एक सप्ताह में तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या प्रेषित करे विभाग-एसीएस

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में तिब्बती पुनर्वास नीति के संबंध में बैठक के दौरान राज्य सरकार के सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या अथवा अनापत्ति प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य में निवास कर रहे तिब्बती नागरिकों को मिल सके इसके लिए तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उत्तराखण्ड में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने शासन को जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतें, भूमि स्वामित्व विवाद, आवास, सड़क, पेयजल का ना मिलना जैसी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने राज्य में तिब्बती संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शासन से सहायता की अपेक्षा की है।
बैठक में विशेष सचिव गृह विभाग रिद्धिम अग्रवाल, निवेदिता कुकरेती, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून प्रत्यूष सिंह, अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सेन्ट्रल तिब्बतन वेलफेयर ऐसोसिएशन के पदाधिकारी एवं देहरादून में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय मैराथन में हरिद्वार की सोनिया ने पहला स्थान हासिल कर किया देश में उत्तराखण्ड का नाम रोशन

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के अन्तर्गत आज राष्ट्रीय स्तर की प्रथम रेड रन मैराथन 2023 का आयोजन गोवा में किया गया, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति उत्तराखंड की ओर से युवा प्रतिभागी प्रियांशु चौधरी, आदर्श यादव सोनिया एवं अनीशा द्वारा प्रतिभाग किया गया।

उत्तराखण्ड राज्य के हरिद्वार जनपद की धावक कुमारी सोनिया ने राष्ट्रीय स्तर की रेड रेन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया जो कि उत्तराखण्ड के लिए बहुत की गौरव की बात है क्योंकि इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के 28 प्रदेशों एवं 08 संघ शासित प्रदेशों के द्वारा प्रतिभाग किया गया था। इससे पूर्व राज्य स्तर पर रेड रेन प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 30 सितम्बर 2023 को जनपद देहरादून में किया गया था जिसमे बालक वर्ग में प्रयांशु चौधरी द्वारा प्रथम एवं आदर्श यादव द्वारा द्वितीय तथा बालिका वर्ग में सोनिया द्वारा प्रथम तथा अनीशा द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। गोवा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की रेड रन मैराथन प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली उत्तराखंड की धावक कुमारी सोनिया को गोवा के माननीय मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत द्वारा ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं पचास हजार रूपये का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी० राने, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की अपर सचिव एवं महानिदेशक हेकाली जिगोमी, निदेशक, निधि केशरवानी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में उत्तरखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ0 अजय कुमार नगरकर, उप निदेशक वित्त, महेन्द्र कुमार, अनुभाग सहायक विनोद कुमार स्पोटर्स कॉलेज के कोच हेमराज सिंह उप-प्रधानाचार्या मीना सिंह उपस्थित थे।

इस अवसर पर पूरे कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य की टोपी छायी रही जिसे उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ० अजय कुमार द्वारा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की अपर सचिव एवं महानिदेशक हेकाली जिमोमी, नाको भारत सरकार की निदेशक निधि केशरवानी सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को भेट की गई।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सचिव स्वास्थ्य/ परियोजना निदेशक डॉ आर राजेश कुमार ने राज्य की तरफ से प्रतिभा करने वाले सभी प्रतिभागियों को भविष्य हेतु शुभकामनाएं। इसके साथ ही एड्स नियंत्रण हेतु सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसे एक सकारात्मक संदेश न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में जाएगा। एड्स नियंत्रण को लेकर उत्तराखंड में अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर काम हो रहा है। हमारा प्रयास है कि जनसहभागिता व सरकारी प्रयासों से आने वाले समय में इसको पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।

आदिकैलाश से विश्व को आध्यात्म का संदेश देने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारखंड के बाद मानसखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए 12 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम से करेंगे। जागेश्वर धाम अपने पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

जागेश्वर धाम पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी।

जागेश्वर मंदिरों का निर्माण कत्यूरी राज के कालखंड में हुआ था। जागेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में सदियों से आध्यात्म के दर्शन करा रहे हैं। यहां लगभग छोटे-बडे 224 मंदिर स्थित हैं। मंदिरों का निर्माण लकडी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बडी-बडी शिलाओं से किया गया है। दरवाजों की चौखटें देवी देवताओं की प्रतिमाओं से सुशोभित हैं। मंदिरों के निर्माण में तांबे की चादरों और देवदार की लकडी का भी इस्तेमाल किया गया है।

…..कैसे पहुंचे जागेश्वर धाम….
यहां पहुंचने के लिए काठगोदाम अंतिम रेलवे स्टेशन है। दिल्ली आनंद विहार आईएसबीटी और देहरादून से हल्द्वानी व अल्मोड़ा के लिए बस सेवा भी हैं। दिल्ली और देहरादून से वहां की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम की दूरी 35 किलोमीटर है। इसी तरह हवाई जहाज से पंतनगर एयरपोर्ट तक नजदीकी सेवा है। पंतनगर से टैक्सी से जागेश्वर धाम 150 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंच सकते हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा उत्तराखंड के मनोरम पिथौरागढ़ जिले में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होने वाली है। पीएम मोदी 12 अक्टूबर को इस महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलेंगे और अपने प्रवास के दौरान उन्हें प्रसिद्ध मायावती आश्रम में ठहराया जाएगा।

वह चीन सीमा के पास स्थित पवित्र स्थल आदि कैलाश पर आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह पवित्र तीर्थ स्थान अपनी लुभावनी सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है जो हर साल अनगिनत भक्तों को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति निसंदेह पवित्रता को बढ़ाएगी और समाज के सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित करेगी।

इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान व्यास घाटी के भीतर बसे जोलिकांग के विस्मयकारी वैभव को देखने की इच्छा व्यक्त की है। यह अभूतपूर्व प्राकृतिक आश्चर्य सुरम्य परिदृश्यों का प्रतीक है जो आगंतुकों के मस्तिष्क और ह्रदय पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए बाध्य है।

प्रधानमंत्री, कुल 4194 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

स्थानीय अधिकारी पीएम मोदी के लिए न केवल एक सुचारु यात्रा कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए बल्कि उनकी पूरी यात्रा के दौरान एक अविस्मरणीय अनुभव सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे लगन से काम कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर उत्साह दूर-दूर तक महसूस किया जा सकता है, लोग इस ऐतिहासिक यात्रा की झलकियों और अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के भीतर ऊर्जा स्पष्ट है, स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही पीएम मोदी को अपनी उपस्थिति से इन उल्लेखनीय स्थानों की शोभा बढ़ाते हुए देखने की संभावना से समान रूप से रोमांचित हैं।

प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण यात्रा न केवल उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए एक जीवंत तस्वीर पेश करती है, बल्कि इस विविधतापूर्ण राष्ट्र के सबसे दूरस्थ कोनों की खोज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में भी काम करती है।

वैज्ञानिक आधार पर बरसाती नदियों को ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़ने के अभिनव प्रयासों पर दिया बलः सीएम

मध्य क्षेत्रीय परिषद की नरेंद्र नगर में आयोजित बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित प्रतिभाग कर रहे अन्य महानुभावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण बैठक को उत्तराखण्ड में आयोजित किये जाने के लिये केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद केंद्र तथा राज्यों के मध्य आपसी सहयोग एवं समान प्रकार के मामलों में सेतु के समान है। परिषद आपसी विचारों एवं अनुभवों को साझा करने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखण्ड से संबंधित कतिपय नीतिगत विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखण्ड में अवस्थापना सुविधाओं के विकास तथा आवश्यक सेवाओं के सृजन में अन्य राज्यों की अपेक्षा लागत अधिक रहती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण विकास कार्यों के संचालन में कतिपय कठिनाइयां रहती है, जबकि हमारे आर्थिक संसाधन भी सीमित हैं। इन परिस्थितियों एवं संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद राज्य की प्रति व्यक्ति आय को राष्ट्रीय औरत से लगभग दो गुना करने में हम सफल हुए हैं, तथा राज्य के विकास की दिशा में कई उपलब्धियां हासिल कर उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली गंगा, यमुना, काली सहित अनेक बारहमासी नदियां मैदानी क्षेत्रों की जीवन रेखा भी है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि वैज्ञानिक आधार पर बरसाती नदियों को ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया जाना चाहिए, इसका लाभ न केवल उत्तराखण्ड को बल्कि पूरे देश को होगा। इसके लिये उत्तराखण्ड सहित अन्य मध्य क्षेत्रीय राज्यों को केंद्र सरकार से तकनीकि एवं वित्तीय सहयोग दिये जाने पर भी उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऑल वेदर रोड के अन्तर्गत राज्य में तेजी से काम हो रहा है परन्तु इसे सीमान्त क्षेत्र तक बढ़ाने की आवश्यकता है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की तर्ज पर राज्य के दूसरे मण्डल में टनकपुर से बागेश्वर रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना भी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का आपदाओं जैसे भूस्खलन, अतिवृष्टि, वनाग्नि, ग्लेशियर खिसकना इत्यादि से चोली दामन का साथ है। इसके लिए राज्य को एक सशक्त वेदर फोर कास्टिंग सिस्टम, डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंक की सुविधा हो, इसके लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं इसके लिये उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित ऐसे गांवों में विद्युत व्यवस्था, मोबाइल कनेक्टिविटी तथा बैंकिंग सेवा व्यवस्था में सुधार हेतु केन्द्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 को ‘‘अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर‘‘ घोषित किया गया है, अतः मिड डे मील में अनिवार्य रूप से बच्चों को मिलेट प्रदान किया जाए ताकि बच्चे स्वस्थ रहें, इस बारे में शिक्षा मंत्रालय तथा खाद्य मंत्रालय के समन्वय से समुचित कार्यवाही किए जाने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने परिषद की 25वीं बैठक काशी विश्वनाथ की नगरी में रखे जाने का किया प्रस्ताव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में दुनिया ने देश के सामर्थ्य और शांति के प्रदर्शन को स्वीकार किया है। विभिन्न क्षेत्रों की परिषदों की बैठकों का आयोजन केंद्र राज्य संबंधों को बेहतर बनाने का कार्य कर रहे है जो समस्याओं के समाधान का उपयुक्त मंच बन रहा है। उन्होंने मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक काशी विश्वनाथ की नगरी में आयोजित किये जाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बीमारू से समृद्ध राज्य के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान उत्तराखण्ड व हिमाचल के साथ हिमालयी राज्यों को आपदा की समस्या का सामना करना पड़ा है। अब कई नए क्षेत्र भी इसमें शामिल हो रहे है। इसके लिए उन्होंने नदियों के केचमेंट एरिया को सुरक्षित किये जाने के साथ ही नदियों के चौैनलाइजेशन की दिशा में पहल किये जाने की बात कही। उन्होंने आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को रोकने में भी मिशन मोड में कार्य करने पर बल दिया। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में भी सभी राज्य आपसी सहभागिता से इस दिशा में क्या कुछ बेहतर कर सकते है इस पर चिन्तन किये जाने की उन्होंने जरूरत बतायी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु के साथ ही सचिव गण उपस्थित थे।

49वीं पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी का अवसर उत्तराखंड को मिलना गर्व की बातः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफ.आर.आई देहरादून में केन्द्रीय सहकारिता गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी करने का अवसर उत्तराखण्ड को मिला, यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके लिए हर क्षेत्र में प्रगति करना जरूरी है। इसलिए पुलिस बलों की क्षमता के विकास हेतु इस प्रकार के आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। वर्तमान परिदृश्य में अपराध और अपराधी पारम्परिक प्रणालियों से काफी आगे निकल गये हैं, संगठित अपराध अधिक हो रहे हैं साथ ही साइबर क्राइम के मामलों में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स जैसी आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग भी अपराधियों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस बल को तकनीकी व मानसिक दक्षता के साथ उन्नत तकनीकी तथा सक्षम माध्यमों से सुसज्जित रहने की आवश्यकता है। इसके लिए गृहमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस पुलिस कांग्रेस में व्यापक विचार-विमर्श और सार्थक चर्चाओं द्वारा पुलिसिंग तथा आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त साइबर सिक्योरिटी व डाटा चोरी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने साईबर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए ई-सुविधा, मामलों के त्वरित निस्तारण पर बल देने के साथ ही जन जागरूकता अभियानों से जनता को सचेत भी किया है। उत्तराखण्ड पुलिस ने विभिन्न एप्लिकेशन्स लांच किए हैं, जिनके द्वारा प्रभावी पुलिसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। ऑपरेशन मुक्ति भीख मांगने कचरा इक्ट्ठा करने तथा अन्य छोटे काम करने को बाध्य बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाने के साथ ही इस अभियान के ध्येय वाक्य ’भिक्षा नहीं शिक्षा दें’ को सार्थकता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने पिछली बैठक में आतंकवाद पर प्रहार करने का आह्वान करते हुए राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा नीति बनाए जाने की बात कही थी। उनके नेतृत्व में आज देश में आतंकवाद का सफाया हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुझाव दिया कि वनों की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को भी अत्याधुनिक शस्त्र चलाने तथा अर्द्धसैनिक बलों की भांति प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस को और अधिक आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करना होगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आवश्यक नई तकनीकों के संबंध में भी इस कांग्रेस में विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग को अपने साथ जोड़कर समय-समय पर राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा हेतु सुझावों का आदान-प्रदान करने की भी आवश्यकता है। इसके अंतर्गत कम्यूनिटी आउटरीच कार्यक्रम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों हेतु कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को चिन्हित कर उनका सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया है, जिस प्रयास में हमें सफलता भी प्राप्त हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्य लक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायकगण, सचिव गृह, भारत सरकार अजय कुमार भल्ला, उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी, महानिदेशक पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो बालाजी श्रीवास्तव, उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज मायापुर में विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्गत बजरंग दल के नेतृत्व में आयोजित विगत 19 सितम्बर से बद्रीनाथ के माणा गांव से प्रारम्भ हुई ’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि ’’शौर्य जागरण यात्रा’ नाम से ही, उसका उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज जो भी फैसले होते हैं, वे न्याय व संतुष्टि करण के आधार पर होते हैं, हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर जल्दी ही बनकर तैयार हो जायेगा। काशी कॉरिडोर अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ का पुनर्निर्माण तथा बदरीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है। रोपवे परियोजनाओं-केदारनाथ रोपवे, हेमकुण्ड रोपवे पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में सुरक्षा का माहौल है। आज भारत विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बन गया है। भारत आर्थिक रूप से महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा लोगों की आस्था का केन्द्र है। राज्य सरकार इसके मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये कृत संकल्पित हैं। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस कार्य के लिये गठित कमेटी सारा संकलन करके ड्राफ्ट देने वाली है, जिसे जल्दी ही लागू किया जायेगा।
’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम को श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी, केन्द्रीय संगठन मंत्री विनायक, देवशरण आनन्द ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष रूड़की व हरिद्वार शोभाराम प्रजापति, संदीप गोयल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, आशु, लव शर्मा, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन उपस्थित रहे।

प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी लंदन-बर्मिघम यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने रोडमैप तैयार किया है और उस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट इस दिशा में एक बड़ा और कारगर कदम साबित होगा। हाल में मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय ब्रिटेन यात्रा की सफलता और 12500 करोड़ के निवेश करार से संकेत मिल रहे हैं कि निकट भविष्य में प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिकी भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि ब्रिटेन में मिले निवेश प्रस्तावों से सम्मिट की अवधारणा को बल मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है।
धामी सरकार दिसम्बर में ग्लोबल इंवेस्टर सम्मिट का आयोजन कर रही है। इस सम्मिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश करार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने निवेश के लिए 6000 एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया है। केंद्र द्वारा हाल में जारी एमएसएमई आंकड़ों के अनुुसार उत्तराखंड में मौजूदा समय में लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की संख्या 59026 है। इन उद्योगों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दस लाख से भी अधिक लोगों को रोजगार मिला है। धामी सरकार का फोकस है कि औद्योगिक इकाइयों में पांच लाख रोजगार सृजन हो। उत्तराखंड में अभी अधिकांश सर्विस इंडस्ट्रीज हैं। इसकी तुलना में मदर्स इंडस्ट्रीज यानी अंतिम उत्पादन उद्योग कम हैं। सीएम धामी का फोकस सर्विस के साथ ही मदर्स इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देना भी है।
प्रदेश में वन संपदा के अलावा चूना पत्थर, रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, मैग्नेसाइट, कॉपर ग्रेफाइट, सोप स्टोन, जिप्सम की उपलब्धता है। इसका दोहन करने से भी रोजगार और राजस्व की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा फार्मा, मेडिकल डिवाइस, आटोमोबाइल, एरोमा के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन और साहसिक पर्यटन सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। आईटी सेक्टर के लिए प्रदेश में कनेक्टिविटी और मैनपावर दोनों ही उपलब्ध हैं।
प्रदेश सरकार अगले पांच वर्ष में एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस दिशा में धामी सरकार उत्तराखंड में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन को लेकर काम कर रही है.। राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है. इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना के लिए नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन यात्रा के दौरान अप्रवासी भारतीयों और वहां के निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और कानून-व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी की ब्रिटेन यात्रा का एक अहम पहलू यह भी रहा है कि उन्होंने देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए की संभावनाएं तलाशने का भी काम किया। इसके लिए उन्होंने फ्रांस की पोमा ग्रुप को उत्तराखंड में संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव दिया है।
ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे के दिन शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अप्रवासी भारतीयों के साथ मंथन, ब्रिटेन से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कार्ययोजना, विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन और अप्रवासी सेल बनाने की दिशा में भी अहम कार्य किये।
मुख्यमंत्री धामी ने जर्मनी के साथ भी तकनीक और कौशल विकास के लिए करार किये हैं। उत्तराखंड में श्रमशक्ति और संसाधन हैं यदि कौशल विकास होगा तो यहां रोजगार की अपार संभावनाएं भी विकसित होंगी। बहरहाल, सीएम की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों से ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट 2023 के लिए मनोबल बढ़ा है और साथ ही यदि ब्रिटेन में किये गये निवेश प्रस्तावों पर अमल हो गया तो सीएम धामी की ब्रिटेन यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने दुनियाभर से निवेश उत्तराखंड लाने का लिया संकल्प

श्रीकृष्ण ने श्रीमद् गीता में कहा है कि ‘योगः कर्मसु कौशलम’। अर्थात फल की चिंता न करते हुए कर्मों को कुशलतापूर्वक करना ही योग है। इस सूत्रवाक्य को आत्मसात करते हुए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुनियाभर से उत्तराखण्ड में निवेश लाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हाल ही में उन्होंने इंग्लैण्ड का दौरा किया। तीन दिवसीय दौरे का एक एक क्षण उन्होंने उत्तराखण्ड की ब्रांडिंग और वैश्विक निवेशकों को लुभाने के लिए समर्पित कर दिया। धामी ने इंग्लैण्ड में अपना ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने मकसद पर केन्द्रित रखा।

बीते 26 सितम्बर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी टीम के साथ लंदन पहुंचे थे। लंदन पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले रोपवे ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में निवेश करने वाली अग्रणी कम्पनी पोमा के निदेशक मण्डल से वार्ता की कम्पनी को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में भारत में उत्तराखण्ड निवेश के लिए किसी तरह सबसे मुफीद प्रदेश है। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी ने इण्डिया हाउस में टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाली तमाम नामी कम्पनियों के साथ बैठक कर उन्हें करार के लिए राजी किया। भोजनावकाश के बाद धामी ने यूके पार्लियामेंट में कोबरा बियर के संस्थापक और अध्यक्ष लार्ड करन बिलिमोरिया से मुलाकात की। शाम के वक्त धामी ने लंदन में जबरदस्त रोड शो किया जिसमें प्रवासी भारतीय खासकर उत्तराखण्ड के प्रवासियों ने बड़ी संख्या में जुटे।

दूसरे दिन 27 सितम्बर को मुख्यमंत्री धामी ने बर्मिंघम में रोड शो के जरिए निवेशकों का ध्यान उत्तराखण्ड की ओर खींचा। तकरीबन दो घण्टे तक चला यह रोड शो देखने लायक था, जिससे उत्तराखण्ड की जबरदस्त ब्रांडिग की गई। रोड शो समाप्त होते ही धामी ने डब्लूएमजी यानि वारविक मैन्यफैक्चरिंग ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ लम्बी मंत्रणा की और उन्हें देवभूमि में निवेश का न्यौता दिया। देर शाम धामी ने नॉरटन मोटर साइकल कम्पनी के टॉप ऑफिशियल के सामने निवेश के प्रस्ताव रखे जिसे कम्पनी ने सहर्ष स्वीकार किया। यह वही कम्पनी है जिसे भारत की कम्पनी टीवीएस अधीग्रहित कर चुकी है। इसके बाद धामी देर शाम बर्मिंघम से लंदन लौट आए आए।

तीसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंदन में यूरोप में ट्रेड फेयर आयोजित करने वाली सबसे बड़े संस्थान फीरा द बार्सिलोना के प्रतिनिधियों से वार्ता की। यह संस्थान आर्थिक गतिविधियों के लिए वैश्विक प्लेटफार्म मुहैया करवाने के लिए मशहूर है। बैठक के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए धामी फिर ईज माई ट्रिप के प्रबंधन से मिले। इस कम्पनी को ट्रैवलिंग के क्षेत्र में व्यवसाय की महारत हासिल है। दोपहर का वक्त मुख्यमंत्री धामी ने अफ्रीका, कैरेबियन और कॉमनवैल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ एकसपोर्ट एण्ड इण्टरनेशनल ट्रेड की स्ट्रैटेजिक हैड दिविया पटेल स्मिथ के साथ लम्बी मंत्रणा की और उनके व्यवसायिक अनुभवों को जाना। फिर देर शाम तक धामी ने एक के बाद एक जर्मन एम्बेसी, यूनिवर्सिटी ऑफ बोल्टोन के साथ की कई अन्य नामी कम्पनियों के प्रबंधकों से अपने प्रस्ताव साझा किए। उनके इस व्यस्त दौरे का प्रतिफल यह रहा कि लंदन और बर्मिंघम में तकरीबन 12,500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर उत्तराखण्ड सरकार के साथ करार हुए। धामी के कर्मयोग की बदौलत ही राज्य को यह सफलता मिल पाई। इंग्लैण्ड के सफल दौरे के बाद शनिवार को देहरादून पहुंचे धामी का देहरादून में जोरदार स्वागत हुआ। अब धामी 5 अक्टूबर से सिंगापुर और ताइवान के भ्रमण पर रहेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को वह दुबई के दौरे पर रहेंगे और निवेशकों को उत्तराखण्ड में निवेश का न्योता देंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाया जायेगा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यू.के दौरे से नई दिल्ली आगमन के बाद मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि यू.के. में आयोजित विभिन्न बैठकों में राज्य में लगभग 12 हजार 5 सौ करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर करार हुआ। उन्होंने कहा कि अपने अप्रवासी भाई-बहनों और उत्तराखंड सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने तथा उनके निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन के पर्यटन मंत्री के साथ उत्तराखंड और ब्रिटेन के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने हेतु कार्ययोजना बनाने के लिए सहमति भी बनी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 25 सितम्बर को देहरादून से दिल्ली और फिर दिल्ली से हीथ्रो एयरपोर्ट की यात्रा के पश्चात हीथ्रो एयरपोर्ट पर जिस प्रकार उत्तराखंड के प्रवासियों ने गर्मजोशी से उत्तराखंडी रीति रिवाजों और वाद्य यंत्रों के साथ स्वागत किया, वह अपने आप में भाव विभोर करने वाला पल था। उसी शाम लंदन में उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहनों ने स्वागत के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया ऐसा लग रहा था कि वे लंदन में नहीं बल्कि उत्तराखंड के ही किसी शहर में अपने उत्तराखंडी भाई बहनों से मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 सितंबर को फ्रांस के पोमा ग्रुप के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्रों और सुदूर क्षेत्रों को रोपवे द्वारा जोड़ने तथा जन परिवहन की दृष्टि से इस माध्यम को प्रयोग में लाने के लिये 2 हजार करोड़ रुपए का करार किया गया। पोमा ग्रुप द्वारा राज्य में देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जाने के संदर्भ में संभावनाएं तलाशने हेतु कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया गया। उसके बाद इंग्लैंड में स्थित भारतीय दूतावास में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ बैठक में उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों में तेजी लाने हेतु कार्ययोजना पर मंथन किया गया तथा उन्हें प्रदेश की नई पर्यटन नीति के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर केबल कार परिवहन व्यवस्था विकसित करने तथा औली, दयारा बुग्याल और मुनस्यारी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने हेतु विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन विकसित किए जाने हेतु सहमति जताते हुए अमेरिका के के.एन. ग्रुप के साथ 4800 करोड़ रुपए का निवेश करार किया गया। ब्रिटिश पार्लियामेंट के लार्ड मेयर तथा बर्मिंघम विश्वविद्यालय के कुलपति बिली मोरया के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के विषय में चर्चा की गई। उनके द्वारा उत्तराखंड में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने हेतु सहमति जताई गई। उत्तराखण्ड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 80 डेलिगेशनों के साथ ही सघन बैठक (लंदन रोड शो) में लगभग 1250 करोड़ रूपये के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किये गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 सितंबर को ब्रिटेन के ऐतिहासिक शहर और औद्योगिक व शिक्षा के केंद्र के रूप में विख्यात बर्मिंघम शहर में आयोजित, उत्तराखंड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 250 डेलिगेशनों के साथ हुई सघन बैठक (बर्मिघम रोड शो) में लगभग 1500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए। 28 सितंबर को ब्रिटेन में कार्यरत विभिन्न उद्योग समूहों के साथ हुई बैठक में पर्यटन एवं विनिर्माण क्षेत्रों में हुए करार के अंर्तगत 3300 करोड़ रुपए के अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। जर्मन एंबेसी के अधिकारियों के साथ बैठक में जर्मनी द्वारा तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास के संबंध में उत्तराखंड को सहयोग देने के साथ-साथ हमारे कुशल कर्मकारों को जर्मनी में कार्य करने हेतु बुलाने के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। लंदन नगर निगम के लार्ड मेयर के साथ उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए वित्तीय व्यवस्था के संबंध में बॉन्ड मार्केट से फंड रेज्ड करने हेतु तकनीकी सहयोग के लिये बैठक हुई।

लंदन में मुख्यमंत्री धामी की बैठकों का दौर जारी, तीसरे दिन हुआ तीन हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट का एमओयू साइन

लंदन। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ब्रिटेन दौरे के तीसरे दिन भी दुनियाभर के कई निवेशकों के साथ बैठकों का दौर जारी रहा। आज लंदन मे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दो कंपनियों के साथ 3 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए जा चुके हैं। जिसमें आगर टेक्नोलॉजी के साथ 2 हजार करोड़ का एमओयू साइन किया गया। आगर टेक्नोलॉजी द्वारा उत्तराखण्ड में लिथियम बैटरी प्लांट्स में निवेश करने की सहमति जताई गई। इसी क्रम में आज फ़िरा बार्सिलोना के साथ 1 हजार करोड़ का एमओयू साइन किया गया। फ़िरा बार्सिलोना यूरोप का प्रतिष्ठित ग्रुप है जो कि कन्वेंशन सेंटर और इवेंट्स मैनेजमेंट में काम करती है। ये विश्वस्तरीय विजनेस फेयर कराने की दक्षता रखते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने एमओयू में साइन किए।

इसके अतिरिक्त इज माई ट्रिप के साथ भी दो एमओयू किए गए। इसमें राज्य समर्थित ओटीए (ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर) बनाए जाने और पर्यटन के लिए विश्व में उत्तराखंड का प्रमोशन करने पर इज माई ट्रिप ने सहमति दी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री डा0 आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत प्रतिनिधि मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं निवेशक मौजूद रहे।