डेरे की जमीन में 600 कंकाल

डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा और वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन से हरियाणा पुलिस की एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच में पता लगा है कि डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय की जमीन और खेतों में करीब 600 लोगों की हड्डियां और कंकाल मौजूद हैं। पीआर नैन ने भी पूछताछ के दौरान ये बात स्वीकार की है।
पीआर नैन ने पुलिस को दलील दी है कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद यदि उनकी अस्थियां डेरे की जमीन में दबा दी जाएंगी, तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। इसी वजह से डेरे की जमीन में करीब 600 लोगों की अस्थियां और कंकाल हैं। हालांकि, पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि लोगों को मारकर खेतों में उनकी लाशें दबा दी गई हैं।
डेरे के कुछ पूर्व सेवादारों ने आरोप लगाया था कि डेरा या राम रहीम के खिलाफ बोलने वाले लोगों की हत्या करके उनकी लाश खेतों में दफना दी जाती थीं। उसके उपर पेड़ लगा दिए जाते थे, ताकि किसी को इसके बारे में पता न चल सके। उनका कहना था कि राज फाश होने के डर से डेरे में इन जगहों पर खुदाई करने या पेड़ काटने तक की मनाही थी।
इससे पहले एसआईटी ने विपश्यना इंसा से करीब सवा तीन घंटे तक गहन पूछताछ की थी। डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने उससे 100 से ज्यादा सवाल किए, लेकिन वह उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए हैं। इसलिए उससे दोबारा पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं डेरा के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन और विपश्यना के जवाब में विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
पुलिस का कहना है कि यदि इन दोनों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो इनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। दोनों ने पंचकूला में हुई हिंसा को लेकर अलग-अलग बातें कही है। पीआर नैन पर हिंसा कराने के लिए 5 करोड़ की फंडिंग का आरोप है। इन पैसों से पंचकूला डेरा प्रभारी चामकुमार सिंह ने गुंडों को हिंसा के लिए तैयार किया था। चामकुमार हिरासत में है।

हनीप्रीत नेपाल में ही, पेट्रोल पंप में देखी गयी

रेप आरोपी राम रहीम की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज किया गया है। 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा के दौरान दंगे भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आईजी लॉ एंड आर्डर एएस चावला ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, सूत्रों द्वारा पता चला है कि हनीप्रीत नेपाल में ही छिपी हुई है। उसे नेपाल के महेंद्र नगर और विराट नगर में देखा गया है।
हरियाणा पुलिस सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत नेपाल के महेंद्र नगर में छिपी हुई है। उसे तीन लोगों के साथ देखा गया है। वह वहां पिछले एक सप्ताह से रुकी हुई है। नेपाल नंबर की गाड़ी में विराट नगर स्थित एक पेट्रोल पर भी देखा गया है उसे अपना हुलिया बदल लिया है, ताकि उसकी पहचान न हो पाए। उसकी खोज के लिए पुलिस की 10 टीम बनाई गई हैं।
इसके साथ ही पुलिस यूपी और बिहार से जुड़े भारत-नेपाल बॉर्डर पर भी पूछताछ कर रही है। पुलिस नेपाल बॉर्डर के रिकॉर्ड रजिस्टर भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत नेपाल की सीमा में एक मर्सीडीज कार से दाखिल हुई थी। पुलिस को उस गाड़ी की जानकारी किसी भी रजिस्टर से नहीं मिली है। शक है कि वह बॉर्डर पर गाड़ी छोड़कर नेपाल में दाखिल हुई है। हनीप्रीत ने पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए गाड़ी को बॉर्डर पर छोड़ा होगा। पुलिस हनीप्रीत के नेपाल जाने में मदद करने वाले शख्स की भी तलाश कर रही है। हनीप्रीत को नेपाल के पोखरा में देखे जाने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस वहां पहुंचती वह फरार हो चुकी थी। पुलिस टीम पूछताछ के लिए काडमांडू स्थित इमिग्रेशन विभाग के ऑफिस भी गई थी।

भगवान विश्वकर्मा के पूजन से मिलता है फल

रावण की सोने की लंका बनाने वाले भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूरी तन्मयता के साथ पूजा करने से भगवान विश्वकर्मा खुश होते हैं और अपने भक्तों पर अपना आर्शीवाद हमेशा बनाये रखते है।
शास्त्रों के मुताबिक हिन्दू धर्म में भगवान् विश्वकर्मा को निर्माण, सृजन का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा ने ही सृष्टि का निर्माण, रावण की सोने की लंका, पुष्पक विमान का निर्माण, कर्ण का कुण्डल, विष्णु जी का सुदर्शन चक्र, शिव जी का त्रिशूल और यमराज का कालदण्ड जैसी तमाम वस्तुओं का निर्माण किया था। जिससे इन्हें देवताओं के इंजीनियर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा जंयती पर निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले सभी औजारों और मशीनों जैसे कंप्यूटर, संयंत्रों, मशीनरी से जुड़े दूसरे उपकरणों व वाहनों की पूजा की जाती है।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर उनकी पूजा और यज्ञ करना अनिवार्य माना जाता है। इस पूजा में बैठने से पहले स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करने के बाद एक चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करें। इसके पश्चात अपने दाहिने हाथ में फूल, अक्षत लेकर मंत्र पढ़े और अक्षत को चारों ओर छिड़के दें और फूल को जल में छोड़ दें। इस दौरान इस मंत्र का जाप करें। ऊं आधार शक्तपे नमः और ऊं कूमयि नमः, ऊं अनन्तम नमः, ऊं पृथिव्यै नमः। इसके बाद हाथ रक्षासूत्र मौली या कलावा बांधे। भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करने के बाद उनकी विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद विविध प्रकार के औजारों और यंत्रों आदि को जल, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई से पूजें। तत्पश्चात हवन करें।

लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं मिल रहा सुराग

पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट में जहां राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में सुनवाई चल रही है, वहीं हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल बॉर्डर के जिलों में हनीप्रीत की तलाश में दबिश दे रही है। इस संबंध में सीमा से लगे सात जिलों में अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को पुलिस शिद्दत से तलाश कर रही है। जिसके चलते हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में छापेमारी कर रही है। यही नहीं नेपाल से लगे बिहार के सात जिलों में पुलिस ने हनीप्रीत को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
इससे पहले हरियाणा पुलिस के हाथ उस वक्त बड़ी कामयाबी लगी, जब पुलिस ने हनीप्रीत के विश्वास पात्र ड्राइवर प्रदीप को राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर प्रदीप पिछले कई दिनों से सालासर में छिपा हुआ था।
पुलिस हनीप्रीत तक पहुंचने के लिए डेरा सच्चा सौदा की मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन विपासना इंन्सा को जरिया बनाना चाहती है। रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम का जो भी राजदार रहा है, पुलिस की अब उस पर पैनी नजर है।
गौरतलब है कि विपासना इन्सां और हनीप्रीत इन्सां के बीच छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। एक तरफ जहां हनीप्रीत ने खुद को गुरमीत राम रहीम की असली वारिस होने का ऐलान कर डाला था। वहीं गुरमीत के जेल जाने के बाद से विपासना कहती आ रही है कि हनीप्रीत का डेरा सच्चा सौदा से कोई लेना देना नहीं है। ना ही उसकी कोई हिस्सेदारी है।
साफ है कि डेरे के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। खुद विपासना भी नहीं चाहती कि हनीप्रीत का अब डेरे में कोई दखल हो। इसी खींचतान के बीच हनीप्रीत को ढूंढना पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक विपासना के फोन पर 25 अगस्त की रात को हनीप्रीत की एक कॉल आई थी। इसमें हनीप्रीत की लोकेशन राजस्थान के बाड़मेर में थी। हनीप्रीत को सार्वजनिक तौर आखिरी बार रोहतक में देखा गया था। वहां वो डेरे के एक अनुयायी के घर पर ही एक घंटे तक रुकी थी। उसकी कार आखिरी बार हिसार रोड पर जाती देखी गई थी।
उसके बाद से ही हनीप्रीत की कोई भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी है। पुलिस पर सरकार का दबाव है कि वो जल्दी से जल्दी देशद्रोह के मामले में वांछित हनीप्रीत और आदित्य इन्सां को पकड़ कर कोर्ट मे पेश करे।

बुलेट ट्रेन से भी तेज है इसकी स्पीड, चंद मिनट में होगी यात्रा

दुनिया के 26,00 शहरों में से भारत के चार शहरों को हाइपरलूप प्रोजेक्ट लिए चुना गया है। जनवरी में कंपनी ने ग्लोबल चैलेंज के तहत दुनिया भर में हाइपरलूप के लिए रूट की पहचान की गई जहां इसका सेटअप किया जा सकता है। इसके लिए पहले 2,600 जगहों को चुना गया जिसके बाद सेमीफाइनल के तौर पर सिर्फ 17 देशों को चुना गया। आखिरकार अब कंपनी ने पांच देशों को फाइनल किया है
क्या है हाईपरलूप?
आने वाले वक्त में ट्रेन के सफर के तरीके और समय में बड़ा बदलाव आ सकता है। ये संभव होगा हाइपरलूप तकनीक से। हाइपरलूप एक ऐसा माध्यम है जिसे लंबी दूरी मिनटों में तय की जा सकती है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर इसे शुरू किया है।
हाईपरलूप में एक सील की ट्यूब की सीरीज होती है जिसके जरिए किसी भी घर्षण और हवा के रूकावट के बिना लोगों को एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा कराई जा सकती है। इसमें ट्रेन जैसे ही लोगों के लिए जगह होगी।
हाइपरलूप वन ने काफी पहले से एक कॉन्टेस्ट आयोजित किया था, जिसमें दुनिया भर के जगहों को हाइपरलूप के लिए चुना जाना था। अब कंपनी ने 10 जगहों को चुना है, जहां दुनिया के पहले हाइपरलूप ट्रैक बनाए जा सकते हैं।
पांच देशों के इन 10 जगहों में भारत भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको और कनाडा जैसे देश शामिल है। जहां हाइपरलूप का ट्रैक तैयार किया जा सकता है। गौरतलब है कि 26 आवेदन में सिर्फ 10 जगहों को चुना गया है।
कंपनी ने पहले 2,600 जगहों को चुना जहां हाइपरलूप ट्रैक लगाना संभव हो और आखिरकार 10 को चुना गया है। इस कॉन्टेस्ट में दुनिया भर के वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर्स ने लूप्स के लिए अपने आवेदन दिए हैं। लूप उस टनल को कहा जाता है जो जिसके जरिए हाइपरलूप वन अपने पॉड्स भेजेगा जिसमें यात्री होंगे। हाइपरलूप की तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि यह हवाई जहाज और बुलेट ट्रेन से भी फास्ट हो सकता है। अगर कॉन्सेप्ट असल जिंदगी में आया तो पैंसेंजर ट्यूब में पॉड के सहारे यात्रा कर सकते हैं। इस पॉड में मैग्नेटिक लेविएशन और कम फ्रिक्शन यूज किया जाएगा जिससे इसका मूवमेंट काफी फास्ट होगा।
भारत में अगर यह सेटअप ट्रैक लगाया गया और सफल परीक्षण हुआ तो बंगलुरू से चेन्नई की दूरी सिर्फ 23 मिनट में तय की जा सकेगा। आपको बता दें कि चेन्नई से बंगलुरू 334 किलोमीटर है। मुंबई से चन्नई की दूरी 1102 किलोमीटर है और हाइपरलूप प्रोजेक्ट से यह सिर्फ 63 मिनट में तय की जा सकेगी।

आईपीएस के अच्छे प्रदर्शन न होने से पद से हटाया

मिजोरम में तैनात आईपीएस ऑफिसर लिंगला विजय प्रसाद को केंद्र सरकार ने सेवा से हटा दिया है। गृह मंत्रालय ने एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने उनकी सेवाओं को असन्तोषजनक पाया था। अधिकारी ने कहा, 1997 बैच के पुलिस ऑफिसर और अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश काडर के ऑफिसर की सेवाओं को असंतोषजनक पाए जाने के बाद सेवा से हटा दिया गया है। डीआईजी रैंक के इस ऑफिसर की सेवाओं के 15 साल पूरे होने के बाद परफॉरमेंस की समीक्षा हुई, जिसमें उन्हें अनफिट पाया गया। नियमों के मुताबिक ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर के प्रदर्शन की समीक्षा दो बार होती है। पहला उनकी सेवा के 15 साल पूरे होने पर और दूसरा 25 साल पूरा होने पर। विजय लिंगला प्रसाद को हटाने का आदेश बुधवार को गृहमंत्रालय की ओर से जारी किया गया। इसे कैबिनेट की नियुक्ति कमिटी ने भी मंजूरी दी है। इस कमिटी की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।
सर्विल रुल्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस तरह के मामलों में एक अधिकारी को सार्वजनिक हित में रिटायर करने को लेकर राज्य सरकार से सलाह मशविरा कर सकती है। हालांकि इसके लिए लिखित में तीन महीने पहले नोटिस दिया जाता है या कई महीनों की सैलरी और भत्ते भी दिए जाते हैं।

क्या है? हनीप्रीत का मोबाइल नंबर, पढ़े

बलात्कारी बाबा राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीति के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है। उसके फोन नंबर के आधार पर लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है, लेकिन इसी बीच हनीप्रीत इंसां का मोबाइल नंबर वॉट्सएप पर वायरल हो रहा है। जिस डाकुमेंट में उसका मोबाइल नंबर लिखा है उसमें उसकी एजुकेशन के बारे में लिखा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हनीप्रीत सिर्फ 12वीं तक पढ़ी हैं। इस फॉर्म में पिता के नाम के सामने लिखा है संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां है।
फिलहाल हनीप्रीत का यह नंबर या तो स्विच ऑफ है या तो नेटवर्क से बाहर है। खबरों की मानें तो हनीप्रीत इसी नंबर से डेरा के बाकी लोगों से बात किया करती थी। हनीप्रीत का ट्विटर भी 24 अगस्त के बाद एक्टिव नहीं दिखा। यहां भी आखिरी ट्वीट 24 अगस्त को ही किया गया है। ऐसी खबर है कि इस नंबर की वॉट्सएप डीपी में राम रहीम दिख रहे हैं जो उनकी फिल्म एमएसजी का एक दृश्य है। वहीं हनीप्रीत का वॉट्सएप स्टैटस में ऐट स्कूल दिख रहा है। इसके अलावा टॅª कॉलर में इसकी लोकेशन अभी भी हरियाणा शो हो रही है।

पंचायती राज काम के जरिए काबू किया आतंकवाद

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में युवा छात्रों के साथ संवाद किया। कश्मीर मुद्दे पर राहुल ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर में आतंकवाद को कम करने के साथ-साथ एंटी इंडिया सोच को भी हमने खत्म किया है, लेकिन बीजेपी ने अपने फायदे के लिए कश्मीर का नुकसान किया। राहुल ने कहा, कश्मीर मुद्दे पर 9 साल मैंने, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम और जयराम रमेश के साथ मिलकर काम किया। कश्मीर में मैंने जब काम शुरू किया था, तब वहां आतंकवाद चरम पर था। इसके बावजूद हमने आतंकी सोच को कम करके शांति का माहौल स्थापित करने का काम किया।
कश्मीर में पंचायती राज काम किया
राहुल ने कहा, 2013 में मैंने मनमोहन सिंह को गले लगाकर कहा कि आप की सबसे बड़ी सफलता कश्मीर में आतंकवाद को कम करना है। इस बात के लिए हमने बड़े-बड़े भाषण नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के अवाम का दिल जीतने के लिए छोटे स्तर पर लोगों से बात की और उनका विश्वास जीता। कश्मीर में हमने एंटी इंडिया की सोच को खत्म करके पंचायती राज काम किया।
2014 में फिर कश्मीर में हालात बिगड़े
राहुल ने कहा कि अगर कश्मीर में सुरक्षाकर्मी मेरे पास खड़े हैं, तो मतलब कश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं है। जबकि 2013 में मेरे साथ सुरक्षाकर्मी नहीं बल्कि कश्मीरी लोग खड़े थे, लेकिन 2014 में फिर ऐसे हालात बने कि कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत पड़ गई।

नुक्कड़ नाटकों के जरिए गंगा स्वच्छता को चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में सचिवालय में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय और उत्तराखण्ड में संचालित नमामि गंगे परियोजना के मध्य उत्तराखण्ड राज्य में गंगा संरक्षण हेतु प्रचारप्रसार और जन जागरूकता के लिए एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया। एम.ओ.यू पर अपर सचिव डॉ.राघव लंगर एवं रजिस्ट्रार हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय ने हस्ताक्षर किये। इस एम.ओ.यू. के माध्यम से विश्वविद्यालय गंगा संरक्षण कार्यक्रम हेतु एक सक्रिय क्षेत्रीय सहयोगी की भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाये रखने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना होगा। जिसमें राज्य सरकार के साथ ही शैक्षिक एवं सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आना होगा तथा जन सहयोग भी जरूरी है। नुक्कड़ नाटक, गंगा रथ एवं जागरूकता रेलियों के माध्यम से गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाने के लिए अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विश्वविद्यालय के चौरास कैम्पस की लोकेशन नमामि गंगे अभियान के लिए हर प्रकार से उपयुक्त है।

खुलासाः डेंटल कॉलेज के अंदर किडनी का अवैध कारोबार

उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज लालतप्पड डोईवाला के अन्दर स्थित गंगोत्री चौरिटेबल हॉस्पिटल में किडनी निकालने का अवैध करोबार किया जा रहा हैं। इस सूचना पर विश्वास कर जानकारी ली गई तो पता चला की 4 व्यक्ति किडनी निकलवाकर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली जा रहे है। सूचना पर देहरादून पुलिस व हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गाडी न0 यू0ए0 08 टीए 5119 इनोवा को सप्तऋषि चौकी के पास रोक दिया गया। जिसमें दो महिला व दो पुरूष मौजूद मिले और एक अन्य वाहन चालक था। मौजूदा व्यक्ति ने अपना नाम भाव जी भाई पुत्र श्री टापू भाई ठाकुर निवासी प्रजापति कलामू ग्राम सिन्धाली, थाना मोहोदा, जिला खेडा गुजरात, उम्र 48 वर्ष, शेखताज अली पुत्र शेख मुशरफ अली निवासी 62 वासुदेव पुर, कन्चा रोड 128 बेहाजा दक्षिण परगना वैस्ट बंगाल, उम्र 28 वर्ष, सुसामा बेनर्जी पत्नी दिपुल बैनर्जी निवासी हल्दर औबजान पारा शहजादा पुर जोय नगर दक्षिण 24 परगना, उम्र 42 वर्ष , कृष्णा दास पत्नी विश्वजीत दास निवासी पौजावड पोस्ट राम सुन्दरपुर जिला प्रमूव मेहन्दीपुर, प0 बंगाल, उम्र 32 वर्ष व चालक ने अपना नाम दीपक कुमार पुत्र बीरबल सिंह निवासी इब्राहिमपूर, थाना पथरी जिला हरिद्वार, बताया। उक्त लोगो से पूछताछ करने पर भाव जी भाई के द्वारा बताया की एक व्यक्ति जावेद खान पुत्र सरवर खान निवासी ए 2 रूम नव 603 ग्रीन पार्क सोसाइटी, एस0जी0 स्कूल एस0बी0 रोड, सन्ताकुज मुम्बई हमको गंगोत्री चेरिटेबल हस्पिटल लालतप्पड लेकर आया था और हमको एक किडनी के बदले 3 लाख रु0 देने का वादा किया था। पहले हस्पिटल में कृष्णा दास व शेखताज अली की किडनी निकाली गयी। फिर मेरा व सुसामा का नंबर था लेकिन जब जावेद खान के द्वारा पैसे नहीं दिये गये तो मैंने और सुसामा ने किडनी देने से मना कर दिया और हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इस पर अस्पताल वालो ने हम चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया। रास्ते में पुलिस द्वारा हमे पकड लिया लेकिन आप लोगों के देखते ही जावेद गाडी से उतर कर भाग गया। फरार अभियुक्त जावेद खान को पुलिरा द्वारा पकड लिया गया है। सम्बन्धित घटनाक्रम में प्रकाश में आये डॉ0 अमित रावत फरार है, जिसकी तलाश हेतु पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। घटना स्थल से ओमान के टिकट मिले है, जिससे प्रतीत होता है कि सम्भवत किडनी की खरीद फरोख्त अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग व एफ0एस0एल0 की टीमों के साथ मिलकर जांच की जा रही है तथा अस्पताल व अन्य स्टाफ की प्रकरण में संलिप्तता की जांच भी की जा रही है।