भरतघाट और अयोध्या आस्थापथ का कृषिमंत्री ने किया लोकापर्ण

मुनिकीरेती का पूर्णानंद खेल स्टेडियम को अब विश्व स्तरीय मैदान के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई। स्टेडियम में राज्य नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेगी। मुनिकीरेती स्थित गंगा तट पर भरतघाट और अयोध्या आस्थापथ का लोकार्पण कृषिमंत्री सुबोध उनियाल ने किया। उन्होंने कहा की अब पूर्णानंद मैदान मं बने खेल स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर को बनाने की तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार से इस पर वार्ता चल रही है। यहां पर अंतरराष्ट्री स्तर के टूर्नामेंट का आयोजन किया जायेगा। इसे क्षेत्र को पहचान तो मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड के युवाओं के लिए बेहत्तर सुविधा मिलेगी।
मौके पर नगर पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, एसडीएम नरेंद्रनगर युक्ता मिश्रा, मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, सभासद गजेंद्र सजवाण, वीरेंद्र चैहान, मनोज बिष्ट धर्म सिंह, सचिन रस्तोगी, रोशनी रस्तोगी, मनीष डिमरी, तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल, सिंचाई विभाग अधीक्षण प्रेम सिंह पंवार, अधिशासी अभियंता कमल सिंह, सहायक अभियंता मंगल सिंह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता मोहम्मद आरिफ खान आदि थे।

35 लाख के बजट से जानकीझूला पुल रोशनी से होगा जगमग
कृषिमंत्री सुबोध उनियाल ने विधयाक निधि से जानकीझूला पुल पर लाइट लगाने के 35 लाख दिए हैं। इस बजट से झला पुल अत्याधुनिक लाइटे लगाई जायेगगी।

निशुल्क गर्म वस्त्र कैंप का किया उद्घाटन
कृषिमंत्री सुबोध उनियाल पूर्णानंद पाकिंग में क्रेजी फेडरेशन संस्था के गर्म कंबल निशुल्क बांटने के कैंप का उदघाटन किया। कहा कि संस्था की ओर से चलाया जा रहा अभियान काबिलेतौर है। इस मौके पर मनीष डिमरी ने बताया कि कंबल गरीब व असहाय को लोगों निशुल्क वितरित किये जायेंगे।

झुला पर पर बनेगी दुकानें
नवनिर्मित्त जानकी झूला पुल के आसपास मुनिकीरेती पालिका दुकाने बनायेगा। इस दुकानों को बेराजगार युवाओं को प्रोवाइड कराया जायेगा। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि बेरोजगार युवाओं रोजगार उपलब्ध कराया। पुल के बनने से यहां पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं के लिए यह पहल शुरू की जा रही है।

विशेष गंगा आरती कर सीएम के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

कोरोना पाॅजीटिव हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं उनकी दीर्घायु की मंगल कामना को लेकर मेयर अनिता ममगाईं ने गंगा तट त्रिवेणी घाट पर मां गंगा की विशेष आरती का आयोजन हुआ। निगम पार्षदों सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गंगा आरती में शिरकत कर मुख्यमंत्री के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगल कामना के साथ दीपदान किया।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मनोकामना को लेकर आज मां गंगा की विशेष आरती का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री जल्द स्वस्थ होकर राज्य की प्रगति और उन्नति में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें इसके लिए मां गंगा से प्रार्थना की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सुशासन का सपना साकार करने वाले मुख्यमंत्री ने राज्य को विकास की सफलता के सोपान तय कराने में जहां अहम योगदान दिया है वहीं कोरानाकाल के दौरान राज्यवासियों को वैश्विक महामारी से बचाने के लिए उन्होंने रियल योद्धा की भांति अपने दायित्वों का निर्वाहन किया है। इस दौरान राज्य मंत्री भगतराम कोठारी, कृष्ण कुमार सिंघल, सुरेंद्र मोघा, संदीप गुप्ता, विजय बडोनी, विपिन पंत, राजू नरसिम्हा, प्रदीप कोहली, अनिता प्रधान, अनिता रैना, राजेश दिवाकर, विजेंदर मोघा, वीरेंद्र रमोला, पंकज शर्मा, अक्षय खैरवाल, गौरव कैंथोला, अरविंद गुप्ता, मोनिका गर्ग, बीएन तिवारी, विजय बिष्ट, लक्ष्मी रावत, ,गोविंद रावत, राजकुमारी जुगलान, रोमा सहगल, राजेश गौतम, रमेश अरोड़ा, सुनीता नौटियाल, रोशनी अग्रवाल, प्रिया ढकाल ,सचिदानंद भट्ट, राजकुमारी पंत ,कमला गुनसोला, सुभाष वाल्मीकि, अमन भट्ट, आदेशराम कश्यप, अमरीश गर्ग, ममता नेगी, हेमलता चैहान, प्रमिला त्रिवेदी आदि शामिल रहे।

एसडीएम यमकेश्वर ने की तीर्थनगरी की प्रतिभाओं की सराहना

वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में हिस्सा लेने वाले चित्रकार राजेश चन्द्र व अमरजीत सिंह राणा को उप जिलाधिकारी यमकेश्वर मनीष कुमार सिंह ने लक्ष्मण झूला स्थित कैंप कार्यलय में पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।

बता दें कि हाल ही में चित्रकार राजेश चंद्र की अगुवाई में तीर्थनगरी के कलाकारों ने वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड के प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शनी को विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन क्रिएटिव इवेंट के खिताब वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूनाइटेड किंगडम से मिला। उप जिलाधिकारी ने राजेश चंद्र, अमरजीत, मानसी, सानिया व सागर को शुभकामनाएं प्रेषित कर आगे भी इसी तरह राज्य व देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी। बताया कि हमारा राज्य प्रतिभाओ से भरा हुआ है बस जरूरत है तो उन्हें पहचानने की।

इस मौके पर मनीष कुमार सिंह, राजेश चन्द्र, चंद्रप्रकाश भारती व अमरजीत सिंह राणा मौजूद रहे।

चाय विकास बोर्ड का मुख्यालय ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बनेगा, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री आवास में चाय विकास बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिए कि चाय विकास बोर्ड का मुख्यालय ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्थापित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को इसके लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसानों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु राज्य में 04 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित की जाएं। साथ ही, चाय बागानों से उत्पादित हरी पत्तियों के न्यूनतम विक्रय मूल्य को निर्धारित करने हेतु एक समिति भी गठित की जाए। यह समिति प्रत्येक वर्ष हेतु न्यूनतम विक्रय मूल्य निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम विक्रय मूल्य फार्मगेट मूल्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टी-गार्डन विकसित करने में चाय विशेषज्ञ अवश्य रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय विकास बोर्ड द्वारा टी-गार्डन विकसित कर काश्तकारों को सौंप दिया जाए। इसके लिए अगले एक माह में एक व्यवहारिक मॉडल तैयार करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। इस मॉडल को तैयार करने में काश्तकारों के सुझावों को भी शामिल किया जाना चाहिए। टी-गार्डन विकसित कर काश्तकारों को दिए जाने के बाद उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता भी उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जो निजी चाय फैक्ट्रियाँ किसी भी कारण से बंद हैं, उन्हें चलाने हेतु प्रयास किए जाएं। यदि निजी फैक्ट्रियों के मालिक इन्हें चलाने में सक्षम नहीं हैं तो, बोर्ड द्वारा इन्हें चलाए जाने हेतु प्रयास किए जा जाएं। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उन्हें आजीविका का साधन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय विकास बोर्ड की बैठक, वर्ष में 04 बार आयोजित की जाए। इससे बोर्ड और किसानों की समस्याओं से अवगत होने के अधिक अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में टी-गार्डन, पर्यटन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टी-टूरिज्म पर भी फोकस करने के निर्देश दिए।

बोर्ड बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड द्वारा वर्तमान तक विभिन्न स्थानों कुल 1387 हैक्टेयर क्षेत्रफल पर चाय प्लान्टेशन किया जा चुका है। उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड द्वारा वर्तमान में उत्तराखण्ड के 09 पर्वतीय जनपदों (बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी) के 28 विकास खण्डों में स्वयं संचालित योजना, स्पेशल कम्पोनन्ट प्लान, मनरेगा के अन्तर्गत चाय विकास कार्यक्रम संचालित कर 1387 हैक्टेयर भूमि में 3,882 काश्तकारध्राजकीयध्गैर राजकीय भूमि को लीज पर लेकर सफलतापूर्वक चाय प्लान्टेशन किया जा चुका है। जिसमें अनुमानित 4,000 श्रमिक कार्यनियोजित किये गये हैं जिसमें 70 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी हैं।

वर्तमान में बोर्ड द्वारा निर्मित की जा रही चाय को उत्तराखण्ड टी ब्राण्ड नेम से रजिस्स्ट करते हुए बिक्री किया जा रहा है। वर्तमान में बोर्ड द्वारा जैविक-अजैविक आर्थोडोक्स ब्लैक व ग्रीन टी तैयार कर, स्थानीय स्तर पर स्वयं के शो-रूम, दुकानदारों य पोस्टल सेवा एवं कोलकाता ऑक्सन हाउस के माध्यम से बिक्री की जा रही है, चाय की बिक्री बढ़ाने व अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हेतु शासन स्तर से शासकीय कैन्टीनों, व अन्य संस्थानों को चाय की मांग बोर्ड को उपलब्ध कराने हेतु आदेश निर्गत किये जा चुके है।

इस अवसर पर उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष चाय विकास बोर्ड गोविन्द सिंह पिल्खवाल, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन एवं सचिव उद्यान हरबंस सिंह चुघ आदि उपस्थित थे।

शहीद राकेश डोभाल की पत्नी ने दिया पुत्र को जन्म

देवभूमि ऋषिकेश के लााल शहीद राकेश डोभाल के घर रत्न प्राप्ति को लेकर शहरवासियों में हर्ष का माहौल है। मेयर अनिता ममगाई ने भी शहीद के घर किलकारियां गूंजने पर खुशी का इजहार किया है।

आज दोपहर महापौर गंगा नगर स्थित शहीद के घर पर पहुंची। जहां शहीद की मां विमला डोभाल को बधाई दी। बीएसएफ के शहीद सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल के घर में पुत्ररत्न की प्राप्ति की सूचना के बाद समूची तीर्थ नगरी में हर्ष का माहौल है। शहीद राकेश डोभाल के घर में पुत्र रत्न की सूचना के बाद बधाइयां देने वालों का घर पर तांता लगा हुआ है। इस मौके पर शहीद के घर पहुंची मेयर ने कहा कि शहीद राकेश की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी ।उसके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने निगम की ओर से परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया। गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल जम्मू कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। विगत 16 नवंबर को उनका पार्थिव शरीर घर पर पहुंचा था। इसी दिन शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद उमा बृजपाल राणा, सुजीता रावत आदि मौजूद रहे।

कुंभ मेला के तहत साधुओं का पुलिस ने किया सत्यापन

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने कुंभ मेला को देखते हुए त्रिवेणी घाट पर रह रहे साधुओं की हिस्ट्री जानी। अपराध की रोकथाम को लेकर उच्चाधिकारियों से पुलिस को निर्देश मिले थे। इसके तहत आज त्रिवेणी घाट पर पुलिस की एक टीम सभी साधू बाबाओं को घाट परिसर में ही एकतित्र किया, इसके बाद सभी के आधार कार्ड एवं अन्य आईडी जांची गईं। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सभी 165 साधु बाबाओं की पहचान कर मूल पते पर सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। बताया कि सत्यापन की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की जा सके।

किसानों के व्यापक हित में है कृषि सुधार कानूनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में किसान सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। सीएम ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में लाये गये कानून है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने का जो भारत सरकार का लक्ष्य प्राप्त करने की ओर यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून के माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता प्रदान की गयी है, अब किसान को जहाँ अच्छा मूल्य मिलेगा, वहाँ अपनी फसल बेचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञानी स्वामीनाथन कमीटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कानून बनाये गये हैं जो किसानों के व्यापक हित में हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गये हैं, पहले केवल मण्डी ही खरीदारी करती थी, आज उसके लिए ओपन मार्केट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी समाप्त करने के सम्बन्ध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि एमएसपी कही भी समाप्त नही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसानों को बरगलाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है, जिसमें 6000 रूपये प्रतिवर्ष किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके साथ ही, एमएसपी पर खरीद को लगातार सुदृघ्ढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य की ओर राज्य सरकार द्वारा भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। किसानों को मण्डी के साथ ही कहीं भी उत्पादों को बेचने की आजादी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने हेतु उनसे लगातार वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी गन्ना मिलों द्वारा गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बिल प्राप्त होने के 24 घण्टे के अन्दर किसानों के खाते में जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बन्द पड़ी इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को 03 लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक यतीश्वरानन्द, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान एवं संजय गुप्ता भी उपस्थित थे।

विजय दिवस पर शहीदों को सीएम ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि भारत की महान सेना ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था। भारत की सुरक्षा और विश्व के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण दिन है। यह हमारे सैनिकों को वीरता का परिणाम है। हमारे जवानों के अद्भुत पराक्रम से इस युद्ध में एक बड़ी विजय भारत को प्राप्त हुई थी। इस युद्ध में देश के शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर के.बी.चन्द एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिर्पोट का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की बैठक आयोजित हुई। आयोग में सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात आयोग की यह पहली बैठक रही जिसमें उपाध्यक्ष सहित सभी नामित सदस्य एवं उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन को कम करने हेतु आयोग द्वारा की गई सिफारिशों से सम्बन्धित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पलायन आयोग द्वारा पलायन के मूल कारणों से सम्बन्धित दी गई प्राराम्भिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट था कि राज्य से पलायन मुख्यतः शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा एवं रोजगार की कमी रही है। उन्होंन कहा कि आयोग के सुझावो पर राज्य सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि आयोग को वर्किंग एजेन्सी के रूप में नहीं अपितु राज्य से पलायन रोकने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिये थिंकटेक के रूप में कार्य करना होगा। आयोग के सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव है। उनके अनुभव राज्य के समग्र विकास में उपयोगी होंगे इसका उन्होंने विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से पूर्व ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सोलर स्वरोजगार योजना तथा ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना, एलईडी योजना का कार्य गतिमान रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास एवं स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करना इसका उद्देश्य था। सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये मुख्यमंत्री सीमान्त सुरक्षा निधि की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सरकारी खरीद के लिये 5 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यूनीफार्म आपूर्ति के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में इसे और विस्तार दिये जाने की जरूरत है। इनमें आत्मविश्वास जगाने की भी उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिये भी सदस्यों से सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के कारगर ढ़ंग से उपयोग की दिशा में पहल की गई है। चीड़ से बिजली व पेलेटस बनाये जा रहे है। एलईडी निर्माण में 15 संस्थाये कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वयं का रोजगार खड़ा कर समाज को प्रेरणा देने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को तकनीकि प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरों में क्रेडिट कार्ड योजना आरम्भ किये जाने की भी बात कही।
बैठक में उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ0 एस0एस0नेगी ने बताया कि आयोग द्वारा अब तक राज्य के पर्वतीय जनपदों, ईको टूरिज्म, ग्राम्य विकास एवं कोविड-19 के प्रकोप के दौरान राज्य में लौटे प्रवासियों एवं उनके पुनर्वास पर आधारित 11 सिफारिशे प्रस्तुत की जा चुकी है।
बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट के सम्बन्ध में डॉ. नेगी ने बताया कि जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार जनपद बागेश्वर की जनसंख्या 2,59,898 है, इनमें 1,24,326 पुरूष तथा 1,35,572 महिलाएं है। पिछले 10 वर्षों में 346 ग्राम पंचायतों से कुल 23,388 व्यक्तियों द्वार अस्थायी रूप से पलायन किया गया है। पिछले 10 वर्षों में 195 ग्राम पंचायतों से 5912 व्यक्तियों द्वार पूर्णरूप से स्थायी पलायन किया गया है। आंकड़े दर्शाते है कि जनपद के सभी विकासखण्डों में स्थायी पलायन की तुलना में अस्थायी पलायन अधिक हुआ है। जनपद की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 के लिए अनन्तिम रूप से 1,00,117 रूपये है।
आयोग द्वारा जनपद हेतु जो सिफारिशें रखी हैं उनमें प्रमुख रूप से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों की संख्या बढ़ाना, दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकों की उपज हेतु पनीर, घी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिये जाने, दुग्ध समितियों की सक्रियता बढ़ाने एवं दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र खोले जाने। होम स्टे की संख्या बढ़ाये जाने, इकोटूरिज्म गतिविधियों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किए जाने, पर्यटन से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाए जाने, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाने, मनरेगा में समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करके महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बनाए रखना, फसलों को बंदरों और जंगली सूअरों जैसे जानवरों से नुकसान से बचाव हेतु वन विभाग की सहायता से बन्दरबाड़ो, सोलर पावर फैन्सिंग का निर्माण कराये जाना, ग्राम पंचायतों में नर्सरियों बनाये जाना तथा औषधीय एवं सुगंधित पौंधों की कृषि को महत्वपूर्ण आजीविका उत्पादन गतिविधियों में विकसित किए जाना, जनपद में जड़ी-बूटी की खेती एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में चाय के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में बागवानी के क्षेत्रों को बढ़ाये जाना शामिल है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्यों रामप्रकाश पैन्यूली, सुरेश सुयाल, दिनेश रावत घण्डियाल, अनिल सिंह शाही एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रूद्रप्रयाग से रंजना रावत ने अपने सुझाव रखे।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने आयोग की सिफारिशों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। आयोग के सदस्य सचिव रोशन लाल एवं अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

कृषि कानून देश और किसानों के लिए ऐतिहासिकः विनय गोयल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नया कृषि कानून देश और देश के किसानों के लिए ऐतिहासिक है। पर कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर कानून से एतराज है तो उस पर सरकार बैठकर समाधान करने को तैयार है पर कृषि कानून को किसी भी दशा में वापस नहीं लिया जाएगा।

ऋषिकेश में भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को पूरे देश में बाजार के विकल्प उपलब्ध कराएंगे। इन कानूनों से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं हो रही है, बल्कि कोई राजनीतिक दलों द्वारा किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाए जाने के लिए एमएसपी खत्म नहीं किया जाएगा।

गोयल का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके सभी प्रविधान कृषि कानून बिल में बनाए गए हैं। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इस बिल से लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि एक बाजार होने से किसानों को अपनी फसल बेचने में ही लाभ मिलेगा। उन्होंने आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में लगाए जा रहे नारों की भी निंदा की।

गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के अलावा कई अन्य प्रदेशों के किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल का समर्थन किया है। अगर फिर भी किसानों को कोई इस बिल को लेकर आशंका है तो केंद्र सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री भगत राम कोठारी, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती भी उपस्थित थे।