मुख्यमंत्री ने राज्य में योग नीति का किया औपचारिक शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया। योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया। उन्होंने “एक वृक्ष, योग के नाम“ कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा हम राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दो नए नगर बसाने जा रहे हैं, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के केंद्र बनकर वैश्विक मानचित्र पर राज्य की विशेष पहचान स्थापित करेंगे। जिसमें सम्पूर्ण विश्व से वेलनेस के क्षेत्र में काम करने वाले बड़े ग्रुप्स, आध्यात्मिक गुरुओं, संस्थानों को यहाँ आमंत्रित किया जायेगा।

सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है भराड़ीसैंण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी विदेशी मेहमानों के सान्निध्य ने इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा भराड़ीसैंण, ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र भी है। उन्होंने कहा 8 मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ किया गया सामूहिक योगा- अभ्यास, देवभूमि उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाएगी योग नीति

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि के साथ योग और अध्यात्म की भूमि भी है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने देश की पहली योग नीति 2025 को राज्य में लागू किया है। योग नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिसके तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने हेतु 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि 2030 तक राज्य में पाँच नए योग हब की स्थापना की जाए और मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में योग सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

योग करता है एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, आत्मा और शरीर के बीच पूर्ण सामंजस्य स्थापित करता है। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानव जीवन को आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करता है। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम से शरीर और मन को तनाव से मुक्त कर सकते हैं। योग मन की एकाग्रता बढ़ाने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।

योग ने किया विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व, योग को जीवन दर्शन के रूप में भी अपना रहा है। योग ने पूरे विश्व में जाति, भाषा, धर्म और भौगोलिक सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का काम किया है। योग वैश्विक एकता, समरसता और बंधुत्व का सेतु बनकर समस्त विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रेरणादायक नेतृत्व ने योग को ग्लोबल कनेक्टिविटी और मानवता की सेहत का मंत्र बनाकर विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।

पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में रोजगार सृजन और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अधिक से अधिक साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी का भी गठन किया है। ये कमेटी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। हम युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप पहाड़ में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से मिलने उनके बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने से पहले मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और छात्रों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला । मुख्यमंत्री ने सभी को योग के महत्व से अवगत कराया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डाे डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रुहेला, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया

11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देहरादून रेस कोर्स स्थित पुलिस लाइन में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में भाग लिया और योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का माध्यम है। भराड़ीसैंण से लेकर देहरादून तक योग दिवस की धूम देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योग कर विश्व को भारत का शांति संदेश दिया।

नैनीताल राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरणः मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल स्थित राजभवन के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान दिलाने के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया।

नैनीताल स्थित राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। राजभवन की भव्य वास्तुकला, भू-संरचना और इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इस धरोहर स्थल को विशिष्ट बनाते हैं। राजभवन पर विशेष डाक टिकट जारी करने के अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को एक भारत-श्रेष्ठ भारत काफी टेबल बुक भेंट की।

यह काफी टेबल बुक राजभवन में मनाए जाने वाले प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस पर केंद्रित है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, उत्तराखंड की चीफ पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी उपस्थित रहे।

आत्मीयता से मिलीं राष्ट्रपति

नए कलेवर में निखरे राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी अतिथियों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत, विधायक खजानदास, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, प्रेमचंद शर्मा, बसंती बिष्ट व डा बीकेएस संजय, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी, सैन्य अधिकारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

बार बार दिन ये आए, गीत को जन्मदिन पर सुनकर भावुक हुईं राष्ट्रपति मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान शुक्रवार को उस वक्त भावुक हो गईं, जब दृष्टिबाधित बच्चों ने उन्हें गीत गाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने जैसे ही बार बार दिन ये आए, बार बार दिल ये गाए, तू जिए हजारों साल… गीत गाना शुरू किया तो पूरा माहौल भावनाओं में डूब गया।

गीत खत्म होते-होते राष्ट्रपति की आंखों से अश्रुधारा छलक उठी। मंच पर मौजूद सभी लोग इस दृश्य को देखकर गहरे भावनात्मक क्षण में डूब गए। कार्यक्रम देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिहीन दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआइईपीवीडी) में आयोजित किया गया था।

बच्चों की मधुर आवाज में गीत सुनकर राष्ट्रपति खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखें भर आई। वह आंखें पोंछने लगीं तो एडीसी ने तुरंत उन्हें रुमाल दिया। इन भावुक क्षणों के बीच जब बच्चों ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की बधाई दी तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

राष्ट्रपति के साथ मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की आंखें भी नम हो गईं। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मैं इन बच्चों को गाते हुए देख रही थी तो मेरी आंखें आंसुओं से भर आईं। यह बच्चे गले से नहीं, दिल से गा रहे थे। लगता है मां सरस्वती इनके कंठ में विराजमान हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान जब किसी से कुछ लेता है तो बदले में उसे ऐसी विशेष प्रतिभा देता है, जो उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। मैं अपने जन्मदिन पर यहां आकर बेहद खुश हूं। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और प्रतिभा की सराहना की।

मुख्य सचिव हर माह और मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह करेंगे यात्रा की तैयारियों की समीक्षाः सीएम

उत्तराखण्ड में 2026 में होने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा की सभी तैयारियों में तेजी लाई जाए। भव्य नंदा राजजात यात्रा के आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जनप्रतिनिधियों, नंदा राजजात यात्रा समिति के सदस्यों और हितधारकों के सुझाव लिये जाएं। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि नंदा राजजात यात्रा के सफल संचालन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए। पिछली यात्राओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। यात्रा से संबंधित सभी पैदल मार्गों की अच्छी व्यवस्थाओं के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रा के पड़ाव पर श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर व्यवस्थाओं के साथ ही भोजन और स्नान घरों की व्यवस्था के भी उन्होंने निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। यात्रा मार्ग पर दूरसंचार की व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यात्रा के दौरान हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेडिकल कैंप और चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यात्रा के दौरान हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा राजजात यात्रा बरसात के समय होती है, इसके दृष्टिगत संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये जाएं। यात्रा के अधिकतम पड़ाव वन क्षेत्र में होने के कारण वन और पर्यावरण की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धालुओं के लिए टेंट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा राजजात से संबंधित लोक गीत और लोक कथाओं का अभिलेखीकरण भी किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा यात्रा के पड़ावों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदां राजजात यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। पार्किंग स्थलों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय अवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वे प्रतिमाह नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करें। गढ़वाल और कुमांऊ आयुक्त भी प्रत्येक सप्ताह यात्रा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल और कुमांऊ के जिन क्षेत्रों से श्रद्धालु और डोलियां आती हैं, उन सभी क्षेत्रों में भी सड़क, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

उत्तराखण्ड में अगले साल होने वाली 280 किमी की ऐतिहासिक नंदा देवी राजजात यात्रा के भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए भी सभी तैयारियां की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नंदा देवी राजजात और हरिद्वार कुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन किया जायेगा- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, सुरेश गड़िया, पार्वती दास, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पीएम ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ने साइप्रस से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रधानमंत्री ने इस दुखद घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना और शोक व्यक्त किया। मृतकों के परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति हेतु प्रार्थना की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि घटना के बाद तत्काल उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। दुर्घटना के कारणों की गहन जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के लिए कमांड एंड कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।

सीएम धामी ने किया आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.के.पी कॉलेज, देहरादून में आयोजित ’रन फॉर योगा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, बुजुर्गों महिलाओं को भी योग के प्रति जागरूक करने के लिए गांधी पार्क से एम.के.पी कॉलेज तक पैदल मार्च भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हमें मिलकर प्राचीन योग सभ्यता को जन जन तक पहुंचाना है। ऋषि मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, आत्मा और मन को एकीकृत करने की अद्भुत विद्या विकसित की है। योग संपूर्ण विश्व के लिए एक संजीवनी का कार्य करता है। योग से जीवन स्वस्थ और अनुशासित बनता है। आज दुनिया योग के प्रति आकर्षित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा योग को दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ ही समाज में भी सकारात्मकता लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे पूरे विश्व ने अपनाया था। उन्होंने कहा उत्तराखंड योग, आयुष और अध्यात्म की भूमि है। राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक हब बनाने पर कार्य कर रही है । राज्य सरकार ने हाल ही में नई योग नीति को मंजूरी दी है। जिसके अंतर्गत राज्य में योग और ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से संचालित हो रहे योग केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख तक का भी अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में योग और वेलनेस की अपार संभवानाएं हैं, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से अनुशासित और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, भरत चौधरी, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, सचिव आयुष दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, प्रदीप जैन, जितेंद्र नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश, बनेगी सख्त एसओपी

राज्य में हाल में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एसओपी तैयार की जाए, जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली संचालन की सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य में पूर्व में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति पूर्व में हुई हेली दुर्घटनाओं के साथ ही आज के हेली क्रैश की भी हर पहलू की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। यह समिति प्रत्येक घटना के कारणों की गहराई से जांच करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हेली सेवाओं का महत्व तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यधिक है, इसलिए इनमें सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सीएम ने नैनीताल में की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता, बोले अब भ्रष्टाचार नहीं, जवाबदेही तय होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में कुमाऊं मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कुमाऊं मंडल के छह जनपदकृनैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत एवं ऊधमसिंहनगरकृके जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने मंडल में केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा गतिमान योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण को आपसी समन्वय बनाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार लगाकर, चौपाल लगाकर धरातल पर कार्य करने की आवश्यकता है। ताकि अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनपद में चल रहे कार्यों में अपना योगदान करें। भ्रष्टाचार को समाप्त करना ही हमारा संकल्प है और इसके लिए 1064 नंबर चलाया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को कहा कि वह 10 से 01 बजे तक अपने कार्यालय में बैठने का शेड्यूल बनाएं ताकि दूर से आने वाले लोग उनसे मिल पाए वह अपनी बात रख पाएं।

मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप कार्य न होने या अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्वास पैकेज को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा मास्टर प्लानिंग पूर्ण हो चुकी है। मानसून से पूर्व मुख्य बांध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने सूखा ताल के पुनर्जीवन प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह कार्य नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पेयजल विभाग द्वारा किया जा रहा है और 2916.00 लाख रुपए की लागत से जनपद नैनीताल में सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यकरण का कार्य गतिमान है।

कैंची धाम क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा 2815.68 लाख की लागत से मानसखंड मंदिर माला के अंतर्गत श्री कैंची धाम में सौंदर्य कारण एवं प्रकाशीकरण का कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए मास्टर प्लान पर प्रगति की जानकारी दी और बताया कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का बजट दोगुना किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा शिकायत करने पर काशीपुर में अधीक्षण अभियंता शिवम द्विवेदी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित जनसुनवाई करें, समाधान आधारित कार्यशैली अपनाएं और कैंपों के माध्यम से जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान करें।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विजिलेंस व्यवस्था को और सशक्त एवं सक्रिय बनाया जा रहा है। अब सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे और निर्णायक हस्तक्षेप करेगी। किसी भी स्तर का अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। हालांकि, उसे निष्पक्ष सुनवाई और स्पष्टीकरण का अवसर भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सपनों को साकार करना ही हमारी प्राथमिकता है। उत्तराखंड पहले ही कई क्षेत्रों में देशभर में अग्रणी बन चुका है और अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश शीर्ष स्थान पर पहुंचे।

विकसित उत्तराखण्ड बनाने को समाज के अन्तिम छोर के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना होगाः धामी

2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जाएं। विकसित उत्तराखण्ड के लिए ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक 2047 तक कैसा स्वरूप होगा, इस दिशा में जिलाधिकारियों द्वारा कार्य किये जाएं। समाज के अन्तिम छोर के लोगों तक पहुंचकर उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ ही उनको मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कार्य किये जाएं। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को दिये।

प्रत्येक जनपद में जनहित में 5-5 नवाचारों पर करें कार्य

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में जनहित से जुड़े 5-5 बैस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे पहले टीबी मुक्त होने वाले तीन जनपदों को पुरस्कृत किया जायेगा। सभी जिलाधिकारियों को नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से 25 जुलाई तक जनपदों में बृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। एक पेड़ माँ के नाम अभियान को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के साथ ही प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। जलस्रोतों के संरक्षण और अमृत सरोवरों की कार्यप्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक जनपद में इसके लिए नोडल अधिकारी बनाये जाएं।

मानसून सीजन के ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून अवधि में राज्य में औसत से अधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसको ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की सफाई हो जाए। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पेयजल, विद्युत, सड़कों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पानी की टंकिया स्वच्छ रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाए। सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड में रखा जाए। टोल-फ्री नंबरों को सभी जिलों एवं तहसीलों में सक्रिय किया जाए। जिससे नागरिक आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा रूट पर विशेष सतर्कता एवं सक्रियता बरती जाए। यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।

सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए सभी जिलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाए। 15 जून को होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस के अवसर पर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यातायात व्यवस्था के साथ ही आवश्यकतानुसार अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाए। वैरिफिकेशन ड्राइव को और अधिक प्रभावी एवं तेज गति से संचालित किया जाए। अवैध रूप से बनाये गये आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के विरूद्ध सख्त अभियान निरंतर जारी रखा जाए। सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सरकारी कार्यालय में 1064 हेल्पलाइन से संबंधित बोर्ड एवं बैनर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किये जाए और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही एक जनपद दो उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। एक जनपद दो उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाए। सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों का उपयोग किया जाए, इसका पूर्णतः पालन किया जाए। जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा की जाए। सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में लैण्ड बैंक की स्थिति पर विशेष ध्यान दें। वर्षा जल संचय की दिशा में और प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए भी हर प्रकार से सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊँ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।