गुरूद्वारा परिसर से राज्यपाल और सीएम ने किया हेमकुंड साहिब के प्रथम जत्थे को रवाना

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा परिसर ऋषिकेश से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रथम जत्थे को रवाना किया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा में मत्था टेका एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने हेमकुंड यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल ने कहा कि आज श्री हेमकुंड साहिब जी की यात्रा के शुभारंभ का यह बहुत ही शुभ दिन है, पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए रवाना हो रहा है और मैं इस पवित्र अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हम सबके लिए श्रद्धा, भक्ति और विश्वास की यात्रा है, जीवन को धन्य बनाने की यात्रा है।
राज्यपाल ने कहा कि आप सभी श्रद्धालुओं को भी हिमालय की सात चोटियों के बीच, अमृत सरोवर की लहरों के बीच, पवित्र श्री निशान साहिब की लहराती दिव्य ध्वजा के साथ श्री हेमकुंड साहिब जी के पवित्र दर्शन प्राप्त कर जीवन को धन्य बनाने का यह अवसर प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल ने सिख गुरुओं को याद करते हुए कहा कि युद्ध कला, युद्ध रणनीति, ‘निश्चय कर अपनी जीत करौ’ विजय हासिल करने की शिक्षा, निंदा, चुगली से दूर रहने की शिक्षा, जरूरतमंद की सेवा करने की शिक्षा, बचत करने की शिक्षा, शस्त्र विद्या, घुड़सवारी करने की शिक्षा, नशे से दूर रहने की शिक्षा हमें गुरूओं ने दी है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान, साहस, बलिदान, परिश्रम और सेवा के मार्ग पर चलकर ‘सवा लाख ते एक लड़ावां’ का संदेश अदम्य साहस की शिक्षाओं का सार है।
वहां उपस्थित देश-विदेश से आए हुए श्रद्धालुओं से राज्यपाल ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की धरती गुरु परम्परा की समृद्ध धरती है। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंड यात्रा में आने वाला हर यात्री हमारा ब्रांड एंबेसडर है, हमारा प्रयास है कि यहां से हर एक साध संगत संतुष्ट होकर जाए, हमारे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए दो हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा की खोज करने वाले महान आत्माओं को भी याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं राज्य सरकार द्वारा यात्रा हेतु एवं यात्रा मार्ग पर हो रहे कार्य, व्यवस्थाओं एवं हेल्थ एटीएम को लेकर खुशी जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर जाने से पहले अपने स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा भी चरम पर है। पिछले साल 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के दर्शन किए। इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ एवं श्री हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे का शिलान्यास करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों रोपवे के बन जाने से यात्रा सहज एवं सुगम होगी। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन शुरू होने के बाद हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल एवं गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा उपस्थित थे।

उत्तराखंड श्री अन्न महोत्सव का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया समापन

अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के उपलक्ष में कृषि विभाग उत्तराखण्ड द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड श्री अन्न महोत्सव 2023 के समापन समारोह में मुख्य अथिति के तोर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पतंजलि के एमडी आचार्य बाल कृष्ण और कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महोत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों ने मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों का पहाड़ी टोपी, शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित श्री अन्न महोत्सव की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में और कृषि मंत्री जोशी की सूझबूझ के परिणामस्वरूप ये विशाल श्री अन्न महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस अच्छे आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री गणेश जोशी को और राज्य के कृषि मंत्रालय को अपनी ओर से बधाई दी। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा मिलेट्स को भोजन की थाली में सम्मान जनक स्थान मिले और दुनिया के भोजन की थाली में भी सम्मान जनक स्थान मिले, इसलिए मिलेट्स पर काम करना जरूरी था। इसी दृष्टिकोण के आधार पर भारत सरकार ने इस मिलेट्स को पोषक अनाज के रूप में अधिसूचित किया। साल भर अभियान चलाया, पोषकता के लिए और बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ में भी नरेंद्र मोदी जी ने ज्वार-बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, मंडुआ इसकी जो वैज्ञानिक प्रमाण हैं, जो इसमें पोषक तत्वों की भरमार है, उसको तथ्यात्मिक रूप से वैश्विक मंच के ऊपर रखा। उन्होंने 72 देशों ने जो वहां उपस्थिति थे, प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव का समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र संघ ने तय किया, 2023 सारी दुनिया में मिलेट ईयर के रूप में मनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा उत्तराखंड सरकार द्वारा इस आयोजन से मिलेट्स की महत्ता का भी ज्ञान बढ़ेगा। मिलेट्स के जो उत्पाद है, लोग उनसे भी परिचित होंगे। इसकी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा श्री अन्न की मांग बढ़ेगी तो किसानों को उत्पादन करना पड़ेगा, किसान उत्पादन करेंगे, तो किसान को फायदा होगा अच्छा मुनाफा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा जब भारत श्री अन्न (मिलेट) की अगुवाई कर रहा है, तो सबसे पहले उत्पादन भी हमारे यहां बढ़ेगा। उत्पादकता भी हमारे यहां बढ़ेगी और प्रोसेसिंग भी हमारे यहां बढ़ेगी। और जब प्रोसेसिंग हमारे यहां होगी, तो हमारे ही उत्पाद का सारी दुनिया में निर्यात भी बढ़ेगा और हमारी अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

पंतजली के एमडी आचार्य बाल कृष्ण ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। हमें पूर्ण विश्वास है यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां भीं प्राप्त होंगी तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा श्री अन्न उत्तराखंड की परंपरागत खेती में है। श्री अन्न स्वास्थ्य की दृष्टि से इतना लाभदायक है कि जो कभी गरीबों का खाद्यान्न हुआ करता था, आज अमीरों की थाली में शामिल हो गया है। जोशी ने कहा श्री अन्न के प्रोत्साहन और उसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 73 करोड़ रूपए की बजट में प्रावधान किया गया है। कृषि मंत्री ने मडुंवा, झिंगौरा जैसी फसलों को पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ावा देकर कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भी विभाग के संकल्प को दोहराया।उन्होंने नया नारा देते हुए कहा कि कौंदा-झिंगौरा खाऐंगे, आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाऐंगे।

इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सचिव कृषि बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, निदेशक कृषि गौरीशंकर, अपर निदेशक केसी पाठक, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, जैविक उत्पाद परिषद के एमडी विनय कुमार सहित कई अन्य अधिकारी एवं प्रदेश के सभी जनपदों से आये हुए कृषक भाई-बहन उपस्थित रहे।

श्री अन्न महोत्सव कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला में श्री अन्न महोत्सव 2023 का शुभारंभ किया। चार दिन तक चलने वाले इस श्री अन्न महोत्सव में प्रदेशभर से हजारों किसान प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया एवं कृषि विभाग उत्तराखण्ड की पौष्टिक फसलों पर आधारित पुस्तक ‘‘स्वाद के साथ स्वास्थ्य’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्राप्त होंगी। देश में वर्ष 2023 को ’’मिलेट्स ईयर’’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व दूरदर्शिता के कारण ही आज समस्त विश्व हमारे देश की परम्परागत फसलों के महत्व को समझ रहा है। भारत के प्रस्ताव पर ही ’’संयुक्त राष्ट्र संघ’’ ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’श्री अन्न’’ केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं हैं, जहां ’’श्री’’ होता है वहां समृद्धि भी होती है, समग्रता होती है और विजय होती है। इसलिए प्रधानमंत्री ने मिलेट्स को ’’श्री अन्न’’ की संज्ञा दी है।’’श्री अन्न’’ भारत में समग्र विकास का माध्यम बन रहा है इसमें गांव और गरीब जुड़ा है और अब देश का प्रत्येक नागरिक भी इससे जुड़ रहा है। श्री अन्न फसलों में पौषणीय तत्व के साथ-साथ औषधीय गुण भी पाये जाते है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने और रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। राज्य के पर्वतीय जिलों के कृषकों से मंडवा, झिंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर रही है साथ ही किसानों को इसका ऑनलाइन भुगतान भी किया जा रहा है। इससे न सिर्फ किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि मिलेट उत्पादों के उत्पादन हेतु किसान प्रोत्साहित भी हो रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा मिलेट फसलों को प्रोत्साहन तथा आम जनमानस के भोजन में सम्मिलित करने हेतु लगभग 73 करोड़ रुपए की धनराशि स्टेट मिलेट मिशन को दी गई है। जैविक कृषि के साथ-साथ राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 11 जनपदों में इस वर्ष से आरम्भ किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 6400 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 796 लाख के कृषि मिशन कार्यक्रम के संचालन की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। राज्य में ’’मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजना’’ तथा नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कॉरिडोर योजना“ द्वारा प्रदेश के अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन किये जाने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं नियोजन के लिए “राज्य प्राकृतिक कृषि बोर्ड“ का गठन किया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि लोक पर्वों एवं त्योहारों में श्री अन्न को अवश्य शामिल करें।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। राज्य में किसानों से मंडुवे को एमएसपी पर लेने एवं इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जो इन्सेन्टिव देने की व्यवस्था की गई यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। उत्तर प्रदेश में भी पौष्टिक आहारों को तेजी से प्रमोट किया जा रहा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में मिलेट्स के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं। राज्य में अनाजों की उपज बढ़ रही है। किसानों को मोटे अनाजों के उत्पादन कर अच्छा मूल्य मिले इसके लिए राज्य में मंडुवे की एमएसपी 35 रूपये 78 पैसे रखी गई है। किसानों से एमएसपी पर मंडुआ लेने पर महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति किलो मंडुवे पर 1.50 रुपये इन्सेंटिव की व्यवस्था की गई है। 2025 तक राज्य के सवा लाख बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जैविक खेती के क्षेत्र में भी राज्य में अच्छा कार्य हो रहा है। इसके लिए उत्त्राखण्ड को लगातार दो साल प्रथम पुरस्कार मिला है। ऐरोमा के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल मिशन मिशन में 35 करोड़ एवं कीवी मिशन में 20 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। 2025 तक मिलेट्स एवं हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में उत्पादन को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, किसान आयोग के अध्यक्ष राकेश राजपूत, किसान मोर्चा के अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह पुण्डीर, भाजपा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, सचिव कृषि बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, निदेशक कृषि गौरी शंकर एवं प्रदेश भर से आये कृषक मौजूद थे।

धन सिंह रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया से मिलकर की चर्चा

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ उत्तराखंड में आयोजित होने वाली देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन को लेकर विस्तृत चर्चा की। डा. रावत ने चार धाम में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में सहयोग को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया, साथ ही उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को प्रदेश के ऊधमसिंह नगर जनपद में स्वीकृत एम्स सेटेलाइट सेटर के भूमि पूजन में आमंत्रित किया। मुलाकात के दौरान डा. रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को प्रदेश संचालित स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने डा. रावत के सकारात्मक पहलों की जमकर तारीफ की।

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान आज उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया से मुलाकात कर राज्य से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मसलों पर लम्बी चर्चा की। डा. रावत ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखंड में देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित होगा, जिसको लेकर केन्द्रीय मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मलेन में भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का रोड़मैप तैयार किया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को जनपद ऊधमसिंह नगर में स्वीकृत एम्स सेटेलाइट सेंटर के भूमि पूजन हेतु आमंत्रित किया, जिस पर उन्होंने अपनी सहमति प्रदान की है। डा. रावत ने बताया कि चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किये जा रहे सहयोग को लेकर उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया। जिस पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भविष्य में भी सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर हर संभव सहयोग करने की बात कही। उन्होंने बताया कि चार धाम में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं तीर्थयात्रियों को सुलभ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने हेतु विगत माह केन्द्र सरकार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत 32.85 करोड़ के अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव भेजा था। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकर के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुये चार धाम यात्रा के लिये अतिरिक्त बजट मंजूर कर 28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी।

मुख्यमंत्री ने देखी द केरल स्टोरी फिल्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल में सपरिवार दि केरला स्टोरी फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि द केरल स्टोरी एक ऐसी फिल्म है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे बिना गोली और बम के देश में आतंकवाद फैलाया जा रहा है। फ़िल्म में इस तथ्य को भी प्रदर्शित किया गया है कि किस तरह से बालिकाओं का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने इस फिल्म को वास्तविकता से परिचित कराने तथा धर्मान्तरण एवं आतंकवाद के विरूद्ध जनजागरूकता को बढ़ावा देने वाली बताते हुए सभी से इस फिल्म को देखने की भी अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी अनेक तरीकों से विभिन्न जगहों पर धर्मांतरण हो रहा था। यह राज्य में भविष्य के लिए एक गंभीर विषय बनता जा रहा था। इसी के दृष्टिगत हमने देवभूमि उत्तराखंड में धर्मांतरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाया गया है। इसमें जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वालों को 10 साल तक कठोर कारावास का प्रावधान किया गया है जिसमें धर्मांतरण कराने के मामलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। एकल धर्मांतरण के लिए सजा कम है, जबकि सामूहिक धर्मांतरण में ज्यादा सजा होगी। सामूहिक धर्मांतरण का दोष साबित होने पर दोषी को तीन से 10 वर्ष की सजा के साथ 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। जबकि एक व्यक्ति के धर्मांतरण पर दो से सात वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं विशिष्ट पहचान के साथ उसका मूल स्वरूप बचा रहे और प्रदेश में अनावश्यक किसी भी प्रकार का धर्मांतरण न हो पाए, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा की गई यह महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण के साथ ही हमारी सरकार द्वारा देवभूमि में सरकारी भूमि पर किये गये अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे सख्ती से हटाये जाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में होने वाले अवैध अतिक्रमण को किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा तथा ऐसा कृत्य करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक दुर्गेश्वर लाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष आशा नौटियाल, भाजपा नेता अजेय कुमार, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी आदि उपस्थित थे।

सीएम से मिले श्री हेमकुंट साहिब के अध्यक्ष, पहला जत्था रवाना करने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने भेंट की। उन्होंने इस वर्ष आरम्भ हो रही श्री हेमकुण्ट साहिब यात्रा के पहले जत्थे को रवाना करने का अनुरोध किया। यात्रा का पहला जत्थ 17 मई 2023 को ऋषिकेश से रवाना होगा। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुण्ट साहिब के कपाट 20 मई को खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को हेमकुण्ट साहिब की सुखद यात्रा की शुभकानायें देते हुए कहा कि हेमकुण्ट यात्रा के लिये यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थायें की गई हैं।

अध्यक्ष गुरुद्वारा श्री हेमकुन्ट साहिब नरेंद्रजीत सिंह ने हेमकुण्ट यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रति मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने यात्रा मार्ग श्री हेमकुण्ट साहिब गोबिन्द धाम, गोबिन्द घाट व अन्य स्थानों पर सरकार द्वारा किए गए अवस्थापना विकास कार्यों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ट साहिब में पिछले वर्ष हेलीपेड का निर्माण किया गया है जो वर्ष 2023 में पूर्ण किया जाएगा। गोबिन्द धाम से श्री हेमकुण्ट साहिब 6 किमी० के मार्ग पर रेलिंग का निर्माण किया गया जिन जगहों पर मोड़ की चौड़ाई कम थी उनका सुधारीकरण किया गया है। यत्रा हेतु 500 मीटर का एक अलग मार्ग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। गोबिन्द धाम में घोड़ा पड़ाव का कार्य भी शुरू हो चुका है। स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया गया है। गांव पुलना जहां से पैदल यात्रा शुरू होती है. 10 किमी0 के ट्रैक पर म्यून्डार गांव में 165 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार हो चुका है व दोनों तरफ की एपरोच रोड़ भी तैयार कर दी गई है। पुलना से गोबिन्द धाम तक के ट्रैक पर 10 रेन शेल्टर शेड बैंच लगाकर यात्रियों के बैठने के लिए तैयार किए गए हैं।

गोबिन्द घाट से 5 किमी0 तक का पुलना सड़क मार्ग तैयार किया गया है। पुलना गांव में टैक्सी चालकों के लिए दो अलग-अलग पार्किंग का निर्माण किया गया है। गोबिन्द घाट गुरूद्वारा से गांव पांडुकेश्वर की ओर नदी से सुरक्षा के लिए दीवार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। यात्रियों की गाड़ियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा गोविन्द घाट में एक अस्थायी पार्किंग का निर्माण भी इस वर्ष किया गया है। गोबिन्द घाट गुरूद्वारा हॉस्पिटल में भी एक एक्स-रे मशीन व मोबाईल पैथोलॉजी लैब सरकार द्वारा लगाई गई है। यात्रियों के लिए शुद्ध पीने के पानी के लिए एक आर.ओ. की व्यवस्था भी की गई है। गोबिन्द घाट बस स्टैंड से गुरुद्वारा जाने के लिए जो पुराना मार्ग था उसके सुधारीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मणिपुर से सभी छात्रों को उत्तराखंड लाया जायेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इम्फाल (मणिपुर) में अध्ययनरत उत्तराखंड के 15 छात्रों को वापस लाये जाने के लिये नागरिक उड्डयन विभाग, उत्तराखण्ड को दिशा-निर्देश दिये गये थे। इसी क्रम में इम्फाल से इन 15 छात्रों को वापस लाने के लिये नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा तत्परता से कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने बताया कि इम्फाल (मणिपुर) में पुलिस की सहायता से इन सभी छात्रों से सम्पर्क किया गया एवं उनकी सुरक्षा हेतु आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। तदोपरान्त इण्डिगो एयरलाइन्स से विशेष वार्ता व अनुरोध करते हुए इन सभी छात्रों को सुरक्षित देहरादून, उत्तराखण्ड लाने के क्रम में सभी छात्रों हेतु विशेष व्यवस्था के अन्तर्गत प्राथमिकता के आधार पर इनके टिकट उत्तराखण्ड शासन द्वारा बुक कर दिये गये हैं एवं संबंधित छात्रों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। दिनांक 12 मई, 2023 को इम्फाल से देहरादून आने वाली डायरेक्ट फ्लाइट से यह सभी छात्र सांय को देहरादून पहुंच जायेंगे।

जागेश्वर धाम को विकसित करने पर जोर दे रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डोल आश्रम पहुॅचकर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र में पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने एक साधक के रूप में पांच दशकों तक लगातार साधना की और सम्पूर्ण भारत वर्ष के अन्दर अनेकों ऐसे प्रकंल्प खड़े किये जिनके माध्यम से सामान्य घर में पैदा होने वाले, गरीब घर में पैदा होने वाले लोगों के उत्थान का कार्य, शिक्षा देने का कार्य, स्वास्थ्य सुविधा देने का कार्य, एवं उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने इस आश्रम में जिस प्रकार से श्रीयंत्र स्थापित किया है आने वाले समय में केवल भारतवर्ष ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लोग इस आश्रम में शान्ति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को बुद्व पूर्णिमा की बधाई दी और महात्मा बुद्व के धर्म, शान्ति एवं अंहिसा के मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि बाबा जी की जो सोच है कि आने वाले समय पर यहॉ से पलायन पर रोक लगे और यहॉ के लोगों को यहीं पर कार्य करने का अवसर मिले, इस क्षेत्र में यह केन्द्र सभी के अन्दर कही न कही जागृति लाने और उस दिशा में प्रेरित करने का कार्य भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम जहां एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, वहीं युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य भी इसके माध्यम से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह आश्रम हमारी जो पुरानी सभ्यता, संस्कृति है उसकी जीती-जागती मिशाल है। यह साधना और आध्यात्म का एक भव्य और दिव्य केन्द्र है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये उत्तराखण्ड का संकल्प लेकर निरन्तरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भी पॉचवें धाम के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका सम्पूर्ण विश्व में लहरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्व है, इसके लिए हमारी सरकार एक कठोर धमार्न्तरण का कानून लेकर आयी है। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा तथा समान नागरिक संहिता को लागू किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहॉ पर 03 नये पार्किग स्थल विकसित किये जायेंगे तथा आश्रम में जो संस्कृत विद्यालय संचालित किया जा रहा है उसका महाविद्यालय बनाने के लिए या विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि डोल आश्रम को पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने स्थापित किया। उनकी सोच के अनुरूप धर्म, आध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा के एक बड़े केन्द्र के रूप में यह आगे बढ़ रहा है एवं विकसित हो रहा है। उन्होंने महाराज जी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि उन्होंने सम्पूर्ण जीवन यहॉ के लोगों की सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में लगाया। उन्होंने कहा कि जो हमारा मानसखण्ड मन्दिरमाला मिशन है उस मिशन के अन्तर्गत यह आश्रम भी एक अंग के रूप में विकसित होगा तथा आने वाले समय में जिस प्रकार चारधाम यात्रा चलती है उसी प्रकार मानसखण्ड यात्रा एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा भी चलेगी तथा उसका एक बहुत बड़ा पड़ाव डोल आश्रम तथा जागेश्वर धाम भी होगा। उन्होंने कहा कि शासन का जो मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन का मास्टर प्लान है वह पूर्णरूप से तैयार हो चुका है, उसकी शुरूआत जागेश्वर धाम से की जायेगी।
इस अवसर पर जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूज्य महाराज कल्याणदास, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, सुभाष पाण्डे, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल, सहित अनेक अखाड़ों के मंहत, अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्वालु उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरि चौतन्य ने किया।

सशक्त उत्तराखण्ड बनाना हमारी प्रतिबद्धताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालसी स्थित होटल में कार्यक्रम में राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेबाकी से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यव्यवहार में सौम्यता जरूर है लेकिन राज्य के व्यापक हित में कठोर निर्णय लेने में भी वे पीछे नहीे हटते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की देवतुल्य जनता ने राज्य में एक ही दल की सरकार को दुबारा न चुनने के मिथक को तोडा है। प्रदेश हित में हमने जो भी वायदे किये हैं उन्हे पूरा करने तथा 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने के लिये वे प्राण प्रण से जुटे हैं। प्रदेश के समग्र विकास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त उत्तराखण्ड बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है। इसके लिये प्रदेश में समावेशाी विकास एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिये अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिये आगामी 10 सालों का रोड मैप तैयार करने के निर्देश सभी विभागों को दिये गये है। कृषि, बागवानी आदि के साथ प्राथमिक सैक्टरों को भी इसमें सम्मिलित किया जा रहा है। यही नही तमाम अनछुए क्षेत्रों को बढावा देने का भी कार्य हो रहा है। एक लाख पोली हाउसों के निर्माण से 05 लाख लोगों को रोजगार देने की योजना पर भी कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी दूर नही की जा सकती इसके लिये स्वरोजगार की योजनाओं को बढावा दिया जा रहा है। हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बने, इस दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ भू-धसाव से हुए प्रभावितों के साथ राज्य सरकार पूरी तरह सहयोगी के रूप में खडी है। इस कठिन दौर में राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा पूरी मदद दी जा रही है। जोशीमठ को बचाना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधामों में हो रही वर्षा एवं बर्फबारी के बावजूद यात्रा अपने चरम पर है, लोगों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिये कारगर व्यवस्था की जा रही है। जोशीमठ का कुछ क्षेत्र ही भू-धसाव से प्रभावित है। जोशीमठ में यात्रियों के लिये आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिये देवभूमि के द्वार सभी के लिये खुले है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्म के साथ गंगा एवं यमुना का प्रदेश है। राज्य की सीमायें दो देशों से जुडी है। सैन्य बाहुल्य इस देवभूमि में रहने वाले सभी जाति, पंथ, संप्रदाय के लोगों के लिये बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास की भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता बनाये जाने पर तेजी से कार्य हो रहा है। जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार हो जायेगा। उत्तराखण्ड देश में इस कानून को लागू करने वाला पहला प्रदेश होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नही होने दिया जायेगा, साथ ही ऐसे अतिक्रमणों को स्वयं हटाने के लिये सभी संबंधित से अपेक्षा भी की गयी है। तय समय सीमा में अतिक्रमण न हटाये जाने पर उन्हें हटाये जाने की कार्यवाही के भी सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव राज्य के विकास से जुडी योजनाओं में साफ झलकता है। शीघ्र ही ऋषिकेश, कर्णप्रयाग रेललाइन का सपना साकार होने वाला है। टनकपुर, बागेश्वर के साथ गंगोत्री रेल लाइन के सर्वे का कार्य हो रहा है। देहरादून रेल लाइन का दोहरी करण, किच्छा, खटीमा रेल लाइन निर्माण के साथ राज्य को नई ट्रेनों की सौगात मिली है।
प्रधानमंत्री के मन की बात की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने समर्पण के साथ कार्य करने वाले संघर्षशील लोगों को पहचान दिलायी है। प्रधानमंत्री द्वारा इस माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करने का भी सराहनीय प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी के नाम हुई पहली पूजा

भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 7ः10 बजे शुभ मुहूर्त पर ब्रह्म बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए हजारों संख्या में श्रद्धालु धाम मौजूद थे। आज सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकह कुमारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वी.सी. ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन हेतु राज्य सरकार ने तमाम व्यवस्थाएं की हैं।

हल्की बर्फबारी व बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैण्ड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत व नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा से श्रद्वालु गदगद हो उठे। कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, ईओ सुनील पुरोहित आदि सहित मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हक हकूकधारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

बैकुंठ धाम में अन्य तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों में भी जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीम पुल, वसुधारा जलप्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी है।

कब कितने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ
विगत वर्षों में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुॅचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्धालु ही बदरीनाथ पहुॅचे। जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। इस बार शुरुआत में ही रिकॉर्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुँच रहे है।