बाढ़ सुरक्षा के तहत सिंचाई विभाग मुस्तैद, मंत्री ने दी जानकारी

(एनएन सर्विस)
बरसाती मौसम में उत्तराखंड की प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के खतरों को भांपते हुए राज्य का सिंचाई विभाग पूरी तैयारियों के साथ बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि मुस्तैद है। उत्तराखंड में बाढ़ सुरक्षा सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि बरसात के मौसम में राज्य की प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने समय से अपनी पूरी तैयारियां कर दी हैं।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की प्रमुख नदियों भागीरथी, अलकनंदा, पिंडर, मंदाकिनी, नयार और गंगा जिनका कि बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से कई स्थानों पर भवन, भूमि, फसलों, मार्गों आदि को हमेशा खतरा बना रहता है। उस खतरे से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा के तहत अपनी योजनाओं का काम पूरा कर लिया है।
श्री केदारनाथ धाम स्थित केदारपुरी में मंदाकिनी नदी से सुरक्षा, श्री केदारनाथ के सीतापुर/गौरीकण्ड के पूर्ननिर्माण कार्य, सौंग नदी के दायें तट पर स्थित गौरी माफी ग्राम में जल भराव से निजात दिलाने के लिए 379.49 लाख रूपये की लागत से लगभग 500 मीटर के बन्दे का निर्माण किया गया है। अल्मोडा के विकासखण्ड चैखुटिया में शीर्ष बन्धों का पुनर्निमार्ण कराया गया है। विकासखण्ड स्याल्दे, विकासखण्ड मुनस्यारी एवं चमोली जनपद के विकासखण्ड घाट में भी पुनर्निमार्ण के कार्य गतिमान हैं।
सतपाल महाराज ने बताया कि मानसून में बाढ़ तथा जल भराव की दृष्टि से हरिद्वार, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ, चम्पावत, उधमसिंह नगर, देहरादून और उत्तरकाशी जनपदों के सभी संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण कर बाढ़ सुरक्षा की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होने बताया कि देहरादून के सिंचाई खण्ड परिसर में राज्य का केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाने के अलावा दोनों मण्डलों सहित जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं। इतना ही नहीं प्रदेश स्तर पर सभी अधिकारियों का बाढ़ से सम्बन्धित सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु एक वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसके माध्यम से सुबह के समय नदी का डिसचार्ज एवं क्षेत्र में हुई वर्षा की माप की सूचना केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को करवाई जायेगी।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों के बारे में बताया केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त नदियों के जलस्तर का पूर्वानुमान शासन द्वारा सम्बन्धित जिलाधिकारी एवं विभाग के क्षेत्रीय एवं स्थानीय अधिकारियों को उपलब्ध करवाने के साथ-साथ केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के द्वारा प्रतिदिन बाढ़ संबंधित सूचनाएं शासन और उच्चाधिकारियों को भी पहुंचाई जायेंगी।
सतपाल महाराज ने बताया कि नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत, हरिद्वार और टिहरी जनपदों में कुल 72 बाढ़ चैकियां स्थापित कर दी गई हैं जिनके माध्यम से ग्रामीणों को सजग रहने की व्यवस्था की गई है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि बाढ़ सम्बन्धी सूचनाओं के लिए अल्मोडा, श्रीनगर और देहरादून में नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। उन्होने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मानिटरिंग के लिए जनपदों में एक स्टीयरिंग ग्रुप का भी गठन किया गया है।

गांव की सबसे बुजुर्ग महिला का निधन, 116 वर्ष बताई जा रही उम्र

(एनएन सर्विस)
रानीपोखरी न्यायपंचायत की सारंगधरवाला गांव निवासी रतनदेई पत्नी स्व.जयपाल सिंह तोमर 116 वर्ष की उम्र में बैकंठवासी हो गई। परिजनों ने उनकी अंतिम यात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के कई लोग शामिल हुए। वहीं, पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सारंगधरवाला गांव में रतनदेई के परिवार में अब तक चार पीढ़ी हो गई है। उनके परिवार में सबसे छोटा बेटा भगवान सिंह तोमर 83 वर्षीय सहित चार पोते
अनिल तोमर, अजित तोमर, प्रवीण तोमर, प्रमोद तोमर और एक पोती अनिता शाह सहित नाती, पोते 20 सदस्य हैं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर और सारंगधरवाला के उपप्रधान ने बताया कि उनकी दादी कहती थी कि जब इंदिरा गांधी 18-19 साल की थी तो भोगपुर स्थित सिंचाईं विभाग के बंगले में आई थी। आसपास के गांवों के लोगों से भी उनके अच्छे संबंध थे। ब्रिटिश शासनकाल में हुए किस्से कहानियों को सुनने के लिए कई लोग उनके पास आते थे। कई अखबारों और टीवी चैनलों में भी उनका इंटरव्यू छप चुका है। वह काफी मिलनसार थीं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर ने बताया कि उनकी दादी उम्र का शतक पार करने के बाद भी बिना लाठी के सहारे चलती थी, खेतों में साग सब्जी की खुद ही निराई गुड़ाई आदि का काम भी करती थी। बताया कि 15 साल की उम्र में उनकी दादी की शादी हुई थी। एक साल पहले उत्तराखंड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उनकी दादी से आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर पर आए थे।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से राज्य के लोगों को मिल रहा बड़ा फायदाः सीएम

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक बढ़ाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को 5 माह बढ़ाए जाने से देश के 80 करोड़ गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी। आने वाला समय त्यौंहारों का है। प्रधानमंत्री जी की इस घोषणा से गरीब भाई-बहन, खुशी के साथ त्यौहार मना सकेंगे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अप्रैल-मई और जून माह में हर महीने 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल जबकि प्रति परिवार 1 किलो दाल प्रति माह निशुल्क उपलब्ध कराई गई। अब इस योजना को जुलाई से नवम्बर तक बढ़ाने से सरकार के इस संकल्प को बल मिलेगा कि कोई गरीब भूखा न सोए। योजना का 5 माह और विस्तार करने से 90 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे जबकि पहले के तीन माह भी जोड़ दिए जाएं तो इस योजना पर कुल खर्च 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपए बैठता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से उत्तराखण्ड के लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। अब नवम्बर तक इस योजना को बढ़ाने से राज्य के इन परिवारों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हम सभी के अभिभावक हैं। देश हित में उन्होंने हमेशा सही समय पर सही फैसले लिए। उनके फैसलों के केंद्र बिंदु में इस देश के गरीबों का कल्याण होता है। लॉकडाउन को लेकर उन्होंने सही समय पर साहसिक फैसला लिया जिसके फलस्वरूप लाखों लोगों की जान बची।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ भारतीय अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। हम सभी को मिलजुलकर आगे बढ़ने का संकल्प लेना है। प्रधानमंत्री जी देशवासियों के हित में जो भी सम्भव है, कर रहे हैं। हमें भी अपने प्रधानमंत्री का साथ देना है। हमें केवल इतना करना है कि कोरोना को लेकर तमाम सावधानियां बरतनी हैं। मास्क का अनिवार्यता से प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बनाए रखनी है और हाथों को नियमित रूप से धोना है। जब तक कोरोना की वेक्सीन तैयार नहीं होती तब तक यही इसकी दवा है। उन्होंने कहा कि अनलॉक-2 में राज्य में काफी सहूलियतें दी जा रही हैं, प्रदेशवासियों के लिये चारधाम यात्रा खोल दी गई है। होटल व्यवसाय को गति देने के लिये पर्यटक प्रदेश में आकर होटल में ठहर सकते हैं। इसके लिये उनका 48 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट नेगेटिव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दृष्टिगत प्रदेश में सभी चीजों का आंकलन किया जा रहा है। इस महामारी के कारण सामाजिक आर्थिक एवं मानसिक दिक्कतें भी उत्पन्न हुई है। हम सबको इसका सतर्कता से सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेश में कोरोना के मामलों में ठहराव व गिरावट आयी है। इस दिशा में हम सचेत हैं तथा राज्य में आने वालों की सतत रूप से चेकिंग की जा रही है तथा उनकी ट्रैवल हिस्ट्री देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस महामारी का सामना करने के लिये हमारे डाक्टर तथा फ्रंट लाइन वर्कर सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

नही कटेगा वेतन मुख्यमंत्री ने दिए आदेश, कई राहत भरी घोषणाएं भी की

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्री के खाते में एक-एक हजार रूपए की सम्मान राशि दी जाएगी। इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है। वहीं, मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 15 करोड़ रूपये की धनराशि भी स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल विकास निगम हेतु भी मुख्यमंत्री ने 2-2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। कोविड-19 के दृष्टिगत पूर्व में लॉकडाउन के कारण परिवहन निगम के साथ ही कुमाऊँ मंडल विकास निगम एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के आय के संसाधनों में कमी के कारण संसाधनों के विकास हेतु मुख्यमंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शीघ्र आदेश निर्गत हेतु सचिव वित्त को निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धनराशि से इन निगमों के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकेगी तथा कार्य संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा की परिवहन निगम की बसों का संचालन शुरू किया गया है इसमें यात्रियों को सुविधा होने के साथ ही परिवहन निगम के आय के संसाधनों में वृद्धि होगी। इस हेतु गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उधर, मुख्यमंत्री ने सचिवालय एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व स्वास्थ्य कर्मियों के 1 दिन के वेतन कटौती के आदेश को वापस लिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस आदेश से सचिवालय परिचारक संघ के अध्यक्ष विशन सिंह राणा व अन्य कार्मिकों ने उनका आभार व्यक्त किया है।

ई कलेक्ट्रेट प्रणाली समय की मांग, लोगों के समय की होगी बचतः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में ई कलेक्ट्रेट प्रणाली देहरादून का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुसार तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग जरूरी है। ई कलेक्ट्रेट प्रणाली से लोगों को सुविधा तो होगी ही साथ ही समय कि बचत भी होगी और अनावश्यक कार्यालयों की भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। ई ऑफिस प्रणाली से कार्यों में और पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों में भी ई ऑफिस प्रणाली शुरू करने के लिए प्रयास किए जाए। उन्होंने निर्धारित समयावधि से एक सप्ताह पूर्व ही ई कलैक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ करवाने पर जिला प्रशासन को बधाई दी।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ई कलेक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ स्मार्ट सिटी देहरादून, आईटीडीए एवं एनआईसी के सहयोग से किया गया। इसके तहत कलैक्ट्रेट के सभी अनुभाग इस प्रणाली से जोड़े गए हैं। अब कलेक्ट्रेट के सभी अनुभागों में इस प्रणाली के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। राजस्व विभाग के फील्ड कर्मी भी इसी प्रणाली से कार्य करेंगे। इससे कार्य में पारदर्शिता के साथ ही अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक की निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने की जिम्मदारी तय रहेगी। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि ई ऑफिस प्रणाली के दूसरे चरण में तहसील एवं विकासखंड में कार्य किए जाएंगे। उसके बाद इलेक्शन ऑफिस एवं पंचस्थानी चुनाव के ऑफिस को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, निदेशक आइटीडीए अमित सिन्हा, सीईओ स्मार्ट सिटी रणवीर सिंह चैहान, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एडीएम प्रशासन अरविंद पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

रोडवेज बसों का संचालन कल से, सोशल डिस्टेसिंग का करना होगा पालन

प्रदेशभर में रोडवेज बसों का संचालन 25 जून से किया जा रहा है। परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। देहरादून मंडल के 37, नैनीताल मंडल के 36 और टनकपुर मंडल के 10 मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा। अभी दूसरे राज्यों के लिए बसें संचालित नही की जायेंगी।
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में परिवहन निगम की बोर्ड बैठक हुई। जिसमें बसों के संचालन को मंजूरी दी गई। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, पहले चरण में राज्य के अंदर ही चुनिंदा 83 मार्गों पर ही बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही गाड़ियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जायेगी। वहीं, कल से शुरू होने जा रही रोडवेज बसों के लिए परिवहन निगम ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत तीन यात्रियों वाली सीट पर दो और दो यात्री वाली सीट पर एक मुसाफिर ही सफर कर सकेगा। एडवाइजरी में यात्रियों के लिए मास्क की अनिवार्यता के साथ ही सैनिटाइजेशन आदि की जिम्मेदारी परिचालकों को सौंपी गई है।
एडवाइजरी के अनुसार सभी बसों में ड्राइवर-कंडक्टर के लिए अलग से केबिन बनाना होगा। बसों में कोरोना संक्रमण के जागरुकता से जुड़े स्टीकर भी लगाने होंगे। बसों के रवाना होने से पहले ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को सैनिटाइजेशन का प्रमाणपत्र देना होगा। बसों के साथ पूरे स्टेशन परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइजेशन कराना होगा। 
सोशल डिस्टेंसिंग पर रहेगी कड़ी नजर
किसी भी डिपो के अंदर दाखिल होने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की अलग से ड्यूटी लगाई जाएगी। शाम सात बजे के बाद कोई भी बस रवाना नहीं होगी। सहायक महाप्रबंधक यात्रा मार्गों पर निरीक्षक की ड्यूटी होगी जो बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर संबंधित चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
इन मार्गों पर होगा संचालन
पहले चरण में देहरादून से मसूरी, बड़कोट, पुरोला, टिहरी, उत्तरकाशी, जोशीमठ, बीरोंखाल, श्रीनगर, हरिद्वार, कालसी, विकासनगर, ऋषिकेश, रुड़की के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। हरिद्वार डिपो की जेएनएनयूआरएम की बसों को हरिद्वार से लक्सर, ऋषिकेश एम्स रुड़की, देहरादून, लक्सर से देहरादून, नारसन के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। रुड़की डिपो की ओर से देहरादून और हरिद्वार, ऋषिकेश के लिए बसें संचालित की जाएंगी।
नैनीताल मंडल में रानीखेत से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टनकपुर, भवाली से नैनीताल रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी, नौकुचियाताल, घोड़ाखाल के लिए बसों का संचालन होगा। इसके अलावा रामनगर से टनकपुर, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर, जसपुर, काशीपुर से टनकपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर से हल्द्वानी, टनकपुर, खटीमा, काशीपुर के लिए गाड़ियों का संचालन होगा। वही हल्द्वानी डिपो से नैनीताल, जंगलिया गांव, पिथौरागढ़, टनकपुर, चोरगलिया टनकपुर के लिए गाड़ियों का संचालन होगा। काठगोदाम डिपो से टनकपुर, नैनीताल, जसपुर के लिए गाड़ियां संचालित की जाएंगी।
वाल्वो व एसी बसें नहीं होंगी संचालित
वाल्वो के साथ ही वातानुकूलित बसों के संचालन पर रोक रहेगी। साथ ही परिवहन निगम की नियमित बसों के अलावा अनुबंधित बसों का भी संचालन नहीं किया जाएगा। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि दूसरे राज्यों में बसों का संचालन शुरू होने के बाद ही वातानुकूलित वॉल्वो और अनुबंधित बसों का संचालन किया जाएगा।
यात्री मिलने के बाद अतिरिक्त बसों का होगा संचालन
25 जून से चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन यात्रियों की संख्या पर निर्भर होगा। अगर पर्याप्त संख्या में यात्री होंगे, तभी बस संचालित की जाएगी। यात्री कम होनी की स्थिति में ड्यूटी पर तैनात स्टेशन प्रभारी को बसों को रोकने का अधिकार होगा।

ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुम्भ मेले का आयोजन निर्धारित समय पर ही

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अखाङा परिषद के संत महात्माओ ने सीएम आवास में आयोजित बैठक में महाकुम्भ मेला 2021 के संबंध में विचार विमर्श किया। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरीगिरी महाराज ने बताया कि उनकी सभी अखाङो के संतों के साथ चर्चा हुई है। सभी ने इस बात पर सहमति दी है कि ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुम्भ मेले का आयोजन निर्धारित समय पर ही हो। इसका स्वरूप क्या होगा, किस स्तर तक होगा, इस पर सरकार द्वारा अगले वर्ष फरवरी माह में तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाए। मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परम्पराओं का ध्यान रखते हुए अगले वर्ष कुम्भ मेले का आयोजन समय पर होगा। परंतु आगामी फरवरी माह में उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप संत महात्माओ के मार्ग दर्शन से मेले के स्वरूप के बारे में निर्धारित किया जाएगा। स्थाई प्रकृति के निर्माण कार्य चलते रहेंगे। बैठक में महंत नारायण गिरी महाराज, महंत महेशपुरी महाराज सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास कर दिया स्वस्थ रहने का संदेश

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीएम आवास में योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग के योगाभ्यास प्रोटोकोल के अनुसार योगासन किए। इस वर्ष कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए योग का सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने-अपने घरों में रहकर ही योग करने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी अपने आवास में योगाभ्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के सफल प्रयासों से सारा विश्व 21 जून को योग दिवस के रूप में मना रहा। इस बार के योग दिवस का आयोजन विशेष परिस्थिति में हम लोग कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी से बचने के लिए हमारी इम्यूनिटी मजबूत होना बहुत जरूरी है और योग के द्वारा हम अपनी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने नियमित योगाभ्यास को अपनी दैनिक जीवनचर्या में लाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी रोजाना एक घंटा अवश्य योगाभ्यास करें। स्वयं भी निरोग रहे, स्वयं की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए और औरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें।

राज्य में फिल्मांकन के लिए राज्य सरकार ने गाइडलाइन जारी की

(एनएन सर्विस)
राज्य सरकार ने प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत कोविड-19 के चलते प्रदेश में पहले से लागू नियम शूटिंग दल पर प्रभावी रहेंगे। फिल्म निर्माता को शूटिंग यूनिट का वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। महानिदेशक सूचना कार्यालय देहरादून में शूटिंग दल, अवधि और लोकेशन को लेकर पूरा विवरण देना होगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने गाइडलाइन जारी करते हुए बताया कि कोई भी फिल्म निर्माता इसका पालने करते हुए राज्य में फिल्मांकन कर पाएगा। फिल्म प्रोडक्शन कंपनी को कोविड-19 की रोकथाम के लिए उठाए गए समस्त कदमों का विवरण राज्य सूचना विभाग को देना जरुरी होगा। महानिदेशक सूचना की तरफ से समस्त सूचनाएं और अनुमतियां संबंधित जिलाधिकारियों को भेजी जाएंगी। शूटिंग में आने वाले दल के प्रत्येक व्यक्ति की कोविड को लेकर ट्रेनिंग अनिवार्य रहेगी। सोशल डिस्टेसिंग, फेस्क मास्क, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरणों को दल साथ में लाएगा। अगर दल के किसी सदस्य में कोरोना के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत निकटवर्ती सरकारी अस्पताल और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देगा।
वहीं, शूटिंग के दौरान प्रोडक्शन कंपनी को एक नोडल अधिकारी की तैनाती भी करनी होगी। जो जिला प्रशासन को प्रत्येक सदस्य का डाटा बेस तैयार करके देगा। थर्मल स्कैनिंग से लेकर पीपीई किट व अन्य उपकरणों की जानकारी रखनी होगी। इस्तेमाल के बाद उन्हें कैसे नष्ट किया जा रहा है इसकी भी सूचना प्रशासन को देनी होगी।  
प्रोडक्शन कंपनी कोे फिल्म सेट का दिन में दो बार सैनिटाइजेशन करना अनिवार्य होगा। फोर्क लिफ्ट का कम से कम इस्तेमाल करने, सेट के बाहर, वेटिंग रूम, रेस्ट रूम में हैंड सैनिटाइजर रखना अनिवार्य होगा। स्टाफ में 65 साल से अधिक के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लाने की अनुमति नहीं दी गई है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अगर लाना बेहद जरूरी है तो इसकी अनुमति जिलाधिकारी से प्राप्त करनी होगी।
वहीं, शूटिंग स्थल पर व्यक्तियों की संख्या भी कम से कम रखने पर जोर दिया गया है। इंडोर में होने वाली शूटिंग में अनिवार्य स्टाफ की संख्या 15 और आउटडोर में 30 लोग ही रहेंगे। मेकअप और हेयर ड्रेंसिंग के स्थान पर बार बार सैनिटाइजेशन करना होगा। शूटिंग स्थल पर सभी को मास्क, दस्ताने व फेस शील्ड पहननी होगी। 
एक अन्य निर्देश में शूटिंग दल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ट्रैवलिंग प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। जिला प्रशासन इसकी निगरानी करेगा। वाहनों में यात्रियों की संख्या गाइडलाइन के अनुसार ही रहेगी। प्राइवेट प्रापर्टी पर शूटिंग के लिए अनिवार्य अनुमति के साथ लोकेशन के सैनिटाइजेशन का खास ख्याल रखना होगा।

धार्मिक स्थानों के साथ ही पर्यटक स्थलों को विकसित करने का प्लान तैयार कर रही सरकार

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में वर्ष पर्यंत पर्यटन के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये हैं। विशेष तौर पर यात्रा मार्ग पर स्थित पर्यटन स्थलों में यात्रा अवधि के अलावा भी पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। श्री बदरीनाथ धाम के प्रस्तावित मास्टर प्लान पर तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों के सुझाव भी प्राप्त कर लिए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पर्यटन गतिविधियाँ को बढाने के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सलाहकार अश्विनी लोहानी और Federation of Associations in Indian Tourism and Hospitality (FAITH) के महासचिव सुभाष गोयल के साथ विचार विमर्श किया। लोहानी ने उत्तराखंड पर्यटन को ब्राण्ड के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध वाइल्ड लाइफ में भी पर्यटन की काफी सम्भावना बताई। गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में हाईएंड टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसमें टूरिज्म इंडस्ट्री और पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने उत्तराखंड में पर्यटन के विविध आयामों व वर्तमान में चल रही पर्यटन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चारधाम देवस्थानम बोर्ड, होम स्टे, एडवेंचर टूरिज्म, रोप वे प्रोजेक्ट, 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन आदि के बारे मे बताया। सचिव पर्यटन ने श्री बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।