सीएम धामी के जीवन के अनमोल पल जो याद दिलाते है उन्हें संघर्षों की दास्तां

हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे, तुझे तेरा मुकाम मिल जाएगा
बढ़ कर अकेला तू पहल कर, देख कर तुझको काफिला खुद बन जाएगा

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीवनी हर उस व्यक्ति के लिए प्ररेणास्रोत है जो यह सोचता है कि अभावों में जीवन यापन करने वाला व्यक्ति सफलता की ईबारत नहीं लिख सकता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन की ही तरह उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री धामी का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने अभावों में जीवन यापन करने के बावजूद मुश्किलों को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। मन में विश्वास और मंजिल की तरफ सधे कदमों से चलते रहे।

इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक निजी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान अपने जीवन के संघर्ष के दिनों को याद कर रहे हैं।
साधारण स्कूल में अध्ययन करने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर मैनेजमेंट और लॉ की डिग्री हासिल की और आज वे मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि जहां कई नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वहीं उनके बच्चे आज भी गांव में अध्ययन कर रहे हैं। क्या वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे शहरों के बड़े स्कूलों में पढ़ें। इस सवाल के जवाब में सीएम धामी कहते हैं कि वे अपने बच्चों को सदैव जमीन से जुड़े रहने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति गांव में रहते हैं, वे उन्नति के सोपानों को नहीं छू सकते हैं। आज जितने भी सफल लोग हैं, वे कहीं न कहीं ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही जुड़े हैं और संघर्षपूर्ण जीवन जीकर आज देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने साधारण से लेकर असाधारण तक की यात्रा की है और जमीन से आसमान को छूने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिन्होंने अपना जीवन गरीबी में बिताया और आज वे देश के उच्च पद पर हैं।

मुख्यमंत्री धामी बताते हैं कि उनके पिता जब सेना में पदस्थ थे तो वे गांव में रहते थे। पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में उनका जन्म हुआ। उस समय पहाड़ी क्षेत्रों में हालात इतने खराब थे कि उन्हें सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए 5-6 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता था। आज की तरह तब वहां सड़कें और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। स्कूल में लिखने के लिए वे तख्ती यानी स्लेट का इस्तेमाल करते थे, जिसे स्कूल जाने के पूर्व प्रतिदिन तैयार करना होता था। यहां तक कि बैठने के लिए भी उन्हें टाट की बोरी साथ में ले जानी पड़ती थी।

जिस व्यक्ति में आगे बढ़ने की ललक होती है, वह कठिन हालातों में भी अपनी राह बना ही लेता है। इस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में जीवन जीने के बाद भी मुख्यमंत्री धामी अपने हौसले के दम पर निरंतर उन्नति कर रहे हैं। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं को उनसे सीख लेनी चाहिए कि चाहे जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हो, उनका हमेशा हिम्मत से सामना करना चाहिए।

काम करने वालों के लिए समय मायने नही रखता- पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है उसे जन अपेक्षाओं के अनुरूप पूरा करने का उनका सतत प्रयास है। उन्होंने कहा कि वे बोलने पर नहीं बल्कि कर्म में विश्वास करते हैं। कम बोलना और ज्यादा काम करना उनका ध्येय वाक्य है। राज्य हित में उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा फैसले लिये हैं। राज्य के हर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारा एजेंडा है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण जनभावनाओं का केन्द्र है। वहां पर ग्रीष्म कालीन राजधानी के अनुरूप सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड प्रदेश के पर्यटन, तीर्थाटन से जुड़ा विषय है, इसे लेकर सभी सम्बन्धित पक्षों से वार्ता कर निर्णय लिया जायेगा। इसमें किसी के भी हित प्रभावित न हों इसके लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोडेंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जायेगी, जबकि 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरेजगार के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण में तेजी लाने के लिये उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। इसके लिये अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही यदि आवश्यकता हुई तो नीतियों में भी संशोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भू-कानून, जनसंख्या कानून, नजूल भूमि से सम्बन्धित विषयों के समाधान के लिये कमेटी का गठन किया जायेगा।

जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा ध्यान राज्य के विकास पर है। जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जायेगा उनके लोकार्पण की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जवानी तथा पानी दोनों राज्य के काम आये इसके लिये प्रभावी ढंग से योजनायें बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो इसके लिये सभी अधिकारियों को सभी कार्य दिवसों पर पूर्वाहन 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक जन समस्यायें सुनने तथा उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिये गये हैं।

जीरो पेंडेंसी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर ध्यान देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान दिया जायेगा। जिलों के कार्य जिलों में ही हों तथा जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को सन्दर्भित न किया जाये, इसके सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश के हर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी है। हर उत्तराखण्डी के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका उद्देश्य रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का प्रदेश के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे विज्ञ हैं। राज्य के विकास में उनका मार्गदर्शन निरन्तर हमें प्राप्त हो रहा है।

केन्द्र सरकार की योजनाओं का उत्तराखंड को मिल रहा लाभ

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘रीविजिटिंग डॉ. अम्बेडकर-थॉटस एण्ड फिलासफी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित अनेक घोषणाएं
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन, सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020-21 से दून विश्वविद्यालय में बी.एस.सी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम0ए0 थियेटर), एम0ए0,एम0एस0सी0 गृहविज्ञान, बी0ए0(ऑनर्स) मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।
कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव, मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।
राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये।

दून विवि में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

राज्य सरकार क्वालिटी ऑफ वर्क के लिए संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट में ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50-50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड -19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक वर्ष होने पर राष्ट्र के नाम हुआ पीएम का ऑनलाइन सम्बोधन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से देश को सम्बोधित किया। मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की गई विभिन्न पहलों का शुभारम्भ करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को चरणबद्ध ढंग से देश में लागू किया गया है।

आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे अमृत महोत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी इसका हिस्सा बनी है। राष्ट्रीय महत्व की शिक्षा नीति नये भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी, शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की चुनौती का सामना करने में भी इससे मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्या प्रवेश, निष्ठा-2, सफल, एकेडमिक क्रेडिट बैंक, नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर, राष्ट्रीय शिक्षा नीति फोरम, भारतीय सांकेतिक भाषा जैसी पहल हमारे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता के साथ ही हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का विकास करने में मददगार होंगे। उन्हें अब अच्छी पढ़ाई के लिये विदेश जाने के बजाय अब विदेशी यहां पढ़ने के लिये आयेंगे।

नई शिक्षा नीति हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे सोचने में भी मदद करेगी। अब हर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी भाषा में शिक्षा दिये जाने का लाभ देश के गरीब पिछड़े आदिवासी युवाओं को मिलेगा जिन्हें अभी तक भाषाओं की समस्या का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तीन लाख से अधिक बच्चों को सांकेतिक भाषा की जरूरत है। साइन लैंग्वेज को भाषा का दर्जा देने से इन्हें इनका लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के साथ मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभा कक्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को सुना।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन हमारे लिए ऊर्जा और पथ प्रदर्शन का कार्य करता है। कहा कि आज देश को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना कर सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक क्रांतिकारी और युगांतकारी घटना है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक मजबूत आधार स्थापित करेगी, जिसके लिए शिक्षा मंत्री, भारत सरकार धर्मेन्द्र प्रधान सतत प्रयत्नशील हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के साथ उत्तराखण्ड तत्परता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि विद्या प्रवेश, निष्ठा 2 और सफल, एकेडमिक क्रेडिट बैंक और बहुस्तरीय प्रवेश और निकास के अवसर, क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग कोर्स और कार्यक्रमों की शुरुआत, नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर और राष्ट्रीय शिक्षा तकनीकी फोरम की शुरुआत और उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण के सन्दर्भ में दिए दिशा निर्देश सहित भारतीय सांकेतिक भाषा का एक विषय के रूप में शुरुआत तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग भारतीय शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति एक नये भारत का निर्माण करेगी। युवा पीढ़ी को आधुनिक ज्ञान- विज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति से जोङेगी। इसमें हमारे विद्वान शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और उनकी संकल्पनाओं को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव उच्च शिक्षा दीपेन्द्र चैधरी, रूसा सलाहकार प्रो. केडी पुरोहित, प्रो. एमएसएम रावत, रूसा नोडल एएस उनियाल आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चल रहे कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही टीका लगवाने आए सचिवालय कर्मियों एवं उनके परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान में और तेजी लायी जायेगी। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण के कैम्प लगाये गये हैं।

एम्स में भर्ती ब्लड कैंसर से पीड़ित महिला के पति को सीएम ने दिया पांच लाख रूपए का चेक


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश में ब्लड कैंसर से पीड़ित अनु धामी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 05 लाख रुपए का चेक उनके पति मदन धामी को सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनु धामी के इलाज के लिए सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अनु धामी की बीमारी का पता चलते ही उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून आर राजेश कुमार को उनकी स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अनु धामी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि स्वीकृत की।

इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत एवं जिलाधिकारी देहरादून आर. राजेश कुमार मौजूद थे।

डोईवाला में सीएम ने मेधावी छात्राओं को दी पांच-पांच हजार की सम्मान राशि


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज सेवी स्व. मांगेराम अग्रवाल की 18 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर हर ज्ञान चन्द सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डोईवाला द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने शिशु विद्या मंदिर के परिसर में पौधा रोपण करने के साथ ही कोरोना काल में सराहनीय सहयोग के लिये कई चिकित्सकों एवं समाज सेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को सम्मान स्वरूप 5-5 हजार की धनराशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 85 गरीब परिवारों को राशन किट भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्व. मांगे राम अग्रवाल ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने समाज को संस्कारित शिक्षा देने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपने लिये तो सभी जीते हैं लेकिन समाजहित के लिये जीना बड़ी बात है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डोईवाला स्थित केशव बस्ती में भव्य प्रवेश द्वार एवं स्व. मांगेराम की मूर्ति स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हरेला पर्व से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिये उनसे भेंट के दौरान फूलों के गुलदस्ते के बजाय पौधे भेंट करने की अपील की है। वे स्वयं भी जब किसी से भेंट करते हैं तो पौधे भेंट कर रहे हैं। उन्होंने सभी से कम से कम 10 पेड़ लगाने की अपील करते हुए कहा कि इससे हम पर्यावरण को संरक्षित करने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अभी कोरोना का प्रभाव कम जरूर हुआ है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी को निःशुल्क वैक्सीन लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आज ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें फोन पर अवगत कराया गया है कि शीघ्र ही उत्तराखण्ड को आवश्यकता के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध करा दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी उत्तराखण्ड से आध्यात्मिक एवं भावनात्मक लगाव है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री से हुई भेंट के दौरान उन्होंने राज्य के विकास के लिये सभी आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया गया है। राज्य को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रधानमंत्री द्वारा भी दिये गये थे। मुख्यमंत्री ने सभी से कोरोना मानकों का पालन करने तथा टीका लगाने की अपेक्षा करते हुए कहा कि हम सबके समाज हित के लिये कार्य करने का संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का हमारा प्रयास है यही हमारा भाव भी है, इसके लिये भी उन्होंने सभी से सहयोग की अपेक्षा की।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि उनके पिता स्व. मांगे राम अग्रवाल समाज सेवा के साथ ही बच्चों को संस्कारित शिक्षा देने पर बल देते रहे। उनका मानना था कि संस्कार युक्त शिक्षा ही व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाती है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार अपने पिता के सिद्धांतों का अनुकरण कर आगे बढ़ा है। उनके परिवार के बच्चे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में ही पढ़ाई कर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़े हैं।

आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि उत्तराखण्ड ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। जीवन दायिनी अनेक जड़ी बूटियों की यह जननी है। योग, यज्ञ, ध्यान, जप एवं परमार्थिक प्रवृत्तियां परमात्मा की प्रवृत्ति है। इस देव भूमि में सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करने में अनेक समाज सेवी आगे आये हैं। उन्होंने भी स्व. मांगेराम अग्रवाल को सांस्कृतिक चेतना तथा संस्कारवान शिक्षा का प्रसार करने वाला समाज सेवी बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व उनके परिवार को अपने पिता के आदर्शों पर चलने के लिये शुभकामना दी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधारोपण को जरूरी बताते हुए कहा कि वृक्ष का सब कुछ दूसरों के हित के लिये ही होता है।

आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को युवा श्रेष्ठ व शालीन व्यक्तित्व का धनी बताते हुए शुभकामना दी कि उनके कुशल नेतृत्व में उत्तराखण्ड का नई चेतना के साथ समग्र विकास होगा। डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा मनवान ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जिन्हें सम्मानित किया गया उनमें डॉ. के.एस. भण्डारी, डा सुनील सैनी, डॉ शीश कण्डवाल, डॉ अमित अग्रवाल, डॉ. वी. के. एस. संजय, डॉ आर बी जोशी, मानवेन्द्र कण्डारी आदि प्रमुख थे। मेधावी छात्राओं में 10 वीं की छात्रा सोनम भारती, रंजना रावत तथा इंटर की छात्रा निकिता रावत शामिल थी।

हंस फाउंडेशन ने राज्य को दी 30 एंबुलेंस, सीएम ने किया रवाना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में हंस फाउंडेशन द्वारा राज्य को उपलब्ध कराई गई 30 एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले महाराज का जन्मोत्सव पर हंस फाउंडेशन द्वारा उत्तराखण्ड के दूरगामी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्तराखंड को 30 एम्बुलेंस, 20 ट्रूनेट जांच मशीनें और 500 ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किए गए है।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भोले महाराज को जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह उत्तराखण्ड वासियों के लिए सौभाग्य की बात हैं कि भोले महाराज एवं माता मंगला जैसे व्यक्तित्व हमारे साथ खड़े है। जो हर संकट के समय में राज्य के हित में कार्य कर रहे है और उनका आशीर्वाद एवं सहयोग हमेशा राज्य की जनता को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनमानस तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने हेतु कृत-संकल्प है। हमारे इस संकल्प के साथ हंस फाउंडेशन भी निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा प्रदेश के विकास में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग दिया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, हंस फाउण्डेशन से विकास वर्मा उपस्थित थे।

भोले महाराज के जनमदिन पर 461 परिवहन कर्मियों को मिली राशन किट


हंस फाउंडेशन के सहयोग से चालकों और परिचालकों को परिवहन महासंघ ने खाद्य सामग्री बांटी। मौके पर 461 लोगों को राशन दिया गया। हंस कल्चरल सेंटर के संस्थापक भोले महाराज के जन्मदिन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यात्रा बस अड्डे पर उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने हंस कल्चरल सेंटर के संस्थापक भोले महाराज के जन्मदिन पर 461 चालक, परिचालक व वाहन सफाई कर्मियों को खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है। हंस कल्चरल सेंटर संस्था से मदद की गुहार लगाई थी। इस पर सेंटर द्वारा चालकों-परिचालकों और क्लीनरों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई। बुधवार को टैक्सी एवं जीप चालकों को और गुरुवार को ऑटो और विक्रम चालकों को खाद्य सामग्री वितरित की जाएगी।

मौके पर यातायात पर्यटन विकास सहकारी संघ के उपाध्यक्ष नवीन रमोला, टीजीएमओसी के पूर्व अध्यक्ष बलवीर सिंह रौतेला, यतेंद्र बिजल्वाण, भूपाल सिंह नेगी, विनोद भट्ट, मदन कोठारी, मेघ सिंह चैहान, योगेश उनियाल, दाताराम, जसपाल रौतेला, दयाल सिंह भंडारी, विक्रम भंडारी, हुकम पोखरियाल, राकेश सेमवाल, करण पंवार, मुकेश नेगी, बृजेश उनियाल, मान सिंह पंवार, दिवेश डोभाल, जितेंद्र, सुरेंद्र चैधरी, मनोज आर्य, आशुतोष तिवारी आदि उपस्थित रहे।

वरिष्ठ नागरिक दर्पण का स्पीकर अग्रवाल ने किया लोकार्पण

नगर के वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन द्वारा आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में संगठन की द्विवार्षिक पत्रिका ‘वरिष्ठ नागरिक दर्पण’ के 8 वें प्रकाशन का लोकार्पण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यों को लेकर संगठन को विधायक निधि से 2 लाख रुपए देने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जहां वरिष्ठ नागरिकों की चिंता करते हैं वही समाज में अनेक सामाजिक कार्यों में भी अपनी भूमिका का निर्माण कर रहे हैं। कहा कि भारत की संस्कृति में हमेशा वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान रहा है उन्होंने कहा है कि भारतवर्ष में कभी भी वृद्धाश्रम की परंपरा नहीं रही। कहा कि माता-पिता की सेवा करना भारत के नागरिक अपना पुण्य कर्तव्य समझते हैं। परंतु पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव में आज वृद्ध आश्रमों की संख्या बढ़ रही है जो चिंताजनक है।

कहा कि वरिष्ठों द्वारा जीवन में किए गए कार्यों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना चाहिए ताकि वह एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकें। इस अवसर पर कोरोना काल के दौरान अनेक महानुभाव द्वारा सेवा के कार्य किए गए ऐसे कोरोना योद्धाओ का भी सम्मान किया गया। जिसमें डॉ. दीपक कुमार, डॉ जगदीश जोशी, सरोज डिमरी, कंचन बंसल, नीरजा गोयल, नूपुर गोयल आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष हरीश ढींगरा ने की एवं संचालन महासचिव एसपी अग्रवाल द्वारा किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सीमा डेंटल कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ हिमांशु ऐरन, पूर्व निदेशक उच्च शिक्षा एमसी त्रिवेदी, प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद पांडे, डीडी तिवाडी, पीके जैन, सत्येंद्र शर्मा, बाबूराम अग्रवाल, अजय गर्ग, के.एस राणा, नरेश गर्ग, जयेंद्र रमोला, आईडी जोशी, आरपी डंगवाल आदि उपस्थित थे।