जनप्रतिनिधियों ने किया मंत्री डा़ अग्रवाल का धन्यवाद, जी20 की गंगा आरती के लिए दी बधाई

तीर्थ नगरी में जी-20 के तहत गंगा आरती को सकुशल संपन्न कराने तथा ऋषिकेश का मान देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व वित्त व शहरी विकास, आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने गंगा आरती के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। इसके बाद सामूहिक गंगा आरती की गई।

वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम ने कहा कि जी-20 कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश में गंगा आरती कराए जाने का श्रेय स्थानीय विधायक डॉ अग्रवाल को जाता है। उनके द्वारा गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को लाकर तीर्थ नगरी का मान विदेशों में भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के वित्त व शहरी विकास मंत्री होने का लाभ ऋषिकेश की जनता को मिला। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के ही विभागों द्वारा जी-20 के अंतर्गत नगर का चहुमुखी विकास हुआ। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट अपने भव्य स्वरूप में दिखा जिससे विदेशी मेहमान भी उत्साहित नजर आए।

जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि वित्त मंत्री के नाते डॉ अग्रवाल ने विधानसभा सत्र में जी-20 के लिए बजट की कमी नहीं रखी। उनकी ओर से जी-20 के लिए 100 करोड रुपए तक का बजट रखा गया। कहा कि उनके ही विभाग एमडीडीए और शहरी विकास की ओर से नगर तथा त्रिवेणी घाट का सौंदर्य करण हुआ।

महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष माधवी गुप्ता ने कहा कि त्रिवेणी घाट में शौचालय का पुनरुद्धार, टाइल्स का निर्माण, गंगा आरती स्थल का भव्यता, यहां पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था, पार्किंग स्थल का सौंदर्य करण के अलावा बाजार में फ़साड़ योजना के तहत एक समान एक रंग के बोर्ड, सड़कों का निर्माण, नालियों की सफाई कर टैपिंग सहित जौली ग्रांट एयरपोर्ट तक किए गए विभिन्न कार्य डॉ अग्रवाल द्वारा कराए गए जिसके लिए ऋषिकेश सहित आसपास की जनता भी उनका आभार प्रकट करती है।

इस मौके पर व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल ने कहा कि डॉ अग्रवाल की बदौलत आज डिवाइडर पौधों से गुलजार है। कहां की रघुनाथ मंदिर आज अपनी भव्यता पर है उन्होंने कहा कि पूर्व में डॉक्टर अग्रवाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के समय सीपीए के सदस्यों के लिए भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया था।

इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, बृजेश शर्मा, आंदोलनकारी सरोज डिमरी, मण्डल महामंत्री नितिन सक्सेना, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद राजेश दिवाकर, वीरेंद्र रमोला, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, रूपेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनब पाल, स्वाति शर्मा, अनिता तिवारी, उषा जोशी, हिमानी कौशिक, राजकुमारी पंत, रीता देवी, सुशीला देवी आदि सेकड़ो की संख्या में व्यापारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी मेहमानों का गंगा आरती में किया स्वागत

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में जी-20 के मेहमानों द्वारा गंगा आरती में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया। गंगा आरती और भजन संगीत से विदेशी मेहमान प्रभावित होकर आध्यात्मिकता में डूबे रहे। कल-कल बहती गंगा की शांत और सुरम्य वादियों को देखकर जी-20 के डेलिगेट्स इतने जिज्ञासु, उत्सुक और प्रसन्न दिखे कि गंगा दर्शन के दौरान सेल्फी लेने की होड़ मची रही।
गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को भारत की आध्यात्मिकता, योगा, मेडिटेशन, संस्कृति, रीति-नीति और भारत के आतिथ्य सत्कार सबसे एक साथ साक्षात्कार भी हुआ।
गंगा आरती के पश्चात विदेशी मेहमानों ने रात्रिभोज में स्थानीय व्यंजको का लुत्फ उठाया तथा भोज में उनको ’भारत के मोटे अनाज की और उत्तराखंड की ’बारह अनाजा संस्कृति’ का भी परिचय हुआ। गंगा आरती के दौरान विदेशी मेहमानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के भारत के और उत्तराखंड के परंपरागत प्रयासों का भी परिचय हुआ।
इस दौरान गंगा आरती में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व प्रेमचंद अग्रवाल, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान व रायपुर रोड खजान दास, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून मधु चौहान, महापौर देहरादून सुनील उनियाल व ऋषिकेश अनीता अनीता मंमगाई, पुलिस महानिरीक्षक के. एस. नग्नयाल, आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, सचिव एमडीडीए व महानिदेशक सूचना बशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप सिंह कुंवर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, महानुभाव और जनमानस उपस्थित रहे।

ऋषिकेश विधानसभा विदेशी मेहमानों के लिए स्वागत को तैयारः डा. अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आज तीसरी बार त्रिवेणी घाट का निरीक्षण किया। यहां जी-20 के अंतर्गत किए गये कार्यों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही पूर्व में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मिले निर्देशों का संतोषजनक पालन होने पर पीठ भी थपथपाई। इस दौरान डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त को घाट पर बने शौचालय में भगवे रंग को गंगा आरती के बाद हटाने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही प्रशासन द्वारा बंद कराई गई दुकानों को खोलने के लिए उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया।

डा. अग्रवाल ने घाट रोड तथा त्रिवेणी घाट का तीसरी बार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व में निर्देशित सड़क किनारे गैप को भरने, शौचालय के बाहर टूटी टाइल्स को बदलने, तिरंगे झंडे की रेलिंग को धोने व फर्श की धुलाई करने, रघुनाथ मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर कार्य सहित तमाम कार्यों को संतोषजनक पाया गया। जिस पर डा. अग्रवाल ने नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोनिवि, एमडीडीए सहित स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा की।

निरीक्षण के दौरान की डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त ऋषिकेश को शौचालय के बाहर लगाए गए भगवा रंग पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवा रंग सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। इसके चलते विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित गंगा आरती के बाद भगवा रंग को बदला जाए।

डा. अग्रवाल ने घाट मार्ग पर बंद दुकानों का कारण स्थानीय व्यापारियों से जाना। जिस पर प्रशासन द्वारा बंद करने की बात सामने आई। जिस पर डा. अग्रवाल ने कहा कि बंद दुकानें शोक का प्रतीक है, जबकि विदेशी मेहमानों के यहां पहुंचने पर खुशियां मनाने का दिन है। ऐसे में दुकानों का खुलना और चहल-पहल का रहना अति आवश्यक है। डा. अग्रवाल ने मौके पर उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी को खोलने के लिए निर्देशित किया। साथ ही व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने प्रतिष्ठान खोलें।

निरीक्षण के दौरान युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा ने डा. अग्रवाल के अनुभव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंगा पर बने टापू पर डा. अग्रवाल ने अपने अनुभव के चलते सरकारी धन के दुरप्रयोग होने से बचाया है। टापू पर पूर्व में टाइल्स लगाई जा रही थी। जिसकी लागत बहुत ज्यादा थी, जो जलस्तर बढ़ने पर बह जाती। डा. अग्रवाल ने इसके विकल्प के रूप में कम लागत से हरी घास लगाने के निर्देश दिए थे।

इस मौके पर उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, सीओ संदीप नेगी, कोतवाल खुशीराम पांडेय, तहसीलदार अमृता शर्मा, स्थानीय पार्षद रीना शर्मा, युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा, देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, राम कृपाल गौतम आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

सीएम की अपील, नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए लें शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सभी प्रदेश वासियों से शपथ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशा हमारे युवाओं का भविष्य बरबाद कर रहा है। समाज के साथ युवाओं के बेहतर भविष्य के लिये सभी को नशा मुक्ति की दिशा में पहल करनी होगी।

ज्ञातव्य है कि “नशामुक्त भारत“ के लक्ष्य की पूर्ति हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार के नियंत्रणाधीन नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो द्वारा मादक पदार्थों के विरूद्ध एंटी ड्रग ई-प्लेज अभियान शुरू किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य से मात्र 0.47 प्रतिशत व्यक्तियों द्वारा ही ई-शपथ ली गयी है, जो कि अत्यन्त ही न्यून है तथा इसमें सुधार किये जाने की आवश्यकता है।

उक्त के दृष्टिगत मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु द्वारा समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि दिनांक 26 जून को “विश्व ड्रग्स दिवस के अवसर पर जनता को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के उद्देश्य से तथा मादक पदार्थों से दूर रहने हेतु प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त शासकीय विभागों में कार्यरत कार्मिक https://pledge.mygov.in लिंक के माध्यम से अपने परिवारजनों सहित ई-प्लेज लिया जाना सुनिश्चित करते हुये अन्य लोगों को भी ई-प्लेज हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

विश्व योग दिवस पर सीएम ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ, योगाभ्यास भी किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ फेज-2 हरिद्वार के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
योगाभ्यास के बाद अपने संबोधन में सभी को योग दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दृढ़ संकल्प से प्रारंभ हुई ये यात्रा आज आप सभी के समर्पण और दृढ़ता के कारण इस गंतव्य तक पहुंच सकी है।
सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति का मूल आधार ’’वसुधैव कुटुम्बकम’’ है और यही हमारे देश की 140 करोड़ जनता का मूल संस्कार भी है, जो सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार का रूप मानता है। इसी सिद्धांत को केंद्र में रखते हुए इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ’’वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग’’ तय की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकों वैश्विक चुनौतियों और षड्यंत्रों का सामना करने के बावजूद भारत ने कभी भी मानवीय मूल्यों से हटकर आचरण नहीं किया और हमारी इस लोक कल्याणकारी अवधारणा का आधार हमारी संस्कृति है, जिसके मुख्य स्तंभों में से एक योग भी है। इसी वजह से योग आज दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है जो विश्व को भारतीय संस्कृति के साथ और अधिक प्रगाढ़ता से जोड़ने का काम कर रहा है। भारत की संत परंपरा हमेशा से ही ’’देश प्रथम’ की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम रही है और पंतजलि योगपीठ की स्थापना भी इसी उद्देश्य के लिए हुई है। योगगुरू स्वामी रामदेव जी ने भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय चेतना को जगाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और महान योग साधक श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत एवं भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान और स्वाभिमान संपूर्ण विश्व में बढ़ रहा है तथा भारत विश्व गुरू के पद पर पुनः आरूढ़ होने के लिए तैयार हो रहा है । अर्न्तराष्ट्रीय योग दिवस इसका एक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सायंकाल अमेरिका में योग दिवस में शामिल होंगे। उन्हीं के आव्हान पर आज विश्व के लगभग सभी देश ’’अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’ मना रहे हैं तथा चित्त वृत्ति निरोध योगः के माध्यम से हमारे जीवन में जो कमी है, उसे दूर करते हुये सम्पूर्णता की ओर ले जाने का मार्ग दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कोराना काल का जिक्र करते हुये कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और कोरोना महामारी के दौरान हम सभी योग के महत्व से परिचित भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दौड़-भाग की जिन्दगी में चुनौती के साथ तनाव भी हैं तथा इस तनाव को दूर करने का साधन योग है, जिसे उत्तरोत्तर आगे बढ़ाने में पतंजलि का महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मन अत्यंत चंचल है। यह भौतिक साधनों के पीछे भागता है, यह दौड़ता हुआ मन कभी भी व्यक्ति को चेतना की गहराइयों में नहीं ले जा पाता। हमारे इसी अन्तर्द्वन्द्व को शांत करने की प्रक्रिया योग कहलाती है और योग से ही हमें अपने शुद्ध आत्म स्वरूप को जानने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी योग की ख्याति बढ़ रही है और प्राचीन भारतीय पद्धतियों की महत्ता एवं वैज्ञानिकता सिद्ध हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी देवभूमि की तो पहचान ही एक विश्वस्तरीय योग केंद्र के रूप में है और सरकार का पूर्ण प्रयास है कि इस पहचान को और भी अधिक सशक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि हम विकल्प रहित संकल्प के तहत निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं कि देवभूमि उत्तराखण्ड एक उत्कृष्ट व नम्बर वन राज्य बनने के साथ ही सनातन संस्कृति की वैश्विक राजधानी बने।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों का भी आह्वान किया कि उत्तराखण्ड को हर स्तर पर उत्कृष्ट बनाने के लिए हम सभी प्रतिदिन एक घंटा स्वयं के लिए निकालने का संकल्प लें और प्रतिदिन योग करें, सूरज उगने से पहले जगना होगा और खुद को बदलना होगा, जिससे दवाओं पर आने वाला व्यय भी कम होगा।
योग गुरु स्वामी बाबा रामदेव ने कार्यक्रम का शुभारम्भ सूक्ष्म व्यायाम से किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि यह इतिहास की पहली घटना है कि प्रधानमंत्री आज शाम को यू0एन0ओ0 के हेडक्वार्टर में योग करेंगे। उन्होंने अष्टांग योग-(यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, योगिंग-जोंगिंग, भस्त्रिका प्रणायाम, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, मण्डूक आसन, पवन मुक्त आसन, शीतली, मकर आसन, भुजंग आसन, शीर्षासन, सर्वांग आसन, चक्रासन आदि का अभ्यास कराते हुये योग के महत्व के साथ-साथ पंतंजलि की विकास यात्रा पर भी विस्तृत प्रकाश डाला।
आचार्य बालकृष्ण ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि योग ने लोगों को रोग मुक्त करने के साथ ही रोजगार के द्वार भी खोले हैं तथा योग रोगों को दूर रखने में सहायक होने के साथ ही विकारों तथा बुराइयों से भी दूर रखता है तथा एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में भी सहायक होता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु स्वामी रामदेव तथा आचार्य बाल कृष्ण ने कुमाऊंनी रामायण का विमोचन भी किया तथा प्रतिदिन योग करने एवं नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया।
पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंटकर तथा शाल ओढ़ाकर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की अभिनव शाह, एसडीएम भगवानपुर बृजेश तिवारी, एसडीएम लक्सर विजयनाथ शुक्ल बड़ी संख्या साधू-सन्त, छात्र-छात्रायें आदि उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने जी20 के कार्यों की तैयारियों को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में 25 जून से 28 जून तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाली जी 20 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जी20 की पिछली बैठकों में काफी अच्छे से प्रबंधन किया गया था, इसे आने वाली बैठक में भी जारी रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की छवि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के लिए जो भी कार्य करवाए जा रहे हैं, इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जितने भी सुधार कार्य करवाए जाएं वह स्थाई प्रवृत्ति के हों ताकि जी 20 के बाद भी आने वाले पर्यटक उनका आनंद ले सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की कायाकल्प के लिए एक मैकेनिज्म विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अथवा पर्यटन विभाग के अंतर्गत एक मद बनाया जाए, जिसमें सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण एवं उसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल, ए.डी.जी. वी. मुरुगेशन, ए. पी. अंशुमान, वी.सी. एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

निजी निवेश को प्रोत्साहित करने को लेकर मंत्री डा. अग्रवाल ने ली आवास विभाग की बैठक

मंत्री वित्त, शहरी विकास, आवास संसदीय एवं विधायी कार्य पुनर्गठन तथा जनगणना प्रेम चन्द्र अग्रवाल की अपेक्षानुसार आवास विभाग के अन्तर्गत निजी निवेश को प्रोत्साहित किये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ मंथन किया गया।

उक्त बैठक में प्रकाश चन्द्र दुम्का, संयुक्त मुख्य प्रशासक, उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, देहरादून द्वारा आवास विभाग के अन्तर्गत निजी निवेश को प्रोत्साहित किये जाने के विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें मुख्य रूप से निजी निवेश में आने वाली चुनोतियों तथा उसके निवारण के लिये Ease of doing business, policy level intervention तथा incentives के अन्तर्गत विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। आवास मंत्री द्वारा निर्देश दिये गये कि राज्य में निजी निवेश को प्रोत्साहित किये जाने के लिए वर्तमान नीतियों में संशोधन किया गया तथा इसके साथ-साथ निवेश अनुकूल नीति तैयार की जाय जिसमें निजी निवेशक राज्य में विभिन्न टाउनशिप योजनाओं में निवेश कर सकें।

इसके अतिरिक्त निवेशकों को किस प्रकार से incentives दिये जा सकते हैं. जिससे राज्य में निवेश हेतु आकर्षण बढ़ सके उस पर अन्य राज्यों की प्रोत्साहन नीतियों का अध्ययन कर स्पष्ट प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाय। निजी निवेश को भूमि क्रय भू-उपयोग परिवर्तन तथा मानचित्र स्वीकृति तथा इसके साथ-साथ अन्य विभागों से मिलने वाली सेवाओं को सिंगल विण्डो व्यवस्था के माध्यम से निश्चित समयान्तर्गत प्रदान किये जाने का तंत्र विकसित किया जाय जिससे निजी निवेशकों को आवश्यक विभागीय सहयो तीव्रता से प्राप्त हो सके। राज्य में निजी निवेश विभिन्न परियोजनाओं में विशेषकर टाउनशिप आधारित परियोजनाओं में निजी निवेशक की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने के लिये उपयुक्त वातावरण दिया जाना अत्यंत आवश्यक है. जिससे राज्य में निवेश के माध्यम से आवश्यक रोजगार सृजन किया जा सके। इसके साथ-साथ अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करते हुए कर संग्रह में वृद्धि की जा सके राज्यान्तर्गत प्रस्तावित नये शहरों के विकास में निजी निवेश एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस हेतु नये शहरों के विकास हेतु प्रस्ताव के साथ-साथ निजी निवेश को आकर्षित करने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश मा० आवास मंत्री जी द्वारा दिये गये।

बैठक के दौरान आवास मंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिये कि भू-उपयोग परिवर्तन वालों विषयों पर प्राधिकरण स्तर से प्रस्तावों की स्वीकृति में तीव्रता लायी जाय।

बैठक में सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव आवास सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन जितेन्द्र त्यागी, सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण मोहन सिंह बर्निया, सचिव हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण उत्तम सिंह चौहान व अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने किया रात्रि सहभोज, हुई सराहना

मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस बार के चंपावत दौरे में अनोखी पहल देखने को मिली। सीएम के निर्देश पर पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सहभोज आयोजित किया गया। इस सहभोज की विशेष बात ये रही कि सभी लोग अपने अपने घरों से टिफिन लेकर आए और टिफिन साझा किया। प्रदेश में ऐसा पहली बार किया गया है। सभी ने जमीन पर बैठकर साथ खाना खाया। सीएम धामी ने कहा कि घर से टिफिन लेकर साथ बैठकर भोजन से पारस्परिक सद्भाव, आपसी समन्वय व सहयोग की भावना जागृत होती है। चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने हैं।

गौरतलब है कि चंपावत विधानसभा जीत के एक वर्ष पूर्ण होने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी चंपावत दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा, जिपं अध्यक्ष ज्योति राय सहित तमाम वरिष्ठजन व भाजपा के जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यूसीसी की अध्यक्ष ने की विधि आयोग के अध्यक्ष से नई दिल्ली में मुलाकात

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की अध्यक्ष न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई ने विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) ऋतुराज अवस्थी से उत्तराखंड सदन, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की।

मीडिया से अनौपचारिक संवाद के दौरान यूसीसी की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई ने जानकारी दी कि उन्होंने आज उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के संबंध में अभी तक हुए कार्य की सामान्य जानकारी राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष के साथ सांझा की। रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता पर अभी तक बेसिक कंसल्टेशन का कार्य हो चुका है। यूसीसी पर काफी काम किया जा चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता के सभी हितधारकों से चर्चा की जा चुकी है। यूसीसी की उप समितियों ने विभिन्न धर्माे, समुदायों, हितधारको तथा वर्गों से इस संबंध में विचार विमर्श किया है। सभी राजनीतिक दलों के साथ भी इस संबंध में बैठक कर ली गई है तथा उनके सुझाव प्राप्त कर लिए गए हैं।
रंजना प्रकाश देसाई ने कहा कि हमारी अपेक्षा है यूसीसी पर बनाया गया हमारा ड्राफ्ट सभी को पसंद आए। यूसीसी पर अभी हमारी बैठके निरंतर जारी हैं। इस दिशा में हमें सभी समुदायों का सहयोग मिल रहा है।