कई विस अध्यक्षों ने सदस्यों के दल बदल पर जताई चिंता

सदस्यों के दल बदल पर विधानसभा अध्यक्षों के फैसले को न्यायालयों से मिल रही चुनौती से विधायिका चिंतित है। सवाल साख पर खड़ा होने लगा है, लेकिन इसका हल जल्द निकलता नहीं दिख रहा है। देहरादून में चल रहे दो दिवसीय सम्मेलन में कई पीठासीन अधिकारी इसका फैसला राजनीतिक दल पर छोड़ देने के पक्ष में नहीं दिखे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित समिति इस पर अगले वर्ष लखनऊ की बैठक में अपने सुझाव देगी।
संविधान की दसवीं अनुसूची और अध्यक्ष की भूमिका विषयक परिचर्चा में लोकसभा अध्यक्ष ने आग्रह करते हुए कहा कि दल बदल पर अध्यक्ष ऐसा निर्णायक और निष्पक्ष फैसला लें, जिस पर कोई सवाल नहीं उठे। अगर न्यायपालिका निष्पक्षता पर सवाल करने लगे, तो यह हम सब के लिए चिंता की बात है। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय चैधरी ने इस पर प्रस्ताव रखा, जिस पर व्यापक चर्चा हुई। विजय चैधरी ने कहा कि संविधान की 10 वीं अनुसूची में एक बार फिर सुधार की जरूरत है। इसमें अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अध्यक्ष को कितने दिनों में इस पर फैसला लेना है।
ऐसे में इसके दुरुपयोग के मामले सामने आते हैं। इसी तरह इसे भी स्पष्ट करने की जरूरत है कि पार्टी के व्हिप के खिलाफ पड़े मत का क्या होगा, जिसे अभी तक मान्य किया जाता है। इसे अमान्य करने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। वैसे, कई विधानसभा अध्यक्ष सदस्यों द्वारा इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी को समर्थन देने के नए तरीके पर चिंतित दिखे। कर्नाटक के हाल के मामले का जिक्र करते हुए राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने दल बदल का निर्णय उसी राजनीतिक दल पर डालने की पैरोकारी की, जिसके टिकट पर वह जीत कर आए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पार्टी के चिह्न, विचारधारा और घोषणापत्र पर जनप्रतिनिधियों का चुनाव होता है। मूलतः देश दल आधारित लोकतंत्र है। ऐसे में पार्टी के सुझाव पर चुनाव आयोग को इस पर फैसला लेना चाहिए। अध्यक्ष को विधायिका के सकुशल संचालन तक की ही भूमिका होनी चाहिए। वहीं दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने दल बदल को भी अपराध श्रेणी में डालने की वकालत करते हुए कहा कि ऐसे प्रविधान होने चाहिए, जिसमें पार्टी बदलने वाले को एक निश्चित अवधि तक चुनाव लडने पर पाबंदी लगा दी जाए। इसके साथ उन्होंने सभी विधानसभाओं के रूलबुक को एक समान रखने की जरूरत बताई।

आइएमए परेडः 306 नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बनें

आइएमए गीत पर कदमताल करते हुए जैसे ही जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पहुंचे, तो दर्शक दीर्घा में बैठे हर व्यक्ति के अंदर एक जोश भर कर गया। एक साथ उठते कदम और गर्व से तने सीने हर किसी को अपने ओर आर्कषित कर रहे थे। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में अंतिम पग भरते ही 306 नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इसके साथ ही 71 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि पासिंग आउट परेड का रिव्यू करते मुझे बेहद खुशी हो रही है। क्योंकि आज भारतीय सेना की गौरवशाली परम्परा की नयी कड़ी को जुड़ते हुए मैं प्रत्यक्ष देख रहा हूं। अपने नपे तुले और सधे कदमों से कदमताल करते कैडेटों में सुरक्षित और सुनहरे भारती की तस्वीर दिख रही है। सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ। कंपनी सार्जेंट मेजर रोनिश कुमार, हर्षित मिश्रा, संजय सिंह, शिवकुमार सारंग, मंजिल राय, विश्वन काटल, सबा उमा महेश व सत्यम पंत ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली। 8 बजकर 50 मिनट पर एडवास कॉल के साथ ही छाती ताने देश के भावी कर्णधार असीम हिम्मत और हौसले के साथ कदम बढ़ाते परिमल पराशर के नेतृत्व में परेड के लिए पहुंचे। परेड कमांडर विनय विलास गरड़ ने ड्रिल स्क्वायर पर जगह ली। कैडेट्स ने शानदार मार्चपास्ट से दर्शक दीर्घा में बैठे हर शख्स को मंत्रमुग्ध किया।
युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग भर रहे थे, तो आसमान से हेलीकाप्टरों के जरिए उन पर पुष्प वर्षा हो रही थी। रक्षा मंत्री ने कैडेटों को ओवरऑल बेस्ट परफारमेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। उन्होंने कहा इस पूरी ड्रिल में कैडेटों की मेहनत व लगन के साथ ही प्रशिक्षण का प्रतिबिंब भी साफ-साफ दिख रहा है। कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर चलने की यह काबिलियत किसी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। यही काबिलियत हमारी सशस्त्र सेनाओं को मजबूत भी बनाती है।
भारतीय सैन्य अकादमी, भारत की उस शौर्य परम्परा से जुड़ी हुई है जिसने हमें देश और समाज के मान-सम्मान व स्वाभिमान के लिए मरते दम तक बलिदान देने की प्रेरणा दी है। कैडेटों से कहा कि जितना गर्व आपको अपनी वर्दी पर है उतना ही गर्व उन माता-पिता को भी है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को समर्पित कर दिया। इसलिए यह दिन आपके परिवार के लिए भी खास है। क्योंकि उन्हें आज यह गौरव मिला है जिसका सपना उनकी आंखों में वर्षों से पल रहा था। रक्षा मंत्री ने सभी अभिभावकों का आभार जताया कि उन्होंने अपने बच्चे देश की हिफाजत के लिए भारतीय सेना को सौंप दिए हैं।

पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केंद्रः त्रिवेन्द्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र लोहाजंग में पूर्व विधायक स्व. शेर सिह दानू की स्मृति में सांस्कृतिक एवं औद्योगिक पर्यटन विकास मेले का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है इसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक है। पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि मेले लोगों को आपसी मिलन के अवसर प्रदान करने के साथ ही अपनी संस्कृति, विचारों एवं आवश्यकताओं के भी साधन स्थल रहे है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू के गांव पिनाऊ तक सड़क, महाविद्यालय तलवाडी को 10 लाख रुपये देने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवाल में रेडियोलॉजी व टेलीमेडिसिन सेवा शुरू करने, लोहाजंग में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, थराली व देवाल बाजार में स्ट्रीट लाईट एवं बाढ सुरक्षात्मक कार्य करवाने, लोहाजंग में टैक्सी स्टैण्ड बनाने तथा काण्डई से बमनबेरा तक 3 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा भी की।

जिस देश में वीरों को सम्मान नहीं, वहां अधिक समय तक आजादी नहींः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली में वार मैमोरियल फाउंडेशन द्धारा सैंज खैतोलीखाल में आयोजित वीसी दरवान सिंह नेगी शौर्य महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में शिरकत करने से पहले वीसी दरवान सिंह नेगी के चित्र पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमें वीसी दरवान सिंह नेगी की शौर्य गाथा पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जिस देश मे वीरों का सम्मान नही होता वह देश अधिक समय तक आजाद नही रह सकता।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीसी दरवानसिंह नेगी की स्मृति को चिरस्थाई बनाये रखने के लिए शौर्य महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करते हुए प्रति वर्ष इसके आयोजन हेतु 5 लाख की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने वीसी दरवान सिंह नेगी के पैतृक आवास का जीर्णोद्धार कर उसे संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के शहीदों की स्मृति में शहीद म्यूजियम बनाने की भी घोषणा की, जिसमें शहीदों के मेडल्स, कपडे, बाक्स आदि यादगार चीजों को लोगों के दर्शन के लिए रखे जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रा.इ.कालेज चोपता मे चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की भी स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा की इस क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए जियो कंपनी के माध्यम से आपटिकल फाइबर केविल विछाई जा रही है ताकि टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं और सभी स्कूलों मे ई लर्निंग शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, संचार, बिजली, पानी राज्य सरकार की प्राथमिकता मे शामिल है, इस दिशा में राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है हमारे इन प्रयासों के लिए केन्द्र सरकार ने भी सराहा है। क्षेत्रीय जनता की सैनिक स्कूल की मांग पर मुख्यमंत्री ने इसका परीक्षण करने के साथ ही आवश्यक कारवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय से प्रसिद्धः सीएम

69वें राजकीय आद्यौगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले का मंगलवार को शानदार आगाज हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गौचर मेले का विधिवत् उदघाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 155.44 करोड़ रूपए लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले को बडी सौगात भी दी। मेले के उद्घाटन के अवसर पर छोलिया नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने मेले में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है और साल दर साल यह मेला अपनी ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने जिले की संस्कृति, खानपान, धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के लिए प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्रामी सेनानी श्री बख्तावर सिंह को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और उद्यान के विकास में गौचर मेले की बड़ी भूमिका रही है। किसानों की आय को बढाने के लिए सरकार आर्गेनिक खेती को बढावा देने के लिए कार्य कर रही है ताकि किसान को अधिक से अधिक फायदा मिल सके। किसानों की आय बढाने के लिए ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसान अपनी आवश्यकता से अधिक अनाज को ग्रोथ सेंटर में मूल्यवर्धित करा सकते हैं। कंडाली और हैम्प के रेशे के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि आज खेती के तरीके को बदलने की जरूरत है। बताया कि पूरी दुनिया में हैम्प के रेशे की बहुत डिमांड है आज नशा रहित हैम्प के रेशे से 527 किस्म के प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुने हुए नए प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि दो बच्चे और शिक्षा की अनिवार्यता रखने के कारण इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अधिकांश युवाओं को प्रतिनिधित्व का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति से ही यह बदलाव संभव हुआ है। कहा कि राज्य के विकास के लिए दृष्टि ही नही दृष्टिकोण होना भी जरूरी है।

साहसिक खेलों के लिए गौचर मेले में पहली बार अलकनंदा नदी में रिवर राफ्टिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने रिवर राफ्टिंग करते हुए प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यहॉ पर राफ्टिंग की भरपूर सम्भावनाएं है और जिला प्रशासन ने इसको आगे बढाने के लिए एक अच्छी पहल की है। उन्होंने स्थानीय लोगों को भी इस योजना में आगे बढाने पर जोर दिया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के तहत 62.58 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण तथा 92.85 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर जिले को विकास की एक बडी सौगात भी दी। जिन बडी योजनाओं को लोकपर्ण किया गया उनमें 11.87 करोड की सरमोला रानौ मोटर मार्ग, 8.95 करोड की सुगरबैंड से सिलपाटा मोटर मार्ग, 9.89 करोड की गोल से मथकोट मोटर मार्ग, 3.85 करोड़ की चटवापीपल से ग्राम सिरण मोटर मार्ग, 3.43 करोड की उज्जवलपुर-बैनोली मोटर मार्ग शामिल है। वही जिन बडी योजनाओं का आज शिलान्यास हुआ उनमें 17.86 करोड की रैस-भटियांणा मोटर मार्ग, 8.40 करोड की लागत से तपोवन-रिंगी मोटर मार्ग, 5.99 करोड की हाटकल्याणी -बेराधार मोटर मार्ग, 5.27 करोड लागत की करछी-रेगडी मोटर मार्ग, 4.00 करोड लागत से माणा में निर्मित होने वाले बहुउद्देशीय व सार्वजनिक भवन निर्माण, 3.82 करोड़ लागत से तपोवन-करछोई मोटर मार्ग आदि शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अलकनंदा नदी पर बाढ सुरक्षा, गौचर बाईपास मोटर मार्ग निर्माण, चटवापीपल में घाट सौन्दर्यीकरण एवं पहुॅच मार्ग निर्माण, गौचर नगर पालिका में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण-बडसोली मोटर मार्ग निर्माण तथा उमासैंण तक मोटर मार्ग का विस्तारीकरण, राइका मालसी में अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण, गौचर पेयजल योजना निर्माण आदि घोषणाएँ भी की।

डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत को समझना जरूरीः स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास, स्मृति जुबिन ईरानी ने कंटेंट क्रियेशन पर सर्वाधिक बल देते हुए कहा कि जितनी तेजी से विश्व में कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए। प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित किया जाए। प्रोडक्शन फेसिलिटेशन इसके समन्वय में काम करे। डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत का उपयोग करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था हो। स्थानीय भाषाओं पर भी फोकस किया जाए।
कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित हो
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग के लिए अन्य सुविधाओं के साथ-साथ कंटेंट क्रियेशन पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित करना होगा। इस ग्रुप के समन्वय में प्रोडक्शन फेसिलिटेशन किया जाए। यह वर्किंग ग्रुप हमारी भाषायी ताकत को मजबूत करने का भी काम करेगा। केवल बॉलीवुड तक सीमित न रहकर बहुभाषायी कंटेंट क्रियेटर की व्यवस्था हो।
डिजिटल क्रांति के लिए हो पुख्ता तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रियेशन में बहुआयामी प्लेटफार्म को समझना होगा। फिल्म व टेलिविजन के साथ डिजिटल क्रांति के लिए भी तैयारियां पुख्ता होनी चाहिए। आने वाले समय में डिजिटल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम बनने जा रहा है।
स्थानीय भाषाओं पर भी हो फोकस
स्थानीय भाषाओं में भी कंटेंट क्रियेशन पर फोकस करना होगा। बडे निर्माताओं और स्थानीय कंटेंट क्रियेटर के बीच सेतु स्थापित किया जाए। प्रादेशिक भाषाओं में भी तकनीकी को मजबूत करना होगा। एकेडेमिक्स ऑफ फिल्म मेकिंग एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाए। हाईस्कूल से ही इसकी शिक्षा की व्यवस्था हो।
उत्तराखण्ड के इतिहास व संस्कृति का हो अभिलेखीकरण और डिजिटलीकरण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का इतिहास और संस्कृति बहुत समृद्ध है। पूरे विश्व से इसका परिचय कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के इतिहास व संस्कृति का अभिलेखीकरण व डिजीटलीकरण कर डिजिटल मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व तक पहुंच स्थापित करनी होगी।

विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल करेगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों को अमल में लाएगी। गत वर्ष इन्वेस्टर्स समिट के समय जो भी सुझाव मिले थे उन्हें समाहित करते हुए राज्य की फिल्म नीति बनाई गई। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारत की भी बहुत सी नामी फिल्मी हस्तियां यहां आई हैं।
राज्य में है फिल्म शूटिंग के अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां जैसी लोकेशन कहीं और शायद ही हो। हमारे यहां प्रभावी सिंगल विंडों सिस्टम लागू किया गया है जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थाएं स्थापित की जा सकती हैं। इसमें सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।
पैनल डिस्कशन में फिल्म नीति पर की गई चर्चा
कान्क्लेव में चार सत्र आयोजित किए गए जिनमें उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और राज्य में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा के साथ ही राज्य में शूटिंग कर चुके फिल्मकारों का फीडबैक भी लिया गया।
प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियों ने किया प्रतिभाग
मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में फिल्म जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों ने प्रतिभाग किया। इनमें विशाल भारद्वाज, तिग्मांशु धूलिया, मुजफ्फर अली, जैकी भगवानी, नारायण सिंह, अजय अरोड़ा, तरूण आदर्श, कविता चैधरी, भरत बाला आदि ने प्रतिभाग किया।

एकता दिवस एक देश एक विधान का सपना साकार हुआः मोदी

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैचू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड की सलामी ली। केवड़िया में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक पेश की।
सरदार पटेल की जयंती पर केवड़िया में पीएम मोदी ने लोगों को एकता की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अध्यादेश 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अध्यादेश 370 के हटने के बाद अब स्थिरता आएगी। सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के आधार पर भेदभाव खत्म होगा।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बीडीसी का चुनाव हुआ जिसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। देश की एकता को अखंड बताते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी देश की एकता को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि हमारी एकता में छेद करने की कोशिश हो रही है, अलगाव को उभारने का प्रयास किया जा रहा है, हमारी एकता को ललकारा जा रहा है लेकिन वे भूल जाते हैं कि सदियों से ऐसी कोशिशों के बाद भी हमें कोई मिटा नहीं सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विविधता के हर अवसर को मनाना है। यही एक भारत श्रेष्ट भारत के रुप में दर्शाता है।

क्लेमेंटाउन थाना सर्वश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर क्लेमेंटाउन थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों एवं विवेचना के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका रही। आजादी के बाद अंग्रेज भारत को छोड़कर तो चले गये थे, लेकिन उन्होंने देश को अनेक रियासतों में बांट दिया। देश की एकता और अखण्डता के लिए लिये सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अंग्रजों के सपने को चकनाचूर किया। सरदार पटेल जी का किसानों के लिए भी अद्धितीय चिंतन रहा। उनका मानना था कि बिना किसानों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा उनका अन्नपूर्ण भारत के लिए विशेष चिंतन रहा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सरदार पटेल जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष जम्मू-कश्मीर की धारा 370 से आजादी का वर्ष भी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे, तब उन्होंने 222 दिन तक स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का आह्वाहन किया है। सरदार पटेल जी का जीवन आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल में ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन दुर्घटना में मृतक पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव मदद दी जायेगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा सरदार पटेल जी ने भारत के प्रथम गृह मंत्री बनने के बाद देशी रियासतों के विलय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें देश की अखण्डता व सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए कार्य करना होगा। उत्तराखण्ड पुलिस राज्य एवं देश को अक्षुण्ण रखने का पूरा प्रयास करेगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, गणेश जोशी, देशराज कर्णवाल, उमेश शर्मा काऊ, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा में 327 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान और शोध संस्थान (मेडिकल कालेज) का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कालेज के अवशेष निर्माण कार्यों को यथाशीध्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि एमसीआई की टीम द्वारा मेडिकल कालेज के निरीक्षण से पूर्व जो अवशेष कार्य एवं उपकरण आदि क्रय किये जाने हैं उन्हें यथाशीघ्र क्रय करना सुनिश्चित किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही मेडिकल कालेज में फैकल्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान मेडिकल कालेज के फिजियोलॉजी कक्ष, एनाटोमी कक्ष, सर्वर कक्ष, हिस्ट्री कक्ष सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण कर इससे जुड़े अधिकारियां एवं कार्यदायी संस्थओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डाॅ. वाईके पंत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस परियोजना की कुल लागत 327 करोड़ रू0 स्वीकृत है जिसमे प्रथम एलओपी के निर्माण हेतु स्वीकृत धनराशि कुल 216.77 करोड़ रू0 है। वर्तमान तक कार्यदायी संस्था को 215 करोड़ रू0 अवमुक्त किये जा चुके हैं तथा निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के लिये कुल 9902.52 लाख रू0 की विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकापर्ण भी किया। जिसमें 6181.73 लाख रू0 की विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 3720.79 लाख रू0 की विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं में प्रमुख रूप से शिक्षा, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा, रेशम विभाग की योजनायें सम्मलित हैं।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डाॅ. हरक सिहं रावत, सांसद अजय टम्टा, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, कापरैटिव बैंक के अध्यक्ष ललित सिंह लटवाल, आयुक्त कुमाऊ मण्डल राजीव रौतेला, डीआईजी जगत राम जोशी आदि उपस्थित थे।

23 विकास योजनाओं की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
वहीं, अल्मोड़ा में सम्पन्न हुई कैबिनेट बैठक के उपरान्त मुख्यमंत्री ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए अल्मोड़ा जनपद के विकास से सम्बन्धित 23 विकास योजनाओं की घोषणा की। इन सभी योजनाओं का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा के तहत किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की, कि पवित्र जागेश्वर धाम में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट (एसटीपी) का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में अल्मोडा पेयजल योजना के भाग-1 का सुदृृढीकरण कार्य, कटारमल पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण किया जायेगा, अल्मोड़ा सीवरेज जोन-3 योजना का निर्माण का निर्माण कार्य किया जायेगा, अल्मोड़ा शहर मंे बाजार का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा, होटल मैनेजमैन्ट संस्थान अल्मोड़ा का सुदृृढीकरण एवं आधुनीकीकरण किया जायेगा, सिमतौला ईकों पार्क में ईकों टूरिज्म की गीत विधियों को बढ़ावा दिया जायेगा, जनपद अल्मोड़ा के अन्तर्गत डयोलीडाना में बैडमिन्टन हाॅल का निर्माण किया जायेगा, स्पोर्टस स्टेडियम में अवस्थापना सुविधाओं को सुदृृढ किया जायेगा, जनपद के 100 विद्यालयांे में ई लर्निंग सुविधा हेतु रू0 1.00 लाख प्रति विद्यालय की दर से धनराशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने ताड़ीखेत में स्थापित गांधी कुटीर के जीर्णोद्वार एवं हाल का निर्माण, नगर पालिका परिषद रानीखेत चिलियानौला के कार्यालय भवन की स्थापना, ताड़ीखेत में मिनी स्टेडियम की स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लमगड़ा में भवन का निर्माण, कसारदेवी में स्प्रिीचुअल इकोनाॅमी जोन बनाये जाने, 200 आंगनवाडी केन्द्रों की स्थापना, शीतलाखेत महाविद्यालय एवं लमगड़ा महाविद्यालय के भवनों का निर्माण कार्य किये जाने की घोषणा शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विकास से सम्बन्धित 51, पिथौरागढ़ के लिये 22, बागेश्वर के लिये 7, नैनीताल के लिये 25 जबकि उधम सिंह नगर से सम्बन्धित 9 घोषणाये की गई।

विरासत कार्यक्रम के जरिए संस्कृति को संजोए रखना सराहनीय पहल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि बिना संस्कृति के राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती है। हमारे कलाकार हमारी संस्कृति का हिस्सा है। इन्हीं कलाकारों तथा संस्कृति कर्मियों से भारत की पहचान होती है।

रविवार को रीच संस्था की ओर से ओएनजीसी स्थित अम्बेडकर ऑडिटोरियम में आयोजित 23वें विरासत कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रीच संस्था द्वारा आयोजित किये जाने वाला विरासत कार्यक्रम अपनी संस्कृति को सजोने का सराहनीय पहल है।

उन्होंने कहा कि देश के शास्त्रीय एवं लोक संगीत की तमाम विधाओं को एक स्थान पर लाने का प्रयास भी सराहनीय है। उन्होंने इस कार्यक्रम को प्रति वर्ष आयोजित किये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा यथा संभव सहयोग दिये जाने का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर पदमश्री पूरन चंद बड़ाली सहित अन्य कलाकारों को सम्मानित भी किया।