लखनऊ में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा आयोजित महोत्सव का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तराखंड महोत्सव का शुभारंभ करते हुए ऐसे आयोजनों को अपनी संस्कृति को जानने तथा इसे देश व दुनिया तक पहुंचाने का बेहतरीन माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड महोत्सव जैसे आयोजन हमारी लोक विरासत को संरक्षण प्रदान करने के साथ ही आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य कर रही है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह उत्तराखंड महोत्सव, निश्चित रूप से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का भी कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सवों के आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड का ही नहीं बल्कि पूरे देश का भी सांस्कृतिक वैभव बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने हाल ही में लंदन, दुबई, अबू धाबी के दौरे के दौरान उन्होंने देखा कि हमारे भारतीय और विशेष रूप से उत्तराखंडी लोग आज भी अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता को नहीं भूले हैं। वे लोग विदेशी जमीन पर रहकर भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। लंदन और दुबई में उत्तराखंडी भाई-बहनों से मिलकर एक पल के लिए लगा कि वे उत्तराखंड में ही हैं। ऐसा ही अनुभव उन्हें लखनऊ आकर भी हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि अपनी माटी, अपनी संस्कृति और अपनी परंपरा से कटा व्यक्ति त्रिशंकु की भांति न इधर का रहता है और न ऊधर का। इसलिए यदि हमें आगे बढ़ना है तो अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़े रहना होगा। उन्होंने लखनऊ में निवासरत उत्तराखंडवासियों से अपील की कि वे अपने-अपने गांव में वर्ष में एक या दो बार अवश्य आएं। इससे हमारी भावी पीढ़ी उत्तराखंड की परंपराओं से परिचित तो होगी ही, उत्तराखंड की संस्कृति और लोक परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास को सार्थक करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की पूर्ति हेतु हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में विकास कार्यों की एक नई श्रृंखला स्थापित करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा पाकर और उनके ही मार्गदर्शन में, उत्तराखंड में विकास के एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हम पर दिखाए गए इस विश्वास को हम अवश्य ही साकार करेंगे। इसके लिए हमारी सरकार निरंतर, पूर्ण मनोयोग के साथ कार्य कर रही है। हमने ऐसे मुद्दों का निस्तारण करने का प्रयास किया है, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने दरकिनार कर दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 33 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है। इसके साथ-साथ जहां एक ओर हम ’’धर्मांतरण और लव जेहाद’’ के खिलाफ कठोर कानून लेकर आए वहीं हम ’’समान नागरिक संहिता’’ भी प्रदेश में जल्द ही लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तराखंड में हमने देश का सबसे सख्त ’’नकल विरोधी कानून’’ भी लागू किया है, जिसके लागू होने के बाद आज हमारे युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रहे हैं और अपनी योग्यता के अनुसार सफलता अर्जित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर में रहने वाले हर व्यक्ति के हित में कार्य कर रही है। यह हमारा ’’विकल्प रहित संकल्प’’ भी है। उन्होंने इस अवसर पर सभी से अपील भी की कि आप जहां भी जाएं, जहां भी रहें, अपनी लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार अवश्य करें और देवभूमि की महानता के बारें में लोगों को अवगत कराएं, क्योंकि आप सभी उत्तराखंड के ’’ब्रांड एंबेसडर’’ हैं। उन्होंने सभी से उत्तराखण्ड के समग्र विकास के पावन पुनीत लक्ष्य को पूरा करने में अपना सहयोग प्रदान करने की भी अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड से लखनऊ के लिए अतिरिक्त रेल सेवा संचालित किये जाने के लिए शीघ्र ही रेल मंत्री से वार्ता करने का भी आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में उन्होंने अपना छात्र जीवन गुजारा है, जब भी वे लखनऊ आते है तो ऐसा लगता है कि अपने ही शहर में दोबारा आए हैं। उन्होंने इस अवसर पर उत्तराखंड महापरिषद (पूर्व कुमाऊँ परिषद) के संस्थापक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे भारत रत्न प. गोविन्द बल्लभ पंत, स्व. दयाकृष्ण जोशी, स्व. श्री मेजर हयात सिंह, स्व. श्री नारायण दत्त तिवारी को भी नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरन सिंह जीना की पुस्तक सतरंगी का विमोचन करते हुए चन्दन सिंह मेहरा एवं सत्यप्रकाश जोशी को उत्तराखण्ड महापरिषद के हीरक जयंती सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री ब्रिजेश सिंह, महापौर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, उत्तराखंड महापरिषद के पदाधिकारी दीवान सिंह अधिकारी, देवेन्द्र सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के प्रवासी जन उपस्थित थे।

लखनऊ पहुंचकर सीएम धामी ने यूपी सीएम आदित्यनाथ से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु बदरी विशाल जी की प्रतिमा और प्रदेश में उत्पादित श्रीअन्न से बने उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन संबंधी विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनपद हरिद्वार के असिंचित क्षेत्रों हेतु गंग नहर से 665 क्यूसेक जल सिंचाई हेतु उत्तराखण्ड राज्य को उपलब्ध कराये जाने का पुनः अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जनपद हरिद्वार के तीन विकासखण्डों के 74 गांवों की 18280 हैक्टेयर असिंचित भूमि में सिंचाई सुविधा प्रदान करने हेतु 35 कि0मी0 लम्बी इकबालपुर नहर प्रणाली तथा कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। प्रश्नगत क्षेत्र में सिंचाई हेतु कोई नदी व अन्य जल श्रोत उपलब्ध नहीं हैं। जिस कारण गंग नहर से 665 क्यूसेक पानी उत्तराखण्ड को दिया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधीक्षण अभियन्ता गंग नहर संचालन मंडल, उ०प्र०. सिं०वि०, मेरठ द्वारा गंग नहर से 665 क्यूसेक जल मात्र खरीफ फसल हेतु उत्तराखण्ड राज्य को उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रारम्भिक फिजीबिलिटी रिपोर्ट प्रेषित की गयी थी एवं फिजीबिलिटी रिपोर्ट में अवगत कराया गया था कि 665 क्यूसेक जल खरीफ फसल हेतु उपलब्ध कराया जा सकता है, और रबी की फसल की सिंचाई हेतु जल उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य द्वारा टिहरी बाँध से मिलने वाले 4879 क्यूसेक अतिरिक्त जल में से 665 क्यूसेक जल की मांग की गयी है, वह न्यूनतम एवं औचित्यपूर्ण है, जो टिहरी बाँध से उपलब्ध होने वाले अतिरिक्त जल का 13.5 प्रतिशत मात्र है तथा उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित उपयोगिता 4000 क्यूसेक जल के पश्चात् अवशेष उपलब्ध जल से भी कम है, जिस पर सहमति उ०प्र० शासन स्तर पर लंबित है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से उत्तराखंड राज्य की प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं हेतु 665 क्यूसेक पानी की आपूर्ति उत्तरी गंग नहर से किये जाने के सम्बन्ध में स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन के सम्बन्ध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद हरिद्वार में सिंचाई विभाग की 615.836 है0 भूमि एवं 348 सं0 आवासीय भवन तथा 167 सं० अनावासीय भवन उत्तराखण्ड राज्य को हस्तान्तरण किये जाने हेतु दोनो मुख्य सचिवों द्वारा संयुक्त सहमति व्यक्त की गयी है। इसी प्रकार ‘‘जनपद ऊधमसिंहनगर की कुल 332.74 है भूमि में से 322.00 है० नानक सागर बांध डूब क्षेत्र की भूमि से उत्तराखण्ड राज्य के सहयोग से अतिक्रमण हटाये जाने तथा अवशेष 10.748 है0 भूमि उत्तराखण्ड राज्य को उपलब्ध कराये जाने के संबंध में शीघ्र निर्णय लिये जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारियों द्वारा बनबसा स्थित भूमि का पुनः सर्वेक्षण कर कन्दूर मैप एवं प्लान तैयार कर लिया गया है तथा उस पर विभिन्न प्रकार की भूमि का अंकन भी कर लिया गया है। सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड के अधिकारियों द्वार कुल 1410.55 है भूमि में से 162.06 हैक्टेयर भूमि को हस्तान्तरण हेतु उपयुक्त पाया गया है। इन सभी बिंदुओं पर दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ हुई बैठक में सैद्धान्तिक सहमति प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि जिन परिसम्पत्तियों के उत्तराखण्ड राज्य को हस्तान्तरण पर सहमति हो गयी है, उनके हस्तान्तरण के लिये शीघ्र शासनादेश निर्गत किया जाये।

आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री धामी होंगे स्टार प्रचारक

देवभूमि उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश की राजनीति का सबसे लोकप्रिय चेहरा बनता जा रहा है , मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत से कीर्तिमान स्थापित करते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता के ग्राफ में निरंतर इजाफा हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी के सरल स्वभाव व कुशल कार्यशैली की बदौलत आज आज हर किसी की जुबान पर उनका नाम है, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के बागेश्वर में हुए उपचुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी ।
मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता के फलस्वरूप भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें इस बार राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी आगामी नवंबर माह में लगभग 5 दिनों तक राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में चुनावी रैलियां एवं जनसभाओं को सम्बोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सदैव ही अपने अनेक धाकड़ व जनकल्याणकारी फैसलों से देश का ध्यान आकर्षित किया है. जिसमें समान नागरिक सहिंता हो या देश के सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू करने की बात हो। इसके साथ ही युवा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य ने अनेक कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण चारधाम यात्रा में दर्शनार्थियों व कावंड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या है. इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेतृत्व में विकास के पथ पर गतिमान है।

चेन्नई में सीएम ने निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में आगामी 08 और 09 दिसंबर को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर गुरुवार को चेन्नई में आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान विभिन्न सेक्टर्स से जुड़े निवेशकों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री के साथ चेन्नई रोड शो में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चेन्नई में आयोजित रोड शो में आए विभिन्न समूहों के निवेशकों को 8 और 9 दिसंबर 2023 को देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और उत्तराखंड का आध्यात्मिक रूप से संबंध है। तमिलनाडु में रामेश्वरम और उत्तराखंड में श्री केदारनाथ एवं आदि कैलाश विश्व प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के तमिलनाडु में रामेश्वरम और उत्तराखंड में श्री केदारनाथ ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड और तमिल संगमम को आगे बढ़ाया जाएगा।

उत्तराखंड में हैं निवेश की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ फ़ूड प्रोसेसिंग, ऑटो कम्पोनेन्ट मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे अनेकों क्षेत्रों में निवेश की अपार संम्भावनाएं हैं। उत्तराखण्ड राज्य को पीस टू प्रोसपेरिटी के मूल मंत्र के साथ सक्रिय एवं निवेश अनुकूल बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा उत्कृष्ट मानव श्रम, बेहतर अवस्थापना सुविधायें, शान्तिपूर्ण वातावरण, पारदर्शी प्रोत्साहन नीतियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के पारम्परिक क्षेत्रों जैसे पर्यटन, आयुष, वेलनेस, फ़ूड प्रोसेसिंग, ऑटो मोबाईल्स, फार्मा के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा और सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र को फोकस सेक्टर के रुप में शामिल किया है।

उत्तराखण्ड की ओर तेज़ी से बढ़ रहा निवेशकों का रुझान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक आयोजित रोड शो में देश एवं विदेशों से निवेशकों द्वारा उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है जिससे यह स्पष्ट है कि निवेशकों का तेज़ी से रुझान उत्तराखण्ड की ओर बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि निजी क्षेत्र के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाने एवं साझेदारी स्थापित करने से ही हम राज्य में आर्थिक प्रगति एवं रोजगार के अवसरों के सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, यही कारण है कि उत्तराखण्ड में प्रदेश सरकार ने उद्योगों के साथ बेहतर सम्बन्ध एवं तालमेल बढ़ाने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को इन्वेस्टर्स फ्रेंडली बनाने के लिए विगत कुछ माह में 30 से अधिक नीतियों में संशोधन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की थीम को “पीस टू प्रोस्पेरिटी” रखा गया है। टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखंड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है। उत्तराखंड, देश के प्रमुख फार्मा हब के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि इन्वेस्टर्स उत्तराखण्ड में भी निवेश करें ताकि प्रदेश में औद्यौगिक विकास की गति बढ़ सके। प्रदेश में निवेश बढ़ने से अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश होने के साथ ही निवेश हेतु भी बेहतरीन डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सरकार ने निवेशकों के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं।

कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड में रोड, एयर और रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में कई इंवेस्टर फ्रेंडली नीतियों को संशोधित किया गया है।

कार्यक्रम में सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिन कुर्वे, डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा और विभिन्न क्षेत्रों के निवेशक उपस्थित रहे।

चेन्नई रोड शो में 10150 करोड़ के एमओयू किए गए

सीएम पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में हेल्थकेयर, फार्मा, एनर्जी सेक्टर से जुड़े विभिन्न उद्योग समूहों के साथ ₹10150 करोड़ से अधिक के एमओयू

चेन्नई रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न उद्योग समूहों के साथ 10150 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए। जिसमें प्रमुख रुप से हेल्थकेयर, फार्मा, एनर्जी सेक्टर से जुड़े विभिन्न उद्योग शामिल हैं। चेन्नई में आज पहले सत्र में हुए एमओयू में क्रमशः स्टार्टअप एंड इक्यूवेटर हेतु जुलाई वेंचर्स के साथ 1000 करोड़ का एमओयू, हेल्थ केयर सेक्टर में निवेश हेतु क्षणा ग्रुप के साथ 1000 करोड़, उच्च शिक्षा में निवेश हेतु एसआरएम यूनिवर्सिटी के साथ 600 करोड़, हेलीपोर्ट एंव ऊर्जा क्षेत्र में रिफेक्स ग्रुप के साथ 500 करोड़, एरोमा पार्क हेतु ईन्फ्ला मोवी ग्रुप के साथ 250 करोड़, टूरिज्म सेक्टर में निवेश हेतु मिलटेक्स ग्रुप के साथ 100 करोड़ के एमओयू साइन किए गए। दूसरे सत्र में सर्वाेदय ग्रुप आफ हॉस्पिटल 01 हजार करोड़, अपोलो हॉस्पिटल 500 करोड़, क्राफ्ट स्मिथ इंडिया 01 हजार करोड़, इंफिनिटी ग्लोबल 4 हजार करोड़ और टीपीसीआई के साथ 200 करोड़ रुपया के एमओयू किए गए।

मुख्यमंत्री ने यूएई में किया आईसीएआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 हेतु संयुक्त राज्य अमीरात (यूएई) दौरे के दूसरे दिन उत्तराखण्ड सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने आज अबू धाबी में विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में विभिन्न समूहों के साथ राज्य सरकार की ओर से यूएई दौरे के दूसरे दिन 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी उद्योग घरानों को आगामी 8 एवं 9 दिसम्बर माह में देहरादून में आयोजित होने वाले समिट हेतु निमत्रण भी दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे।

अबू धाबी में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किए गए ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू में क्रमशः लूलू ग्रुप के साथ रियल एस्टेट सेक्टर हेतु 1000 करोड़, हायपर मार्केट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में निवेश हेतु 500 करोड़ एवं फूड पार्क हेतु 250 करोड़, एसीटी फैसिलिटिज मिडिल ईस्ट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में 1500 करोड़ एवं रिजेन्ट ग्लोबल के साथ फार्मा सेक्टर में निवेश हेतु 300 करोड़ के एमओयू शामिल हैं। इससे पूर्व यूएई दौरे के पहले दिन दुबई सीएम धामी की उपस्थिति में 11925 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए थे। कुल मिलाकर संयुक्त अरब अमीरात में 15 हजार 475 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए।

मुख्यमंत्री ने किया आईसीएआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री धामी ने अबु धाबी में इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउन्टेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व में चाटर्ड एकाउन्टेंट्स के सबसे बड़े संगठन के मेघावी सदस्यों के बीच आना अपने आप में गौवर का क्षण है। उन्होंने कहा कि देश दुनियां में उत्तराखण्ड की पहचान देवभूमि के रूप में है जहां एक ओर केदारनाथ, बदरीनाथ धाम, जागेश्वर आदि मंदिर स्थित हैं, वहीं हमारा प्रदेश गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम स्थल भी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बचाये रखते हुए प्रदेश के विकास का मार्ग चुना है। इसके लिए हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि को अपना मूलमंत्र माना है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखण्ड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से एक ओर जहां राज्य में पिछले पांच वर्षों में करीब 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, वहीं दूसरी ओर 20 हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं पर कार्य गतिमान है। उत्तराखण्ड भी अपनी अवस्थापना परियोजनाओं, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि के क्षेत्र में आपके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ लेने हेतु तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रियल स्टेट क्षेत्र में यूएई ने अत्यंत प्रगति की है, यहाँ की प्रसिद्ध इमारतें विश्व में अपना प्रतिमान स्थापित कर चुकी हैं। उत्तराखण्ड भी अपने शहरों का सुनियोजित विकास एवं नये शहरों की स्थापना करने हेतु आपके साथ सहयोग करने का इच्छुक है, जिससे इस क्षेत्र में आपकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार निवेशकों को राज्य में सभी प्राथमिक आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु सदैव तत्पर है और विशेष रूप से गत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सुनियोजित प्रयास किये हैं।
लन्दन एवं बर्मिंघम और उसके बाद दिल्ली के रोड शो के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से 40 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी उद्यमी, उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी अपना सम्बोधन दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्य, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य एवं आईसीएआई के सदस्य मौजूद रहे।

दुबई में सीएम ने प्रवासियों को उत्तराखंडी टोपी भेंट कर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दुबई पहुंचने पर उत्तराखण्ड एसोसिएशन ऑफ़ यूएई एवं भारतीय प्रवासियों द्वारा भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को उत्तराखण्डी टोपी भेंट कर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने समस्त प्रवासी उत्तराखण्डियों से वर्ष में एक बार उत्तराखण्ड आने की अपील की। साथ ही उन्हे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन, अध्यात्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार के क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया।

इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रवासी नागरिकों द्वारा मंत्र मुग्ध करने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रहकर भी अपनी संस्कृति एवं परंपरा से जुड़े रहना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उत्तराखण्ड एसोसिएशन ऑफ़ यूएई एवं भारतीय प्रवासियों का इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।

वर्ल्ड बुक आफ रिकॉर्ड में अब उत्तराखंड के छोलिया और झौड़ा लोक नृत्य भी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 अक्टूबर को देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर उत्तराखण्ड के छोलिया और झौडा लोक नृतकों की ढोल दमाऊँ लोक वाद्यों के साथ प्रस्तुति को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान प्राप्त हुआ है। यह जानकारी देते हुये निदेशक संस्कृति विभाग द्वारा बताया गया है कि सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में समुद्र तल से 5338 फीट (1627) मीटर की आश्चर्यजनक ऊँचाई पर एक अनोखा और ऐतिहासिक कार्यक्रम संस्कृति विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित किया गया। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहला कार्यक्रम था जिसमें जनपद पिथौरागढ़ के सुदूरवर्ती अंचलों से छोलिया एवं झौड़ा नृत्यक दल के लगभग 3000 लोक कलाकारों द्वारा अपनी पारम्परिक वेश-भूषा एवं लोक गीतों के माध्यम से विश्व का ध्यान उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक एवं समृद्धशाली लोक सांस्कृतिक विरासत की ओर आकर्षित किया हिमालय के हृदय सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में एक असाधारण एवं अभूतपूर्व घटना दुनिया को देखने को मिली।

उन्होंने कहा कि सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ सुदूरवर्ती अंचलों से लगभग 3000 की संख्या में पहुँचे छोलिया एवं झौड़ा नृत्य दलों के लोक कलाकार अपनी पारम्परिक परिधानों एवं आभूषणों से सुसज्जित होकर प्रतिभाग करने पहुँचे तथा इस दौरान लोक गीतों एवं पारम्परिक लोक वाद्यों की धुनों से पूरा पिथौरागढ़ क्षेत्र गुज्यमान हो उठा उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत को देखकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भाव विभोर हो गये। जनपद पिथौरागढ़ अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं शान्त वातावरण के लिये ख्यतिलब्ध है। यहाँ हिमालय की ऊँचे-ऊचें हिम शिखर एक सजग पहरी के भाँति अडिग रहते हैं वहीं यह सीमान्त जनपद उत्तराखण्ड की छोलिया एवं झौड़ा लोक नृतक का सबसे बड़ा जमावड़े का केन्द्र रहा। उत्तराखण्ड के पारम्परिक लोक वाद्यों जैसे तुन, रणसिंघा, नागफनी, छोलिया ढाई व तलवार जैसे अन्य लोक वाद्य यन्त्रों ने पूरी घाटी को सुशोभित कर दिया।

निदेशक संस्कृति ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ के सीमान्त गांवों से आये हजारों लोक कलाकारों की जीवन्त एवं विविध संस्कृतियों उनकी साझा विरासत का जीवन्त परिचय इस कार्यक्रम में देखने को मिला। लोक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन कर लोगों को मन्त्रमुग्ध कर दिया हिमालय पर्वत श्रृंखला की पृष्ठभूमि में आयोजित इस वृहद उत्सव ने इसे वास्तव में एक उल्लेखनीय और पहले कभी न देखा गया दृष्य बना दिया। इस कार्यक्रम में सीमान्त क्षेत्र की पारम्परिक एवं ऐतिहासिक लोक सांस्कृतिक विरासत की अदम्य भावना का प्रदर्शन किया गया लोक कलाकार अपनी पारम्परिक परिधानों एवं आभूषणों से सुसज्जित होकर प्रतिभाग करने पहुँचे तथा इस दौरान लोक गीत एवं पारम्परिक लोक वाद्यों की धुनों से पूरा पिथौरागढ़ क्षेत्र गुज्यमान हो उठा।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन का सफल क्रियान्वयन संस्कृति विभाग, उत्तराखण्ड एवं भारत सरकार की दूरदर्शिता और समर्पण का प्रमाण है, इतनी ऊँचाई पर लोक कलाकारों के इस विशाल जमावड़े से उत्तराखण्ड की अनूठी संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। इस ऐतिहासिक सभा में जहाँ उत्तराखण्ड की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, लोक परम्पराओं एवं अदभूत प्राकृतिक सौंदर्य अद्वितीय ऊँचाई समुद्र तल से 5338 फीट (1627) मीटर पर ढोल दमाऊ एवं अन्य विभिन्न पारम्परिक वाद्यों एवं लोक संगीत पर प्रदर्शन करने वाले छोलिया और झौड़ा लोक नर्तकों द्वारा एकत्रित होकर एक विश्व रिकार्ड बनाया है, जो इतिहास के पन्नों पर एक ऐसे आयोजन के रूप में दर्ज किया जायेगा।

उत्तराखण्डः 51 सीमान्त ग्रामों का विलेज एक्शन प्लान 23 अक्टूबर तक भारत सरकार को भेजा जाएगा

अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी ने वर्चुअल माध्यम से गृह सचिव भारत सरकार श्री अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में भारत सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना ‘‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’’ की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया। इस बैठक में चार राज्यों तथा समस्त केन्द्रीय मंत्रालयों ने प्रतिभाग किया। बैठक में गृह सचिव ने उत्तराखण्ड राज्य को 51 सीमान्त ग्रामों का विलेज एक्शन प्लान अति शीघ्र बनाकर भारत सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह विभाग उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि विलेज एक्शन प्लान 23 अक्टूबर तक प्रेषित कर दिए जाएंगे। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया कि राज्य सरकार को भी वीवीपी (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) के पोर्टल को देखने का अधिकार दिया जाए ताकि शीघ्र अनुपालन हो सके। एसीएस ने आग्रह किया कि चीन सीमा पर स्थित ग्रामों से आईटीबीपी एवं आर्मी द्वारा लोकल प्रोक्योरमेंट किया जाए इससे आजीविका के साधन बढ़ेगें एवं पलायन को रोका जा सकेगा। उक्त अनुरोधों पर गृह सचिव भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को सकारात्मक आश्वासन दिया गया।

उल्लेखनीय है कि यह उपयुक्त मुद्दों पर गत 7 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री की बैठक पर भी चर्चा की गई थी।

विदित है कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अन्तर्गत भारत सरकार सीमावर्ती गांवों को सशक्त बनाने का काम कर रही है। इन गांवों में सरकार रोड कनेक्टिविटी, पेयजल, सौर और पवन ऊर्जा सहित बिजली, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केन्द्र, बहुउददेशीय केंद्र और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य कल्याण केंद्रो से जोड़ना चाहती है। देश के पर्वतीय एवं सीमान्त राज्यों से इसकी शुरूआत की जा रही है।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत व्यापक विकास के लिए अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2967 गांवो की पहचान की गई है। पहले चरण में प्राथमिकता के आधार पर 662 गांव की पहचान की गई है, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव, हिमाचल प्रदेश के 75, लद्दाख के 35, सिक्किम के 46 और उत्तराखंड के 51 सीमावर्ती गांवों को शामिल किया गया है।

पीएम मोदी को मंत्रमुग्ध कर गई आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा

हाल में ही उत्तराखण्ड के एकदिवसीय कुमांऊ दौरे से लौटे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा उनके जीवन की ऐतिहासिक यात्राओं में शामिल हो गई है। यह बात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने आधिकारिक एक्स हेंडल साझा की है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से मंत्रमुग्ध होते हुए लिखा है कि “यदि कोई मुझसे पूछे – यदि आपको उत्तराखण्ड में एक जगह अवश्य देखनी चाहिए तो वह कौन सी जगह होगी, तो मैं कहूंगा कि आपको राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर अवश्य देखने चाहिए। प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।”

प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरी पोस्ट में लिखते हैं कि “बेशक, उत्तराखण्ड में घूमने लायक कई प्रसिद्ध जगहें हैं और मैंने भी अक्सर उत्तराखण्ड का दौरा किया है। इसमें केदारनाथ और बदरीनाथ के पवित्र स्थान शामिल हैं, जो सबसे यादगार अनुभव हैं। लेकिन, कई वर्षों के बाद पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर में लौटना विशेष रहा।“ इधर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट के जवाब में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों की ओर से आभार प्रकट करते हुए लिखा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री जी आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखण्ड धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके विजन के अनुरूप रोड, रेल और रोपवे निर्माण के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाया जा रहा है।“

मुख्यमंत्री धामी आगे लिखते हैं कि “प्रधानमंत्री जी के आदि कैलाश, पार्वती कुंड और जागेश्वर धाम के ऐतिहासिक भ्रमण से न केवल इन पवित्र स्थलों को नई पहचान मिली है बल्कि स्थानीय लोगों की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। मानसखंड मंदिर माला मिशन को वैश्विक पहचान दिलाने एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति आपके असीम स्नेह व प्रेम हेतु समस्त प्रदेशवासियों की ओर से आभार“ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उत्तराखण्ड दौरे के दो दिन बाद साझा की गई पोस्ट उनके उत्तराखण्ड के प्रति लगाव को स्पष्ट दर्शाता है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से देश दुनियां को न सिर्फ धर्म आध्यात्म का संदेश दिया बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मानसखंड मंदिरमाला मिशन के विजन पर भी मुहर लगाई है।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।