शनिवार से कोरोना वैक्सीन का शुभारंभ होते ही शुरू कर दिया जाएगा टीकाकरण अभियान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 16 जनवरी, 2021 से प्रदेश में वैक्सीनेशन का पहले चरण के लिये पूरी तैयारी कर ली गयी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सहित वैक्सीनेशन निर्माण में लगे वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड कोविड-19 के चरणबद्ध टीकाकरण अभियान के लिये पूर्ण रूप से तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, इस पर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से प्रदेश को पहली खेप के रूप में 01 लाख 13 हजार वैक्सीन दी गई हैं। प्रथम चरण में 50 हजार हेल्थ वर्कर्स को कोविड-19 की यह वैक्सीन लगाई जानी है। मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों से इस वैश्विक महामारी के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपेक्षा की है। केन्द्र एवं राज्य सरकार के निरन्तर प्रयासों के उपरान्त 16 जनवरी 2021 को प्रातः 10.30 बजे सम्पूर्ण देश में कोविड-19 वैक्सीन से टीकाकरण का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री दून अस्पताल से वर्चुअली इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। शुभारम्भ के साथ ही उत्तराखण्ड में भी कोविड-19 वैक्सीन लगाए जाने का कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा।

कोविड-19 वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी देते हुए राज्य नोडल अधिकारी एवं मिशन निदेशक एन०एच०एम० श्रीमती सोनिका ने बताया कि कल 16 जनवरी 2021 को राज्य के समस्त जनपदों के 13 चिकित्सालयों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन टीकाकरण किया जायेगा। सोनिका के अनुसार जनपद देहरादून में 5, हरिद्वार तथा उधमसिंहनगर में 4, नैनीताल में 3 तथा अन्य जनपदों में 02-02 स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जायेंगे। टीकाकरण हेतु चिन्हित 34 स्थानों में 32 सरकारी चिकित्सा संस्थान हैं जिसमें एम्स ऋषिकेश तथा ऋषिकुल आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी भी सम्मिलित हैं जबकि 2 निजी चिकित्सा संस्थान (हिमालयन मेडिकल कॉलेज एवं गुरु रामराय मेडिकल कॉलेज) में टीकाकरण होगा।

मिशन निदेशक सोनिका ने कहा कि टीकाकरण के राष्ट्रीय स्तर पर शुभारम्भ के दौरान प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फेन्स के माध्यम से क्रमशः दून मेडिकल कॉलेज तथा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से भी जुडेंगे और टीकाकरण की गतिविधि को देखेंगे इस अवधि में प्रधानमंत्री वहाँ पर उपस्थित वैक्सीनेशन कार्य में लगे हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से वार्ता भी करेंगे। टीकाकरण के शुभारम्भ अवसर पर सभी 34 स्वास्थ्य ईकाईयो पर 100 लाभार्थियों को वैक्सीन दी जायेगी। इस प्रकार वैक्सीनेशन के पहले दिन लगभग 3400 हैल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जायेगा।

राज्य में कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण के बारे में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ0 अमिता उप्रेती ने बताया कि सभी जनपदों में वैक्सीन सुरक्षित पहुंच चुकी है तथा कल प्रातः वैक्सीन सभी टीकाकरण सत्रों में निर्धारित कोल्ड चेन प्रणाली के अन्तर्गत उपलब्ध रहेगी। महानिदेशक डॉ0 उप्रेती के अनुसार सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि वह टीकाकरण के दौरान भारत सरकार की गाईड लाईन का सख्ती से अनुपालन करते हुए टीकाकरण के कार्य को पूर्ण करेंगे और सभी टीकाकरण स्थलों पर Covid Appropriate behaviour के मानकों का पालन सुनिश्चित करायेंगे। महानिदेशक ने कहा कि सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि वह आपूर्तित वैक्सीन के प्रथम खुराक को देने के दौरान इस बात को भी सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें 50 प्रतिशत वैक्सीन दूसरी खुराक के लिए सुरक्षित रखनी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थापना दिवस को सीएम त्रिवेंद्र ने किया वर्चुअली संबोधित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 146वें स्थापना दिवस समारोह में वर्चुअली प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुक्तेश्वर (नैनीताल) में डॉप्लर वैदर रडार स्टेशन का वर्चुअली उद्घाटन किया।

केंद्रीय मौसम विज्ञान मंत्री डॉ.हर्षवर्धन का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के146 वें स्थापना दिवस एवं डॉप्लर मौसम रडार मुक्तेश्वर के उद्घाटन की हार्दिक बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रदेश में लगने वाले 03 डॉप्लर मौसम रडारों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने मुक्तेश्वर में रडार स्थापना हेतु भूमि, मूल-भूत सुविधाएँ जैसे सड़क, बिजली, पानी उपलब्ध कराने एवं जगह को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया है। दूसरे रडार की स्थापना हेतु भी राज्य सरकार ने सुरकंडा में भूमि आवंटित एवं विकसित की है तथा बिजली इत्यादि की भी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रडार के उपकरणों को सड़क के अभाव के चलते सुरकंडा पहुँचाने हेतु एयर लिफ्ट के लिए भी सहयोग देगी। भविष्य में सुरकंडा में डॉप्लर मौसम रडार के संचालन में तैनात कार्मिकों के निशुल्क आवागमन हेतु वहाँ लग रहे रोपवे में उचित प्रावधान करेगी। लैंसडाउन में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात राज्य सरकारवहाँ पर लगने वाले रडार के लिए जगह को विकसित करने इत्यादि में भी सहयोग देगी।उत्तराखंड राज्य सरकार ने धार्मिक यात्रियों एवं पर्यटकों को मौसम की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम डिस्प्ले स्क्रीन लगाने हेतु आवश्यक सुविधाओं के साथ 05 स्थान उपलब्ध करा दिये हैं।

उन्होंने कहा कि 09 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड राज्य की स्थापना के साथ ही राज्य में केन्द्रीय सरकार के कुछ कार्यालय भी स्थापित हुए, जिसमें भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून में स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य मौसम की दृष्टि से अति संवेदनशील है यहाँ मानसून एवं वार्षिक वर्षण आस पास के राज्यों से बहुत अधिक है। उत्तराखण्ड राज्य में मौसम सम्बन्धित आपदाओं जैसे भारी वर्षा, बादल फटना, भूस्खलन, बाढ़ एवं भारी बर्फबारी इत्यादि से हर वर्ष जान-माल की बहुत हानि होती है।उत्तराखंड में मानसून ऋतु में औसतन 1177 मि.मी. वर्षा होती है, जबकि यहहिमाचल प्रदेश में 763 मि.मी., हरियाणा में 444 मि.मी. तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में721 मि.मी. है। इन तथ्यों के मद्देनजर, राज्य सरकार प्रारंभ से ही मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना एवं विस्तार में सहयोग करती रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मौसम विज्ञान केंद्र हेतु वर्ष 2010 में देहरादून में भूमि आवंटित की गई,जहाँ पर वर्तमान मौसम विज्ञान केंद्र कार्यरत है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इंटीग्रेटेड हिमालयन मीटीयोरोलोजी प्रोग्राम के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में सतही वेधशालाओं, ऊपरी वायु उपकरणों एवं रडार की स्थापना की जा रही है। उत्तराखण्ड सरकार ने इसमें सहयोग करते हुए 107 स्वचालित मौसम स्टेशन, 54 स्वचालितवर्षामापी एवं 25 सतही फील्ड वेधशालाओं की स्थापना भारत मौसम विज्ञान विभाग के तकनीकी सहयोग से की है। यह नेटवर्क राज्य के सभी ब्लाकों, महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों, शहरों एवं धार्मिक स्थलों तक फैला हुआ है। इन स्टेशनों केमौसम सम्बन्धित आंकडें भारत मौसम विज्ञान विभाग को प्राप्त हो रहे हैं, जो मौसम की निगरानी एवं पूर्वानुमान हेतु महत्वपूर्ण हैं।

केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने मुक्तेश्वर (नैनीताल) एवं कुफरी (शिमला) में डॉप्लर वैदर रडार स्टेशन के उद्घाटन पर बधाई देते हुए कहा कि किसानों एवं तीर्थयात्रियों को इससे अत्यधिक लाभ पहुंचेगा। उन्होंने रडारों की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, मुख्यमंत्री के आई.टी. सलाहकार रविन्द्र दत्त, सचिव एस.ए. मुरूगेशन, ए.सी.ई.ओ.यू.एस.डी.एम.ओ. आनन्द श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

स्नान, दान, दक्षिणा देकर मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्य

तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर त्रिवेणी घाट पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। मौके पर श्रद्धालुओं ने स्नान, दान, दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। साथ ही महाकुंभ के आगाज पर गंगा में आस्था की डुबकी भी लगाई।

दरअसल, आज मकर संक्रांति पर्व के साथ महाकुंभ 2021 का प्रमुख पहला स्नान भी था। इसके चलते ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्र मुनिकीरेती, रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, छिद्दरवाला, नेपाली फार्म, भानियावाला, नरेंद्रनगर, यमकेश्वर आदि आसपास क्षेत्रों से लोग गंगा घाटों पर पहुंचे और गंगा में स्नान कर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया। इसी के साथ श्रद्धालुओं ने कच्चे चावल, उरद की साबुत दाल, घी, मसाले तथा दक्षिणा दान में दी। त्रिवेणी घाट सहित तीर्थनगरी के विभिन्न घाट जैसे 72सीढ़ी, सांई घाट, नाव घाट, पूर्णानंद घाट, शत्रुघन घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, रामानंद घाट आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहीं। हालांकि आज गुरूवार की साप्ताहिक बंदी रही। मगर, फिर भी भीड़ उमड़ी रही।

देव डोलियों ने किया गंगा स्नान
त्रिवेणी घाट पर विभिन्न धामों की देव डोलियां नरेंद्रनगर, रानीपोखरी, देहरादून, डाट काली आदि देवियों की डोलियां पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नाचती हुई डोलियों के दर्शन भी किए। तो श्रद्धालुओं ने देव डोलियों की परिक्रमा कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

खिचड़ी प्रसाद बांटकर की सुख समृद्धि की कामना
नगरभर में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर घाट रोड, त्रिवेणी घाट, बस अड्डा, देहरादून मार्ग, हरिद्वार मार्ग, लक्ष्मणझूला मार्ग, कैंप कार्यालय विधानसभा अध्यक्ष सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही मां गंगा से सुख समृद्धि की कामना भी की गई।

हरिद्वार में मकर संक्रांति पर बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा प्रवेश

हरिद्वार। मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना के मद्देनजर मेला पुलिस-प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों का रूट प्लान जारी करने के साथ पार्किंग स्थल भी निर्धारित कर दिए हैं। शहर में वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में रूट डायर्वजन भी लागू किया जाएगा।

भीड़ के सामान्य रहने पर पास धारक एवं गंगा सभा का परिचय पत्र धारक व्यक्ति उपरोक्त प्लान के विपरीत दिशा में भी जा सकेंगे। सामान्य परिस्थितियों में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट प्लान 13 जनवरी दोपहर 12 बजे से 15 जनवरी की दोपहर दो बजे तक लागू रहेगा। आवश्यक सेवाओं में दूध, तेल, गैस आदि के ट्रक एवं टैंकर पर यह प्रतिबंध नहीं होगा।

मकर संक्रांति को लेकर एसओपी जारी

मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि राज्य सीमा पर श्रद्धालुओं को रोका नहीं जाएगा। बार्डर में पूर्व की तरह केवल रैंडम सैंपलिंग व्यवस्था ही होगी। ऐसे में कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर प्रशासन स्वयं असमंजस से घिरा नजर आ रहा है।

डीएम सी. रविशंकर ने मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर एसओपी जारी कर दी। होटल, धर्मशाला, आश्रम गेस्ट हॉउस प्रबंधन को श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओें के लिए दो गज की दूरी और मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा।

वहीं कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व की तरह स्नान पर्व के दिन भी बार्डर पर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।

बताया कि श्रद्धालुओं से कोविड की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपार्ट लाने की अपेक्षा की गई है, जिसकी अवधि पांच दिन निर्धारित होगी। डीएम ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को रोका नहीं जाएगा, लेकिन अगर कोविड रिपोर्ट न लाने का मामला संज्ञान में आता है तो कार्रवाई की जाएगी।

बर्ड फ्लू के बचाव को प्रभावी व्यवस्था बनाएं सभी मुख्यमंत्रीः पीएम नरेंद्र मोदी


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आयोजित हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रतिभाग किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी 16 जनवरी को कोविड-19 से बचाव के लिये देश भर में टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण में एक करोड़ हेल्थ वर्कर्स तथा 02 करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को यह वैक्सीन दी जायेगी। केन्द्र सरकार के स्तर पर वैक्सीन क्रय कर राज्यों को निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेगी। इसके बाद 50 वर्ष से उपर के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री ने बर्ड फ्लू के दृष्टिगत भी सभी मुख्य मंत्रियों से इसके बचाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा की।

प्रधानमंत्री के साथ आयोजित हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आगामी 16 जनवरी को होने वाले राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन हेतु राज्य में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि टीकाकरण हेतु राज्य स्तर पर टास्क फोर्स के गठन, सभी जनपदों में कोल्ड चेन सिस्टम को मजबूती, वैक्सीन भण्डारण एवं वितरण हेतु पर्याप्त स्थान की उपलब्धता के साथ ही इसके लिये आवश्यक मानव संसाधनों की व्यवस्था यथा समय पूर्ण करा ली जाय। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बर्ड फ्लू के दृष्टिगत एहतियात बरतने के भी निर्देश दिये। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने हेतु पशुपालन, वन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय भी उपस्थित थे।

आपका बजट आपके सुझावः 20 जनवरी तक आप भी दें सुझाव

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने समाज के प्रबुद्ध लोगों एवं युवाओं, महिलाओं से ’आपका बजट आपके सुझाव’ के तहत अपने अमूल्य सुझाव देने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए जितने महत्वपूर्ण सुझाव आयेंगे, उन सुझावों को ध्यान में रखकर बजट बनाया जायेगा।
बजट 2021-22 के लिए 20 जनवरी 2021 तक जनता से सुझाव मांगे गये हैं। कोई भी व्यक्ति राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय की वेबसाइट https://budget.uk.gov.in/feedback एवं मोबाईल एप्प Uttarakhand Budget गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर अपना सुझाव दे सकते हैं।

स्पीकर प्रेमचंद ने जम्मूतवी ट्रेन को योगनगरी रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

ऋषिकेश से जम्मू तक जाने वाली जम्मूतवी ट्रेन अब ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन से नहीं, बल्कि नए योगनगरी रेलवे स्टेशन से संचालित होगी। आज इस ट्रेन को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर योगनगरी रेलवे स्टेशन से जम्मूतवी ट्रेन संचालित हुई। इस मौके पर यात्रियों में अलग ही उत्साह देखने को मिला।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश से जम्मू तवी (ट्रेन सं०04605) के लिए रेल यातायात को खोले जाने पर उन्हें अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है।उन्होंने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश में विहंगम दृश्य वाली पहाड़ी शैली से बनाया गया स्टेशन यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित करेगा। योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन से संचालित सभी ट्रेनें उत्तराखंड की जनता के आवागमन को सुगम एवं सुरक्षित करेगी एवं उत्तराखंड को भारत के पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने का भी काम करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की रेल परियोजना में प्रकृति के संरक्षण के लिए भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है जिसका सफल उदाहरण वीरभद्र से योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन के मार्ग पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में स्थित चारों धामों को रेल मार्ग से जोड़ने का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में लिया गया था, इसी सपने को साकार करने के उद्देश्य से 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।श्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस महत्वकांक्षी परियोजना के 105 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पहाड़ों के भीतर 70 सुरंग एवं नदियों के ऊपर 16 पुलों के निर्माण के रुप में होना है, परियोजना में 14.7 किलोमीटर भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग का भी निर्माण किया जाना है साथ ही शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, श्रीनगर, धारी देवी, रुद्रप्रयाग, गौचर, कर्णप्रयाग सहित 12 स्टेशनों का निर्माण होना है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस परियोजना से पर्यटन के अलावा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया है।

इस मौके पर मुरादाबाद मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा, मैकेनिकल इंजीनियर समर्थ सिंह, स्टेशन प्रबंधक ज्ञानेंद्र सिंह परिहार, मेयर अनिता मंमगाई, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, राजेश जुगलान, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद विपिन पंत, पार्षद बिजेंद्र मोगा, पार्षद ऋषि कांत गुप्ता, पार्षद संजीव पाल, पार्षद राजू नरसिम्हा, पार्षद शिव कुमार गौतम, अरुण बडोनी, सीमा रानी, मनोज शर्मा, गोपाल सती, सुमित पवार, मुकेश ग्रोवर, सुमित सेठी, सचिन अग्रवाल, रविंद्र राणा, ऋषि राजपूत, पार्षद प्रदीप कोहली, रजनी बिष्ट, भूपेंद्र राणा, अरविंद गुप्ता, अनीता तिवाडी, विनोद भट्ट, जयंत शर्मा, मनोज ध्यानी, विनीत रामपाल, विजय बडोनी आदि उपस्थित थे।

वॉट्सऐप की नई पॉलिसी से आप भी हो जाएं रूबरू, नहीं हो अकाउंट करना होगा डिलीट


वॉट्सऐप यूजर्स के लिए नया साल नई शर्तों के साथ शुरू हुआ है। शर्तें भी ऐसी जिन्हें नहीं माना तो अकाउंट डिलीट करना होगा। शर्तें मानना है या नहीं, इस बारे में सोचने के लिए 8 फरवरी तक का वक्त है। दुनियाभर में 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं।

’1. क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?’

वॉट्सऐप पर नए टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी का अपडेट मिलने लगा है। इसमें लिखा है कि यूजर्स को ये पॉलिसी एग्री करना होगी। ये 8 फरवरी, 2021 से लागू हो रही है। इस तारीख के बाद इसे एग्री करना जरूरी होगी। यदि एग्री नहीं करते हैं तब अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आप हेल्प सेंटर पर विजिट कर सकते हैं। अभी पॉलिसी में एग्री और नॉट नाउ का ऑप्शन मिल रहा है।
इसमें लिखा है कि हमारी सर्विसेज को ऑपरेट करने के लिए आप वॉट्सऐप को जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है।

’2. वॉट्सऐप ने ऐसा फैसला क्यों लिया?’

इस पॉलिसी को एग्री करने के बाद वॉट्सऐप अपनी 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा एक्सेस कर पाएगी। यानी वो उनके डेटा को दूसरे प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर पाएगी। नई पॉलिसी के नोटिफिकेशन में उसने साफ लिखा है कि अब वॉट्सऐप आपकी हर सूचना अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ शेयर करेगा। यानी वॉट्सऐप अपने यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करके पैसे भी कमा सकती है।

’3. पॉलिसी का यूजर पर क्या असर होगा?’

ये तय हो चुका है कि आप वॉट्सऐप चलाते हैं तब ये पॉलिसी एग्री करना होगी। यानी न चाहते हुए भी आपको अपने वॉट्सऐप की प्राइवेसी कंपनी के साथ शेयर करना होगी। यानी वॉट्सऐप अब आपके डेटा पर पूरी नजर रखेगी और आपकी प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इस बात को ऐसे समझें…

’खर्च से तय होंगे विज्ञापनरू’

वॉट्सऐप आपके बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान सभी ट्रैक करेगा। इससे फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे। ट्रांजेक्शन डिटेल से कंपनी आपकी प्रोफाइलिंग करेगी। यानी आप इडली-डोसा खाते हैं तो अमीर आदमी नहीं हैं। स्टारबक्स जाते हैं तो अमीर हैं। फिर आपको महंगी गाड़ियों के विज्ञापन दिखने लगेंगे।

’आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रेस होगीरू’

वॉट्सऐप ने विकल्प दिया है कि यूजर अपनी लोकेशन एक्सेस डिसेबल कर सकते हैं। हालांकि उसने यह भी कहा है कि आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर से अंदाजा लग जाएगा आप कब-कहां जाते हैं।

’स्टेटस भी सुरक्षित नहींरू’

वॉट्सऐप आपका स्टेटस भी पढ़ेगा। जोखिम यह है यदि आपने लिखा- बताओ कौन सी गाड़ी खरीदूं। तो फेसबुक-इंस्टाग्राम भी इसे पढ़ेंगे और आपको कार, बाइक के विज्ञापन दिखने लगेंगे। ठीक ऐसे ही यदि आपने लिखा- घूमने कहां जाना चाहिए। तब आपके सोशल पेज पर कई टूर से जुड़े विज्ञापन आएंगे।

’कंटेंट पर सजेशन और एनालिसिस मिलेगारू’

वॉट्सऐप आपको दोस्तों, ग्रुप्स, कंटेंट आदि के सजेशन भी देगा। एक तरह से वॉट्सऐप आपकी हर हरकत पर नजर रखेगा और उसका एनालिसिस करेगा। फेसबुक इसी आधार पर आपको शॉपिंग, प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखाएगा।

’कॉल पर भी होगी नजररू’

कंपनी को पता होगा आप किसे कितने वॉट्सऐप कॉल करते हैं? किस ग्रुप में ज्यादा सक्रिय हैं? ब्रॉडकास्ट लिस्ट कितनी है? फोटो-वीडियो फॉरवर्ड करने पर सर्वर पर अधिक समय स्टोर रहेंगे। उसे पता होगा कौन-सा कंटेंट ज्यादा फॉरवर्ड हो रहा है। फेक न्यूज ट्रैक करने व चुनाव के समय ये जानकारी अहम होगी। बिजनेस अकाउंट से शेयर होने वाले कैटलॉग का एक्सेस भी वॉट्सऐप के पास होगा।

’4. क्या पॉलिसी को एक्सेप्ट करना चाहिए?’

नई पॉलिसी का यूजर की प्राइवेसी पर गहरा असर होने वाला है। यानी आप जैसे ही कंपनी की नई पॉलिसी को एग्री करते हैं, उसे अपने डेटा का एक्सेस करने के राइट्स भी दे देंगे। समस्या ये है कि वॉट्सऐप चलाना है तब पॉलिसी को एग्री करना जरूरी है। क्योंकि 8 फरवरी के बाद तो पॉलिसी मानना ही पड़ेगी। यदि एग्री नहीं करते तो वॉट्सऐप अकाउंट को डिलीट करना पड़ेगा।

’5 कंपनी की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी का क्या हुआ?’

वॉट्सऐप अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी में इस बात का दावा करती थी कि आपके मैसेज, डेटा उसके पास भी नहीं रहता। 8 फरवरी के बाद ये खत्म हो जाएगी। कंपनी ने अपनी इस पॉलिसी में लिखा था कि आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है, इसलिए हमने आपके लिए एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर तैयार किया है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्ट होने से आपके मैसेज, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज, डॉक्यूमेंट, स्टेटस और कॉल सुरक्षित हो जाते हैं और कोई उनका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर से यह पक्का हो जाता है कि मैसेज और कॉल सिर्फ आपके और आपके कॉन्टैक्ट के बीच ही रहे।

वार्षिक कैलेंडर का प्रकाशन करवा कर स्पीकर ने नगर में बंटवाए

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने नववर्ष के उपलक्ष में विशेष वार्षिक कैलेंडर का प्रकाशन करवाया है जिसको आज विभिन्न जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों एवं व्यापारियों ने ऋषिकेश शहर के अंदर अनेक प्रतिष्ठानों में वितरित किए। इस वार्षिक कैलेंडर की खास बात यह है कि इसमें उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध मंदिर, पर्यटक स्थल, राज्य के प्रतीक चिन्ह को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसके लिए स्थानीय व्यापारियों एवं जनप्रतिनिधि ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का आभार व्यक्त किया।

       विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल जी के जनसंपर्क अधिकारी राजेश थपलियाल ने कहा है कि वार्षिक कैलेंडर का प्रकाशन जहां वर्ष भर के त्योहारों एवं छुट्टियों को दर्शाता है वही हरिद्वार महाकुंभ, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, महासू मंदिर हनोल, धारी देवी, नैना देवी, गोलू देवता आदि सहित विभिन्न धार्मिक मंदिरों के चित्र कैलेंडर में प्रकाशित किए गए हैं 
       कैलेंडर में तीर्थाटन एवं पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए अनेक पर्यटक स्थलों का प्रकाशन किया गया है । 

उन्होंने कहा है कि वार्षिक कैलेंडर मैं राज्य पुष्प ब्रह्म कमल, राज्य पक्षी मोनाल, राज्य वृक्ष बुरास के चित्र भी आकर्षण का केंद्र है । इसके अलावा  आईएमए देहरादून, एफआरआई देहरादून,  जानकी सेतु ऋषिकेश, एम्स ऋषिकेश, त्रिवेणी घाट में गंगा आरती के चित्र कैलेंडर में चार चांद लगा रहे हैं।  

     साथ ही उत्तराखंड विधानसभा में वर्ष भर में आयोजित कार्यक्रमों, राष्ट्रीय पर्वो, महापुरुषों की जयन्ती के दौरान किए गए कार्यक्रमों का भी उल्लेख इस वार्षिक कैलेंडर में किया गया है।
    कैलेंडर वितरण के अवसर पर सरोज डिमरी, पार्षद शिव कुमार गौतम , पार्षद प्रदीप कोहली , पार्षद ऋषि कांत गुप्ता,  सीमा रानी, राजीव नरसिंभा, संजीव पाल, मनोज कालरा, मनोज राजपूत, सुमित पवार, व्यापार मंडल के नवल कपूर, सौरभ अग्रवाल, रमेश अरोड़ा, अजय कालरा शिवम टुटेजा , राजेश कुमार, पुष्पा नेगी, उषा जोशी अमित वत्स, सचिन अग्रवाल, मनोज शर्मा ,सिमरन गाबा आदि बड़ी संख्या में  लोग उपस्थित थे ।

कोविड-19 टीकाकरण हेतु किए जाएं पुख्ता इंतजामः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के टीकाकरण हेतु पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण की दृष्टि से अच्छी तैयारी की है। जो कार्य लगन, धैर्य एवं विश्वास से किया जाता है, उसमें सफलता जरूर मिलती है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों हेतु जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जल्द टीकाकरण की शुरूआत होने की संभावना है। जिस तरह से इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम और अधिकारियों द्वारा पूर्वाभ्यास कराये गये हैं, इसके परिणाम अच्छे होंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने के अच्छे परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए किसी के मन में भ्रांतियां न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी मण्डलों एवं समाज के बुद्धिजीवी वर्गों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा कोविड टीकाकरण के बारे में जानकारी दी जाए एवं इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने निर्देश दिए कि 12 जनवरी को प्रदेश कि सभी टीकाकरण स्थलों में ड्राई रन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जनपद अपने सभी सेशन साइट्स में ड्राई रन आयोजित कराए जाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें। सेशन साइट्स में ड्यूटी चार्ट्स अवश्य लगाएं जाएं, ताकि टीकाकरण अभियान में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्यों और टाईमिंग की जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के रिएक्शन की स्थिति से निपटने के लिए सभी सेशन साइट्स पर ब्लॉक कंट्रोल रूम, डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम, पी.एच.सी. एवं सी.एच.सी. इंचार्ज-डॉक्टर का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर जरूर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वैक्सीनेसन का डाटा ऑनलाईन या ऑफलाईन उसी दिन पोर्टल पर अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेशन साइट्स में मास्क और सेनिटाइजर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए 140 और एम्बुलेंस की व्यवस्था कर ली गई हैं, जो शीघ्र ही जनपदों को भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सभी सेशन साइट के आसपास 108 और अन्य एम्बुलेंस की व्यवस्था रखी जानी चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो टीकाकरण स्थल पर अकेले नहीं आ सकते, उनके साथ आने वाले परिवार के सदस्य की उम्र 18 वर्ष से कम ना हो इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने टीकाकरण की भ्रांतियों को दूर करने हेतु अखबार, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से प्रचार प्रसार एवं समाज की बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य लोगों के साथ बैठकें आयोजित करा कर इस टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाए जाने पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य अमिता उप्रेती आदि उपस्थित रहे।