शहरी विकास मंत्री ने किया पॉलीथिन कचरा बैंक का उद्धाटन

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने छावनी परिषद देहरादून द्वारा स्थापित पॉलीथिन कचरा बैंक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह देश का प्रथम ऐसा बैंक है जो घरों, सड़कों से गंदगी को साफ करेगा। साथ ही आमदनी का माध्यम भी बनेगा।। इसके अलावा इस बैंक से पॉलीथिन एकत्र कर आगे भेजा जाएगा, जिससे टाइल्स, बोर्ड, गमले आदि सजावटी सामान बनाये जाएंगे।

आज कैंट रोड स्थित पॉलीथिन कचरा बैंक का उद्घाटन कर डॉ अग्रवाल ने बताया कि छावनी परिषद देहरादून ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए गढ़ी व प्रेमनगर में पालीथिन कचरा बैंक की स्थापना की है, जो कि सराहनीय है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इन संग्रहण केंद्रों में पालीथिन अपशिष्ट जैसे पालीथिन बैग, चिप्स रैपर, पैकिंग बैग, प्लास्टिक के कट्टे, ब्रेड, पॉलिथीन बैग, केक, बिस्कुट, कुकीज, स्नैक्स, कुरकुरे, दूध, तेल, शैम्पू, हैंडवाश तरल साबुन, चिप्स / वेफर्स, कैंडीज, गद्दे, पनीर पफ्स, आइसक्रीम, आइसक्रीम दही, छाछ, जूस आदि की पन्नी तथा कँडीज, नूडल्स, अनाज / कॉर्नफ्लेक्स / नाश्ता अनाज के साथ लेपित चीनी, मिष्ठान्न आदि तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदे जाएंगे। कहा कि गढ़ी कैट में बिंदाल चौकी, डेयरी फार्म व प्रेमनगर में स्पेशल विंग में पालीथिन कचरा बैंक का संचालन इसी सप्ताह प्रारंभ कर दिया जाएगा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस बैंक में हर माह न्यूनतम 70 टन और अधिकतम 100 टन तक पालीथिन कचरा खरीदने का लक्ष्य है। जिसका मतलब है कि प्रतिदिन 2300 से 3300 किलो पालीथिन कचरा कैंट क्षेत्र व शहर से एकत्र होगा। जिससे टाइल, बोर्ड सहित कई उपयोगी उत्पाद तैयार किये जाएंगे।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह सर्कुलर इकोनोमी का अच्छा उदाहरण है। पालीथिन कचरा बैंक में आम लोग पालीथिन कचरा बेच सकते हैं। उन्हें इसका भुगतान किया जाएगा। कहा कि इस प्लास्टिक कचरे से टाइल्स व बोर्ड बनाने वाली कंपनी को इसी दर पर बेच दिया जाएगा। कहा कि कैंट क्षेत्र के अलावा आसपास के लोग भी पालीथिन कचरा बैंक आकर अपना पालीथिन कचरा बेच सकते हैं।

कैंट बोर्ड के सीईओ अभिनव सिंह ने कहा कि वर्तमान में पालीथिन बैग, चिप्स रैपर, पैकिंग बैग, प्लास्टिक के कट्टे आदि को लो वैल्यू प्लास्टिक की श्रेणी में रखा जाता है। इनका न कोई खरीदार हैं और न बाजार कूड़ा बीनने वाले भी प्लास्टिक की बोतलें, कांच आदि को उठा लेते हैं पर पालीथिन बैग, चिप्स रैपर आदि नहीं लेते। कहा कि पालीथिन कचरा बैंक इसी समस्या को सुलझाएगा। बताया कि पालीथिन आदि से दुर्गन्ध नहीं आती है, लोग 15-20 दिन का पॉलीथिन कचरा एक साथ इकट्ठा कर बेच सकते हैं।

इस मौके पर सेना मेडल अध्यक्ष छावनी परिषद ब्रिगेडियर अनिर्बान दत्ता, सीईओ छावनी परिषद देहरादून अभिनव सिंह, शायना ईको यूनिफाइड कंपनी के डायरेक्टर नितिन आदि उपस्थित रहे।

भारत भ्रमण कर देश को जानने का मिल रहा छात्रों को मौका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विधानसभा देवप्रयाग के कक्षा 10 की परिषदीय परीक्षा 2023 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं हेतु आयोजित भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण 2023 में शामिल छात्रों के दल को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने भारत भ्रमण पर जाने वाले छात्रों को शुभकामना देते हुए विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी की इस शानदार पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यम एवं निम्न वर्ग के छात्रों को भारत भ्रमण का अवसर प्रदान करने की परम्परा शुरू की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के हर ब्लॉक के टॉपर छात्रों का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं इतिहास, विज्ञान, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे और समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना उनमें प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम शिक्षा का एक अंग है, जो छात्रों के किताबी ज्ञान में वृद्धि करेगा। यह भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। क्योंकि व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से ज्ञान प्रदान करना सीखने को और अधिक रोचक बना देता है। व्यावहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान से बेहतर है, एक शोध लेख के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत छात्र दृश्य शिक्षण सहायता पसंद करते हैं। ये शिक्षार्थी केवल उनके बारे में बात करने के बजाय यह देखना पसंद करते हैं कि चीजों को कैसे किया जाए। वे व्याख्यान देने के बजाय प्रदर्शन देखना पसंद करते हैं, क्योंकि देखना ही विश्वास करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब आप किसी चीज़ को व्यक्तिगत रूप से देखते हैं तो आपका दृष्टिकोण बदल जाता है। मानवता का सही अध्ययन मनुष्यों के अध्ययन से ही हो सकता है, भ्रमण के दौरान संभ्रान्त व्यक्तियों, तरह-तरह के व्यक्तियों से आपका संपर्क होगा, ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का आप भ्रमण करेंगे, यदि आप चौकन्नी निगाह रखकर दिल और दिमाग के खिड़की और दरवाजे सभी खुले रखकर भ्रमण करेंगे तो आपको, व्यक्तियों और घटनाओं का इतना व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो जायेगा जो किसी भी पुस्तक में आपको नहीं मिल सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मस्तिष्क के स्वस्थ विकास के लिए भी भ्रमण अति आवश्यक है। कवीन्द्र टैगोर का कहना है कि मन का स्वास्थ्य चुनी हुई पुस्तकों, चारदीवारी से घिरे निश्चल स्कूल की गतिहीन कक्षाओं में पढ़ाई से नहीं सुधर सकता। भ्रमण से आपका दृष्टिकोण विस्तृत होगा, इससे आपके विचारों और दृष्टिकोण में उदारता आएगी। यह भारत दर्शन छात्रों के लिए एक चमत्कारिक तनाव निवारक के रूप में काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भ्रमण से छात्रों के सर्वश्रेष्ठ व्यवहार का असर उनकेे स्कूल पर भी पड़ेगा। जो उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से अनुशासन और नियंत्रण सिखाएगा। किसी साइट पर जाने से अक्सर नई जानकारी का हस्तांतरण होता है। कभी-कभी, कुछ डेटा जो पाठ्यपुस्तक में शामिल नहीं है, ऐसे छोड़े गए डेटा को आप सीधे भ्रमण स्थल से प्राप्त कर सकते हैं, जो आपको अधिक मूल्यवान बनाएगा। किसी शैक्षणिक अवधारणा को देखने, छूने और उसका जीवंत अनुभव करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति में छात्रों को व्यावहारिक सीखने का अनुभव प्रदान कर शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान किया जा रहा है। शैक्षिक भ्रमण एवं परिभ्रमण को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। आधुनिक उद्योग आज शैक्षणिक संस्थानों को पाठ्यक्रम में भ्रमण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह व्यावहारिक प्रदर्शन छात्रों का सर्वांगीण विकास करेगा जो आज की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी है। और इस भ्रमण का एक लाभ यह भी होगा कि यह आपको विषय पर अधिक ज्ञान के लिए जिज्ञासु और पिपासु बनाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्रों को भविष्य में अपने क्षेत्र में नेतृत्व करने की भावना विकसित करनी होगी। इसके लिये आपको विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढना है। अच्छे और सच्चे मन से यदि कोई कार्य किया जाय तो उसमें सफलता निश्चित है। साधारण से असाधारण की यात्रा करने वाले हमारे महान लोग साधारण परिवेश से ही आगे बढ़े है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इसका उदाहरण है। उनका जीवन हमारे लिये प्रेरणा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसके उदाहरण है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर दुनिया में भारत का सम्मान बढाया। जी-20 के सफल आयोजन ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के जीवन का यह स्वर्णिम काल है। इसका सदुपयोग कर वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि अपनी विधान सभा के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण कराने का उनका प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम 23 से 29 सितम्बर, 2023 तक आयोजित किया गया है। उन्होंने छात्रों के हित में किये जा रहे इस कार्यक्रम को अपना सौभाग्य भी बताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण सहित कई छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

सीएम का ब्रिटेन दौरा-बड़े बिजनेस हाउसेस से बैठक और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में किया जायेगा आमंत्रित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का एक डेलिगेशन आगामी 25 सितंबर से 28 सितंबर तक ब्रिटेन दौरे पर रहेगा। राज्य सरकार का डेलिगेशन लंदन और बर्मिघम में बड़े बिजनेस हाउसेस से बैठक कर उन्हें आगामी दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए आमंत्रित करेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लंदन और बर्मिघम दौरे पर टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, हेल्थकेयर, फूड प्रोसेसिंग के अलावा ऑटोमोबिल इन्डस्ट्री के उद्योग घरानों के साथ बैठकें की जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 26 सितंबर को लंदन में आयोजित होने वाले रोड शो के दौरान डेलिगेशन रोपवे के क्षेत्र में अग्रणी पोमा ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। बैठक में पोमा ग्रुप के साथ प्रदेश में इको फ्रेंडली मोबिलिटी के सम्बंध में चर्चा की जाएगी। इसी दिन लंदन में अन्य उद्योग घरानों के साथ बैठक की जाएगी एवं विश्वस्तरीय निवेशकों को उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ब्रिटेन भ्रमण के दौरान डेलिगेशन द्वारा लंदन के प्रमुख हस्तियों से भी भेंट की जाएगी।
डेलिगेशन द्वारा 27 सितंबर को बर्मिंघम में डब्ल्यूएमजी वार्बिक मेनिफेक्चरिंग ग्रुप के साथ बैठक की जाएगी। इसके साथ ही टीवीएस नॉर्टन ग्रुप के साथ उत्तराखंड में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। इस दौरे पर ब्रिटेन के टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी बड़े घरानों से भी बैठक आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारियां पूरी कर दी हैं। राज्य सरकार दुनियांभर के इन्वेस्टर्स को उत्तराखंड में आमंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उत्तराखंड के प्रति दुनियाभर के बड़े निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा देश के बड़े शहरों के अलावा विदेश में भी निवेशकों से विचार विमर्श शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में राज्य की एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रेल, रोड एवं एयर कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिये सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो गई है। देहरादून एवं पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क के विकास एवं उन्नयन के तहत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाईन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। राज्य में चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिये ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमियों का राज्य में निवेश बढ़ाने में सबसे अधिक सहभागिता है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर कार्य कर रही है और यह तभी सम्भव है, जब उद्योग संघों से निरन्तर संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तथा अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। राज्य में पर्यटकों एवं श्रद्वालुओं की सुविधा हेतु सभी स्थलों पर नवाचार के माध्यम से सुविधाओं का विकास किया जा रहा है निर्यात् को बढ़ावा देने के लिये भी नीति निर्धारित की गई है।

राजस्थान में गरजे सीएम धामी, बोले कांग्रेस ने पिछले पांच सालों में राजस्थान की दशा और दिशा दोनों को बिगाड़ने का महापाप किया

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्यप्रदेश के बाद आज राजस्थान में हुंकार भरी। सीएम धामी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां-जहां भी सीएम पहुँचे उन्हें सुनने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान को विकास के मोर्चे पर कोसों पीछे धकेल दिया है। राजस्थान का विकास डबल इंजन कि सरकार में ही संभव है। उन्होंने जनता से अपील की वे आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी मतों से जिताएं।

भाजपा की परिवर्तन यात्रा ने कल झालावाड़ जिले में प्रवेश किया था। आज यात्रा के दूसरे दिन उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी भी परिवर्तन संकल्प यात्रा में शामिल हुए और झालावाड़ जिले के भीलवाड़ा से पिपलिया तक संकल्प रथ पर सवार होकर गुजरे। इस दौरान भाजपा समर्थको ने भी यात्रा का जोरदार स्वागत किया। बाद में परिवर्तन संकल्प यात्रा झालावाड़ जिले के आखिरी पड़ाव पिपलिया चौराहा पहुंची, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले पांच सालों में राजस्थान की दशा और दिशा दोनों को बिगाड़ने का महापाप किया है। इस महापाप की सजा राजस्थान की जनता कांग्रेस को सत्ता से हटाकर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खुद का अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस छोटे-छोटे दलों का सहारा ढूंढ रही है, छोटे-छोटे दलों की बिखरी हुई ताकत के भरोसे वो फिर से अपनी जिंदगी ढूंढ रही है, ये मिलावट सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि कांग्रेस को जीवित रखने के लिए हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस महा-मिलावट का हिस्सा कौन हैं? वो लोग जो कभी एक दूसरे की आंख से आंख नहीं मिलाते थे और आज वे एक दूसरे के साथ मंच साझा कर रहे हैं, गले मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के काले कारनामों और लाल डायरी से प्रदेश की जनता भलीभांति परिचित है, इसलिए मैं, कांग्रेस के लोगों को स्पष्ट बता देना चाहता हूं कि अब राजस्थान की जनता कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरीके से तैयार है।

आपसे एक नया रिश्ता बनाने आया हूं

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वैसे तो देवभूमि उत्तराखंड से पूरे देश ने रिश्ता जोड़ रखा है, लेकिन व्यक्तिगत यहां चलकर आपसे एक नया रिश्ता बनाने आया हूं। इसी रिश्ते के नाते मैं आपसे अपील कर रहा हूं कि अब समय आ गया है। आप सब देशविरोधी ताकतों, मोदी व सनातन के खिलाफ जहर उगलने वालों को सबक सिखाओ। अगर इनको समय पर सबक नहीं सिखाया तो आप सोच सकते हो कैसे दिन देखने पड़ेंगे।

राजस्थान सरकार पर किया जमकर प्रहार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राजस्थान में इन लोगों ने पांच वर्षों में क्या-क्या कांड किए हैं, इसे आप लोग भलीभांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत सरकार के काले कारनामे तो स्वयं उनके विधायकों ने ही सभी के सामने खोलकर रख दिए थे। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की बात करें तो कांग्रेस ने भंवरासा बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने का वादा किया था, परन्तु विगत पांच वर्षों में इस योजना पर कोई कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज एक ओर जहां प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देशभर में रेल का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं एक दशक से दिगोड़-ग्यालियर रेल परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद भी इस योजना पर आज तक काम शुरू तक नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के काले कारनामे किसी से छिपे नहीं है, कांग्रेस के विधायक ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कांग्रेस के मंत्री को ही खनन माफिया बता रहे हैं। इनके साथी भी कुछ कम नहीं है, वे अब सनातन को ही देश से खत्म करना चाहते हैं लेकिन, उन्हें यह नहीं मालूम कि जब बाबर और औरंगजेब जैसे क्रूर शासक सनातन को खत्म नहीं कर पाए तो फिर घमंडिया गठबंधन के घमंडिया नेता क्या चीज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के हर कोने में हर सनातनी को और देश की मिट्टी से प्यार करने वालों को इन ’’ठगबंधनों’’ से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है, जो हमारे देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा है।

पुनः लौट रहा भारत का सांस्कृतिक वैभव

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक वैभव पुनः लौट रहा है। कुछ लोग कहते हैं 2014 के बाद क्या हुआ तो उन्हें मैं, बताना चाहता हूं कि 2014 से पहले भारत एक पिछलग्गू राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों का मास्टर प्लान से पुनर्निर्माण हो रहा है। बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है तो उज्जैन में महाकाल लोक का दिव्य व भव्य निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने इस देश पर राज किया, उन्होंने उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों की पहचान को खत्म करने का भरपूर प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार ने जो हमें दिया, उसे हम और आप, कभी आपातकाल तो कभी विभिन्न घोटालों के नाम से जानते हैं।

संसदीय कार्य मंत्री ने लोकसभा के नए संसद भवन में प्रवेश करने पर जताई खुशी

गणेश चतुर्थी के मौके पर संसद के नए भवन में श्रीगणेश करने पर सूबे के संसदीय कार्यमंत्री व पूर्व स्पीकर डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने खुशी का इजहार किया है। संसदीय मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से पुराने संसद भवन में अनेक ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, उसी तरह इस नए संसद भवन में भी ऐसे जनहित व लोकहितकारी निर्णय लिए जाएंगे।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्ष में लोकतंत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सामान्य जन का संसद पर विश्वास देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुराना भवन संविधान सभा से शुरू होकर 75 वर्षों की संसदीय यात्रा, उसकी उपलब्धियों, अनुभव और यादों से सराबोर रहा। उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर आज नए संसद भवन में सत्र का भी श्रीगणेश हुआ है। उन्होंने कहा कि पुराने भवन की तरह ही नया संसद भवन में भी अनेक ऐसे फैसले लिए जाएंगे, जिनमें सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना निहित होगी। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में महिला आरक्षण बिल को पेश किया गया है, जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है। कहा कि महिला आरक्षण बिल पास होने से नए संसद भवन एक नई गाथा लिखने लिखेगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने नए संसद भवन में प्रवेश कर सत्र की शुरूआत करने पर प्रधानमंत्री सहित देश के सभी मंत्रीगणों तथा देशभर के सांसदों को अपनी बधाई दी है।

जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री धामी ने की पीएम की प्रशंसा, दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राज्य मंत्रिमंडल द्वारा उत्तराखण्ड की जनता की ओर से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन व भव्य समापन हेतु हार्दिक बधाई व आभार प्रकट किया गया है।
विदित है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के हस्तान्तरण कार्यक्रम के संबोधन में भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए, ‘भारत मंत्र’-दृष्टिकोण समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और कार्याेन्मुखी होने का उल्लेख किया गया, जो कि वर्तमान बैठक के समापन के साथ ही पूर्णता को प्राप्त किया गया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने प्रमाणित किया कि, विश्व के सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत वह हासिल कर सकता है, जो उसने तय किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न केवल अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देशों के समूह ‘अफ्रीकन यूनियन’ को जी-20 में सदस्य के रूप में शामिल किया गया वरन जी-20 के सामूहिक ‘‘दिल्ली घोषणा पत्र’’ को भी सर्वसम्मति से जारी कराया गया, जिसमें मजबूत, दीर्घकालीक, संतुलित और समावेशी विकास, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्धता, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को कायम रखना और शांति व स्थिरता की रक्षा करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली को क्रियाशील रखने का आह्वान किया गया है तथा ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धान्त को प्रतिपादित किया गया, जो कि एक विशिष्ट उपलिब्ध है। यह उपलब्धि तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब वैश्विक व्यवस्था में देशों के बीच विश्वास की कमी हो।
भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप को जोड़ने वाले ‘भारत मध्यपूर्व-यूरोप इकोनामिक कॉरिडोर’ पर सहमति अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, यह परियोजना अनेक देशों के आधारभूत ढांचे के विकास में सहायक होगी।
अक्षय ऊर्जा को बढावा दिये जाने व कार्बन उत्सर्जन को शून्य किये जाने के उद्देश्य से ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस’ बनाने पर देशों में सहमति बनी। प्रमुख जैव ईंधन उत्पादकों और उपभोक्ताओं के रूप में, भारत, अमेरिका, ब्राजील अन्य इच्छुक देशों के साथ मिलकर एक वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन के विकास की दिशा में काम करेंगे।
भारत की अध्यक्षता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जी-20 शिखर सम्मेलन अपने मूल एजेंडे और परिणामों के मामले में जी-20 के इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी व सफल सम्मेलन रहा। इसमें कुल 112 परिणाम दस्तावेज व अध्यक्षीय दस्तावेज तैयार किए गए जोकि पूर्व के सम्मेलन की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन की यह सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि भारत स्वाभाविक रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ का लीडर बनकर उभरा।
उत्तराखण्ड राज्य के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष लगाव रहा है। जिस कारण से उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत रामनगर, ऋषिकेश व नरेन्द्रनगर में जी-20 की बैठकें आयोजित करने का अवसर उत्तराखण्ड राज्य को प्राप्त हुआ। इससे राज्य को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली व पूरे विश्व का उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, योग केन्द्रों, पर्यटन क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों व जैव विविधता से परिचय हुआ। प्रधानमंत्री द्वारा, राज्य की वैभवशाली सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जैव विविधता को पुनः वैश्विक पटल पर प्रसिद्धि दिलाए जाने पर भी बधाई संदेश में उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया गया है।
मंत्रिमंडल द्वारा भेजे गये बधाई संदेश में चन्द्रयान-03 एवं आदित्य एल-1 के सफल लॉन्चिंग के लिये भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। इससे अंतरिक्ष में भारत के वैज्ञानिकों का मान सम्मान दुनिया में और अधिक बढा है।

एमपी में कांग्रेस पर जमकर गरजे सीएम धामी, बोले देश के हर सनातनी को ठगबन्धनों से सावधान रहने की जरूरत

देहरादून। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए गए देवभूमि के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वहां भव्य स्वागत हुआ। धामी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जब विधानसभा क्षेत्र खुरई में रोड-शो के लिए निकले तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान, धामी और शिवराज का बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जनसभा में सीएम शिवराज चौहान ने सीएम धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धामी ने देवभूमि की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल कर रख दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने इस देश पर राज किया, उन्होंने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की पहचान को खत्म करने का भरपूर प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार ने जो हमें दिया, उसे हम और आप, कभी आपातकाल तो कभी विभिन्न घोटालों के नाम से जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष के ये नौसिखिया नेता सनातन को खत्म करने जैसी बेतुकी बातें कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें यह नहीं मालूम कि जब बाबर और औरंगजेब जैसे क्रूर शासक सनातन को खत्म नहीं कर पाए तो फिर ये घमंडिया गठबंधन के घमंडिया नेता क्या चीज हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपील करूंगा कि आज देश के हर कोने-कोने में हर सनातनी को और देश की मिट्टी से प्यार करने वालों को इन ’’ठगबंधनों’’ से सतर्क रहने की आवश्यकता है और हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है, जो हमारे देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे एक बात समझ में नहीं आती कि इन्होंने भले ही अपना नाम ’’इंडिया’’ रख लिया हो परन्तु इन्हें ’’भारत’’ नाम से आखिर चिढ़ क्यूं है। इन्हें सनातन धर्म और संस्कृति से चिढ़ क्यूं है, इन्हें राष्ट्रवाद से चिढ़ क्यूं है। इन्हें वंदे मातरम ओर भारत माता की जय बोलने से चिढ़ क्यूं है। यह इसलिए है, क्योंकि इनके मूल में ही, न कभी देशभक्ति थी, न है और न रहेगी, क्योंकि इन्होंने हमेशा तुष्टिकरण, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत शक्तिशाली हुआ है, भारत आत्मनिर्भर हुआ है और ’’ठगबंधनों’’ की दुकानें बंद हुई है।

कमलनाथ और दिग्विजय पर बरसे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 में झूठ बोलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई कि दस दिन में हम किसानों का ऋण माफ कर देंगे, युवाओं को रोजगार भत्ता देंगे और महिलाओं से जो वादे किए उन्हें पूरे करेंगे, लेकिन उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया। मात्र 15 महीनें की छोटे से समय में ही कमलनाथ ने सबसे भ्रष्ट सरकार बनाई जिसमें, घूस और रिश्वतखोरी के अलावा किसी ओर मुददे पर ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह ही काम ही हिन्दुत्व और हिन्दुओं को गाली देने का है।कहा कि ये महाशय हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने में फस्ट रहे।

मध्यप्रदेश में जमकर हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की बंटाधार सरकार ने राज्य के बजट को 23 हजार करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। इस दौरान मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में दस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।


उत्तराखंड में किये कार्य गिनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड में जल्द समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। जिसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और दावे से कह सकता हूं कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद यहां भी समान नागरिक आचार संहिता लागू करने का कार्य अवश्य किया जाएगा। इसके अलावा हमने उत्तराखंड में लैंड जिहाद के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए 483 अवैध मजारों को ध्वस्त कर करीब 33 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है। साथ ही देवभूमि में जहां एक ओर धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है, वहीं परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भी भारत का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिए गए कई निर्णयों को अन्य प्रदेश भी अब अनुसरण कर रहे हैं, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के पश्चात यहां भी सामान नागरिक संहित सहित अन्य ठोस कदम जनता के हित में उठाएं जाएंगे।

शिवराज हैं असली मामा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 16 सितंबर को मेरा जन्मदिन था, उस दिन मैं, जब बच्चों के बीच कार्यक्रम मना रहा था, तो मुझे बच्चे धामी मामा कहकर संबोधित कर रहे थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि बच्चों मैं, असली मामा नहीं, असली मामा तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी हैं। वे सच में मामा के समान है, क्योंकि उन्होंने अपने भांजे-भांजियों के भविष्य को सुधारने के लिए जितना काम किया है, उतना काम एक मामा ही अपने भांजे-भांजियों के लिए कर सकता है।

सीएम धामी से मिलकर आईटीसी ने 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के करटेन रेजर के मौके पर आज आईटीसी ने 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव उत्तराखंड सरकार को दिया। महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड के साथ 1000 करोड़ और ई-कुबेर के साथ 1600 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू किया गया। पहले ही दिन इतने बड़े निवेश प्रस्ताव पर सहमति यह दिखाती है कि निवेशक उत्तराखण्ड को लेकर कितने ज़्यादा उत्सुक हैं और सरकार भी कितनी तत्पर है। महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड उत्तराखण्ड में अगले तीन महीने में 1000 करोड़ के निवेश के साथ विभिन्न स्थानों पर 4/5 रिजोर्ट स्थापित करने जा रहा है। इससे 1500 लोगो के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। पूरे देश में यह महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड का किसी भी राज्य में सबसे बड़ा निवेश है।
उत्तराखंड में आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर नई दिल्ली स्थिति होटल ताजमहल में कर्टेन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखण्ड एक युवा राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है जहां उद्योगों के लिए अपार सम्भानाएं हैं। राज्य में ईज आफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ पीस आफ डूइंग बिजनेस भी है। उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत उद्योगों में श्रमिक असन्तोष की घटनायें ना के बराबर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन के साथ सरकार काम कर रही है। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिये विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना हेतु नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्राकृतिक विरासत के साथ राष्ट्र में सबसे तेजी से बढती अर्थ व्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए सरकार संकल्पवद्ध है। राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में राज्य की एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 1200 से अधिक ऐसे अधिनियमों को चिन्हित किया है, जो वर्तमान में अनुपयोगी हैं और इनमें से लगभग 500 अधिनियमों को सिंगल रिपील एक्ट के माध्यम से विलोपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु उपलब्ध है। राज्य में रेल, रोड एवं एयर कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिये सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो गई है। देहरादून एवं पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क के विकास एवं उन्नयन के तहत ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। राज्य में चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिये ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमी ही हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर हैं और राज्य में निवेश बढ़ाने में उनकी सबसे अधिक सहभागिता है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर कार्य कर रही है और यह तभी सम्भव है, जब उद्योग संघों से निरन्तर संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि काशीपुर में अरोमा पर्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तथा अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों एवं श्रद्वालुओं की सुविधा हेतु सभी स्थलों पर नवाचार के माध्यम से सुविधाओं का विकास किया जा रहा है निर्यात् को बढ़ावा देने के लिये भी नीति निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी पौराणिक स्थलों के विकास का हमारा लक्ष्य ह। चारधाम आदिकैलाश की भांति कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत सर्किट बनाया जा रहा है। इसमें राज्य में धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में कर्म करना हम सबका सौभाग्य है। राज्य का वातावरण पूर्णतः उद्यमियों के अनुकूल है। उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित हैं। हेल्थ वेलनेस के साथ ऊर्जा का भी यह श्रोत है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद आज भव्य केदार बन गया है। शीघ्र ही केदारनाथ एवं हेमकुण्ड साहिब के लिए रोपवे का निर्माण हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में गढ़वाल व कुमाऊं मण्डलों में एक-एक शहर बसाया जाएगा। हरिद्वार ऋषिकेश में गंगा कॉरीडोर का निर्माण के साथ हरकी पैड़ी की भांति महाभारत काल की भांति यमुना की भी आरती हेतु कालसी के पास हरिपुर में घाट निर्माण का शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने राज्य में उत्पादित/निर्मित 9 उत्पादों में जीआई टैग हासिल किये हैं। इन जीआई टैगों में कुमांऊ ब्यूरो ऑयल, मुनस्यारी राजमा भोटिया दन, ऐपण रिंगाल, ताम्र उत्पाद, धुलमा, तेजपत्ता तथा बासमती चावल शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा नेटल (बिच्छू घास). पिछौड़ा, आर्टिस्टिक कैण्डल मुखौटा एवं मन्दिर प्रतिकृत आदि कुछ अन्य उत्पादों में जीआई टैग के लिये आवेदन किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की ‘ईज आफ डूईंग बिजनेस’ रैंकिंग में वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य एचीवर्स श्रेणी में ( 8वें स्थान पर) शामिल है। जबकि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2022 के निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड राज्य हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर, जबकि सम्पूर्ण देश में 9वें स्थान पर है। उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की LEADS रैंकिंग में वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य अचीवर्स श्रेणी में शामिल है। इसी प्रकार स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन हेतु उद्योग निदेशालय स्तर पर एक समर्पित इन्वेस्टर फैसिलिटेशन सेल की स्थापना की है, जो निवेशकों / व्यवसायियों के लिये ‘वन स्टॉप शॉप’ के रूप में डेडीकेटेड हैण्डहोल्डिंग सपोर्ट उपलबध करा रहा है। रू0 5.00 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों के लिये एक डेडीकेटेड रिलेशनशिप मैनेजर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति हेतु राज्य में ऑनलाईन सिंगल विण्डो क्लीयरेंस पोर्टल investuttarakhand.uk.gov.in की स्थापना की गई है।
मुख्य सचिव डॉ एस.एस.संधु ने बताया कि उत्तराखण्ड निवेश के लिये उद्यमियों के लिए बेहतर डेस्टिनेशन हैं। दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के नाते बेहतर सड़क सुविधाओं के विकास द्वारा यह दूरी शीघ्र ही ढाई घण्टे में पूरी होने वाली हैं। इसी प्रकार हरिद्वार, कोटद्वार, रूद्रपुर, काशीपुर, टनकपुर के लिए भी सड़क सुविधाओं से यहां की दूरी भी कम समय में तय हो सकेगी। पर्यावरण की दृष्टि से भी उत्तराखण्ड उद्योगों के अनुकूल है। हमारे प्रदेश में पानी का कोई विवाद नही हैं बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य के बेहतर इकोसिस्टम से लोग राज्य के प्रति आकर्षित हो रहे है।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में देश के विभिन्न राज्यों की उद्योग एवं निवेश से संबंधित नीतियों का अध्ययन कर नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक उद्यमी राज्य से जुड़े, इसके लिए उद्योगों के अनुकूल नीतियां एवं सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

लंदन, सिंगापुर, ताइवान में आयोजित किए जाएंगे इंटरनेशनल रोड शो
उत्तराखण्ड ग्लोबल इंवेस्टर समिट की तैयारियों को उत्तराखण्ड सरकार ने पूरी तरह से तैयार है। समिट को लेकर विदेश में पहला अंतरराष्ट्रीय रोड शो 25 सितंबर से 28 सितंबर तक लंदन में होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इसमें शामिल होंगे। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में सिंगापुर और ताइवान में रोड शो होंगे। वहीं दुबई और अबू धाबी में 16 से 20 अक्टूबर तक रोड शो के जरिये विदेशी निवेशकों को उत्तराखंड में निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा।

विदेश में होने वाले रोड शो में राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों की टीम भी जाएगी। इसके बाद देश में 3 अक्टूबर को पहला रोड शो दिल्ली में आयोजित होगा, उसके बाद 6 और रोड शो होंगे, जो अहमदाबाद, चंडीगढ़, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में आयोजित होंगे। राज्य सरकार द्वारा निवेशक सम्मेलन के माध्यम से कम से कम ढाई लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

नई दिल्ली में जी-20 में देशभर की संस्कृति को विश्व के सामने रख पीएम ने बढ़ाया भारत का मानः अग्रवाल

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफ्रीकन यूनियन देशों को शामिल करना, बड़ी कूटनीतिक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की अफ्रीकन देशों के साथ नजदीकियां बढेंगी और इसका लाभ दोनों ओर होगा।

डा. अग्रवाल ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित जी-20 में देशभर की संस्कृति को विश्व के ताकतवर राष्ट्रों के बीच रखकर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में कोर्णाक मंदिर के चक्र, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, रचनात्मकता और शक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक 27 फीट लंबी और 18 टन वजनी नटराज की मूर्ति, चंद्रयान-3, इसके अलावा नई दिल्ली की दीवारों पर पेंटिंग के जरिये अलग-अलग राज्यों की संस्कृतियों को दर्शाया गया है। डा. अग्रवाल ने कहा कि यह सभी भारत की सदियों पुरानी कलात्मकता और परंपराओं के प्रमाण की साक्षी बनी हैं।

राज्य में निराश्रित पशुओं के शरणालय को लेकर हुई बैठक, तीन कैबिनेट मंत्री हुए शामिल

विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज, शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचन्द्र अग्रवाल एवं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने राज्य में निराश्रित पशुओं हेतु गोशाला शरणालय/कांजी हाउस की स्थापना व संचालन के सम्बन्ध में बैठक में प्रतिभाग किया।

कैबिनेट सतपाल महाराज ने कहा कि गौवंश की रक्षा तथा निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं इन सुझावों पर अमल करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घुमने वाली गायों को चिन्हित कर गौसदनों में रखा जायेगा तथा जिन स्थानों पर गौशालाएं नहीं बनीं हैं उन स्थानों पर भी निराश्रित गौवंश के संरक्षण हेतु गौशालाओं का निर्माण युद्धस्तर पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा करना हमारे लिए सेवा का कार्य है इसके लिए हम सबको आगे बढ़कर प्रयास करने होंगे।

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा हमारी संस्कृति में गौ, गंगा, गणेश तथा गायत्री का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि गौवंश की क्षति की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से प्रयास किये जा रहे हैं जिसमें निराश्रित गौवंश को गौसदनों तक लाना एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को गौसदनों के निर्माण हेतु जमीन के चिन्हिकरण की जिम्मेदारी दी गई है जहां पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौसदनों में गौवंश की समुचित देखरेख के लिए पशु चिकित्सकों को नियमित रूप से निगरानी करते रहें। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की कि गौवंश के संरक्षण हेतु अन्य मदों से भी धनराशि का आवंटन करें तथा विधायकों से भी अपेक्षा की कि गौवंश के संरक्षण हेतु विधायक निधि से सहयोग करें।

पशुपालन मंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 17.5 हजार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए आज पहली बार तीन कैबिनेट मंत्रियों की हाई लेवल कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि आगामी 06 माह में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं के निर्माण तथा उनकी क्षति को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किये जायेंगे उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने निराश्रित गौवंश को संरक्षण प्रदान करने की पहल की है।

इस अवसर पर सचिव, पशुपालन, बीवीआरसी पुरूषोत्तम तथा अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।