिमाचल में एम्स का बनना सिर्फ यहां का लाभ ही नहीं बल्कि यहां आने वाले टूरिस्टों को भी लाभ ही मिलेगा। पीएम ने कहा कि यहां पर फेफड़े और सांस की बीमारी एक बड़ी समस्या है, एम्स बनने से उनको काफी फायदा पहुंचेगा। यहां के वीर जवानों को भी इससे लाभ पहुंचेगा। एम्स के कैंपस में एक साथ 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारी सरकार ने टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना चलाई, अगर ये योजना दूसरे देश में होती तो तारीफ होती, लेकिन हमारे देश में लोगों को देर से समझ आता है।
750 बिस्तर वाले इस अस्पताल का निर्माण करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यहां स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा नर्सिंग, स्नातक और स्नातकोार स्तर पर मेडिकल शिक्षा भी मुहैया करायी जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल में कुछ दिनों बाद चुनाव होना है।

बाप पर लगाया पुत्री ने दुष्कर्म का आरोप

उत्तराखंड के एक आइएएस पर अजमेर में रहने वाली एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। यह युवती कोई ओर नहीं बल्कि आइएएस की पुत्री ही है। युवती ने कहना है कि उसके पिता उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है और प्रताड़ित कर रहे है। युवती इन दिनों अजमेर में तांगा चलाते हुए दिख रही है, युवती अंग्रेजी भाषा में बात करते हुए सवारी को इधर से उधर ले जा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाली युवती आइएएस अफसर की गोद ली हुई बेटी है। उधर, उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी का कहना है कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं है। अगर कहीं जीरो एफआइआर हुई होगी तो वो भी यहां ट्रांसफर नहीं हुई है।
कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी की बेटी ने उनपर यह आरोप एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में लगाया है। इस बाबत जब संबंधित आइएएस अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उनकी पुत्री मानसिक रूप से बीमार है। कुछ साल पहले उसने नैनीताल में घुड़सवारी सिखाने वाले युवक पर भी आरोप लगा दिया था। इतना ही नहीं, दिल्ली के एक संस्थान में उसका दाखिला कराया गया था। वहां भी उसने संस्थान के कर्मचारियों पर इसी तरह का आरोप लगा दिया था, जिसके बाद मेरी पुत्री को संस्थान से निकाल दिया गया था।

आखिर क्यों नहीं मिल रही हनीप्रीत?

हनीप्रीत एक ऐसी पहेली बन गई। जो सुलझने का नाम नहीं ले रही। पिछले 35 दिनों से सात सूबों की पुलिस उसके पीछे पड़ी है, लेकिन हनीप्रीत का कोई अता-पता नहीं है। ऐसा तब है जबकि शहर-शहर उसके देखे जाने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती है, हनीप्रीत रफूचक्कर हो जाती है।
25 अगस्त को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद गुरमीत को जब रोहतक के सुनारिया जेल ले जाया जा रहा था, तब हनीप्रीत भी हेलीकॉप्टर पर उसके साथ बैठी थी। उसके बाद से हनीप्रीत की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है, सिवाय दिल्ली में मिले सीसीटीवी के तस्वीर के।
जी हां, 25 अगस्त को आखिरी बार हेलीकॉप्टर पर हनीप्रीत नजर आई थी। इसके ठीक एक महीने बाद हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्या के लाजपतनगर स्थित दफ्तर के बाहर लगी सीसीटीवी से हरियाणा पुलिस ने ये वीडियो हासिल किया था, जिसमें एक बुर्केवाली लड़की एक वकील के साथ दिख रही है, जिसके हनीप्रीत होने का शक है।
हालांकि हनीप्रीत के वकील के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए हनीप्रीत जरूरी कागगात पर साइन करने उनके दफ्तर आई थी। राम रहीम की राजदार और डेरा सच्चा सौदा सिरसा की चेयरपर्सन विश्यना इंसां ने दावा किया है कि हनीप्रीत से उसका आखिरी बार संपर्क 26 अगस्त को हुआ था।
विपश्यना के मुताबिक, हनीप्रीत 25-26 अगस्त की दरम्यानी रात सिरसा डेरे में आई थी। उस वक्त डेरे में विपश्यना खुद मौजूद थी। डेरे में रात गुजारने के बाद हनीप्रीत बगैर बताए निकल गई। डेरा से आखिरी बार उसने अगले रोज यानी 27 अगस्त को संपर्क किया। उसके बाद से उसने किसी से कोई बात नहीं की है।
इस तरह 26 अगस्त से 2 अक्टूबर. पूरे 35 दिन बीत चुके हैं। हनीप्रीत की तलाश में पुलिस के हाथ खाली हैं, जबकि हर दूसरे और तीसरे दिन उसके ठिकानों को लेकर ढेरों दावे सामने आते रहे। सिरसा से लेकर हनुमानगढ़ तक, दिल्ली से लेकर नेपाल तक हर जगह खाक छान चुकी है पुलिस, लेकिन हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं।

हनीप्रीत बाबा से चाहती थी बच्चा

राम रहीम और हनीप्रीत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डेरे के एक पूर्व सेवादार ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि राम रहीम अपनी हनीप्रीत से एक बच्चा चाहता था, जिसे वो डेरे प्रमुख बनाए। पूर्व सेवादार गुरदास सिंह तूर का आरोप है कि ये आइडिया खुद हनीप्रीत का था। वो नहीं चाहती थी कि राम रहीम के बाद डेरा का उतना बड़ा साम्राज्य उसके बेटे जसमीत सिंह इंसां को मिले।
गुरदास सिंह तूर के मुताबिक, राम रहीम के बाद डेरे में हनीप्रीत का दबदबा नंबर दो जैसा बन चुका था, इसलिए वो चाहती थी कि राम रहीम और उसका कोई बच्चा हो तो वही डेरे का मुखिया बने। राम रहीम भी इसके लिए राजी था और चाहता था कि बच्चे के पिता का नाम दुनिया की नजरों में विश्वास गुप्ता ही रहे, लेकिन उनकी चाल भांप कर विश्वास ने पहले ही तलाक लेकर इनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
वहीं, इस मामले का एक और चश्मदीद सामने आया है, जो उस रात का गवाह है, जब शादी के बाद पहली बार हनी बाबा की गुफा में गई थी। राम रहीम के ड्राइवर रहे खट्टा सिंह के बेटे गुरदास सिंह हनीप्रीत और बाबा के रिश्तों के एक अहम चश्मदीद हैं। राम रहीम ने ही हनीप्रीत की शादी करवाई। उसके फौरन बाद एक रात हनीप्रीत को अपनी गुफा में रहने के लिए बुला लिया। गुरदास उस रात गुफा के बाहर तैनात था। गुरदास सिंह को उस रोज पहली बार शक हुआ था कि राम रहीम हनीप्रीत के साथ कुछ गलत करने जा रहा है। अगली सुबह हनीप्रीत बाबा की गुफा से रोती हुई बाहर निकली थी। उन दिनों खुद हनीप्रीत के दादा डेरे के खजांची हुआ करते थे। हनीप्रीत सीधे दादा के पास गई। उसकी ये हालत देख कर उसके दादा ने डेरे में काफी हंगामा किया। राम रहीम के खिलाफ खुल कर बोलने लगे, लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया।
इस घटना के फौरन बाद हनीप्रीत डेरा छोड़ कर अपने घर फतेहाबाद के लिए निकल गई, लेकिन बाबा के कुछ गुर्गों ने हनीप्रीत का पीछा किया और हथियारों के दम पर उसे रास्ते में ही एक ढाबे से उठा कर डेरे पर वापस ले आए। ऐसा कहा जाता है कि उस दिन हनीप्रीत ने कसम खाई थी कि वो बाबा को बर्बाद करके दम लेगी। गुरदास को अब लगता है कि राम रहीम की तबाही के पीछे शायद हनीप्रीत की वो कसम ही है।

एनआरआई ही भारत की असली रीढ़

अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मैरियट मारक्विस होटल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने एक बार फिर रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। साथ ही हिंसक घटनाओं और असहिष्णुता को लेकर दुनिया में भारत की छवि बिगड़ने की बात कही।
भारत की छवि बिगड़ी
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विदेशों में भारत की छवि बिगड़ने की बात कहते हुए कहा, भारत हजारों साल से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन अब इस छवि को बिगाड़ा जा रहा है। देश में कुछ ऐसी ताकते हैं, जो भारत को बांट रही हैं।
इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने इससे आगे ये भी कहा कि अमेरिका के नेताओं ने उनसे इस संबंध में सवाल किए। राहुल ने कहा, अमेरिका में कई डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक नेताओं ने मुझसे पूछा कि आपके देश में आजकल ये क्या चल रहा है। आपका देश तो शांति के लिए जाना जाता था। राहुल ने कहा, लोग पूछ रहे हैं कि भारत की सहिष्णुता को क्या हुआ?
रोजगार है रियल चौलेंज
राहुल गांधी ने कहा, भारत में 30 हजार युवा हर दिन जॉब मार्केट में आते हैं, मगर उनमें से सिर्फ 450 को ही रोजगार मिल पाता है। यही आज भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है।
इस समस्या के बाद राहुल ने इसकी वजह बताते हुए भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा, रोजगार की समस्या इसलिए पनप रही है, क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर, रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। इससे पहले राहुल ने एनआरआई समुदाय की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत की रीढ़ बताया। राहुल ने बताया कि कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट ही था। राहुल ने कहा, गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। ये सभी लोग विदेशों में रहे और इन्होंने भारत लौटकर देश के लिए काम किया। कुर्रियन भी एक एनआरआई थे, जो भारत में दुग्ध क्रांति लाए।
कांग्रेस का आइडिया हजारों साल पुराना
राहुल गांधी ने इस दौरान कांग्रेस के विचारों का भी बखान किया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का विचार उसके संगठन की स्थापना से नहीं है, बल्कि ये विचार हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा कि ये विचार सच के साथ खड़े होना है, जो भारत की विरासत रहा है और महात्मा गांधी भी उसी विचार के साथ खड़े रहे।
ये है जनसभा का मकसद
दरअसल, राहुल गांधी की यह जनसभा कांग्रेस की विदेश शाखा की ओर से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को पार्टी में शामिल करने की योजना के तहत आयोजित की गई है। कांग्रेस के प्रवासी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर वार किया। राहुल ने यहां कहा कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है। हालांकि, यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये भी स्वीकार किया कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में इसलिए समर्थन मिला, क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे।

2022 तक देश के हर परिवार के पास अपनी छत

रोहिंग्या मसले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि म्यांमार से आए ये रोहिंग्या रिफ्यूजी नहीं हैं। रोहिंग्या रिफ्यूजी के तौर पर भारत नहीं आए हैं। दिल्ली में एनएचआरसी के कार्यक्रम में गृहमंत्री बोले कि रोहिंग्या समुदाय के लोगों से भारत की सुरक्षा को खतरा है।
राजनाथ ने कहा कि यदि भारत रोहिंग्या को डिपोर्ट करता है तो उसपर लोगों को आपत्ति क्यों है। जबकि बर्मा उन्हें लेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत ने यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन साइन नहीं किया है। राजनाथ ने कहा कि भारत के अंदर जो भी रिसोर्स है उस पर हर भारतीय का अधिकार है। दूसरों के मानवाधिकार की चिंता करने से पहले अपने मानवाधिकारों की बात करनी चाहिए।
गृहमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार ने गुड गवर्नेंस की नीति अपनाई है, हम उस पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोयला खदानों को लेकर पारदर्शिता नहीं थी, हमारी सरकार इसको लेकर पूरी तरह पारदर्शी है।
राजनाथ ने कहा कि आज जो लोग ह्यूमन राईट की बात करते हैं, वो एनिमल राइट की बात करते हैं, भारत युगों-युगों से इन सभी राईट को बात करता है। गृहमंत्री ने कहा कि भारत में ह्यूमन राईट शांति और कल्याण से निकले है, वही वेस्टर्न ह्यूमन राईट संघर्ष से निकले हैं।
जीएसटी पर राजनाथ बोले कि जीएसटी से कुछ समय के लिए लोगों को परेशानी हो सकती है, पर आने वाले समय मे इसका फायदा सबको होगा। 2022 तक देश के हर परिवार के पास अपना एक मकान हो जो गुड़ गवर्नेंस का ही पार्ट है।