उत्तराखंडः मंत्र उच्चारण के बीच विधि-विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग स्थित विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान से खुल गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कपाट खुलने पर केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। केदारनाथ धाम में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्पन्न हुई। मंत्र उच्चारण, हर हर महादेव के उदघोष एवं सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बाबा केदार के कपाट सुबह 7 बजे खुले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा राज्य के साथ ही संपूर्ण देश को इस पल की प्रतीक्षा रहती है। केदारनाथ धाम सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। हमारे राज्य के लिए यह उत्सव का समय है। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार से सभी यात्रियों के मंगलमयी यात्रा की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। बाबा केदार के आशीर्वाद से इस वर्ष भी चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनायेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा के सुव्यस्थित और सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और सुगमता के लिए सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा हम सभी उत्तराखंडवासियों का कर्तव्य है कि हम देश और दुनिया से आने वाले अतिथियों का स्वागत आत्मीयता और सेवा भाव से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा केदारनाथ के अनन्य भक्त हैं। 2013 आपदा के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदार नगरी के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ। उन्हीं के मार्गदर्शन में आज केदारनाथ परिसर का दिव्य और भव्य निर्माण कार्य हुआ है। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की इसी भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उनके शब्दों को सच करने के लिए राज्य सरकार निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

108 क्विंटल से ज्यादा फूलों से सजाया गया बाबा केदार का धाम।
कपाट उद्घाटन के लिए केदारनाथ मंदिर की भव्य सजावट की गई। मंदिर को 108 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। भव्य सजावट के बीच कपाट खुलते ही हेली से पुष्प वर्षा भी की गई, जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत नज़र आए।

धार्मिक परम्परा अनुसार कपाट खुलते ही हुई विशेष पूजा अर्चना।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकाल गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से होते हुए गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड जैसे विभिन्न पड़ावों से श्री केदारनाथ धाम पहुंची। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई यद्यपि। 6 बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ के अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी समय मंदिर का मुख्य दक्षिण द्वार भी खुल गया।

कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विजय प्रसाद थपलियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी/सहायक अभियंता गिरीश देवली, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी, देवानंद गैरोला, विपिन तिवारी कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ पहुंचे विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ परिसर में आयोजित मुख्य सेवक भंडारा में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ की स्वच्छता में लगे पर्यावरण मित्रों, पुनर्निर्माण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपत्नी मुख्य सेवक भंडारा के तहत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया और भोजन परोसा। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर श्रद्धालु बेहद खुश नजर आए। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्य सेवक भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ आए श्रद्धालुओं से मुलाकात की एवं उनसे यात्रा को लेकर की गई व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा 4 मई को बद्रीनाथ जी के कपाट खुलेंगे। राज्य सरकार देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष केदारनाथ क्षेत्र में आपदा आई थी, जिससे करीब 35 दिन यात्रा बाधित रही। सरकार और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के सहयोग से यात्रा को पुनः शुरू किया, जिससे फलस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु चार धाम आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर यात्रा की लगातार मॉनिटरिंग करती है। यात्रा मार्गाे में भी विभिन्न मूलभूत सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा चार धाम यात्रा राज्य की लाइफ लाइन भी है। यह यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का साधन भी है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि चार धाम यात्रा साल भर चले, जिसके लिए राज्य में शीतकालीन यात्रा को भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुखवा, उत्तरकाशी में मां गंगा के दर्शन किए थे।

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार किया। उन्होंने कहा केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है। प्रधानमंत्री केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करते हैं। 2000 करोड़ की लागत से केदारनाथ का भव्य निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की है।

इस अवसर गीता पुष्कर धामी, विधायक आशा नौटियाल, डॉ. मधु भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, अंकित सेमवाल, उमेश पोस्ती, हिमांशु चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी को दिखानी होगी एकजुटताः धामी

वन नेशन वन इलेक्शन पर दृढ़ता से अपने विचार रखते हुए सीएम धामी ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह देशहित में क्रान्तिकारी कदम है। भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में चुनाव लोकतंत्र का पर्व होते हैं, लेकिन जब प्रत्येक वर्ष, कभी इस राज्य में, कभी उस राज्य में, बार-बार चुनाव होते हैं, तो यह प्रक्रिया बोझ बन जाती है। उन्होंने कहा कि बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य ठप पड़ जाते हैं और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्तर पर बार-बार संसाधनों का अपव्यय होता है व सरकारी ख़ज़ाने पर नकारात्मक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनावो के दौरान बड़ी संख्या में राज्य के शिक्षकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस बल और केंद्रीय बल के जवानों को उनके मूल कार्य से हटाकर चुनाव ड्यूटी में लगाना पड़ता है, जिससे उनके मूल कार्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर सबको एकजुटता दिखानी होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारतीय सर्वेक्षण विभाग सभागार देहरादून में स्वर्णिम देवभूमि फ़ाउंडेशन द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उत्तराखंड आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी सुनील बंसल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगभग 11 वर्षों का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व में पिछले एक दशक में जहां एक ओर देश में विकास और आर्थिक प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित हुए, वहीं अनेकों ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से भारत के लोकतंत्र को और भी अधिक मज़बूती मिली। चाहे जीएसटी लागू करना हो, तीन तलाक़ की समाप्ति हो,कश्मीर से धारा 370 खत्म करना हो, सीएए-एनआरसी का क़ानून बनाना हो, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करना हो या फिर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू करना हो। इन सभी ऐतिहासिक निर्णयों ने भारत को एक नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक राष्ट्र-एक चुनाव के रूप में ऐतिहासिक क़ानून बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार यदि एक बार में चुनाव हों तो 12 हजार करोड़ रूपए तक की बचत होगी। हज़ारों करोड़ों की इस धन राशि को देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मज़बूत करने में लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय रहेगा तो सभी कार्य निश्चित समय पर पूरे होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार में चुनाव होने से वोटिंग टर्नआउट में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी, क्योंकि बहुत सारे लोग जो दूसरे राज्यों में रहते हैं वो बार-बार वोट देने के लिए अपने गृह राज्य में जाने से कतराते हैं लेकिन जब तीनों स्तर के चुनाव एक साथ होंगे तो वो वोट देने अवश्य जाएँगे। अब समय आ गया है कि हम आधुनिक तकनीक, चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जनता के सहयोग से इस संतुलन को पुनः स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अमेरिका, जापान, ब्राज़ील और स्वीडन जैसे देशों में एक साथ चुनाव की व्यवस्था हो सकती है तो क्या भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में ये व्यवस्था नहीं हो सकती? प्रधानमंत्री मोदी जैसे दृढ़ और संकल्पित प्रधान सेवक हमारे पास हैं तो देश हित का कोई काम रुक जाए, ऐसा हो नहीं सकता। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार किया गया जो ड्राफ़्ट लोक सभा में पेश किया गया, वो बहुत ही गहन शोध और विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट में एक-एक परिस्थिति का ध्यान रखा गया है कि कैसे सभी राज्यों में ये व्यवस्था लागू करनी है और लागू करने के बाद यदि किसी राज्य की सरकार बीच में भंग हो गई तो उस स्थिति में कैसे चुनाव होंगे। फ़िलहाल इस क़ानून को व्यापक विचार विमर्श हेतु संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको पूर्ण विश्वास है कि एक दिन ये एक राष्ट्र-एक चुनाव की व्यवस्था भारत में अवश्य लागू होगी और यह कानून भारत में लोकतंत्र को और अधिक मज़बूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी सुनील बंसल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में यूसीसी सबसे पहले लागू करने के लिए बधाई दी। उन्होंने ने कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है। अन्य राज्य भी इसका अनुपालन करने लिए उत्सुक दिख रहे हैं। उन्होंने कहा की एक राष्ट्र एक चुनाव हर तरह से देश हित में है। इसके सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में राजयसभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पर्यावरणविद पद्म अनिल जोशी, जागर गायिका पद्म बसंती बिष्ट, पद्म कन्हेया लाल पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, साधु संत विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है। श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज सुबह मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाट खुलने के अवसर पर देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किये तथा गंगा और यमुना में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।

गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोहों में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉ गंगा एवं यमुना के मंदिरों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की। धामी ने दोनों धामों में पहुंची लोक देवताओं की डोलियों से भी आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उत्तराखण्ड के चार धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं और इन धामों की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करने की आकांक्षा हर श्रद्धालु के मन में रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए राज्य में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि देवो भवः की परंपरा के अनुसार हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से दिव्य धामों के शुभाशीष के साथ ही यात्रा का सुखद अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के आयोजन के लिए सभी लोगों से सहयोग की अपील भी की है।

गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, किशोर भट्ट, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, आदि मौजूद थे। यमुनोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी एस.एल सेमवाल, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, सचिव सुनील उनियाल भी मौजूद थे।

सत्यापन अभियान में तेजी लाने के साथ ही किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले लोगों पर जुर्माना लगाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों की बैठक लेते हुए अध्यस्त पाकिस्तानी नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनको तत्काल प्रभाव से वापस भेजने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के साथ ही किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत अभिलेखों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों के चिन्हीकरण में भी तेजी लाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पुख्ता बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए। साथ ही, इस संबंध में आम जनता को भी जागरूक किया जाए। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाए जिससे आम लोग सम्बन्धित नंबर पर जानकारी साझा कर सकें।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन अपने तय कार्यक्रमानुसार बद्रीनाथ पहुंचे। मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एराइवल प्लाजा, सिविक एनीमिटी सेंटर, बद्रीश व शेष नेत्र झील, रिवर फ्रंट और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था को सिविक एमिनिटी सेंटर, एराइवल प्लाजा और टूरिज्म मैनेजमेंट सेंटर का मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होने कार्यदायी संस्था को हॉस्पिटल को अगस्त तक हैंडओवर करने और रिवर फ्रंट के एफ व जी फेस के कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया गया है साथ ही कहा कि मास्टर प्लान के तहत ब्रह्म कपाल, रिवर फ्रंट, आस्था पथ, अराइवल प्लाजा, दर्शन लाइन का कार्य कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि धाम में पहुंचे व्यापारियों और अन्य लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन का संयोजन भी शुरू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि धाम में सुलभ इंटरनेशनल की ओर से शौचालयों को दुरुस्त कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि धाम के आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। नगर सफाई की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। साथ ही धाम में क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जिसका कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के जवानों के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

इस दौरान पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, उपजिलाधिकारी जोशीमठ सीएस वशिष्ट, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी राजेश चन्द्रा, बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, पीआईयू के सहायक अभियंता सन्नी पालीवाल सहित यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

चारधाम में यात्रियों का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना हैः सीएम धामी

चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में एल.ई.डी. स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों के लिए भजन, रामायण, महाभारत, चारधाम यात्रा संबंधी कहानियों एवं आरतियों को दिखाया जाएगा तथा मौसम संबंधित जानकारियां उपलब्ध करायी जायेगी। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप (यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय) के औचक निरीक्षण के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय में पंजीकरण कक्ष, यात्रा पूछताछ एवं सहायता केंद्र, चिकित्सालय, पुलिस सहायता /खोया पाया केंद्र जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

24 घंटे चालू रहे रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा से पहले ट्रांजिट कैंप में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखी जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, स्वास्थ्य, जल, पर्यटन, विद्युत, आदि विभागों का संयुक्त हेल्पडेस्क सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में बनाया जाए, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हो। उन्होंने कहा हमने श्रद्धालुओं का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना है, जिससे हर श्रद्धालु की यात्रा सकुशल सम्पन्न हो एवं वे उत्तराखंड से यात्रा के अच्छे अनुभव लेकर जाएं।

भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से होगा कार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं गर्मी से बचाव के लिए कूलर, स्वच्छ पेयजल, टीन शेड, कुर्सियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप स्थित अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था और चिकित्सकों की तैनाती हो। उन्होंने कहा भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष तौर पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य हो।

ट्रांजिट कैंप परिसर में बिकेंगे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ट्रांजिट कैंप में स्थापित रिसेप्शन में चारधाम यात्रा प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को चार धाम के साथ ही अन्य स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने ट्रांजिट परिसर में स्थापित खोया-पाया केंद्र को संपूर्ण यात्रा मार्गाे से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ट्रांज़िट कैंप परिसर में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से स्थान हो। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप परिसर का चार धाम से संबंधित सभी जिलों में परस्पर समन्वय हो।

मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप के कार्यरत कर्मचारियों से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा सभी कर्मचारियों के ऊपर चार धाम यात्रा की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निश्चित ही सभी लोग बखूबी निभाएंगे। उन्होंने कहा हमने अपने व्यवहार से सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करना है ताकि वो यात्रा से अच्छा अनुभव लेकर जाएं।

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउन्टर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त रिर्जव टीम की तैनाती भी की गई है। यात्रा चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही पुलिस सहायता केन्द्र में पुलिस द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया गया है।

आयुक्त गढ़वाल ने बताया कि यात्रा ट्रांजिट कैंप में मीडिया सेंटर की व्यवस्था की गई है। केन्द्र में यात्री मित्र तैनात किये जायेगें, जो यात्रियों को विभिन्न सुविधाओं / जानकारियां प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न एन.जी.ओ एवं संगठनों द्वारा यात्रियों को निशुल्क भोजन, जलपान एवं खाद्य सामग्री की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी एवं कैंटीन की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करवाई गई है साथ ही जल संस्थान द्वारा टैंकर उपलब्ध कराये जायेगे। उन्होंने बताया इसके अतिरिक्त 4 डोरमेट्री सुविधा मय 80 बेड भी उपलब्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक डा. प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक रेणु बिष्ट, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में जयडे हैकेट ने की मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात

एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध संस्था ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के मुख्य परिचालन अधिकारी COO जयडे हैकेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में विश्व स्तरीय बंजी जंपिंग प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर गहन चर्चा की गई।

जयडे हैकेट, जो स्वयं 12 वर्षों से एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े हुए हैं, और सिंगापुर स्थित स्काईपार्क सेंटोसा के संचालन व प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, वर्तमान में ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के COO के रूप में कार्यरत हैं। वे अब उत्तराखंड में कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों में संभावित स्थानों पर बंजी जंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की स्थापना की योजना पर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उत्तराखंड में इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से न केवल पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य को एडवेंचर टूरिज्म का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने में भी मदद मिलेगी।

जयडे हैकेट, विश्व प्रसिद्ध एडवेंचर स्पोट्र्स आइकन एलेन जॉन ए.जे. हैकेट के पुत्र हैं। ए.जे. हैकेट ने 1987 में एफिल टावर से बंजी जंप कर पूरी दुनिया को रोमांचित कर दिया था और 1988 में विश्व का पहला वाणिज्यिक बंजी जंपिंग साइट शुरू किया। उनके इस योगदान के लिए उन्हें न्यूज़ीलैंड ऑर्डर ऑफ मेरिट (ONZM) से सम्मानित किया गया।

संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों का होगा प्रत्येक वर्ष सम्मानः सीएम

संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं। यज्ञ, कर्मकांड, वेद में सर्टिफिकेट कोर्स की व्यवस्था की जाए। संस्कृत का अध्ययन कर रहे बच्चों को 16 संस्कार के बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। पहले चरण में 100 बच्चों को और उसके बाद हर साल एक लक्ष्य निर्धारित कर युवाओं को 16 संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जाए। संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षण, लेखन एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को प्रत्येक वर्ष सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की भूमि रही है। राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को राज्य में तेजी से बढ़ावा देने के लिए स्कूल और कॉलेज में संस्कृत में वाद-विवाद, निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिताएं कराई जाए। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जनपदों में नोडल अधिकारी बनाये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए की कि सभी कार्यालयों में नाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जिन राज्यों में अच्छा कार्य हुआ है, उन राज्यों की बैस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर, राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कार्य किये जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार संस्कृत को जोड़ने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं।

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अभी राज्य के प्रत्येक जनपद के एक गांव में कुल 13 गांवों को संस्कृत ग्राम बनाया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक स्तर तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत के छात्रों को छात्रवृत्ति योजना और पुजारियों को प्रोत्साहन योजना जैसी व्यवस्था बनाये जाने का सुझाव दिया। बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत के प्रश्न जोड़े जाने चाहिए। संस्कृत में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए बैठक में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाने के लिए 01 लाख लोगों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सरल संस्कृत सम्भाषण प्रशिक्षण दिया जायेगा। संस्कृत वेदों के अध्ययन की सुविधा के लिए वेद अध्ययन केन्द्र बनाये जायेंगे। संस्कृत के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्यालयों को पुरस्कृत किया जायेगा। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समसामयिक विषयों पर लघु फिल्म बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। संस्कृत के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए देश -विदेश के विश्वविद्यालयों, संस्कृत अकादमी, संस्कृत संस्थानों द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए राज्य में सम्मेलन किया जायेगा।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक के दौरान दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव वी.षणमुगम, कुलपति उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।