पार्षद शौकत अली मामले में न्यायालय ने हटाई एक धारा

बीते आठ जुलाई को ऋषिकेश में भाजपा के टिकट से पार्षद बने शौकत अली पर गर्भवती महिला सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप लगा था, पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पार्षद सहित अन्य चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था, इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पार्षद शौकत अली पर गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने का भी आरोप लगा था। मगर, वादी पक्ष इसे न्यायालय में साबित नहीं कर सका। न्यायालय ने पार्षद शौकत अली के ऊपर लगे भ्रूण हत्या की धारा को हटाने का आदेश सुनाया है।

अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा और राज किशोर जोशी ने बताया कि पार्षद शौकत अली के मामले में वादी पक्ष ने न्यायालय में जो सरकारी अस्पताल का अल्ट्रासाउंड पेश किया, वह छह सप्ताह चार दिन का था। अधिवक्ता ने न्यायालय को यह बताया कि सरकारी अस्पताल के अल्ट्रासाउंड से यह साबित नहीं होता है कि अल्ट्रासाउंड के दौरान बच्चा जीवित नहीं था।

अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा और राजकिशोर जोशी ने न्यायालय के समक्ष कानून से जुड़ी बहु चर्चित किताबों का हवाला दिया और यह साबित किया कि पार्षद शौकत अली के मामले में भ्रूण हत्या नहीं हुई है।

अधिवक्ता रूद्राक्ष शर्मा और राजकिशोर जोशी की मजबूत पैरवी की बदौलत एडीजे प्रथम की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए पार्षद शौकत अली के ऊपर लगी भ्रूण हत्या की धारा को हटाने का आदेश दिया है।

क्या था घटनाक्रम
बैराज कॉलोनी, पशुलोक निवासी बबीता सैनी पत्नी स्व. राजकुमार सैनी ने ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया कि वह अपने बच्चों के साथ घर पर बैठी थी। उनका भाई रोते हुए आया, पूछने बताया था कि परवेश नामक युवक ने उसके साथ शराब के नशे में होकर मारपीट की है। महिला ने आरोप लगाया था कि इसी बीच परेवश अपनी मां, गोलू, पार्षद शौकत अली, साजिया सहित अन्य लोग घर में आ धमके। सभी ने डंडों व ईंट से मारपीट की। जिसमें उनकी बेटी व उसकी मासूम बच्ची को पीटा गया। यही नहीं पार्षद ने अपने साथियों के साथ गर्भवती महिला को भी बुरी तरह से पीटा।

महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मध्य प्रदेश स्थित सागर में महार रेजिमेंट में आयोजित सैनिक सम्मेलन में प्रतिभाग किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल्यकाल में जब वे अपने (स्वर्गीय) पिताजी से महार रेजिमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाओं के बारे में सुनते थे तो मन में उत्साह और उमंग की भावना हिलोरे लेने लगती थी। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे आप सभी वीर सैनिकों के बीच आने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व वह यहां एक बालक के रूप में आये थे जिसके लिए ये पूरा परिवेश किसी स्वप्नलोक से कम नहीं था। बाल्यकाल में जिस दिन वह, सागर आये वो उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक दिन था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर हमारी यह रेजिमेंट विविधता में एकता की भावना का बोध कराती है वहीं इसका प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। आज आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के मान और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज हमारे वीर सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुस कर जवाब दे रहे हैं। जब भी दुश्मन ने ललकारा है भारत ने उसे मुंह तोड़ जवाब देते हुए दिखा दिया है कि उसके पास ताकत भी है और उचित जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है। भारत वैश्विक मंचों पर पूरी दृढ़ता और अपने हितों को सर्वाेपरि रखते हुए अपनी बात रख रहा है। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करने वाला है। आज सेना के आधुनिकीकरण को भी एक नया आयाम दिया जा रहा है और डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और उनके द्वारा सैनिकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण ही आज हमारी सेना पहले से कई गुना अधिक सशक्त है और सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं। सैनिकों द्वारा किए जाने वाले त्याग और उनकी राष्ट्र सेवा के ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सागर मध्य प्रदेश के सदर कैंट में महार रेजीमेंट के कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महार रेजिमेंट के वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वार मेमोरियल का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से भी मिले। मुख्यमंत्री ने महार रेजीमेंट सेंटर में वृक्षारोपण कर स्वर्गीय पिता को याद कर, भावुक हुए। पिता स्व. शेर सिंह धामी महार रेजीमेंट में दे चुके हैं देश को अपनी सेवाएं। उन्होंने कहा कि सेना हमारी रक्षक, हमारा मस्तक।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह सेना में तो नही हैं परन्तु वीर सैनिकों को अपना आदर्श मानकर राष्ट्र सेवा में अपना यथासंभव योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सैन्य कौशल और पराक्रम का इतिहास महार रेजिमेंट के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। देश की पहली मशीनगन रेजीमेंट होने के साथ साथ देश को दो सेना प्रमुख देने का गौरव भी इस रेजिमेंट के साथ जुड़ा हुआ है। सीमाओं की सुरक्षा करने से लेकर युद्ध के मैदान तक महार रेजिमेंट का एक-एक सैनिक अपना सर्वाेच्च बलिदान देने के लिए हमेशा तत्पर रहा है। 1962 का युद्ध हो या 1971 का… हमारे वीर जवानों ने हमेशा अपनी वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को मात दी है।
मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन पवन’ के नायक रहे महार रेजिमेंट के अमर शहीद मेजर रामास्वामी परमेश्वरन तथा देश के भीतर आतंकियों से लोहा लेते हुए अमर बलिदान देने वाले सूबेदार मेजर सुरेश चंद यादव को नमन करते हुए कहा कि महार रेजिमेंट में ऐसे वीरों की लंबी श्रृंखला है, जिन्होंने मां भारती के यश को अक्षुण्ण रखने हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और तिरंगे की आन-बान और शान को फीका नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्येक सैनिक की वीरता, साहस और बलिदान पर हर एक नागरिक को गर्व है। आप सभी हमारे आदर्श हैं और आपकी वीरता,साहस और अपराजेयता पर इस राष्ट्र को अभिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आप सभी हैं, आपका ये हौंसला है, आपका ये त्याग और तपस्या है। कोई मां भारती के गौरव को हानि नहीं पहुंचा सकता। आप वीरों की कीर्ति गाथा के बारे में जितना भी बोलूं वो कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के इस अवसर पर सभी वीर शहीदों के माता पिताओं को भी वह प्रणाम करते हैं जिन्होंने ऐसे वीर योद्धाओं को जन्म दिया और उनका पालन पोषण किया साथ ही वह उन सभी सैन्य परिवारों को भी नमन करते हैं, जिन्होंने स्वयं से पहले राष्ट्र सेवा को स्थान दिया।

विदेशों से निवेश हो इसके लिए सरकार कर रही विभिन्न देशों में भारत के राजूदतों के साथ चर्चा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में स्वीडन में भारत के राजदूत/उच्चायुक्त तन्मय लाल, ताजिकिस्तान में विराज सिंह, पनामा में उपेन्द्र सिंह रावत, ब्रूनेई में आलोक अमिताभ डिमरी, केन्या में नामग्या खम्पा, अल्जीरिया में गौरव अहलूवालिया और स्लोवेनिया में नम्रता एस. कुमार के साथ “बिजनेस मीट“ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर अपने विचार रखे।
मुख्य सचिव ने 7 देशों के मिशन प्रमुखों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन विदेश में भारत के हितों को बढ़ावा दिए जाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तराखण्ड द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी एक नया राज्य है, अपने 22 वर्षों के सफर में उत्तराखण्ड ने इंडस्ट्री फ्रेंडली माहौल तैयार किया है। हम उद्योग को देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं। उत्तराखण्ड की लोकेशन इंडस्ट्री की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से काफी करीब है। नए एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 घंटे की हो जायेगी, जो उत्तराखण्ड में पर्यटन और उद्योग की दृष्टि से काफी लाभप्रद होगी। इसके साथ ही, प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाऐं बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम हाई एंड टूरिस्ट को भी आकर्षित करने के प्रयास कर रहे हैं। ऋषिकेश विश्वपटल पर इंटरनेशनल योगा कैपिटल के रूप में जाना जाता है, जो वैलनेस की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है।
मुख्य सचिव ने राजदूतों एवं उच्चायुक्तों के माध्यम से इन देशों के व्यापारिक समुदाय को उत्तराखंड में उद्यमियों के साथ सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। हम राज्य की प्रगति के लिए एवं निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लेकर आ रहे हैं। कुछ नीतियां जो पाइपलाइन में हैं, वे हैं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, सर्विस सेक्टर पॉलिसी, ड्रोन पॉलिसी, डिस्ट्रिक्ट वाइज स्टार्ट-अप स्ट्रैटेजी और ईवी पॉलिसी आदि, ये नीतियां इन सम्बन्धित क्षेत्रों को बढ़ावा देंगी और देश में कारोबारी माहौल में सुधार करेंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हर कदम पर निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए संकल्पित है।
इस अवसर पर विभिन्न देशों में कार्य कर रहे राजदूतों ने सुझाव दिया कि राज्य के पर्वतीय अंचल के उत्पादों को राज्य की ओर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी मेनुफेक्चरिंग, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग की अच्छी व्यवस्था हो। बैठक में सुझाव दिया गया कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभारा जा सकता है। उत्तराखंड योग की भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अधिक से अधिक लोग राज्य में योग का प्रशिक्षण ले सकें, इसकी राज्य में अच्छी व्यवस्था की जा सकती है। राज्य में अपने प्रवास के दौरान, राजदूत एवं हाई कमिश्नर राज्य में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा करेंगे और राज्य से निर्यात को बढ़ावा देंगे। राजदूत आकांक्षी जनपद हरिद्वार का भी दौरा करेंगे, जहां ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) की जानकारी साझा की जाएगी।
सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पांडे ने सभी विशिष्ट और सम्माननीय अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त बुनियादी ढांचा बनाने और उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में उभरते क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों, संगठनों, स्टार्ट-अप्स, उद्योग संघों और निवेशकों द्वारा अपने अनुभव और सुझाव साझा किये जायेंगे। उत्तराखण्ड निवेश गंतव्य और निर्यात में अग्रणी राज्यों में शामिल हो, यह हमारा प्रयास है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य पहले से ही जिंक और जिंक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्युटिकल उत्पाद, उद्योगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रसायन, प्लास्टिक और प्लास्टिक उत्पाद, सेब, चावल, आम, बाजरा आदि कृषि आदि उत्पादों का निर्यात कर रहा है।
सचिव कृषि वी.वी.आर.सी. पुरूषोतम ने राज्य में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य में फूड पार्क, एरोमेटिक आयल हर्ब, स्पाइस, हिमालयन गोट मीट, हिमालयन हर्ड चीज, बद्री गाय घी की बड़ी मांग है।
महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में उद्योगों की स्थिति एवं निवेश से सम्बन्धित संभावनाओं एवं उद्योगों के हित में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद पूजा गर्ब्याल ने प्रदेश में पर्यटन से सम्बन्धित गतिविधियों की जानकारी दी।
सचिव वित्त आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड निवेश के क्षेत्र में संभावनाओं का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्यमियों एवं निवेशकों के सहयोग के लिये नोडल अधिकारी तैनात किये जायेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के लिये निर्धारित की गई नीतियों के प्रति आकर्षित होने वाले उद्यमियों एवं निवेशकों को सुविधा हो सके।
बिजनेस मीट में उद्यमी पंकज गुप्ता, आईटीसी, फार्मास्यूटिकल्स, हीरो मोटो कॉर्प के प्रतिनिधियों के साथ उद्यमी एस.पी.सिंह, प्रणव कुकरेती आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योग व्यापार से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

हरकत में शासन के अधिकारी, जिम्मेदारी तय करने के कड़े निर्देश

राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के संबंध में समस्त जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से सोमवार को सचिवालय में वीडियों कॉन्फ्रसिंग के माध्यम से बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पुलिस-प्रशासन में हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के कड़े निर्देश दिए। उच्च अधिकारियों को अधीनस्थ स्तर के प्रभावी सुपरविजन के निर्देश दिए गए हैं। आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों को अपराधिक तत्वों पर निगरानी, शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करने, संभावित आगजनी की घटनाएं रोकने, पटाखों की बिक्री के दौरान एसओपी, एनजीटी तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। एसीएस ने आगामी त्यौहारों को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हेतु खाली पड़े स्थानों में पार्किंग की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में समस्त पुलिस अधीक्षकों को पीक टाइम में शाम को 6 बजे से 10 बजे के बीच पुलिस अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने को कहा है। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने संभावित आगजनी की घटनाओं के नियंत्रण हेतु फायर ब्रिगेड के साथ ही एसडीआरएफ की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। बैठक में डीजीपी श्री अशोक कुमार ने अपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक हेतु जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बेसिक ड्रिल, डॉग स्कॉयड, एटीएस टीम, बीडीएस टीम के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि रेवन्यू पुलिस के कार्यों का हस्तान्तरण रेगुलर पुलिस को प्रथम चरण में अगले छः माह में 6 थानों और 20 चौकीयों में सुनिश्चित कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को इस सम्बन्ध में जल्द से जल्द विस्तृत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। एसीएस ने इस दिशा में प्रशासन को प्रो-एक्टिव मोड पर कार्य करने को कहा है। जिलों में एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करने हेतु श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 मिशन को सफल बनाने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाना, नशामुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी काम वाले एनजीओं को प्रोत्साहित करना तथा स्कूल कॉलेजों में पैरेन्टस-टीचर्स बैठके आयोजित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा युवाओं को नशे से दूर रखने में पुलिस के अतिरिक्त शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन के साझे प्रयासों की जरूरत है।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, आईजी एपी अंशुमन, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर तथा विडियो कॉन्फ्रसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

धामी सरकार प्रदेश के विकास में लगातार बेहतर निर्णय ले रही-विजयवर्गीय

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हाल मे घटित घटनाओं पर धामी सरकार ने त्वरित गति से उचित कार्यवाही की है और इसे जनता का सरकार की प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
उत्तराखंड प्रवास के अंतिम दिन पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व संगठन आपसी तालमेल से प्रदेश के विकास के लिए बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आज मोदी द्वारा केंद्र से किसी भी योजना का भेजा गया एक एक रुपया लाभार्थी को मिलता है जो हमारी नीयत व नीति का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि उन्होने बूथ मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं से सरकार व पार्टी के कामों की जानकरी ली है। उन्हें प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि आम जनता व कार्यकर्ताओं तक केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
कांग्रेस के अध्यक्ष चुनाव पर पूछे गए सवाल के जबाब में उन्होंने तंज किया कि उम्र के इस पड़ाव में खड़गे से काँग्रेस में परिवर्तन लाने की उम्मीद करना बेमानी है। गांधी परिवार को बस नाम का ही अध्यक्ष चाहिए और नाम का ही पीएम। उन्होंने यात्रा पर तंज किया कि उनके नाना ने ही कश्मीर में धारा 370 लगाकर भारत तोड़ों अभियान शुरू कर दिया था।
इस अवसर पर पत्रकारों द्वारा दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आरोपों पर पूछे सवालों के जबाब में कहा कि जांच एजेंसियों के सबूतों को न्यायालय स्वीकार कर रही है फिर पाक साफ होने का दावा क्यों किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी, संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, द्वारा किया गया। इस मौक़े पर पर आदित्य चौहान, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, विपिन कैंथोला, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संजीव वर्मा, राजेंद्र सिंह नेगी, हरीश चमोली, अजीत नेगी, सत्यवीर चौहान समेत अनेक पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

त्योहारी सीजन में विशेष अभियान चलाने के मंत्री ने दिये निर्देश

त्योहारी सीजन को देखते हुये खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विभागीय अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं। मिलावटखारों पर नकेल कसने के लिये खाद्य पदार्थों की सैम्पलिंग बढ़ाने, उत्तर प्रदेश से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाने व खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने त्योहारी सीजन को देखते हुये अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। विशेष कर दीपावली के मध्यनजर उत्तर प्रदेश से लगे जनपदों की सीमाओं पर नकली मावा एवं नकली पनीर सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की विशेष जांच के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच के साथ ही आम लोगों को मिलावटखोरी के प्रति जागरूक करने के लिये जनजागरूकता अभियान चलाया जाय साथ ही विभिन्न माध्यमों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाय। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेलों में मिलावटखोरी रोकने के लिये उत्तराखंड हेल्प डेस्क का गठन कर टोल फ्री नम्बर 18001804246 जारी किया गया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति मिलावटखोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट fda.uk.gov.in इन तथा विभागीय ईमेल fdc-uttarakhand@uk.gov.in पर किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव भेज सकते हैं। समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य संरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विगत तीन दिनों में चलाये गये चेकिंग अभियान के दौरान प्रदेशभर के 140 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के 104 नमूने लेकर जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिये गये हैं।
बैठक में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त एफडीए डॉ0 आर0 राजेश, उपायुक्त अरूणेन्द्र सिंह चौहान, उप सचिव स्वास्थ्य के0के0 शुक्ल, ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह, उपायुक्त खाद्य जी.सी. कण्डवाल, आर0एस0 रावत, मनीष सयाना, पी0सी0 जोशी, रमेश सिंह, मंजू सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रथम ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप तीर्थनगरी के युवाओं ने जीते पदक

द हैरिटेज स्कूल देहरादून में आयोजित 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक प्रथम ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में तीर्थनगरी की देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। अंतरराष्ट्रीय खिलाडी एवं कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि यह प्रतियोगिता देहरादून में द हैरिटेज स्कूल में आयोजित की गई जिसमें 6 देशो के खिलाडियों ने प्रतिभाग किया। ऋषिकेश के खिलाडियों ने सोनाक्षी पात्रो स्वर्ण पदक, साइमन सपरा ने स्वर्ण पदक, द्रुविका गुप्ता ने रजत पदक, आयुषी टॉक ने कांस्य पदक, अबूजर मलिक ने कांस्य पदक हासिल कर तीर्थ नगरी एवं राज्य का नाम रोशन किया है।
खिलाडियों की इस उपलब्धि पर देव भूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर अध्यक्ष सत्यवीर सिंह तोमर, महासचिव अलक्षेंद्र सिंह, विपिन डोगरा, प्रदीप कोहली, डॉक्टर ऋतु प्रसाद, डॉक्टर हरिओम प्रसाद, रोटरी क्लब ऋषिकेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, एसआईकेएआई इंडिया के महासचिव सिहान हिमांशु कुलेठा, एसआईकेएआई उत्तराखंड महासचिव के सेंसेई मिंटू सैनी, प्रिंसी रावत, हरिचरण सिंह, सरमिष्ठा पटेल आदि गणमान्य लोगो ने खुशी जताई।

भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत राजदूतों से राज्य के विकास में मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न देशों में कार्यरत भारत के सात राजदूतों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं राजदूतों के मध्य विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट को विभिन्न देशों में बढ़ावा देने के लिए राजदूतों से सहयोग लिया जाएगा। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की लोगों को विभिन्न देशों में जानकारी हो इसके लिए और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा की उत्तराखंड में पर्यटन, उद्योग, हार्टिकल्चर के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इनको बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी राजदूतों से कहा कि जिन देशों में वे कार्य कर रहे हैं, उन देशों की बेस्ट प्रैक्टिस की जानकारी उत्तराखण्ड शासन के अधिकारियों को दी जाय। मुख्यमंत्री ने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आज और कल राजदूतों के साथ विभिन्न विषयों पर होने वाली बैठकों में जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उनका पूरा डॉक्यूमेंटेशन किया जाय। उत्तराखंड को उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन सुझावों को अमल में लाकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कनेक्टिविटी का तेजी से प्रसार हो रहा है। उन्होंने राजदूतों को सुझाव दिया कि राज्य में विभिन्न उत्पादों की जानकारी, टूरिज्म, स्थानीय कल्चर एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित जानकारी के लिए विभिन्न देशों से लोग उत्तराखण्ड आना चाहते हैं तो इसकी भी जानकारी दी जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड में सबका स्वागत किया जायेगा और हर संभव सहयोग दिया जायेगा
इस अवसर पर विभिन्न देशों में कार्य कर रहे राजदूतों ने सुझाव दिया कि राज्य के पर्वतीय अंचल के उत्पादों एवं भोजन को राज्य की ओर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी मेनुफेक्चरिंग, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग की अच्छी व्यवस्था हो। बैठक में सुझाव दिया गया कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभारा जा सकता है। उत्तराखंड योग की भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अधिक से अधिक लोग राज्य में योग का प्रशिक्षण ले सकें, इसकी राज्य में अच्छी व्यवस्था की जा सकती है।
इस अवसर पर स्वीडन में भारत के राजदूत तन्मय लाल, तजाकिस्तान में भारत के राजदूत विराज सिंह, पनामा में भारत के राजदूत उपेन्द्र सिंह रावत, ब्रूनेई में भारत के राजदूत आलोक अमिताभ, केन्या में भारत की राजदूत नामग्या खम्पा, स्लोबानिया में भारत की राजदूत नम्रता एस कुमार, अल्जीरिया में भारत के राजदूत गौरव अहलूवालिया, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय एवं अपर सचिव नितिन भदौरिया उपस्थित रहे।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मिली खामियां, कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने लगाई फटकार

त्रिवेणी घाट स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने औचक निरीक्षण किया। मंत्री डा. अग्रवाल ने यहां गंदगी देख यहां कार्यरत कर्मचारी को फटकार लगाई। साथ ही मौके पर जल संस्थान की सीवर वींग के अधिशासी अभियंता को दूरभाष पर कड़े निर्देश भी दिए।
रविवार को मंत्री डा. अग्रवाल एसटीपी प्लांट में रात्रिकालीन सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में डालने की शिकायत मिलने पर अचानक पहुंचे। उन्होंने एसटीपी प्लांट के आसपास बिखरे कूड़े पर नाराजगी व्यक्त करते हुए यहां कार्यरत कर्मचारी की फटकार लगाई।
डा. अग्रवाल ने मौके से ही जल संस्थान की सीवर विंग के अधिशासी अभियंता हरीश बंसल को दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने यहां फैले कूड़े को हटाने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि रात्रिकाल में जेनरेटर नहीं चलाने की लगातार शिकायत मिल रही हैं, इससे सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में गिर रहा है। इसके लिए अधिशासी अभियंता को रात्रिकाल में लाइट की व्यवस्था के लिए जेनरेटर चलाने के निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है, गंगा को अविरल बनाने के लिए सरकार स्पर्श गंगा, नमामि गंगे जैसे अनेक अभियान चला रही है, ऐसे में एसटीपी प्लांट से गंगा में सीवर का गंदा पानी किसी भी कीमत पर नहीं डाला जाएगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि एसटीपी प्लांट पर लगा पंप 24 घंटे गतिमान रहना चाहिए।
डा. अग्रवाल ने इस अवसर पर एसटीपी प्लांट में बाहर जाली नहीं लगी होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यहां जाली लगाने के भी निदेश दिए।

डीजीपी को दो टूक, धामी ने कहा-कानून व्यवस्था नही सुधरी तो कुर्सी छोड़ दे अधिकारी

प्रदेश में कानून व्यवस्था के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश दिये हैं कि पिछले दिनों हुई कतिपय घटनाओं का खुलासा जल्द से जल्द किया जाए। अपराधों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार सख्त है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार द्वारा उधमसिंहनगर के काशीपुर में खनन कारोबारी की हत्या, डोईवाला में हुई डकैती एवं जनपद हरिद्वार में पुलिसकर्मियों पर हुई फायरिंग के खुलासे हेतु 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा है कि 3 दिन में उक्त घटनाओं का खुलासा न होने पर संबंधित थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी को हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भी उपरोक्त घटनाओं के जल्द खुलासे न होने पर अपराध नियंत्रण में नाकाम माना जाएगा।