बर्मिंघम में 250 से अधिक व्यवसाइयों से मिले मुख्यमंत्री धामी

बर्मिंघम। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन दौरे के दूसरे दिन बर्मिंघम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु आयोजित रोडशो में प्रतिभाग करते हुए बर्मिंघम के विभिन्न उद्योगपतियों के साथ बैठक की। बर्मिघम में आयोजित रोडशो दौरान शिक्षा, आईटी, हेल्थ, मैनुफैक्चरिंग इन्डस्ट्री से जुड़े 250 से अधिक डेलिगेट्स ने प्रतिभाग किया। रोड शो के दौरान विदेशी निवेशकों ने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से विभिन्न नीतियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु आमंत्रित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को उत्तराखण्ड सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बर्मिंघम शहर ऐतिहासिक शहर है और यह उद्योग के क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखता है। मुख्यमंत्री ने लंदन और बर्मिंघम में रह रहे समस्त भारतीय एवं उत्तराखण्ड के निवासियों का उनके अपार स्नेह हेतु आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय की गोद में बसा राज्य है जो प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की शांतप्रिय वादियां एवं काम करने के लिए अनुकूल वातावरण इसे अन्य स्थानों से भिन्न बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में अयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की थीम को ”पीस टू प्रोसपेरिटी” रखा गया है। उन्होनंे कहा कि उत्तराखण्ड भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी महज कुछ दूरी पर है, बेहतर रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से सीधा जुड़ा है लिहाजा उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अपार सम्भावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल में ही भारत ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जी 20 का सफल आयोजन किया है। इस पूरी दुनिया के सामने भारत ने अपने कुशल नेतृत्व को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने चंद्रयान मिशन की सफलता के साथ ही अपनी दूरगामी सोच को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि बीते 9 वर्षों में भारत और प्रत्येक भारतवासी के मान सम्मान और स्वाभिमान में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में निवेश करने वाले देशों में ब्रिटेन आठवें नंबर का देश है जिसकी 600 से अधिक औद्योगिक इकाइयां पूरे देश में कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बर्मिंघम में मौजूद भारत के प्रमुख कौंसुलावास का भी आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया।

मंत्री अग्रवाल ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर किया पर्यावरण मित्रों का सम्मान

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 116वीं जयंती पर पर्यावरण मित्रों को पुष्पगुच्छ व पटका पहनाकर व मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह ने आजादी दिलाने में अंग्रेजों के खिलाफ अपनी अहम भूमिका निभाई, उसी तरह समाज में बीमारियों के खात्मे को पर्यावरण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पर्यावरण मित्र कस्तूरी देवी, निरादारी देवी, रीता देवी, मंजू देवी, कुन्ता देवी, सोना देवी, गुड्डी देवी, नानकी देवी, कस्तूरी, प्रवीना देवी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे। अपने घर में क्रांतिकारियों की मौजूदगी से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सिंह के पोस्टर गांवों में छपने लगे।’

डा अग्रवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह पर अमिट छाप छोड़ा। अंग्रेजों की सरकार को श्नींद से जगाने के लिएश् उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली के सभागार में बम और पर्चे फेंके थे। इस घटना में भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे। और यह जगह अलीपुर रोड दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली का सभागार थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि लाहौर षड़यंत्र केस में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सजा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया। भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया। तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।’

डा. अग्रवाल ने कहा कि भगत सिंह आजादी के मतवाले ही नहीं थे। भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक, लेखक और पत्रकार भी थे। वे हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगला और आयरिश भाषा के बड़े विद्वान थे। उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में आयरलैंड, फ्रांस और रूस की क्रांति का के बारे गहरा अध्ययन कर लिया था। भगत सिंह को भारत में समाजवाद का पहला प्रवक्ता माना जाता है।’

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा निर्मला उनियाल, माधवी गुप्ता, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनव पाल, पार्षद प्रतिनिधि रविन्द्र बिरला, नंद किशोर जाटव आदि उपस्थित रहे।

लंदन प्रवास में मुख्यमंत्रीः चार हजार आठ सौ करोड़ के निवेश का करार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लंदन प्रवास रंग ला रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु लंदन में उनके विदेशी औद्योगिक घरानों के साथ आयोजित बैठकें सफल रही और लंदन के औद्योगिक जगत में उत्तराखंड सुरक्षित निवेश की संभावनाओं के रूप में उभरा। राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए मुख्यमंत्री जी ने रोड शो में प्रतिभाग करते हुए लंदन के कई प्रमुख बिजनेस हाउसेस के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अलग-अलग कंपनियों के साथ 4800 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए।
औद्योगिक समूह कयान जेट के साथ दो अलग-अलग एमओयू में 3800 करोड एवं उषा ब्रेको के साथ 1000 करोड़ रुपए के इनवेस्टमेंट के एमओयू साइन किए गये। कयान जेट द्वारा उत्तराखण्ड में स्कींग रिसॉट विकसित करने के लिए 2100 करोड़ एवं केबल कार प्रोजेक्ट के लिए 1700 करोड़ का इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किया गया। कयान जेट द्वारा औली, दयारा बुग्याल और मुन्स्यारी में स्कींग रिसॉट प्रोजेक्ट्स विकसित करने को लेकर सहमति बनी।
इसके साथ ही रोपवे के क्षेत्र में अग्रणी उषा ब्रेको लिमिटेड के साथ हरिद्वार और अन्य जनपदों में रोपवे विकसित करने पर सहमति बनी। लंदन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शिक्षा, पर्यटन, आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न 80 उद्योग घरानों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने इंडिया हाउस और पार्लियामेंट हाउस का दौरा भी किया और ब्रिटेन की संसद के सदस्यों से चर्चा की। भ्रमण के दौरान प्रदेश सरकार के डेलिगेशन ने लंदन में टूर एंड ट्रेवलिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य में बेहतर परिवहन तकनीक पर विचार साझा किये।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु उत्तराखण्ड आने के लिए आमंत्रित किया।
संयोग से आज विश्व पर्यटन दिवस भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है उत्तराखण्ड में वेलनेस टूरिज्म और विलेज टूरिज्म जैसी अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ऋषिकेश योग और आध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रुप में जाना जाता है। यूरोप से लेकर अन्य देशों के पर्यटक हर साल बड़ी तादात में योग आध्यात्म के लिए उत्तराखण्ड का रुख करते हैं। धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ऋषिकेश एवं अन्य स्थानों पर विश्वस्तरीय कन्वेशनर सेंटर की स्थापना हेतु निवेशकों से बातचीत कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित जी20 समिट के सफल आयोजन से व्रिटेन और भारत दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है जो प्रदेश की आर्थिकी को नई गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त महामहिम विक्रम दोरईस्वामी ने उत्तराखण्ड सरकार की विभिन्न नीतियों और सकारात्मक विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश की राष्ट्रीय राजधानी से कुछ दूरी पर होने के कारण दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए वीकेंड्स डेस्टिनेशन के रुप में विकसित हो गया है। उच्चायुक्त ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी से जुड़े स्मरण साझा किए।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्ेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा समेत डेलिगेशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

लंदनः उत्तराखण्ड में रोपवे निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा पोमा ग्रुप

लंदन। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंदन में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने लंदन के कई प्रमुख उद्योग घरानों से भेंट करते हुए उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में लंदन में पोमा ग्रुप के साथ 2 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टर एमओयू साइन किया गया, राज्य सरकार की ओर से सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने एमओयू साइन किया। मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु उत्तराखण्ड आने के लिए आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश की भौगौलिक परस्थितियों को देखते हुए उत्तराखण्ड में इको फ्रैंडली टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं। पोमा ग्रुप दुनियाभर में रोपवे निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी है। पोमा ग्रुप का उत्तराखण्ड में काम करने का बहुत पुराना अनुभव है चमेाली जिले के औली रोपवे में पोमा ग्रुप तकनीकी सहयोग प्रदान कर चुका है इसके अलावा वर्तमान पोमा रोपवे देहरादून-मसूरी रोपवे, एवं यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट्स में भी तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पोमा गुप द्वारा हरिद्वार समेत कई अन्य धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में रोपवे के लिए तकनीकी सहयोग, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए निवेश की इच्छाा जाहिर की गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस पर्यटन के साथ-साथ इकोलॉजी और इकॉनमी पर भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए ऐसे रास्तों की तलाश कर रही है जिसमें विकास और पर्यावरण का संतुलन बना रहे। ऐसे में रोपवे जैसे विकल्प उत्तराखण्ड में जहां एक ओर पर्यटकों को सुगमता प्रदान करेंगे वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ने के साथ ही पर्यावरणीय दृष्टिकोंण से भी यह बेहतर सिद्ध होगा।

’सर्विस सेक्टर का बड़ा केंद्र है लंदन’

मुख्यमंत्री धामी ने लंदन में निवेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लंदन सर्विस सेक्टर का भी बड़ा केंद्र है इसलिए यहां टूरिज्म, आईटी, हेल्थकेयर के क्षेत्र के बड़े निवेशक कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां की यहां की कृषि जलवायु भी अन्य राज्यों से भिन्न है। आज के दौर में यूरोप से लेकर सभी देशों के ऑर्गेनेक उत्पादों की विशेष मांग हैं। उन्होंने कहा कि समिट के जरिए उत्तराखण्ड के उत्पादों को विदेशों में और प्रभावी रुप से पंहुचाया जा सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दुनियाभर से निवेशक उत्तराखण्ड का रुख करें, ताकि यहां की औद्योगिक गतिविधियों को और रफ्तार मिल सके।

’उत्तराखण्ड में फार्मा एवं मेडिकल टैक्नोलॉजी की अपार सम्भावनाएं’

ब्रिटेन इनोवेशन एव टैक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ग्लोबल सेंटर के रूप में स्थापित है। स्किल्ड मैनपावर लंटन ब्रटेन की उपलब्धता इस क्षेत्र को गति प्रदान करती है। उत्तराखण्ड भी इनोवेशन एव टैक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत में अपनी एक पहचान बनाने में सफल रहा है। हेल्थ केयर एवं लाईफ साईन्सेस के क्षेत्र में ब्रिटेन अग्रणी हैं। ब्रिटेन द्वारा बायोटेक, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल टैक्नोलॉजी में निवेश को वरीयता दी जाती है। उत्तराखण्ड भी भारत के फार्मा हब के रूप में प्रतिष्ठित है। राज्य में 3 फार्मा क्लस्टर हैं, जिनमें 300 से अधिक उद्योग कार्य कर रहे हैं। रियल स्टेट बाजार आवासीय विकास से लेकर वाणिज्यिक अवस्थापना तक विविध अवसर प्रदान करता है। लंदन एवं मैनचेस्टर जैसे शहर इसके बेहतर उदाहरण हैं। उत्तराखण्ड में भी इसकी अपार सम्भावनायें हैं। हम राज्य में दो नये शहर बसाने की संकल्पना पर कार्य कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ब्रिटेन समेत अन्य देशों के ग्लोबल इन्वेस्टर्स उत्तराखण्ड में भी निवेश करें ताकि प्रदेश में औद्यौगिक विकास की गति बढ़ सके। प्रदेश में निवेश बढ़ने से अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत डेलीगेशन के अन्य सदस्य एवं इन्वेस्टर्स मौजूद रहे।

उत्तराखण्डी लोकगीतों में झूमा लंदन, सीएम धामी के स्वागत में भव्य रंगारंग कार्यक्रम आयोजित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लंदन पहुँचने पर वहां मौजूद प्रवासी भारतीय एवं लंदन में रह रहे उत्तराखंड के निवासियों द्वारा भव्य रंगारंग स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। लंदन में रह रहे उत्तराखण्ड के प्रवासियों द्वारा गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी लोकगीतों पर मनमोहन प्रस्तुति दी गई। स्वागत कार्यक्रम में मौजूद समस्त प्रवासी भारतीय उत्तराखण्ड के पारंपरिक परिधानों में नजर आए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंदन में रह रहे समस्त प्रवासी उत्तराखण्ड के लोगों का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “यह मेरा सौभाग्य है कि उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में मुझे इन्वेस्टर समिट की बैठक में शामिल होने के लिए लंदन आने का अवसर प्राप्त हुआ।” उन्होंने कहा लंदन में उत्तराखण्ड के लोगों की इतनी बड़ी भारी संख्या में उपस्थित देखकर यह प्रतीत हो रहा है कि यूके में भी उत्तराखण्ड का छोटा यूके बसता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में मौजूद प्रवासी उत्तराखण्डियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ ही योग, आध्यात्मिक की भी भूमि है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारी जड़े उत्तराखण्ड से जुड़ी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रवासी उत्तराखण्डियों से आह्वान करते हुए कहा कि वह साल में एक बार अपने प्रदेश उत्तराखण्ड ज़रूर आएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज विदेशों में भी एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, हाल में ही चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण और चंद्रमा पर सेफ लैंडिंग इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा समेत समेत बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के निवासी एवं प्रवासी भारतीय मौजूद रहे।

जनपदों में असुरक्षित भवनों को सुरक्षित करने के लिए बनेगी सात सदस्यीय समिति

जोशीमठ में भूधंसाव की घटना के बाद अब सरकार प्रदेश के समस्त जनपदों के डेंजर जोन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता पर सात सदस्यीय समिति बनाने पर विचार कर रही है। यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी, इसके बाद उन भवनों को सुरक्षित किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के आवास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दी।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने जानकारी देकर बताया कि धामी सरकार जोशीमठ आपदा के बाद राज्य के सभी जनपदों में वर्तमान में निर्मित ऐसे भवन जों भूकंप, भू-स्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि आदि की दृष्टि से जोखिम भरे भवनों की श्रेणी में आते हैं। उन्हें चिन्हित कर सुरक्षित करने को मानक संचालन प्रक्रिया संबंधी प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि समस्त जनपदों में भूकंप, भू-स्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि आदि जोखिम संभावित भवनों के चिन्हिकरण कर सुरक्षित करने को सात सदस्यीय समिति बनाने पर विचार कर रही है। डा. अग्रवाल ने बताया कि अपने-अपने जनपदों में जिलाधिकारी इस समिति की अध्यक्षता करेंगे, जबकि अन्य छह इसके सदस्य रहेंगे।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के अलावा इन छह सदस्यों में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अथवा सचिव, संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी, लोकनिर्माण विभाग अथवा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता, सहायक भू-वैज्ञानिक (भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग), आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के निदेशक अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि और संबंधित नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी रहेंगे।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि इन सात सदस्यीय समिति में आवश्यकतानुसार कोई भी संबंधित विशेषज्ञ को आमंत्रित सदस्य के रूप में नाम किया जा सकता है। बताया कि यह समिति प्रत्येक जनपद में ऐसे निर्मित भवन जो जोखिम संभावित भवनों की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 30 डिग्री से अधिक ढाल पर निर्मित भवन, नदियों के अंतर्गत अथवा फ्लड जोन के अंतर्गत निर्मित भवन आदि ऐसे समस्त भवन जो असुरक्षित हों।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि ऐसे असुरक्षित भवनों का भी चिन्हिकरण किया जाएगा, जिन्हें रेट्रोफिटिंग द्वारा सुरक्षित किया जा सकता है। बताया कि समिति इनके चिन्हिकरण के बाद आपदा न्यूनीकरण भवनों को सुरक्षित किये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेगी।

तीर्थनगरी की शिवानी के नाम एक ओर उपलब्धि, अब किकबॉक्सिंग में दो स्वर्ण

स्पोर्ट्स ऑथोरटी ऑफ इंडिया शिलारू, शिमला हिमाचल प्रदेश में दिनांक 25 सितंबर को आयोजित खेलो इंडिया किकबॉक्सिंग वूमेन लीग में शिवानी गुप्ता ने लाइट कॉन्टैक्ट में स्वर्ण पदक एवम किक लाइट इवेंट में स्वर्ण पदक सहित 2 स्वर्ण पदक राज्य के नाम कर देवभूमि का मान बढ़ाया है।

खिलाड़ी शिवानी गुप्ता ने बताया कि वह आगामी नवम्बर में यूरोप पुर्तगाल में आयोजित वाको सीनियर एंड मास्टर्स किक बॉक्सिंग चौंपियनशिप में प्रतिभाग हेतु कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश शिमला में स्तिथ स्पोर्ट्स ऑथोरेटी ऑफ इण्डिया शिलारू में वाको इंडिया किकबॉक्सिंग एसोसियेशन द्वारा आयोजित इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग ट्रेनिंग कैंप इंटरनेशनल कोच से ट्रेनिंग ले रही है जिससे वह पूरी मेहनत से वर्ल्ड चौंपियनशिप में भी देश का परचम लहरा सके।

शिवानी गुप्ता ने बताया कि खेलो इंडिया वूमेन लीग का शुभारंभ ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर एवम वाको इंडिया एसोसियेशन के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल जी द्वारा किया गया।

इस शुभ अवसर पर उत्तराखंड अमेच्योर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कोटनाला, वर्किंग प्रेसिडेंट ओम प्रकाश मल,महासचिव सतेंद्र कुमार, किक बॉक्सिंग कोच विपिन डोगरा, कोच अनुज गौड़ ने खिलाड़ी शिवानी गुप्ता को राज्य का मान बड़ाने पर शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री धामी पहुँचे लंदन, एयरपोर्ट पर प्रवासी भारतीयों एवं उत्तराखण्ड के प्रवासियों के द्वारा गर्मजोशी से किया गया स्वागत

लंदन। चार दिवसीय ब्रिटेन दौरे लेक लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को लंदन एयरपोर्ट पहुँचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय पहुँचे । लंदन पहुँचने पर भारतीय समुदाय और उत्तराखंड मूल के लोगों के द्वारा मुख्यमंत्री का उत्तराखण्ड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों के वादन तथा उत्तराखण्ड की परम्परा के अनुसार गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का यह डेलिगेशन 25 सितंबर से 29 सितंबर तक ब्रिटेन दौरे पर रहेगा। राज्य सरकार का डेलिगेशन लंदन और बर्मिघम में दुनिया के बड़े बिजनेस हाउसेस से बैठक करेगा और आगामी दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए न्यौता देगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लंदन और बर्मिघम दौरे पर टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, हेल्थकेयर, फूड प्रोसेसिंग के अलावा ऑटोमोबिल इन्डस्ट्री के उद्योग घरानों के साथ बैठकें की जाएंगी।

सशक्त उत्तराखण्ड का लक्ष्य लेकर मुख्यमंत्री लंदन रवाना, ट्वीट करके कही अपने दिल की बात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशक्त उत्तराखण्ड का लक्ष्य लेकर लंदन रवाना हो गए । लंदन रवाना होने से पहले सीएम धामी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। और अपने दिल की बात कही।

सीएम धामी ने लिखा, देवभूमि के आराध्य देवी-देवताओं के आशीर्वाद से एवं समस्त प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति तथा सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु दिसंबर में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ में प्रवासी भारतीयों एवं अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों से मुलाकात एवं उन्हें इस समिट में आमंत्रित करने हेतु आज लंदन और बर्मिंघम की यात्रा पर जा रहा हूं।

उत्तराखण्ड निवेश के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास है कि विदेश से भी लोग यहां निवेश के लिए आएंगे, जिसके माध्यम से रोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध होने के साथ ही उत्तराखण्ड के विकास को भी नई गति प्राप्त होगी।

आवास मंत्री अग्रवाल ने पीएम आवास योजना के 1305 लोगों को लॉटरी के माध्यम से दिए घर के कागज

आवास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास के प्रपत्रों का आवंटन किया गया।

मंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत आवास विभाग द्वारा ।भ्च् घटक में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आवास विभाग द्वारा कुल 20 परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि आवास एवं विकास परिषद द्वारा निजी विकासकों के सहयोग से हरिद्वार में संचालित बेलडी-रूडकी आवासीय परियोजना के तहत 628, श्यामनगर-गदरपुर आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के अतंर्गत 238, गंगापुर-गोसाई आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के अतंर्गत 120, तथा उकरौली-सितारगंज आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के अतंर्गत 319 लाभार्थियों को आवास के प्रपत्रों का आवंटन किया गया।

मंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के कल्याण के मंत्र को साकार करते हुए समाज के अन्तिम व्यक्ति तक विकास की किरण को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती के अवसर पर आज समाज के अन्तिम छोर पर खड़े ऐसे 1305 लाभार्थियों को आवास आवंटन किये गये।

मंत्री ने कहा कि आवास आवंटन प्रक्रिया को पूर्णतया पारदर्शी बनाये जाने हेतु ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवंटन के समय वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए भूतल में उनकों आवास आवंटन किये जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु प्राथमिकता महिला को दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किया जा रहा है।

आवास मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार से स्वीकृति के उपरान्त 20 परियोजना में जिनके कुल 15960 आवास बनाये जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा कुल 05 परियोजनाओं में 3104 ई0डब्ल्यू0एस0 आवासीय इकाईयां प्रस्तावित है, जबकि परिषद् द्वारा कुल 15 परियोजनाओं में 12856 आवास प्रस्तावित है। मंत्री ने कहा कि अब तक 464 आवास निर्मित कर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा लाभार्थियों को उपलब्ध कराये जा चुके है। उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद् द्वारा कुल 15 परियोजनाओं में 12865 ई0डब्ल्यू0एस0 आवासों पर कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि उक्त परियोजनाओं में रू0 6.00 लाख प्रति आवास की दर से निजी विकासक द्वारा आवास मय भूमि परिषद् को उपलब्ध करायी जा रही है, जिसमें से रू0 1.50 लाख भारत सरकार द्वारा अनुदान के रूप में तथा रू0 1.00 लाख राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जा रही है। शेष रू0 3.50 लाख लाभार्थियों द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकासक को यह धनराशि उसके द्वारा किये गये निर्माण की मात्रात्मक एवं गुणात्मक जांचोपरान्त कार्य की प्रगति के अनुसार समय-समय पर निर्गत की जा रही है। मंत्री ने कहा कि उक्त समस्त आवास माह सितम्बर 2024 के पूर्व निर्मित कर लाभार्थियों को हस्तान्तरित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लाभार्थियों की सुविधा हेतु बैंकों एवं गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से आसान किश्तों में गृह ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर आवास आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता आनन्द राम, सहायक अभियन्ता विनोद चौहान एवं टी०एस० पंवार तथा विकासक अजय मंगल, जितेन्द्र कुमार, दीपक खैरवाल एवं राजेश गुप्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।