संत समाज ने की नागरिकों से अपील, गंगा में न डालें पूजन सामाग्री

गंगा में राफ्टिंग का संत समाज विरोध नहीं करता है, मगर राफ्टिंग की आड़ में गंगा में मादक पदार्थ लेकर पर्यटकों का जाना से अमर्यादित है। इससे गंगा तो दूषित हो ही रही है, साथ ही आस्था पर भी ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोग जो गंगा में मादक पदार्थ लेकर आते है, इसका विरोध संत समाज करता है। संत समाज सरकार से यह भी मांग करता है कि इसके लिए कानून बनाया जाए। यह बात महामंडलेश्वर ईश्वरदार महाराज ने कही।

आज नमामि गंगे और अखिल भारतीय संत समिति की महाकुंभ 2021 को लेकर मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में आयोजित की गई। इसमें नमामि गंगे के प्रदेश प्रमुख कपिल गुप्ता व उनकी टीम ने संत समाज के साथ एक स्वर में ऋषिकेश में भी महाकुंभ को लेकर विकास कार्य किए जाने पर सहमति बनाई। साथ ही गंगा की अविरलता को बनाए रखने के लिए लोगों से भी अपील की। संत समाज ने कहा कि गंगा में पूजन सामग्री न प्रवाहित की जाए। संतों की ओर से निश्चित तिथि पर गंगा की सफाई के लिए प्रयास किए जाएं। कुंभ में स्नान के लिए त्रिवेणी घाट का विस्तार किया जाए।

इस मौके पर महामंडलेश्वर दयाराम दास, महामंडलेश्वर गणेश दास, महंत केशव स्वरूव ब्रह्मचारी, महंत बलवीर सिंह, महंत सुखवीर सिंह, महंत स्वामी अखंडानंद महाराज, महंत गोपाल गिरी, महंत लोकेश दास, पंडित रवि शास्त्री, जुगल किशोर शर्मा, संतोष मुनि, अभिषेक शर्मा, हर्षित गुप्ता, मिंटू तिवारी, पंकज गुप्ता, प्रदीप कोहली, सिमरन गाबा, दिनेश शर्मा, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

सफलता का कोई शार्ट कट नहींः ब्रिगेडियर रविंद्र गुरंग

महाविद्यालय ऋषिकेश के एनसीसी विभाग के एएनओ कैप्टेन डॉ सतेन्द्र कुमार के निर्देशन में एनसीसी कैडेटस ने रुड़की ग्रुप के ग्रुप कमांडेंट ब्रिगेडियर रविन्द्र गुरुंग को महाविद्यालय आगमन पर गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।

ग्रुप कमांडेंट सरकारी दौरे पर कॉलेज पधारे व साथ ही उन्होंने कैडेटस से भी वार्तालाप कि जिनमें आर डी सी परेड के लिए चयनित कैडेटस भी मौजूद थे।।

सभी कैडेटस ने एनसीसी से जुड़े अपने अनुभव उनके समक्ष रखे व उनसे नवीन ज्ञान प्राप्त किया। ब्रिगेडियर गुरुंग ने कहा सफलता के लिए आपको मेहनत करनी होगी और कोई शॉर्टकट नहीं है वहीं उन्होंने कहा कि आप के बैग में हमेशा एक किताब जरूर होनी चाहिए या नोबेल ज्ञान प्राप्त करने के लिए आप को पढ़ना बहुत जरूरी है और किताबें पढ़ना बहुत जरूरी है और इंटरनेट और गूगल आजकल के समय में जो है वह खतरनाक बताया क्योँकि किताबें पढ़ना कम कर दिया।

ब्रिगेडियर गुरंग ने एलओसी के अलावा जम्मू और कश्मीर और देश के कई जगह कई कमांड में सेवा दी है। उन्होंने एनसीसी को कहा यह एक महत्वपूर्ण अंग है। वे खुद स्कूल और काॅलेज में 6 सांल एनसीसी के कैडेट्स रहे हैं। अभी रुड़की ग्रुप कमांडर है। ब्रिगेडियर गुरु ने एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर ड्रिल पायलट और अन्य कैडेट्स के डिसिप्लिन और उनके काम को भी सराहा। साथ ही कैडेट्स ने प्रश्लात भी किए। ब्रिगेडियर गुरंग ने कहा मोटिवेट करना अहम है। मोईवेशन जरूरी है। कोविड काल में दबब की फिजिकल ट्रेनिंग नहीं हो रही है लेकिन ऑनलाइन तरीके से जानकारियां दी रहे हैं। उन्होंने बताया आने वाले समय में दबब शिक्षा का अभिन्न अंग हो सकता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय ऋषिकेश की प्राचार्या प्रो सुधा भारद्वाज, एडम ऑफिसर कर्नल प्रवीण भट्ट, एस एम थापा, डॉ रूबी तब्बसुम, डॉ पूनम पाठक, डॉ वीके गुप्ता, इशिका, ममता और महाविद्यालय एनसीसी के सभी कैडेटस मौजूद थे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को हुआ कोरोना, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

नई दिल्ली। हाल ही में उत्तराखंड दौर पर रहे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा आज कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। उन्होंने खुद ही ट्‌वीट के जरिए जानकारी दी है, बताया कि कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखने के बाद मैंने कोरोना टेस्ट कराया जिसमें मैं पॉजिविट पाया गया हूं।

जेपी नड्डा ने ट्‌वीट किया-मेरी तबीयत ठीक है और डॉक्टरों की सलाह पर मैं होम आइसोलेशन में हूं. सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा हूं. मेरे संपर्क में आये तमाम लोगों से यह आग्रह है कि वे अपनी कोरोना जांच करा लें।

टापू के बीच लोगों के फंसने की सूचना से मचा हड़कंप, पुलिस ने सभी को सुरक्षित बचाया

आज दोपहर करीब दो बजे त्रिवेणी घाट पर ग्रेटर नोएडा के छह लोग टहल रहे थे। इस दौरान वह सभी गंगा के बीच बने टापू पर पहुंच गए। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ गया और चीफ पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने यह देख तुरंत त्रिवेणी घाट पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत करने के बाद सभी छह लोगों को सुरक्षित टापू से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।

त्रिवेणी घाट चैकी इंचार्ज उत्तम रमोला ने सभी की पहचान दीपा चैहान पत्नी कृष्णा, प्राप्ति पत्नी अनिरूद्ध, अनिरूद्ध पुत्र जयप्रकाश, जयप्रकाश और डेढ़ साल का बच्चा के रूप में हुई है। यह सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं जिनका पता ग्रेटर नोएडा एक्सेसन है। रेस्क्यूू में कांस्टेबल हरीश गुंसाईं, जितेंद्र रावत, धनवीर नेगी, दिवाकर फुलोरिया, राकेश कंडियाल शामिल रहे।

रामायण प्रचार समिति ने हंस फाउंडेशन के उत्तराखंड प्रभारी को दिया तुलसी अवॉर्ड


रामायण प्रचार समिति तुलसी मानस मंदिर ने हंस फाउंडेशन के उत्तराखंड प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट को तुलसी अवाॅर्ड से सम्मानित किया। यह अवाॅर्ड सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक क्षेत्र में अपना विशेष योगदान देने पर दिया गया।

रामायण प्रचार समिति व तुलसी मानस मंदिर ऋषिकेश के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री ने बताया प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी तुलसी अवॉर्ड समिति द्वारा उन विशेष व्यक्तियों को दिया जाता है जिसका समाज में विशेष योगदान हो।

हंस कल्चर सेंटर के उत्तराखंड प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि इस सम्मान के लिए वह रामायण प्रचार समिति तुलसी मानस मंदिर का आभार व्यक्त करते हैं। कहा कि भोले जी महाराज एवं मंगला माता के द्वारा चलाए जा रहे हंस फाउंडेशन के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनहित के कार्यों में निस्वार्थ भाव से आज संस्था पूरे विश्व में काम कर रही है। जिनके माध्यम से आज पूरा विश्व लाभान्वित हो रहा है।

कहा कि तुलसी अवार्ड से सम्मानित होना वाकई गर्व की बात है। जिस तुलसी बाबा ने रामचरितमानस लिख कर सबको जन्म जन्मों के पाप से मुक्त कर हमें रामायण जैसी महाकाव्य पुस्तक प्रदान की इसके माध्यम से आज हम अपने घरों में रामायण की अखंड पाठ उसका पारायण नित्य कर राम के आदेशों पर चलने प्रयास निरंतर करते रहते हैं उसके साथ ही अपने बच्चों को रामायण के आदर्शो पर चलने का मार्गभी प्रदर्शित करते हैं समाज में ऐसे धार्मिक आयोजनों से आने वाली युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलता रहता है जिससे कि आज की नई पीढ़ी के बच्चों में नशा मुक्ति के साथ-साथ नई उर्जा के साथ वह अच्छे मार्ग में आगे बढ़ चढ़कर भाग ले सकें रामायण के माध्यम से हम उन्हें एक आदर्श बालक के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं वह हमें रामायण के माध्यम से सीखने को एवं सिखाने को मिल सकता है बस करते हैं कि हम रामायण के आदर्शो पर चलें।

इस अवसर पर समाजसेवी राजेश पयाल, धर्मशाला मठ मंदिर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, गंगा सुरक्षा एवं पर्यावरण सेवा समिति के अध्यक्ष दिनेश डबराल आदि उपस्थित थे।

टेरी की रिसर्च में हरिद्वार तक स्नान व ऋषिकेश तक पीने लायक गंगाजलः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्चुवल माध्यम से आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं गंगा नदी घाटी प्रबंधन और अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित पंचम वाटर इम्पेक्ट शिखर सम्मेलन में प्रतिभाग किया।

उन्होंनें कहा कि उत्तराखण्ड गंगा का उद्गम क्षेत्र है। गंगा 6 राज्यों से होते हुए लगभग 2500 किमी यात्रा तय कर गंगा सागर में मिलती है। गंगा जल के बिना जीवन का विचार ही निरर्थक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे गंगा का वरदान प्राप्त है, गंगा भारत की संस्कृति भी है, जब हम गंगा की बात करते है तो इसमें मिलने वाली तमाम सहायक नदियों का भी हमें ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि हिमालय नदियो का श्रोत है। हमारे संत महात्माओ की संस्कृति भी इससे जुड़ी है। हमे अपनी इस सांस्कृतिक परम्परा का भी ध्यान रखना होगा इसमें कोई व्यवधान न हो इस पर विचार की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेरी की रिसर्च में ऋषिकेश तक गंगाजल पीने लायक तथा हरिद्वार में स्नान करने के लिये उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले में लोग स्वच्छ गंगा में स्नान करके जाएं ऐसा हमने संकल्प लिया है, गंगा नदी अर्थव्यवस्था की संवाहक भी है, जिससे देश की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को लाभ प्राप्त होता है। कृषि, पर्यटन एवं संस्कृति, ऊर्जा और जल निकायों के कार्याकल्प को विकसित करने हेतु अर्थ गंगा मॉडल विकसित किए जाने से हमारी जीडीपी दर का 03 प्रतिशत हिस्सा अर्थ गंगा से प्राप्त हो सकेगा।

गंगा ईश्वर की श्रेष्ठ रचनाः केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री
इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गंगा से प्रकृति पर्यटन एवं ऊर्जा संस्कृति भी जुड़ी है। गंगा ईश्वर की श्रेष्ठ रचना है। गंगा को स्वच्छ बनाने के साथ ही इसके निरन्तर प्रवाह पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इसके किनारे संस्कृतियां पनपी है। यह हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा का श्रोत है। इसके प्रदूषण को दूर करने से ही हम अपने सांस्कृतिक जीवन मूल्यों के प्रदूषण को कम करने में सफल हो सकेंगे। गंगा के महत्व को इसके तट पर आयोजित होने वाली कुंभ परम्परा है जिसमें लाखों लोग बिना आमंत्रण शामिल होकर कुंभ के विमर्श का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा हमारे सांस्कृतिक उत्थान का मेरूदण्ड है। साधकों को ऊर्जा देने वाली गंगा पर्यटको का भी आकर्षक का केन्द्र रही है। हमें गंगा को स्वच्छता एवं निर्मलता के लिये मिलकर प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर डॉ अजय माथुर, महानिदेशक टेरी, महानिदेशक नमामि गंगे राजीव रंजन मिश्रा, सी गंगा के फाउडिंग हेड प्रो. विनोद तारे ने भी अपने विचार व्यक्त किये। अपर सचिव राम विलास यादव भी इस वचुअर्ल कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

पश्चिम बंगाल सरकार में हुई लोकतंत्र की हत्या, राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग

ऋषिकेश के भाजपाईयों ने पश्चिम बंगाल में हुई बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित सह महामंत्री शिवप्रकाश, महासचिव व बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष बंगाल दिलीप घोष के काफिले में हमला की घोर निंदा की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के जरिए पत्र राष्ट्रपति को सौंपा।

भाजपा नेता प्रकांत कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे। प्रकांत कुमार ने कहा कि काफिले में शामिल कार के ऊपर ईंट पत्थर से टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया हमला लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। कहा कि यह देश लोकतांत्रिक है। यहाँ हर किसी व्यक्ति को अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त करने का पूरा अधिकार है परंतु ममता सरकार टीएमसी के द्वारा ऐसा करने वालों को रोका जा रहा है और उन पर हमला भी करवाया जा रहा है, जो कि लोकतांत्रिक खतरा बन रहा है। आज की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है की वहाँ की जनता भी अपने आप को सुरक्षित नहीं समझती है।

इस दौरान ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से घटना का संज्ञान लेते हुए टीएमसी सरकार व उनको सह देने वालों के खिलाफ उचित व अतिशीघ् कार्यवाही करने की मांग की। मौके पर मनीष अग्रवाल, अक्षय खैरवाल, दुर्गेश कुमार, अमन कुकरेती, नितिन शर्मा आदि उपस्थित रहे।

शुरू हुआ प्रोजेक्ट नमन, शहीदों के परिवारों को गृह निर्माण में मुफ्त सीमेंट

देहरादून। लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर, दक्षिणी पश्चिमी कमान, भारतीय सेना, ने ‘प्रोजेक्ट नमन’ का उद्घाटन किया। यह परियोजना श्री सीमेंट की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसके जरिये भारतीय आर्म्ड फोर्स के परिवारों को मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जायेगा।

पिछले 20 वर्षों में आम्र्ड फोर्स में देश की सेवा के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विजय दिवस के रूप में नमन परियोजना का लोकार्पण किया गया, जो 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भारत को जीत दिलाने एवं भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद करने के लिए 16 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है।

नमन योजना के तहत, 1 जनवरी 1999 से लेकर 1 जनवरी 2019 (20 वर्ष) के बीच देश के लिए शहीद हुए शहीद जवानों के एक परिजन को, अपनी जमीन पर 4 हजार वर्गफुट तक का घर बनाने के लिए मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत शहीदों के परिवार के सदस्य पूरे देश में फैले किसी भी श्री सीमेंट की उत्पादन इकाई से मुफ्त में सीमेंट प्राप्त कर सकते हैं।

‘नमन’ प्रोजेक्ट कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के दक्षिणी पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने कहा, श्री सीमेंट द्वारा अपने सेवामूलक कार्यों का विस्तार करने के लिए इनके अधिकारियों का यह एक अद्भुत प्रयास है। हमारे देश के वीर शहीदों के लिए जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान बलिदान कर दिया है, उन्हें इस तरह का सम्मान प्रदान करना काफी दुर्लभ और अनोखा प्रयास है।

इस मौके पर सीमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत बांगड़ ने कहा, क्योंकि घर बनाने के लिए उच्च क्वालिटी के सीमेंट की सबसे ज्यादा जरुरत होती है, इसलिए हमें लगा कि नमन योजना शहीदों के परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद मददगार साबित होगा। हमारे लिए हमारे सैनिकों के परिवारों के लिए यह विनम्र योगदान बहुत ही सम्मान की बात है, जो सेवा के आह्वान से ऊपर उठे और मातृभूमि के लिए अपना जीवन लगा दिया। हम अपने राष्ट्र के शहीदों को सलाम करते हैं। मैं इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को इस योजना को लागू करने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।

इस योजना को केंद्रीय सैनिक बोर्ड और राज्य सैनिक बोर्ड (आरएसबीएस)और जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी), रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा इस मौके पर शहीद परिवार की सदस्य सुनीता देवी और सुदेश को नमन प्रोजेक्ट के तहत श्री सीमेंट की तरफ से संजय मोहता और अरविंद खिचा श्री सीमेंट लिमिटेड की मौजूदगी में जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने सीमेंट का रिलीज ऑर्डर सौंपा।

नारसन से रूड़की के मध्य एनएच कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, जताई संतुष्टि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नारसन से रूड़की के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों एवं रूड़की बाईपास पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों एवं पुलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 31 दिसम्बर 2020 तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण किये जाय। 31 जनवरी, 2021 तक कुम्भ से संबंधित सभी कार्य पूर्ण कर लिये जाए। उन्होंने पुहाना-छुटमलपुर बाईपास, फ्लाईओवर ब्रिज, कोर कॉलेज के समीप से मंगलौर को जोड़ने वाले बाईपास, रानीपुल झाल में बनाये जा रहे पुल एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न पुलों एवं मेला क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत 98 प्रतिशत कार्य दिसम्बर 2020 के अंत तक पूर्ण हो जाएंगे। जनवरी अंत तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि पुलों, बाईपास को जोड़ने एवं सड़क निर्माण के जो कार्य हो रहे हैं, इससे लोगों को आने वाले समय में काफी फायदा होगा। हरिद्वार में सालभर में अनेक स्नान पर्व एवं कांवड़ मेले का आयोजन होता है। इन पर्वों में भी श्रद्धालुओं को आवागमन के लिए काफी सुविधा होगी एवं स्थानीय लोगों को भी सुविधा होगी। हरिद्वार देश-विदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केन्द्र है। हरिद्वार में श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी न इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिये कि कुंभ मेला क्षेत्र में सौन्दर्यीकरण के कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। यात्रा मार्गों पर साइनेज की पर्याप्त व्यवस्था हो। पार्किंग स्थलों, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की उचित व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण बीच में जो निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं, उनमें और तेजी लाई जाय। कुंभ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाय।

मुख्यमंत्री ने कुंभ कार्यों का निरीक्षण करने के बाद हरकी पैड़ी पर पूजा-अर्चना की एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना ही।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थाई प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्णता की ओर हैं, अवशेष कार्य भी कुंभ शुरू होने से पूर्व पूर्णं हो जायेंगे। सौन्दर्यीकरण, घाटों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता आदि के कार्य लगातार किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणव चैंपियन, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, शैलेश बगौली, आईजी मेला संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर, एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह आदि उपस्थित थे।

एमडीएच अंकल ने संसार को कहा टाटा, देश को दे गए एमडीएच जैसा विश्वसनीय मसाला

दुनियाभर में प्रसिद्ध मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् के मालिक श्महाशयश् धर्मपाल गुलाटी ने गुरुवार सुबह 98 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। महाशय धर्मपाल गुलाटी को श्एमडीएच अंकलश्, श्दादाजीश्, श्मसाला किंगश् और श्मसालों के राजाश् के नाम से जाना जाता था। वह मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् (महाशिया दी हट्टी) के मालिक और सीईओ थे। देश विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत में आकर बसे गुलाटी ने तांगे से अपनी आजीविका शुरू की और आज वह 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार वाली अपनी कंपनी छोड़कर इस दुनिया से कूच कर गए।

पाकिस्तान में हुआ जन्म
श्महाशयश् के नाम से मशहूर गुलाटी का जन्म 1919 में पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनका पालन-पोषण पाकिस्तान में ही हुआ था। सियालकोट में उनके पिता ने साल 1919 में श्महाशिया दी हट्टीश् नाम से एक मसाले की दुकान खोली। उनके पिता यहां पर मसाले बेचा करते थे।

विभाजन के बाद भारत आया परिवार, पिता के पैसे से खरीदा तांगा

1947 में विभाजन के बाद, परिवार भारत आ गया। शुरू में गुलाटी परिवार अमृतसर में शरणार्थी के रूप में रहा। लेकिन बाद में धर्मपाल गुलाटी दिल्ली शिफ्ट हो गए। जब गुलाटी अपने बहनोई के साथ दिल्ली पहुंचे, तब उन्होंने अपने पिता द्वारा दिए गए पैसे से तांगा खरीदा।

1959 में एमडीएच कंपनी की नींव रखी

इसके बाद 1953 में, गुलाटी ने चांदनी चैक में एक दुकान किराए पर ली, जिसका नाम श्महाशिया दी हट्टीश् (एमडीएच) रखा, और उन्होंने यहां भी मसालें बेचना शुरू किया। वहीं, गुलाटी ने आगे चलकर एमडीएच कंपनी की आधिकारिक शुरुआत की। धर्मपाल गुलाटी ने 1959 में एमडीएच कंपनी की स्थापना की। इसके लिए उन्होंने कीर्ति नगर में जमीन खरीदी और एक विनिर्माण इकाई स्थापित की।

देशभर में 15 फैक्ट्रियां

व्यापार भारत में ही नहीं पनपा बल्कि गुलाटी मसालों के एक वितरक और निर्यातक भी बन गए। वर्तमान में एमडीएच मसाले लगभग 50 विभिन्न प्रकार के मसालों का निर्माण करते हैं। कंपनी की देशभर में 15 फैक्ट्रियां हैं और वह दुनियाभर में अपने उत्पाद बेचती हैं।

एमडीएच मसाले दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात किए जाते हैं, जिसमें यूके, यूरोप, यूएई, कनाडा जैसे देश शामिल हैं। गुलाटी 2017 में भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सीईओ बने।

पांचवीं तक पढ़े थे धर्मपाल गुलाटी

धर्मपाल गुलाटी ने सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की। आगे की शिक्षा के लिए वह स्कूल नहीं गए। धर्मपाल गुलाटी को भले ही किताबी ज्ञान अधिक ना हो, लेकिन बिजनेस क्षेत्र में बड़े-बड़े दिग्गज उनका लोहा मानते थे।

90 फीसदी वेतन को करते थे दान

धर्मपाल गुलाटी को लेकर कहा जाता है कि वह अपने वेतन का 90 फीसदी हिस्सा दान कर देते थे। एक बार उन्होंने कहा था कि काम करने की मेरी प्रेरणा सस्ती कीमतों पर बेचे जाने वाले उत्पाद की गुणवत्ता में ईमानदारी से है और मेरे वेतन का लगभग 90 फीसदी एक चैरिटी में जाता है।

गरीबों के लिए अस्पताल और स्कूल

गुलाटी के पिता के नाम पर एक धर्मार्थ ट्रस्ट भी है, जो झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए 250 बेड का अस्पताल चलाता है। साथ ही गरीबों के लिए चार स्कूल भी चलाता है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें 2018 में 25 करोड़ रुपये इन-हैंड सैलरी मिली थी।

कंपनी के सभी फैसले खुद लेते थे
अपनी उम्र के बावजूद धर्मपाल गुलाटी व्यवसाय के सभी बड़े फैसले लेते थे। वह अपनी कंपनी और उत्पाद के लिए तीन पहलुओं को बेहद महत्वपूर्ण मानते थे, जिसमें ईमानदारी से काम, गुणवत्ता वाले उत्पाद, और सस्ती कीमतें शामिल हैं। गुलाटी कंपनी में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी के मालिक थे। वह नियमित रूप से अपने कारखाने और बाजार का दौरा करते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चीजें ठीक प्रकार से चल रही हैं।

पिछले साल मिला था पद्मभूषण पुरस्कार

2019 में धर्मपाल गुलाटी उन 112 विशिष्ट लोगों में शामिल थे, जिन्हें पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था।