श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गये बाबा केदार के कपाट

ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ मंगलवार को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिये गये हैं। श्री केदारनाथ में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। रावल भीमाशंकर लिंग तथा पुजारी शिवलिंग एवं धर्माचार्यों द्वारा पूजा अर्चना की गई। कपाट खुलते समय सेना के बैंड तथा भजन कीर्तन एवं जय श्री केदार के उद्घोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। सभी देश एवं प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की उन्होंने बाबा केदार से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मुख्य सेवक द्वारा आयोजित भंडारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। समाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं का भी यात्रा के लिए पूरा सहयोग मिल रहा है। पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर यात्रा व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर बाबा केदार के दर्शन लिए आयें, ताकि किसी को भी मौसम की वजह से कोई असुविधा न हो। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। 27 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जायेंगे।

इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला अध्यक्ष भाजपा सिंह महावीर पंवार, पूर्व अध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दिक्षित, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य कार्याधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह एवं श्रद्धालु मौजूद थे।

कपाट खुलने के शुभ मुहुर्त में सीएम रहे मौजूद, पीएम के नाम पर कराई पहली पूजा

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान के साथ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए है। तय कार्यक्रमानुसार गंगोत्री धाम के कपाट सुबह 12 बजकर 35 मिनट पर और यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए है। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु गंगोत्री में मां गंगा एवं यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। आज पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खरशाली, यमुनोत्री में पूजा अर्चना की। उसके बाद मां यमुना जी की उत्सव डोली को शनि देव की अगुवाई में खरशाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज मां यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। 25 अप्रैल को श्री केदारनाथ एवं 27 अप्रैल को श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का देव भूमि आगमन पर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा हर्षाेल्लास के साथ होगी। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भगवान बद्री विशाल, बाबा केदार, मां यमुनोत्री एवं गंगोत्री की कृपा सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश एवं प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना भी की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में पूजा-अर्चना कर मां गंगा जी का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए देश विदेश से जो भी श्रद्धालु आएंगे उन्हे दर्शन कराए जाएंगे। चार धाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। राज्य में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हरीश सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार को 12ः15 मिनट पर मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। रात्री विश्राम भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर में करने के उपरांत अगले दिन सुबह 8 बजे मां गंगा की उत्सव डोली गंगोत्री धाम पहुंची। जहां विधिविधान के साथ गंगा पूजन, गंगा सहस्त्रनाम पाठ एवं विशेष पूजा अर्चना के बाद सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग पर 12ः35 पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने बताया कि मां यमुना की डोली शनिवार सुबह अक्षय तृतीया के पर्व पर अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से प्रातः 8 बजे शनिदेव की अगुवाई में यमुनोत्री धाम को रवाना हुई। डोली 11 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची। जहां पूजा अर्चना एवं हवन करने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिजीत मुहूर्त में 12ः41 पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए गए है।
इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, एसपी अर्पण यदुवंशी, जिलाध्यक्ष बीजेपी सतेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष कॉपरेटिव बैंक विक्रम सिंह सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, श्रद्धालु एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विश्व के नेताओं में पीएम मोदी फिर अव्वल


ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बार पुनः प्रथम स्थान पर रहने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी विश्व नेताओं की यह 76 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में उनके प्रशंसक और चाहने वाले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का परचम समूचे विश्व में लहरा रहा है।

जी 20 चीफ साइंस एडवाइजर्स वर्किंग ग्रुप में सीएम ने की प्रतिनिधियों से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में आयोजित जी 20 चीफ़ साइंस एडवाइजर्स वर्किंग ग्रुप में प्रतिभाग करने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्य्मंत्री ने मेहमानों के स्वागत में आयोजित रात्रि भोज में भी प्रतिभाग किया।
आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा यह प्रदेश उत्तराखंड, देवभूमि के रूप में विख्यात है, क्योंकि यह केदारखंड और मानसखंड मंदिर समूहों तथा बद्रीनाथ धाम जैसे पौराणिक धाम की पवित्र भूमि है. यह हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक केंद्रों तथा योग, आयुर्वेद और प्राणायाम का एक वैश्विक हब हैं, इतना ही नहीं यह प्रदेश सनातन धर्म और संस्कृति जिसे हिंदू धर्म के रूप में भी जाना जाता है, का प्राचीनतम केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी महान वैज्ञानिकों द्वारा एक बेहतर विश्व बनाने के प्रयासों के अंतर्गत ऐसी महान धरती पर किया जा रहा यह चिंतन अवश्य ही संपूर्ण मानवता के लिए हितकारी सिद्ध होगा।

जी-20 की थीम वन अर्थ, एक फैमिली, एक फ्यूचर भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम की सोच पर आधारित है। हमारे देश की प्राचीन और महान संस्कृति ने ही सर्वप्रथम ष्वसुधैव कुटुम्बकमष् अर्थात ष्समस्त विश्व ही एक परिवार हैष् की अवधारणा समस्त विश्व के समक्ष रखी थी। जी-20 की यह विशेष बैठक Chief Science Advisors Roundtable (CSAR) हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्चित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर दिया गया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे हैं, यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आशा है कि इस राउण्डटेबल में किया गया मंथन, चर्चा व अनुभवों की साझेदारी साइंस और पॉलिसी के बीच के गैप को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और एक मजबूत अर्थव्यवस्था, नॉलेज बेस्ड इकॉनोमी, समृद्ध लोकतंत्र, वैश्विक मंच पर शांतिदूत तथा मानवता के प्रयासों में अग्रदूत के रूप में स्थापित हुआ है उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में ळ-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

यह एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि यहां विश्व की प्रमुख और उभरती हुई साइंटिफिक पावर जो कि विश्व के लगभग 85 प्रतिशत साइंटिफिक नॉलेज पर अधिकार रखती है, एक ही स्थान पर मौजूद हैं। साइंस एण्ड टेक्नॉलॉजी के ऐसे बहुत से अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दे हैं, जिन पर वैश्विक स्तर पर सरकारों के मध्य बातचीत होनी चाहिए। इसमें ग्लोबल सांइस एण्ड टेक्टनॉलॉजी पॉलिसी व गवनंस से लेकर सांइटिफिक नॉलेज क्रिएशन तथा इसके उपयोग जैसे विषयों को लिया जा सकता है।

हमें वास्तव में लॉन्गटर्म विजन के साथ एक इन्कलूसिव ग्लोबल सांइस एडवाइस सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, जो कि इस जी -20 सीएसएआर की बैठक का एजेण्डा भी है। मुझे प्रसन्नता है कि इस जी-20 सीएसएआर के एजेंडे के तहत वन हेल्थ को भी लिया गया है। निश्चित ही कोरोना काल के बाद यह सिद्ध हो चुका है कि वैश्विक संक्रमण पर बेहतर नियंत्रण तथा आने वाली महामारियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए वन हेल्थ का कॉन्सेप्ट वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वन हैल्थ की यह भावना भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या से निपटने में हमारे के लिए एक कवच का कार्य करेगी। आप में से बहुत से विदेशी मेहमान पहली बार देवभूमि उत्तराखंड आए होंगे इसलिए मैं चाहूंगा कि आप अपनी इस यात्रा के दौरान हमारे देश के साथ-साथ हमारे प्रदेश उत्तराखंड को भी जानें और समझें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर का प्रदेश बनाना है जिससे सामान्य लोगों का जीवन और अधिक सहज, सरल और समृद्ध हो सके।

इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, ब्राजील के उपमंत्री प्रो. मरसिया क्रिस्टिना बरनाड्रेस, उत्तराखंड सरकार के मंत्रीगण, विधायकगण, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार अजय कुमार सूद, जी-20 देशों के सभी मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार, वैज्ञानिक सलाहाकार एवं प्रमुख वैज्ञानिकगण उपस्थित थे।

उत्तराखंड आने वाले हर श्रद्धालु को चारधाम के कराएंगे दर्शनः धामी

आगामी चार धाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में दर्शन करवाये जायेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन के लिए भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाए। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने श्रद्धालुओं से अपने यात्रा व्यय का 05 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की है। राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। राज्य के स्थानीय उत्पादों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर क्रैश बैरियर की समुचित व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों की रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए। चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव सी. रविशंकर, एमडी जीएमवीएन विनोद गिरी गोस्वामी, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मयूर दिक्षित, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला उपस्थित थे।

जंगली पिक्चर्स ने सीएम ने सोशल मीडिया के जरिए सीएम का जताया आभार

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता कम्पनी जंगली पिक्चर्स ने अपनी फिल्म बधाई दो की शूटिंग और सब्सिडी के लिए उत्तराखण्ड में मिले सहयोग हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद दिया है। जंगली पिक्चर्स ने मुख्यमंत्री धामी को अपने सोशल मीडिया पोस्ट (ट्वीट और इंस्टा) पर टैग करते हुए लिखा हैः-
‘‘मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद का उनके सहयोग और गर्मजोशी से भरे आतिथ्य हेतु हार्दिक धन्यवाद। बधाई दो फिल्म के लिए शूटिंग की अनुमति देने से लेकर सब्सिडी स्वीकृत करने तक उनकी कार्यप्रणाली वास्तव में सराहनीय है। हम एक बार फिर सुरम्य राज्य उत्तराखण्ड में शूटिंग करने के अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जंगली पिक्चर्स के इस पोस्ट को बधाई दो के अभिनेता प्रसिद्ध स्टार राजकुमार राव ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा ‘‘धन्यवाद सर’’।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने फिल्म निर्माता को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में फिल्म निर्माताओं के लिए एक आदर्श वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण को एक उद्योग की भांति बढ़ावा दिया जायेगा। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में रोजगार सृजन पर फोकस किया जा रहा है। नई फिल्म नीति में क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए उनको दी जाने वाली सब्सिडी में उल्लेखनीय वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए भी नीति बना ली गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के शूटिंग लोकेशनों और फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों तथा तकनीशियनों हेतु डायरेक्ट्री बनाने के लिए सूचना संकलन का कार्य प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि हाल में ही लागू की गई निजी औद्योगिक क्षेत्र स्थापना नीति-2023 के अंतर्गत भी निजी फिल्म सिटी, स्टूडियो एवं अन्य उपक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। कई बड़े फिल्म निर्माता राज्य में फिल्म निर्माण, फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान हेतु बातचीत कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष बड़े बैनर की दो हिन्दी फिल्मों बधाई दो (जंगली प्रोडक्शन) तथा तड़प (साजिद नाडियाडवाला प्रोडक्शन) को सब्सिडी दी गई है। जिन्होंने अपनी कुल शूटिंग का 75 प्रतिशत से अधिक उत्तराखण्ड में शूट किया है। कुछ अन्य हिन्दी और क्षेत्रीय फिल्मों की सब्सिडी हेतु भी कार्यवाही गतिमान है। पिछले वर्ष बनी कई फिल्में रिलीज होने के बाद सब्सिडी हेतु आवेदन करेंगी। पिछले एक वर्ष में लगभग 200 फिल्म शूटिंग अनुमतियां जारी की गई हैं। अभी राज्य में कई फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग चल रही हैं या शीघ्र प्रस्तावित हैं। इन फिल्मों में फिर आई हसीन दिलरूवा, राज और डी के निर्मित वेब सीरीज सिटाडेल इंडिया, पुतुल, मेघना गुलजार की सैम बहादुर प्रमुख हैं।

प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने को सीएम ने किया विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि समूहों के साथ संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये कृषि, बागवानी, उद्योग, व्यापार आदि समूह के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं विचारों से अवगत हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको मिलकर उत्तराखण्ड को सशक्त राज्य बनाने का संकल्प लेना होगा।
उन्होंने कहा कि इस संवाद से प्राप्त होने वाले सुझावों को आगामी बजट में समावेश करने के प्रयास किये जायेंगे। सुझाव देने वालों को अपने अपने क्षेत्रों की क्रीम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में भी निश्चित रूप से मदद मिलेगी।

प्रदेश के विकास में जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं इसलिये हमें स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार देने को आंदोलन बनाना होगा। समस्याओं एवं सुझावों का भी हमें मिलकर समाधान ढूंढना है। हमारा प्रयास अंत्योदय की अवधारणा को सर्व स्पर्शी विकास के साथ पूर्ण करने का है। यही हमारा मूल मंत्र भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में अभिनव पहल के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञों के सुझावों पर भी हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम चौपाल जन समस्याओं के समाधान एवं उनके सुझावों को जानने का माध्यम बन रहे हैं। होम स्टे योजना भी ग्रामीण आर्थिकी एवं स्वरोजगार के माध्यम बन रहे हैं। वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में निवास कर रहे हैं। इसका अनुभव अविस्मरणीय एवं आत्मीयता के भाव वाला रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास गंगा, यमुना, काली, शारदा जैसी नदियों के साथ 71 प्रतिशत भू-भाग वन व पर्वतों वाला है। देवों की हमारे ऊपर कृपा है। हमारे प्रदेश का हर क्षेत्र एक डेस्टिनेशन है। हम अपनी इन समृद्ध विरासतों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत के अमृत काल का लक्ष्य भी देश व देशवासियों को विकास के नये शिखर पर पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगतिशील देश के रूप में पहचान बना रहा है। कोरोना के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था विश्व में 10 वीं से 5वें स्थान पर पहुंची है। देश आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। निर्यात बढ़ रहा है, डिजिटल ट्रांजेक्शन 40 प्रतिशत देश में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में नवाचार के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। यह संवाद समस्याओं के समाधान की भी राह प्रशस्त करेगा, इसकी भी उन्होंने उम्मीद जतायी।

वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि बजट से पूर्व विषय विशेषज्ञों से सुझाव एवं विचार आमंत्रित करने के ऐसे प्रयास गत वर्ष भी किये गये थे। यहां प्राप्त सुझावों को बजट का हिस्सा बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के प्रयासों में सरकार के साथ समाज के सभी जिम्मेदार नागरिक एवं विषय विशेषज्ञों की भी बड़ी भूमि रहती है।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपसी संवाद की यह अभिनव पहल की गई है। इससे अर्थ व्यवस्था को मजबूती तथा विकास की गति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, नागरिकों की क्षमता, योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के प्रयासों में ऐसे आयोजन प्रेरणा का भी कार्य करते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान एवं मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर जिन्होंने अपने सुझाव रखे उनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, उत्तराखण्ड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, दून स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रो. ममगाई, सीआईआई की अध्यक्ष सोनिया गर्ग, अध्यक्ष व्यापार मण्डल अनिल गोयल, नथुवावाला वार्ड मेम्बर स्वाति डोभाल, प्रधान संघ ऊधम सिंह नगर के अध्यक्ष भास्कर, आंचल समिति के अध्यक्ष दुष्यंत सिंह रावत, एपल फेडरेशन उत्तराखण्ड के अध्यक्ष विपिन पैन्यूली, चम्पावत के वागवान हरीश चन्द्र जोशी, मौन उत्पादक संघ की अध्यक्ष निर्मला नेगी, अध्यक्ष स्वर्णा जैविक बासमती उत्पादक संघ यशपाल सिंह राणा आदि शामिल थे।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ एवं अधिकारी गण उपस्थित थे।

भूधंसाव से प्रभावितों को मुआवजा राशि वितरण शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ नगर क्षेत्र में भूधसांव के कारण प्रभावित भवन स्वामियों को पुनर्वास नीति के अनुसार मुआवजा धनराशि का वितरण शुरू हो गया है।

पुनर्वास पैकेज वितरण के तहत पहले दिन 03 प्रभावितों को 63.20 लाख की धनराशि का वितरण किया गया है। जिन प्रभावितों को मुआवजा राशि वितरित की गई है उनमें गांधीनगर वार्ड के प्रभावित सूबेदार मेजर मंगलू लाल (सेनि) पुत्र बाली लाल, तथा सुनील वार्ड के प्रभावित कृष्णा पंवार पुत्र कल्याण सिंह एवं बलदेव सिंह पंवार पुत्र कल्याण सिंह शामिल है। इन तीनों परिवारों को 63.20 लाख का मुआवजा वितरण किया गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों के अभिलेखों का सत्यापन एवं मूल्यांकन कार्य तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही अन्य प्रभावितों को भी पुनर्वास पैकेज के तहत मुआवजा धनराशि का वितरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये निर्देश, आप भी जानिए…

नशीली एवं नकली दवाओं की रोकथाम के लिये प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया जायेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर एक पंजीकृत फार्मासिस्ट की तैनाती का भी सत्यापन अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में नकली एवं नशीली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिये राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत प्रदेशभर में फुटकर दवा बिक्री के लिये पंजीकृत 12500 से अधिक मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण के साथ ही वहां पर तैनात फार्मासिस्टों का भी भौतिक सत्यापन किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को पूरे अप्रैल माह में विशेष अभियान के निर्देश दे दिये गये हैं। डा. रावत ने कहा कि औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम-1940 एवं 1945 की नियमावली के नियम 65(2) के अंतर्गत प्रत्येक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होने के साथ ही स्टोर पर दवा बिक्री के लिये पंजीकृत फार्मासिस्ट की तैनाती अनिवार्य रूप से होनी चाहिये। इसी प्रकार थोक दवा विक्रय के लिये भी नियम 64 के तहत अनुभवी व्यक्ति को ही लाइसेंस दिये जाने का प्राविधान है। इन्हीं नियमों का सख्ती से पालन करने के लिये खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को सभी पंजीकृत मेडिकल स्टोरों का मुआयना करने के निर्देश दिये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 22 हजार फार्मासिस्ट पंजीकृत है, जिनमें से साढ़े बारह हजार से अधिक फार्मासिस्टों के नाम पर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी किये गये हैं, जबकि एक हजार के करीब फार्मासिस्ट राजकीय सेवा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर यह भी शिकायत मिलती रही है कि एक लाइसेंस पर एक से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित किये जा रहे हैं तथा उन पर पंजीकृत फार्मासिस्ट तैनात नहीं किये गये हैं, जो कि नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है। इन्हीं तथ्यों को मध्यनजर रखते हुये विभागीय अधिकारियों को प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोरों का भौतिक सत्यापन कर वहां पर पंजीकृत फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि सूबे के बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्टों को मेडिकल स्टरों पर रोजगार मिल सके।